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*जनता के हित में छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा निर्णय – शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की गाइडलाइन दरों का वैज्ञानिक पुनरीक्षण, किसानों और आम नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभ*

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*जनता के हित में छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा निर्णय – शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की गाइडलाइन दरों का वैज्ञानिक पुनरीक्षण, किसानों और आम नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभ*

*गाइडलाइन दरों का वैज्ञानिक पुनरीक्षण किसानों और जनता को देगा वास्तविक लाभ— मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरे राज्य के लिए गाइडलाइन दरों का व्यापक, वैज्ञानिक और तर्कसंगत पुनरीक्षण करते हुए ऐतिहासिक कदम उठाया है। यह निर्णय जनता के हित, पारदर्शिता, उचित बाजार मूल्यांकन और नागरिकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

गाइडलाइन नियम 2000 के अनुसार दरों का प्रतिवर्ष पुनरीक्षण आवश्यक है, परंतु वर्ष 2017-18 के बाद से दरों में किसी प्रकार का संशोधन नहीं हुआ था। इस कारण वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में भारी अंतर पैदा हो गया था—जिसका प्रतिकूल प्रभाव किसानों, भूमिस्वामियों, संपत्ति धारकों और आम नागरिकों पर पड़ रहा था।

राज्य में गाइडलाइन दरों के पिछले ढांचे नगरीय क्षेत्रों में दरों में भारी विसंगतियाँ थीं। एक ही सड़क, वार्ड या आसपास के क्षेत्रों में अनुपातहीन अंतर दिखाई देता था। एक ही सड़क पर स्थित संपत्तियों की दरें अलग-अलग थीं, जिससे नागरिकों को वास्तविक मूल्यांकन में कठिनाई होती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी एक ही मार्ग पर स्थित गाँवों की दरों में अतार्किक भिन्नता थी, जिससे किसानों को मुआवज़ा और बैंक लोन में नुकसान होता था। पिछले सात वर्षों में बने नए हाईवे, कॉलोनी, औद्योगिक क्षेत्र आदि की दरें निर्धारित नहीं थीं, जिससे नागरिकों को संपत्ति मूल्य जानने में कठिनाई हो रही थी।

वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री श्री ओ पी चौधरी के दिशानिर्देश पर गाइडलाइन दरों को पुर्ननिर्धारित करते हुए पूरी प्रक्रिया को वैज्ञानिक, पारदर्शी और जनसुलभ बनाया गया है। नगरीय क्षेत्रों में गाइडलाइन को रोड-वाइज तैयार किया गया है, ताकि एक सड़क और समान परिस्थितियों वाले क्षेत्रों की दरें समान हों। अत्यधिक कंडिकाओं को समायोजित कर संख्या कम की गई, ताकि नागरिकों को मूल्य समझने में सरलता हो। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी गाँवों की दरों को नक्शे में प्रविष्ट कर, समान मार्ग और समान परिस्थितियों वाले गाँवों की दरें यथासंभव समान और तर्कसंगत की गईं।वर्तमान दरों की वैज्ञानिक मैपिंग कर रैशनलाइज़्ड बेस रेट तैयार किए गए और इन्हीं के आधार पर नई दरें प्रस्तावित की गईं है।

*नवीन दरें – जनता को सीधा लाभ*

नगरीय क्षेत्रों में लगभग 20% की तर्कसंगत वृद्धि की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के हित में दरों में 50% से 300% तक वृद्धि की गई है—जिससे किसानों को भूमि अधिग्रहण आदि में 3 गुना तक अधिक मुआवज़ा मिलेगा।

नवीन दरों से किसानों/भूमिस्वामियों को उनकी भूमि का अधिक एवं न्यायसंगत मुआवज़ा प्राप्त होगा। संपत्ति के विरुद्ध बैंक से अधिक राशि का लोन स्वीकृत होगा। आम नागरिकों के लिए अपनी संपत्ति की गाइडलाइन दर स्पष्ट और समझने में आसान होगी।

वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि गाइडलाइन दरों का यह व्यापक और वैज्ञानिक पुनरीक्षण जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है। उन्होंने कहा कि 2017-18 के बाद दरों में संशोधन न होने से राज्य में वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में गंभीर असंतुलन पैदा हो गया था, जिससे किसान, भूमिस्वामी और सामान्य नागरिक प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रहे थे। नई गाइडलाइन दरें रोड-वाइज और वैज्ञानिक मैपिंग के आधार पर तैयार की गई हैं, ताकि हर क्षेत्र में दरें तर्कसंगत, समान और समझने में सरल हों। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 50% से 300% तक की वृद्धि किसानों को उचित मुआवज़ा और अधिक बैंक लोन प्राप्त करने में बड़ा लाभ देगी, जबकि नगरीय क्षेत्रों में 20% की तार्किक वृद्धि मूल्य-विसंगतियाँ दूर करेगी। श्री चौधरी ने कहा कि विभाग भविष्य में भी विकास, नई बसाहटों, बाजार प्रवृत्तियों और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर नियमित समीक्षा करता रहेगा, ताकि किसी भी नागरिक को उनकी संपत्ति के वास्तविक मूल्य से वंचित न होना पड़े।

उल्लेखनीय है कि लंबे अंतराल के बाद गाइडलाइन दरों का यह व्यापक और महत्त्वपूर्ण संशोधन किया गया है। भविष्य में भी विभाग द्वारा जिले स्तर पर उस क्षेत्र में हो रहे विकास, नए निर्माण, क्षेत्रीय परिस्थितियों, बाजार प्रवृत्तियों तथा नई बसाहटों/कॉलोनियों के विस्तार का नियमित आकलन किया जाता रहेगा। इसी आधार पर गाइडलाइन दरों में समय-समय पर आवश्यक, तर्कसंगत और जनहितकारी संशोधन किए जाते रहेंगे, ताकि नागरिकों को उनकी संपत्ति के वास्तविक मूल्य का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे और किसी भी प्रकार की मूल्य-विसंगतियाँ उत्पन्न न हों।

*”गाइडलाइन दरों का वैज्ञानिक और तर्कसंगत पुनरीक्षण राज्य के किसानों, भूमिस्वामियों और आम नागरिकों के हित में उठाया गया अत्यंत महत्त्वपूर्ण कदम है। पिछले कई वर्षों से दरों में संशोधन न होने के कारण वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में बड़ा अंतर पैदा हो गया था। नई दरें न केवल न्यायसंगत मूल्यांकन सुनिश्चित करेंगी, बल्कि किसानों को भूमि अधिग्रहण में अधिक मुआवज़ा, नागरिकों को संपत्ति का सही मूल्य और बैंक से अधिक ऋण प्राप्त करने में भी सहायता प्रदान करेंगी। शासन की मंशा स्पष्ट है—हर नागरिक को उसकी संपत्ति का उचित मूल्य मिले और किसी भी प्रकार की विसंगतियाँ या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। यह निर्णय प्रदेश के आर्थिक परिवेश को अधिक पारदर्शी, संतुलित और जनहितकारी बनाएगा।” – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

*Chhattisgarh Govt Takes Major Decision in Public Interest — Scientific Revision of Urban and Rural Area Guideline Rates to Benefit Farmers and Citizens*

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*Chhattisgarh Govt Takes Major Decision in Public Interest — Scientific Revision of Urban and Rural Area Guideline Rates to Benefit Farmers and Citizens*

*Scientific Revision of Guideline Rates Will Deliver Real Gains to Farmers and the Public: CM Shri Vishnu Deo Sai*

Raipur, //In a major public-interest decision, the Chhattisgarh government, under the leadership of Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai, has undertaken a comprehensive, scientific and rational revision of guideline rates across the state. The move aims to ensure transparency, fair market valuation and ease for citizens, marking the first major overhaul of guideline rates after a long gap.

Under the Guideline Rules 2000, annual revision is mandatory, but no revision had been carried out since 2017–18, resulting in a significant mismatch between actual market value and official guideline rates. This disparity adversely affected farmers, landowners, property holders and ordinary citizens.

The earlier framework also showed major inconsistencies: in urban areas, rates varied irrationally even within the same road, ward or neighbourhood. Properties located on the same road often carried different guideline rates, creating confusion for citizens. In rural areas too, villages located on the same route had illogical variations in rates, leading to losses in compensation and lower bank loan eligibility for farmers. Moreover, new highways, colonies and industrial zones developed in the past seven years had no defined guideline rates, making property valuation difficult.

Acting on the directions of Commercial Tax (Registration) Minister Shri OP Choudhary, the entire revision exercise was made scientific, transparent and citizen-friendly. In urban areas, guideline rates have been reorganized road-wise to ensure uniformity for similar locations. Excessively granular categories were merged to make the system simpler for the public. In rural areas, rates for all villages were mapped, rationalised and made uniform for those with similar conditions and connectivity. The current rates were scientifically mapped to prepare rationalised base rates, on which the new structure has been proposed.

*New Rates — Direct Benefits to the Public*

In urban areas, guideline rates have been rationally increased by around 20%.
In rural areas, keeping farmers’ interests at the forefront, rates have been increased by 50% to 300%, enabling farmers to receive up to three times higher compensation in land acquisition.
The revised rates will allow farmers and landowners to obtain fair and higher compensation, secure larger bank loans against property, and easily understand the market value of their holdings.

Minister Shri OP Choudhary said the comprehensive, scientific revision places public welfare at the centre of the process. He noted that the long absence of revision had caused a serious imbalance between actual market value and guideline rates, affecting farmers and citizens. The new rates, he said, are prepared using scientific mapping and road-wise structuring to ensure rational, uniform and easily understandable valuation. The 50%–300% increase in rural areas will significantly benefit farmers in compensation and loan approvals, while the 20% rise in urban areas will remove valuation distortions. He added that the department will continue to conduct regular reviews based on development patterns, new settlements, market trends and regional needs to ensure no citizen is deprived of fair valuation.

The government highlighted that this is the first major revision in years, and future updates will be undertaken regularly based on district-level development, new constructions, market behaviour and expansion of new colonies, ensuring citizens always receive fair and distortion-free valuation.
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said: “The scientific and rational revision of guideline rates is a crucial step taken in the interest of farmers, landowners and ordinary citizens. The lack of revision for years had created a wide gap between market value and guideline rates. The new rates will ensure just valuation, higher compensation for farmers during land acquisition, correct property valuation for citizens and higher loan eligibility. The government’s intention is clear — every citizen must receive the rightful value of their property without any confusion or disparity. This decision will make the state’s economic environment more transparent, balanced and people-centric.”

*Total 14,54,451 Quintals of Paddy Procured in Chhattisgarh till November 19*

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*Total 14,54,451 Quintals of Paddy Procured in Chhattisgarh till November 19*

*On November 19, 7,11,335 Quintals of Paddy Procured from Farmers*

*26.50 Lakh Farmers Registered 29.27 Lakh Hectares of Cultivation Area*

*‘Token Tunhar App’ Ensuring Ease for Farmers*

Raipur,  //Paddy procurement at the Minimum Support Price in Chhattisgarh has gained strong momentum. On the fifth day of procurement, November 19, a total of 7,11,335 quintals of paddy was purchased from farmers. This volume is nearly equal to the cumulative procurement made over the previous four days. Between November 15 and 19, the state has procured 14,54,451 quintals of paddy under the support price mechanism.

As per the directions of Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai, the payment of support price to farmers has commenced alongside procurement. MARKFED has released Rs. 214.18 crore to Apex Bank for this purpose. Notably, the Chhattisgarh Government has already provided MARKFED with a bank guarantee of Rs. 26,200 crore to ensure timely payment for paddy purchased from farmers. Adequate arrangements have been made at all centres to ensure that farmers face “no inconvenience” during the selling process. Officers have been deployed at every centre to oversee procurement arrangements, and senior state and district-level officials conduct regular visits to monitor operations.

Strict monitoring is also being enforced to prevent “any irregularities” in paddy procurement. To curb the inflow of paddy from outside the state, officers have been posted at checkpoints, and surprise inspections are being conducted at multiple locations. Under the intensive drive launched to prevent malpractice, 373 cases of illegal storage and transportation have been registered so far, and 25,567 quintals of paddy have been seized.

According to information received from the Food Department, a total of 7,11,353 quintals of paddy was procured on November 19 from all district procurement centres. Paddy arrivals have increased significantly in the plains districts of Balod, Bemetara, Durg, Kabirdham, Rajnandgaon, Khairagarh-Chhuikhadan-Gandai, Balodabazar, Bhatapara, Dhamtari, Gariaband, Mahasamund, and Raipur. District-wise figures show: Balod – 1,44,468 quintals; Bemetara – 1,86,972 quintals; Durg – 1,33,514 quintals; Kabirdham – 58,958 quintals; Rajnandgaon – 1,60,247 quintals; Khairagarh–Chhuikhadan–Gandai – 90,416 quintals; Balodabazar–Bhatapara – 1,18,565 quintals; Dhamtari – 1,55,275 quintals; Gariaband – 64,090 quintals; Mahasamund – 60,883 quintals; Raipur – 1,52,850 quintals procured on November 19.

Farmers have expressed that the online system under the “Token Tunhar App” has made it significantly easier to obtain tokens and sell their paddy without delays. It is noteworthy that for the Kharif Marketing Season 2025–26, a total of 26.50 lakh farmers have registered to sell paddy at the support price. The registered cultivation area stands at 29.27 lakh hectares.

*मुंगेली पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल की अपील: अनजान व्यक्तियों से सावधान रहें, अपनी सुरक्षा के लिए*

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तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने समस्त किसान भाइयों और खाताधारकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति से अपना विवरण फॉर्म नहीं भरवाएं और न ही अपने खाते की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को दें। उन्होंने कहा कि बैंक से पैसा निकालने या कोई फॉर्म भरवाने के लिए हमेशा बैंक के नियुक्त कर्मचारियों की मदद लें।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अनजान व्यक्तियों से जानकारी देने से आपके खाते की जानकारी उनके पास जा सकती है और आप ठगी का शिकार हो सकते हैं। उन्होंने कहा, “यदि कोई अनजान व्यक्ति आपसे आपके बैंक खाते या फॉर्म से संबंधित जानकारी मांगता है, तो कृपया तात्कालिक इसकी सूचना मुंगेली पुलिस को दें। हम आपकी सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार हैं।”

मुंगेली पुलिस अधीक्षक ने सभी खाताधारकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए सावधान रहें और अनजान व्यक्तियों से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि आपकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और हम आपके साथ हैं।

*अपनी सुरक्षा के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें:*

– अनजान व्यक्तियों से अपना विवरण फॉर्म नहीं भरवाएं।
– अपने खाते की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को नहीं दें।
– बैंक से पैसा निकालने या कोई फॉर्म भरवाने के लिए हमेशा बैंक के नियुक्त कर्मचारियों की मदद लें।
– यदि कोई अनजान व्यक्ति आपसे आपके बैंक खाते या फॉर्म से संबंधित जानकारी मांगता है, तो तात्कालिक इसकी सूचना मुंगेली पुलिस को दें।

*उपमुख्यमंत्री अरूण साव का देवांगन समाज द्वारा माता परमेश्वरी चौक में किया भव्य स्वागत*

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तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली— छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री अरूण साव बुधवार को एक दिवसीय मुंगेली प्रवास पर पहुंचे, जहाँ उन्होंने जिले में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करते हुए जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण घोषणाएँ की। उनके आगमन पर देवांगन समाज के लोगों ने माता परमेश्वरी चौक में भव्य स्वागत किया। उपमुख्यमंत्री साव के पहुंचते ही देवांगन समाज के सैकड़ों लोग बैड़-बाजे की गूँज और आतिशबाजी के साथ उत्साहपूर्वक स्वागत के लिए खड़े रहे। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की भारी भीड़ ने फूलों की वर्षा कर उनका अभिनंदन किया। समाज के प्रतिनिधियों ने परंपरागत कोषा धागा पहनाकर उपमुख्यमंत्री को सम्मानित किया, जो देवांगन समाज की बुनाई संस्कृति का प्रतीक है। माता परमेश्वरी चौक सौन्दर्यीकरण एवं निर्माण (लागत 6.66 लाख रुपये) एवं देवांगन मुक्तिधाम में मास्ट लाइट स्थापना कार्य (लागत 11.73 लाख रुपये) शामिल है। माता परमेश्वरी चौक का सौन्दर्यीकरण पूरा होने के बाद यह चौक न केवल समाज की आस्था का केंद्र बनेगा बल्कि शहर की सुंदरता भी बढ़ाएगा। वहीं मुक्तिधाम में मास्ट लाइट की स्थापना से रात्रिकालीन व्यवस्था और भी सुदृढ़ होगी। कार्यक्रम में देवांगन समाज के जिलाध्यक्ष आनंद देवांगन अधिवक्ता, पार्षद अर्चना सत्तू देवांगन, पार्षद निमेश देवांगन, पार्षद रामकिशोर देवांगन, पार्षद प्रतिनिधि सत्तू देवांगन, प्रदेश उपाध्यक्ष विष्णु देवांगन, प्रवक्ता दुर्गेश देवांगन, प्रदेश मीडिया प्रभारी कोमल देवांगन, तथा अजय, जगदीश, जलेश देवांगन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे। सभी ने उपमुख्यमंत्री अरूण साव एवं मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले को माता परमेश्वरी की छायाचित्र भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।

*महिलाओं ने कहा—“माता का चौक निर्माण से समाज को नई ऊर्जा देगा”*

देवांगन समाज की सक्रिय महिला सदस्यों ने चौक निर्माण पर अपार खुशी जताते हुए कहा कि कुल देवी माता परमेश्वरी की स्थापना से पूरे समाज में एकता और समर्पण की भावना और मजबूत होगी। महिलाओं ने समाज हित में आगे बढ़कर काम करने का संकल्प भी दोहराया। जिलाध्यक्ष एवं अधिवक्ता आनंद देवांगन ने समाजजनों को संबोधित करते हुए कहा“आज आप सभी के सहयोग से हमारी वर्षों पुरानी मांगें पूरी हुईं। परमेश्वरी चौक निर्माण और पचरी निर्माण दोनों कार्य स्वीकृत होने से समाज की भावनाओं को सम्मान मिला है। आपकी विशाल उपस्थिति, बुजुर्गों का आशीर्वाद, माताओं का स्नेह और युवाओं का जोश हमारे लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि देवांगन समाज एकजुट है और एकता समाज है। समारोह का सफल संचालक बलराम देवांगन ने किया।

*राजीव गाँधी शासकीय महाविद्यालय मे ऊर्जा संवर्धन एवं संरक्षण कार्यक्रम तथा एस आई आर के संदर्भ मे एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित*

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राजीव गाँधी शासकीय महाविद्यालय मे ऊर्जा संवर्धन एवं संरक्षण कार्यक्रम तथा एस आई आर के संदर्भ मे एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित


लोरमी,,, राजीव गाँधी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय लोरमी मे छत्तीसगढ़ राज्य रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य मे छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेड़ा ) के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्त्ववधान मे ऊर्जा संवर्धन एवं संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन एवं विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्य ( एस आई आर ) जागरूकता हेतु एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित किया गया। इस कार्यशाला के संयोजक डॉ.आर.एस.साहू एवं सह संयोजक प्रो.महेंद्र पात्रे थे। इस संदर्भ में डॉ.नरेंद्र सलूजा ने बताया कि एस आई आर जागरूकता के अंतर्गत मुख्य वक्ता के रूप में नायब तहसीलदार श्री चंद्रप्रकाश सोनी ,मास्टर ट्रेनर डॉ.प्रमोद नामदेव मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी,एवं श्री अनुज खत्री की गरिमामयी उपस्थिति रही । कार्यक्रम के आरम्भ में प्राचार्य डॉ.एन.के.ध्रुवे एवं मुख्य अभ्यागतों के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित किया गया ।डॉ.ध्रुवे ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऊर्जा संरक्षण का अर्थ है कम ऊर्जा का उपयोग और उत्पादन करने का सचेत निर्णय लेना, जो ऊर्जा को बचाकर भविष्य के लिए सुनिश्चित करने और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने का एक तरीका है। इसमें ऊर्जा के अनावश्यक उपयोग को कम करने के लिए आदतें बदलना और ऊर्जा-कुशल उपकरणों का उपयोग करना शामिल है। इस कार्यशाला में प्रो.रवि कुशवाहा,प्रो.महेन्द्र पात्रे मनीष,गीतांजलि , आफियां ,राहुल,धनेश्वरी,सुमन,किरण,दीपिका,सहेलकुमारी,आदि ग्रुप ने पीपीटी,पोस्टर,नुक्कड़ नाटक कविता,गीत,भाषण के माध्यम से ऊर्जा संरक्षण के संदर्भ में जानकारी दी। एस आई आर के संदर्भ में नायब तहसीलदार श्री चंद्रप्रकाश सोनी,मास्टर ट्रेनर डॉ.प्रमोद नामदेव श्री अनुज खत्री ने संयुक्त रूप से एस आई आर गणना पत्रक भरने की विधि,की जानकारी दी गई गई। उन्होंने एस आई आर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसका उपयोग मतदाताओं की पहचान सत्यापित करने तथा चुनावों के दौरान निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिये किया जाता है।
ऊर्जा संरक्षण कार्यक्रम प्रस्तुति में राहिल सिंह राजपूत ग्रुप,धनेश्वरी ग्रुप को क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय स्थान तथा सुमन ग्रुप एवं एम कॉम प्रथम सेम ग्रुप को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ.गंगा गुप्ता एवं प्रो.अमित केवट के द्वारा किया गया।इस संपूर्ण कार्यक्रम में महाविद्यालय के डॉ.एस.के.जांगड़े, डॉ.एच.एस.राज, पी.पी. लाठिया,डॉ.नरेन्द्र सलूजा, डॉ.आर.एस.साहू,प्रो.निधि सिंह, डॉ.अर्चना भास्कर, प्रो.नितेश गढ़ेवाल, प्रो.विवेक साहू, प्रो.महेन्द्र पात्रे, प्रो.हेमा टंडन, प्रो.देवेंद्र जायसवाल, आर.के. श्रीवास्तव, एन.आर. जायसवाल, पूर्णेश जायसवाल, गंगाराम जायसवाल,,श्रीमती सुषमा उपाध्याय,डॉ.गंगा गुप्ता, प्रो.अमित निषाद, प्रो.श्रेया श्रीवास्तव, प्रो.गुरुदेव निषाद, प्रो.मनीष कश्यप,,अविनाश निर्मलकर,प्रतापभानु शर्मा, भागबली जायसवाल, अविनाश साहू,सोनू यादव, मुकेश यादव, जितेन्द्र दूबे, नरेन्द्र ध्रुव,भारत ध्रुव, सुबुद्धि यादव की उपस्थिति रही।

*लोरमी से निःशुल्क तीर्थयात्रा में 50 निर्धन महिलाएं होंगी शामिल उपमुख्यमंत्री श्री साव के जन्मदिन के उपलक्ष्य पर 1 दिसबंर को रवाना होगी तीर्थयात्रा समिति की पूरी तैयारी*

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लोरमी से निःशुल्क तीर्थयात्रा में 50 निर्धन महिलाएं होंगी शामिल उपमुख्यमंत्री श्री साव के जन्मदिन के उपलक्ष्य पर 1 दिसबंर को रवाना होगी तीर्थयात्रा समिति की पूरी तैयारी

लोरमी:-आस्था श्रद्धा और सामाजिक समरसता को बनाये रखने के लिए लोरमी शहर की सामाजिक टीम श्रीराम सेवा समिति लोरमी के द्वारा आगामी 1दिसबंर को निःशुल्क तीर्थयात्रा का आयोजन किया जा रहा है जिसमें लोरमी शहर की घर घर जाकर बर्तन साफ सफाई करने वाली एवं लेवर मजदूरी करने वाली माताएं बहने शामिल होंगी इसके साथ ही टीम के द्वारा आर्थिक रुप से कमजोर परिवार के लोगों को भी इस तीर्थयात्रा में शामिल किया जायेगा टीम के मुखिया मुकेश जायसवाल मोदी ने बताया कि इसके पहले भी टीम के द्वारा निःशुल्क में भोरमदेव एवं रतनपुर की यात्रा करवाया जा चुका हैं इस बार पहली बार लोरमी के लोकप्रिय विधायक एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव जी के विशेष सहयोग से उनके जन्मदिन के अवसर पर पहली बार छत्तीसगढ़ के बाहर मैहर वाली माँ शारदा मैया की तीर्थ यात्रा करवाई जा रही है जिसकी तैयारी टीम के द्वारा लगातार की जा रही है इसके लिए मैं और हमारी पूरी टीम लोरमी विधायक जी का विशेष रुप से धन्यवाद ज्ञापित करते हैं उनके सहयोग से ही यह सब कार्य सम्भव हो पाया है महिलाओं का पंजीयन नवम्बर में ही कर दिया गया था और 1 दिसबंर को इस तीर्थयात्रा का आयोजन किया जा रहा है यात्रा
1 दिसबंर को टीम के द्वारा गुरुद्वारा चौक के पास विराजमान दक्षिणमुखी हनुमान जी में आरती के बाद यह तीर्थयात्रा रवाना होगी इस कार्य में टीम के दुर्गेश मनीष अजय सावन कवि पंकज भोलाराम राजेंद्र विनोद गायत्री विक्की राकेश सुभाष समर एवं टीम के अन्य कार्यकर्ता लगे हुए हैं

*राजा खड़ग राज कुमार सिंह ने बच्चों को बाटी बैग और खेल कूद की सामग्री*

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राजा खड़ग राज कुमार सिंह ने बच्चों को बाटी बैग और खेल कूद की सामग्री

हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़।

ब्यूरो रायपुर/कवर्धा:– सहसपुर लोहारा राजपरिवार के सदस्य एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजा खड़ग राज सिंह ने आदिवासी बालक आश्रम बोड़ला पहुंच कर वहां अध्ययनरत बच्चों को स्कूलबैग, ड्रेस एवं खेल सामग्री वितरित किया राजा खड़गराज कुमार सिंह सेवा संस्थान के माध्यम से वितरित यह सामग्री को पाकर बच्चे खासे खुश नजर आये बच्चों को ख़ुशी इस बात की भी थीं की वो राजा खड़ग राज सिंह को पास से देख रहे है और उनसे बात कर रहे है इस अवसर पर राजा खड़गराज सिंह ने बच्चों से बात करते हुए कहा की अच्छे से पढ़ाई करे मन लगा के पढ़ाई करे ताकि आप जीवन में सुखमय जीवन व्यतीत कर सके साथ खेल कूद भी करे ताकि आपका शारीरिक एवं बौद्धिक विकास हो सके आदिवासी बालक आश्रम बोड़ला में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों की रहने की व्यवस्था है वहां उपस्थित संस्था के शिक्षकों से चर्चा करते हुए राजा खड़ग राज सिंह ने कहा की आपके पास बहुत ही कमजोर गरीब, आभावग्रस्त अशिक्षित परिवार के बच्चे अपना भाग्य बदलने यहां पहुँचे है अतः आप सब भी पूरी ईमानदारी से प्रयास करके इन बच्चों का भाग्य बदल सकते है जिससे ये समाज की एवं विकास की मुख्यधारा में ये शामिल होकर आगे बढ़ सके। इसके साथ ही राजा खड़ग राज सिंह ने शिक्षकों को कहा की वो उसके लायक जो भी काम हो उसे अवश्य बतायेगे राज परिवार सहसपुर लोहारा के द्वारा समाज के वंचित, पीड़ित, विकास की धारा में पिछड़ चुके वर्ग की सहायता के लिए राजा खड़गराज कुमार सिंह सेवा संस्थान का निर्माण किया गया जिससे वंचित, गरीब समाज के लोगो को इसका फायदा मिलेगा।

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*जिला प्रशासन ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एकजुट होकर ली शपथ*

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*जिला प्रशासन ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एकजुट होकर ली शपथ*

रवि शिवहरे ब्यूरो कोरबा, /भारत सरकार के राष्ट्रव्यापी नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समाज कल्याण विभाग के माध्यम से जिला प्रशासन के अधिकारियों ने एकजुट होकर शपथ ली। कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने सभी अधिकारियों को शपथ दिलाई और इस अवसर पर युवाओं की राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
सभी अधिकारियों ने संकल्प लिया कि- युवा किसी भी राष्ट्र की शक्ति होते हैं, जिनका समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसलिए यह आवश्यक है कि अधिक से अधिक युवा नशा मुक्त भारत अभियान से जुड़ें।

“देश के सामने मौजूद इस चुनौती को स्वीकार करते हुए, आज हम नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत एकजुट होकर संकल्प लेते हैं कि न केवल हमारा समाज, परिवार, मित्र बल्कि हम स्वयं भी नशामुक्त रहेंगे, क्योंकि बदलाव की शुरुआत खुद से होती है। आइए हम मिलकर अपने जिले/राज्य को नशा मुक्त बनाने का दृढ़ संकल्प करें। मैं शपथ लेता हूं कि मैं अपने देश को नशा मुक्त बनाने के लिए भरसक प्रयास करूंगा।“
इस कार्यक्रम में कटघोरा डीएफओ श्री कुमार निशांत, कोरबा डीएफओ श्रीमती प्रेमलता यादव, नगर निगम आयुक्त श्री आशुतोष पांडेय, अपर कलेक्टर श्री देवेन्द्र पटेल, कटघोरा एसडीएम श्री तन्मय खन्ना सहित समाज कल्याण विभाग के अधिकारी एवं जिला प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

*समर्थन मूल्य बढ़ने से खुश किसान, सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था से मिली राहत*

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*समर्थन मूल्य बढ़ने से खुश किसान, सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था से मिली राहत*

रवि शिवहरे ब्यूरो कोरबा /जिले के ग्राम भैसमा निवासी किसान श्री विनोद कुमार कंवर के लिए इस वर्ष की धान खरीदी कई मायनों में उम्मीद और संतोष लेकर आई है। पिछले साल उन्होंने 213 कट्टी धान उपार्जन केंद्र में बेचा था। वे बताते हैं कि इस बार भी मौसम की मेहरबानी से फसल उत्पादन लगभग उतना ही होने की संभावना है, जिसकी तैयारी उन्होंने फसल कटाई के तुरंत बाद मिंजाई शुरू करके कर दी है।
किसान विनोद कुमार कहते हैं कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में धान का समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। उनके अनुसार, बढ़े हुए समर्थन मूल्य ने किसानों में नया उत्साह भरा है और इससे खेती-किसानी का भरोसा दोबारा मजबूत हुआ है। वे बताते हैं कि खरीदी के लिए अपना पंजीयन भी समय पर करवा लिया है। विनोद कुमार विशेष रूप से बताते हैं कि अब धान उपार्जन केंद्रों में व्यवस्थाएँ पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई हैं। पहले लंबी लाइनें लगती थीं, टोकन व्यवस्था नहीं होती थी और पूरा दिन इंतजार में बीत जाता था। लेकिन अब सुविधाएँ बढ़ाई गई हैं। उपार्जन केंद्र में सुव्यवस्थित टोकन व्यवस्था, त्वरित तौल, और किसानों को बिना परेशानी के अपनी उपज बेचने की सुविधा उपलब्ध है। किसान विनोद कुमार का कहना है कि सरकार की इन पहलियों ने किसानों के लिए खरीदी प्रक्रिया को आसान बनाया है, जिससे वे समय और श्रम दोनों की बचत कर पा रहे हैं। बेहतर समर्थन मूल्य और सुविधाजनक व्यवस्था के कारण किसान वर्ग संतुष्ट है और आने वाले सीजन को लेकर उत्साहित भी है।