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*माता परमेश्वरी सेवा खेवा चित जलभराव दर्शन के लिए उमड़ी भीड*

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*जल भराव में साक्षात देती है समाज के कुल देवी माता परमेश्वरी दर्शन*

*समाज में पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है परम्पराए*


आशीष कश्यप ब्यूरो बिलासपुर// देवांगन समाज की कुलदेवी माता परमेश्वरी की सेवा चिंत का कार्यक्रम
बिलासपुर स्थित अशोक विहार फेस 02 दुर्गा देवांगन जी के यहां 05 दिवसीय किया जा रहा है। खेवा चित कार्यक्रम के 04वे दिन दोपहर 11 बजे मोहल्ले से निकलकर डबरीपारा तालाब में जल भरण के लिए पहुँची । माता सेवा खेवा कार्यक्रम में समाज के लोगों द्वारा सेवा गीत मादर के थाप, मंजीरा के छीन की धुन के साथ समाज के लोगों ने भजन गाते कारी माई कन्हाई ओ, इंद्रासन के गालियां मा खेलय कारी माई कन्हाई ओ, चिता मनी गुड़ी मा बैठे मोजरा कुँवारा ओ जैसे अनेक गीतों के माध्यम से माता की सेवा गाते बजाते हुए भक्ति भावना में डूबी रही। माता परमेश्वरी बड़की, मंझली और छोटकी के रूप में विराजमान होती है। माता परमेश्वरी के मझली रूप में जो विराजमान रहती है वे जलभराव के लिए सोमवार को निकलती है और बड़की, छोटकी को मंगलवार को जल भरण के लिए निकाली जाती है। यह कार्यक्रम भादो, अगहन, फागुन माह में होती है। तालाब से जलभराई से वापसी घर पहुँचने के बाद माता की प्रसाद के रूप में दूध का वितरण भी किया जाता है। माता के जो घन्ट बोये रहती है वे माँ परमेश्वरी रूप साक्षात विराजमान रहती है। माता सेवा खेवा (चिंत) को देखने के लिए समाज के लोग दूर-दूर से आते है और माता परमेश्वरी की दर्शन कर आशीर्वाद लेते है।
पुराणिक कथा के अनुसार दीपचंद देवांगन समाज को उपाधि के तौर पर मिला है। एक बार मां परमेश्वरी ने दीपचंद से खुश होकर उनसे वरदान मांगने को कहा। इसके बाद दीपचंद ने मां परमेश्वरी की सेवा करने के लिए मर्यादा रूपी वस्त्र का निर्माण करने की अनुमति मांगी। मां परमेश्वरी ने उनकी यह इच्छा पूरी करने का वरदान दे दिया ।

*मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता सुधार बैठक प्रशिक्षण सह एफएलएन मेला कार्यशाला का हुआ आयोजन*

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तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली शिक्षा सचिव एवं डाईट पेण्ड्रा के निर्देशानुसार एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री एल पी डाहिरे के मार्गदर्शन में विकासखंड मुंगेली के समस्त संकुलों के प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल के प्रधानपाठको के लिए एफएलएन मेला और शिक्षा गुणवत्ता बैठक सह प्रशिक्षण का आयोजन किया गया…….
कार्यक्रम में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी श्री जे के बावरे, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक श्री एस के उपाध्याय, शैक्षिक समन्वयकगण- श्री ब्रजेश्वर मिश्रा, निर्मलदास मानिकपुरी,
उमेश साहू, अमिताभ शर्मा, संजय शुक्ला, नेमीचंद भास्कर, सहित संबंधित सीएसी एवं मुंगेली एफएलएन के बीआरजी दुर्गेश देवांगन,एंजल भारत मेडम उपस्थित रहें…..
बैठक में बीईओं बावरे जी ने विगत दिवस शिक्षा सचिव के दिए निर्देशानुसार प्राधन-पाठकों को शालाओं में बेहतर वातावरण और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने शासन की योजनाओं को सफल बनाने छात्रवृत्ति योजना अपार आई डी यू डाईस और विभिन्न आनलाईन कार्यक्रमो जैसे 90+ वीरगाथा उल्लास शिक्षको की शत् प्रतिशत ऑनलाईन उपस्थिति वंदे मातरम् कार्यक्रम इत्यादि पर फोकस करने की विस्तृत जानकारी दिया गया…..
बीआरसी उपाध्याय जी के द्वारा प्रधानपाठकों एवं शिक्षकों को 20 बिंदु टॉपिक कीचन गार्डन पेयजल स्कूल भवन रख – रखाव अथवा शाला के समस्त जानकारी समय सीमा पर पूर्ण करने हेतु बताया गया / शाला की स्वच्छता परिसर की साफ – सफाई शौचालय का उचित रख -रखाव संबंधी आवश्यक दिशा निर्देश दिए
इसी के साथ एफएलएन मेला संबंधी शंका समाधान हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें बीआरजी श्री ब्रजेश्वर मिश्रा एवं दुर्गेश देवांगन ने बताया कि 14 नवंबर को सभी प्राथमिक विद्यालय एवं बालवाड़ी केन्द्रो में मेले का आयोजन किया जाना है बच्चो को खेल एवं गतिविधि आधारित शिक्षा दिए जाने पर जोर देते हेतु बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान पर विस्तृत चर्चा कार्यशाला का आयोजन किया गया
कार्यक्रम संचालन अमिताभ शर्मा एवं आभार प्रदर्शन दुर्गेश देवांगन के द्वारा किया गया

*न्याय किसी वर्ग का विशेषाधिकार नहीं बल्कि हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है -प्रधान जिला न्यायाधीश श्री एस. शर्मा*

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कोरबा – राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के तत्वाधान, छ0ग0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशन एवं प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष संतोष शर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के मार्गदर्शन में रविवार 09 नवम्बर को राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस के अवसर पर न्याय जागरूकता विधिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गयी।
कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष संतोष शर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा, श्री जयदीप गर्ग, विशेष न्यायाधीश एस.सी./एस.टी. कोरबा, गरिमा शर्मा, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा, डॉ. ममता भेजवानी, अपर सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी.(पॉक्सो) कोरबा, सोनी तिवारी, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा,सुश्री त्राप्ती राधव तृतीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कोरबा, सुश्री ग्रेसी सिंह प्रथम अतिरिक्त व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कोरबा, डॉ. किरण, प्रचार्या ज्योति भूषण प्रताप सिंह लॉ कॉलेज कोरबा की गरीमामयी उपस्थिति में विधिक सेवा दिवस का आयोजन किया गया।


कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश ने विधिक सेवा दिवस कार्यक्रम का उद्देश्य बताते हुए आमजन को कानूनी अधिकारों की जानकारी देना, न्याय तक समान पहुंच सुनिश्ति करना, निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के प्रति जागरूकता फैलाना रहा। उपरोक्त कार्यक्रम में अध्यक्ष/प्रधान जिला न्यायाधीश के द्वारा अपने उदबोधन में विधिक सेवा का साब्दिक अर्थ बताते हुए प्राचीन काल से कानून से संबंधित ज्ञान को सेवा के साथ न्यायिक प्रक्रिया मुगल काल, मगद काल के जमाने में त्वरित निर्णय प्रदान कर फैसला दिया जाता था जिसमें सुनवाई का अवसर नहीं मिल पाता था ऐसे में न्याय की पूर्ति नहीं हो पाती थी। कानूनों में सनैः सनैः विकास हुआ यह व्यवस्था बदलती गयी जब हमारा देश आजाद हुआ तब स्वतन्त्र न्यायिक व्यवस्था की स्थापना हुई उसके अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय, सभी राज्यों में उच्च न्यायालय, जिला न्यायालय एवं व्यवहार न्यायालय की स्थापना के बाद भी एक आवश्कता महसूस की जाती रही। जिसके अंतर्गत यह देखा गया कि जो निर्बल पक्ष या गरीब पक्ष अपना उचित प्रकार से न्यायालय में पक्ष प्रस्तुत नहीं कर पा रहा है। इसलिए जो न्याय प्रदान करने का प्रक्रिया था माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने पीड़ित पक्ष को जो खर्च वहन करने में सक्षम नहीं था संविधान में व्यवस्थाओं में संसोधन कर विधिक सेवा प्राधिकरणों का वर्णन है जो संविधान एवं उद्देशिका में भी निहित है।
विशिष्ट अतिथि उद्बोधन में लॉ कॉलेज की प्राचार्य डॉ. किरण चैहान ने विधिक सेवा दिवस मनाने की आवश्यकता को बताते हुए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए विस्तार से बताया एवं इसकी आवश्यकताओं पर बल देते हुए निरंतर कानूनी विकास में मददगार बताया।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा कार्यक्रम का संचालन करते हुए विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के तहत न्याय के अधिकार को व्यवहारिक रूप देने के लिए विधिक सेवा दिवस का असली मकसद समाज की अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है उन्होंने कहा कि लोग अदालतें, निःशुल्क विधिक सहायता और विधिक साक्षरता अभियान समाज में न्याय की सुलभता सुनिश्चित करते है। कानूनी सहायता सबके लिए हर समय थीम पर आधारित लोगो में कानून के प्रति लोगो में गहरी रूची जगायी।
उपरोक्त कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस कौंसिल कोरबा के अधिवक्तागण, विधि कॉलेक के विद्यार्थी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के समस्त कर्मचारीगण एवं पैरालिगल वॉलेण्टियर्स उपस्थित रहे।

 

*नवजात की मृत्यु वैक्सीन से नहीं, चिकित्सकीय कारणों से संभावित*

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*सभी अन्य शिशु पूरी तरह स्वस्थ*

तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली, जिला अस्पताल में नवजात बच्चे की मृत्यु के संबंध में जिला अस्पताल प्रशासन द्वारा स्पष्टीकरण दिया गया है। गौरतलब है कि जिला अस्पताल मुंगेली में तीन दिवस पूर्व बेमेतरा निवासी श्रीमती मधु गिरी पति दुर्गेश गिरी ने सामान्य प्रसव से एक नवजात पुत्र को जन्म दिया था। रविवार को लगभग 10:30 बजे नवजात को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत बीसीजी वैक्सीन एवं ओपीवी की खुराक दी गई थी। इसके बाद बच्चे को माता-पिता अपने वार्ड में ले गए।
अस्पताल प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर लगभग 3:30 बजे बच्चे के माता-पिता ने बताया कि बच्चा रो नहीं रहा है और प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। तत्काल चिकित्सकों ने बच्चे को नवजात गहन चिकित्सा इकाई (SNCU) में भर्ती कर ऑक्सीजन एवं जीवन रक्षक उपचार प्रारंभ किया, किंतु चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद नवजात को बचाया नहीं जा सका।

इस घटना के बाद परिजनों ने वैक्सीनेशन पर संदेह व्यक्त किया। इस संबंध में जिला अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उसी वैक्सीन वायल से अन्य 7 नवजात शिशुओं को भी टीका लगाया गया था, जो सभी पूर्णतः स्वस्थ हैं। यदि वैक्सीन में कोई दोष या दुष्प्रभाव होता, तो अन्य बच्चों पर भी उसका प्रभाव दिखता।विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम एवं जिला टीकाकरण अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक जांच के अनुसार, नवजात की मृत्यु का कारण जन्मजात हृदय रोग अथवा दूध के श्वसन नली में चले जाने (एस्पिरेशन) जैसी चिकित्सकीय स्थिति हो सकती है।

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि नवजात के माता-पिता को पोस्टमार्टम कर मृत्यु के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए कहा गया था, किंतु वे इसके लिए सहमत नहीं हुए और शिशु का शव लेकर घर चले गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की जांच समिति गठित कर दी है, जो नवजात की मृत्यु की परिस्थितियों और कारणों की विस्तृत जांच करेगी। जिला अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी टीकाकरण कार्यक्रम में उपयोग होने वाले सभी टीके विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा प्रमाणित, पूरी तरह सुरक्षित और देशभर में उपयोग किए जाने वाले हैं।
कलेक्टर ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक अफवाह पर ध्यान न दें और बच्चों का नियमित टीकाकरण निश्चिंत होकर कराएं, क्योंकि टीके बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

*सरदार@150 यूनिटी मार्च” – राष्ट्रीय एकता के अमर पुरोधा को नमन*

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*श्री तोखन साहू ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम जनता से सहभागिता का आह्वान*

आशीष कश्यप ब्यूरो बिलासपुर आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने बिलासपुर में आयोजित “सरदार@150 यूनिटी मार्च” के संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।

श्री साहू ने बताया कि “सरदार@150 यूनिटी मार्च” का आयोजन 11 से 13 नवम्बर 2025 तक बिलासपुर संसदीय क्षेत्र में किया जाएगा। तीन दिवसीय यह पदयात्रा भारत के एकता, आत्मनिर्भरता और जनभागीदारी के संदेश को लेकर चलेगी। यात्रा में 150 कार्यकर्ताओं का दल संपूर्ण मार्ग पर साथ रहेगा और स्थानीय नागरिकों से व्यापक संवाद करेगा।

इस यात्रा के दौरान स्वदेशी भारत – आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छता दीदियों का सम्मान, महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण, स्थानीय कलाकारों और युवा विभूतियों का सम्मान, लोकनृत्य और सांस्कृतिक आयोजन, “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान, स्वच्छता हेतु श्रमदान, और वरिष्ठजनों व प्रबुद्धजनों का सम्मान जैसे अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

यात्रा का शुभारंभ 11 नवम्बर को सुबह 11 बजे माँ काली मंदिर प्रांगण, तिफरा (बिल्हा) से होगा और समापन 13 नवम्बर को दोपहर 2 बजे महाराणा प्रताप चौक, मुंगेली में किया जाएगा। यात्रा के दौरान यह बिल्हा, बिलासपुर, बेलतरा, कोटा, तखतपुर, मस्तुरी, लोरमी और मुंगेली विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।

श्री साहू ने कहा यह अभियान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प से जुड़ा हुआ है और भारत के प्रत्येक नागरिक को एकता के सूत्र में बाँधने का प्रयास करेगा।

*धान कटाई में जुटे किसान, मजदूरों की कमी बनी चुनौती*

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*15 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर खरीदी, 3100 रुपये प्रति क्विंटल तय*

तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली — दीपावली और एकादशी के त्यौहार बीतते ही किसानों ने फसल कटाई में तेजी आई है। खेतों में पककर तैयार हो चुके धान की कटाई और मिसाई का कार्य ग्रामीण अंचलों में जोर पकड़ चुका है। जल्द पकने वाली हरूना धान की फसल सबसे पहले तैयार हो जाने के कारण किसान मजदूरों एवं परिवारजनों के साथ खेतों में उतर गए हैं। इस वर्ष मौसम ने किसानों का साथ दिया है। कई दिनों से खिली धूप के कारण खेतों में भरा पानी सूख गया है और नमी समाप्त हो गई है, जिससे धान कटाई का वातावरण पूरी तरह अनुकूल बन गया है। हालांकि, कई गांवों में धान कटाई के लिए मजदूरों की कमी की समस्या भी सामने आ रही है। मजदूरों की अनुपलब्धता के चलते किसान अपने परिवार के सदस्यों के साथ ही धान काटने में जुटे हैं। वहीं, बड़े और सक्षम किसान हार्वेस्टर मशीनों से फसल कटाई की तैयारी कर रहे हैं। इस खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए राज्य सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 15 नवम्बर से प्रारंभ होकर 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। जिला प्रशासन ने सभी उपार्जन केंद्रों में आवश्यक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। इधर, बाजारों में बारदाने की मांग भी बढ़ गई है। किसान खरीदी केंद्रों में धान पहुंचाने की तैयारी में जुटे हुए हैं। कम रकबा वाले किसान मजदूर नहीं मिलने से स्वयं ही धान काटने को मजबूर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अब युवाओं का खेती से जुड़ाव कम होता जा रहा है, जबकि महिलाएं और अधेड़ वर्ग के लोग ही खेतों में मेहनत कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेती का खर्च लगातार बढ़ रहा है। मजदूरी, खाद, बीज और मशीनों की लागत बढ़ने से धान उत्पादन महंगा होता जा रहा है। वहीं कुछ क्षेत्रों में सरना धान की फसल अभी भी पकने की प्रक्रिया में है, जिसकी कटाई कुछ दिनों बाद शुरू होगी।

*बड़ी ख़बर : ACB की बड़ी कार्रवाई,बिलासपुर में नायब तहसीलदार 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार*

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*बड़ी ख़बर : ACB की बड़ी कार्रवाई,बिलासपुर में नायब तहसीलदार 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार*

बड़ी ख़बर : ACB की बड़ी कार्रवाई,बिलासपुर में नायब तहसीलदार 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार*

आशीष कश्यप बिलासपुर। बिलासपुर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई सीपत तहसील के नायब तहसीलदार देश कुमार कुर्रे को 50 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा है। आरोपी को एसीबी ने एनटीपीसी सीपत स्थित कॉफी हाउस से गिरफ्तार किया।

एसीबी के डीएसपी ने बताया कि ग्राम बिटकुला निवासी प्रवीण पाटनवार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी मां के नाम की 21 एकड़ जमीन में फौती दर्ज कर नाम चढ़ाने के एवज में तहसीलदार 1.5 लाख रुपए रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत की पुष्टि होने पर एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। आज प्रार्थी द्वारा दी गई 50 हजार रुपए की पहली किश्त लेते ही नायब तहसीलदार को एसीबी टीम ने दबोच लिया।

आरोपी से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आपको बता दे अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया।

 

*श्री तोखन साहू ने राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2025 के समापन सत्र को संबोधित किया*

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*श्री तोखन साहू ने राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2025 के समापन सत्र को संबोधित किया*

*पर्वतीय एवं हिमालयी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के लिए ₹1,000 करोड़ का “हिल एंड हिमालयन सिटी फोकस फंड” घोषित*

नई दिल्ली :- आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने नई दिल्ली के यशोभूमि—इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (आईआईसीसी) में आयोजित राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2025 के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।

अपने समापन संबोधन में श्री साहू ने कहा कि यह सम्मेलन सरकार की उस दृष्टि को प्रतिबिंबित करता है, जिसके अंतर्गत स्वस्थ, टिकाऊ और समृद्ध शहरों के निर्माण की दिशा में ठोस पहल की जा रही है।

श्री साहू ने कहा कि भारत की शहरी अर्थव्यवस्था राष्ट्र की विकास गति का प्रमुख आधार है और मंत्रालय के प्रमुख मिशन—स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), अमृत मिशन, एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)—एकीकृत योजना और नवाचार आधारित वित्तीय तंत्र के माध्यम से शहरों को नई दिशा दे रहे हैं। 2014 में 18 प्रतिशत रही अपशिष्ट प्रसंस्करण क्षमता अब बढ़कर 80 प्रतिशत (2024) हो गई है।

“इस प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए मंत्रालय द्वारा ₹1,000 करोड़ का हिल एंड हिमालयन सिटी फोकस फंड स्थापित किया जा रहा है, जिससे उत्तर-पूर्वी राज्यों, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश एवं लद्दाख जैसे पर्वतीय केंद्र शासित प्रदेशों को लाभ मिलेगा।”

समावेशन को विकास का मूल तत्व बताते हुए, श्री साहू ने कहा कि विकसित भारत का दृष्टिकोण ऐसा है जहाँ हर नागरिक—रेहड़ी-पटरी विक्रेता, अपशिष्ट संकलक, निर्माण कार्यकर्ता, या गिग वर्कर—सम्मान और समान अवसरों के साथ प्रगति का भागीदार बने।

उन्होंने मंत्रालय द्वारा विकसित अर्बन (शहरी विशेष आर्थिक क्षेत्र) जैसी अवधारणाओं का उल्लेख किया, जो निवेश, रोजगार और किफायती आवास को प्रोत्साहित करेंगी। उन्होंने कहा कि ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति से कॉम्पैक्ट, कनेक्टेड और सस्ती शहरी संरचना को बल मिलेगा।

श्री साहू ने दिल्ली, तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे राज्यों की सराहना की जिन्होंने टीओडी ढांचे को अपनाकर कार्यस्थलों के समीप किफायती आवास और मिश्रित उपयोग विकास को प्रोत्साहित किया है।
उन्होंने कहा—
“ये राज्य आज से ही भविष्य के शहरों का निर्माण कर रहे हैं।”

पीएमएवाई 2.0 में 50% अतिरिक्त फ्लोर स्पेस इंडेक्स (एफएसआई) और सस्ती आवासीय भूमि आरक्षण जैसी नीतिगत सुधारों को लागू किया जा रहा है, जिससे आवास निर्माण को गति मिलेगी।

इस अवसर पर श्री साहू ने विकसित भारत सिटी प्रदर्शनी का भी भ्रमण किया, जिसमें भारत के भावी शहरों का समावेशी, सतत और प्रगतिशील स्वरूप प्रदर्शित किया गया। उन्होंने प्रदर्शनी में प्रदर्शित नवीन शहरी नियोजन मॉडल, स्मार्ट तकनीकों और नागरिक-केंद्रित अवसंरचनाओं की सराहना की।
उन्होंने आईआईआरएस संकलन ऐप और सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी ऑन हैबिटैट एंड हाउसिंग का भी शुभारंभ किया।

अपने समापन वक्तव्य में श्री साहू ने सभी प्रतिभागियों, विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, और शहरी योजनाकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा—

“आपके विचार और सुझाव भारत के शहरी भविष्य की दिशा तय करेंगे। इन सीखों को अपने शहरों में ले जाएं और समावेशी, टिकाऊ और आधुनिक भारत के निर्माण में अग्रणी बनें।”

*“मेट्रो से नगरों तक — भारत बढ़ रहा है स्मार्ट गतिशीलता की राह पर”*

*श्री तोखन साहू एवं श्री मनोहर लाल द्वारा सात शहरों और डीएमआरसी को उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।*

एक अन्य कार्यक्रम में श्री तोखन साहू ने अर्बन मोबिलिटी इंडिया (यूएमआई) सम्मेलन 2025 के समापन सत्र में भी भाग लिया, जिसमें आवासन एवं शहरी कार्य तथा विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सात शहरों—चेन्नई, हुबली-धारवाड़, उदयपुर, त्रिशूर, पिंपरी चिंचवड़, हैदराबाद और कोच्चि—को शहरी गतिशीलता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) को सर्वश्रेष्ठ मेट्रो प्रणाली एवं यात्री संतुष्टि पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

*राज्यपाल श्री डेका से वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने की सौजन्य भेंट*

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*राज्यपाल श्री डेका से वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने की सौजन्य भेंट*

*राजधानी रायपुर की ट्रैफिक व्यवस्था और पर्यावरण सुधार पर हुई चर्चा*

रायपुर, / राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन और कौशल विकास मंत्री श्री केदार कश्यप ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने राजधानी रायपुर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार, बाहर से इलाज के लिए आने वाले लोगों के लिए बेहतर परिवहन सुविधा और संस्थागत वनों को बढ़ावा देने से संबंधित निर्देश दिए।

राज्यपाल ने कहा कि स्कूलों, आश्रमों और अन्य शासकीय भवनों के आसपास वृक्षारोपण को प्राथमिकता दी जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हरित आवरण में भी वृद्धि हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि एम्स और नया रायपुर के चिकित्सा संस्थानों में इलाज के लिए दूरदराज़ से आने वाले मरीजों और परिजनों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

*राज्यपाल श्री रमेन डेका से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने की सौजन्य मुलाकात*

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रायपुर, /राज्यपाल श्री रमेन डेका से छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने राजभवन रायपुर में सौजन्य भेंट की। उप राज्यपाल श्री सिन्हा ने राज्यपाल श्री रमेन डेका को माता वैष्णो देवी का पवित्र प्रसाद भेंट किया। राज्यपाल श्री डेका ने उपराज्यपाल श्री सिन्हा का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इस यात्रा को अविस्मरणीय बनाने के लिए उपराज्यपाल ने राजभवन परिवार के साथ सामूहिक फोटो भी ली।