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*चाकूबाजी करने वाले आरोपी को चंद घंटो में किया गया गिरफ्तार।*

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*चाकूबाजी करने वाले आरोपी को चंद घंटो में किया गया गिरफ्तार।*
*आरोपी शराब पीने के लिये पैसे की मांग करने पर रकम नही मिलने पर किया बटनदार चाकू से हमला ।
*आरोपी से बटनदार चाकू व घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल स्प्ल्ेाडर किया गया जब्त

आशीष कश्यप बिलासपुर – मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी हरिओम सिंह ठाकुर पिता स्व करण सिंह ठाकुर उम्र 45 साल निवासी पकरिया चौकी मल्हार थाना मस्तुरी जिला बिलासपुर का थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 01.01.2026 को शाम करीबन 05.30 बजे वह ग्राम पकरिया हाई स्कुल के पास खडा था पास में उसका भतीजा अमन सिंह एवं अभिजीत सिंह ठाकुर खडे थे उसी समय मस्तूरी के ग्राम किरारी निवासी सुमित सिंह ठाकुर अपने साथी के साथ मोटर सायकल से आया और अमन सिंह व अभिजीत सिंह से शराब पीने के लिये पैसा मागने लगा नही देने पर सुमित व अभय मां बहन की अश्लील गाली गलौच देते हुये सुमित सिंह जेब में रखे बटनदार धारदार चाकू निकालकर अभिजीत को मारने के लिये चाकू लेकर दौडा। बीच बचाव करने आये अमन ठाकुर के दाहिने हाथ के अंगूठा के पास चाकू से चोट लगकर खून निकला है। प्राथी व गावाहो को रिपोर्ट करोगे तो जान से मार दुंगा बोलकर धमकी दे रहा था कि प्राथी की रिपोर्ट पर अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया है। प्रकरण के आहत अमन सिंह ठाकुर के दाहिने हाथ की हथेली पर चोट लगने से उपचार हेतु सीएचसी मस्तुरी भेजा गया था जो डाक्टर साहब ने शार्प आक्जेक्ट चोट होना लेख किये है जो प्रकरण में धारा 118(1) बीएनएस जोडी गई। प्रकरण के विवेचना के दौरान आरोपी सुमित सिंह ठाकुर को ग्राम पकरिया पर जाकर घेराबंदी कर पकडकर पूछताछ किया गया जो घटना को करना स्वीकार किया। आरेापी से घटना में प्रयुक्त एक नग बटनदार स्टीलनुमा धारदार चाकू घटना में प्रयुक्त एक बिना नंबर का स्प्लेंडर मोटर सायकल हीरो कंपनी का गवाहों के समक्ष मुताबिक जप्ती पत्रक के जब्त किया गया विवेेचना पर आरेापी के खिलाफ आम्र्स एक्ट का अपराध घटित करना पाये जाने से प्रकरण में धारा 25,27 आम्र्स एक्ट जोडी गई। आरेापी सुमित सिंह ठाकुर को गिर. कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया गया है । प्रकरण का 01 आरोपी अभय सिंह ठाकुर घटना के बाद से फरार है। जिसकी पतासाजी की जा रही है।

*नव वर्ष मनाने के दौरान चाकूबाजी करने वाला आरोपी गिरफतार*

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*नव वर्ष मनाने के दौरान चाकूबाजी करने वाला आरोपी गिरफतार*
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गिरफतार आरोपी –
01 बलबीर धु्रव पिता इद्रांज धु्रव उम्र 25 साल साकिन साई मंदिर के पास तोरवा बिलासपुर
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आशीष कश्यप बिलासपुर – मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार हैं,कि दिनांक 31.12.2025 के प्रार्थी अर्जित विश्वास निवासी साई मंदिर सिंधी कालोनी तोरवा अपने घर के पास रात्रि में नया साल मना रहे थे कि आरोपी बलबीर एवं उसके एक अन्य साथी प्रार्थी से विवाद कर प्रार्थी के पीठ में चाकू से हमला कर चोट पहुचाया हैं। रिपोर्ट पर गैर जमानती अपराध पंजीबद्ध कर तोरवा पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुये मुख्य आरोपी बलबीर धु्रव को आज 02.01.2025 के गिरफतार कर न्यायालय में पेश किया गया है।

*Decades-Old Pending Projects Now Being Completed on a Time-Bound Basis: Chief Minister Shri Sai*

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*Decades-Old Pending Projects Now Being Completed on a Time-Bound Basis: Chief Minister Shri Sai*

*PRAGATI platform stands as strong evidence of the Centre’s decisive governance under Prime Minister Shri Narendra Modi: Chief Minister Shri Sai*

Raipur, //Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai stated that under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi, the country’s development pace has reached new heights. He stated that several crucial infrastructure and energy projects that remained pending for decades are now being completed in a “time-bound and effective manner” through the PRAGATI platform. This reflects the Union Government’s “result-oriented, accountable, and decisive” style of governance.

The Chief Minister stated that the positive impact of the PRAGATI platform is clearly visible in Chhattisgarh. The modernisation of the Bhilai Steel Plant has not only accelerated rail production in the country but has also created employment opportunities for thousands of youth. This initiative has strengthened the vision of “Atmanirbhar Bharat” while giving a new direction to industrial growth.

Similarly, the NTPC Lara Super Thermal Power Project with a capacity of 1,600 MW has ensured an uninterrupted power supply to Chhattisgarh and six other states. The Chief Minister stated that this project has reinforced energy security and provided fresh momentum to industrial and agricultural activities.

Chief Minister Shri Sai shared that the PRAGATI platform has developed a robust mechanism for project monitoring, continuous review, and swift resolution of bottlenecks. Clear objectives, rapid implementation, and tangible outcomes define the new work culture of India, which is paving the way towards achieving the vision of “Viksit Bharat @ 2047”.

*Major projects such as Bhilai Steel Plant modernisation and Lara Super Thermal Power Project gain new momentum in Chhattisgarh; PRAGATI platform emerges as a game-changer*

It is noteworthy that the 50th meeting of PRAGATI, chaired by Prime Minister Shri Narendra Modi, has provided fresh impetus not only at the national level but also to Chhattisgarh’s development journey. PRAGATI is an ICT-based platform designed to promote proactive governance and time-bound implementation, making project monitoring and resolution more effective. Over the past decade, projects worth more than Rs. 85 lakh crore have gained momentum through PRAGATI, benefitting sectors such as infrastructure, energy, railways, roads, coal, and others across the country. Several key projects from Chhattisgarh are also part of this initiative.

During the meeting, special emphasis was laid on the modernisation and expansion of the Bhilai Steel Plant, which was initially approved in 2007. Regular reviews and inter-agency coordination, facilitated through PRAGATI meetings, accelerated the pace of work, ensuring targeted progress and timely execution.

The modernisation of Bhilai Steel Plant has significantly enhanced production capacity while energising Chhattisgarh’s industrial growth, employment generation, expansion of ancillary industries, and the regional economy. This has further strengthened the state’s position as one of India’s leading steel production hubs.

Likewise, the Lara Super Thermal Power Project in Raigarh, approved in 2009, received renewed momentum under the PRAGATI framework through high-level reviews, timely directions, and continuous monitoring, resulting in substantial progress in its implementation.

Today, the Lara Super Thermal Power Project has emerged as one of the key pillars strengthening national energy security. The project has not only augmented power generation capacity but has also reinforced Chhattisgarh’s identity as the “Power Hub of India”, bringing greater stability to both the state and national energy systems.

Prime Minister Shri Narendra Modi highlighted that the PRAGATI platform has infused new strength into cooperative federalism, enhancing both speed and trust in development works through coordinated efforts of the Centre and states.

*PRAGATI Accelerates Chhattisgarh’s Development Journey: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai*

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai described the 50th meeting of PRAGATI as having far-reaching significance for the nation and for Chhattisgarh, stating that the system established under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi to ensure the time-bound completion of development projects has directly benefited the state as well. He stated that the renewed momentum for significant projects, such as the modernisation of the Bhilai Steel Plant and the Lara Super Thermal Power Project, is clear evidence that the PRAGATI platform has truly presented a model of solution-oriented governance. The Chief Minister added that completion of these projects has led to significant growth in the state’s industrial development, energy capacity, investment, employment, and allied economy. He expressed confidence that with regular monitoring and ensured accountability through PRAGATI, Chhattisgarh will continue to play a decisive and strengthened role in achieving the national goal of Developed India by 2047.।

*भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमिपूजन वर्ष 2026 की शुभ शुरुआत: छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहर को मिलेगी नई पहचान – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

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*भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमिपूजन वर्ष 2026 की शुभ शुरुआत: छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहर को मिलेगी नई पहचान – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कबीरधाम ज़िले के भोरमदेव धाम में आयोजित कार्यक्रम में भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने नववर्ष 2026 की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि नए वर्ष की शुरुआत ऐसे ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कार्य से होना छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य की बात है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना राज्य की प्राचीन धरोहर को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का प्रतीक है। कबीरधाम जिले के इस भोरमदेव धाम में महादेव शिव की आराधना, अतुलनीय प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एक साथ
दिखाई देती है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमिपूजन किया जा रहा है। यह परियोजना लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बेहतर शुरुआत नए वर्ष की नहीं हो सकती थी और इस परियोजना के लिए उन्होंने समस्त छत्तीसगढ़वासियों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भोरमदेव की महत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस पहल के लिए केंद्रीय मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के प्रति आभार व्यक्त किया।

भोरमदेव मंदिर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरे-भरे वनांचल के बीच स्थित इस मंदिर को “छत्तीसगढ़ का खजुराहो” कहा जाता है। यह केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि हजार वर्षों की साधना, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। यहाँ भगवान शिव की पूजा भोरमदेव के रूप में की जाती है, जहाँ शैव दर्शन, लोक आस्था और आदिवासी परंपराएँ एक साथ मिलकर भारतीय संस्कृति की विविधता में एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।

उन्होंने कहा कि सावन के महीने में निकलने वाली कांवड़ यात्रा यहाँ की एक महत्वपूर्ण परंपरा है और उन्हें स्वयं कांवड़ियों का स्वागत करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य के मध्य स्थित भोरमदेव मंदिर, मड़वा महल और छेरकी महल ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व रखते हैं। मंदिर की दीवारों पर उत्कीर्ण भव्य शिल्पाकृतियाँ खजुराहो की कला से तुलना योग्य हैं। नागवंशी शासनकाल में निर्मित नागर शैली की यह अद्वितीय वास्तुकला अपने आप में अद्भुत है। यह स्थल न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्रीय इतिहास, कला और सामाजिक जीवन का सशक्त साक्ष्य भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाशिवरात्रि पर यह स्थान प्रमुख तीर्थ के रूप में हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, जहाँ आदिवासी परंपराओं और शैव प्रथाओं का अनोखा संगम दिखाई देता है। मड़वा महल, जिसका संबंध विवाह मंडप से माना जाता है, तथा छेरकी महल की दीवारों पर अंकित वन और नदी से जुड़ी आकृतियाँ प्रकृति-निष्ठ जीवनदर्शन को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि भोरमदेव का यह संपूर्ण क्षेत्र धर्म और अध्यात्म के साथ-साथ पर्यटन का भी बड़ा केंद्र है, जिसे वर्तमान सरकार व्यापक रूप से विकसित करने जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान किया है, जिससे पर्यटन क्षेत्र को संरचनात्मक मजबूती मिली है। नई पर्यटन नीति एवं होम-स्टे पॉलिसी के माध्यम से सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर दशहरा सहित छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानीय उत्सवों ने प्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। हमारी सांस्कृतिक परंपराएँ केवल मंदिरों और स्थापत्य तक सीमित नहीं हैं; बल्कि नाचा परंपरा, 13 पारंपरिक वाद्ययंत्र, लोकनृत्य और गीत हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के दर्पण हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि धार्मिक आस्थाओं में यहाँ भगवान राम को ‘भाँचा राम’ या ‘वनवासी राम’ के रूप में पूजा जाता है क्योंकि उनके वनवास के लगभग 10 वर्ष दंडकारण्य क्षेत्र में व्यतीत हुए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पूरे छत्तीसगढ़ में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है तथा रेल और हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचना सरल होगा और पर्यटन को नई गति मिलेगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मज़बूत होगी। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों को नई दिशा मिलेगी।

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भोरमदेव महोत्सव स्थल पर काॅरिडोर के भूमिपूजन के बाद सभा को संबोधित करते हुए कबीरधाम जिले सहित पूरे प्रदेश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को धरातल पर उतारते हुए विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा थी, जिसे समाप्त करने का बीड़ा राज्य सरकार ने उठाया है और आज प्रदेश नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के नागरिकों में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि भारत को कमजोर करने वाली किसी भी ताकत या षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध लिए गए कठोर निर्णयों ने देश की सुरक्षा नीति को नई मजबूती प्रदान की है।

केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने कहा कि सुशासन का प्रभाव आज देश-दुनिया में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। भारत तेजी से विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर है। सड़कों, पुल-पुलियों एवं अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जल, बिजली, बैंक खाता और रोजगार जैसी सुविधाएं गरीबों के घर-घर तक पहुंच रही हैं।

केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कहा कि भोरमदेव मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है और इस कॉरिडोर निर्माण के माध्यम से आने वाले हजार वर्षों तक इसे संरक्षित रखने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव मंदिर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की भी विशेष आस्था का केंद्र रहा है और यह परियोजना उनके कार्यकाल की स्मृति के रूप में कबीरधाम जिले को एक नई पहचान देगी। केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने कहा कि यह वर्ष परिवर्तन का वर्ष है और भारत को विश्व का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री श्री मोदी के संकल्प में 140 करोड़ देशवासी सहभागी बनें।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा लगातार क्षेत्र का दौरा कर यहां के विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। चैत्र माह के तेरहवीं तिथि को भोरमदेव महोत्सव का आयोजन किया जाता है, पिछले वर्ष जब स्वदेश दर्शन योजना में शामिल करने के लिए हमने केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत से निवेदन किया था और भोरमदेव महोत्सव के दिन हमें स्वीकृति प्राप्त हो गयी थी और आज भूमिपूजन भी सम्पन्न हो गया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में भोरमदेव की तरह ही आस्था का केंद्र माने जाने वाले पंचमुखी श्री बूढ़ा महादेव मंदिर का भी अब विकास किया जा रहा है।

कार्यक्रम मे उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, सांसद श्री संतोष पाण्डेय, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल, राज्य कृषक कल्याण परिषद् के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

*गिद्ध संरक्षण में छत्तीसगढ़ की नई उड़ान*

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*गिद्ध संरक्षण में छत्तीसगढ़ की नई उड़ान*

*इंद्रावती टाइगर रिजर्व बना देश का मॉडल*

रायपुर, / छत्तीसगढ़ के इंद्रावती टाइगर रिजर्व ने गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में देशभर के लिए एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया है। मध्य भारत के सबसे स्वच्छ नदी-वन पारिस्थितिकी तंत्रों में शामिल यह रिजर्व अब केवल बाघों और जंगली भैंसों का ही नहीं, बल्कि विलुप्तप्राय गिद्धों के संरक्षण का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है।

*गिद्ध पर्यावरण के ‘सफाईकर्मी’ हैं और इनके बिना बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार इंद्रावती के टाइगर रिजर्व क्षेत्र में गिद्धों सुरक्षित क्षेत्रों (Vulture Safe Zones) का निर्माण कर इनकी घटती आबादी को बचाना और बढ़ाना है, क्योंकि गिद्ध पर्यावरण के ‘सफाईकर्मी’ हैं और इनके बिना बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है l गिद्धों के अस्तित्व पर जहरीली दवाओं (NSAID), असुरक्षित शव निपटान और मानव हस्तक्षेप जैसे गंभीर खतरे मंडरा रहे हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए इंद्रावती टाइगर रिजर्व में उपग्रह (सैटेलाइट) टेलीमेट्री आधारित निगरानी कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।

*गिद्ध लगभग 10,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में रहते हैं सक्रिय*

छत्तीसगढ़ में यह अपनी तरह का पहला प्रयास है, जिसमें उच्च-रिज़ॉल्यूशन गिद्ध गतिविधि डेटा का उपयोग संरक्षण कार्यों की दिशा तय करने के लिए किया जा रहा है। अब तक के आंकड़ों से पता चला है कि गिद्ध लगभग 10,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं और घने जंगलों व मानव बस्तियों के बीच लगातार आवाजाही करते हैं।

*वन्यजीव प्रबंधन को मिली नई वैज्ञानिक दिशा*

गौरतलब है कि वर्ष 2022 से 2025 के बीच गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं। राज्य में पहली बार दो गिद्धों की सैटेलाइट ट्रैकिंग के माध्यम से 18,000 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले GPS डेटा पॉइंट्स प्राप्त किए गए हैं, जिससे वन्यजीव प्रबंधन को नई वैज्ञानिक दिशा मिली है। इस सफलता में क्षेत्रीय जीवविज्ञानी श्री सूरज कुमार के नेतृत्व में “गिद्ध मित्र दल” (गिद्ध संरक्षण स्वयंसेवक दल) की अहम भूमिका रही है। यह दल घोंसलों की निगरानी, शवों के सुरक्षित प्रबंधन और स्थानीय समुदायों को संरक्षण से जोड़ने का कार्य कर रहा है। इसी सामुदायिक सहयोग का परिणाम है कि “गुड्डा सारी गुट्टा” जैसे दुर्गम क्षेत्रों में पहली बार निर्बाध प्रजनन सुनिश्चित हो सका है।

*“वुल्चर रेस्टोरेंट” की स्थापना*

संरक्षण प्रयासों के तहत उप-निदेशक श्री संदीप बलागा के पर्यवेक्षण में “वुल्चर रेस्टोरेंट” की स्थापना भी की गई है। यह नियंत्रित भोजन स्थल हैं, जहां केवल पशु चिकित्सा परीक्षण के बाद NSAID-मुक्त शव ही रखे जाते हैं। इससे गिद्धों को सुरक्षित भोजन मिल रहा है। साथ ही ये केंद्र सामुदायिक शिक्षा के केंद्र के रूप में भी कार्य कर रहे हैं, जहां स्कूलों और स्थानीय युवाओं को पारिस्थितिकी तंत्र में गिद्धों के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है।

*“गिद्ध सुरक्षित क्षेत्र” (Vulture Safe Zone) की स्थापना*

भविष्य की रणनीति के तहत कार्यक्रम के तीसरे चरण का नेतृत्व भी उप-निदेशक श्री संदीप बलागा करेंगे। इस चरण में तीन अतिरिक्त गिद्धों की सैटेलाइट टैगिंग, 50 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन, पंचायतों की भागीदारी से 100 किलोमीटर क्षेत्र में “गिद्ध सुरक्षित क्षेत्र” (Vulture Safe Zone) की स्थापना तथा छत्तीसगढ़ की पहली गिद्ध पुनर्वास कार्ययोजना के प्रकाशन का लक्ष्य रखा गया है l तकनीक, पारंपरिक ज्ञान और सामुदायिक सहभागिता को एक सूत्र में पिरोते हुए इंद्रावती टाइगर रिजर्व यह संदेश दे रहा है कि दूरदर्शी नेतृत्व में जंगल और लोग साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं।

*छत्तीसगढ़ को सड़क अधोसंरचना के क्षेत्र में बड़ी सौगात: सीआईआरएफ के अंतर्गत ₹665 करोड़ की 174 किमी सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति*

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*छत्तीसगढ़ को सड़क अधोसंरचना के क्षेत्र में बड़ी सौगात: सीआईआरएफ के अंतर्गत ₹665 करोड़ की 174 किमी सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति*

*साल के पहले दिन छत्तीसगढ़ के लिए अच्छी खबर, केंद्र सरकार ने 4 सड़क खंडों के लिए स्वीकृत किए 665 करोड़*

*लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव को भारत सरकार की मंजूरी, 5 जिलों में 174 किमी सड़क होगी चौड़ी और मजबूत*

*डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश में कनेक्टिविटी और विकास को नई गति – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी को दिया धन्यवाद*

रायपुर /केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में चार सड़क खंडों के मजबूतीकरण, चौड़ीकरण और उन्नयन के लिए 664 करोड़ 67 लाख रुपए मंजूर किए हैं। सीआरआईएफ (Central Road & Infrastructure Fund) से प्राप्त होने वाली इस राशि से राज्य के पांच जिलों में करीब 174 किलोमीटर सड़कों के विकास और उन्नयन के कार्य किए जाएंगे। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने आज राशि स्वीकृति का आदेश राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग के सचिव को भेजा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने राज्य में सड़कों के विकास के लिए इतनी बड़ी राशि देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी को धन्यवाद दिया है।

उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग द्वारा भारत सरकार को चार सड़क खंडों के मजबूतीकरण और चौड़ीकरण के प्रस्ताव भेजे गए थे। इन्हें मंजूर करते हुए केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मुंगेली जिले के कोटा-लोरमी-पंडरिया मार्ग के 21 किमी भाग में फोरलेन के निर्माण और मजबूतीकरण के लिए 156 करोड़ 33 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। कांकेर जिले में कांकेर-भानुप्रतापपुर-संबलपुर मार्ग की 48.4 किमी टू-लेन विद्यमान सतह के मजबूतीकरण और चौड़ीकरण के लिए 130 करोड़ 63 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।

केंद्र सरकार द्वारा सीआरआईएफ से सुकमा से दंतेवाड़ा मार्ग के 68 किमी लंबाई में टू-लेन सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 230 करोड़ 85 लाख रुपए तथा गरियाबंद जिले में राजिम-फिंगेश्वर-महासमुंद मार्ग में 35.5 किमी लंबाई में सड़क की मजबूती और उन्नयन के लिए 146 करोड़ 86 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इन महत्वपूर्ण मार्गों के विकास एवं उन्नयन से इन जिलों में राज्यीय राजमार्ग तथा मुख्य जिला मार्ग अच्छी होंगी और आवागमन बेहतर होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सीआरआईएफ से मंजूर की गई इस राशि के लिए भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में सड़कों के निर्माण में केंद्र सरकार का लगातार सहयोग मिल रहा है। इस राशि से मुंगेली, कांकेर, सुकमा, दंतेवाड़ा और गरियाबंद जैसे दूरवर्ती जिलों में सड़कों का चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और उन्नयन होगा। इससे राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और मैदानी इलाकों में परिवहन बेहतर होगा।

केंद्रीय सड़क अधोसंरचना निधि (CRIF) के अंतर्गत मुंगेली, कांकेर, सुकमा/दंतेवाड़ा एवं गरियाबंद जिलों में ₹664.67 करोड़ की लागत से 173.70 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ को सड़क अधोसंरचना के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण स्वीकृति प्राप्त हुई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी जी द्वारा प्रदेश के लिए स्वीकृत इन परियोजनाओं से राज्य के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि ये सड़कें बेहतर कनेक्टिविटी, सुरक्षित परिवहन व्यवस्था और क्षेत्रीय आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएँगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इन परियोजनाओं से बस्तर संभाग के दुर्गम और आंतरिक क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी और अधिक सुदृढ़ होगी, जिससे स्थानीय जनता, किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों तथा आपातकालीन सेवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। सड़क नेटवर्क मजबूत होने से पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों और स्थानीय बाजारों तक पहुँच और सरल होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा लगातार किए जा रहे सहयोग और स्वीकृतियों के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी जी के विशेष प्रयासों से छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों तथा अन्य महत्वपूर्ण सड़कों का तेज़ी से विस्तार हो रहा है। डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ आज प्रगति पथ पर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य में अधोसंरचना विकास, कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार के अवसर निरंतर बढ़ रहे हैं, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुँच रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई स्वीकृत सड़क परियोजनाएँ शीघ्र क्रियान्वित होकर प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक विकास को और अधिक गति देंगी।

वहीं उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने विभाग के प्रस्ताव पर सड़कों के विकास एवं उन्नयन के लिए राज्य को मिली राशि के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य में कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना हमारी प्राथमिकता है। राज्य में नई सड़कों के निर्माण और विद्यमान सड़कों की मजबूती व उन्नयन के लिए विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में 8092 करोड़ रुपए की नवीन स्वीकृति जारी की गई है। लोक निर्माण विभाग इन सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर साहित्य उत्सव की वेबसाइट का किया लोकार्पण*

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर साहित्य उत्सव की वेबसाइट का किया लोकार्पण*

*23 से 25 जनवरी तक आयोजित होगा रायपुर साहित्य उत्सव*

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर साहित्य उत्सव की वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, कौशल विकास मंत्री श्री खुशवंत साहेब तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा उपस्थित थे।

उल्लखेनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव 23 से 25 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। साहित्य उत्सव में देशभर के प्रख्यात साहित्यकारों, लेखकों, कवियों, पत्रकारों, समीक्षकों एवं पाठकों की सहभागिता होगी। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति, सृजनात्मक लेखन, प्रकाशन जगत, युवा साहित्य तथा नई पीढ़ी के रचनाकारों से जुड़े विषयों पर विविध सत्र आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने वेबसाइट लॉन्च करते हुए कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाई प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उत्सव लेखक और पाठक के बीच नए संवाद का सशक्त मंच बनेगा तथा युवा पीढ़ी में पढ़ने और लिखने की प्रेरणा जागृत करेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती लोकसाहित्य, लोककथाओं और समृद्ध मौखिक परंपराओं की धरोहर रही है। ऐसे में रायपुर साहित्य उत्सव राज्य की इस सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करने का सुअवसर बनेगा।

*Foundation Stone Laid for Bhoramdeo Corridor Development Project Marks an Auspicious Beginning of 2026: Chhattisgarh’s Ancient Heritage to Gain a New Identity – Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai*

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*Foundation Stone Laid for Bhoramdeo Corridor Development Project Marks an Auspicious Beginning of 2026: Chhattisgarh’s Ancient Heritage to Gain a New Identity – Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai*

Raipur, //Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai laid the foundation stone for the Bhoramdeo Corridor Development Project at a programme held at Bhoramdeo Dham in Kabirdham district on January 01. Extending his New Year greetings, he said that the commencement of the year 2026 with such a historic initiative is a matter of pride and good fortune for Chhattisgarh.

The Chief Minister stated that the Bhoramdeo Corridor will provide a renewed identity to the state’s ancient heritage. He noted that the site represents a unique confluence of devotion to Lord Shiva, natural beauty, and rich cultural legacy. The project will be developed at an estimated cost of about Rs. 146 crore under the Central Government’s Swadesh Darshan Yojana 2.0, on the lines of the Kashi Vishwanath Corridor.

He said that under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi, this initiative is an important step towards giving Bhoramdeo national recognition. The Chief Minister expressed gratitude to Union Tourism and Culture Minister Shri Gajendra Singh Shekhawat for his support.

Describing the Bhoramdeo Temple as the “Khajuraho of Chhattisgarh”, the Chief Minister said it symbolises nearly a thousand years of spiritual practice, architectural excellence, and cultural consciousness. He said that Shaivite philosophy, folk beliefs, and tribal traditions are beautifully interwoven here. The Kanwar Yatra during the month of Shravan and the celebrations of Mahashivratri attract thousands of devotees to the site each year.

He further said that the Bhoramdeo Temple, Madwa Mahal, and Chherki Mahal are not only religiously significant but also hold immense historical and cultural value. He added that by granting industry status to tourism, the state government is strengthening the sector through a new tourism policy and homestay policy, thereby expanding employment and investment opportunities.

The Chief Minister said that the expansion of road networks, rail connectivity, and air services will strengthen tourism and the local economy. He noted that investment proposals worth Rs. 7.83 lakh crore have been received over the past two years, which will give fresh direction to tourism and other sectors.

 

Addressing the gathering after the foundation-laying ceremony at the Bhoramdeo festival venue, Union Tourism and Culture Minister Shri Gajendra Singh Shekhawat stated that the day is historic not only for Kabirdham district but for the entire state. Extending New Year greetings, he stated that over the past two years, the Chhattisgarh Government has effectively translated Prime Minister Shri Narendra Modi’s vision into action towards building a developed Chhattisgarh. He said Naxalism had been the biggest obstacle to development, and decisive steps taken by the state government have put Chhattisgarh firmly on the path towards its elimination, strengthening nationwide confidence that forces seeking to weaken India will not be tolerated. He added that strong decisions against terrorism under Prime Minister Shri Modi’s leadership have reinforced the country’s security framework.

The Union Minister said the impact of good governance is clearly visible across the country, with India steadily progressing towards becoming a developed nation. Infrastructure development and welfare schemes such as housing, clean cooking fuel, water, electricity, banking access, and employment are reaching households nationwide. He said the nearly thousand-year-old Bhoramdeo Temple is a precious heritage site, and the corridor project will ensure its preservation for future generations while giving Kabirdham a distinct identity. Calling this a year of transformation, he urged citizens to actively participate in the Prime Minister’s resolve to make India a strong and developed nation.

Deputy Chief Minister Shri Vijay Sharma said that due to the sustained efforts of the Chief Minister, the Bhoramdeo Corridor was included under the Swadesh Darshan Yojana and the foundation stone has now been laid. He added that along with Bhoramdeo, the government is also working on the development of other major centres of faith in the region.

Deputy Chief Minister Shri Arun Sao, Union Minister of State for Housing and Urban Affairs Shri Tokhan Sahu, Member of Parliament Shri Santosh Pandey, Pandariya MLA Smt Bhawana Bohra, Tourism Board Chairman Shri Neelu Sharma, Gaushala Seva Commission Chairman Shri Visheshar Patel, State Farmers Welfare Council Chairman Shri Suresh Chandravanshi, along with other public representatives and distinguished citizens, were present at the programme.

* *रक्तदान शिविर के साथ 37 वॉ राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का हुआ आगाज*

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* *रक्तदान शिविर के साथ 37 वॉ राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का हुआ आगाज*

* *रक्तदान करें किंतु सड़कों पर नहीं की थीम पर बृहद रक्तदान शिविर का सफल आयोजन*

* *रक्तदान शिविर में SP सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप एवं श्री उदयन बेहार भी स्वेच्छा से रक्तदान किया*

* *रक्तदान एक ऐसा महादान है, जिससे किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है*

* *जिसमें जिले के सभी समाज के संगठनों के सदस्य रक्तदान शिविर एवं सड़क सुरक्षा माह कार्यक्रम में शामिल हुए*

* *यातायात नियमों/घटना के संबंध जागरूकता हेतु विभिन्न प्रकार से प्रदर्शनी/फोटो लगाया गया था*

* *यातायात पुलिस जांजगीर द्वारा माह जनवरी 2025 में जिले में अलग अलग जगहों पर जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा*

मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर चांपा⏩ नव वर्ष 2026 के शुभारंभ होते ही सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा दिनांक 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक 36 वॉ राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किये जाने आदेशित किया गया है।

⏩ इसी क्रम में जांजगीर चांपा पुलिस द्वारा *कलेक्टर जांजगीर चांपा श्री जन्मेजय महोबे (IAS) एवं पुलिस अधीक्षक जांजगीर चांपा श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS)* के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात श्री यातायात उदयन बेहार के नेतृत्व में आज दिनांक 01 जनवरी 2025 को रक्तदान शिविर के साथ 37 वॉ राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2025 का शुभारंभ कचहरी चौक सी- मार्ट जांजगीर में किया गया। जिसे माननीय नेता प्रतिपक्ष विधान सभा छ.ग. श्री नारायण चंदेल जी एवं कलेक्टर जांजगीर चांपा, पुलिस अधीक्षक द्वारा हरी झण्डी दिखाकर यातायात जागरूकता रथ को रवाना किया गया।

*⏩ पुलिस द्वारा माह जनवरी में सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जाता है जिसका मकसद,* वाहन चालकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है। सड़क सुरक्षा माह के दौरान यातायात पुलिस जिले के विभिन्न स्कूल, कालेज, शैक्षणिक संस्थानों एवं राष्ट्रीय राजमार्ग/ राजकीय राजमार्ग के किनारे स्थित ग्राम पंचायतों में कई तरह की जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों को यातायात नियमों से संबंधित जानकारी देकर नियमों का पालन कर वाहन चलाने हेतु प्रेरित किया जाता है साथ ही यातायात नियमों का पालन नही करने से होने वाले जान माल की हानि के बारे में बताया जायेगा। जिसका प्रमुख उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण कर सुगम सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाना है।

*पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय* ने अपने उत्बोधन में बताया कि वर्ष भर में हुए सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया की जितनी हत्याएं जिले में वर्ष भर होती हैं उससे कहीं अधिक संख्या में सड़क दुर्घटनाओ में मृत्यु होती हैं। दुर्घटना में मरने वालों में बाइक चलाने वालों की संख्या सर्वाधिक 62% है।अतः इस वर्ष मुख्य रूप से तेज गति से वाहन चलाने वालों, नशे में वाहन चलाने वालों, ट्रिपल सवारी और विशेष फोकस करते हुए प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। ब्लैक स्पॉट और ग्रे स्पॉट को पहले से ही चिन्हित करते हुए उन्हें NH, PWD और RTO के साथ मिलकर सुधारा जाएगा ताकि सड़क दुर्घटनाएं कम से कम हो, दुर्घटनाओं को रोकने के लिए थानावार कार्य योजना बनाई जाकर उस पर अमल किया जाएगा और साथ ही साथ आम जनता को भी विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक जागरूक बनाया जाएगा। उन्होंने स्वयं रक्तदान करते हुए भी रक्तदान के महत्व को उजागर किया और *रक्तदान करें किंतु सड़कों पर नहीं* के थीम वाक्य को सार्थक करते हुए अन्य लोगों को भी रक्तदान हेतु प्रेरणा दी।

*कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे* द्वारा यह बताया गया कि केवल यातायात पुलिस या परिवहन द्वारा कार्यवाही करने मात्र से ही दुर्घटनाओं पर अंकुश नहीं लगेगा वरन इसमें आम जनता की भी महत्वपूर्ण भागीदारी होना अनिवार्य है जब तक जनता स्वयं जागरूक नहीं होगी और यातायात नियमों का पालन नहीं करेगी तब तक हमें दुर्घटनाओं को रोकने में पूर्ण सफलता प्राप्त नहीं होगी अतः उन्होंने पूरे समाज को इसमें जागरूक होकर भागीदार बनने के लिए प्रेरित किया।

*इसी प्रकार पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष श्री नारायण चंदेल जी* द्वारा हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल एवं कॉलेज के बच्चों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही की सड़क किनारे बसे गांव के मितानों से सतत संपर्क बनाकर सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति में तत्काल रिस्पांस करने हेतु आह्वान किया साथी उन्होंने जिले में नए ड्राइविंग स्कूल एवं फिटनेस सेंटर की स्थापना होने के संबंध में भी बताया।

*जांजगीर पुलिस का अपील*

यातायात नियमों का पालन कर वाहन चलाए। नाबालिक बच्चों को वाहन चलाने ना दे। वाहन के संपूर्ण कागजात हमेशा दुरूस्त रखें। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन ना चलाए, नशे की हालत में वाहन ना चलाए, चार पहिया वाहन चालन के दौरान अनिवार्य रूप से सीट बेल्ट लगाए, वाहन चलाते समय मोबाईल फोन का उपयोग ना करें, सड़कों पर नो पार्किंग पर वाहन खड़ी कर दूसरों के लिए असुविधा या दुर्घटना का कारण ना बने।

⏩ उपरोक्त कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जांजगीर श्री उमेश कुमार कश्यप, CSP योगिताबाली खापर्डे, रक्षित निरीक्षक प्रदीप कुमार जोशी एवं जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिकगण उपस्थित रहे।

*पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. अटल बिहारी बाजपेयी का जीवन हमें सिखाता है कि राजनीति सत्ता का नहीं साधना का मार्ग है:-भावना बोहरा।*

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पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. अटल बिहारी बाजपेयी का जीवन हमें सिखाता है कि राजनीति सत्ता का नहीं साधना का मार्ग है:-भावना बोहरा।

0.पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व.अटल बिहारी बाजपेयी का व्यक्तित्व, कृतित्व और नेतृत्व देश के चहुंमुखी विकास के लिए पथ-प्रदर्शक है:- भावना बोहरा।

हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़।

ब्यूरो रायपुर/कवर्धा:- भारतीय जनता पार्टी केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व.अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म जयंती के अवसर पर अटल स्मृति सम्मलेन का आयोजन किया जा रहा है इसी कड़ी में आज पंडरिया विधानसभा अंतर्गत यज्ञ स्थल, कुण्डा में विधानसभा स्तरीय अटल समिति सम्मलेन का आयोजन किया गया आयोजन में राजनांदगांव सांसद संतोष पाण्डेय विधायक भावना बोहरा, जिला भाजपा अध्यक्ष राजेन्द्र चंद्रवंशी कबीरधाम जिला संगठन प्रभारी महेश वर्मा ने स्व.अटल बिहारी बाजपेयी के छायाचित्र में पुष्पांजलि अर्पित कर सम्मलेन का शुभारम्भ किया इस अवसर पर राजनांदगांव सांसद संतोष पाण्डेय ने संबोधित करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने न केवल भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया बल्कि विदेश मंत्री और संसद की विभिन्न महत्वपूर्ण स्थायी समितियों के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं उन्होंने जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विपक्ष के एक सक्रिय नेता भी रहे छत्तीसगढ़ वासियों की आकाँक्षाओं को उन्होंने पूरा करते हुए इसे अलग राज्य बनाया और आज हमारा प्रदेश निरंतर विकास पथ पर अग्रसर हो रहा है पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि भारत के राजनीतिक इतिहास में अटल बिहारी वाजपेयी का नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित है वे केवल एक सफल राजनेता ही नहीं बल्कि एक संवेदनशील कवि, प्रखर वक्ता, दूरदर्शी राजनेता और राष्ट्र को दिशा देने वाले महान चिंतक थे उनका सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा,लोकतांत्रिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण रहा है अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे उनका नेतृत्व संयम, संवाद और समन्वय का प्रतीक था चाहे 1998 में पोखरण परमाणु परीक्षण का साहसिक निर्णय हो या लाहौर बस यात्रा के माध्यम से शांति का संदेश उन्होंने हर अवसर पर भारत की प्रतिष्ठा को विश्व मंच पर सशक्त किया उनके शासनकाल में स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना,प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी अनेक ऐतिहासिक पहलें शुरू हुईं जिन्होंने देश के बुनियादी ढांचे को नई दिशा दी उन्होंने कहा कि स्व अटल बिहारी बाजपेयी की जन्म-जयंती हम सभी के लिए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का विशेष अवसर है उनका आचरण, शालीनता, वैचारिक दृढ़ता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प भारतीय राजनीति के लिए एक आदर्श मानक है उन्होंने अपने जीवन से सिद्ध किया कि श्रेष्ठता पद से नहीं आचरण से स्थापित होती है और वही समाज को दिशा देती है आज प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश उन्हीं अटल संकल्पों को लेकर आगे बढ़ रहा है आज कश्मीर में भारत का तिरंगा शान से फहराया जा रहा है करोड़ों रामभक्तों की आस्था श्रीराम जन्मभूमि में मंदिर का भव्य निर्माण उन्हीं अटल संकल्पों का प्रतीक है वैश्विक महाशक्ति की ओर आगे बढ़ता नया भारत अटल की दूरदर्शिता का परिणाम है आज प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के सपनों के भारत का निर्माण करने के लिए दिन-रात परिश्रम कर रहें हैं भावना बोहरा ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं था यह आस्था, पहचान और अधिकार का सम्मान था अटल बिहारी बाजपेयी ने समझा कि यह भूमि अपनी संस्कृति अपने संसाधन और अपने विकास की दिशा स्वयं तय करना चाहती है हमने बनाया है हम ही संवारेंगे यह एक नार नहीं बल्कि एक संकल्प हैं जिस छत्तीसगढ़ को अटल बिहारी ने बनाया उसे संवारने का पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के नेतृत्व में हमारे छत्तीसगढ़ ने 15वर्षों में विकास के कई कीर्तिमान स्थापित किये बीमारू राज्य कहलाने वाले छत्तीसगढ़ को डॉ.रमन सिंह ने अपनी कुशल नीतियों से विकासशील और सशक्त राज्य के रूप में स्थापित किया और वर्तमान में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारा छत्तीसगढ़ नई उम्मीदों आत्मविश्वास और उर्जा के साथ विकास पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है महिला किसान, युवा हर समाज को आज आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है छत्तीसगढ़ की यह विकास यात्रा अटल जी के सपनों को साकार करने की हमारी प्रतिबद्धता है इस अवसर पर कबीरधाम जिला अध्यक्ष राजेन्द्र चंद्रवंशी ,जिला संगठन प्रभारी महेश वर्मा मुंगेली के पूर्व जिला अध्यक्ष शैलेश पाठक ने भी कार्यक्रम में उपस्थितजनों को संबोधित किया और अटल बिहारी वाजपेयी जी के राष्ट्र सेवा सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रकाश डाला सम्मलेन में पंडरिया विधानसभा के समस्त भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, मंडल अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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