Home Blog Page 340

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का प्रवास प्रदेश के लिए गौरव का अवसर, प्रत्येक व्यवस्था हो गरिमामय और त्रुटिरहित – मुख्यमंत्री श्री साय*

0

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का प्रवास प्रदेश के लिए गौरव का अवसर, प्रत्येक व्यवस्था हो गरिमामय और त्रुटिरहित – मुख्यमंत्री श्री साय*

*मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रवास की तैयारियों का लिया व्यापक जायज़ा: सभी तैयारियाँ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने अधिकारियों को दिए निर्देश*

रायपुर/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आगामी छत्तीसगढ़ प्रवास के मद्देनज़र मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में विभिन्न कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का छत्तीसगढ़ आगमन राज्य के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस दौरान प्रत्येक व्यवस्था उत्कृष्टता का प्रतीक बने और प्रदेश की संस्कृति, आत्मगौरव एवं प्रगति की झलक हर स्थल पर दृष्टिगोचर हो।

*मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न स्थलों का किया निरीक्षण*

मुख्यमंत्री श्री साय ने सबसे पहले नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा, सभागार व्यवस्था, मंच और आमंत्रित अतिथियों के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ध्यान केंद्र पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने ध्यान केंद्र के सभागार, मेडिटेशन रूम एवं बाहरी परिसर का निरीक्षण करते हुए सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

*ट्राइबल म्यूज़ियम बनेगा जनजातीय अस्मिता का अमर प्रतीक*

मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय जनजातीय समाज की वीरता, बलिदान और अस्मिता का अमर प्रतीक बनेगा।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि संग्रहालय के प्रत्येक अनुभाग को इस प्रकार तैयार किया जाए कि वह आगंतुकों को छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली अध्याय से गहराई से परिचित करा सके। उन्होंने प्रदर्शनी दीर्घाओं, मल्टीमीडिया गैलरी, स्मृति कक्ष और बाहरी परिसर की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।

*राज्योत्सव स्थल बनेगा छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का दर्पण*

मुख्यमंत्री श्री साय ने नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल का भी दौरा किया और तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य मंच, पार्किंग क्षेत्र, विभागीय डोम, प्रदर्शनी दीर्घा, वीआईपी दीर्घा और आमजन के लिए बनाए गए मार्गों का निरीक्षण किया।उन्होंने कहा कि राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, संस्कृति और आत्मविश्वास का उत्सव है, इसलिए यह आयोजन उत्कृष्टता की नई मिसाल बने।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएँ और सुरक्षा, स्वच्छता तथा आमजन की सुविधा से जुड़े सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।

इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, सचिव श्री राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की एक और घोषणा पर लगी मुहर*

0

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की एक और घोषणा पर लगी मुहर*

*9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण को मिली 78 करोड़ 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति*

रायपुर,/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की एक और महत्वपूर्ण घोषणा को राज्य सरकार ने मूर्त रूप दे दिया है। राज्य बजट में शामिल 9 नवीन नर्सिंग महाविद्यालयों के भवन निर्माण कार्य के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को नई दिशा देगा और स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद करेगा।

प्रत्येक नर्सिंग महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए 8 करोड़ 68 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। ये नवीन नर्सिंग कॉलेज दंतेवाड़ा, बैकुंठपुर, बीजापुर, बलरामपुर, जशपुर, रायगढ़, धमतरी, जांजगीर-चांपा और नवा रायपुर (अटल नगर) में स्थापित किए जाएंगे। इन संस्थानों की स्थापना से प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय अंचलों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता और सुदृढ़ होगी।

“हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के हर युवा को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा मिले और हर जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुशल मानव संसाधन भी तैयार हो। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदेश के स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी। यह पहल न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर भी बढ़ाएगी।” -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

“मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य शिक्षा को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय लिया है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा के साथ ही रोजगार और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यह पहल छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने में मदद करेगी।” – स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

“मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की स्वीकृति इस बात का प्रतीक है कि सरकार प्रदेश के युवाओं के लिए अवसर सृजन और सेवा क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।” – वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर अमल*

0

*छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और बड़ा कदम: 5000 शिक्षक भर्ती का मार्ग हुआ प्रशस्त*

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य शासन के वित्त विभाग ने आज 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति प्रदान कर दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री श्री साय की उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को मज़बूत बनाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य की प्रगति की नींव होती है, और छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे तक ज्ञान और अवसर दोनों पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह भर्ती न केवल शिक्षण व्यवस्था को गति देगी बल्कि युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी सृजित करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने वित्त विभाग द्वारा दी गई सहमति को ‘नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम’ बताया। 5000 पदों हेतु शिक्षा विभाग शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षण की निरंतरता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

राज्य शासन ने पिछले कुछ महीनों में शिक्षा सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। विद्यालय भवनों के निर्माण, डिजिटल शिक्षा सामग्री के प्रसार, और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रदेश में शिक्षकों की कमी लंबे समय से एक प्रमुख चुनौती रही है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सीमित थी। नई भर्ती से इन क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे बच्चों को अब अपने ही गाँव और क्षेत्र में बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश में शिक्षण के स्तर को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को सर्वांगीण विकास का आधार मानते हुए लगातार निवेश कर रही है। स्कूल इन्फ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण से लेकर छात्रवृत्ति, मध्याह्न भोजन और छात्र हितैषी योजनाओं तक, सरकार का फोकस हर स्तर पर शिक्षा के दायरे को व्यापक बनाना है। शिक्षकों की यह नई भर्ती उसी दीर्घकालिक दृष्टि का हिस्सा है, जो ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विज़न को साकार करने की दिशा में अग्रसर है। इस निर्णय से जहाँ शिक्षा प्रणाली को नई ऊर्जा मिलेगी, वहीं हजारों युवाओं के सपनों को साकार करने का मार्ग भी खुलेगा। यह पहल मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ‘शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।

“मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की मंशा के अनुरूप शिक्षा को राज्य की शीर्ष प्राथमिकता बनाया गया है। वित्त विभाग द्वारा 5000 शिक्षकों के पदों की भर्ती की सहमति देना इसी संकल्प का हिस्सा है। शिक्षा में किया गया प्रत्येक निवेश प्रदेश के भविष्य में किया गया निवेश है। इस निर्णय से स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी होगी, ग्रामीण व आदिवासी अंचलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ेगी और हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए शिक्षा जैसे मूलभूत क्षेत्र को संसाधन उपलब्ध कराना हमारी सरकार की जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता दोनों है।” – वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी

“शिक्षा राज्य के विकास की सबसे सशक्त आधारशिला है। हमारी सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और हर विद्यालय में योग्य शिक्षक उपलब्ध हों। वित्त विभाग द्वारा 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। यह निर्णय न केवल शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त करेगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा।” – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

*उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सुदूर वनांचल ग्राम कच्चापाल में बस्तर ओलंपिक 2025 का किया शुभारंभ*

0

*रायपुर,/* छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने, बस्तर संभाग के जनजातीय बहुल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं की खेल प्रतिभा को पहचानने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से ‘बस्तर ओलंपिक 2025’ का आयोजन किया जा रहा है। जिसका नारायणपुर के सुदूर वनांचल ग्राम कच्चापाल में शुभारंभ आज उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर ईरकभट्टी और कच्चापाल की ग्रामीण महिलाओं के मध्य रस्साकसी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें ईरकभट्टी के महिलाओं ने बाजी मारी।उपमुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर सभी का उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने खिलाड़ियों में उत्साह को देखते हुए सभी को बस्तर ओलंपिक 2025 की टीशर्ट का वितरण किया। यह प्रतियोगिता विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर तीन चरणों में आयोजित होगी। बस्तर ओलंपिक 2025 में बस्तर संभाग में 03 लाख 80 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग ले रहे हैं, जिसमें नारायणपुर में 47 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं।
इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेल नहीं है यह बस्तर की समरसता, बंधुत्व, विश्वास और एकता का प्रतीक भी है। यह ओलंपिक बस्तर के युवाओं को अपनी नैसर्गिक प्रतिभा के प्रदर्शन का एक मंच प्रदान करने के साथ उनमें आत्मविश्वास जगाने और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का एक माध्यम भी है। हमें पूरा भरोसा है कि इस ओलंपिक के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी प्रदेश को मिलेंगे जो प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में बस्तर का नाम ऊंचा करेंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह मंडावी, एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, एसपी श्री रॉबिंसन गुड़िया, एसडीएम ओरछा डॉ. सुमित गर्ग, जनपद उपाध्यक्ष ओरछा श्री मंगडूराम नूरेटी सरपंच कच्चापाल श्रीमती रजमा नूरेटी, जनपद सदस्य जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन 25 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक विकासखंड स्तर, जिला स्तर एवं संभाग पर किया जाएगा। जिसमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी, हॉकी और वेटलिफ्टिंग जैसी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जहां जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष) और सीनियर वर्ग (17 वर्ष से अधिक) के साथ दिव्यांग खिलाड़ी और आत्मसमर्पित नक्सली भी सीधे संभाग स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।

*पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को विश्व में मिली पहचान – मुख्यमंत्री श्री साय*

0

*मुख्यमंत्री श्री साय पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह में हुए शामिल*

*नागरिक कल्याण महाविद्यालय नंदिनी में स्नातकोत्तर कक्षाएं, अछोटी में बीएड महाविद्यालय, मेड़ेसरा को आदर्श ग्राम बनाने, समुदायिक भवन हेतु 20 लाख रुपये एवं सभी पंचायतों में सीसी रोड निर्माण की घोषणा*

रायपुर /पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को पूरी दुनिया में पहचान मिली है। हमारे पंडवानी कलाकारों ने न्यूयॉर्क, पेरिस और लंदन तक महाभारत की कथाओं पर आधारित प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से न केवल छत्तीसगढ़ की परंपरा को जीवित रखा है, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा को वैश्विक मंचों तक पहुँचाया है। पंडवानी आज हमारी लोक चेतना, नारी सशक्तिकरण और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन चुकी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के ग्राम मेड़ेसरा में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग रायपुर के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं अहिवारा विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू एवं श्री जागेश्वर साहू, पूर्व विधायक श्री लाभचंद बाफना एवं डॉ. दयाराम साहू, जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे तथा दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार भी उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मुझे पंडवानी के पुरोधा स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन जी की स्मृति भी हो रही है। जब वे हाथ में तंबूरा लेकर प्रस्तुति देते थे, तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाते थे। पंडवानी गायन में महिला कलाकारों की विशेष सफलता उल्लेखनीय रही है। मुझे स्वर्गीय लक्ष्मी बंजारे जी का भी स्मरण हो रहा है। यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि हमारी धरती पर तीजन बाई जैसी विभूति हुईं, जिन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण तीनों सम्मान प्राप्त हुए हैं। जब वे तंबूरा लेकर आलाप भरती हैं, तो ऐसा लगता है मानो आकाश के देवी-देवता भी उन्हें सुन रहे हों।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैंने अनेक अवसरों पर तीजन बाई जी की पंडवानी सुनी है। श्याम बेनेगल की भारत एक खोज में उनका पंडवानी गायन दृश्य मन को आनंद और उत्सुकता से भर देता है। पद्मश्री डॉ. उषा बारले जी हमारे बीच उपस्थित हैं, जिन्होंने अपने अद्भुत पंडवानी गायन से सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडवानी हमारी अमूल्य धरोहर है। आज इस महासम्मेलन के आयोजन के माध्यम से आप सभी ने इस धरोहर को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का अत्यंत सराहनीय कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि हम लोगों ने बचपन में रामलीला मंडलियों के माध्यम से रामायण की कथाएं और पंडवानी के माध्यम से महाभारत की कथाएं सुनीं। पीढ़ी दर पीढ़ी इन लोककलाकारों ने रामायण और महाभारत जैसी महान कथाओं को जन-जन तक पहुँचाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडवानी गायन इस मायने में भी अद्वितीय है कि इसमें स्त्री-पुरुष का कोई भेद नहीं है। तीजन बाई और डॉ. उषा बारले जैसी कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से यह साबित किया है कि यह विधा महिलाओं के कौशल और संवेदनशीलता की प्रतीक है। पंडवानी गायन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सामाजिक तासीर भी झलकती है – यहां मातृशक्ति की भागीदारी कला के क्षेत्र में भी अग्रणी है और उन्हें सदैव प्रोत्साहित किया जाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरगुजा से लेकर बस्तर तक हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट संस्कृति है। हमारी सरकार छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। कलाकारों की पेंशन राशि में वृद्धि की गई है और अवसरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना का निर्णय लेकर हमने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को सशक्त बनाने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि जब अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया था, तब उनके मन में विकास के साथ-साथ संस्कृति को सहेजने की भी गहरी मंशा थी। आज जब ऐसा सुंदर आयोजन देखता हूं, तो मन को सुकून मिलता है कि अटल जी की मंशा पूर्ण हुई है। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर को प्रदेश की रजत जयंती मनाई जाएगी, जो हमारी लोकसंस्कृति का महोत्सव होगा। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का भी आगमन होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे राज्योत्सव में सम्मिलित होकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा विभाग शीघ्र ही 5000 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और निरंतरता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नागरिक कल्याण महाविद्यालय नंदिनी में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने, अछोटी में बीएड महाविद्यालय खोलने, मेड़ेसरा को आदर्श ग्राम बनाने, समुदायिक भवन हेतु 20 लाख रुपये और क्षेत्र के सभी पंचायतों में सीसी रोड निर्माण की घोषणा की।

कार्यक्रम के अध्यक्ष उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर सभी पंडवानी कलाकारों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कला और संस्कृति के लिए देश और दुनिया में विशिष्ट पहचान रखता है। यह कलाकारों से परिपूर्ण राज्य है। उन्होंने 1 नवंबर को राज्योत्सव में सभी को रायपुर आमंत्रित किया।

कार्यक्रम की संयोजक पद्मश्री डॉ. उषा बारले ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस और पंडवानी महासम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री साय सहित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री आर.जी. गर्ग, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, एसएसपी श्री विजय अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण, पंडवानी के लोककलाकार तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

*सस्ती और गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं हमारी सरकार की प्राथमिकता – मुख्यमंत्री श्री साय*

0

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय क्रिटिकॉन रायपुर-2025 कॉन्फ्रेंस में हुए शामिल*

रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सस्ती और गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे आज राजधानी के नवा रायपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित क्रिटिकल केयर पर आधारित राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘क्रिटिकॉन रायपुर-2025’ में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि क्रिटिकॉन रायपुर-2025 चिकित्सा विज्ञान, विशेषकर क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता का मंच है। यह देश और विदेश के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं को एक साथ लाकर इस क्षेत्र में नई दिशाएं तय करने का अवसर देता है। क्रिटिकल केयर मेडिसिन जीवन रक्षा की रीढ़ है, जो गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को नया जीवन देती है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अस्पतालों, क्रिटिकल केयर इकाइयों और मेडिकल सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में मेडिसिटी और फार्मा हब का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही प्रदेश के अन्य शहरों में भी लगातार नए अस्पतालों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि ये कदम छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रामकृष्ण केयर ग्रुप की पूरी टीम को इस राष्ट्रीय आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देशभर में एक चिकित्सा उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उभर रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि क्रिटिकल केयर जैसे अति महत्वपूर्ण विषय पर कॉन्फ्रेंस की मेजबानी रायपुर को मिलना गौरव की बात है। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में विशेषज्ञों के विचार-विमर्श से निश्चित रूप से ऐसे उत्कृष्ट नवाचार सामने आएंगे, जो मानव स्वास्थ्य उपचार के लिए वरदान साबित होंगे। डॉ. सिंह ने कहा कि आज चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी के उपयोग से इलाज की नई संभावनाएं खुल रही हैं। यही नई तकनीक नए भारत की नई कहानी लिख रही है। उन्होंने चिकित्सकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जब घर में कोई आपात स्थिति होती है और मरीज को सही समय पर हॉस्पिटल पहुँचाया जाता है, तब परिवार के भय को मिटाने में क्रिटिकल केयर डॉक्टरों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि आज समय की आवश्यकता है कि हर जिले और प्रत्येक बड़े अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट्स स्थापित हों। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। आयुष्मान योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार आम लोगों के लिए बड़ी राहत है।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान करने वाले देश-विदेश और प्रदेश के डॉक्टरों का मंच से सम्मान भी किया गया।

इस अवसर पर रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के संचालक डॉ. संदीप दवे, केयर ग्रुप के सीईओ श्री वरुण खन्ना, तथा देश-विदेश और राज्य भर से आए 1300 से अधिक डॉक्टर उपस्थित थे।

➡️ *मुंगेली पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल ;भा.पु.से.द्ध के निर्देशन मे लोरमी पुलिस को, थाना लोरमी क्षेत्रांतर्गत ग्राम पेण्ड्री तालाब (टेकनपारा) के हत्या के नियत से धारदार हथियार से वार करने वाले आरोपियों को पकड़ने में मिली सफलता*

0

➡️ *मुंगेली पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल ;भा.पु.से.द्ध के निर्देशन मे लोरमी पुलिस को, थाना लोरमी क्षेत्रांतर्गत ग्राम पेण्ड्री तालाब (टेकनपारा) के हत्या के नियत से धारदार हथियार से वार करने वाले आरोपियों को पकड़ने में मिली सफलता*

➡️ *आरोपियों से घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार चाकुनुमा हथियार, लोहे की रॉड एवं डण्डा को किया गया जप्त*

➡️ *हत्या के प्रयास करने वाले आरोपियों को लोरमी पुलिस ने किया गिरफ्तार*

➡️ *थाना लोरमी में अपराध क्रमांक 586/25 धारा 296, 351 (2), 115 (2), 333, 191(2), 191(3), 190, 118(1), 324(5), 109 बीएनएस के तहत किया गया कार्यवाही*

तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली:-प्रार्थिया जुमनाबाई दिवाकर पति प्रीतम दिवाकर उम्र 45 साल निवासी टेकनपारा पेण्ड्रीतालाब थाना लोरमी जिला मुंगेली के द्वारा दिनांक 21.10.2025 को थाना लोरमी में रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 21.10.2025 को शाम करीबन 6-7 बजे आहत प्रीतम दिवाकर के घर के सामने मे बच्चे फटाका फोड़ रहे थे जहां से राजकुमार धृतलहरे अपने चाचा नील कुमार के साथ निकल रहे थे और बच्चों को रोड पर फटाका फोड़ने से मना किये जिस बात पर विवाद हुआ जो दोनो पक्षों में आपस मे सुलह हो गया। इस बात को राजकुमार ने अपने पिता दिलीप घृतलहरे को बताया इसके उपरांत पुरानी रंजीश के चलते आरोपी राजकुमार घृतलहरे, दिलीप कुमार घृतलहरे, नील कुमार घृतलहरे, देवकुमार घृतलहरे एवं विधि से संघर्षरत बालक एक राय होकर लोहा का रॉड, डण्डा से तथा एक चाकुनुमा हथियार लेकर जबरन प्रीतम दिवाकर के घर में घुस गये। जिसे प्रीतम दिवाकर द्वारा रोकने का प्रयास किया जिसे राजकुमार, दिलीप, नीलकुमार, देवकुमार एवं विधि से संघर्षरत बालक द्वारा एक राय होकर लगातार लोहे की रॉड व डण्डे से उसके सिर, पैर एवं हाथों में वार करने से पीड़ित प्रीतम लहुलुहान होकर जमीन पर गिर गया। इसी वारदात में बीच बचाव करने के दौरान प्रार्थिया जमुना बाई, आहत ओमप्रकाश दिवाकर, उमेश दिवाकर, नरेन्द्र दिवाकर ने बीच बचाव करने का प्रयास किया तो उन्हे भी आरोपियों द्वारा मारा गया है तथा मौके पर खड़े वाहनों को भी तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त किया गया है कि रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 586/25 धारा 296, 351 (2), 115 (2), 333, 3(5) बीएनएस पंजीबद्ध करवाई जिसकी रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।
मुंगेली पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी एवं बारिकी से जांच करने निर्देश दिया गया है। जिसके परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुंगेली सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा एवं उप पुलिस अधीक्षक लोरमी श्री नवनीत पाटिल से मार्गदर्शन प्राप्त कर प्रकरण के विवेचना के दौरान आरोपियों द्वारा एक राय होकर जान से मारने की नियत से डण्डा, लोहे की रॉड एवं चाकूनुमा हथियार लेकर हमला करने पर विवेचना उपरांत प्रकरण मे धारा 191(2), 191(3), 190, 118(1), 324(5), 109 बीएनएस. जोडी गयी तथा आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर तथ्यात्मक पूछताछ करने पर आरोपियों द्वारा घटना कारित करना स्वीकार करने पर घटना में प्रयुक्त डण्डा, लोहे की रॉड एवं चाकुनुमा हथियार को जप्त कर आरोपियों 1.राजकुमार घृतलहरे पिता दिलीप घृतलहरे उम्र 23 वर्ष, 2.दिलीप कुमार घृतलहरे पिता मोहितराम घृतलहरे उम्र 42 वर्ष, 3.नीलकुमार घृतलहरे पिता मोहितराम उम्र 30 वर्ष, 4.देवकुमार घृतलहरे पिता दिलीप कुमार घृतलहरे उम्र 19 साल सभी साकिनान बांधा चौकी जूनापारा थाना तखतपुर जिला बिलासपुर को दिनांक 23.10.2025 के विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। प्रकरण के एक विधि से संषर्घरत बालक की पतासाजी जारी है।
उक्त कार्यवाही मे निरीक्षक अखिलेश कुमार वैष्णव थाना प्रभारी लोरमी, उप निरीक्षक सुंदरलाल गोरले, सउनि. राजकुमारी यादव प्रआर. शेषनारायण कश्यप, आर. देवीचंद नवरंग, धर्मेन्द्र यादव, गणेश ध्रुव एवं कवि टोप्पो की भूमिका सराहनीय रही।

*देशभर में आयोजित 17वें रोजगार मेले के तहत रायपुर में 95 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र*

0

*केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने वितरित किए नियुक्ति पत्र, प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअल माध्यम से युवाओं को दी शुभकामनाएँ*

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे रोजगार सृजन अभियान के तहत आज देशभर में 40 स्थानों पर एक साथ आयोजित 17वें रोजगार मेला (रोजगार मेला) के दौरान राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में 95 चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के सभागार में आयोजित किया गया, जिसकी मेजबानी छत्तीसगढ़ डाक मंडल (छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल ) ने की।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री (आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री) श्री तोखन साहू ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम में श्री मोतीलाल साहू, विधायक रायपुर ग्रामीण, श्री सुवेंदु स्वैन, मुख्य डाकपाल (छत्तीसगढ़ परिमंडल) तथा लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अशोक जिंदल, कार्यकारी निदेशक, एम्स रायपुर सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित रहे।

रायपुर के इस रोजगार मेले में 7 केंद्रीय विभागों — डाक विभाग, गृह मंत्रालय (सीआरपीएफ), रेल मंत्रालय, एम्स रायपुर, वित्तीय सेवा विभाग/एसएलबीसी, भारतीय खाद्य निगम तथा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण — के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें से 54 उम्मीदवार छत्तीसगढ़ राज्य से तथा शेष अन्य राज्यों से हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से देशभर के चयनित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह रोजगार मेला देश के युवाओं को “आत्मनिर्भर भारत” के निर्माण में नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों से अब तक 11 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह 17वां रोजगार मेला देशभर में एक साथ आयोजित हुआ है, जिसके अंतर्गत आज 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह “प्रधानमंत्री का विकास मॉडल” और “विकसित भारत 2047” की दिशा में एक ठोस कदम है। श्री साहू ने कहा कि युवाओं को रोजगार देना और अवसर सृजन करना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने आगे कहा — “रायपुर में आयोजित इस रोजगार मेले में आकर मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है, जहाँ हमारे युवा साथी अपनी कड़ी मेहनत के फलस्वरूप नियुक्ति पत्र प्राप्त कर रहे हैं। यह पल न केवल उनके लिए, बल्कि हम सबके लिए गर्व का क्षण है। हमारी सरकार युवाओं को रोजगार देने और रोजगार सृजन के प्रति पूरी तरह समर्पित है।”

कार्यक्रम के दौरान चयनित युवाओं के चेहरों पर उत्साह और गर्व झलक रहा था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और इस पहल को अपने सपनों को साकार करने वाला क्षण बताया।

रायपुर एम्स का यह आयोजन न केवल युवाओं के सपनों को साकार करने का प्रतीक बना, बल्कि केंद्र सरकार के रोजगार सृजन अभियान की सफलता की एक और मजबूत मिसाल साबित हुआ।

*राजीव गांधी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय लोरमी की वॉलीबॉल (पुरुष) टीम हुई गठित*

0

छत्तीसगढ़ शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित अंतर महाविद्यालय वालीबॉल पुरुष वर्ग प्रतियोगिता का आयोजन राजीव गांधी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय लोरमी, मुंगेली में 29 एवं 30 अक्टूबर को किया जाना है। क्रीड़ा अधिकारी श्री अविनाश निर्मलकर ने बताया कि महाविद्यालय की टीम का चयन किया गया है।जिसमे दौलत जायसवाल ,दीपक साकत,आकाश ध्रुव,राजकुमार, देवानंद,दीपेश साहू,वेद प्रकाश ,चंद्रप्रकाश ,नंदकुमार,शामिल है
प्रतियोगिता के लिए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.एन.के.ध्रुवे,एवं समस्त स्टॉप के द्वारा टीम को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दी गई।

*शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था लोरमी में प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण की सूचना*

0

तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली // शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आई.टी.आई.) लोरमी, जिला मुंगेली द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। संस्था के प्राचार्य ने बताया कि वर्ष 2014-15 से लेकर 2022-23 तक के विभिन्न सत्रों के व्यवसायों कृ कोपा, इलेक्ट्रिशियन, फिटर एवं हॉस्पिटल हाउस कीपिंग ट्रेड के प्रशिक्षणार्थियों के राज्य व्यवसाय प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) संस्था में उपलब्ध हैं।
संस्था के प्राचार्य ने बताया कि प्रमाण पत्रों का वितरण संस्था स्तर पर किया जा रहा है। अतः संबंधित सभी प्रशिक्षणार्थियों से अनुरोध है कि वे अपने सत्रानुसार आईटीआई लोरमी के कार्यालय समय में उपस्थित होकर अपने प्रमाण पत्र प्राप्त करें। प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षणार्थियों को आवश्यक दस्तावेजों सहित स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है।