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लगातार बारिश के बीच 24 घंटे से बाढ़ में फंसे यात्रियों के लिए मददगार बनी झलमला पुलिस

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लगातार बारिश के बीच 24 घंटे से बाढ़ में फंसे यात्रियों के लिए मददगार बनी झलमला पुलिस।

*झलमला पुलिस ने कार सहित फंसे महिला-पुरुष यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।*

*पुलिस की तत्परता से यात्रियों ने ली राहत की सांस, सुरक्षित मण्डला रवाना।*

 कबीरधाम में चक्रवातीय मौसम सक्रिय होने एवं विगत दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने तथा मार्गों पर जलभराव की स्थिति निर्मित हो रही है। ऐसी परिस्थितियों में आमजन एवं राहगीरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस टीमों द्वारा नदी-नालों में बाढ़ अथवा रास्ता अवरुद्ध होने की स्थिति में लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

इसी क्रम में दिनांक 25.09.2026 को मण्डला से रायपुर की ओर जा रहे यात्रियों का वाहन भोरमदेव अभ्यारण्य के बांधा गांव से झलमला जंगल के मध्य गुजरने वाले सड़क मार्ग पर बांधा नाला एवं कुकुरगुड़ा नाला के बीच बाढ़ के पानी के कारण फंस गया। वाहन में श्रीमती रिचा झां पति सुयश झां, शिक्षिका, श्री सुयश झां पति स्व. छेमेन्द्र झां, ट्रांसपोर्टर, निवासी मण्डला शहर तथा श्री संदीप पिता रमेश शुक्ला, निवासी मण्डला सवार थे।

लगातार बारिश के कारण आगे एवं पीछे दोनों नालों में बाढ़ का पानी बढ़ जाने से यात्रियों का वाहन सड़क मार्ग के बीच फंस गया। यात्रियों द्वारा स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कंट्रोल रूम कवर्धा को मोबाइल के माध्यम से सूचना दी गई। सूचना प्राप्त होते ही थाना झलमला पुलिस टीम द्वारा बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की कार्यवाही प्रारंभ की गई।

थाना झलमला प्रभारी एवं टीम द्वारा मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने परिस्थितियों का सावधानीपूर्वक आकलन करते हुए यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई और आज दिनांक 26.09.2026 को प्रातः लगभग 11.00 बजे यात्रियों को उनके वाहन सहित सुरक्षित रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से बाहर निकाला।

लगभग 24 घंटे तक बाढ़ के पानी के बीच मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद बड़ी राहत मिली। पुलिस की तत्परता एवं संवेदनशील सहयोग से सभी यात्री सुरक्षित रहे और इसके पश्चात अपने वाहन से मण्डला के लिए रवाना हुए।

यात्रियों द्वारा संकट की घड़ी में समय पर सहायता पहुंचाने एवं सुरक्षित बाहर निकालने के लिए झलमला पुलिस के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पुलिस टीम को बधाई दी गई।

*कबीरधाम पुलिस — कठिन परिस्थितियों में भी आमजन की सुरक्षा और सहायता के लिए सदैव तत्पर।*

बलौदा में डीजल, कोयला और कबाड़ का कथित खेल! शिकायतें लगातार, कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

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बलौदा में डीजल, कोयला और कबाड़ का कथित खेल! शिकायतें लगातार, कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

 *‘सेटिंग’ के सहारे कारोबार चलने की चर्चा, थाना स्तर की निगरानी व्यवस्था पर सवाल; उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचने के बाद ही कार्रवाई होने का आरोप* 

 मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर चांपा :-बलौदा/जांजगीर-चांपा। कोरबा जिले की सीमा से लगे बलौदा थाना क्षेत्र में डीजल, कोयला और कबाड़ के कथित अवैध कारोबार को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र में भारी वाहनों की लगातार आवाजाही, कोयला परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों के बीच कथित रूप से अवैध कारोबार को बढ़ावा मिलने की चर्चाएं स्थानीय स्तर पर बनी हुई हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इन गतिविधियों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं तो थाना स्तर पर इन पर प्रभावी और स्थायी कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही है?

स्थानीय सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में डीजल की अवैध बिक्री, कोयले के संदिग्ध परिवहन तथा कबाड़ के कारोबार को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। आरोप है कि शिकायतें जब स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचती हैं, तभी पुलिस की ओर से कार्रवाई की सक्रियता दिखाई देती है। हालांकि कार्रवाई के बाद भी कथित गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं होने की बात कही जा रही है।

कार्रवाई होती है, लेकिन सवाल फिर भी बरकरार

स्थानीय लोगों और सूत्रों की चर्चाओं में सबसे अधिक सवाल कार्रवाई की प्रकृति को लेकर उठ रहे हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ मामलों में वाहन या छोटे स्तर पर कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, लेकिन यदि इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या संगठित गतिविधि है तो उसकी तह तक पहुंचने का प्रयास नजर नहीं आता।

यही वजह है कि क्षेत्र में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि कहीं कार्रवाई केवल शिकायतों को शांत करने तक सीमित तो नहीं है? यदि अवैध कारोबार संगठित तरीके से संचालित हो रहा है तो केवल कुछ वाहनों अथवा छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई करने के बजाय इसके पूरे नेटवर्क की जांच आवश्यक है।

‘सेटिंग’ की चर्चा ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किल

बलौदा क्षेत्र में कथित अवैध कारोबार को लेकर स्थानीय स्तर पर ‘सेटिंग’ के सहारे कारोबार चलने की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही यह स्पष्ट है कि कथित रूप से ऐसी किसी व्यवस्था में कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसके बावजूद इस तरह की चर्चाओं का लगातार सामने आना पुलिस की निगरानी व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल जरूर खड़े करता है।

यदि आरोप निराधार हैं तो पुलिस के लिए भी आवश्यक है कि वह पारदर्शी कार्रवाई के माध्यम से स्थिति स्पष्ट करे। वहीं यदि शिकायतों में तथ्य पाए जाते हैं तो पूरे नेटवर्क की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता होगी।

एसपी की सक्रियता के बावजूद थाना स्तर पर सवाल क्यों?

जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के नेतृत्व में अवैध गतिविधियों, अपराध और संदिग्ध कारोबार के खिलाफ विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में बलौदा थाना क्षेत्र से बार-बार डीजल, कोयला और कबाड़ से जुड़ी शिकायतों की चर्चा सामने आना थाना स्तर की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

सवाल यह भी है कि जब जिले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी और कार्रवाई की बात कर रहे हैं, तब थाना क्षेत्र में कथित रूप से चल रही गतिविधियों की जानकारी स्थानीय पुलिस को क्यों नहीं हो रही? क्या पुलिस को कार्रवाई के लिए शिकायतों का इंतजार करना पड़ता है, या फिर नियमित गश्त और सूचना तंत्र के माध्यम से ऐसी गतिविधियों पर स्वतः निगरानी रखी जा रही है?

बड़े नेटवर्क की जांच की जरूरत

डीजल, कोयला और कबाड़ से जुड़ा कारोबार यदि अवैध रूप से संचालित होता है तो इसमें केवल एक व्यक्ति या एक वाहन की भूमिका तक मामला सीमित नहीं रहता। ऐसे मामलों में परिवहन, भंडारण, खरीद-बिक्री और संरक्षण की संभावित कड़ियों की जांच महत्वपूर्ण होती है।

इसीलिए स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों के बीच यह मांग भी सामने आ रही है कि यदि शिकायतों में तथ्य हैं तो पुलिस और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से पूरे नेटवर्क की जांच करें। संदिग्ध वाहनों, परिवहन दस्तावेजों, भंडारण स्थलों तथा कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच से ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

स्थानांतरण और पुनः पदस्थापना की चर्चाएं भी

बलौदा थाना क्षेत्र में अधिकारियों के स्थानांतरण और पुनः पदस्थापना को लेकर भी समय-समय पर स्थानीय चर्चाएं होने की बात सामने आती रही है। हालांकि इन चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इनके पीछे किसी प्रकार के तथ्यात्मक आधार की पुष्टि भी नहीं हो सकी है। ऐसे में इन दावों को केवल स्थानीय चर्चाओं के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

अब कार्रवाई नहीं, परिणाम चाहिए

बलौदा क्षेत्र में डीजल, कोयला और कबाड़ के कथित अवैध कारोबार को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि शिकायतें गलत हैं तो पुलिस को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि शिकायतों में तथ्य हैं तो केवल छोटी कार्रवाई के बजाय पूरे नेटवर्क की जांच कर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।

सबसे बड़ा सवाल यही है—बलौदा क्षेत्र में कथित अवैध कारोबार पर स्थायी रोक कब लगेगी? शिकायतों की वास्तविकता की जांच कौन करेगा? और यदि थाना स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?

इन सवालों के जवाब कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस की पारदर्शी जांच से ही सामने आ सकेंगे।

डिजिटल अरेस्ट के मामले में पंजाब से एक आरोपी किया गया गिरफ्तार

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डिजिटल अरेस्ट के मामले में पंजाब से एक आरोपी किया गया गिरफ्तार

➡️*मनीलॉड्रिंग के नाम पर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर किया गया था ठगी*

➡️*24 घंटे से अधिक समय तक किया गया था डिजिटल अरेस्ट*

➡️*32 लाख रुपए की ठगी की गई थी*

➡️*सीबीआई का डर दिखाकर किया गया ठगी*

➡️*आरोपी के द्वारा घटना में प्रयुक्त मोबाइल, बैंक खाता आधार कार्ड किया गया जप्ती*

➡️*सायबर जागृति अभियान के अंतर्गत सायबर थाना द्वारा किया जा रहा है लगातार कार्यवाही*

➡️*सायबर ठगी के आरोपियों की जा रही है गिरफ्तारी*

➡️*पिछले 2 माह में 17 सायबर ठगी के आरोपी एवं उनसे जुड़े आरोपियों की जा चुकी है गिरफ्तारी*

➡️नाम गिरफ्तार आरोपी *शरणप्रीत सिह उर्फ सन्नी सिंह 27 वर्ष सा. ग्राम बल्लोवाल रंगी मेडिकल के पास थाना जोधा जिला लुधियाना पंजाब*

 मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा :-विवरण- मामले का विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी तुषारकर देवांगन जांजगीर के द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराया कि प्रार्थी के मोबाईल नंबर में सायबर ठगी के आरोपी विजय खन्ना टेलीकॉम अथॉरिटी अधिकारी बनकर प्रार्थी के मोबाइल नंबर को मनीलॉड्रिंग के केश में उपयोग होना बताया और कोलाबा पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज होना बताया, जिसके बाद CBI अधिकारी बनकर फोन आया जिसे रिसीव करने पर मनीलॉड्रिंग के केश में डिजिटल अरेस्ट करना बताए चूंकि प्रार्थी बुजुर्ग व्यक्ति थे जिस कारण से डर गए एवं इसी डर का फायदा उठाकर प्रार्थी से 32 लाख रुए की ठगी पुलिस से सेटिंग करने के नाम पर किया गया, कई अलग अलग नंबर से पुलिस , सीबीआई, टेलीकॉम अथॉरिटी का अधिकारी बनकर काल किए थे कुछ दिन में सभी मोबाइल नंबर बंद हो जाने से प्रार्थी अपने घर वाले को बताया जिससे ठगी का एहसास हुआ जिस पर से मोबाईल नंबर बंद होने पर प्रार्थी को ठगी का एहसास होने पर अपराध कमांक 649/2025 धारा 318(4) 3(5) बीएन.एस. 66डी आई.टी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया ।

विवेचना के दौरान जिन खातों में पैसा गया है उनका पता किया गया जो इक्वाटास बैंक द्वारा खाता नंबर में पैसा जाना पाया गया , अन्य तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पुलिस टीम गठित कर पंजाब रवाना किया गया , जहां पर आरोपी शरणप्रीत सिंह पिता दुर्लभ सिंह उम्र 27 वर्ष ग्राम बल्लोवाल थाना जोधा जिला लुधियाना पंजाब को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार कर अपने मेमोरेंडम कथन में अपने स्वंय के खाता में पैसा लेना बताया आरोपी के पेश करने पर उक्त बैंक खाते में लिंक मोबाईल नंबर, आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं मोबाईल हँडसेट विधिवत समक्ष गवाहान जप्त किया गया।

आरोपी के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने से आरोपी को विधिवत गिरफ्तारी कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया ।

जांजगीर पुलिस की अपील :- *कानून की पुस्तक में डिजिटल अरेस्ट नाम का कोई शब्द नहीं है ना ही पुलिस कभी किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट करती है यदि कोई व्यक्ति मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर, ड्रग्स सप्लाई के नाम पर या अन्य किसी भी प्रकार से आपको डर दिखाकर सीबीआई या अन्य कोई भी पुलिस डिपार्टमेंट के आदमी बनकर, एयरपोर्ट ,नेवी के पुलिस अधिकारी बनकर पैसे मांगती है , अन्यथा अरेस्ट किया जाएगा कहती है तो झांसे में ना आये , यह सायबर ठगी का एक जाल है जो डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी करते है । जागरूक रहे सायबर ठगी से बचे।*

उक्त कार्यवाही में निरीक्षक भास्कर शर्मा, निरीक्षक अशोक वैष्णव, स उ नि विवेक सिंग, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, HC विवेक सिंह , आरक्षक शाहबाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।

बलौदा में डीजल, कोयला और कबाड़ का कथित खेल! शिकायतें लगातार, कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

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*बलौदा में डीजल, कोयला और कबाड़ का कथित खेल! शिकायतें लगातार, कार्रवाई पर उठ रहे सवाल*

*‘सेटिंग’ के सहारे कारोबार चलने की चर्चा, थाना स्तर की निगरानी व्यवस्था पर सवाल; उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचने के बाद ही कार्रवाई होने का आरोप*


मनोज साहू ब्यूरो बलौदा/जांजगीर-चांपा। कोरबा जिले की सीमा से लगे बलौदा थाना क्षेत्र में डीजल, कोयला और कबाड़ के कथित अवैध कारोबार को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र में भारी वाहनों की लगातार आवाजाही, कोयला परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों के बीच कथित रूप से अवैध कारोबार को बढ़ावा मिलने की चर्चाएं स्थानीय स्तर पर बनी हुई हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इन गतिविधियों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं तो थाना स्तर पर इन पर प्रभावी और स्थायी कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही है?


स्थानीय सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में डीजल की अवैध बिक्री, कोयले के संदिग्ध परिवहन तथा कबाड़ के कारोबार को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। आरोप है कि शिकायतें जब स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचती हैं, तभी पुलिस की ओर से कार्रवाई की सक्रियता दिखाई देती है। हालांकि कार्रवाई के बाद भी कथित गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं होने की बात कही जा रही है।
कार्रवाई होती है, लेकिन सवाल फिर भी बरकरार
स्थानीय लोगों और सूत्रों की चर्चाओं में सबसे अधिक सवाल कार्रवाई की प्रकृति को लेकर उठ रहे हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ मामलों में वाहन या छोटे स्तर पर कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, लेकिन यदि इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या संगठित गतिविधि है तो उसकी तह तक पहुंचने का प्रयास नजर नहीं आता।
यही वजह है कि क्षेत्र में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि कहीं कार्रवाई केवल शिकायतों को शांत करने तक सीमित तो नहीं है? यदि अवैध कारोबार संगठित तरीके से संचालित हो रहा है तो केवल कुछ वाहनों अथवा छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई करने के बजाय इसके पूरे नेटवर्क की जांच आवश्यक है।
‘सेटिंग’ की चर्चा ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किल
बलौदा क्षेत्र में कथित अवैध कारोबार को लेकर स्थानीय स्तर पर ‘सेटिंग’ के सहारे कारोबार चलने की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही यह स्पष्ट है कि कथित रूप से ऐसी किसी व्यवस्था में कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसके बावजूद इस तरह की चर्चाओं का लगातार सामने आना पुलिस की निगरानी व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल जरूर खड़े करता है।
यदि आरोप निराधार हैं तो पुलिस के लिए भी आवश्यक है कि वह पारदर्शी कार्रवाई के माध्यम से स्थिति स्पष्ट करे। वहीं यदि शिकायतों में तथ्य पाए जाते हैं तो पूरे नेटवर्क की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता होगी।
एसपी की सक्रियता के बावजूद थाना स्तर पर सवाल क्यों?
जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के नेतृत्व में अवैध गतिविधियों, अपराध और संदिग्ध कारोबार के खिलाफ विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में बलौदा थाना क्षेत्र से बार-बार डीजल, कोयला और कबाड़ से जुड़ी शिकायतों की चर्चा सामने आना थाना स्तर की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
सवाल यह भी है कि जब जिले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी और कार्रवाई की बात कर रहे हैं, तब थाना क्षेत्र में कथित रूप से चल रही गतिविधियों की जानकारी स्थानीय पुलिस को क्यों नहीं हो रही? क्या पुलिस को कार्रवाई के लिए शिकायतों का इंतजार करना पड़ता है, या फिर नियमित गश्त और सूचना तंत्र के माध्यम से ऐसी गतिविधियों पर स्वतः निगरानी रखी जा रही है?
बड़े नेटवर्क की जांच की जरूरत
डीजल, कोयला और कबाड़ से जुड़ा कारोबार यदि अवैध रूप से संचालित होता है तो इसमें केवल एक व्यक्ति या एक वाहन की भूमिका तक मामला सीमित नहीं रहता। ऐसे मामलों में परिवहन, भंडारण, खरीद-बिक्री और संरक्षण की संभावित कड़ियों की जांच महत्वपूर्ण होती है।
इसीलिए स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों के बीच यह मांग भी सामने आ रही है कि यदि शिकायतों में तथ्य हैं तो पुलिस और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से पूरे नेटवर्क की जांच करें। संदिग्ध वाहनों, परिवहन दस्तावेजों, भंडारण स्थलों तथा कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच से ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
स्थानांतरण और पुनः पदस्थापना की चर्चाएं भी
बलौदा थाना क्षेत्र में अधिकारियों के स्थानांतरण और पुनः पदस्थापना को लेकर भी समय-समय पर स्थानीय चर्चाएं होने की बात सामने आती रही है। हालांकि इन चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इनके पीछे किसी प्रकार के तथ्यात्मक आधार की पुष्टि भी नहीं हो सकी है। ऐसे में इन दावों को केवल स्थानीय चर्चाओं के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
अब कार्रवाई नहीं, परिणाम चाहिए
बलौदा क्षेत्र में डीजल, कोयला और कबाड़ के कथित अवैध कारोबार को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि शिकायतें गलत हैं तो पुलिस को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि शिकायतों में तथ्य हैं तो केवल छोटी कार्रवाई के बजाय पूरे नेटवर्क की जांच कर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
सबसे बड़ा सवाल यही है—बलौदा क्षेत्र में कथित अवैध कारोबार पर स्थायी रोक कब लगेगी? शिकायतों की वास्तविकता की जांच कौन करेगा? और यदि थाना स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
इन सवालों के जवाब कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस की पारदर्शी जांच से ही सामने आ सकेंगे।

डिजिटल अरेस्ट के मामले में पंजाब से एक आरोपी किया गया गिरफ्तार

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डिजिटल अरेस्ट के मामले में पंजाब से एक आरोपी किया गया गिरफ्तार

➡️*मनीलॉड्रिंग के नाम पर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर किया गया था ठगी*

➡️*24 घंटे से अधिक समय तक किया गया था डिजिटल अरेस्ट*

➡️*32 लाख रुपए की ठगी की गई थी*

➡️*सीबीआई का डर दिखाकर किया गया ठगी*

➡️*आरोपी के द्वारा घटना में प्रयुक्त मोबाइल, बैंक खाता आधार कार्ड किया गया जप्ती*

➡️*सायबर जागृति अभियान के अंतर्गत सायबर थाना द्वारा किया जा रहा है लगातार कार्यवाही*

➡️*सायबर ठगी के आरोपियों की जा रही है गिरफ्तारी*

➡️*पिछले 2 माह में 17 सायबर ठगी के आरोपी एवं उनसे जुड़े आरोपियों की जा चुकी है गिरफ्तारी*

➡️नाम गिरफ्तार आरोपी *शरणप्रीत सिह उर्फ सन्नी सिंह 27 वर्ष सा. ग्राम बल्लोवाल रंगी मेडिकल के पास थाना जोधा जिला लुधियाना पंजाब*

मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर चांपा– मामले का विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी तुषारकर देवांगन जांजगीर के द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराया कि प्रार्थी के मोबाईल नंबर में सायबर ठगी के आरोपी विजय खन्ना टेलीकॉम अथॉरिटी अधिकारी बनकर प्रार्थी के मोबाइल नंबर को मनीलॉड्रिंग के केश में उपयोग होना बताया और कोलाबा पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज होना बताया, जिसके बाद CBI अधिकारी बनकर फोन आया जिसे रिसीव करने पर मनीलॉड्रिंग के केश में डिजिटल अरेस्ट करना बताए चूंकि प्रार्थी बुजुर्ग व्यक्ति थे जिस कारण से डर गए एवं इसी डर का फायदा उठाकर प्रार्थी से 32 लाख रुए की ठगी पुलिस से सेटिंग करने के नाम पर किया गया, कई अलग अलग नंबर से पुलिस , सीबीआई, टेलीकॉम अथॉरिटी का अधिकारी बनकर काल किए थे कुछ दिन में सभी मोबाइल नंबर बंद हो जाने से प्रार्थी अपने घर वाले को बताया जिससे ठगी का एहसास हुआ जिस पर से मोबाईल नंबर बंद होने पर प्रार्थी को ठगी का एहसास होने पर अपराध कमांक 649/2025 धारा 318(4) 3(5) बीएन.एस. 66डी आई.टी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया ।

विवेचना के दौरान जिन खातों में पैसा गया है उनका पता किया गया जो इक्वाटास बैंक द्वारा खाता नंबर में पैसा जाना पाया गया , अन्य तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पुलिस टीम गठित कर पंजाब रवाना किया गया , जहां पर आरोपी शरणप्रीत सिंह पिता दुर्लभ सिंह उम्र 27 वर्ष ग्राम बल्लोवाल थाना जोधा जिला लुधियाना पंजाब को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार कर अपने मेमोरेंडम कथन में अपने स्वंय के खाता में पैसा लेना बताया आरोपी के पेश करने पर उक्त बैंक खाते में लिंक मोबाईल नंबर, आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं मोबाईल हँडसेट विधिवत समक्ष गवाहान जप्त किया गया।
आरोपी के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने से आरोपी को विधिवत गिरफ्तारी कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया ।

जांजगीर पुलिस की अपील :- *कानून की पुस्तक में डिजिटल अरेस्ट नाम का कोई शब्द नहीं है ना ही पुलिस कभी किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट करती है यदि कोई व्यक्ति मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर, ड्रग्स सप्लाई के नाम पर या अन्य किसी भी प्रकार से आपको डर दिखाकर सीबीआई या अन्य कोई भी पुलिस डिपार्टमेंट के आदमी बनकर, एयरपोर्ट ,नेवी के पुलिस अधिकारी बनकर पैसे मांगती है , अन्यथा अरेस्ट किया जाएगा कहती है तो झांसे में ना आये , यह सायबर ठगी का एक जाल है जो डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी करते है । जागरूक रहे सायबर ठगी से बचे।*

उक्त कार्यवाही में निरीक्षक भास्कर शर्मा, निरीक्षक अशोक वैष्णव, स उ नि विवेक सिंग, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, HC विवेक सिंह , आरक्षक शाहबाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।

सेवा संकल्प अभियान से ग्रामीण पशुपालकों को मिली गांव में ही पशु चिकित्सा सुविधा

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सेवा संकल्प अभियान से ग्रामीण पशुपालकों को मिली गांव में ही पशु चिकित्सा सुविधा

*रेबीज से बचाव को लेकर विद्यार्थियों को किया जागरूक*

*उत्कृष्ट छात्राओं को किया पुरस्कृत*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली // सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में स्वास्थ्य एवं पशुधन संरक्षण को लेकर विभिन्न जागरूकता एवं सेवा गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में पशुधन विभाग द्वारा मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर आयोजित कर पशुपालकों को गांव में ही उपचार, दवा एवं पशु स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

विकासखंड मुंगेली के ग्राम लिम्हा में आयोजित निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर में पशुओं का उपचार, दवा वितरण, कृमिनाशक दवा पान एवं बाह्य परजीवी नाशक छिड़काव सहित अन्य सेवाएं प्रदान की गईं। शिविर में 16 पशुओं का उपचार, 22 पशुपालकों को दवा वितरण, 18 पशुओं को कृमिनाशक दवा पान तथा 11 पशुओं में बाह्य परजीवी नाशक छिड़काव किया गया। शिविर से 14 पशुपालक लाभान्वित हुए।

इसी प्रकार विकासखंड लोरमी के ग्राम बरियारपुर में भी मोबाइल वेटरनरी यूनिट द्वारा निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर लगाया गया। यहां 07 पशुओं का उपचार, 28 को दवा वितरण, 25 पशुओं को कृमिनाशक दवा पान तथा 38 पशुओं में बाह्य परजीवी नाशक छिड़काव किया गया। शिविर से 22 पशुपालक लाभान्वित हुए। पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य, रोग नियंत्रण एवं बेहतर पशुपालन के संबंध में आवश्यक परामर्श भी दिया गया।

सेवा संकल्प अभियान के तहत 25 सितंबर 2026 को माध्यमिक शिक्षा विद्यालय खेढ़ा में विद्यार्थियों के लिए रेबीज जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को रेबीज बीमारी के लक्षण, बचाव, रोकथाम एवं उपचार के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। साथ ही विद्यार्थियों में जागरूकता एवं प्रोत्साहन बढ़ाने के उद्देश्य से तीन उत्कृष्ट छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। वहीं शासकीय प्राथमिक शाला लिम्हा में भी रेबीज जागरूकता अभियान चलाकर विद्यार्थियों को कुत्ते या अन्य संक्रमित पशु के काटने की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने, घाव को तुरंत साफ करने तथा समय पर उपचार कराने के संबंध में जानकारी दी गई।

मदकू में सेवा संकल्प अभियान ने रचा सेवा और संवेदना का नया अध्याय

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मदकू में सेवा संकल्प अभियान ने रचा सेवा और संवेदना का नया अध्याय

*रक्तदान शिविर में 37 यूनिट रक्त संग्रहित* 

*मेगा स्वास्थ्य शिविर में 3153 लोगों का हुआ निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण* 

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली // सेवा, समर्पण और जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश लेकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आंगन मिलन सेवा’ अंतर्गत ग्राम मदकू में रक्तदान एवं मेगा स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में 37 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, वहीं 3153 लोगों ने निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ उठाया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने वरिष्ठ मंत्रियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ रक्तदान एवं मेगा स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन किया। उन्होंने रक्तदाताओं से संवाद कर उनके सेवाभाव की सराहना की तथा उन्हें नेक कार्य के लिए बधाई एवं साधुवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र एवं फ्रूट बास्केट भी वितरित किए। मेगा स्वास्थ्य शिविर में हृदयरोग, स्त्रीरोग, शिशुरोग, नाक-कान-गला, मानसिक रोग, दंत रोग, नेत्र रोग एवं हड्डी रोग विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इसके साथ ही बीपी, शुगर एवं सिकल सेल सहित विभिन्न स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उनके गांव के नजदीक मिलने से शिविर के प्रति खासा उत्साह देखने को मिला।

शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को भी जोड़ा गया। पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड, 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए वय वंदना कार्ड तथा आभा आईडी बनाए गए। इस पहल से ग्रामीणों को स्वास्थ्य उपचार के साथ डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं एवं शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिली। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिले की 05 मितानिनों, 04 टीबी मरीजों तथा 05 आयुष्मान हितग्राहियों को पुरस्कृत किया। उन्हें प्रमाण पत्र एवं फ्रूट बास्केट प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर संभागायुक्त श्री सुनील कुमार जैन, आईजी श्री राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, एडीएम श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी,जिला पंचायत सीईओ श्री गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर श्री जी.एल. यादव, मुंगेली एसडीएम श्री अजय शतरंज, पथरिया एसडीएम श्रीमती रेखा चंद्रा,मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रीकेश गुप्ता, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. गिरीश कुर्रे, सिविल सर्जन डॉ. राकेश कुमार प्रेमी, बीएमओ डॉ. अमित लाल, डॉ. कमलेश खैरवार सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

*मरकटोला घाटी के हादसे ने बुझाया मुंगेली का एकलौता चिराग, 18 वर्षीय दीपक कुंभकार की दर्दनाक मौत से काली माई वार्ड में पसरा मातम*

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*ट्रक और डीजे पिकअप की भीषण भिड़ंत में पांच युवकों की मौत की सूचना, पांच घायल*

*दीपक के निधन की खबर से परिवार और मोहल्ले में शोक की लहर*

तीजराम साहू ब्यूरो मुंगेली— शुक्रवार को बालोद जिले में नेशनल हाईवे-30 स्थित मरकटोला घाटी के पास हुए भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। ट्रक और डीजे पिकअप वाहन के बीच हुई जोरदार भिड़ंत में करीब पांच युवकों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि पांच अन्य घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को उपचार के लिए धमतरी जिला अस्पताल ले जाया गया है, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस दर्दनाक हादसे में मुंगेली शहर के काली माई वार्ड निवासी 18 वर्षीय दीपक कुंभकार की भी मौत हो गई। दीपक के निधन की खबर मिलते ही उनके परिवार, रिश्तेदारों और मोहल्लेवासियों में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय डीजे पिकअप में करीब 10 युवक सवार थे। मरकटोला घाटी के पास पिकअप की ट्रक से जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचा तथा घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई की गई। हादसे के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस द्वारा घटना की जांच की जा रही है।

*एक परिवार का बुझ गया इकलौता चिराग*

इस हादसे में दीपक कुंभकार की मौत की खबर ने मुंगेली के काली माई वार्ड को गमगीन कर दिया है। महज 18 वर्ष की उम्र में दीपक ने दुनिया को अलविदा कह दिया। वह अपने परिवार का छोटा और इकलौता बेटा था। परिवार की जिम्मेदारियों को समझते हुए दीपक कम उम्र से ही मेहनत-मजदूरी और अपने छोटे व्यवसाय से परिवार का सहारा बनने की कोशिश कर रहा था।
दीपक के असमय निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस घर में बेटे के भविष्य और सपनों को लेकर उम्मीदें थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। दीपक के निधन की खबर सुनकर मोहल्ले के लोग भी स्तब्ध हैं। जिसने भी इस दर्दनाक घटना के बारे में सुना, उसकी आंखें नम हो गईं।

*कम उम्र में शुरू किया था अपना छोटा व्यवसाय*

परिजनों और परिचितों के अनुसार दीपक को बैंड-धुमाल का शौक था। इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने और परिवार की आर्थिक स्थिति में सहयोग करने के उद्देश्य से उसने कम उम्र में ही काम शुरू कर दिया था। बताया जाता है कि उसने अपने मोहल्ले में छोटी बैंड पार्टी के साथ काम की शुरुआत की और धीरे-धीरे बड़े धुमाल दल से भी जुड़ गया। दीपक के लिए यह केवल रोजगार का साधन नहीं था, बल्कि अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने का एक माध्यम भी था। कम उम्र में ही उसने मेहनत को अपना सहारा बनाया और अपने पैरों पर खड़े होने का प्रयास किया। परिवार के लोगों को उससे भविष्य को लेकर कई उम्मीदें थीं, लेकिन मरकटोला घाटी के इस हादसे ने इन सभी सपनों को एक झटके में छीन लिया।

*पहले ही पिता को खो चुका था परिवार, अब बेटे की मौत ने तोड़ा*

दीपक के परिवार पर पहले भी दुखों का साया रहा है। बताया गया कि दीपक ने कम उम्र में ही अपने पिता महेश कुंभकार को खो दिया था। पिता के निधन के बाद परिवार की परिस्थितियों ने दीपक को समय से पहले जिम्मेदार बना दिया था। घर का इकलौता बेटा होने के कारण वह परिवार के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभर रहा था।
परिवार को उम्मीद थी कि दीपक आगे चलकर अपने मेहनत और लगन से परिवार की स्थिति को बेहतर बनाएगा। लेकिन शुक्रवार को आई हादसे की खबर ने परिवार की इन उम्मीदों को हमेशा के लिए तोड़ दिया।

*मोहल्ले में पसरा सन्नाटा, हर आंख नम*

दीपक की मौत की खबर जैसे ही काली माई वार्ड में पहुंची, पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। परिचित और मोहल्लेवासी परिवार को ढांढस बंधाने उनके घर पहुंचने लगे। हर कोई दीपक के असमय चले जाने से स्तब्ध नजर आया। जिस उम्र में युवा अपने भविष्य के सपने संजोते हैं, उस उम्र में दीपक की जिंदगी का इस तरह समाप्त हो जाना बेहद पीड़ादायक है। परिवार के लिए यह ऐसा दुख है, जिसकी भरपाई संभव नहीं। दीपक की मौत ने पीछे उसके परिवार और परिचितों के बीच केवल यादें छोड़ी हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है तथा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस की जांच के बाद ही दुर्घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। मरकटोला घाटी का यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सावधानी की गंभीर आवश्यकता को सामने लाता है। लेकिन दीपक कुंभकार के परिवार के लिए यह केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि उनके घर के इकलौते बेटे और भविष्य की उम्मीद के अचानक छिन जाने का असहनीय दुख है।

विसर्जन के दौरान विवाद के बाद पीट पीट कर बुजुर्ग व्यक्ति की हत्या, चार आरोपी गिरफ्तार

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 विसर्जन के दौरान विवाद के बाद पीट पीट कर बुजुर्ग व्यक्ति की हत्या, चार आरोपी गिरफ्तार

* *चौकी पंतोरा/थाना बलौदा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, हत्या के चारों आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेजे गए*

* *मृतक जोत राम कश्यप उम्र 74 साल ग्राम गतवा, चौकी पंतोरा*

 मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर चांपा :-जिले के ग्राम गतवा, चौकी पंतोरा थाना बलौदा क्षेत्र में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए विवाद के बाद पीट पीट कर हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

*मामले विवरण* दिनांक 25 सितंबर 2026 को चौकी पंतोरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम गतवा में गणेश जी की प्रतिमा विसर्जन के दौरान नारायण कश्यप और राहुल कश्यप के बीच गाली- गलौच एवं मारपीट हुई। राहुल द्वारा अपने पिता रोहित कश्यप को घटना की जानकारी देने पर रोहित बीच-बचाव करने पहुंचे, जहां उनके साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद रोहित, राहुल एवं जोत राम कश्यप मोटरसाइकिल से घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने चौकी पंतोरा जा रहे थे।

इसी दौरान ग्राम के हाईस्कूल के पास आरोपी शिव कश्यप, नारायण कश्यप, संजय कश्यप एवं सविता कश्यप रास्ते में मिले। तीनों मोटरसाइकिल से उतरकर बात कर रहे थे, तभी आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपी शिव कश्यप ने डंडे से तथा नारायण कश्यप एवं संजय कश्यप ने हाथ-मुक्का एवं पैर से रोहित, राहुल एवं जोत राम कश्यप के साथ मारपीट की। वहीं आरोपी सविता कश्यप द्वारा राहुल कश्यप को पकड़कर मारपीट की गई। मारपीट के दौरान जोत राम कश्यप को जमीन पर पटककर सिर एवं छाती में गंभीर चोट पहुंचाई गई, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कार्रवाई कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए *SP श्री विजय कुमार पाण्डेय IPS* के निर्देशन में तथा *अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ यूलैण्डन यार्क* के कुशल मार्गदर्शन में में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए *SDOP अकलतरा डॉ मेखलेंद्र प्रताप सिंह* के नेतृत्व में चारों आरोपियों शिव कश्यप (पूर्व सरपंच), नारायण कश्यप, संजय कश्यप एवं सविता कश्यप को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ एवं विवेचना के पश्चात चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

*गिरफ्तार आरोपी*

1. शिव कुमार कश्यप पिता महेश राम कश्यप साकिन गतवा

2. संजय कश्यप पिता महेश राम कश्यप साकिन गतवा

3. नारायण कश्यप पिता शिव कुमार कश्यप साकिन गतवा

4. सविता कश्यप पति शिव कुमार कश्यप साकिन गतवा

*उपरोक्त कार्यवाही में* निरीक्षक मनोहर सिन्हा थाना प्रभारी बलौदा, उपनिरीक्षक के. के. साहू चौकी प्रभारी पंतोरा, ASI जयनंदन मार्बल, आरक्षक दिलीप माथुर, युवराज सिंह, रामगोपाल, अहमद कुरैशी का सराहनीय योगदान रहा।

गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खुले, जिला प्रशासन अलर्ट मोड में

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गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खुले, जिला प्रशासन अलर्ट मोड में

*कलेक्टर-एसपी ने संभाला मोर्चा, महानदी के तटीय क्षेत्रों का निरीक्षण*

*कलेक्टर-एसपी अधिकारियों से लगातार ले रहे फीडबैक*

*घाट और पुलों पर बढ़ाई गई सुरक्षा, लगातार निगरानी*

 मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा :-26 सितंबर 2026। गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोले जाने और जिले में लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे एवं पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय ने महानदी के तटीय क्षेत्रों में फील्ड निरीक्षण कर वर्तमान जलस्तर एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर-एसपी सभी संबंधित अधिकारियों से लगातार फीडबैक ले रहे हैं तथा स्थिति के अनुसार आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को अलर्ट रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने राजस्व, पुलिस, जल संसाधन, नगर सेना सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को नदी के जलस्तर एवं तटीय क्षेत्रों की स्थिति पर सतत निगरानी रखने तथा आवश्यक संसाधन एवं बचाव उपकरण तैयार रखने के निर्देश दिए। जिले में बाढ़ एवं आपदा राहत कार्यों के लिए होमगार्ड सैनिकों की जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (DDRF) की दो टीमें तैयार रखी गई हैं। उपलब्ध जवानों की एक टीम को मोटर बोट एवं अन्य आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ शिवरीनारायण में तैनात किया गया है, जबकि दूसरी टीम को जिला मुख्यालय में रिजर्व रखा गया है। साथ ही एसडीआरएफ बिलासपुर से लगातार संपर्क एवं समन्वय बनाए रखा जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर-एसपी ने शिवरीनारायण क्षेत्र में महानदी के शिवरीनारायणबैराज,घाट,पुल,सांस्कृतिक भवन,बसंतपुर बैराज सहित संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। घाट एवं पुल पर सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिंग की गई है तथा आवश्यक संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों को इन स्थानों पर लगातार निगरानी रखने तथा नदी के जलस्तर एवं बहाव की स्थिति के अनुसार आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर-एसपी ने नदी पर स्थित पुल-पुलियों एवं आवागमन वाले क्षेत्रों की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि पुल पर पानी का बहाव आवागमन के लिए जोखिमपूर्ण होने की स्थिति में तत्काल यातायात नियंत्रित किया जाए तथा आवश्यकतानुसार आवागमन रोका जाए। ऐसे स्थानों पर सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर ने महानदी के तटीय एवं पूर्व में जलभराव वाले आबादी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा मुनादी के माध्यम से ग्रामीणों को संभावित जलभराव एवं आवश्यक सावधानियों की जानकारी देने के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए चिन्हांकित सुरक्षित स्थानों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित रखने कहा।

कलेक्टर-एसपी ने नागरिकों से अपील की कि नदी, पुल एवं तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं तथा तेज बहाव वाले पानी में सेल्फी या वीडियो बनाने का जोखिम न उठाएं। प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। किसी भी आकस्मिक अथवा आपात स्थिति की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय पर आवश्यक राहत एवं बचाव कार्रवाई की जा सके।

वर्तमान में जिले में स्थिति सामान्य है। प्रशासन द्वारा एहतियात के तौर पर महानदी के तटीय क्षेत्रों, पुल-पुलियों एवं जलस्तर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर एवं एसपी ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।इस दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री विनय कुमार पोयाम,एसडीएम सुश्री भावना साहू सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे ।