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*ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पत्रकारों से साझा की विभागीय उपलब्धियां*

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*ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पत्रकारों से साझा की विभागीय उपलब्धियां*

*प्रदेश को देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा प्रयास*

*प्रदेश में ऊर्जा विस्तार की व्यापक रूपरेखा और आगामी कार्ययोजना पर साझा की जानकारी*

रायपुर / ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने आज नया रायपुर स्थित छत्तीसगढ संवाद के ऑडिटोरियम में पत्रकारों के साथ ऊर्जा विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन, पारेषण और वितरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा आने वाले वर्षों के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।

डॉ. यादव ने जानकारी दी कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी, एनटीपीसी तथा निजी उत्पादकों को मिलाकर प्रदेश की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 30 हजार 671.7 मेगावाट है। इसमें 28 हजार 824 मेगावाट ताप विद्युत, 220 मेगावाट जल विद्युत तथा सोलर, बायोमास आदि स्रोतों से 2,047 मेगावाट क्षमता शामिल है। ताप विद्युत क्षेत्र में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की 2,840 मेगावाट, एनटीपीसी व निजी स्वामित्व के बिजलीघरों की 20 हजार 299 मेगावाट तथा कैप्टिव पॉवर प्लांट्स की 5 हजार 266 मेगावाट क्षमता है।

डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार का फोकस ताप विद्युत पर निर्भरता कम कर कार्बन उत्सर्जन घटाने पर है। नेट जीरो कार्बन लक्ष्य के तहत वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे देश की 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकता नवीकरणीय स्रोतों से पूरी की जा सके। इस दिशा में जल विद्युत एवं पंप स्टोरेज परियोजनाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो ग्रिड संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगी।
राज्य शासन द्वारा पंप स्टोरेज आधारित जल विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए नीति 2023 लागू की गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा 8,300 मेगावाट क्षमता के छह स्थलों का चिन्हांकन किया गया है, जिनमें से पांच के फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और डीपीआर निर्माणाधीन है। निजी क्षेत्र में भी लगभग 5,000 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं पर कार्य जारी है।

ऊर्जा सचिव डॉ. यादव ने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के तहत एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड एवं राज्य उत्पादन कंपनी के संयुक्त उपक्रम द्वारा लगभग 2 हजार मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें अटल बिहारी ताप विद्युत गृह के जलाशय में 6 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर, कोरबा पूर्व के बंद राखड़ बांध पर 32 मेगावाट सौर संयंत्र तथा 500 मेगावाट-ऑवर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की स्थापना प्रस्तावित है। ऊर्जा सचिव ने बताया कि प्रदेश को देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा में 32 हजार 100 मेगावाट क्षमता की नई परियोजनाओं हेतु विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू किए गए हैं। इन परियोजनाओं में 12 हजार 100 मेगावाट ताप विद्युत, 4 हजार 200 मेगावाट न्यूक्लियर, 2 हजार 500 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर तथा 13 हजार 300 मेगावाट पंप स्टोरेज क्षमता शामिल है। इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 3.4 लाख करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिसमें कई प्रमुख संस्थाएं भागीदार हैं।

डॉ. यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा कोरबा पश्चिम में 660-660 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल इकाइयों एवं मड़वा में 800 मेगावाट की इकाई स्थापित करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। पारेषण क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि दिसंबर 2023 से जनवरी 2026 के बीच उपकेन्द्रों की संख्या 132 से बढ़कर 137 हो गई है। ट्रांसफार्मरों की कुल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा 132 केवी लाइनों में पुराने कंडक्टरों को उच्च क्षमता वाले एचटीएलएस कंडक्टर से बदला जा रहा है। साथ ही 5 हजार 200 किमी ऑप्टिकल फाइबर ग्राउंड वायर का इंस्टॉलेशन पूर्ण कर 131 उपकेन्द्रों को डिजिटल संचार नेटवर्क से जोड़ा गया है।

वितरण क्षेत्र में प्रगति पर प्रकाश डालते हुए ऊर्जा सचिव ने बताया कि प्रदेश में उपभोक्ताओं की संख्या 65 लाख से अधिक हो गई है। विगत दो वर्षों में हजारों किमी नई लाइनें, उपकेन्द्र एवं ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। जनहितकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पीएम कुसुम, डॉ. खूबचंद बघेल किसान विद्युत सहायता योजना एवं बीपीएल उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से लाखों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विद्युतीकरण हेतु नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत सैकड़ों गांवों तक बिजली पहुंचाई गई है।

क्रेडा की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए ऊर्जा सचिव ने बताया कि विगत दो वर्षों में 26 हजार 794 सोलर सिंचाई पंप, 7 हजार 833 सोलर पेयजल पंप तथा 1 हजार 709 सोलर हाईमास्ट स्थापित किए गए हैं। आगामी वर्षों में ऑफग्रिड सोलर प्लांट्स एवं रूफटॉप सौर संयंत्रों के विस्तार की कार्ययोजना पर भी कार्य जारी है। डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में संतुलित मिश्रण, तकनीकी आधुनिकीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के माध्यम से छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान पत्रकारों के सवालों के भी विस्तृत उत्तर दिए और विभाग की आगामी 03 वर्षों की कार्य योजना साझा की।

इस दौरान सीएसपीडीसीएल के एमडी श्री भीम सिंह कंवर, सीएसपीजीसीएल के एमडी एस के कटियार, सीएसपीटीसीएल के एमडी श्री राजेश कुमार शुक्ला सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।

*खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ के विकास में निभाएं अहम भूमिका : मुख्यमंत्री श्री साय*

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*खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ के विकास में निभाएं अहम भूमिका : मुख्यमंत्री श्री साय*

*मुख्यमंत्री ने नव चयनित खनि निरीक्षकों को प्रदान किया नियुक्ति पत्र, ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करने का दिया संदेश*

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित नव नियुक्त खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा की दृष्टि से देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है और खनिज प्रशासन के प्रभावी संचालन में मैदानी अमले की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नव चयनित खनि निरीक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवाओं पर ही देश और प्रदेश का भविष्य निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि खनिज विभाग में नई नियुक्तियों से विभागीय कार्यबल मजबूत होगा तथा खनिज अन्वेषण और खनन गतिविधियों को और गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त खनि निरीक्षक अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन करते हुए खनिज प्रशासन से जुड़े कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट, लाइमस्टोन, टिन, डायमंड, गोल्ड और लिथियम सहित विभिन्न खनिज संपदाओं से परिपूर्ण है। खनिज राज्य के राजस्व का प्रमुख स्रोत भी हैं और सरकार खनिज राजस्व में वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने नवनियुक्त अधिकारियों को खनिज राजस्व वृद्धि में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खनि निरीक्षक के रूप में आप सभी के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है। पारदर्शिता, ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करते हुए राज्य के संसाधनों के संरक्षण और सुव्यवस्थित उपयोग में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा 15 अक्टूबर 2025 को 33 खनि निरीक्षकों की चयन सूची जारी की गई थी। खनिज साधन विभाग द्वारा 19 फरवरी 2026 को कुल 32 खनि निरीक्षकों की नियुक्ति आदेश जारी किए गए, जिनमें से 30 नव चयनित खनि निरीक्षकों को आज मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, सचिव खनिज साधन विभाग श्री पी. दयानंद, संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म श्री रजत बंसल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

*Chhattisgarh Shines on the National AI Stage: Raipur’s Aastha Manik and Anurag Manik Secure First Place at India AI Impact Buildathon*

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*Chhattisgarh Shines on the National AI Stage: Raipur’s Aastha Manik and Anurag Manik Secure First Place at India AI Impact Buildathon*

*Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai Extends Congratulations*

*“Harnessing Technology for Social Good Is Both Relevant and Inspiring in the Digital Age,” Says the Chief Minister*

Raipur, / Youth of Chhattisgarh have made the state proud by demonstrating exceptional talent on a national platform, at the prestigious _”AI Impact Summit”_ held at Bharat Mandapam, New Delhi.

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai congratulated and extended his best wishes to the talented sibling duo from Raipur, Anurag Manik and Aastha Manik, for securing first place in the India AI Impact Buildathon, thereby bringing laurels to the state. He said that emerging victorious among over 40,000 participants, after successfully clearing three rigorous stages, stands as a testament to their extraordinary talent, dedication, and innovative capabilities.

Chief Minister Shri Sai remarked that this achievement symbolises the competence, confidence, and growing technological strength of Chhattisgarh’s youth.

He noted that their AI application titled “Kartavya” received special appreciation during the competition. The application is designed to distinguish between AI-generated voices and real human voices, thereby helping people protect themselves from digital fraud. The Chief Minister described this effort to align advanced technology with social responsibility as highly relevant and inspiring in today’s digital era.

Shri Sai further stated that the youth of Chhattisgarh, while preserving their traditions and rich cultural heritage, are also playing a leading role in the fields of modern technology and innovation. This achievement, he said, is a strong reflection of the state’s holistic progress in education, innovation, and the expansion of opportunities. Expressing confidence in the state’s young talent, he said they would continue to scale new heights and give Chhattisgarh a distinct identity at the national and global levels.

Chief Minister Shri Sai reaffirmed that the state government remains fully committed to providing continuous encouragement and opportunities to young people in the domains of technology, innovation, and startups.

*AI Impact Summit: Chhattisgarh Pavilion Draws Global Attention at Bharat Mandapam*

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*AI Impact Summit: Chhattisgarh Pavilion Draws Global Attention at Bharat Mandapam*

*Nava Raipur’s AI Data Centre Park Emerges as Key Highlight*

*Country’s First AI Data Centre Park in Nava Raipur to Accelerate Digital Innovation and High-Tech Investment: Chief Minister Shri Sai*

Raipur, // Chhattisgarh’s pavilion at the AI Impact Summit at Bharat Mandapam, New Delhi, is attracting strong interest from investors, technology experts, industry representatives and visitors from India and abroad.

Built around the theme “Chhattisgarh Driven by Intelligence,” the pavilion presents the state’s expanding capabilities in artificial intelligence, digital infrastructure and investment readiness. Through digital presentations, information panels and interactive displays, Chhattisgarh is positioning itself as an emerging technology destination, drawing notable investor attention.

A key highlight of the pavilion is the proposed AI Data Centre Park in Nava Raipur, described as the country’s first such initiative. The project involves an estimated investment of about ₹1,000 crore and aims to create capacity for up to one lakh Graphics Processing Units (GPUs). It is expected to support AI-based services, high-capacity data processing and digital innovation, strengthening Chhattisgarh’s role in the future digital economy.

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said the strong response to the Chhattisgarh pavilion at the AI Impact Summit is a matter of pride for the state. He said the AI Data Centre Park in Nava Raipur will accelerate efforts to establish Chhattisgarh as a centre for digital innovation, high-technology investment and emerging economic sectors.

He added that the initiative will encourage youth aspirations, innovation and entrepreneurship while creating a strong foundation for the state’s long-term growth. He expressed confidence that with sustained commitment and forward-looking policies, Chhattisgarh will emerge as a significant contributor to India’s digital transformation.

The pavilion also highlights incentives, subsidies and the investment-friendly ecosystem available for AI, robotics and advanced technology sectors under the Industrial Development Policy 2024–30. Continuous power supply, the development of Nava Raipur Smart City, strong connectivity and industry-friendly policies of the state are being showcased. Officials at the pavilion are providing detailed briefings to investors and visitors on infrastructure, policy support and investment opportunities in the State.

Representatives from several national and international companies and technology institutions have shown interest in AI and data centre investment opportunities in Chhattisgarh and have appreciated the state government’s forward-looking approach. The participation is expected to strengthen investment prospects and support Chhattisgarh’s emergence as a growing technology and innovation ecosystem.

*Newly Appointed Mining Inspectors Must Contribute Actively to Mineral-Rich Chhattisgarh’s Growth: Chief Minister*

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*Newly Appointed Mining Inspectors Must Contribute Actively to Mineral-Rich Chhattisgarh’s Growth: Chief Minister*

*CM Hands Over Appointment Letters to Newly Selected Mining Inspectors; Calls for Integrity and Dedicated Service*

Raipur, // Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai handed over appointment letters to the newly selected Mining Inspectors at his official residence-office on February 19. The appointments were made through the Chhattisgarh Public Service Commission. On this occasion, the Chief Minister stated that Chhattisgarh is among the most mineral-rich states in the country and that the effective functioning of mineral administration depends significantly on the efficiency of field-level officials.

Congratulating the newly appointed Mining Inspectors, the Chief Minister stated that the future of the nation and the state rests with its youth. He noted that fresh appointments in the Mineral Resources Department will strengthen the departmental workforce and accelerate mineral exploration and mining activities. He expressed confidence that the newly inducted inspectors would discharge their duties responsibly and contribute meaningfully to the effective implementation of mineral administration.

Highlighting the state’s vast natural wealth, the Chief Minister said that the land of Chhattisgarh is abundant in iron ore, coal, bauxite, limestone, tin, diamond, gold and lithium, among other minerals. These mineral resources are a major source of state revenue, and the government is continuously working to enhance mineral revenue collection. He encouraged the newly appointed officers to play an active role in boosting mineral revenue and ensuring the adoption of scientific and systematic mining practices.

The Chief Minister further emphasised that as Mining Inspectors, they have a very significant responsibility. He urged them to work with transparency, honesty and dedication, and to contribute to the conservation and proper utilisation of the state’s valuable natural resources.

It is noteworthy that the Chhattisgarh Public Service Commission released the selection list for 33 Mining Inspectors on 15 October 2025. Subsequently, on 19 February 2026, the Mineral Resources Department issued appointment orders for 32 Mining Inspectors. Out of these, 30 newly selected Mining Inspectors received their appointment letters from the Chief Minister on Thursday.

On the occasion, the Chairman of the Chhattisgarh Mineral Development Corporation, Shri Saurabh Singh, the Secretary of the Mineral Resources Department, Shri P. Dayanand, the Director of Geology and Mining, Shri Rajat Bansal, and other senior departmental officials were present.

*स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 5000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा*

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*स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 5000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा*

*छत्तीसगढ के हजारों युवाओं को मिलेगा सरकारी नौकरी में अवसर*

रायपुर, /स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता एवं सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के कुल 5000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन शीघ्र ही जारी किया जा रहा है। शासन ने परीक्षा आयोजन के लिये छत्तीसगढ़ व्यापम को अधिकृत किया है एवं विभाग द्वारा विज्ञापन जारी करने संबंधी सभी प्रक्रियाओं को पूर्ण कर आवश्यक प्रपत्र व्यापम को उपलब्ध करा दिया गया है। इसके साथ ही सीधी भर्ती 2023 की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।

छत्तीसगढ़ सरकार स्कूल शिक्षा विभाग में 5,000 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया फरवरी 2026 में शुरू करने जा रही है। इन पदों के लिए चयन व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, यह भर्ती राज्य के विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए की जा रही है। शिक्षा विभाग के इस फैसले से राज्य भर के सरकारी स्कूलों में टीचरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी । भर्ती प्रक्रिया के बारे में डिटेल्ड गाइडलाइंस आने वाले दिनों में जारी की जाएगी।

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के माध्यम से न केवल हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। खास बात यह है कि इसमें व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक और प्रयोगशाला सहायक जैसे कई पद शामिल किए जा रहे हैं, जिससे अलग-अलग योग्यता वाले उम्मीदवारों को अवसर मिलेगा।

ज्ञातव्य है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक सीधी भर्ती 2023 अंतर्गत सहायक शिक्षक पद के पांचवें चरण की भर्ती प्रक्रिया में माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारियों के स्थापन पर डी.एड. अर्हताधारियों अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर प्रदान किया गया है।

*महानाट्य ‘जाणता राजा’ के माध्यम से जीवंत हुई शिवाजी महाराज की गौरवगाथा: मुख्यमंत्री श्री साय*

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*महानाट्य ‘जाणता राजा’ के माध्यम से जीवंत हुई शिवाजी महाराज की गौरवगाथा: मुख्यमंत्री श्री साय*

*छत्रपति शिवाजी महाराज का आदर्श जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री*

*छत्रपति शिवाजी महाराज की गौरवगाथा से आलोकित हुआ रायपुर:‘जाणता राजा’ का मंचन शुरू*

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, धैर्य, रणनीति और आदर्श नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है, इसलिए हम सभी को अपने जीवन में शिवाजी जैसा लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में भी अद्भुत साहस और बुद्धिमत्ता का परिचय दिया। अफजल खाँ के साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी ने संकट को भांपकर धैर्य और रणनीति से निर्णय लिया और विजय प्राप्त की। इसी प्रकार शाइस्ता खान के विरुद्ध उनकी युक्तिपूर्ण रणनीति यह सिखाती है कि बड़े से बड़े शत्रु को भी सूझबूझ और साहस से पराजित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने साइंस कॉलेज मैदान पहुंचकर ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ के मंचन के दौरान संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिवाजी महाराज केवल महान योद्धा ही नहीं, बल्कि उच्च आदर्शों वाले शासक भी थे। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों की आस्था का सम्मान किया और महिलाओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। माता जीजाबाई के संस्कारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज का चरित्र हमें मर्यादा, नैतिकता और सम्मानजनक आचरण का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए महाकवि भूषण की पंक्तियों का उल्लेख किया, जिनमें शिवाजी महाराज के पराक्रम और वीरता का अद्भुत वर्णन मिलता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी का जीवन केवल इतिहास नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने की प्रेरणा देता है।

राजधानी रायपुर में प्रारंभ हुआ ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का यह विशेष मंचन 22 फरवरी तक प्रतिदिन शाम को साइंस कॉलेज मैदान में प्रस्तुत किया जाएगा। लगभग तीन घंटे की यह भव्य प्रस्तुति छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की गाथा पर आधारित है, जिसमें सजीव दृश्य, विशाल मंच सज्जा और तकनीकी उत्कृष्टता के माध्यम से दर्शकों को ऐतिहासिक काल का जीवंत अनुभव कराया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के तत्वाधान में आयोजित इस महानाट्य के लिए महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में ऑडिशन आयोजित किए गए थे, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के लगभग 40 स्थानीय कलाकारों का चयन किया गया। चयनित कलाकारों ने निर्देशक श्री योगेश शिरोले के मार्गदर्शन में गहन अभ्यास किया। स्थानीय कलाकारों में प्रांजल बक्षी, वर्तिका क्षीरसागर, कृति लाड, आकांक्षा और आस्था काले सहित अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।

मंचन के दौरान घोड़ों के साथ सैनिकों की टुकड़ी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही, वहीं ऊंटों को भी प्रस्तुति में शामिल किया गया। पुणे से आए तकनीकी विशेषज्ञ श्री कौशिक नाईक एवं श्री वैभव जोशी मंच सज्जा और प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पारंपरिक प्रस्तुतियों में कोली गीत सहित विभिन्न सांस्कृतिक आयामों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।

इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, महानाट्य ‘जाणता राजा’ के श्री अजीत राव आप्टे सहित महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

* सोनू डाहिरे ऊर्फ हीरालाल को पंडरिया पुलिस ने भेजा जेल*

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 सोनू डाहिरे ऊर्फ हीरालाल को पंडरिया पुलिस ने भेजा जेल
 आरोपी थाना पंडरिया के निगरानी बदमाशो की सूची में है शामिल
 बदमाश थाना पंडरिया क्षेत्रांतर्गत पूर्व में तडीपार भी हो चुके है
 पिछले 05 वर्षो से पंडरिया के कई अपराधो में संलिप्त रहा है
 नशे का सेवन कर जबरदस्ती लोगो को परेशान कर मारपीट करता था।

कबीरधाम /पंडरिया– मामला थाना पंडरिया क्षेत्रांतर्गत बैरागपारा पंडरिया का है कि कल दिनांक 18.02.26 को पंडरिया पुलिस को फोन से सूचना मिली कि बैरागपारा पंडरिया में कोई अज्ञात व्यक्ति कपडा बेंचने वाले किसी फेरी वाले के घर जबरन घुस कर जबरदस्ती मारपीट कर रहा है कि सूचना से वरिष्ठ अधिकारी पुलिस अनु. अधिकारी पण्डरिया श्री भुपत सिंह धनेश्री (रापुसे) को अवगत कराकर उचित कार्यवाही करने की दिशा निर्देश प्राप्त होने पर पंडरिया पुलिस तुरंत घटना स्थल पहुचा जहां पर देखा कि मोहल्ले का *सोनू डाहिरे ऊर्फ हीरालाल डाहिरे पिता स्वं. भरत डाहिरे उम्र 30 साल निवासी बैरागपारा पंडरिया थाना पंडरिया जिला कबीरधाम* का पडोस के बोधन ठाकुर के मकान में किराये से रहने वाले के घर अंदर घुस कर मारपीट कर रहा था जिसे पंडरिया पुलिस द्वारा मामले को शांत कराकर आरोपी सोनू डाहिरे को थाना लेकर आये व पीडित का ईलाज कराया गया तथा आरोपी सोनू डाहिरे के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर मामला अजमानतीय होने से आरोपी सोनू डाहिरे को ज्युडिसियल रिमांड पर जेल भेजा गया।
• *आरोपी सोनू डाहिरे पिछले 05 साल से पंडरिया में घटित कई छोटे बडे अपराधे में संलिप्त रहा है, जिसके चलते आरोपी का थाना पंडरिया में निगरानी बदमाश की सूची में नाम दर्ज है।*
• *आरोपी सोनू डाहिरे के उपर वर्ष 2019 में राज्य सुरक्षा कानून के तहत जिला बदल की कार्यवाही किया गया था।*
• *आरोपी के आचरण में किसी प्रकार की कोई सुधार नहीं होने पर वर्तमान में पुन: राज्य सुरक्षा कानून के तहत जिला बदल की कार्यवाही के लिये प्रतिवेदन भेजी गयी है।*

➡️ *छेड़छाड़ करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल दाखिल*

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➡️ *छेड़छाड़ करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल दाखिल*

➡️ *थाना लोरमी क्षेत्रांतर्गत ग्राम भाठापारा में महिला संबंधी अपराध में त्वरित कार्रवाई कर 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया जेल*

➡️ *आरोपियों के विरुद्ध थाना लोरमी में अपराध क्रमांक 52/26 धारा 74, 332(सी), 296, 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत की गई कार्रवाई*

मुंगेली:-वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) द्वारा जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारियों को महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों में त्वरित एवं सख्त कार्रवाई कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है।
दिनांक 17.02.2026 को पीड़िता द्वारा थाना लोरमी में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसके घर के पड़ोस में निवासरत वेदप्रकाश एवं रंजीत अग्रवाल द्वारा पुरानी रंजिश के चलते उसे घर में अकेली पाकर दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया तथा उसकी लज्जा भंग करने की नीयत से हाथ-बांह पकड़कर छेड़छाड़ की गई, अश्लील गाली-गलौज की गई एवं जान से मारने की धमकी दी गई, रिपोर्ट पर थाना लोरमी में अपराध क्रमांक 52/26 धारा 74, 332(सी), 296, 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
प्रकरण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा एवं उप पुलिस अधीक्षक लोरमी हरविन्दर सिंह के मार्गदर्शन में लोरमी पुलिस द्वारा घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर पीड़िता एवं गवाहों को पूछताछ कर साक्ष्यों के आधार पर आरोपी 1. रंजीत अग्रवाल पिता प्रदीप उम्र 26 वर्ष एवं 2. वेदप्रकाश अग्रवाल पिता प्रदीप उम्र 28 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 15 गायत्रीपारा लोरमी, थाना लोरमी, जिला मुंगेली को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपियों द्वारा घटना दिनांक को अपराध कारित करना स्वीकार किए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर दिनांक 18.02.2026 को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल दाखिल किया गया।
उक्त कार्रवाई में निरीक्षक अखिलेश कुमार वैष्णव (थाना प्रभारी लोरमी), उपनिरीक्षक मानसिंह परिहार, आरक्षक सीताराम बर्मन, रेखराम नेताम एवं कवि टोप्पो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

*आवास योजना में फर्जी भुगतान और अधूरे घर के आरोप तथ्यहीन*

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*आवास योजना में फर्जी भुगतान और अधूरे घर के आरोप तथ्यहीन*

*प्रशासन ने भौतिक सत्यापन के बाद जांच रिपोर्ट सौंपी*

रायपुर, / प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर आज 18 फरवरी को प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन द्वारा जिला स्तरीय जांच दल से विस्तृत भौतिक सत्यापन कराया गया। जांच रिपोर्ट में कई तथ्य भ्रामक एवं अपूर्ण जानकारी पर आधारित पाए गए हैं। उपायुक्त, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट किया है कि अधिकांश मामलों में भुगतान नियमानुसार हुआ है और निर्माण कार्य प्रगति पर है।

*महासमुंद – 12 हजार से ज्यादा किश्त अटकी होने का दावा गलत*

खबर में बागबाहरा जनपद में 12,366 हितग्राहियों की दूसरी किश्त अटकी होने और केवल 25 हजार रुपए पहली किश्त दिए जाने का उल्लेख किया गया है, जबकि जांच में सामने आया कि योजना शुरू होने से अब तक जनपद पंचायत बागबाहरा में 22,910 आवास स्वीकृत हुए हैं। इनमें से 19,411 मकान पूर्ण हो चुके हैं। शेष 3,499 आवास निर्माणाधीन हैं। प्रशासन के मुताबिक किश्तों का भुगतान निर्माण कार्य की प्रगति के अनुसार किया जा रहा है।

*गरियाबंद – जिन घरों को अधूरा बताया, वे निर्माणाधीन*

ग्राम तुहामेटा में झुलवती के नाम पर प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में स्वीकृत आवास में दो किश्तों में एक लाख रुपए जारी किए जा चुके हैं। जांच में पाया गया कि छत ढलाई का कार्य पूरा है। हितग्राही श्रीमती झूलबती के निधन के बाद उनके पति श्री पीलाराम को उत्तराधिकारी के रूप में पोर्टल में दर्ज किया गया है, जो कि पीएफएमएस में लंबित है।

इसी तरह राजापड़ाव क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत अडगडी में सुगारो के नाम से वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास स्वीकृत है। 40 हजार रुपए की पहली किश्त जारी हो चुकी है। मकान प्लिंथ स्तर पर है और दूसरी किश्त के लिए जियो-टैगिंग पूरी कर ली गई है।

ग्राम पंचायत जाड़ापदर में हिरमनी बंजारा के पिता खेतुराम बंजारा के नाम से वर्ष 2024-25 में आवास स्वीकृत है। दो किश्तों में 95 हजार रुपए जमा किए जा चुके हैं। मकान चौखट स्तर तक बन चुका है। जांच में फर्जी भुगतान का आरोप सही नहीं पाया गया।

जांच रिपोर्ट में इस बात स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि लफंदी में मनरेगा मजदूरी में गड़बड़ी नहीं मिली है। फिंगेश्वर ब्लॉक के लफंदी गांव में मनरेगा मजदूरी में 4 लाख रुपए की कथित गड़बड़ी की शिकायत की भी गहन जांच की गई। मस्टररोल, मांगपत्र और सहमति पत्रों का परीक्षण किया गया। प्रशासन के अनुसार श्रमिकों को नियमानुसार भुगतान हुआ है और किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता का प्रमाण नहीं मिला है।

*सामूहिक गृह प्रवेश पर भी स्पष्टीकरण*

गरियाबंद जिले के मैनपुर जनपद में 3817 घरों को कागजों में पूर्ण दिखाने और सामूहिक गृह प्रवेश कराने के आरोपों की भी जांच की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन आवासों को पूर्ण दर्शाया गया है, वे निर्धारित मानकों के अनुरूप विभिन्न स्तरों पर पूर्ण पाए गए। जियो-टैगिंग और ऑनलाइन मॉनिटरिंग की प्रक्रिया अपनाई गई है।

उपायुक्त प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण छत्तीसगढ़ का कहना है कि योजना में भुगतान सीधे लाभार्थियों के खातों में ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है। निर्माण की प्रगति जियो-टैगिंग के जरिए मॉनिटर होती है। शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर कार्रवाई की जाती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रकाशित समाचार के कई बिंदु अपूर्ण तथ्यों पर आधारित हैं और आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर सकते हैं। योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को सुरक्षित पक्की छत उपलब्ध कराना है और इसके क्रियान्वयन में हर स्तर पर पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है।