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*सीएम हेल्पलाइन: संवेदनशील सुशासन का बना उदाहरण* 

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*सीएम हेल्पलाइन: संवेदनशील सुशासन का बना उदाहरण* 

*ग्राम धरदेई में दो दिन में सुलझी पेयजल की समस्या*

*ग्रामीणों को मिल रहा स्वच्छ पेयजल* 

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली,// शासन की जनहितैषी एवं संवेदनशील कार्यप्रणाली का सशक्त माध्यम बन चुकी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसेमंद मंच साबित हो रही है। मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम धरदेई में इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला, जहां एक माह से खराब पड़े हैंडपंप को शिकायत दर्ज होने के दो दिनों के भीतर सुधारकर पुनः चालू कर दिया गया। इससे लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।

ग्राम धरदेई निवासी प्रमोद कुमार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कर बताया कि गांव के बस स्टैंड के पास स्थित हैंडपंप लगभग एक माह से खराब पड़ा था। इस कारण आसपास के लगभग 80 प्रतिशत परिवारों को पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों को दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी लाना पड़ता था, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था।

शिकायत प्राप्त होते ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल तकनीकी टीम को मौके पर भेजा। टीम ने हैंडपंप का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य पूरा किया। शिकायत दर्ज होने के केवल दो दिनों के भीतर हैंडपंप को पुनः चालू कर दिया गया, जिससे बस स्टैंड क्षेत्र सहित आसपास के सभी परिवारों को फिर से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने लगा। ग्रामीणों ने त्वरित कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की प्रभावशीलता की प्रशंसा की। शिकायतकर्ता प्रमोद कुमार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम नागरिकों की समस्याओं के शीघ्र समाधान का एक प्रभावी और भरोसेमंद माध्यम बन चुकी है। शासन की जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता, जवाबदेही और त्वरित कार्यवाही से आमजन का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।

*बालिकाओं के सपनों को मिला नया संबल*

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*बालिकाओं के सपनों को मिला नया संबल*

*वीबी-जी राम-जी योजना से मुंगेली के 90 विद्यालयों में बनेंगे आधुनिक बालिका शौचालय*

*शौचालय निर्माण हेतु 03 करोड़ 87 लाख रुपये की मिली प्रशासकीय स्वीकृति*  

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली,// ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और बालिकाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में मुंगेली जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (वीबी-जी-राम जी) के अंतर्गत जिले के 90 शासकीय विद्यालयों में बालिका शौचालय निर्माण के लिए कुल 03 करोड़ 87 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रत्येक विद्यालय के लिए 4.30 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह पहल केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण बालिकाओं के आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, स्वच्छता और शिक्षा को नई दिशा देने वाला एक सशक्त कदम है।

मुंगेली जिले के अनेक ग्रामीण विद्यालयों में बालिका शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसके कारण किशोरावस्था की छात्राओं को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई छात्राएं असुविधा के कारण विद्यालय आने से बचती थी, अभिभावक भी अपनी बेटियों की सुरक्षा और गरिमा को लेकर चिंतित रहते थे। ऐसे में विद्यालयों में सुरक्षित एवं स्वच्छ शौचालय की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

*योजना बनी बदलाव की मजबूत नींव*

कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशन में जिले के 90 विद्यालयों का चयन किया गया जहां बालिका शौचालय उपलब्ध नहीं था। चयन के बाद प्रत्येक विद्यालय के लिए 4.30 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। कुल 03 करोड़ 87 लाख रुपये की राशि से निर्माण कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। निर्माण कार्यों का क्रियान्वयन ग्राम पंचायतों एवं संबंधित एजेंसियों के माध्यम से किया जाएगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार, गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग करते हुए एवं समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं।

*बालिकाओं के जीवन में आएगा सकारात्मक परिवर्तन*

इन शौचालयों के निर्माण के बाद छात्राओं को विद्यालय परिसर में ही सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, पढ़ाई में निरंतरता आएगी तथा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी समस्याओं में कमी आएगी।

*रोजगार सृजन को भी मिलेगा बढ़ावा*

इस योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराना भी है। निर्माण कार्यों में स्थानीय श्रमिकों को रोजगार मिलेगा तथा उनकी मजदूरी सीधे बैंक खातों में अंतरित की जाएगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

*गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष जोर*

कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि विद्यालयों में बालिका शौचालय का निर्माण केवल एक आधारभूत सुविधा नहीं, बल्कि बालिकाओं की गरिमा, सुरक्षा और शिक्षा के अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप समय-सीमा में पूर्ण कराए जाएं, ताकि छात्राओं को शीघ्र इसका लाभ मिल सके।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे ने बताया कि सभी स्वीकृत कार्यों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा तथा तकनीकी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। ग्राम पंचायतों एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूर्ण हो सके। उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम-जी योजना के माध्यम से विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। बालिका शौचालय निर्माण से छात्राओं को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण मिलेगा। वीबी-जी राम-जी योजना के माध्यम से मुंगेली जिला शिक्षा, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

*सांसद संतोष पांडेय ने केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से की मुलाकात, जिले के विभिन्न सड़कों के उन्न्यन की मांग*

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*सांसद संतोष पांडेय ने केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से की मुलाकात, जिले के विभिन्न सड़कों के उन्न्यन की मांग*

0.धवईपानी से सिमगा तक फोरलेन सड़क की रखी मांग।

0.खैरागढ़ से कवर्धा सड़क के चौडीकरण हेतु रखी मांग। 

हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़।

ब्यूरो रायपुर/कवर्धा:- क्षेत्रीय सांसद संतोष पांडेय ने दिल्ली में केन्द्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 अंतर्गत धंवई (छग-मप्र बार्डर) से कवर्धा होते हुए सिमगा तक फ़ोरलेन सड़क निर्माण कवर्धा से खैरागढ़ तक सड़क मजबूती व चौड़ीकरण व कवर्धा में नया बायपास सड़क निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान करने की मांग को लेकर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री को पत्र सौंपा सांसद संतोष पांडेय ने केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को अवगत कराया कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 अंतर्गत धंवई (छग-मप्र बार्डर) से कवर्धा होते हुए सिमगा तक फ़ोरलेन सड़क निर्माण कराए जाने की आवश्यकता है जिसकी लंबाई कुल 125 किमी है यह मार्ग छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश दोनों राज्य को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। यहां से कई राज्यों के बड़े छोटे वाहनों का आवागमन होता है चिल्फी घाटी में आए दिन घंटों लंबा जाम लगता है इसके चलते आवागमन बाधित होता है राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है उक्त मार्ग में फोरलेन सड़क का निर्माण हो जाने से आवागमन सुगम हो जाएगा सांसद पांडेय ने कवर्धा से खैरागढ़ तक सड़क मजबूती व चौड़ीकरण की आवश्यकता है यह कबीरधाम से खैरागढ़ होते हुए राजनांदगांव जिले को जोडने वाली एकमात्र सड़क है जो जर्जर व खराब हो चुकी है इस सड़क की चौड़ाई भी कम है राहगीरों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है उक्त मार्ग के निर्माण हेतु सड़क एवं अवसंरचना कोष (CRIF) से स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 अंतर्गत कवर्धा में नया बायपास सड़क निर्माण की भी मांग की सांसद पांडेय पहले भी उक्त तीनों प्रमुख मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री से मुलाक़ात कर पत्र सौंप चुके हैं केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने उक्त तीनों सड़कों के निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान करने का ठोस आश्वासन दिया है इस दौरान सांसद पांडेय ने सड़क एवं अवसंरचना कोष (CRIF) से निर्माणाधीन राजनांदगांव से खैरागढ़ सड़क एवं राजनांदगांव से डोंगरगांव से मोहला-मानपुर सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूती करण हेतु राशि स्वीकृत करने पर धन्यवाद ज्ञापित किया।

*NH-49 पर भीषण सड़क हादसा, युवक की मौत, दो घायल*

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*NH-49 पर भीषण सड़क हादसा, युवक की मौत, दो घायल*

 मनोज साहू ब्यूरो अकलतरा:- राष्ट्रीय राजमार्ग-49 (NH-49) पर FCI गोदाम के पास शुक्रवार को हुए भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान मनीष मरावी (25 वर्ष), पिता दिलहरण मरावी, निवासी ग्राम किरारी के रूप में हुई है। वहीं हादसे में दुर्गेश कैवर्त एवं सूरज कैवर्त, दोनों निवासी ग्राम किरारी, गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही SDOP मिथलेंद्र प्रताप सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अकलतरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया गया।

पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

*प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने बदली हितग्राही कौशिल्या बाई की जिंदगी*

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*प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने बदली हितग्राही कौशिल्या बाई की जिंदगी*

*कच्चे मकान से पक्के आशियाने तक का प्रेरणादायक सफर*

मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली // प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) जरूरतमंद परिवारों के लिए केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन का आधार बन रही है। जनपद पंचायत पथरिया अंतर्गत ग्राम पंचायत संकरा की हितग्राही कौशिल्या बाई की सफलता की कहानी इसका सशक्त उदाहरण है।

कुछ समय पहले तक कौशिल्या बाई अपने परिवार के साथ कच्चे एवं जर्जर मकान में रहने को मजबूर थीं। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था और हर मौसम में परिवार को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण स्वयं पक्का मकान बनाना उनके लिए संभव नहीं था।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आवेदन किया। पात्रता के आधार पर उनका चयन हुआ और योजना के तहत स्वीकृति मिलने के पश्चात किस्तों की राशि प्राप्त होते ही उन्होंने अपने नए पक्के मकान का निर्माण शुरू कराया। स्थानीय प्रशासन एवं पंचायत के मार्गदर्शन में निर्माण कार्य समय पर पूरा हुआ। कौशिल्या बाई का परिवार सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक पक्के मकान में रह रहा है। अब उन्हें बरसात में पानी टपकने या अन्य असुविधाओं की चिंता नहीं रहती। उनका नया घर परिवार के लिए सुरक्षा, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद लेकर आया है।

कौशिल्या बाई ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार का जीवन बदल दिया है। उन्होंने कहा कि अब उनका सपना साकार हो चुका है और उनके बच्चों को भी सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण मिल रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। कौशिल्या बाई की यह सफलता अन्य जरूरतमंद परिवारों के लिए भी प्रेरणा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर वे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

*मुंगेली में औद्योगिक विकास की नई शुरुआत, बीईएमएल संयंत्र बनेगा विकास का आधार: कलेक्टर*

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*मुंगेली में औद्योगिक विकास की नई शुरुआत, बीईएमएल संयंत्र बनेगा विकास का आधार: कलेक्टर*

*जिले में खुलेगा छत्तीसगढ़ का पहला हैवी अर्थ मूविंग इक्वीपमेंट निर्माण संयंत्र*

*बीईएमएल के हैवी अर्थ मूविंग इक्वीपमेंट संयंत्र की स्थापना की मिली मंजूरी*

*79.70 एकड़ शासकीय भूमि रियायती दर पर आबंटन के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद से मिली स्वीकृति*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली, // छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास के मानचित्र पर मुंगेली जिले ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) के प्रस्तावित हैवी अर्थ मूविंग इक्वीपमेंट निर्माण संयंत्र की स्थापना के लिए ग्राम चंद्रगढ़ी, तहसील पथरिया में 79.70 एकड़ शासकीय भूमि रियायती दर पर आबंटित करने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य मंत्रिपरिषद ने मंजूरी प्रदान कर दी है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के साथ मुंगेली में बड़े औद्योगिक निवेश और आधुनिक विनिर्माण गतिविधियों के विस्तार का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

यह संयंत्र राज्य का पहला उद्योग होगा, जिसकी स्थापना से छत्तीसगढ़ को देश के औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी और राज्य में आधुनिक भारी मशीन निर्माण उद्योग की शुरुआत होगी। जिले में इस प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रम की परियोजना शुरू होने से रोजगार, कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण, उद्यमिता और सहायक उद्योगों के लिए नए अवसर सृजित होंगे।

*कलेक्टर ने ऐतिहासिक उपलब्धि पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं:*

कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर जिलेवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बीईएमएल संयंत्र जिले में औद्योगिक विकास का आधार बनेगा। कैबिनेट के द्वारा मिली मंजूरी जिले में औद्योगिक विकास की पृष्ठभूमि तैयार करने में ऐतिहासिक कदम है। इससे आधुनिक विनिर्माण का आधार मजबूत होगा तथा स्थानीय युवाओं, उद्यमियों और व्यवसायियों के लिए विकास के नए रास्ते खुलेंगे। यह पहल जिले को आधुनिक विनिर्माण और इंजीनियरिंग गतिविधियों के नए केंद्र के रूप में नई पहचान दिलाएगी।

*विशेष प्रयासों से परियोजना को मुंगेली तक लाने में मिली सफलता* – पथरिया एसडीएम श्रीमती रेखा चंद्रा ने बताया कि बीईएमएल की प्रस्तावित परियोजना के लिए प्रारंभिक स्तर पर रायगढ़ एवं जांजगीर-चांपा जिलों में भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान कंपनी ने जिले में भी उपयुक्त भूमि की उपलब्धता में रुचि व्यक्त की।

कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देश पर महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र तथा राजस्व विभाग ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उपयुक्त शासकीय भूमि की खोज और चिन्हांकन की प्रक्रिया प्रारंभ की। संयुक्त टीम द्वारा विस्तृत सर्वेक्षण के बाद 79 एकड़ से अधिक भूमि की उपलब्धता का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। भूमि की उपयोगिता का परीक्षण करने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए भूमि उद्योग विभाग को हस्तांतरित की गई।

परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए भूमि तक पहुंच मार्ग सुनिश्चित करने की दिशा में भी विशेष प्रयास किए गए। इसके परिणामस्वरूप 79.70 एकड़ भूमि औद्योगिक प्रयोजन के लिए चिन्हांकित कर रियायती दर पर बीईएमएल को आबंटित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया, जिसे अब राज्य मंत्रिपरिषद से मंजूरी मिल गई है।

*औद्योगिक दृष्टि से रणनीतिक स्थान* – महाप्रबंधक उद्योग विभाग श्री किशोर राजपूत ने बताया कि ग्राम चंद्रगढ़ी, प.ह.नं. 19, राजस्व निरीक्षक मंडल पथरिया, तहसील पथरिया में विभिन्न खसरों की कुल 79.70 एकड़ शासकीय भूमि का औद्योगिक प्रयोजन के लिए चयन किया गया है। यह भूमि बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग 30 किलोमीटर तथा मुख्य मार्ग से जुड़ा हुआ है, जिससे परियोजना के लिए इसकी उपयोगिता और बेहतर होती है। भूमि आबंटन एवं औद्योगिक प्रयोजन की प्रक्रिया के तहत संबंधित विभागों से आवश्यक अभिमत एवं अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की कार्यवाही भी की गई है।

रोजगार के साथ विकसित होगा औद्योगिक इकोसिस्टम – बीईएमएल जैसे प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रम के संयंत्र की स्थापना से जिले में प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों, इंजीनियरिंग, मशीन पार्ट्स, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सर्विसिंग और अन्य सहायक उद्योगों के विकास की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

*प्राकृतिक बीजों से सजी राखियां बनीं आत्मनिर्भरता की नई पहचान*

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*प्राकृतिक बीजों से सजी राखियां बनीं आत्मनिर्भरता की नई पहचान*

*रोहराकला की स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने शुरू किया राखी निर्माण*

 *30 से 40 हजार रुपये अतिरिक्त आय की उम्मीद*

मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली, // राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं अब पारंपरिक आजीविका गतिविधियों से आगे बढ़ते हुए नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई राह बना रही हैं। इसी कड़ी में विकासखण्ड पथरिया के ग्राम रोहराकला की आदर्श महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने इस वर्ष पहली बार चावल, मूंग, धनिया, काली मिर्च सहित विभिन्न प्राकृतिक बीजों का उपयोग कर आकर्षक एवं पर्यावरण-अनुकूल राखियां तैयार की हैं।

पहले समूह की महिलाओं के पास आय के सीमित साधन थे। बिहान योजना के माध्यम से समूह को रिवॉल्विंग फंड, कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड एवं बैंक लिंकेज की सुविधा मिली। विभागीय मार्गदर्शन और क्षमता विकास प्रशिक्षण से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने उपलब्ध स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए राखी निर्माण की नई गतिविधि शुरू की। रक्षाबंधन पर्व को ध्यान में रखते हुए समूह की महिलाओं ने अलग-अलग डिजाइन और रंगों में हस्तनिर्मित राखियां तैयार की हैं। प्राकृतिक बीजों से तैयार इन राखियों की खासियत इनका स्थानीय, आकर्षक और पर्यावरण-अनुकूल स्वरूप है। स्थानीय बाजार में भी इन राखियों को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। समूह को इस सीजन में लगभग 30 से 40 हजार रुपये की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है।

राखी निर्माण से प्राप्त आय महिलाओं के परिवारों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोगी बनेगी। इससे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं घरेलू जरूरतों में आर्थिक सहायता मिलने के साथ महिलाओं में बचत, निवेश और स्वरोजगार की भावना भी मजबूत होगी। आदर्श महिला स्व-सहायता समूह की यह पहल केवल राखी निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिला उद्यमिता, स्थानीय संसाधनों के उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और सामूहिक आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आई है। बिहान के सहयोग से रोहराकला की महिलाएं अब अपने हुनर को बाजार से जोड़कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। उनका यह नवाचार गांव की अन्य महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को भी नए आजीविका अवसर तलाशने के लिए प्रेरित कर रहा है।

*धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान* 

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*धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान* 

*सामुदायिक वन संसाधन के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रबंधन योजना तैयार करने संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित*

मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली, // धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिले में कार्यरत तकनीकी सहयोगी, सिविल सोसायटी संगठन एवं स्थानीय संस्थाओं से 10 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। चयनित संस्था ग्राम सभाओं को सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रबंधन योजना तैयार करने में तकनीकी सहयोग प्रदान करेगी।

आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि चयनित संस्था ग्राम सभाओं के क्षमता विकास, वन भूमि सर्वेक्षण, सामुदायिक वन संसाधनों की मैपिंग, जैव विविधता का दस्तावेजीकरण तथा सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समितियों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगी। अभियान की विस्तृत कार्यवृत्त एवं दिशा-निर्देश सूचना पटल तथा जिला प्रशासन की वेबसाइट https://mungeli.gov.in/ पर उपलब्ध हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है, पात्रता की समीक्षा एवं चयन जिला स्तरीय निगरानी समिति द्वारा 13 अगस्त 2026 को किया जाएगा।

आवेदन के लिए संस्था का सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, सार्वजनिक ट्रस्ट अथवा कंपनी अधिनियम के अंतर्गत गैर-लाभकारी संस्था के रूप में पंजीकृत होना आवश्यक है। साथ ही संस्था का गत वर्ष का वित्तीय ऑडिट पूर्ण होना, नीति आयोग के दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण तथा वन अधिकार अधिनियम, 2006 के क्रियान्वयन में कम से कम तीन वर्षों का अनुभव अनिवार्य रखा गया है। ग्राम सभा के लिखित अनुमोदन के साथ संबंधित दस्तावेज एवं अनुभव प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना भी आवश्यक होगा। इच्छुक एवं पात्र संस्थाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना आवेदन जिला कलेक्टोरेट स्थित कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास में जमा कर सकती हैं।

*बछेरा में आधुनिक आंगनबाड़ी भवन बना आकर्षण का केंद्र*

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*बछेरा में आधुनिक आंगनबाड़ी भवन बना आकर्षण का केंद्र*

*08 लाख रुपये की लागत से निर्मित भवन में बच्चों को मिला सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त वातावरण*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली, // जिले के ग्राम पंचायत बछेरा में मनरेगा के अंतर्गत निर्मित आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक-04 का नया भवन ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर बाल विकास और मातृ-शिशु सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर सामने आया है। लगभग 08 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह भवन अब गांव के नौनिहालों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ, आकर्षक और सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध करा रहा है। नए भवन के निर्माण से पहले आंगनबाड़ी केन्द्र सीमित सुविधाओं वाले भवन में संचालित होता था, जिसके कारण बच्चों के बैठने, खेलने, पोषण आहार वितरण तथा शैक्षणिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं था। अब आधुनिक भवन मिलने से इन समस्याओं का समाधान हुआ है और आंगनबाड़ी की गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित किया जा रहा है।

भवन को विशेष रूप से बच्चों के अनुकूल बनाया गया है। दीवारों पर फल-सब्जियां, अक्षर ज्ञान, रंग-बिरंगे चित्र और बाल शिक्षा से संबंधित आकर्षक पेंटिंग बनाई गई हैं। सुंदर एवं मनमोहक वातावरण से बच्चों में आंगनबाड़ी आने के प्रति उत्साह बढ़ा है। खेल-आधारित गतिविधियों और प्रारंभिक शिक्षा के लिए पर्याप्त स्थान मिलने से बच्चों के सीखने की रुचि को भी बढ़ावा मिल रहा है। नया आंगनबाड़ी भवन अब केवल पोषण आहार वितरण का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास, प्रारंभिक शिक्षा, खेल गतिविधियों, स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण तथा मातृ-शिशु परामर्श का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। गर्भवती एवं धात्री माताओं को भी यहां नियमित रूप से स्वास्थ्य, पोषण एवं देखभाल संबंधी जानकारी प्रदान की जा रही है।

मनरेगा के माध्यम से निर्मित इस भवन ने ग्रामीण विकास की दोहरी तस्वीर प्रस्तुत की है। निर्माण कार्य से स्थानीय श्रमिकों को रोजगार मिला, वहीं गांव को बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए एक स्थायी और उपयोगी सामुदायिक परिसंपत्ति प्राप्त हुई। यह निर्माण ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में मनरेगा की उपयोगिता को दर्शाता है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले आंगनबाड़ी में बच्चों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं, लेकिन नए भवन के बनने से बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिला है। दीवारों पर बने रंगीन शैक्षणिक चित्र बच्चों को आकर्षित करते हैं और उनमें सीखने की रुचि बढ़ी है। इससे अभिभावकों का आंगनबाड़ी केन्द्र के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।

*एनालॉग पनीर का निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री तत्काल प्रतिबंधित*

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*एनालॉग पनीर का निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री तत्काल प्रतिबंधित*

*राज्य शासन के आदेश के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई तेज*

 *डेयरी प्रतिष्ठानों का किया गया निरीक्षण, नागरिकों से सतर्क रहने की अपील*

मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली,// छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुपालन में जिले में एनालॉग पनीर के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा जिले के डेयरी प्रतिष्ठानों, रेस्टोरेंट, होटल एवं खाद्य दुकानों का निरीक्षण कर संचालकों को प्रतिबंध का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के उपसंचालक ने बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार ऐसे सभी गैर-मानकीकृत डेयरी एनालॉग उत्पाद, जो वास्तविक दूध से बने उत्पादों का आभास कराते हैं, अब प्रतिबंधित रहेंगे। इस संबंध में जिलेभर में निरीक्षण अभियान प्रारंभ कर दिया गया है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एनालॉग पनीर एक तरह का नकली या सिंथेटिक पनीर है, जो असली दूध के बजाय वेजिटेबल ऑयल (जैसे पाम ऑयल), स्टार्च, स्किम्ड मिल्क पाउडर और रसायनों से बनाया जाता है। यह दिखने और खाने में असली पनीर जैसा लगता है, लेकिन बहुत सस्ता होता है और सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है। उक्त प्रतिबंध विशेष रूप से ऐसे उत्पादों पर लागू होगा, जो वास्तविक दूध से निर्मित नहीं हैं, जिनमें दूध के स्थान पर वनस्पति वसा, वनस्पति तेल अथवा अन्य गैर-दुग्ध अवयवों का उपयोग किया गया है। साथ ही जिनकी लेबलिंग, पैकेजिंग अथवा बिक्री की प्रस्तुति उपभोक्ताओं को भ्रमित करती है। उन्होंने बताया कि जिले में संचालित डेयरी प्रतिष्ठानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। सभी संचालकों को एनालॉग पनीर का निर्माण, भंडारण, वितरण एवं विक्रय तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आम नागरिकों को पनीर खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, लेबल एवं सामग्री की जानकारी अवश्य जांचने तथा किसी प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित अथवा संदिग्ध एनालॉग पनीर का निर्माण या विक्रय की सूचना तत्काल खाद्य एवं औषधि प्रशासन को देने समझाइश दी गई है।