Home Blog Page 330

*छत्तीसगढ़ में जैव ईंधन के उत्पादन में 3,500 करोड़ रुपये का हो रहा निवेश*

0

*सीबीडीए द्वारा बायोफ्यूल एक्सपो तथा सेमीनार का आयोजन*

रायपुर,/छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण द्वारा राजधानी रायपुर में बायोफ्यूल एण्ड बायो एनर्जी एक्सपो का आयोजन 7 से 9 नवंबर तक स्थानीय श्रीराम बिजेनस पार्क में किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल रोडमैप विजन 2024-29 पर आयोजित सेमीनार में बायोफ्यूल तकनीक पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री सुमित सरकार ने छत्तीसगढ़ की जैव ईंधन रोडमैप की चर्चा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य को बायोफ्यूल के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की पहल की जा रही है।

सीईओ श्री सुमित सरकार ने बताया कि छत्तीसगढ़ में निजी कंपनियों ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024-2030 के अनुरूप, लगभग 3,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। गेल और बीपीसीएल जैसी ओजीएमसी ने विभिन्न यूएलबी में 8 एमएसडब्ल्यू/बायोमास आधारित संपीड़ित बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ओएनजीसी ग्रीन और एचपीसीएल ग्रीन वर्तमान में सीबीजी उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करने के लिए विभिन्न स्थानों का सर्वेक्षण कर रही हैं।

राज्य में चावल, मक्का और चने के अवशेषों का उपयोग करके बायोएथेनॉल और कम्प्रेस्ड बायोगैस बनाने के लिए फीडस्टॉक-आधारित परीक्षण किया जा रहा हैं। इसके साथ ही कृषि अपशिष्ट को सब्सट्रेट के रूप में उपयोग करके एंजाइम उत्पादन परीक्षण और नए माइक्रोबियल स्ट्रेन का संवर्धन हो रहा है। उन्होंने बताया कि बायो-विमानन ईंधन के क्षेत्र में सीबीडीए अब बायोमास-आधारित हाइड्रोजन के उत्पादन की तैयारी कर रहा है, जिसका उपयोग बाद में हाइड्रोप्रोसेस्ड एस्टर और फैटी एसिड तकनीक के माध्यम से एसएएफ उत्पादन के लिए किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में अधिशेष चावल को प्राथमिक फीडस्टॉक के रूप में उपयोग करके बायोएथेनॉल उत्पादन के लिए पहले ही एक मानक संचालन प्रक्रिया विकसित कर ली है। हाल ही में, राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई), कानपुर के सहयोग से, सीबीडीए बायोफ्यूल कॉम्प्लेक्स स्थल, ग्राम गोढ़ी, जिला दुर्ग में एक वैकल्पिक फीडस्टॉक स्थापित करने के लिए चुकंदर की खेती पर परीक्षण शुरू किया है। अगला कदम इथेनॉल उत्पादन के लिए इसकी क्षमता का परीक्षण करना है, जिससे भारत के 20 प्रतिशत मिश्रण लक्ष्य और उससे आगे की उपलब्धि में सहायता मिलेगी, जिससे इस पहल की निरंतर सफलता सुनिश्चित होगी।

इस सेमीनार में गैल के सीजीएम श्री मोहम्मद नजीब कुरैशी और डीजीएम जितेन्द्र पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के पाइप लाईन नेटवर्क के बारे में जानकारी दी। बीपीसीएल के डीजीएम श्री संजय ठाकुर ने छत्तीसगढ़ में कम्प्रेस बायोगैस की संभावनाओं के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया। इसी प्रकार रिलायंस इंडस्ट्रीज के डीजीएम श्री सुशील वर्मा ने धान से कम्प्रेस बायोगैस उत्पादन के बारे में जानकारी दी।

इसी प्रकार आरईवीवाय के इन्वारमेंटल साल्यूशन प्रा.लि. के फाउंडर डायरेक्टर डॉ. वनिता प्रसाद ने बायोगेस प्लांट के संचालन, एट्रीएम इनोवेशन प्रा.लि. पुणे के डायरेक्टर श्री राजेश दाते ने एनोरोबिक काम्पोस्टिंग सिस्टम, इंग्रोटेक एक्वा इंजीनियर्स प्रा.लि. संबलपुर के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुकांत कुमार मेहेर ने एसटीपी प्लांट से कम्प्रेस बायोगैस की उत्पादन की संभावनाओं और एईसी एग्रीटेक प्रा.लि. के सीईओ श्री जितेन्द्र नारायण ने कम्प्रेस बायोगैस पॉलिसी, प्रोक्योरमेंट और प्राइसिंग के बारे में जानकारी दी।

*World Cup-Winning Indian Women’s Cricket Team Physio Akanksha Satyavanshi Meets Chief Minister Vishnu Deo Sai*

0

*“Chhattisgarh’s soil, people, education, and values gave me the strength to reach here.” — Akanksha Satyavanshi*

Raipur,  / “Chhattisgarh is my birthplace and my workplace. It is the soil, people, education, and values of this land that gave me the strength to reach this stage,” said Akanksha Satyavanshi, physiotherapist of the World Cup-winning Indian women’s cricket team and proud daughter of Chhattisgarh. She met Chief Minister Vishnu Deo Sai today at the CM residence in Raipur and shared her happiness over the historic victory.

Chief Minister Vishnu Deo Sai congratulated Akanksha and said, “Your achievement is the pride of the entire Chhattisgarh. The participation of a daughter from Chhattisgarh in the women’s cricket World Cup has made every citizen feel like a part of this victory.” The Chief Minister honored her with a medal and a memento during the meeting.

Praising Akanksha’s accomplishment, Chief Minister Sai said, “You have proven that daughters of Chhattisgarh are second to none. Your success will inspire generations of young women to follow their dreams.” He added that the state government is committed to expanding opportunities in sports, education, and skill development so that more youth from Chhattisgarh can excel nationally and internationally. The Chief Minister announced that the government is reviving the State Sports Awards and will provide special incentive grants to athletes who represent India or win medals in the Olympics.

He further noted that events like the “Bastar Olympics” are being continuously promoted to give platforms to hidden sporting talents from remote tribal areas. “Our goal is to provide international-level sports facilities to our athletes, and several concrete steps are being taken in this direction,” he said.

Sharing her joy, Akanksha Satyavanshi said, “Winning the World Cup is not just the Indian women’s team’s triumph—it’s an honor for Chhattisgarh too. I’m proud to have contributed to this victory as a representative of my state.” She explained that while she wasn’t a player on the field, she was responsible for maintaining the players’ physical and mental fitness. “I stood with my team like a rock. For me, it’s a matter of immense pride to have been part of the journey that led the team to victory.”

Reflecting on her journey, she added, “If your goal is sincere and your efforts honest, nothing can stop you from moving ahead. What matters is perseverance and self-belief.”

During the meeting, Akanksha presented the Chief Minister with an Indian team jersey and shared some memorable moments from the World Cup campaign.

*Discipline, Balanced Diet, and Yoga — The Formula for Fitness*

Akanksha discussed player fitness and sports medicine in detail with the Chief Minister. Referring to the Indian women’s team’s meeting with Prime Minister Narendra Modi, she said, “The Prime Minister always says that sports should be a part of our lifestyle. His words inspire all of us to live healthier and more energetic lives.”

When Akanksha asked the Chief Minister about his own fitness secret, he replied, “We all draw inspiration from the Prime Minister. His energy, discipline, and commitment are exemplary. For me, a balanced diet, yoga, and regular routine are the keys to staying fit.”

It is noteworthy that Akanksha Satyavanshi, as a physiotherapist and sports science expert, played a vital role in maintaining the fitness, recovery, and mental strength of the Indian women’s cricket team throughout the World Cup campaign. In recognition of her contribution, Chief Minister Vishnu Deo Sai announced an honorarium of ₹10 lakh for her.

Born in Durg, Akanksha’s family now resides in Raipur, while her ancestral village is in Kawardha. She completed her schooling and bachelor’s degree in physiotherapy in Chhattisgarh and earned her master’s degree from Cuttack. During her studies, her deep interest in sports and physical science became evident.

Akanksha began her professional career in 2019 as a physiotherapist with the Chhattisgarh State Cricket Association (CSCS). In just six years, through dedication, hard work, and professionalism, she carved a niche for herself in India’s sports science fraternity. In 2022, she joined the Indian Under-19 Women’s Cricket Team for their World Cup campaign, focusing on fitness management, recovery sessions, mental conditioning, and energy balance — all of which contributed to the team’s stellar performance.

Her journey from Durg to the global stage embodies the spirit of modern Chhattisgarh — grounded in values, disciplined in effort, and confident in global arenas.

*वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात*

0

*खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य – मुख्यमंत्री*

रायपुर, / “छत्तीसगढ़ मेरी जन्मभूमि और कर्मभूमि है। यहीं की मिट्टी, यहां के लोग, यहां की शिक्षा और संस्कारों ने मुझे यह मुकाम हासिल करने की ताकत दी है।”यह कहना था विश्वकप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट और छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी का, जिन्होंने आज मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात कर अपनी खुशियां साझा कीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आकांक्षा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “आपकी सफलता पूरे छत्तीसगढ़ की सफलता है। महिला क्रिकेट टीम के वर्ल्ड कप अभियान में छत्तीसगढ़ की बेटी के शामिल होने से प्रदेशवासियों को यह महसूस हुआ कि हम सभी इस जीत में सहभागी हैं।”इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आकांक्षा को मेडल पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आकांक्षा सत्यवंशी की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि “आपने यह सिद्ध कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। आपकी सफलता आने वाली पीढ़ियों की बेटियों को प्रेरित करेगी।”उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल, शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि और भी युवा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल अलंकरण सम्मान को पुनः प्रारंभ कर रही है। साथ ही, ओलंपिक में शामिल होने वाले और पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सुदूर अंचलों की खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए ‘बस्तर ओलंपिक’ जैसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य अपने खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिसके लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने मुख्यमंत्री के साथ इस ऐतिहासिक जीत की खुशी साझा करते हुए कहा, “वर्ल्ड कप जीतना भारतीय महिला टीम की सफलता के साथ ही छत्तीसगढ़ का भी सम्मान है। मुझे गर्व है कि मैं अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए इस जीत में योगदान दे पाई।” उन्होंने बताया कि यद्यपि वे मैदान में सक्रिय खिलाड़ी के रूप में नहीं थीं, लेकिन खिलाड़ियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, फिटनेस और रिकवरी को बनाए रखने की जिम्मेदारी उनकी रही।“मैं अपनी टीम के साथ हमेशा चट्टान की तरह खड़ी रही। यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मैं टीम को जीत तक पहुंचाने की यात्रा में साथ रही।”

आकांक्षा ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “यदि लक्ष्य सच्चा हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता — बस ज़रूरत है निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास की।”

इस अवसर पर आकांक्षा ने मुख्यमंत्री को भारतीय महिला टीम की जर्सी भेंट की और वर्ल्ड कप अभियान की कुछ रोचक यादें साझा कीं।

*नियमित दिनचर्या, संयमित खानपान और योग — फिट रहने का मंत्र*

फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा ने मुख्यमंत्री के साथ खिलाड़ियों की फिटनेस पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के साथ महिला क्रिकेट टीम की मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री हमेशा कहते हैं कि खेल जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए, और यह हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। फिटनेस को लेकर उनकी सीख हर किसी को स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है।”

आकांक्षा ने मुख्यमंत्री से उनके फिटनेस का रहस्य पूछा, जिस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा —
“हम सभी प्रधानमंत्री से प्रेरित हैं। उनकी सक्रियता, ऊर्जा और अनुशासन से हम सीखते हैं। संतुलित आहार, योग और नियमित दिनचर्या ही फिट रहने का मेरा मंत्र है।”

उल्लखेनीय है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वर्ल्ड कप जीत में छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी बतौर फिजियोथेरेपिस्ट और स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञ टीम के साथ रहीं और खिलाड़ियों की फिटनेस व मानसिक मजबूती को बनाए रखने में अहम योगदान दिया।आकांक्षा सत्यवंशी ने बतौर फिजियोथेरेपिस्ट और स्पोर्ट्स साइंस एक्सपर्ट, भारतीय टीम का हिस्सा बनकर खिलाड़ियों की फिटनेस, रिकवरी और प्रदर्शन को सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
इस उपलब्धि को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने आकांक्षा को 10 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान करने की घोषणा की है।

दुर्ग में जन्मी आकांक्षा का परिवार रायपुर में निवासरत है, जबकि उनका पैतृक गांव कवर्धा है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा और फिजियोथेरेपी में बैचलर की पढ़ाई छत्तीसगढ़ में पूरी की, जबकि मास्टर्स डिग्री कटक से प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव खेल और फिजियो साइंस के प्रति स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा था।

साल 2019 में आकांक्षा ने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट टीम (CSCS) के साथ बतौर फिजियोथेरेपिस्ट अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। केवल छह वर्षों के छोटे से सफर में उन्होंने अपने समर्पण, मेहनत और प्रोफेशनलिज़्म के बल पर राष्ट्रीय खेल जगत में विशेष पहचान बनाई। साल 2022 में उन्हें भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम के साथ वर्ल्ड कप अभियान में शामिल किया गया।इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों की फिटनेस मैनेजमेंट, रिकवरी सेशन, मानसिक दृढ़ता और ऊर्जा संतुलन पर विशेष ध्यान दिया, जिसके परिणामस्वरूप टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।

*लोक निर्माण विभाग द्वारा उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव या किसी भी निजी कार्यक्रम का कोई भुगतान नहीं*

0

*लोक निर्माण विभाग द्वारा उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव या किसी भी निजी कार्यक्रम का कोई भुगतान नहीं*

*सोशल मीडिया में प्रसारित जानकारी तथ्यहीन एवं भ्रामक*

*आरटीआई के तहत विभाग द्वारा प्रदान की गई जानकारी में सोशल मीडिया में प्रसारित किसी भी बिल का कोई उल्लेख नहीं, इन बिलों से विभाग का कोई संबंध नहीं*

*बेमेतरा संभाग के कार्यपालन अभियंता ने दी वस्तुस्थिति की जानकारी*

रायपुर. . कतिपय सोशल मीडिया में प्रसारित उप मुख्यमंत्री-सह-लोक निर्माण मंत्री के परिवार के निजी कार्यक्रम का भुगतान लोक निर्माण विभाग द्वारा किये जाने संबंधी समाचार तथ्यहीन एवं भ्रामक है। लोक निर्माण विभाग द्वारा उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव या किसी भी निजी कार्यक्रम का कोई भुगतान नहीं किया गया है। आरटीआई के तहत विभाग द्वारा प्रदान की गई जानकारी में सोशल मीडिया में प्रसारित किसी भी बिल का कोई उल्लेख नहीं है। इन बिलों से विभाग का कोई संबंध नहीं है। लोक निर्माण विभाग के बेमेतरा संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री डी.के. चंदेल ने इस संबंध में वस्तुस्थिति की विस्तार से जानकारी दी है।

श्री चंदेल ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के बेमेतरा संभाग के अंतर्गत व्ही.आई.पी. कार्यक्रमों में लगाए गए टेंट-पंडाल से संबंधित किये गये भुगतान की जानकारी श्री अब्दुल वाहिद रवानी आत्मज अब्दुल मजीद रवानी, निवासी वार्ड नंबर 21, बाजार पारा बेमेतरा, जिला-बेमेतरा को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग भवन/सड़क, संभाग बेमेतरा के पत्र क्रमांक 4630/सू.अ.लि./25, दिनांक 28.08.2025 को जानकारी प्रदान किया गया है। श्री रवानी द्वारा सूचना का अधिकार के माध्यम से बेमेतरा संभाग में दिनांक 18.06.2025 को गुरूनानक टेंट हाऊस एवं केटरर्स, गुरूदेव टेंट हाउस एवं केटरर्स, खालसा टेंट केटरिंग एवं लाइट को किये गये भुगतान राशि रू. 3.97 करोड़ के बिल व्हाउचर सहित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के प्रोटोकॉल एवं कलेक्टर महोदय के आदेश की प्रति कार्यपालन अभियंता ने दिनांक 28.08.2025 को जानकारी प्रदान की है। विभाग द्वारा प्रदान की गई जानकारी में ऐसे किसी भी बिल का कोई उल्लेख नहीं है और विभाग का ऐसे किसी भी बिल से कोई संबंध नहीं है, जो सोशल मीडिया में भ्रामक रूप से प्रसारित हो रही है। जिन कार्यक्रमों का भुगतान किया गया है, उसका विवरण निम्नानुसार है –

1. दिनांक 19, 20 एवं 21 दिसंबर 2024 को बेमेतरा जिला के नवागढ़ में 3 दिवसीय मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगाये गये टेंट पंडाल आदि की व्यवस्था का 1,76,30,694/- रूपये भुगतान हुआ है।

2. दिनांक 25.01.2024 को जिला बेमेतरा के जूनी सरोवर ग्राम में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 71,16,646/- रूपये भुगतान हुआ है।

3. दिनांक 04.07.2024 को जिला बेमेतरा के अंधियारखोर ग्राम में मंत्री के कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 17,99,088/- रूपये भुगतान हुआ है।

4. दिनांक 24.02.2024 को ग्राम बेमेतरा के मंडी परिसर में विकसित भारत कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 11,88,084/- रूपये भुगतान हुआ है।

5. दिनांक 14.01.2025 को ग्राम संबलपुर में मंत्री के कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 10,11,450/- रूपये भुगतान हुआ है।

6. बेमेतरा संभाग अंतर्गत दिनांक 28.06.2024 को सिंधौरी में वर्चुअल कार्यक्रम, दिनांक 04.07.2024 को अंधियारखोर में शासकीय कार्यक्रम, दिनांक 12.08.2024 से 14.08. 2024 तक तिरंगा यात्रा कार्यक्रम, दिनांक 20.10.2024 को बेमेतरा में वाचनालय का लोकार्पण कार्यक्रम, दिनांक 14.01.2025 को ग्राम दाढ़ी में भूमिपूजन का कार्यक्रम, दिनांक 14.01.2025 को संबलपुर में भूमिपूजन का कार्यक्रम, दिनांक 07.10.2025 को प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक, दिनांक 12.10.2024 को बेमेतरा के मंडी प्रांगण में कार्यक्रम, दिनांक 15.11.2024 को टाउन हॉल में जनजाति गौरव दिवस का कार्यक्रम, दिनांक 19.12.24 से 21.12.24 तक नवागढ़ में पंथी प्रतियोगिता के कार्यक्रम हुए हैं। इन सभी कार्यक्रमों में लाइटिंग, साउंड एवं एल.ई.डी. व्यवस्था आदि कार्य हेतु 33,29,310/- रूपये भुगतान हुआ है।

7. दिनांक 24.02.2024 को ग्राम नवागढ़ के बस स्टैंड में विकसित भारत कार्यक्रम का 14,13,957/- रूपये भुगतान हुआ है।

8. दिनांक 28.06.2024 को बेमेतरा के न्यायालयीन परिसर के उद्घाटन समारोह के वर्चुअल कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 14,24,071/- रूपये भुगतान हुआ है।

9. दिनांक 14.01.2025 को ग्राम दाढ़ी में मंत्री के कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 3,67,552/- रूपये भुगतान हुआ है।

10. दिनांक 26.01.2025 को बेमेतरा के बेसिक ग्राउंड में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 14,21,302/- रूपये भुगतान हुआ है।

11. दिनांक 05.11.2024 को ग्राम बेमेतरा के बेसिक स्कूल ग्राउंड में राज्योत्सव कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 13,39,689/- रूपये भुगतान हुआ है।

12. दिनांक 15.08.2024 को ग्राम बेमेतरा के बेसिक स्कूल ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 16,77,024/- रूपये भुगतान हुआ है।

इस प्रकार उपरोक्त भुगतान से स्पष्ट है कि किसी भी निजी कार्यक्रम का और विशेषकर दिनांक 09.08.2024 के किसी कार्यक्रम जिसे लेकर विभाग और उप मुख्यमंत्री के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाई गई है, का भुगतान लोक निर्माण विभाग द्वारा नहीं हुआ है।

समस्त कार्यक्रमों का विस्तृत माप पुस्तिका, देयक की कॉपी तथा कार्यक्रमों की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कार्यालयीन अभिलेख में उपलब्ध है। भुगतान करने के पूर्व सेवानिवृत्त कार्यपालन अभियंता श्री निर्मल सिंह ठाकुर के द्वारा सिर्फ ऊपर उल्लेखित 12 कार्यक्रमों का भुगतान आदेश पारित किया गया है तथा समस्त भुगतान वर्तमान कार्यपालन अभियंता (श्री डी.के. चंदेल) के द्वारा किया गया है तथा नियमानुसार समस्त शासकीय प्रयोजनार्थ किये गये टेंट आदि के भुगतान पूर्व माप का रिकार्ड उप अभियंताओं एवं अनुविभागीय अधिकारियों के द्वारा किया गया है। किसी भी निजी कार्यक्रम के लिए कोई भुगतान नहीं हुआ है।

लोक निर्माण विभाग ने बताया है कि उप मुख्यमंत्री के किसी भी निजी कार्यक्रम का कोई भी भुगतान विभाग द्वारा नहीं किया गया है। विभाग द्वारा ऐसी कोई भी भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के ऊपर यथासमय विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी।

*“Mukhyamantri Vishesh Swasthya Sahayata Yojna” emerges as a lifeline for those battling critical illness*

0

*“Mukhyamantri Vishesh Swasthya Sahayata Yojna” emerges as a lifeline for those battling critical illness*

*With government support, farmer Ganesh Ram’s kidney transplant succeeds; family meets Chief Minister Vishnu Deo Sai to express gratitude*

Raipur, / In Chhattisgarh, the Mukhyamantri Vishesh Swasthya Sahayata Yojna has become nothing short of a lifeline for families who once believed that advanced medical treatment was beyond their reach. The scheme has once again proven its worth – this time by giving a new lease of life to 48-year-old farmer Ganesh Ram Yadav from Bagicha in Jashpur district.

Both of Ganesh Ram’s kidneys had failed. For months, he survived on dialysis as his condition steadily worsened. Doctors advised a kidney transplant — but the cost shattered the family’s hopes. For a small farming household, such an expense was unimaginable. Each day, the family watched helplessly as their faith in life began to fade.

Amid this despair, they learned about the Mukhyamantri Vishesh Swasthya Sahayata Yojna through the Kunkuri Sadan centre. Acting swiftly, the family gathered the required documents, and thanks to the scheme’s simplified process, Ganesh Ram’s entire treatment was approved — completely free of cost.

He was admitted to AIIMS, Raipur, where a team of expert doctors performed the transplant. In a deeply moving act of love, his 64-year-old mother, Saraswati Yadav, donated one of her kidneys to save her son — giving him life for the second time. The surgery was successful, and today Ganesh Ram has fully recovered. Returning home, his family’s joy knows no bounds.

After regaining his health, Ganesh Ram, accompanied by his family, met Chief Minister Vishnu Deo Sai at his official residence in Raipur. Their eyes were filled with gratitude and emotion. “If this scheme didn’t exist,” said Ganesh Ram, “I might not be alive today. The government has restored our hope and given us back our lives.”

Chief Minister Vishnu Deo Sai held an affectionate interaction with the family and extended his best wishes for their bright and healthy future. He said, “Every citizen of the state deserves access to quality healthcare. Our government is committed to ensuring that no one is deprived of treatment due to financial hardship — this, in the truest sense, is what public service means.”

Under the compassionate leadership of Chief Minister Vishnu Deo Sai, the Mukhyamantri Vishesh Swaasthya Sahayata Yojna continues to redefine healthcare in Chhattisgarh — not merely as an administrative initiative, but as a living testament to human dignity, empathy, and hope.

*मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना बन रही लोगों के लिए संजीवनी*

0

*शासकीय मदद से गणेशराम का किडनी प्रत्यारोपण सफल, मुख्यमंत्री से मिल कर परिवार ने जताया आभार*

रायपुर,/छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अब उन परिवारों के लिए संजीवनी बन चुकी है, जिनके लिए गंभीर बीमारियों का खर्च उठाना संभव नहीं होता। इस योजना ने एक बार फिर जशपुर जिले के बगीचा निवासी 48 वर्षीय किसान गणेशराम यादव को नई ज़िंदगी दी है।

गणेशराम की दोनों किडनियाँ खराब हो चुकी थीं। कई महीनों से डायलिसिस पर चल रहे गणेशराम की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। डॉक्टरों ने उन्हें किडनी प्रत्यारोपण की सलाह तो दी, लेकिन उपचार का खर्च सुनकर परिवार की उम्मीदें टूटने लगीं। एक किसान परिवार के लिए इतना बड़ा खर्च उठाना असंभव था – परिवार असहाय खड़ा था, और हर दिन जीवन की आस धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही थी।

इसी कठिन समय में उन्हें कुनकुरी सदन के माध्यम से मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की जानकारी मिली। परिवार ने तत्परता से पहल की, आवश्यक दस्तावेज़ तैयार किए गए, और बिना किसी जटिल प्रक्रिया के योजना के अंतर्गत उनका पूरा उपचार निःशुल्क स्वीकृत हो गया।

गणेशराम को रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में भर्ती कराया गया। उनके उपचार के लिए उनकी 64 वर्षीय माता सरस्वती यादव ने अपने बेटे के लिए निःसंकोच किडनी दान कर दी — इस प्रकार एक माँ ने अपने बेटे को दूसरी बार जीवनदान दिया।
किडनी प्रत्यारोपण सफल रहा, और गणेशराम अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। घर लौटने के बाद उनका परिवार पुनः खुशियों से भर उठा है।

स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के पश्चात् गणेशराम अपने परिवार के साथ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित निवास में मिले। उनकी आँखों में कृतज्ञता और भावनाओं की नमी थी। मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए गणेशराम ने कहा कि“अगर यह योजना नहीं होती, तो शायद मैं आज ज़िंदा नहीं होता। सरकार ने हमारी जीवन की टूटी हुई आस को फिर से लौटा दिया।”

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गणेशराम और उनके परिवार से आत्मीय मुलाकात करते हुए उनके उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि, “प्रदेश का प्रत्येक नागरिक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पाने का अधिकारी है। हमारी सरकार का प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे — यही सच्चे अर्थों में जनसेवा है।”

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में मानवीयता और करुणा को नया आयाम दे रही है।

*मुख्यमंत्री से इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. लवली शर्मा ने की सौजन्य मुलाकात*

0

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ की कुलपति डॉ. लवली शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय को डॉ. शर्मा ने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा बनाई पेंटिंग भेंट की और विश्वविद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों के विषय में चर्चा की।

*मुख्यमंत्री से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने की सौजन्य मुलाकात*

0

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की। उप राज्यपाल श्री सिन्हा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को माता वैष्णो देवी का पवित्र प्रसाद भेंट किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने उपराज्यपाल श्री सिन्हा का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

*संकुल स्तरीय बाल कौशल प्रतिस्पर्धा का भव्य समारोह के साथ कामठी में सम्पन्न*

0

हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़।

ब्यूरो रायपुर/कवर्धा/पंडरिया:- संकुल स्तरीय बाल कौशल प्रतिस्पर्धा मुनमुना संकुल अंतर्गत ग्राम कामठी के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में आयोजित हुई इस प्रतिस्पर्धा में मुनमुना संकुल के 2000 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया तीन दिनों तक चले इस आयोजन का समापन आज सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत कामठी की सरपंच शपार्वती मेश्राम रही जबकि अध्यक्षता जनपद सदस्य राजकुमार नेताम ने किया विशिष्ट अतिथि के रूप में विकासखंड श्रोत समन्वयक राममुरारी यादव सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी दीपक ठाकुर शाला विकास समिति के अध्यक्ष द्वारिका विश्वकर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता लकेश यादव पंचराम पटेल, मोहितराम यादव एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे समारोह में बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों के कर कमलों माँ सरस्वती, भारतमाता एवं छ्ग महतारी के तैलीय चित्र की पूजा अर्चना एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया ततपश्चात् अतिथियों को पुष्प कुछ भेंट कर एवं तिलक लगाकर स्वागत किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नेताम ने कहा की बच्चों के मन में बहुत सारे जिज्ञासाएं भरी रहती है और उनके मन में ललक भी रहता है परंतु उसको उसकी रुचि के अनुसार मंच नहीं मिलने के कारण पिछड़ जाता है विकासखंड शिक्षा अधिकारी पंडरिया एम के गुप्ता को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में एकमात्र पंडरिया विकासखंड में इस प्रकार का आयोजन किया जाना निश्चित ही बच्चों की प्रति शिक्षा के साथ कौशलात्मक ज्ञान में वृद्धि और दक्षता को प्रदर्शित करने को उत्सव के रूप में मनाया जाना एक बहुत ही उत्कृष्ट कार्य है ऐसे कार्यों की जितनी प्रशंसा किया जाए वह कम है नेताम ने मंच से सैकड़ों की संख्या में उपस्थित बच्चों को उन्होंने प्रश्न पूछकर बच्चों के मन में उत्साह भर दिए नेताम द्वारा संकुल अंतर्गत सभी प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी बच्चों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना किये कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पार्वती मसराम के द्वारा सभी प्रतिभागी बच्चों के उत्साहवर्धन स्वरूप राशि भेंट कर उन्हें आशीर्वचन देते हुए बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं इस अवसर पर मुनमुना संकुल अंतर्गत सभी विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक तथा गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे इस बीच अतिथियों ने बच्चों के द्वारा बनाये गए विज्ञान मॉडल, कबाड़ से जुगाड़, रंगोली एवं चित्रकला का अवलोकन करते हुए उससे संबंधित प्रश्न किये समापन अवसर पर संकुल प्राचार्य रामनाथ राजपूत, संकुल समन्वयक रघुनंदन गुप्ता एवं शिक्षकों ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

—————————————-

*उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुदूर वनांचल ग्राम में बनें पुनर्वास केंद्र में किया आकस्मिक निरीक्षण*

0

0.बहुआयामी कौशल प्रशिक्षण देकर आजीविकामूलक कार्यों से जोड़ने के दिए निर्देश।

हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़।

ब्यूरो रायपुर:- प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा शाम कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखंड के सुदूर वनांचल में बसे ग्राम मुल्ला के पुनर्वास केन्द्र में आकस्मिक प्रवास पर पहुंचे जहां उन्होंने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटे युवाओं को दिए जा रहे कौशल विकास प्रशिक्षण का जायजा लिया उन्होंने पुनर्वासित युवाओं से मुलाकात की और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली उन्होंने अधिकारियों को उनकी सभी मूलभूत समास्याओं का विशेष ध्यान रखने को निर्देशित किया उपमुख्यमंत्री शर्मा ने युवाओं से संवाद करते हुए उन्हें प्रतिदिन कम से कम दो व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए निर्देशित किया उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रशिक्षण सत्र में एक से अधिक पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण दिया जाए जिससे उन्हें अपेक्षाकृत अधिक कुशल बनाया जा सके जिससे उनके जीवन में दीर्घकालिक रोजगार मुहैया हो सके शनिवार शाम को ग्राम मुल्ला पुनर्वास केन्द्र पहुंचे उपमुख्यमंत्री शर्मा ने युवाओं से शिक्षा-दीक्षा और खेती के संबंध में जानकारी ली साथ ही उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात के संबंध में भी जानकारी ली उन्होंने अधिकारियों को पुनर्वासित परिवार के सदस्यों से पुनर्वास केन्द्र में मुलाकात की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए उन्होंने अधिकारियों को आधार कार्ड आयुष्मान कार्ड भी बनवाने एवं स्वास्थ्य परीक्षण करवाने के निर्देश भी दिए मुख्यधारा में लौटे युवाओं को परिवार की सहमति होने पर पुनर्वास केंद्र में ही सामूहिक विवाह की व्यवस्था कराने के लिए कहा गया उन्होंने युवाओं को विधानसभा सत्र के दौरान रायपुर भ्रमण कराकर उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जानकारी देने और उन्हें कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया उल्लेखनीय है कि माओवाद विचारधारा से मुख्यधारा में लौटे युवक-युवतियों को वर्तमान में कौशल प्रशिक्षण केंद्र मुल्ला भानुप्रतापपुर में रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है पुनर्वास केंद्र में उन्हें काष्ठ शिल्प राज मिस्त्री तथा इलेक्ट्रिशियन जैसे एडवांस ट्रेड्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है वर्तमान में यहां कुल 66 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित किया गया है जिसमें 52 पुनर्वासित युवक एवं 14 प्रभावित परिवारों के सदस्य शामिल हैं जिसमें 36 युवाओं को काष्ठ शिल्प 15 युवाओं को राज मिस्त्री तथा 15 युवाओं को इलेक्ट्रिशियन ट्रेड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे स्वावलंबी होकर अपने परिवार एवं समाज के आर्थिक विकास में योगदान देते हुए आत्मनिर्भर बने और समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकें इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीमाली, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, एसडीएम भानुप्रतापपुर जी.डी. वाहिले, डिप्टी कलेक्टर राहुल रजक, लाइवलीहुड कॉलेज के प्राचार्य सुनील नेताम सहित जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारीगण उपस्थित थे।

—————————————-