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*किसानों को मिला तोहफा : प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त की जारी*’

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*किसानों को मिला तोहफा : प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त की जारी*’

रवि सिहरे ब्यूरो कोरबा/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किश्त के अंतर्गत देश के 9 करोड़ किसानों को 18 हजार करोड़ रुपये की सम्मान राशि का हस्तांतरण किया। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कृषि विज्ञान केंद्र कटघोरा, कोरबा में किया गया। यह आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र कोरबा तथा कृषि विकास, किसान कल्याण एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग कोरबा के संयुक्त तत्वाधान में सम्पन्न हुआ।
सीधे प्रसारण के पश्चात जिला उप संचालक कृषि श्री डी.पी.एस. कंवर ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों को रबी सीजन में दलहन एवं तिलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार तथा उन्नत कृषि तकनीकों के अपनाने पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
कृषि विज्ञान केंद्र कोरबा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. एस.पी. सिंह ने प्राकृतिक खेती के महत्व, लाभ एवं व्यावहारिक उपयोग पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बीजामृत, जीवामृत एवं घनजीवामृत की निर्माण विधियों, उनके वैज्ञानिक आधार एवं उपयोग से उत्पादन लागत में कमी तथा भूमि की उर्वरता संरक्षण के लाभों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान ग्राम नवागांव कला के कृषक श्री गब्बर सिंह (पिता श्री शिवचरण सिंह) को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया गया। यह कार्यक्रम किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ, जिसमें प्राकृतिक खेती, विभागीय योजनाओं और फसल विविधीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रभावी जानकारी मिल सकी, जिससे कृषकों के ज्ञान तथा आत्मविश्वास में वृद्धि हुई।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी, कृषि विज्ञान केंद्र का समस्त स्टाफ, तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

 

*छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा प्रदेश में 2000 करोड़ की नई आवासीय योजनाओं का शुभारंभ*

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*छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा प्रदेश में 2000 करोड़ की नई आवासीय योजनाओं का शुभारंभ*

*कोरबा में 370 फ्लैट का होगा आगाज*

*राज्य स्तरीय आवास मेला का आयोजन 23 नवंबर से 25 नवंबर तक*

रवि शिवहरे ब्यूरो कोरबा, /छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल हमेशा से ही लोगों को किफायती दर पर आवासीय कॉलोनी उपलब्ध कराने का कार्य करता रहा है। राज्य बनने के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा प्रदेश स्तर पर 2000 करोड़ की नई आवासीय योजनाओं का शुभारंभ किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के सभी जिलों में आवासीय योजनाएँ प्रारंभ की जाएँगी। कोरबा जिले में खरमोरा में 370 फ्लैट का निर्माण होगा, जिसमें एम.आई.जी., एल.आई.जी. एवं ई.डब्ल्यू.एस. श्रेणी के फ्लैट शामिल होंगे।
संपत्तियों की जानकारी देने और आम जनता को सुविधा प्रदान करने हेतु बी.टी.आई. ग्राउण्ड, शंकर नगर, रायपुर में 23.11.2025 से 25.11.2025 तक राज्य स्तरीय आवास मेला का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में एक ही स्थान पर पूरे प्रदेश की सभी संपत्तियों की जानकारी प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त, मेले में उपस्थित लोग ऑन-द-स्पॉट मकान बुकिंग कर सकेंगे और होम लोन के लिए कई बैंकों के स्टॉल भी होंगे। बुकिंग कराने वाले लोगों के लिए आकर्षक उपहार भी प्रदान किए जाएंगे। आवास मेला का लोगो का अनावरण अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव एवं आयुक्त श्री अवनीश शरण के करकमलों द्वारा गया।

 

*आंजनेय यूनिवर्सिटी में सांसद खेल महोत्सव–2025 की ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता का सफल आयोजन*

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*आंजनेय यूनिवर्सिटी में सांसद खेल महोत्सव–2025 की ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता का सफल आयोजन*

रायपुर,/सांसद खेल महोत्सव 2025 के अंतर्गत आज आंजनेय यूनिवर्सिटी परिसर, नरदहा में ब्लॉक स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने उत्साह और खेल भावना के साथ भाग लेते हुए प्रतियोगिता की गरिमा को बढ़ाया।

महोत्सव के अंतर्गत कुल नौ खेल – कबड्डी, कुश्ती, वॉलीबॉल, खो-खो, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, शतरंज और कैरम – का आयोजन किया गया, जिनमें खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रतिभा, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक कौशल का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल जी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि सांसद खेल महोत्सव का उद्देश्य युवाओं में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और उभरती प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि खेल अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और चरित्र निर्माण के सर्वोत्तम साधन हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अनेक खिलाड़ी भविष्य में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।

आंजनेय यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री अभिषेक अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालय के लिए यह गर्व की बात है कि सांसद खेल महोत्सव जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगिता का ब्लॉक स्तरीय चरण परिसर में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ाते हैं, बल्कि नेतृत्व, व्यक्तित्व विकास और अनुशासन का निर्माण भी करते हैं।

कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे :- डॉ. व्ही. के. गोयल, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग, श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, अध्यक्ष, चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड, छत्तीसगढ़ शासन, डॉ. सलीम राज, अध्यक्ष, वक्फ बोर्ड, श्री नवीन अग्रवाल अध्यक्ष, जिला पंचायत रायपुर, श्रीमती लक्ष्मी यशवंत टंडन सदस्य, जनपद पंचायत रायपुर, श्री संदीप जैन अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद आरंग, श्री टेकचंद साहू वरिष्ठ भाजपा नेता, श्रीमती नीलिमा वर्मा सरपंच, ग्राम पंचायत नरदहा, एसडीएम आरंग श्रीमती अभिलाषा पैकरा, जनपद सीईओ श्री अभिषेक बैनर्जी उपस्थित रहे |

कार्यक्रम में लगभग 1250 खिलाड़ी तथा 50 से अधिक खेल अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने आयोजन को सफल और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आंजनेय यूनिवर्सिटी परिसर में संपन्न यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों की प्रतिभा का उत्सव रहा, बल्कि क्षेत्र में खेल भावना और युवा ऊर्जा का सशक्त संदेश भी बनकर उभरा।

*धान खरीदी व्यवस्था से खुश हैं किसान नारायण पटेल*

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*धान खरीदी व्यवस्था से खुश हैं किसान नारायण पटेल*

*सेंदरी धान उपार्जन केंद्रों में किसानों के लिए समुचित इंतज़ाम*


आशीष कश्यप बिलासपुर, /15 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी ने अब रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है, जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों में किसान धान बेचने पहुंच रहे हैं। धान खरीदी के प्रति किसानों में काफी उत्साह है।सेंदरी धान उपार्जन केंद्र में धान बेचने पहुंचे
किसान नारायण पटेल ने व्यवस्था पर खुशी जताते हुए कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हित में लिए गए निर्णयों से अब किसानों का जीबन आसान हो गया है और खेती लाभकारी बन चुका है।
धान खरीदी शुरू होने के बाद छोटे बड़े सभी किसान धान बेचने उपार्जन केंद्र पहुंच रहे हैं। 15 नवम्बर से धान खरीदी का सिलसिला जारी है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल 21 क्विंटल की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से किसानों को बड़ी राहत मिल रही है। केंद्रों में मिल रही सभी सुविधाओं से किसान खुश हैं। विकासखण्ड बिल्हा के ग्राम कछार के किसान श्री नारायण प्रसाद पटेल उपार्जन केंद्र सेंदरी में 18 क्विंटल धान बेचने पंहुचे। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की व्यवस्था से किसानों को सुविधा मिल रही है, खरीदी व्यवस्था सुव्यवस्थित होने से किसानों को किसी तरह की समस्या नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि कि केंद्र में बारदाना, टोकन व्यवस्था और धान तौलने की प्रक्रिया सभी पारदर्शी और बेहतर रूप से चल रही है। कर्मचारियों का रवैया सहयोगपूर्ण होने से धान बेचने में उन्हें आसानी हुई। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू की है जिससे किसानों को काफी लाभ मिल रहा है उन्होंने कहा कि खेती करना अब काफी लाभदायक हो गया है क्योंकि सरकार समय समय पर सम्मान निधि के माध्यम से सहयोग कर रही है इस प्राप्त राशि का उपयोग किसान कृषि कार्य में कर रहे है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के साथ जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया 15 नवंबर से शुरू हो गई है। जो सुव्यवस्थित रूप से जारी है और किसान बिना किसी परेशानी के धान बेच पा रहे हैं धान का उचित मूल्य भी किसानों को शीघ्र भुगतान किया जाएगा। किसान नारायण पटेल ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हित में विभिन्न योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से किसान के जीवन में सकरात्मक बदलाव आ रहे है, और उनकी बहुत सी समस्याओं का निराकरण हुआ है।

*जल संसाधन विभाग में अमीन पदों की भर्ती परीक्षा 7 दिसंबर को*

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*जल संसाधन विभाग में अमीन पदों की भर्ती परीक्षा 7 दिसंबर को*

*जिले में 38 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी 126 केन्द्रों में देंगे परीक्षा*

*व्यापम ने ड्रेस कोड के पालन पर दिया बल*

आशीष कश्यप बिलासपुर, /जल संसाधन विभाग में अमीन के रिक्त पदों पर भर्ती की परीक्षा 7 दिसंबर को बिलासपुर सहित प्रदेश के 16 जिलों में एक साथ आयोजित की जा रही है, जिसमें सभी जिलों के अभ्यर्थी शामिल होंगे। अकेले बिलासपुर में 38 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी 126 केन्द्रों में शामिल होकर परीक्षा देंगे। जिला प्रशासन द्वारा व्यापम के निर्देशों के अनुरूप पुख्ता तैयारी की जा रही है। व्यापम ने निष्पक्ष और पारदर्शी पूर्ण आयोजन के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। उन्होंने ड्रेस कोड के पालन पर विशेष जोर दिया है।परीक्षार्थियों को इन निर्देशों का पालन करते हुए परीक्षा केंद्र में आने का आग्रह किया है।
व्यापमं द्वारा जारी दिशा निर्देशों में परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम के लिए निर्देशित किया गया है। परीक्षार्थियों को परीक्षा के एक दिन पूर्व परीक्षा केंद्र का अवलोकन करने की सलाह दी गई है, जिससे परीक्षा के दिन उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत न हो। परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने के दो घंटे पहले परीक्षा केंद्र पहंुचने के निर्देश है ताकि फोटोयुक्त मूल पहचान से उनकी जांच की जा सके। अभ्यर्थियों की प्रवेश से पहले कड़ी फ्रिस्किंग (तलाशी) अनिवार्य होगी। परीक्षा 12 बजे शुरू होगी। निर्धारित समय से 30 मिनट पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे और देर से आने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सुबह 11.30 बजे तक अभ्यर्थियों के प्रवेश की अनुमति होगी। इसके बाद किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षार्थियों को हल्के रंग के कपड़े और सीमित जेवर पहनने की सलाह दी गई है। फुल स्लीव शर्ट, जैकेट, गहरे रंग के कपड़े, मोटे तलवे वाले जूते, हाई हील, बड़े बटन युक्त कपड़े व काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी व गहरे चॉकलेटी रंग के कपड़े पहनना वर्जित होगा। साधारण स्वेटर बिना पॉकेट के पहनने की अनुमति होगी। स्वेटर के लिए हल्के रंग और आधे बाहों का बंधन नहीं होगा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पौशाक वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर सामान्य समय से पहले आना होगा, उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच के बाद ही ऐसे पोशाक में परीक्षा की अनुमति होगी।
महिला अभ्यर्थियों को भारी जेवर पहनने की अनुमति नहीं होगी।अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र के साथ मान्य फोटो पहचान पत्र (आधार/पैन,ड्राइविंग लाइसेंस/वोटर आईडी) लाना अनिवार्य है। परीक्षा केंद्र में चप्पल ही पहनकर आने की सलाह दी गई है। कान में किसी भी प्रकार के आभूषण, नथ, झुमके आदि पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। परीक्षा केंद्र में मोबाइल, घड़ी, कैलकुलेटर, पेन ड्राइव, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन के साथ ही पाउच, स्कॉर्फ व किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाना पूर्णतः प्रतिबंधित होगा। परीक्षा में नकल या किसी भी अनैतिक साधन के उपयोग पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। अभ्यर्थियों को केवल काले या नीले बॉल पेन के साथ ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलेगा।

 

*अनुबंधित समय-सीमा में काम नहीं करने वाले ठेकेदारों को डिग्रेड व टर्मिनेट किया जाएगा*

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*अनुबंधित समय-सीमा में काम नहीं करने वाले ठेकेदारों को डिग्रेड व टर्मिनेट किया जाएगा*

*पीडब्लूडी सचिव ने सड़क, सेतु और भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की*

*मुख्य अभियंता को गंभीरता से कार्यों की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग के दिए निर्देश, कहा जिम्मेदारी लेकर काम करें सभी अधिकारी*

*विभागीय प्रक्रियाओं और कार्यवाहियो में तेजी लाने ई-ऑफिस से होंगे काम

आशीष कश्यप बिलासपुर.. लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने आज बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं तथा सभी कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर सड़क, सेतु और भवन निर्माण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने आर.आर.पी. (Road Requirement Plan) और केंद्र प्रवर्तित आर.सी.पी.एल.डब्लू.ई.ए. (Road Connectivity Project in Left Wing Extremism Areas) के तहत स्वीकृत सड़कों और पुलों के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।

डॉ. सिंह ने नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में अनुबंधित समय-सीमा में काम नहीं करने वाले ठेकेदारों को डिग्रेड व टर्मिनेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता को गंभीरता से सभी तरह के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने कार्यों को निर्धारित समय में और गुणवत्ता के साथ पूरा करने सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी से काम करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के रायपुर के क्षेत्रीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री ज्ञानेश्वर कश्यप और सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एस.के. कोरी भी बैठक में शामिल हुए।

लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि विभागीय बजट के सदुपयोग के साथ लोगों की सुविधा के लिए फील्ड पर तेजी से काम कराएं। उन्होंने सड़कों, भवनों और सेतु निर्माण के कार्यों की गति तेज करते हुए उन्हें जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने विभागीय काम-काज में कसावट और तेजी लाने ई-ऑफिस से कार्य करने को कहा। प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी ने बैठक में बताया कि विभाग के सभी कार्यालयों को आगामी 1 दिसम्बर से ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने विभागीय प्रक्रियाओं और कार्यवाहियों में तेजी लाने ई-आफिस से ही फाइलें तैयार कर प्रमुख अभियंता कार्यालय भेजने को कहा। उन्होंने कार्यों की तकनीकी स्वीकृति के बाद बिना किसी देरी के निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए।

विभागीय सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने अधिकारियों को कार्यस्थलों का लगातार दौरा कर कार्यों की प्रगति का अपडेट रखने को कहा। उन्होंने सभी कार्यों में अपेक्षानुरूप प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कार्य प्रारंभ नहीं करने वाले, धीमी गति से काम करने वाले तथा अनुबंधित समय-सीमा में काम नहीं करने वाले ठेकेदारों को नोटिस जारी कर उनका पंजीयन डिग्रेड और निरस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने शैक्षणिक एवं छात्रावास भवनों के निर्माण कार्य आगामी शिक्षा सत्र की शुरूआत को ध्यान में रखकर पूर्ण कराने को कहा, ताकि सत्र के प्रारंभ से ही बच्चों को इनका लाभ मिल सके। उन्होंने सड़क मरम्मत के सभी कार्यों को आगामी दिसम्बर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।

डॉ. सिंह ने बैठक में बस्तर परिक्षेत्र के विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन सड़कों, भवनों और सेतु कार्यों की प्रगति के साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त ऐसे कार्यों जिनकी निविदा आमंत्रित की जानी है, की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों में प्रस्तावित बड़े कार्यों व परियोजनाओं को अमलीजाना पहनाने मैदानी कार्यालयों द्वारा की जा रही कार्यवाहियों की भी समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एम.एस. उरांव और अधीक्षण अभियंता श्री एस.के. सूर्यवंशी सहित परिक्षेत्र के सभी कार्यपालन अभियंता बैठक में मौजूद थे।

*ये काम जल्द होंगे पूर्ण*

बस्तर परिक्षेत्र के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि दंतेवाड़ा जिले में गीदम जनपद से बांगाबाड़ी बायपास तथा सुकमा जिले में ग्राम झापरा से पुसपल्ली मार्ग का काम 90 प्रतिशत पूरा हो गया है। इन दोनों कार्यों को दिसम्बर के अंत तक पूर्ण कर लिया जाएगा। कांकेर के खैरखेड़ा से गोटीटोला मार्ग का काम भी 60 प्रतिशत पूरा हो गया है। इसे दिसम्बर तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि गीदम-दंतेवाड़ा-किरंदुल मार्ग के उन्नयन और नवीनीकरण का कार्य भी 90 प्रतिशत पूरा हो गया है। इसे जनवरी-2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। कोंडागांव जिले में कोपरा से टाटीपारा मार्ग का निर्माण 60 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। इसे मार्च-2026 तक पूरा किया जाएगा। बास्तानार में आई.टी.आई. भवन का 85 प्रतिशत काम पूरा हो गया है जो मार्च-2026 तक पूर्ण हो जाएगा।

*Prime Minister Shri Narendra Modi Releases the 21st Installment of PM-Kisan from Coimbatore*

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*Prime Minister Shri Narendra Modi Releases the 21st Installment of PM-Kisan from Coimbatore*

*₹500 Crore Transferred to Bank Accounts of 25 Lakh Farmers in Chhattisgarh in the Presence of Union Minister Shivraj Singh Chouhan*

*Chhattisgarh to Get 2,500 km of New Rural Roads Worth ₹2,225 Crore Under PMGSY*

*Makhana Board Benefits Extended to Chhattisgarh Farmers: Shivraj Singh*

*“Under PM Modi’s Leadership, the Final Nail Has Been Driven into the Coffin of Naxalism”: Shivraj Singh*

*Expansion of Krishak Unnati Yojana to Cover Pulses, Oilseeds and Maize: Chief Minister Vishnu Deo Sai*

Raipur /Union Minister for Agriculture and Farmers’ Welfare and Rural Development Shivraj Singh Chouhan inaugurated rural road projects worth ₹2,225 crore, expansion of the National Makhana Development Board, direct payment of benefits under the Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi, and multiple development initiatives at the State-level ceremony held in Dhamtari today. The event witnessed the nationwide release of the 21st installment of the Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi by Prime Minister Narendra Modi from Coimbatore, along with the transfer of ₹500 crore directly into the bank accounts of 25 lakh farmers of Chhattisgarh. The presence of thousands of farmers and rural representatives marked the ceremony as a defining moment in the State’s development trajectory.

The programme was attended by Chhattisgarh Chief Minister Vishnu Deo Sai, Speaker Dr. Raman Singh, Union Minister of State Tokhan Sahu, Deputy Chief Minister Vijay Sharma, State Agriculture Minister Ramvichar Netam, Ministers Dayaldas Baghel and Tankram Verma, and several public representatives.

Union Minister Shivraj Singh Chouhan presented documents related to the approval of rural road projects worth ₹2,225 crore under the Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana. These projects will connect nearly 780 villages of Chhattisgarh with all-weather paved roads and lead to the construction of over 2,500 kilometres of new rural roads. He said that under the leadership of Prime Minister Narendra Modi, infrastructure development in rural India has received unprecedented momentum, and the expansion of road connectivity will significantly empower economic activities in the region.

Shri Chouhan announced that Chhattisgarh will now be included under the National Makhana Development Board. He said that this decision will provide major opportunities to the State’s farmers in production, processing, value addition, and access to national markets.

In his address, the Union Minister highlighted major national decisions taken under Prime Minister Modi’s leadership, including the construction of the Shri Ram Temple in Ayodhya, the peaceful abrogation of Article 370 in Jammu & Kashmir, passage of the Women’s Reservation Act, and reforms strengthening national security. He described these decisions as historic milestones in India’s journey towards development and self-reliance.

Shri Chouhan also underlined the decisive action taken against Naxalism in Chhattisgarh. He stated that coordinated anti-Naxal operations under the guidance of Union Home Minister Amit Shah have significantly reduced Naxal violence, bringing it to its “final stage.” He called this a transformative step for the State’s development, investment climate, and rural peace.

The Union Minister appreciated the efforts of the present State Government, stating that Chhattisgarh is now rapidly returning to the mainstream of development. He said that in previous years, corruption and commission-driven practices hindered the effective implementation of Central schemes, but benefits are now reaching farmers, rural citizens, and women transparently and directly.

Thousands of farmers and villagers participated in the programme. Approval letters, agricultural kits, implements, and other materials were distributed to beneficiaries of various schemes. An exhibition showcasing agricultural technology, rural infrastructure, women’s self-help groups, the Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana, and initiatives under Aatmanirbhar Bharat was also organised, which received enthusiastic participation.

Shri Chouhan lauded the achievements of Chhattisgarh as the State completes 25 years of formation, recalling the vision of former Prime Minister Atal Bihari Vajpayee who established the State. He said that the Centre and the State Government are committed to elevating Chhattisgarh into the league of leading Indian States.

Addressing the ceremony, Chief Minister Vishnu Deo Sai delivered a comprehensive statement focusing on farmers’ income enhancement, agricultural technology expansion, irrigation capacity, organic farming, and the Millet Mission. He stated that “the honour and prosperity of our farmers is the top priority of this Government.”

The Chief Minister said that the release of the PM-Kisan installment by Prime Minister Narendra Modi has today benefitted 24,70,640 farmers in the State. An amount of ₹494 crore has been transferred directly into the bank accounts of farmers, forest lease beneficiaries, and Particularly Vulnerable Tribal Group (PVTG) families. The Chief Minister noted that the State Government has registered 2,75,000 new farmers under the scheme, expanding overall coverage.

*Chhattisgarh Leading in Paddy Procurement*

The Chief Minister said that paddy procurement in the State is being made stronger and more farmer-centric. He stated that the Government is procuring paddy at ₹3,100 per quintal and allowing farmers to sell up to 21 quintals per acre. He added that the procurement of 149 lakh metric tonnes of paddy this year reflects the trust of farmers and the Government’s commitment. He also noted that in the early years of State formation, paddy procurement stood at barely 5 lakh metric tonnes, which has now increased manifold.

*Expansion of Krishak Unnati Yojana*

The Chief Minister informed that the scope of the Krishak Unnati Yojana has been expanded to include pulses, oilseeds, and maize. Farmers who are already availing benefits for paddy cultivation will also be eligible if they cultivate these crops.
The scheme has also been extended to farmers cultivating on sharecropping, lease, and submerged lands.
He further stated that nearly ₹1.25 lakh crore has been transferred to farmers’ accounts under various schemes over the past 22 months. He recalled that within two weeks of the formation of the Government, ₹3,716 crore was disbursed as bonus to 13 lakh farmers.

Speaking on the Millet Mission, the Chief Minister said that the increased national focus under Prime Minister Modi has benefitted traditional producers of kodo-kutki and ragi in Chhattisgarh. He cited the example of “JashPure” brand products made by women’s self-help groups in Jashpur district, stating that “mahua laddoo and kodo-kutki products are gaining popularity across the country.”

He highlighted the vast potential for organic farming in Chhattisgarh, particularly because tribal regions have historically used minimal chemical fertilisers.

The Chief Minister said that approval has been granted for ₹2,800 crore to complete 115 irrigation projects pending since 2015, which will provide irrigation benefits to lakhs of farmers.

He added that the reduction in Goods and Services Tax (GST) has boosted the purchase of tractors and agricultural machinery. “Several trade delegations report a significant increase in farmers’ purchasing power after the GST reduction,” he said.

The programme concluded with expressions of gratitude to farmers and a reaffirmation of the commitment to continue strengthening rural and agricultural development in Chhattisgarh.

*नशामुक्त भारत अभियान (NMBA) की 5वीं वर्षगाँठ पर छत्तीसगढ़ में 19,958 स्थलों पर 6.70 लाख से अधिक लोगों ने ली नशामुक्ति की शपथ*

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*नशामुक्त भारत अभियान (NMBA) की 5वीं वर्षगाँठ पर छत्तीसगढ़ में 19,958 स्थलों पर 6.70 लाख से अधिक लोगों ने ली नशामुक्ति की शपथ*

रायपुर,/ नशामुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगाँठ छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी और जागरूकता के अद्भुत संगम के रूप में मनाई गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न विभागों के समन्वय से पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर शपथ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें हर वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम रायपुर स्थित होटल मैरियट में आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव तथा संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत की शपथ ली और समाज से नशे के उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की।

प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों ने इस राष्ट्रीय अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की। 543 स्थलों पर 24,749 प्रतिभागियों, विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 505 कार्यक्रमों में 69,356 प्रतिभागियों ने शपथ ली। इसी क्रम में राज्य के 7,452 विद्यालयों में 3,98,675 छात्रों और शिक्षकों ने नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया।

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए आयोजित 9,355 कार्यक्रमों में 1,20,410 प्रतिभागियों ने नशा छोड़ने और दूसरों को प्रेरित करने का संकल्प लिया। साथ ही अन्य 2,103 आयोजनों में 57,570 लोगों ने शपथ लेकर अभियान को और मजबूत किया। इस प्रकार कुल 19,958 स्थलों पर 6,70,760 नागरिकों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यमों से एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण का प्रण लिया।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा नशामुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगाँठ का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम 18 नवंबर को गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देशभर की तरह छत्तीसगढ़ में भी व्यापक स्तर पर देखा गया। राज्य के सभी जिलों, विभागों, शासकीय कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में सामूहिक रूप से प्रसारण का अवलोकन किया गया, जिससे अधिक से अधिक लोग राष्ट्रीय कार्यक्रम से जुड़े।

नशामुक्त भारत अभियान, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित एक महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य मादक द्रव्यों, तंबाकू और शराब की लत जैसी सामाजिक बुराइयों से लोगों को बचाना तथा युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखना है। अभियान के तहत जन-जागरूकता कार्यक्रमों, शिक्षा संस्थानों की गतिविधियों, समुदाय की सहभागिता, काउंसिलिंग, उपचार और पुनर्वास सेवाओं को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि प्रभावित व्यक्तियों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में सहायता मिले।

समाज कल्याण विभाग ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, शहरी प्रशासन, युवा सेवाएँ सहित अनेक विभागों को अभियान से जोड़कर बहु-विभागीय समन्वय के माध्यम से नशामुक्ति की दिशा में एक व्यापक और प्रभावशाली जन-अभियान आगे बढ़ाया है।
इतनी बड़ी जनसहभागिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत संदेश दिया है कि राज्य नशामुक्त, स्वस्थ और जागरूक समाज निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। नशामुक्त भारत अभियान के तहत राज्य में जनजागरूकता, काउंसिलिंग और समुदाय आधारित गतिविधियाँ निरंतर जारी रहेंगी, जिससे छत्तीसगढ़ नशामुक्त और प्रगतिशील प्रदेश की दिशा में निरंतर आगे बढ़े।

*Chhattisgarh observes the 5th anniversary of Nasha Mukt Bharat Abhiyan with massive statewide participation*

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*Chhattisgarh observes the 5th anniversary of Nasha Mukt Bharat Abhiyan with massive statewide participation*

*Over 6.70 lakh citizens take anti-drug pledge at 19,958 locations across Chhattisgarh*

Raipur,  //The fifth anniversary of the Nasha Mukt Bharat Abhiyan in Chhattisgarh was observed as a powerful confluence of “public participation” and awareness on November 19. The Social Welfare Department, in coordination with various state departments, organised pledge-taking programmes at a massive scale across the state, drawing enthusiastic involvement from all sections of society.

The state-level main event was held at the Hotel Marriott, Raipur, in the presence of Shri Lokesh Kawadiya, Chairman of the Chhattisgarh State Divyangjan Finance & Development Corporation, Secretary of the Social Welfare Department, Shri Bhuvesh Yadav, and Director Smt. Roktima Yadav, officials and employees from several departments. Participants took the pledge for a “drug-free India” and expressed a collective commitment to eliminating substance abuse from society.

Statewide events infused fresh momentum into this national campaign. At 543 locations, 24,749 participants joined the pledge event, while 69,356 students participated in 505 programmes across universities and colleges. Similarly, in 7,452 schools, 3,98,675 students and teachers took a pledge to contribute to a “drug-free society”.

A total of 1,20,410 participants took the pledge in 9,355 programmes held for health workers and self-help groups, reaffirming the message of quitting addiction and motivating others. Additionally, 57,570 individuals participated in 2,103 other events, further strengthening the campaign. Altogether, 6,70,760 citizens pledged—both online and offline—at 19,958 locations to build a “healthy and safe society”.

Notably, the Government of India’s national-level ceremony marking the fifth anniversary of Nasha Mukt Bharat Abhiyan was organised on November 18 at Guru Nanak Dev University, Amritsar. The live telecast of the event was viewed widely across Chhattisgarh, with all districts, departments, government offices and educational institutions participating collectively, ensuring wider connection with the national programme.

Nasha Mukt Bharat Abhiyan, led by the Ministry of Social Justice and Empowerment, is a significant national initiative aimed at protecting citizens from the social ills of drug addiction, tobacco use and alcohol abuse, while steering the youth away from such harmful tendencies. The campaign continues to strengthen “community-based awareness”, educational activities, counselling, treatment and rehabilitation services to help affected individuals return to everyday life.

On the same day, the Social Welfare Department initiated a multi-departmental coordinated movement with several other departments to promote the de-addiction campaign across the state. The remarkable public participation has sent a “strong message at the national level” that Chhattisgarh is firmly committed to building a “drug-free, healthy and aware society”. Under the Nasha Mukt Bharat Abhiyan, awareness activities, counselling and community-based initiatives will continue across the state to ensure steady progress towards a drug-free and progressive Chhattisgarh.

*राज्य में 14,54,451 क्विंटल धान की हो चुकी है खरीदी*

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*राज्य में 14,54,451 क्विंटल धान की हो चुकी है खरीदी*

*उपार्जन केन्द्रों में तेज हो गई धान की आवक*

*19 नवंबर को किसानों से 7,11,335 क्विंटल धान उपार्जित*

*26.50 लाख किसानों का 29.27 लाख हेक्टेयर रकबा पंजीकृत*

*टोकन तुंहर एप्प से किसानों को हो रही है आसानी*

रायपुर,/ राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला जोर पकड़ने लगा है। धान खरीदी के 5वें दिन 19 नवंबर को किसानों से 7 लाख 11 हजार 335 क्विंटल धान की खरीदी की गई। धान उपार्जन का यह आंकड़ा बीते 4 दिनों में खरीदे गए धान की मात्रा के लगभग बराबर है। राज्य में 15 नवंबर से लेकर 19 नवंबर तक कुल 14 लाख 54 हजार 451 क्विंटल धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार धान खरीदी के साथ-साथ किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान भी शुरू कर दिया गया है। इसके लिए मार्कफेड द्वारा अपेक्स बैंक को 214.18 करोड़ रूपए जारी कर दिए गए हैैं। यहां यह बता दें कि राज्य के किसानों से क्रय किए गए धान के मूल्य भुगतान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मार्कफेड को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी पहले से दे रखी है। किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए सभी केन्द्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है। धान खरीदी की व्यवस्था पर निगरानी के लिए सभी केन्द्रों में अधिकारी तैनात किए गए हैं। राज्य स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तर के अधिकारी लगातार दौरा कर धान खरीदी एवं केन्द्रों की व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।

राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने पाए इसको लेकर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बाहर से धान की आवक की रोकथाम के लिए चेकपोस्ट पर अधिकारी तैनात किए गए हैं। जगह-जगह मॉलवाहकों की औचक जांच भी की जा रही है। गौरतलब है कि धान खरीदी में गड़बड़ी की रोकथाम के लिए राज्य में संचालित सघन अभियान के अंतर्गत अब तक धान के अवैध संग्रहण एवं परिवहन के कुल 373 मामले दर्ज किए गए हैं और 25 हजार 567 क्विंटल धान पकड़ा गया है।

खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के तहत आज सभी जिलों के उपार्जन केन्द्रों में कुल 7,11,353 क्विंटल धान की खरीदी हुई। राज्य के मैदानी हिस्से के जिलों जैसे बालोद, बेमेतरा, दुर्ग, कवर्धा, राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर जिले के उपार्जन केन्द्रों में धान की आवक काफी तेज हो गई है। बालोद जिले में अब तक 1,44,468 क्विंटल धान, बेमेतरा में 1,86,972 क्विंटल, दुर्ग में 1,33,514, कवर्धा में 58,958, राजनांदगांव में 1,60,247, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 90,416, बलौदाबाजार-भाटापारा में 1,18,565, धमतरी में 1,55,275, गरियाबंद में 64,090, महासमुंद में 60,883 तथा रायपुर जिले में 1,52,850 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है।

किसानों का मानना है कि धान खरीदी के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई टोकन तुंहर एप्प की ऑनलाईन व्यवस्था से टोकन प्राप्त करने और धान बेचने में आसान हो रही है। यहां यह उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन सीजन 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए राज्य के 26.50 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीकृत धान का रकबा 29.27 लाख हेक्टेयर है।