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*स्वास्थ्य सुविधाओं में नई क्रांति : कोरबा बना स्वस्थ जीवन का मॉडल जिला*

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*स्वास्थ्य सुविधाओं में नई क्रांति : कोरबा बना स्वस्थ जीवन का मॉडल जिला*

*सरकार के सतत प्रयासों से मजबूत हुई स्वास्थ्य सेवाओं की बुनियाद, आधुनिक उपचार से लाभान्वित हो रहे मरीज*

रवि शिवहरे ब्यूरो कोरबा, /स्वस्थ जीवन का प्रथम आधार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं होती हैं। इसी उद्देश्य को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में हुए व्यापक सुधारों का परिणाम है कि अब अस्पतालों में पहले जैसी लंबी कतारें अतीत की बात बन गई हैं। आधुनिक मशीनों से सुसज्जित अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि हुई है तथा पर्याप्त दवाएं, बेड और अन्य संसाधन सुनिश्चित किए गए हैं। प्रत्येक मरीज को समय पर उचित उपचार मिल रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में आमूलचूल परिवर्तन आया है।

*स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्त नेटवर्क : आंकड़ों में झलकती प्रगति*

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन.केशरी ने जिले के स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2000 की तुलना में वर्ष 2025 तक कोरबा जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है- उप स्वास्थ्य केंद्र 197 से बढ़कर 285, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 29 से बढ़कर 40, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 3 से बढ़कर 7, शहरी स्वास्थ्य केंद्र 0 से बढ़कर 30, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 3 और शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 1 है।

*जिला अस्पताल में आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित*
*बेहतर संसाधन, बेहतर उपचार*

बेड की संख्या 364 से बढ़कर 856, डॉक्टरों की संख्या 99 और स्वास्थ्यकर्मी 876, एंबुलेंस सेवाएं 1 से बढ़कर 29, प्रसव सुविधा केंद्र 230 से बढ़कर 333, शिशु मृत्यु दर 62 से घटकर 48 हो गई है। इन उपलब्धियों ने स्वास्थ्य सेवाओं को न केवल सशक्त बनाया है, बल्कि आम नागरिकों को उपचार के प्रति आत्मविश्वास भी दिया है।

*मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सकों से आमजनों को मिल रहा स्वास्थ्य लाभः-*

जिले में स्व. बिसाहू दास मंहत स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय भी संचालित है, जहां विशेषज्ञ अनुभवी चिकित्सकों एवं अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से आमजनों को स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है।

*विशेष पहलें और नई व्यवस्थाएं-*

जिले के सभी 5 ब्लॉकों में पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) संचालित है। बर्न यूनिट और शिशु केयर यूनिट (एसएनसीयू) की स्थापना से गंभीर मरीजों और नवजातों को राहत मिली है। टीबी जांच दर 04 प्रतिशत से बढ़कर 44 प्रतिशत, टीकाकरण दर 46 प्रतिशत से बढ़कर 96.36 प्रतिशत पहुंची है। डेंटल यूनिट 1 से बढ़कर 7, आई यूनिट 4 से बढ़कर 8, ब्लड बैंक की संख्या 6 तक पहुंची, जिससे रक्त की उपलब्धता सुलभ हुई।

*विभिन्न प्रकार की जांच सुविधाओं का हुआ विस्तार*

इन 25 वर्षो में जिले में विभिन्न प्रकार की जांच हेतु चिकित्सा सुविधाओं में विस्तार हुआ है। जिले में एक्सरे जांच की सुविधा 1 से बढ़कर 7 स्थानों में उपलब्ध है। सीटी स्कैन की सुविधा भी 0 से बढ़कर 1 हो गई है। अन्य स्कैन की सुविधा भी 47 पहुंच गई है।

*सम्मान और पहचान*

स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए कोरबा जिले को कई राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। “संपूर्ण अभियान” के तहत पांच सूचकांकों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिले को पुरस्कृत किया गया है। साथ ही, जिले की कई स्वास्थ्य संस्थाएं राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक से प्रमाणित हैं, जो गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जिले की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

*कोरबा स्वास्थ्य क्रांति के पांच प्रमुख आयाम*

स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों का निरंतर विस्तार, विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या में वृद्धि, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण और एंबुलेंस नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण, टीकाकरण, टीबी जांच और प्रसव सुविधाओं में ऐतिहासिक सुधार और राज्य स्तरीय पुरस्कार एवं एनक्यूएएस (राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक) प्रमाणन के साथ गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की पहचान है।

*एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प के साथ कोरबा नगर में यूनिटी मार्च का आयोजन आज*

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*एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प के साथ कोरबा नगर में यूनिटी मार्च का आयोजन आज*

रवि शिवहरे ब्यूरो कोरबा /भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के निर्देशानुसार, कलेक्टर श्री अजीत वसंत के मार्गदर्शन में लौह पुरुष एवं देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर नगर में “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प के साथ 13 नवम्बर गुरुवार को “यूनिटी मार्च” का भव्य आयोजन किया जाएगा।
इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को जागृत करना है। राज्यसभा सांसद राजा श्री देवेंद्र प्रताप सिंह,, छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री वाणिज्य एवं उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी एवं श्रम विभाग श्री लखन लाल देवांगन, विधायकगण, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, स्वयंसेवी संस्थाएं, माय भारत, एनएसएस, एनसीसी, स्काउट्स एवं गाइड्स, विभिन्न खेल संघ, खिलाड़ी एवं जिले के स्कूल-कॉलेजों के छात्र-छात्राएं इस एकता यात्रा में शामिल होंगे।
यूनिटी मार्च का शुभारंभ प्रातः 09 बजे 15 ब्लॉक स्थित पटेल सामुदायिक भवन से किया जाएगा। यह यात्रा ट्रांसपोर्ट नगर चौक, सीएसईबी चौक, अटल परिसर, जैन मंदिर बुधवारी, महाराणा प्रताप चौक, घंटाघर, सुभाष चौक होते हुए कोसाबाड़ी स्थित श्री लालबहादुर शास्त्री चौक में संपन्न होगी। जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग कोरबा द्वारा जिले के सभी बुद्धिजीवियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, शहीद परिवारों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से “यूनिटी मार्च” में उत्साहपूर्वक सहभागिता हेतु सादर आग्रह किया गया है, ताकि सरदार पटेल जी के राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।

 

*आयुष विभाग एवं भारत विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में स्वास्थ्य शिविर आयोजित*

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*आयुष विभाग एवं भारत विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में स्वास्थ्य शिविर आयोजित*

*200 बच्चों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण, औषधि वितरण और नशा मुक्ति का संदेश दिया गया*

रवि शिवहरे ब्यूरो कोरबा/आयुष विभाग जिला कोरबा एवं भारत विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आज शासकीय माध्यमिक विद्यालय सीतामणी, कोरबा में रक्त परीक्षण एवं आयुष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में लगभग 200 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें आयुर्वेदिक औषधियाँ वितरित की गईं।
कार्यक्रम की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ गीत के सामूहिक गायन से हुई, जिसके बाद चिकित्सा परीक्षण कार्य प्रारंभ हुआ। शिविर के दौरान नशा मुक्ति अभियान भी संचालित किया गया तथा विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। शिविर के माध्यम से बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नशा से दूर रहने और आयुर्वेद के महत्व को समझने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. उदय शर्मा (जिला आयुष अधिकारी), डॉ. सपना मिश्रा, डॉ. रवि कुमार राय, डॉ. अमित, डॉ. संगीता, डॉ. श्वेता, डॉ. अनूप कुमार, श्रीमती दानी, श्रीमती क्षेत्रपाल, श्रीमती महिपाल एवं श्री बी.सी. मिश्रा उपस्थित रहे।

 

ग्राम नवाडीह (लपटी) में पशु-पक्षी प्रदर्शनी मेला 13 नवंबर को*

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*ग्राम नवाडीह (लपटी) में पशु-पक्षी प्रदर्शनी मेला 13 नवंबर को*
 
*उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव होंगे शामिल*
 
तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली, // कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में पशु चिकित्सा विभाग द्वारा 13 नवंबर को लोरमी विकासखण्ड के ग्राम नवाडीह (लपटी) में पशु-पक्षी प्रदर्शनी मेला का आयोजन किया जाएगा। पशु मेला में विभिन्न पशुओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी और पशुपालकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। मेले में कृत्रिम गर्भाधान से उत्पन्न उन्नत नस्ल के बछिया-बछड़ों की भी प्रदर्शनी लगाई जाएगी। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

*मुख्यमंत्री निवास में होगा जनदर्शनआज*

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रायपुर,/मुख्यमंत्री निवास रायपुर में 13 नवंबर गुरुवार को जनदर्शन का आयोजन दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर प्रदेशवासियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध समाधान मिल सके।

राज्य सरकार के जनदर्शन कार्यक्रम का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। यह पहल मुख्यमंत्री श्री साय की जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता और पारदर्शी सुशासन के संकल्प को दर्शाती है, जिससे आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित हो सके।

*धान खरीदी में सुगमता हेतु ‘तुहर टोकन मोबाइल एप’ प्रारंभ — किसानों को मिलेगी घर बैठे टोकन सुविधा, समितियों में लंबी कतारों से मिलेगी मुक्ति*

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*धान खरीदी में सुगमता हेतु ‘तुहर टोकन मोबाइल एप’ प्रारंभ — किसानों को मिलेगी घर बैठे टोकन सुविधा, समितियों में लंबी कतारों से मिलेगी मुक्ति*

रायपुर /किसानों को धान विक्रय हेतु सुगम एवं बेहतर व्यवस्था प्रदाय किये जाने हेतु खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में ‘तुहर टोकन मोबाइल एप’ प्रारंभ किया गया है। इस एप के माध्यम से किसानों को घर बैठे धान विक्रय हेतु टोकन की व्यवस्था उपलब्ध होगी, जिससे समितियों में लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी।

यह मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। इस ऐप में किसानों को सर्वप्रथम आधार आधारित ओटीपी के माध्यम से पंजीयन करना होगा। किसान प्रतिदिन सुबह 8.00 बजे से इस ऐप के माध्यम से टोकन हेतु आवेदन कर सकेंगे।

खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने जानकारी दी कि धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए, सीमांत कृषक (2 एकड़ या 2 एकड़ से कम भूमि) को अधिकतम 1 टोकन, लघु कृषक ( 2 से 10 एकड़ तक) को अधिकतम 2 टोकन तथा दीर्घ कृषक (10 एकड़ से अधिक) को अधिकतम 3 टोकन प्रदान किये जायेंगे।

नया टोकन बनाने हेतु समय-सीमा रविवार से शुक्रवार तक (प्रातः 8.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक) निर्धारित की गई है। जारी टोकन आगामी 07 खरीदी दिवसों के लिए मान्य रहेंगे।

धान खरीदी केन्द्र की प्रतिदिन की खरीदी सीमा का 70 प्रतिशत हिस्सा मोबाइल एप के माध्यम से टोकन हेतु आरक्षित रहेगा। इस 70 प्रतिशत में से लघु एवं सीमांत कृषक हेतु 80 प्रतिशत तथा दीर्घ कृषक हेतु 20 प्रतिशत का आरक्षण किया गया है।

उदाहरण स्वरूप यदि किसी उपार्जन केन्द्र की प्रतिदिन की खरीदी सीमा 1000 क्विंटल है, तो मोबाइल ऐप हेतु आरक्षित 700 क्विंटल में से 560 क्विंटल लघु एवं सीमांत कृषकों हेतु तथा 140 क्विंटल दीर्घ कृषकों हेतु आरक्षित रहेगा।

शेष 30 प्रतिशत टोकन सोसाइटी स्तर पर भी किसानों हेतु उपलब्ध रहेंगे, जिससे सभी वर्ग के किसानों को धान विक्रय हेतु सहज और सुगम व्यवस्था प्राप्त हो सके।

खाद्य विभाग द्वारा विकसित ‘तुहर टोकन मोबाइल एप’ राज्य के किसानों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाते हुए खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता, समान अवसर और समय की बचत सुनिश्चित करेगा।

*सुधार से विश्वास तक: चारों श्रेणियों में ‘टॉप अचीवर’ बना छत्तीसगढ़, दिखाया विकास का नया मॉडल*

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*सुधार से विश्वास तक: चारों श्रेणियों में ‘टॉप अचीवर’ बना छत्तीसगढ़, दिखाया विकास का नया मॉडल*

*नीति से नीयत तक – छत्तीसगढ़ का सुधार मॉडल बना राष्ट्रीय उदाहरण*

*DPIIT की BRAP रैंकिंग में ‘टॉप अचीवर’ बना छत्तीसगढ़, निवेशकों के लिए भरोसे का केंद्र बना राज्य*

रायपुर /छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर देशभर में अपनी पहचान सुधार और विकास के नए प्रतीक के रूप में दर्ज कराई है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT), भारत सरकार द्वारा आयोजित ‘उद्योग संगम’ में राज्य को बिज़नेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (BRAP) की चारों प्रमुख श्रेणियों में ‘टॉप अचीवर’ घोषित किया गया। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ अब न केवल नीति निर्माण में बल्कि नीति क्रियान्वयन में भी अग्रणी राज्यों की पंक्ति में शामिल हो चुका है।

यह उपलब्धि उस परिवर्तन यात्रा की गवाही है जो छत्तीसगढ़ ने बीते वर्षों में तय की है। कभी BRAP रैंकिंग में निचले पायदान पर रहने वाला यह राज्य आज गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे औद्योगिक दिग्गजों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। यह परिवर्तन केवल अंकों का सुधार नहीं, बल्कि शासन की सोच और दृष्टिकोण में आए मूलभूत परिवर्तन का परिणाम है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने सुशासन, पारदर्शिता और भरोसे पर आधारित प्रशासनिक ढांचा स्थापित किया है। इस ढांचे ने न केवल निवेशकों का विश्वास जीता है बल्कि सामान्य नागरिकों के जीवन को भी सुगम और सशक्त बनाया है। राज्य सरकार ने सुधारों को केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें जन-जीवन में उतारकर एक नए विकास मॉडल का निर्माण किया है।

राज्य ने BRAP के अंतर्गत अब तक 434 सुधार लागू किए हैं — जो ‘Ease of Doing Business’ के साथ-साथ ‘Ease of Living’ को सशक्त बनाने की दिशा में उसके सतत प्रयासों को दर्शाते हैं। इन सुधारों का उद्देश्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि उस वातावरण का निर्माण करना है जहाँ उद्योग, समाज और प्रशासन एक साथ प्रगति करें।

इन्हीं सुधारों में एक ऐतिहासिक कदम रहा ‘जन विश्वास अधिनियम’, जिसके तहत छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बना जिसने छोटे कारोबारी अपराधों को डीक्रिमिनलाइज किया। इस अधिनियम ने सरकार और उद्योग जगत के बीच भरोसे का पुल बनाया है। अब कारोबारियों के लिए शासन एक सहयोगी के रूप में सामने आ रहा है। यह बदलाव राज्य में उद्यमिता संस्कृति को और अधिक प्रोत्साहन देने वाला सिद्ध हुआ है।

इसी तरह एक और ऐतिहासिक पहल के रूप में छत्तीसगढ़ ने भूमि अभिलेखों के स्वचालित म्यूटेशन की शुरुआत की। यह कदम राज्य को देश का पहला ऐसा प्रदेश बनाता है जहाँ जमीन पंजीयन के साथ ही स्वामित्व का हस्तांतरण स्वतः हो जाता है। इससे न केवल प्रक्रियाएँ सरल हुई हैं बल्कि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिली है। यह सुधार पारदर्शिता, दक्षता और समय की बचत तीनों का बेहतरीन उदाहरण है।

राज्य सरकार ने औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी कई क्रांतिकारी सुधार लागू किए हैं। दुकानों और प्रतिष्ठानों को अब 24×7 संचालन की अनुमति दी गई है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं और व्यापारिक लचीलापन भी सुनिश्चित हुआ है। इसके अतिरिक्त फ्लैटेड इंडस्ट्री के लिए FAR में वृद्धि, भूमि उपयोगिता बढ़ाने हेतु सेटबैक में कमी, और फैक्ट्री लाइसेंस की वैधता 10 से बढ़ाकर 15 वर्ष करने के साथ ऑटो-रिन्यूअल सुविधा प्रदान की गई है। ये कदम राज्य को आधुनिक औद्योगिक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करते हैं।

इन सुधारों ने मिलकर छत्तीसगढ़ को एक भरोसेमंद, स्थिर और पारदर्शी औद्योगिक केंद्र बना दिया है। अब निवेशक केवल संभावनाएँ नहीं, बल्कि निश्चितता देखते हैं। प्रक्रियाओं में सरलीकरण और नीतिगत स्पष्टता ने ‘Ease of Doing Business’ को वास्तविकता में बदल दिया है।

इन उल्लेखनीय सुधारों के लिए छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन और निवेश आयुक्त सुश्री ऋतु सेन (IAS) को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल व्यक्तियों का, बल्कि उस टीम भावना और संस्थागत प्रयासों का भी है जिसने राज्य को यह मुकाम दिलाया।

यह गौरवपूर्ण क्षण पूरे छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणादायी है। इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि सही नीयत, सटीक नीति और मजबूत नेतृत्व के बल पर कोई भी राज्य देश के औद्योगिक नक्शे पर अग्रणी स्थान प्राप्त कर सकता है।

बीते 10 महीनों में ₹7.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को प्राप्त हुए हैं। यह आँकड़ा किसी प्रचार का परिणाम नहीं, बल्कि निवेशकों के विश्वास और नीतिगत पारदर्शिता का प्रमाण है। अब छत्तीसगढ़ निवेश का नहीं, बल्कि ‘विकास का केंद्र’ बन रहा है।

इन निवेशों से हजारों युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे, ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में औद्योगिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी, और राज्य की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार होगा। यह ‘विकास की श्रृंखला’ गाँव से लेकर शहर तक एक समान प्रभाव छोड़ रही है।

छत्तीसगढ़ का यह मॉडल केवल उद्योगों तक सीमित नहीं है; यह एक समग्र विकास दृष्टि है जहाँ सुधारों का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुँचे। शासन की प्राथमिकता केवल निवेश नहीं, बल्कि जीवन-गुणवत्ता में सुधार है।

‘Ease of Doing Business’ के साथ ‘Ease of Living’ का यह संयोजन छत्तीसगढ़ को अन्य राज्यों से अलग बनाता है। यहाँ सुधार, विश्वास और विकास एक-दूसरे के पूरक बनकर आगे बढ़ रहे हैं। यही छत्तीसगढ़ के परिवर्तन का वास्तविक सार है।

राज्य सरकार का यह सुधारवादी दृष्टिकोण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है। छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में अपने प्रदर्शन से साबित किया है कि वह ‘विकसित भारत’ का अग्रदूत बनने की क्षमता रखता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “छत्तीसगढ़ का ‘टॉप अचीवर’ बनना पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उद्योग, सुशासन और पारदर्शिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। छत्तीसगढ़ ने निचले पायदान से उठकर देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की पंक्ति में स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि सरकार की प्रतिबद्धता, प्रशासन की मेहनत और निवेशकों के भरोसे का परिणाम है। छत्तीसगढ़ अब ‘Ease of Doing Business’ से आगे बढ़कर ‘Ease of Living’ का भी प्रतीक बन चुका है — जहाँ सुधार, विश्वास और विकास एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।”

*बीजापुर जिला अस्पताल में आपरेशन में जटिलता के मामले में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित*

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*बीजापुर जिला अस्पताल में आपरेशन में जटिलता के मामले में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित*

*तीन दिवस के भीतर आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं को रिपोर्ट देगी जांच समिति*

रायपुर,/जिला अस्पताल बीजापुर में हुए नेत्र आपरेशन के बाद जटिलता के मामले में आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है। यह टीम नेत्र आपरेशन में आई जटिलता के कारणों की जांच एवं घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रकरण की जांच करेगी। इस टीम में राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ निधि अत्रिवाल, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं बस्तर संभाग डॉ महेश साण्डिया तथा नेत्र सर्जन जिला चिकित्सालय जगदलपुर डॉ सरिता थॉमस शामिल हैं। यह जांच समिति तीन दिन में अपनी जांच रिपोर्ट को आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं के समक्ष प्रस्तुत करेगी।

गौरतलब है कि बीजापुर जिला अस्पताल में नेत्र आपरेशन के बाद कुछ मरीजों के मामले में जटिलता देखने को मिली। मामले की जानकारी मिलते ही आयुक्त सह संचालक के निर्देश पर 9 मरीजों को रायपुर के डॉ भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में भर्ती कराया गया एवं इलाज से संबंधित सभी आवश्यक उपकरण एवं दवाइयां उपलब्ध कराई गयीं। मामले की जांच के लिए बनायी गयी तीन सदस्यीय समिति को निर्देश हैं कि वो शीघ्र ही बीजापुर जिला अस्पताल पहुंचकर जांच शुरू करें।

*नवा रायपुर से चीन तक — छत्तीसगढ़ में खुला लॉजिस्टिक्स का वैश्विक द्वार*

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*नवा रायपुर से चीन तक — छत्तीसगढ़ में खुला लॉजिस्टिक्स का वैश्विक द्वार*

*भारत के हृदय से विश्व बाजार तक — छत्तीसगढ़ बन रहा है लॉजिस्टिक्स क्रांति का नेतृत्वकर्ता*

रायपुर /छत्तीसगढ़ के तीव्र गति से विकसित होते लॉजिस्टिक्स सेक्टर में आज एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित हुआ है। छत्तीसगढ़ से अब तक का सबसे बड़ा, कुल 12,000 मीट्रिक टन कॉपर कॉन्सन्ट्रेट (Copper Concentrate) निर्यात कंसाइनमेंट, नवा रायपुर स्थित मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) से चीन के लिए रवाना किया गया। इस श्रृंखला की पहली खेप 2,200 मीट्रिक टन की रही, जो 11 नवम्बर को विशाखापट्टनम पोर्ट के लिए भेजी गई, जहाँ से इसे आगे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजा जाएगा।

उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विकसित यह अत्याधुनिक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, मध्य भारत के औद्योगिक और व्यापारिक विकास का नया द्वार बन रहा है। अत्याधुनिक कार्गो हैंडलिंग सिस्टम, रेल कनेक्टिविटी, और मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन से सुसज्जित यह सुविधा राज्य एवं देश के अन्य हिस्सों की औद्योगिक इकाइयों को वैश्विक बाजारों तक कुशल, सुरक्षित और तीव्र पहुँच प्रदान कर रही है।

यह उपलब्धि दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ अब खनिज और उद्योग आधारित अर्थव्यवस्था से लॉजिस्टिक्स और निर्यात केंद्रित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे, कुशल कनेक्टिविटी और सक्रिय शासन के समन्वय ने छत्तीसगढ़ को मध्य भारत का लॉजिस्टिक्स पावरहाउस बना दिया है।

इस निर्यात अभियान के साथ छत्तीसगढ़ ने अपने खनिज और औद्योगिक उत्पादन को अंतरराष्ट्रीय व्यापार गलियारों से जोड़ने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाया है। यह कदम भारत के लॉजिस्टिक्स मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रासंगिकता को और सुदृढ़ करता है।

राज्य सरकार ने इस प्रगति को और तीव्र करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक्स नीति 2025’ लागू की है। यह नीति वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लक्ष्य के साथ तैयार की गई है। नीति के अंतर्गत आधुनिक मल्टीमॉडल अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, निर्यात संवर्द्धन, और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर विशेष बल दिया गया है। साथ ही, लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज जैसी परियोजनाओं के लिए आकर्षक प्रोत्साहन भी प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे संतुलित क्षेत्रीय विकास और स्थायित्व सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि “नवा रायपुर मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क से राज्य के सबसे बड़े कॉपर कॉन्सन्ट्रेट निर्यात का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह कदम इस दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ को हम लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक शक्ति के रूप में विकसित करेंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई राज्य लॉजिस्टिक्स नीति 2025 के माध्यम से सरकार कनेक्टिविटी बढ़ाने, निजी निवेश आकर्षित करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि “नीतिगत सुधार, रणनीतिक अवसंरचना और उद्योगों के आत्मविश्वास के इस समन्वय से छत्तीसगढ़ न केवल मध्य भारत को वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़ रहा है, बल्कि लॉजिस्टिक्स आधारित विकास के नए युग को भी परिभाषित कर रहा है।”

*Largest Copper Concentrate Export from Chhattisgarh Flagged Off from Nava Raipur’s Multi-Modal Logistics Park*

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*Largest Copper Concentrate Export from Chhattisgarh Flagged Off from Nava Raipur’s Multi-Modal Logistics Park*

*From the Heart of India to Global Markets: Chhattisgarh Leads the Logistics Revolution — CM Vishnu Deo Sai*

Raipur, / In a major milestone for Chhattisgarh’s rapidly expanding logistics sector, the state has flagged off its largest-ever copper concentrate export consignment, totaling 12,000 metric tons, to China through the Multi-Modal Logistics Park (MMLP) in Nava Raipur. The first rake, carrying 2,200 metric tons, was despatched on November 11, 2025, bound for Visakhapatnam Port, from where it will be shipped overseas.

Developed under the Department of Industries, Government of Chhattisgarh, the Nava Raipur MMLP is emerging as a strategic gateway for Central India’s trade and industrial growth. Equipped with state-of-the-art cargo handling systems, seamless rail connectivity, and multimodal integration, the facility is enabling industries both within and outside the state to access global markets with unprecedented efficiency.

This milestone underscores Chhattisgarh’s transformation into a logistics and industrial powerhouse, driven by world-class infrastructure, efficient connectivity, and proactive governance.

The export marks a defining step in integrating the state’s mineral and industrial output with international trade corridors, signaling the region’s growing economic relevance in India’s logistics map.

To accelerate this progress, the Government of Chhattisgarh has launched the Chhattisgarh State Logistics Policy 2025, a forward-looking framework designed to position the state as a leading logistics hub by 2047. The policy aims to develop modern multimodal infrastructure, reduce logistics costs, promote exports, and generate large-scale employment. It also extends attractive incentives for logistics parks, warehousing, and cold storage facilities, ensuring balanced regional growth and sustainability.

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said that the flagging off of Chhattisgarh’s largest copper concentrate export from the Nava Raipur Multi-Modal Logistics Park marks a historic step in the state’s journey toward becoming a logistics and industrial powerhouse. He said that the Government of Chhattisgarh is committed to building world-class logistics infrastructure that connects the state’s mineral wealth and industries with global markets.

The Chief Minister added that under the new Chhattisgarh State Logistics Policy 2025, the government is focused on enhancing connectivity, attracting private investment, and creating large-scale employment opportunities, making Chhattisgarh a leading logistics hub of India by 2047. With the synergy of policy reform, strategic infrastructure, and industrial confidence, Chhattisgarh is not only connecting Central India to global value chains but also redefining the future of logistics-led growth in India.