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*शबरी कार सेवा: माता शबरी की नगरी शिवरीनारायण को स्वच्छ, सुंदर एवं प्लास्टिक-मुक्त बनाने जनआंदोलन की शुरुआत*

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*शबरी कार सेवा: माता शबरी की नगरी शिवरीनारायण को स्वच्छ, सुंदर एवं प्लास्टिक-मुक्त बनाने जनआंदोलन की शुरुआत*

*कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे का आह्वान — “शिवरीनारायण नगर हमारा है, इसे स्वच्छ रखना हम सबकी जिम्मेदारी”*

*स्वच्छता सेनानी अभियान के तहत नदी-तट संरक्षण, श्रमदान एवं प्लास्टिक-मुक्ति की पहल*

*ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण, रोजगार सृजन, घाटों के विकास, नाव परिचालन एवं नदी-तट प्रबंधन से क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई गति*

*कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं विद्यार्थियों ने नदी घाट पर चलाया स्वच्छता अभियान*

मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा, / जिला प्रशासन जांजगीर-चांपा एवं नगर पंचायत शिवरीनारायण की संयुक्त पहल “शबरी कार सेवा” का आज शुभारंभ किया गया। स्वच्छता को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से आयोजित इस अभियान की शुरुआत स्वच्छता सेनानी अभियान के अंतर्गत सामूहिक श्रमदान एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम के साथ की गई।अभियान में पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गोकुल रावटे, एसडीएम जांजगीर श्री सुब्रत प्रधान,नगर पंचायत शिवरीनारायण अध्यक्ष श्री राहुल थवाईत सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने कहा कि शिवरीनारायण एक पवित्र, ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी है, जहाँ तीन नदियों का संगम इसकी विशिष्ट पहचान है। ऐसी नैसर्गिक एवं धार्मिक धरोहर को स्वच्छ, सुंदर एवं प्लास्टिक-मुक्त बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शबरी कार सेवा केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसे निरंतर अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।इस अभियान के माध्यम से जनभागीदारी, अनुशासन एवं निरंतर प्रयासों के साथ शिवरीनारायण को स्वच्छ, सुंदर एवं प्लास्टिक-मुक्त धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में शुरुवात की गई।
कलेक्टर श्री महोबे ने कहा कि जिस प्रकार हम अपने घर को प्रतिदिन स्वच्छ रखते हैं, उसी प्रकार पूरे शिवरीनारायण नगर को भी अपना घर मानकर स्वच्छ रखना होगा। कचरे का संग्रहण, उसका सेग्रीगेशन एवं शत-प्रतिशत निस्तारण हम सभी का दायित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
कार्यक्रम में नगर पंचायत, जनप्रतिनिधि, पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी, सामाजिक संगठन, स्व-सहायता समूह, युवा, महिलाएँ, छात्र-छात्राएँ, पुजारीगण एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया — “शिवरीनारायण हमारा है और इसे स्वच्छ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।”कलेक्टर ने नागरिकों को स्वच्छता सेनानी के रूप में जोड़ते हुए स्वच्छता संबंधी शपथ दिलाई गई। शपथ में खुले में कचरा नहीं फैलाने, घाटों एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने, घर-घर गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण तथा समाज को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने का संकल्प शामिल रहा।

*“स्वच्छता केवल कार्यक्रम नहीं, नागरिक आदत बने” — कलेक्टर*

कलेक्टर श्री महोबे ने कहा कि स्वच्छता किसी एक दिन या एक विभाग का कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सतत जिम्मेदारी है। शिवरीनारायण को आदर्श नगर के रूप में विकसित करने के लिए जिला प्रशासन एवं नागरिकों की संयुक्त भागीदारी आवश्यक है।

*100 प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण पर विशेष जोर*

अभियान के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करते हुए 100 प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, खुले में कचरा फेंकने पर रोक एवं निरंतर निगरानी व्यवस्था लागू की जा रही है। डस्टबिन-फ्री बाजार की पहल से स्वच्छ एवं व्यवस्थित बाजार संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही स्व-सहायता समूहों एवं महिलाओं को रोजगार से जोड़ने स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इससे महिलाओं को स्थायी रोजगार, नियमित आय एवं आत्मनिर्भरता के अवसर प्राप्त होंगे।

*प्लास्टिक-मुक्त व्यवहार एवं पर्यटन विकास पर फोकस*

नागरिकों से अपील की गई कि बाजार जाते समय कपड़े या जूट के थैले का उपयोग करें। साथ ही घाटों के सौंदर्यीकरण, एक्सपीरियंस ज़ोन के विकास, नाव संचालन एवं नदी-तट प्रबंधन के माध्यम से स्वच्छता, पर्यटन एवं पर्यावरण को एक साथ सशक्त किया जाएगा।

*स्वच्छता मित्रों का सम्मान-*

नगर की स्वच्छता व्यवस्था से जुड़े सभी सफाई कर्मचारियों को “स्वच्छता मित्र” के रूप में सम्मानित किए जाने की बात कही गई। कलेक्टर ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के योगदान के बिना स्वच्छ शिवरीनारायण की कल्पना संभव नहीं है।

*जिला पंचायत सीईओ ने लोहरसी, धरदेई एवं मेउभाटा ग्रामों में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के कार्यों का किया निरीक्षण*

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*जिला पंचायत सीईओ ने लोहरसी, धरदेई एवं मेउभाटा ग्रामों में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के कार्यों का किया निरीक्षण*

*आजीविका डबरी निर्माण, रोजगार–आवास दिवस एवं 90 दिवस की मजदूरी का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश*

मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर–चांपा,/ जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण एवं मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गोकुल रावटे द्वारा जनपद पंचायत पामगढ़ अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों एवं संबंधित कार्यों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने जनपद पंचायत पामगढ़ के लोहरसी, धरदेई एवं मेउभाटा ग्रामों का दौरा कर प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों की प्रगति का स्थल पर जाकर जायजा लिया तथा हितग्राहियों से सीधे संवाद कर निर्माण की स्थिति, गुणवत्ता एवं मजदूरी भुगतान की जानकारी प्राप्त की।
सीईओ श्री रावटे ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के हितग्राहियों को 90 दिवस की अकुशल श्रमिक मजदूरी का लाभ अनिवार्य रूप से दिलाया जाए तथा आवास निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवास योजना केवल भवन निर्माण तक सीमित न रहे, बल्कि उससे जुड़ी आजीविका एवं रोजगार सुविधाएं भी हितग्राहियों तक सुनिश्चित रूप से पहुंचे।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को मांग के आधार पर तकनीकी मापदंडों के अनुरूप आजीविका डबरी निर्माण कराए जाने तथा इसके माध्यम से हितग्राहियों के लिए आजीविका संवर्धन प्लान तैयार कर प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रत्येक माह की 7 तारीख को आयोजित होने वाले रोजगार दिवस एवं आवास दिवस के अवसर पर हितग्राहियों से क्यूआर कोड स्कैन करवाते हुए शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि लोग योजनाओं के प्रति जागरूक हों और उनका अधिकतम लाभ ले सकें। सीईओ ने संबंधित अधिकारियों एवं मैदानी अमले को हितग्राहियों के साथ सतत समन्वय बनाए रखने, नियमित निगरानी करने तथा तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

*लगातार तीसरे दिन विधायक श्री राजेश मूणत का विधानसभा क्षेत्र का दौरा, सरोना–चंदनडीह में विकास कार्यों का किया सघन निरीक्षण*

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*लगातार तीसरे दिन विधायक श्री राजेश मूणत का विधानसभा क्षेत्र का दौरा, सरोना–चंदनडीह में विकास कार्यों का किया सघन निरीक्षण*

*सरोना को 9 करोड़ रुपए के उद्यान व नए बायपास रोड की सौगात*

रायपुर, / रायपुर पश्चिम के विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेश मूणत विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। लगातार तीसरे दिन सुबह 8 बजे से क्षेत्रीय निरीक्षण पर निकले विधायक श्री मूणत ने आज सरोना एवं चंदनडीह क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का मौके पर जाकर जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उनके साथ महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, लोक निर्माण विभाग तथा नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।

विधायक श्री मूणत ने चंदनडीह में लगभग 80 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित एसटीपी प्लांट का निरीक्षण किया। दूषित पानी बिना शुद्धिकरण के लिए उन्होंने अधिकारियों जल्द ही ठोस और प्रभावी समाधान योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी, आवश्यकता पड़ने पर वे स्वयं मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री से स्वीकृति दिलाएंगे। लापरवाही बरतने पर सख्त कार्यवाही की अनुशंसा करने की बात कही।

अमृत मिशन 2.0 के तहत भारत सरकार से स्वीकृत 9 करोड़ रुपए की राशि से बनने वाले भव्य उद्यान के लिए विधायक ने सरोना स्थित शीतला मंदिर के पीछे रिक्त भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर ही राजस्व अधिकारियों व पटवारी को सीमांकन कर शीघ्र ले-आउट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही, क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए चंदनडीह–सरोना–महादेव घाट तक एक नए बायपास रोड के निर्माण हेतु बजट प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए।

*लगातार तीसरे दिन विधायक श्री राजेश मूणत का विधानसभा क्षेत्र का दौरा, सरोना–चंदनडीह में विकास कार्यों का किया सघन निरीक्षण*

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*लगातार तीसरे दिन विधायक श्री राजेश मूणत का विधानसभा क्षेत्र का दौरा, सरोना–चंदनडीह में विकास कार्यों का किया सघन निरीक्षण*

*सरोना को 9 करोड़ रुपए के उद्यान व नए बायपास रोड की सौगात*

रायपुर, / रायपुर पश्चिम के विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेश मूणत विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। लगातार तीसरे दिन सुबह 8 बजे से क्षेत्रीय निरीक्षण पर निकले विधायक श्री मूणत ने आज सरोना एवं चंदनडीह क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का मौके पर जाकर जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उनके साथ महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, लोक निर्माण विभाग तथा नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।

विधायक श्री मूणत ने चंदनडीह में लगभग 80 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित एसटीपी प्लांट का निरीक्षण किया। दूषित पानी बिना शुद्धिकरण के लिए उन्होंने अधिकारियों जल्द ही ठोस और प्रभावी समाधान योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी, आवश्यकता पड़ने पर वे स्वयं मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री से स्वीकृति दिलाएंगे। लापरवाही बरतने पर सख्त कार्यवाही की अनुशंसा करने की बात कही।

अमृत मिशन 2.0 के तहत भारत सरकार से स्वीकृत 9 करोड़ रुपए की राशि से बनने वाले भव्य उद्यान के लिए विधायक ने सरोना स्थित शीतला मंदिर के पीछे रिक्त भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर ही राजस्व अधिकारियों व पटवारी को सीमांकन कर शीघ्र ले-आउट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही, क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए चंदनडीह–सरोना–महादेव घाट तक एक नए बायपास रोड के निर्माण हेतु बजट प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए।

*कोनी में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई,कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई*

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*कोनी में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई,कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई*

*कोनी में दो जगह की जा रही थी अवैध प्लाटिंग*

*रास्ता,बाउंड्रीवाल और पोल को उखाड़ा गया*

आशीष कश्यप बिलासपुर/नगर निगम ने अवैध प्लाटिंग के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है,शहर में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेने निकलें कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे ने कोनी में हो रहे अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। जिसके बाद नगर निगम के अतिक्रमण शाखा और जोन 8 की टीम ने अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई करते हुए तैयार किए गए मार्ग को तोड़ा और लगाए गए पोल को हटाया।
कोनी में खसरा नंबर 235 भूमि स्वामी केशव पाण्डेय,वीणा, अभिषेक और अंकित पाण्डेय द्वारा लगभग दो एकड़ जमीन में अवैध प्लाटिंग किया जा रहा था,इसी तरह गुड़ाखू फैक्ट्री के सामने और कंचन विहार के पीछे खसरा नंबर 191/1,191/6 191/2,191/5,191/3 और 191/4 में धीरेन्द्र पाण्डेय की जमीन पर स्वयंराज बिल्डर द्वारा तीन एकड़ जमीन में अवैध प्लाटिंग किया जा रहा था। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर इन दोनों भूमि पर कार्रवाई की गई। निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे ने कहा है कि आगे भी अवैध प्लाटिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाएगी।

*अवैध निर्माण पर दो को नोटिस*

व्यापार विहार में प्लेनेटेरियम के पास नियम विरूद्ध भवन निर्माण पर कैलाश माघवानी और व्यापार में ही बी 9 की भूमि में अनुमति विपरीत निर्माण पर आशीष अग्रवाल,अमर अग्रवाल और अभिषेक अग्रवाल को नोटिस जारी किया गया है।

*खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए चयन ट्रायल 6-8 जनवरी को रायपुर और बिलासपुर में*

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*खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए चयन ट्रायल 6-8 जनवरी को रायपुर और बिलासपुर में*

*क्यूआर कोड और रजिस्ट्रेशन लिंक से कर सकते हैं ऑनलाइन पंजीयन, ट्रायलस्थल पर ऑफलाइन पंजीयन भी होगा*

*छत्तीसगढ़ के मूल निवासी जनजातीय खिलाड़ी ले सकते हैं चयन ट्रायल में हिस्सा*

*अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र और आधार कॉर्ड की मूल कॉपी के साथ ट्रायल के लिए पहुंचे खिलाड़ी*

*मोबाइल नम्बर 8871419609 और वेबसाइट http://sportsyw.cg.gov.in से ले सकते हैं चयन ट्रायल संबंधी जानकारी*

आशीष कश्यप बिलासपुर……… छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में राज्य की ओर से खेलने वाली टीमों के चयन के लिए ट्रायल 6 जनवरी से 8 जनवरी तक रायपुर और बिलासपुर में आयोजित किए जा रहे हैं। नेशनल ट्राइबल गेम्स में सात खेलों को शामिल किया गया है। इसमें भागीदारी के लिए वेट-लिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल और हॉकी के खिलाड़ियों का ट्रायल रायपुर में आयोजित किया गया है। वहीं तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तैराकी के खिलाड़ियों के ट्रायल बिलासपुर में होंगे। इच्छुक खिलाड़ी मोबाइल नम्बर 8871419609 पर फोन कर या वेबसाइट http://sportsyw.cg.gov.in के माध्यम चयन ट्रायल संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

चयन ट्रायल में शामिल होने के लिए खिलाड़ी अपना ऑनलाइन पंजीयन क्यूआर कोड और रजिस्ट्रेशन लिंक से कर सकते हैं। सभी ट्रायलस्थलों पर ऑफलाइन पंजीयन भी किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ के स्थायी निवासी अनुसूचित जनजाति वर्ग के खिलाड़ी ही चयन ट्रायल में भाग लेने के पात्र होंगे। महिला एवं पुरूष दोनों वर्गों में पात्र खिलाड़ियों के लिए आयु सीमा का कोई बंधन नहीं है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने ट्रायल में हिस्सा लेने पहुंचने वाले सभी खिलाड़ियों से अपने अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र और आधार कॉर्ड/स्थानीय प्रमाण पत्र की मूल कॉपी (Original Copy) साथ लाने को कहा है।

*रायपुर में होंगे वेट-लिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल और हॉकी के ट्रायल*

रायपुर के स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में 6 जनवरी को सवेरे नौ बजे से वेट-लिफ्टिंग, 7 जनवरी को सवेरे नौ बजे से कुश्ती तथा 7 जनवरी और 8 जनवरी को सवेरे नौ बजे से फुटबॉल के लिए ट्रायल होंगे। 7 जनवरी और 8 जनवरी को सवेरे नौ बजे से रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में हॉकी खिलाड़ियों का ट्रायल होगा।

*तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तैराकी के ट्रायल बिलासपुर में*

बिलासपुर के स्वर्गीय बी.आर. यादव स्टेडियम में 7 जनवरी को सवेरे नौ बजे से तीरंदाजी और एथलेटिक्स के ट्रायल होंगे। बिलासपुर के सरकंडा स्थित जिला खेल परिसर में 7 जनवरी को सवेरे नौ बजे से तैराकी खिलाड़ियों का ट्रायल होगा।

*Chief Minister Vishnu Deo Sai Meets President Droupadi Murmu, Extends Invitation to ‘Bastar Pandum 2026’*

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*Chief Minister Vishnu Deo Sai Meets President Droupadi Murmu, Extends Invitation to ‘Bastar Pandum 2026’*

Raipur / Chief Minister Vishnu Deo Sai paid a courtesy call on President Droupadi Murmu in New Delhi today. On this occasion, Chief Minister Sai extended an invitation to President Murmu to attend the upcoming state-level tribal cultural festival, “Bastar Pandum 2026,” as the Chief Guest.

Chief Minister Sai apprised the President of the rich tribal art, culture, traditions and folk life of the Bastar region, stating that Bastar Pandum is an important initiative aimed at the preservation, promotion and national-international dissemination of the tribal heritage of the state. The festival will be organized in three phases, with the final phase scheduled to conclude in Bastar in February 2026.

On this occasion, Chief Minister Sai also informed the President about the comprehensive development initiatives of the Chhattisgarh government in tribal regions, including progress in education, health, livelihood, expansion of basic infrastructure, and welfare schemes. He said that the state government is continuously working to connect the tribal community with the mainstream of development while preserving their cultural identity.

President Droupadi Murmu appreciated the organization of this festival associated with tribal culture and extended her best wishes for the successful conduct of Bastar Pandum 2026.

It is noteworthy that through Bastar Pandum 2026, various cultural forms including folk dances, folk songs, traditional musical instruments, handicrafts, tribal cuisine, and traditional attire will be showcased.

*Major Achievement for Chhattisgarh in “Pariksha Pe Charcha 2026”: State Ranks First Nationally in Parental Participation*

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*Major Achievement for Chhattisgarh in “Pariksha Pe Charcha 2026”: State Ranks First Nationally in Parental Participation*

*81,533 Parents Registered: Chhattisgarh Secures First Position in the Country*

*First Position in Parental Participation Is a Matter of Pride, Says Chief Minister Vishnu Deo Sai*

*Chhattisgarh Leads in Pariksha Pe Charcha, Emerges as a National Role Model for Parents*

Raipur / In “Pariksha Pe Charcha 2026,” an initiative launched by Prime Minister Narendra Modi to transform examinations into a stress-free celebration, Chhattisgarh has achieved a remarkable milestone. The state has secured the first position in the country in terms of parental participation, setting an example for the nation.

So far, 25.16 lakh participants from Chhattisgarh have registered, including 22.75 lakh students, 1,55,000 teachers and 81,533 parents. This achievement reflects the systematic efforts undertaken in the state to strengthen examination management and time management, to prevent parents from exerting unnecessary pressure on their children to score higher marks, and to enhance students’ self-confidence.

In terms of parental participation in “Pariksha Pe Charcha,”Chhattisgarh ranks first in the entire country. In total registrations, the state stands fourth nationally. In Balodabazar district, 14,658 parents have registered, and in Sarangarh–Bilaigarh district, 9,952 parents have registered. This serves as clear evidence of rising awareness, participation and trust among parents toward this campaign. This achievement is not merely numerical; it also indicates a positive shift in society’s attitude toward examinations.
The notable success has been driven by innovative strategies adopted across the state.

Maximum participation was ensured through district-level review meetings, on-site registration facilities were arranged at teacher-training centers, and the community was engaged on a large scale through youth clubs and the “Angna Ma Shiksha” program.

At the “Pariksha Pe Charcha Mela” organized in Sarangarh–Bilaigarh, more than 10,000 registrations were recorded in a single day, whereas earlier the average daily registration hovered around 1,500. Previously organized teacher-parent conferences and mega PTMs also contributed significantly to increasing parental awareness and participation.

Inspiring experiences related to Pariksha Pe Charcha continue to emerge. Kumari Yuktamukhi, who participated in the program last year, shared her experience and appealed to a greater number of students to register this year and pose their questions. Her motivational message is igniting enthusiasm, confidence and active participation among students.

Similarly, during the winter vacation, a “Pariksha Pe Charcha Mela” was organized in Sarangarh–Bilaigarh district. Schools, communities, teachers and students participated in large numbers, resulting in more than 10,000 registrations in a single day. Inspired by this success, other districts across Chhattisgarh are also organizing Pariksha Pe Charcha melas, and citizens are joining the campaign enthusiastically.

To ensure the active participation of teachers in Pariksha Pe Charcha in Chhattisgarh, registration facilities were arranged directly at teacher-training venues. During training, teachers were briefed in detail about the registration process and assisted with on-the-spot registration, resulting in a very large number of teacher registrations.
The registration process will remain open until January 11, 2026, and there is every possibility that Chhattisgarh will achieve the target of more than three million registrations.

It is noteworthy that “Pariksha Pe Charcha” is the annual interactive program of Prime Minister Narendra Modi, in which he directly interacts with students, teachers and parents. During this dialogue, guidance is provided on examination-related challenges, stress management and confidence building. Parents are also advised not to exert unnecessary pressure on their children to score higher marks, but instead to strengthen their morale and self-confidence. This initiative has now evolved into a mass movement, nurturing social awareness that examinations should not be seen as a source of stress, but celebrated as a festival.

*”The achievement secured by Chhattisgarh in Pariksha Pe Charcha 2026 is the result of the collective efforts of the state’s students, teachers and parents. The message given by Prime Minister Narendra Modi — that examinations should not be a source of stress but celebrated as a festival — has been embraced wholeheartedly in Chhattisgarh. Securing fourth place nationally in total registrations and first place in parental participation is proof that awareness among parents has increased, and that instead of placing unnecessary pressure on their children, they are stepping forward to build their confidence. I am confident that with the same enthusiasm we will also achieve the target of more than three million registrations and will continue to advance this campaign to make examinations stress-free as a people’s movement.” — Chief Minister Vishnu Deo Sai*

*मुख्यमंत्री निवास में 8 जनवरी गुरुवार को होगा जनदर्शन*

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*मुख्यमंत्री निवास में 8 जनवरी गुरुवार को होगा जनदर्शन*

रायपुर,/ मुख्यमंत्री निवास कार्यालय रायपुर में 08 जनवरी गुरुवार को जनदर्शन का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर प्रदेशवासियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध समाधान मिल सके।

*कांगेर घाटी में मिली अनोखी “ग्रीन गुफा जल्द खुलेंगे पर्यटन के नए द्वार*

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*कांगेर घाटी में मिली अनोखी “ग्रीन गुफा जल्द खुलेंगे पर्यटन के नए द्वार*

रायपुर, / छत्तीसगढ़ की कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैव विविधता और विश्व-प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के लिए देश-विदेश में विख्यात है। इसी कड़ी में अब कांगेर घाटी में एक और अनोखी प्राकृतिक स्थलाकृति सामने आई है, जिसे “ग्रीन केव” (ग्रीन गुफा) नाम दिया गया है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य सरकार द्वारा पर्यटन और वन्य धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। वन मंत्री श्री कश्यप ने स्पष्ट किया है कि ग्रीन गुफा के पर्यटन मानचित्र में शामिल होने से कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को गति प्राप्त होगी और शीघ्र ही पर्यटक इस अद्भुत गुफा की प्राकृतिक खूबसूरती का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। वन विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां पूर्ण किए जाने के बाद शीघ्र ही इस गुफा को पर्यटकों के लिए खोले जाने की योजना है।

उल्लेखनीय है कि यह ग्रीन गुफा कोटुमसर परिसर के कंपार्टमेंट क्रमांक 85 में स्थित है। गुफा की दीवारों और छत से लटकती चूने की आकृतियों (स्टैलेक्टाइट्स) पर हरे रंग की सूक्ष्मजीवी परतें पाई जाती हैं, जिसके कारण इसे “ग्रीन केव” नाम दिया गया है। चूना पत्थर और शैल से निर्मित यह गुफा कांगेर घाटी की दुर्लभ और विशिष्ट गुफाओं में से एक मानी जा रही है।

ग्रीन गुफा तक पहुंचने का मार्ग बड़े-बड़े पत्थरों से होकर गुजरता है। गुफा में प्रवेश करते ही सूक्ष्मजीवी जमाव से ढकी हरी दीवारें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। आगे बढ़ने पर एक विशाल कक्ष दिखाई देता है, जहां से भीतर की ओर चमकदार और विशाल स्टैलेक्टाइट्स तथा फ्लो-स्टोन (बहते पानी से बनी पत्थर की परतें) देखने को मिलती हैं, जो गुफा की प्राकृतिक भव्यता को और भी बढ़ा देती हैं।

घने जंगलों के मध्य स्थित यह गुफा अपनी अनोखी संरचना और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बनने जा रही है। वन विभाग द्वारा गुफा की सुरक्षा एवं नियमित निगरानी की जा रही है। साथ ही पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पहुंच मार्ग, पैदल पथ तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास कार्य प्रगति पर है। वन विभाग द्वारा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यटन विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवासन तथा प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री अरुण पांडे का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।