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*टेबल टेनिस महिला एवं पुरुष वर्ग की टीम पंडित रविशंकर यूनिवर्सिटी रायपुर के लिए हुई रवाना*

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*टेबल टेनिस महिला एवं पुरुष वर्ग की टीम पंडित रविशंकर यूनिवर्सिटी रायपुर के लिए हुई रवाना*

छत्तीसगढ़:- पूर्वी क्षेत्रीय टेबल टेनिस पुरुष /महिला वर्ग टेबल टेनिस प्रतियोगिता वर्ग आयोजन 15 दिसंबर से 19 दिसंबर तक पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर मे आयोजित है जिसके लिए अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय बिलासपुर की पुरुष टीम मे मोहम्मद उमर ,शाकिर मोहम्मद ,आयुष यादव ,हितेश शर्मा ,राजकमल शामिल है। महिला टीम मे मनीषा कश्यप ,उर्मिला धीवर ,नीलिमा यादव ,ललिता कश्यप टीम में शामिल है एवं टीम कोच डॉक्टर संतोष बाजपेई मैनेजर अविनाश निर्मलकर, श्रीमती ज्योति यादव टीम के साथ है ,अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेई ,कुल सचिव डॉक्टर तार्निश गौतम , विश्वविद्यालय के फिजिकल एजुकेशन डायरेक्टर डॉक्टर प्रमोद तिवारी टीम को अच्छे प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी गई ।

*साय सरकार की प्रथम कैबिनेट के दो वर्ष पूर्ण: 18 लाख पीएम आवास को दी गई थी स्वीकृति*

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*साय सरकार की प्रथम कैबिनेट के दो वर्ष पूर्ण: 18 लाख पीएम आवास को दी गई थी स्वीकृति*

*मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कॉफी टेबल बुक का किया विमोचन*

*प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का किया शुभारंभ*

*पीएम आवास के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र प्रदान किए*

रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2016 से 2026 की अवधि के लिए 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 17.14 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में मात्र दो वर्षों में लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विगत दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि राज्य में आवास निर्माण की गति को दर्शाती है। विशेष रूप से पिछले 6 महीनों में प्रतिदिन औसतन 2000 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया, जो प्रशासनिक दक्षता और सतत निगरानी का परिणाम है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का शुभारंभ अप्रैल 2016 में किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत प्रति आवास 1.20 लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही, योजना का अन्य योजनाओं से अभिसरण किया गया है, जिसके तहत मनरेगा से 90 दिवस की मजदूरी तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से 12 हजार रूपए की सहायता शौचालय निर्माण हेतु दी जाती है, जिससे हितग्राही को संपूर्ण आवास सुविधा प्राप्त हो सके।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का कार्य मोर गांव-मोर पानी महाअभियान के अंतर्गत क्रियान्वित किया जा रहा है। इन डबरियों का निर्माण पात्र हितग्राहियों की निजी भूमि पर किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही भी सम्मिलित हैं। सभी डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

आजीविका डबरी परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, सिंचाई सुविधा में वृद्धि, मत्स्य पालन, बत्तख पालन, वृक्षारोपण एवं सिघाड़ा उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका के अतिरिक्त अवसर प्राप्त होंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। इस प्रकार, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा के अभिसरण से राज्य सरकार ग्रामीण विकास, आवास सुरक्षा, रोजगार सृजन और जल संरक्षण के लक्ष्यों को एक साथ साकार कर रही है, जो छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

*CM Shri Vishnu Deo Sai releases ‘Urjavan Chhattisgarh’ coffee table book*

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*CM Shri Vishnu Deo Sai releases ‘Urjavan Chhattisgarh’ coffee table book*

Raipur,  //Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Sunday released the coffee table book ‘Urjavan Chhattisgarh’, published by the Chhattisgarh State Power Board on the occasion of its silver jubilee, at the Chief Minister’s Office in the new Vidhansabha complex. The book chronicles the 25-year journey of Chhattisgarh since its formation, highlighting the achievements, milestones and development of the Chhattisgarh State Power Board and its successor power companies.

Addressing the gathering, CM Shri Sai said the coffee table book serves as a vivid documentation of the historic transformation of Chhattisgarh’s energy sector, showcasing infrastructure development, innovations and public service-oriented initiatives. He noted that the publication captures the state’s significant accomplishments in the power sector through robust planning, adoption of modern technology and a consumer-centric approach. The book highlights wide-ranging reforms in the electricity sector, from the establishment of supercritical thermal power plants and achieving an installed capacity of 32,000 MW to strengthening coal mining operations and expanding the statewide transmission and distribution network.

The chief minister congratulated the Chhattisgarh State Power Board team and extended his best wishes, while also appreciating the dedication, commitment and contributions of officers and employees working in the energy sector.

The event was attended by CM’s principal secretary and chairman of Chhattisgarh State Power Transmission Company Mr Subodh Kumar Singh; energy secretary and chairman of Chhattisgarh State Power Generation and Distribution Company Mr Rohit Yadav; Managing Director of Chhattisgarh State Power Transmission Company Mr Rajesh Kumar Shukla; Managing Director of Chhattisgarh State Power Distribution Company Mr Bhim Singh Kanwar; and senior officials Mr J.S. Netam, Mr Sanjeev Singh and Mr Ashutosh Jaiswal.

*विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 पर विस्तृत चर्चा*

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*विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 पर विस्तृत चर्चा*

*वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने राज्य के दीर्घकालिक विकास विज़न का रखा स्पष्ट रोडमैप*

रायपुर,/ छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्य के दीर्घकालिक विकास दस्तावेज “छत्तीसगढ़ अंजोर 2047” पर व्यापक और सारगर्भित चर्चा हुई। सदन में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने इस महत्वाकांक्षी विज़न डॉक्यूमेंट पर विस्तृत चर्चा करते हुए इसके उद्देश्य, आवश्यकता और क्रियान्वयन की रूपरेखा को विस्तार से रखा।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि “छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 केवल एक नीति दस्तावेज नहीं, बल्कि अगले 25 वर्षों में राज्य को समृद्ध, आत्मनिर्भर और समावेशी विकास की दिशा में ले जाने का संकल्प है।” उन्होंने बताया कि यह विज़न भारत की आज़ादी के 100 वर्ष पूर्ण होने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विशेषताओं को केंद्र में रखा गया है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने चर्चा में स्पष्ट किया कि तेज़ी से बदलते वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य में राज्य को दीर्घकालिक दृष्टि के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि, शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन, तकनीकी विकास और युवाओं की बढ़ती आकांक्षाओं को देखते हुए योजनाबद्ध और दूरदर्शी नीति अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 का उद्देश्य आर्थिक विकास को गति देना, युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार सुनिश्चित करना, किसानों, श्रमिकों और आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना, पर्यावरण संरक्षण के साथ औद्योगिक विस्तार करना, सुशासन, पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस को सुदृढ़ बनाना है।

*विकास के प्रमुख स्तंभ*

वित्त मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 को कई प्रमुख स्तंभों पर आधारित किया गया है। इनमें कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण, औद्योगिक निवेश और स्टार्टअप को बढ़ावा, शिक्षा और कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, महिला सशक्तिकरण, आधारभूत संरचना का विकास और हरित विकास शामिल हैं।

उन्होंने विशेष रूप से कहा कि राज्य की युवा आबादी को “डेमोग्राफिक डिविडेंड” में बदलना इस विज़न का प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और नवाचार को प्राथमिकता दी गई है।

*सार्वजनिक सहभागिता और पारदर्शिता*

मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 को तैयार करने में विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के सुझावों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया में जनभागीदारी और नियमित समीक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।

*सदन में सकारात्मक चर्चा*

विधानसभा में इस विषय पर उपस्थित सदस्यों ने अपने विचार रखे और राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए इस पहल को महत्वपूर्ण बताया। चर्चा के दौरान यह भावना उभरकर सामने आई कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 राज्य को एक स्पष्ट दिशा और लक्ष्य प्रदान करेगा।

अंत में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ अंजोर 2047 हमारे बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य का दस्तावेज है। सरकार का संकल्प है कि इस विज़न को धरातल पर उतारकर छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जाएगा।

*विकसित छत्तीसगढ़ का रोडमैप है छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

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*विकसित छत्तीसगढ़ का रोडमैप है छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में छत्तीसगढ अंजोर विजन 2047 पर चर्चा करते हुए कहा कि यह विजन प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का स्पष्ट रोडमैप है। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज आने वाले वर्षाे में राज्य के विकास की दिशा तय करेगा। उन्होंने इस मौके पर विकसित छत्तीसगढ के निर्माण में सहभागी बनने के लिए सभी सदस्यों से आव्हान किया। उन्होंने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए राज्य के अतीत, वर्तमान उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला।

*भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था*

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि 14 दिसंबर 2000 को राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में छत्तीसगढ़ विधानसभा की पहली बैठक आयोजित हुई थी। यह जशपुर हॉल स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव द्वारा अपने सांसद निधि से निर्मित कराया गया था। उन्होंने इस स्मृति का उल्लेख करते हुए प्रदेश की लोकतांत्रिक यात्रा को नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने विज़न डॉक्यूमेंट के निर्माण के लिए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में यह दस्तावेज तैयार हुआ है, जो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा तय करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद वे अब तीसरी बार देश का नेतृत्व कर रहे हैं और उनके प्रयासों से भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

*विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा के लिए हमने कुछ महत्वपूर्ण चरण*

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का जो लक्ष्य रखा है। उनके अनुरूप हमने भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा के लिए हमने कुछ महत्वपूर्ण चरण बनाये हैं। हमने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए समय अवधि तय की है। जैसे वर्ष 2030 तक हम निकटवर्ती लक्ष्य हासिल करेंगे। इसी तरह साल 2035 तक मध्यवर्ती और 2047 तक दीर्घकालिक लक्ष्य हासिल करेंगे।

*अंजोर विजन में 13 क्षेत्रों को किया गया चिन्हांकित*

छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डाक्यूमेंट जनभागीदारी का एक बेहतरीन उदाहरण है। इसे तैयार करने के लिए हमने किसान, युवा, महिला, उद्यमी, कारोबारी समेत समाज के हर वर्ग से सुझाव मांगे। मुझे स्वयं उनसे प्रत्यक्ष बातचीत करने का मौका मिला। इस अंजोर विजन में हमने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, अधोसंरचना जैसे 13 क्षेत्रों को चिन्हांकित कर इनके विकास के लिए 10 मिशन गठित करने का निर्णय लिया। हम ग्रामीण विकास के साथ.साथ अर्बन प्लानिंग के बेहतरीन मॉडल खड़े कर रहे हैं। नवा रायपुर भविष्य का सबसे तेजी से बढ़ने वाला शहर है। यह शहर मेडिकलए एजुकेशन, टेक्सटाइल, आईटी और एआई का ग्लोबल हब बनने जा रहा है। हम ग्रामीण विकास के साथ.साथ अर्बन प्लानिंग के बेहतरीन मॉडल खड़े कर रहे हैं। नवा रायपुर भविष्य का सबसे तेजी से बढ़ने वाला शहर है। यह शहर मेडिकल, एजुकेशन, टेक्सटाइल, आईटी और एआई का ग्लोबल हब बनने जा रहा है।

*गरीबों, किसानों और वंचित वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक योजनाएं*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बीते वर्षों में गरीबों, किसानों और वंचित वर्गों के लिए अनेक योजनाएं चलाई गईं और राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सतत प्रयास किए गए। उन्होंने बताया कि सरकार की पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवासों को स्वीकृति दी गई। महिला सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना एक ऐतिहासिक पहल बनी। लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। डीबीटी के माध्यम से अब तक 22 किस्तों में 14 हजार 306 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज और वनोपज संग्राहकों के हित में तेंदूपत्ता पारिश्रमिक 4000 से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया है। 13 लाख परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। चरणपादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है तथा 73 लाख गरीब परिवारों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है।

*इको-टूरिज्म, बस्तर पंडुम तथा बस्तर ओलंपिक से बनी बस्तर की पहचान*

बस्तर में बस्तर ओलंपिक एवं बस्तर पांडुम जैसे कार्यकमों के माध्यम से बस्तर की आम जनता तक पहुंच रहे है।इस साल बस्तर पांडुम में इस बार 3 गुना लोगों के हिस्सा लेने का अनुमान है। जो हमारी सरकार की सफलता को दिखाती है। आइए इस ऐतिहासिक दिन में हम सभी संकल्प ले की प्रदेश की विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को पूरा करे। इको-टूरिज्म, बस्तर पंडुम तथा बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन नई पहचान बना रहे हैं।

*8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त*

श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार और उद्योग के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। अब तक 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। लॉजिस्टिक पार्क, एयर कार्गाे सुविधा और औद्योगिक पार्क स्थापित किए गए हैं। स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारी सरकार 2 साल में 10 हजार से ज्यादा बेटी बेटा को सरकारी नौकरी दिया गया है। ऊर्जा क्षेत्र में साढ़े तीन लाख करोड़ का निवेश हुआ है।

*आत्मसमर्पण करने वाले और गिरफ्तार हुए माओवादी का पुनर्वास*

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की दूरदृष्टि एवं केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के संकल्प के साथ हमारे बहादुर जवानों के अदम्य साहस से माओवाद अब अंतिम पड़ाव पर है। हम मार्च 2026 तक माओवाद की समाप्ति की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले और गिरफ्तार हुए माओवादी का पुनर्वास किया जा रहा है। सुरक्षा के साथ-साथ विकास के जरिए बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत सुदूर गांवों में राशन, आधार, आयुष्मान कार्ड, आवास, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। बस्तर में स्कूल पुनः शुरू हुए हैं और इको-टूरिज्म, बस्तर पंडुम तथा बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन नई पहचान बना रहे हैं।

*छत्तीसगढ़ खनिज और वन संपदा से समृद्ध राज्य*

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 10 हजार से अधिक बेटियों और बेटों को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज और वन संपदा से समृद्ध राज्य है। मुख्यमंत्री ने सदन और प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि सभी मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने का संकल्प लें।

*पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में डबल सब्सिडी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों पर सोलर रूफटॉप लगाने पर केंद्र और राज्य की डबल सब्सिडी प्रदान कर रहे हैं। ऊर्जा क्षेत्र में साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी दी जा रही है। सौर ऊर्जा के एक किलोवॉट क्षमता के प्लांट के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 30 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रूपए इस प्रकार कुल 45 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के द्वारा प्रस्तुत विज़न 2047 की चर्चा में भाग लेने वालों में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, श्री विजय शर्मा, मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक सर्वश्री अजय चन्द्राकर, धरमलाल कौशिक, राजेश मूणत, धरमजीत सिंह, सुनील सोनी, श्रीमती भावना बोहरा, सुश्री लता उसेंडी, अनुज शर्मा, सुशांत शुक्ला तथा किरण देव शामिल रहे।

*किसानों से अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई*

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*किसानों से अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई*

*कलेक्टर के निर्देश पर नरदहा समिति का कर्मचारी सेवा से पृथक*

रायपुर,/ प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति नरदहा के कर्मचारी श्री राकेश जांगड़े के विरुद्ध किसानों से अवैध रूप से धनराशि लेने की शिकायत प्राप्त होने पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) आरंग द्वारा जांच के आदेश जारी किए गए।

जांच में यह तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आया कि संबंधित कर्मचारी द्वारा किसानों पर टोकन जारी करने तथा धान की गुणवत्ता में कमी बताने के नाम पर अनुचित दबाव बनाया गया और अवैध रूप से धन वसूली की गई। मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, जिला रायपुर द्वारा कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए श्री राकेश जांगड़े को सेवा से पृथक करने की कार्यवाही सुनिश्चित की गई।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता, शोषण या भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

*मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री यशवंत कुमार ने SIR की प्रगति की समीक्षा की*

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*मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री यशवंत कुमार ने SIR की प्रगति की समीक्षा की*

*बीएलओ ऐप से गणना पत्रक अपलोड अनिवार्य :- मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी*

रायपुर, ।कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में आज मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री यशवंत कुमार की अध्यक्षता में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची के अद्यतन कार्य की विस्तार से समीक्षा की गई।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री यशवंत कुमार ने सभी रजिस्ट्रीकरण निर्वाचन अधिकारियों (ERO) एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण निर्वाचन अधिकारियों (AERO) को निर्देशित किया कि अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में गणना पत्रकों का भौतिक परीक्षण कर बीएलओ ऐप के माध्यम से अनिवार्य रूप से अपलोड कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, उनके संबंध में आवश्यक प्रमाण सुरक्षित रखा जाए।

श्री कुमार ने निर्देश दिए कि छूटे हुए सभी पात्र मतदाताओं का पुनरीक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा ASD (अनुपस्थित, स्थानांतरित एवं मृत) श्रेणी के मतदाताओं का भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप सटीक सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही Uncollected (अप्राप्त) गणना पत्रकों की सूची के संबंध में राजनीतिक दलों के बीएलए के साथ अनिवार्य रूप से समन्वय बनाकर कर उनके हस्ताक्षर प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को मतदाता सूची के अद्यतन कार्य को अत्यंत संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे।

बैठक में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, उप मुख्यनिर्वाचन पदाधिकारी श्री जय उराव और श्री मनोज कोसरिया, डिप्टी डीईओ श्री नवीन कुमार ठाकुर सहित समस्त ईआरओ एवं एईआरओ सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

*मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत स्वरोजगार स्थापना के लिए आवेदन आमंत्रित*

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*मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत स्वरोजगार स्थापना के लिए आवेदन आमंत्रित*


आशीष कश्यप बिलासपुर,/छ.ग. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड जिला पंचायत बिलासपुर में राज्य शासन के द्वारा संचालित योजना मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम जिसके अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रो के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को स्वरोजगार स्थापना हेतु बैंको के माध्यम से ऋण राशि प्रदान किया जाता है। इस योजनान्तर्गत विनिर्माण क्षेत्र हेतु अधिकतम ऋण राशि 3 लाख एवं सेवा क्षेत्र के लिए ऋण राशि 1 लाख तक का ऋण राशि बैंको के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के ही हितग्राही समूह, व्यक्तिगत ऑफलाईन आवेदन कर सकते है। बैंको द्वारा स्वीकृत प्रोजेक्ट राशि पर 35 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाता है।
आवेदन करने के लिए आवेदक का उम्र 18 से 45 वर्ष होनी चाहिए। आवेदक के साथ आवश्यक दस्तावेज शैक्षणिक योग्यता 8वी उत्तीर्ण, जाति निवास प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारी द्वारा सत्यापित होना चाहिए, अनापत्ति प्रमाण पत्र जो सरपंच या नगर पंचायत अध्यक्ष से प्रमाणित होना चाहिए आधार कार्ड, पेन कार्ड, पासपोर्ट साईज दो फोटो, प्रोजेक्ट रिपोर्ट आदि के साथ आवेदक अपना आवेदन पत्र आवश्यक दस्तावेज के साथ विभाग में जमा करने के पश्चात स्वीकृत हेतु संबंधित बैंक को भेजा जाता है। अधिक जानकारी प्राप्त करने हेतु छ.ग. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड न्यू कम्पोजिट बिल्डिंग द्वितीय तल कक्ष क.17 जिला कार्यालय में उपस्थित होकर विधिवत् आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। सहायक संचालक अशोक सिंह परिहार का दूरभाष नंबर (7898985233 ) में संपर्क किया जा सकता है।

 

 

 

*हमने बनाया है हम ही संवारेंगे, विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना करेंगे पूरी – श्री अरुण साव*

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*हमने बनाया है हम ही संवारेंगे, विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना करेंगे पूरी – श्री अरुण साव*

*उप मुख्यमंत्री ने विधानसभा में छत्तीसगढ़ अंजोर-2047 पर चर्चा में लिया हिस्सा, अपने विभागों का रोडमैप किया साझा*

*आरकेसी के जशपुर भवन से नए विधानसभा भवन की यात्रा को समाहित कर श्री साव ने बताया विजन-2047*

*वर्ष 2047 तक आधुनिक, सुरक्षित, समावेशी, स्वच्छ, हरित, जलवायु सहिष्णु तथा तकनीकी रूप से सक्षम शहरी तंत्र विकसित करने का लक्ष्य*

*राजनांदगांव से भानुप्रतापपुर-नारायणपुर होते हुए गीदम तक वैकल्पिक मार्ग की योजना पर हो रहा काम*

*छत्तीसगढ़ में होंगे नेशनल ट्राइबल गेम्स*

*पिछले दो वर्षों में दिए गए 5.79 लाख ग्रामीण घरेलू नल कनेक्शन*

आशीष कश्यप बिलासपुर…. छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन में पहली बार आयोजित सत्र के पहले दिन आज छत्तीसगढ़ सरकार के विजन डॉक्युमेंट ‘छत्तीसगढ़ अंजोर-2047’ पर दिनभर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने चर्चा में भाग लेते हुए 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए अपने विभागों के रोडमैप साझा किए। उन्होंने कहा कि
आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है। आज से ठीक 25 साल पहले 14 दिसम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ विधानसभा का पहला सत्र प्रारंभ हुआ था। राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में टेंट से शुरू हुआ विधानसभा का सफर आज अपने स्वयं के इतने विशाल, भव्य और आधुनिक भवन में पहुंच गया है।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सदन में कहा कि आज का दिन श्रद्धेय स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करने का दिन है। उनके कारण यह दिन आया है। विधानसभा का 25 सालों का सफर टेंट से प्रारंभ होकर इस विशाल इमारत तक पहुंचा है। इसका श्रेय अटलजी को जाता है। उन्होंने कहा कि विजन-2047 विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का रोडमैप है। छत्तीसगढ़ राज्य को हमने बनाया है और इसे हम ही संवारेंगे और विकसित करेंगे। इसके लिए हमने ठोस रणनीति और चरणबद्ध योजनाएं बनाई हैं। सरकार के दृष्टि-पत्र ‘छत्तीसगढ़ अंजोर-2047’ से भी इसमें बड़ी मदद मिलेगी।

श्री साव ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ तेजी से विकास कर रहा रहा है। देश में हौसलेवाला प्रधानमंत्री है जिन्होंने विकसित भारत का संकल्प लिया है। छत्तीसगढ़ में विष्णु के सुशासन के साथ हमारे मुख्यमंत्री ने विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लिया है। हमारी यात्रा ज्ञान (GYAN) यानि गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के सशक्तीकरण पर केंद्रित है।

श्री साव ने सदन में राज्य के शहरों में विकास की कार्ययोजना साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ तीव्र गति से विकसित होता हुआ राज्य है जहाँ वर्तमान में कुल 193 नगरीय निकाय हैं। इनमें 14 नगर निगम, 56 नगर पालिका तथा 123 नगर पंचायत शामिल हैं। हमारी शहरी जनसंख्या वर्तमान में लगभग 78.10 लाख है, जो वर्ष 2047 तक 1.3 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। जनसंख्या में इस तीव्र वृद्धि से यह स्पष्ट होता है कि बुनियादी सेवाओं, आवास, आधारभूत संरचना, शहरी परिवहन, पर्यावरणीय प्रबंधन तथा डिजिटल शासन के क्षेत्रों में व्यापक और चरणबद्ध सुधारों की नितांत आवश्यकता है।

उन्होंने सदन में बताया कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का उद्देश्य वर्ष 2047 तक ऐसे शहरी तंत्र का निर्माण करना है जो आधुनिक, सुरक्षित, समावेशी, स्वच्छ, हरित, जलवायु सहिष्णु तथा तकनीकी रूप से सक्षम हो। पिछले दो दशकों में शहरीकरण की दर 23 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 27.1 प्रतिशत हो चुकी है तथा शहरी स्थानीय निकायों की संख्या 97 से बढ़कर 193 तक पहुँच गई है। यह प्रत्यक्ष संकेत है कि आने वाले वर्षों में राज्य के आर्थिक एवं सामाजिक विकास के प्रमुख संवाहक शहर ही होंगे। मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, नालंदा परिसर जैसी अनेक योजनाओं से शहरों के विकास के लिए काम हो रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण में सात नगरीय निकायों को पुरस्कार मिला है।

श्री साव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के कार्यों में गुणवत्ता सुधार के लिए लगातार दिशा-निर्देश जारी किये जा रहे हैं एवं तद्नु‌सार कार्यवाही कराया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता में क्रमोन्नत सुधार हो रहा है। अव्यवस्थित शहरी आबादी को व्यवस्थित करने के लिए सेटेलाइट टाउनशिप डेव्हलपमेंट के तहत बड़े शहरों एवं उनके समीपस्थ शहरों को फोरलेन से जोड़ने के लिए फोरलेन सड़कों के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए बायपासों के निर्माण को प्राथमिकता से बजट में सम्मिलित किया गया है।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों के भारी एवं सघन यातायात एवं अंतर्राज्यीय सीमावर्ती सड़कों को उन्नत करने के लिए प्राथमिकता देते हुए बजट में प्रावधान किया गया है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रोड सेफ्टी कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। बजट में पहली बार रोड सेफ्टी के लिए अलग से शीर्ष प्रदान कर राशि आबंटित की गई है। दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों पर आवश्यक सुधार कार्य कराये जा रहे हैं। बस्तर को जोड़ने के लिए राजनांदगांव से भानुप्रतापपुर-नारायणपुर होते हुए गीदम तक वैकल्पिक मार्ग की योजना पर काम किया जा रहा है। सभी ब्लॉक मुख्यालयों को टू-लेन सड़कों से जोड़ने की योजना है।

श्री साव ने कहा कि समग्र विकास में कनेक्टिविटी आधारभूत भूमिका निभाती है। अंजोर विजन में हमने ‘एकीकृत अधोसंरचना विकास’ (Integrated Infrastructure Development) का रोडमैप तैयार किया है। वर्ष 2047 तक सभी गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य भी विजन में समाहित है।

श्री साव ने सदन में बताया कि अंजोर विजन में राज्य के युवाओं को कौशल, खेल और नवाचार का आधार प्रदान किया गया है। हम प्रत्येक जिले में आधुनिक ‘मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’ विकसित करेंगे। खिलाड़ियों को डेटा-आधारित प्रशिक्षण, फिजियोथेरेपी और पोषण सहायता देने के लिए ‘स्पोर्ट्स साइंस सेंटर’ स्थापित किए जाएंगे। राज्य में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एग्री-टेक, रोबोटिक्स, फिनटेक और एआई जैसे क्षेत्रों में स्टार्ट-अप्स का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है। राज्य में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। हम उन्हें हर सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं।

श्री साव ने कहा कि जल आपूर्ति जीवन की गुणवत्ता से जुड़ा विषय है। हमारी सरकार “हर घर जल” से आगे बढ़कर “जल सुरक्षा” (Water Security) पर केंद्रित है। जल जीवन मिशन में बीते दो वर्षों में हमने 5,79,056 नए नल कनेक्शन प्रदान किये हैं। भू-जल की कमी वाले क्षेत्रों के लिए 70 समूह जल प्रदाय योजनाओं (Group Water Supply Schemes) का काम प्रगति पर है।

*सुगम और पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था से किसानों को मिला बड़ा लाभ*

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*सुगम और पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था से किसानों को मिला बड़ा लाभ*

आशीष कश्यप बिलासपुर, /जिले में इस वर्ष धान खरीदी व्यवस्था पूरी तरह सुचारू, पारदर्शी और किसान-हितैषी साबित हो रही है। टोकन तुंहर हाथ ऐप के माध्यम से किसानों को घर बैठे ही आसानी से टोकन प्राप्त हो रहे हैं, जिससे खरीदी केंद्रों में अनावश्यक भीड़, भागदौड़ और प्रतीक्षा जैसी समस्याएँ लगभग समाप्त हो गई हैं। साथ ही बारदाना उपलब्धता, तौल, भंडारण और भुगतान की सभी प्रक्रियाएँ इस बार पहले से अधिक सुव्यवस्थित और समयबद्ध की गई हैं।
सैदा धान खरीदी केंद्र पहुँचे चिचिरदा के किसान रामसाय साहू ने बताया कि वे 1 एकड़ भूमि में खेती करते हैं और इस वर्ष उनकी पैदावार अच्छी रही। उन्होंने मोबाइल से ही टोकन कटवाया और 19 क्विंटल 60 किलो धान लेकर केंद्र पहुँचे। उन्होंने कहा कि तौल प्रक्रिया पूरी तरह आसान रही और धान बिकते ही वे चिंतामुक्त हो गए। वहीं मेण्ड्रा निवासी किसान विष्णुप्रसाद वर्मा 50 क्विंटल धान लेकर केंद्र पहुँचे। उन्होंने बताया कि खरीदी केंद्र में किसानों के लिए सभी सुविधाएँ आसानी से उपलब्ध हैं। उन्हें मिल रहा समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल उनकी आमदनी में बढ़ोतरी कर रहा है। श्री वर्मा कहते हैं कि सरकार की पारदर्शी और व्यवस्थित खरीदी व्यवस्था ने उनके सपनों को साकार करने में मदद की है।