सभी सरकारी अस्पतालों में चलेगा कर्ण स्क्रीनिंग एवं जागरूकता अभियान।
कोरबा – जिले में ‘इयर एण्ड हियरिंग केयर फॉर ऑल, लेट्स मेक ऑफ रिएलिटी’ थीम पर विश्व श्रवण दिवस वर्ल्ड हियरिंग डे 03 से 10 मार्च तक मनाया जाएगा। इस वर्ष कर्ण संबंधी समस्यायें एवं बधिरता से बचाव के संबंध मे जनसमुदाय मे जागरूकता लाते हुए कर्ण संबंधी स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी देने के लिये लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस हेतु समस्त शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों मे निःशुल्क जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में जनसमुदायों को कर्ण से संबंधी जांच और इलाज की सुविधा मिलेगी। विश्व श्रवण दिवस पर मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा उपस्वास्थ्य केन्द्रों (हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर) में 03 मार्च से 10 मार्च तक कर्ण स्क्रीनिंग कैम्प तथा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जनसमुदाय को कर्ण संबंधी प्राथमिक जानकारी, कर्ण की देखभाल संबंधी जानकारी दी जाएगी। कर्ण रोग से पीड़ित मरीजो का प्राथमिक स्तर पर स्क्रीनिंग कर उपचार मुहैया कराया जाएगा। जिला चिकित्सालय मे श्रवण जांच कक्ष क्रमांक-113 मे ऑडियोलॉजिस्ट यूनिट द्वारा सभी मरीजों का निःशुल्क ऑडियोमैट्री जांच तथा नवजात शिशुओं का ओएई जांच किया जावेगा। समाज कल्याण विभाग के समन्वय से जरूरतमदों को सुनने की मशीन (हियरिंग उपकरण) प्रदान किया जावेगा।
सीएमएचओ डॉ. एस.एन. केसरी ने जिले के नागरिकों से अपील किया गया है कि अगर किसी को सुनने मे दिक्कत हो रही है या कान मे तकलीफ होता है तो हल्के मे न लेवें, तुरंत जांच कराएं। उचित समय पर कम उम्र के बच्चों के कर्णरोग (बहरापन) का इलाज किया जा सकता है। बच्चो मे कर्ण संबंधी पूर्णतः न सुनाई देने की स्थिति मे यदि कर्ण उपकरण कॉक्लियर इंम्प्लांट की आवष्कयता होने पर मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के अंतर्गत निःशुल्क की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होने बताया कि बहरेपन और कानों से जुड़ी समस्या से बचने के लिये सबसे पहले जरूरी है कि ऊंची आवाज मे म्युजिक न सुना जावे तथा हेडफोन का उपयोग कम करें। उचित समय पर कम उम्र के बच्चों का ईलाज कर उनका बहरापन या कर्ण से संबंधित तकलीफ दूर किया जा सकता है।



कोरबा – कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा के दिशा निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केसरी के मार्गदर्शन में जिले में परिवार कल्याण कार्यक्रम अंतर्गत सकल प्रजनन दर कम करने हेतु 1 मार्च से 15 मार्च 2023 तक मिशन परिवार विकास पखवाडा आयोजित किए जा रहे हैं। सीएमएचओ डॉ. एस.एन. केसरी ने 15 मार्च तक चलने वाले मिशन परिवार विकास पखवाडा रथ को रही झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर डॉ.सी.के.सिह, जिला परिवार कल्याण अधिकारी., डॉ.कुमार पुष्पेश जिला मलेरिया अधिकारी, डॉ.के.के.देवांगन जिला टीकाकरण अधिकारी, डॉ.असरफ अंसारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, ज्योत्सना ग्वाल, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक तथा कार्यालय के अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। यह रथ 3 मार्च को करतला, 4 मार्च को कटघोरा, 5 मार्च को पाली तथा 6 मार्च को पोडीउपरोडा के क्षेत्रों में भ्रमण कर मिशन परिवार विकास पखवाडे (परिवार नियोजन के साधन) का प्रचार-प्रसार करेगें। 7 मार्च 2023 तक दंपत्ति संपर्क पखवाडा तथा 7 मार्च से 15 मार्च 2023 तक सेवा प्रदायगी की जाएगी। ये गतिविधियां जनसंख्या स्थिरीकरण के समान होगी। दंपत्ति संपर्क पखवाडा का मुख्य उद्देश्य जन समुदाय में मिशन परिवार विकास पखवाडा का प्रचार-प्रसार करना है। इसके अतंर्गत योग्य दंपत्ति को ए.एन.एम. एवं मितानिन के द्वारा परिवार नियोजन के स्थायी, अस्थायी साधनों के बारे में जानकारी दी जावेगी। ग्रामीण/शहरी स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर मिशन परिवार विकास पखवाडा का प्रचार-प्रसार किया जावेगा। नये अस्थायी परिवार नियोजन साधनो (अंतरा छाया) के बारे में पंचायत स्तर पर सास-बहु सम्मेलन में जानकारी दी जावेगी। तथा पोस्टर, पाम्पलेट के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जावेगा। 7 मार्च से 15 मार्च 2023 तक चिन्हांकित दंपत्तियों को परिवार नियोजन के स्थायी अथवा अस्थायी साधन के लिए तैयार किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केसरी ने जिले के परिवार नियोजन के योग्य दंपत्ति से अपील किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में परिवार नियोजन के साधन (अस्थाई/स्थाई) अपनाएं इस हेतु महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता/मितानिन से संपर्क करे।
03 मार्च को विकासखण्ड करतला के बेहरचुंआ में लगेगा सूचना शिविर।
कलेक्टर डॉ भुरे ने बैठक कर ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने किया मंथन।
रायपुर – मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर चिटफंड कंपनियों में अपनी मेहनत की कमाई का निवेश करने वाले लोगों को उनकी राशि वापस दिलाने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। रायपुर जिले में चिटफंड कंपनी देवयानी प्रापर्टी लिमिटेड की संपत्तियों को नीलाम कर 9 हजार 866 निवेशकों को 4 करोड़ 14 लाख रूपये से अधिक की राशि वापस भी करा दी गई है। आज कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में हुई बैठक में जिले में चिटफंड कंपनियों पर की जा रही कार्रवाई की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। कलेक्टर ने बैठक में चिटफंड कंपनियों की संपत्तियों की सही जानकारी प्राप्त कर उनकी नीलामी करने की कार्रवाई तेज करने के निर्देंश दिए। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत अग्रवाल, प्रभारी अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री बी.बी. पंचभाई सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा गया न्यायिक रिमाण्ड पर।






कोरबा – महापौर श्री राज किशोर प्रसाद ने आज जिले में शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मास्टर अंश को महापौर श्री प्रसाद एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. केसरी ने विटामिन ए की दवा पिलाई। शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन रानी धनराज कुंवर देवी प्रा.स्वा.केन्द्र कोरबा में किया गया। महापौर श्री राजकिशोर प्रसाद ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यो की सराहना किया तथा लोगों से अपने पांच वर्ष तक के बच्चों को टीकाकरण केन्द्रों (आगंनबाडी) ले जा कर विटामिन ए की दवा तथा आयरन फोलिक एसिड की दवा पिलाने की अपील की। साथ ही आस-पास के लोगों को भी अपने बच्चों को दवा पिलाने के लिए प्रेरित किया। सीएमएचओ डॉ. केसरी ने बताया कि शिशु सरंक्षण माह शिशुओं के स्वास्थ्य तथा पोषण की बेहतर देखभाल के लिए प्रतिवर्ष 6 माह के अतंराल पर आयोजित किया जाता है। इस वर्ष 28 फरवरी से 31 मार्च तक प्रत्येक मगंलवार और शुक्रवार को शहरी और ग्रामीण टीकाकरण केन्द्रों में 9 माह से 5 वर्ष के बच्चों को विटामिन ए की दवा तथा 6 माह से 5 वर्ष के बच्चों को आयरन फोलिक एसिड की सीरप वितरण किया जा रहा है। इस वर्ष जिले में 6 माह से 5 वर्ष के एक लाख 24 हजार 584 बच्चों को आयरन फोलिक एसिड की दवा तथा 9 माह से 5 वर्ष के एक लाख 17 हजार 662 बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाया जा रहा है। इसके साथ ही बच्चों को बिमारी से बचाने टीकाकरण भी किया जाएगा। उन्होनें आयरन तथा विटामिन ए की कमी से होने वाली बिमारियों के संबंध में विस्तार से बताया। इस अवसर पर डॉ. दीपक सिंह राज खण्ड चिकित्सा अधिकारी, डॉ.के.के.देवागंन जिला टीकाकरण अधिकारी, डॉ. राजकुमार यादव, विभागिय कर्मचारी ,लाभार्थी बच्चे, उनके परिजन तथा अधिक संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।