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*आईटीआई बलौदा (महुदा) में 26 फरवरी को होगा प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन*

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*आईटीआई बलौदा (महुदा) में 26 फरवरी को होगा प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन*

मनोज साहू ब्यूरोजांजगीर-चांपा / शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बलौदा (महुदा) में 26 फरवरी 2026 को टाटा मोटर्स क्वेस कॉर्प. लिमिटेड (कैम्पस रिक्रूटमेंट पार्टनर) के द्वारा आईटीआई पास विभिन्न व्यवसाय के उत्तीर्ण ऐसे प्रशिक्षणार्थी जिनकी आयु 18-23 वर्ष है उनके लिये प्लेसमेंट कैम्पस का आयोजन किया जा रहा हैं। प्राचार्य शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बलौदा (महुदा) ने बताया कि आवेदक निर्धारित तिथि को प्रातः 09.30 बजे समस्त आवश्यक दस्तावेज के साथ संस्था में उपस्थित हो सकते है।

*विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ की ओर तेजी से बढ़ रहा प्रदेश : व्यापार एवं उद्योग के लिए छत्तीसगढ़ में बना है अनुकूल माहौल – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

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*विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ की ओर तेजी से बढ़ रहा प्रदेश : व्यापार एवं उद्योग के लिए छत्तीसगढ़ में बना है अनुकूल माहौल – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में हुए शामिल*

रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ व्यापार एवं उद्योग के लिए भी अनुकूल वातावरण बना है, जिसका परिणाम है कि व्यापारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि राज्य में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का यह तीसरा वर्ष चल रहा है और दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। पहले वर्ष प्रस्तुत बजट का थीम “ज्ञान” था, जिसमें जी का अर्थ गरीब, वाय का अर्थ युवा, ए का अर्थ अन्नदाता किसान और एन का अर्थ नारी था तथा इन सभी वर्गों के विकास पर विशेष फोकस किया गया था। दूसरे वर्ष उसी विकास को गति देने के उद्देश्य से बजट का थीम “गति” रखा गया, जबकि इस वर्ष का बजट थीम “संकल्प” है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को आत्मसात करते हुए तैयार किया गया है और पूरे प्रदेश के हित में है। उन्होंने बताया कि इस बजट में विशेष फोकस बस्तर और सरगुजा क्षेत्र पर किया गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र केरल राज्य से भी बड़ा क्षेत्र है और प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर है, जिसे धरती का स्वर्ग कहा जा सकता है, लेकिन चार दशक से अधिक समय तक नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र विकास से अछूता रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व तथा हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस के कारण नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में नक्सली सक्रिय थे, लेकिन विगत दो वर्षों में हमारे जवानों ने जिस तरह से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है, उसमें कई बड़े माओवादी मारे गए हैं तथा बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इससे राज्य अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि माओवाद के कारण इन क्षेत्रों में समुचित विकास नहीं हो पाया था, जिसकी भरपाई के लिए अब सरकार इन क्षेत्रों के विकास पर विशेष फोकस कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि सरकार ने अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी के लिए बजट में प्रावधान किया है। साथ ही क्षेत्र में कृषि को बढ़ावा देने और फॉरेस्ट प्रोड्यूस के वैल्यू एडिशन पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा दोनों संभागों में सैकड़ों प्रकार के वन उत्पाद उपलब्ध हैं, जिनका मूल्य संवर्धन कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए है और प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है।

उन्होंने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत 7 करोड़ पेड़ लगाए गए हैं तथा उद्योग नीति के तहत काटे जाने वाले पेड़ों की भरपाई भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है और उसी के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी आवश्यक है। इसके लिए राज्य सरकार ने विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीएसडीपी दर को आने वाले पांच वर्षों में दोगुना करने तथा वर्ष 2047 तक राज्य का जीएसडीपी 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। नई उद्योग नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और विभिन्न बड़े शहरों में आयोजित इन्वेस्ट मीट के माध्यम से अब तक प्रदेश को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर धरातल पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। इनमें सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े निवेश भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में व्यापारी बंधुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने नेशनल ट्रेड एक्सपो के सफल आयोजन के लिए कैट की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ट्रेड एक्सपो में विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया तथा कैट द्वारा प्रकाशित स्वदेशी पोस्टर का विमोचन भी किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन श्री सुनील सिंघी, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर परवानी सहित कैट छत्तीसगढ़ के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

*राज्यपाल श्री डेका से अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ने भेंट की*

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*राज्यपाल श्री डेका से अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ने भेंट की*

रायपुर, / राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष श्री चंद्र भूषण वर्मा ने सौजन्य भेंट की।
इस अवसर पर अंबिका चंद्रवंशी, श्री मुरली चंद्राकर, श्री जय प्रकाश वर्मा, श्री रवि वर्मा, श्री मिलींद चंद्राकर, श्री रामगोपाल वर्मा उपस्थित थे।

*राज्यपाल श्री रमेन डेका से विधायक श्री चंद्राकर ने सौजन्य भेंट की*

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*राज्यपाल श्री रमेन डेका से विधायक श्री चंद्राकर ने सौजन्य भेंट की*

रायपुर, /राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में दुर्ग विधायक श्री ललित चंद्राकर ने सौैजन्य भेंट की।

*अकालू की जिंदगी आई बदलाव प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से*

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*सफलता की कहानी*

*अकालू की जिंदगी आई बदलाव प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से*

रायपुर,/ प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे परिवारों को सहायता प्रदान करना है, जिनके पास पक्का मकान नहीं है और जो कच्चे या जर्जर मकानों में रह रहे हैं। छत्तीसगढ़ के कुछ ग्रामीण इलाकों में लोगों को अच्छा और पक्का मकान देने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना लागू की है। इस योजना से ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत करने में मदद मिलती है।

जिला सूरजपुर के जनपद पंचायत प्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत जजावल निवासी अकालू पिता भुवाली के जीवन में अब एक नई शुरुआत हुई है। कभी भटके रास्ते पर चले आत्मसमर्पित नक्सली अकालू ने समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आज शासन की जनकल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत उन्हें विशेष परियोजना के तहत आवास का निर्माण किया है, जिसने उनके जीवन को नई दिशा दी है। आवास निर्माण के साथ ही अकालू और उनके परिवार के सपनों को पंख मिल गया हैं।

अंकालू को कच्चे और असुरक्षित मकान में रहने की चिंता नहीं सताएगी। योजना के माध्यम से उन्हें पक्का घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता मिली, जिससे अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में जीवन व्यतीत कर सकेगा। अकालू का कहना है कि शासन की इस पहल ने उन्हें समाज में नई पहचान और आत्मविश्वास दिया है। आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास की दिशा में मिला यह सहयोग उनके लिए किसी नई सुबह से कम नहीं है।

यह कहानी न केवल एक व्यक्ति के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन की मिसाल है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सही मार्ग चुनने पर शासन हर कदम पर साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से जरूरतमंदों को आशियाना ही नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षित भविष्य भी मिल रहा है।

*Budget Sankalp 2026–27: A Strong Foundation for Investment, Industry and Employment-Based Self-Reliant Chhattisgarh — Commerce and Industry Minister Shri Lakhan Lal Dewangan*

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*Budget Sankalp 2026–27: A Strong Foundation for Investment, Industry and Employment-Based Self-Reliant Chhattisgarh — Commerce and Industry Minister Shri Lakhan Lal Dewangan*

, //RaipurIn a strong endorsement of the government’s fiscal roadmap, Commerce, Industry and Labour Minister Shri Lakhan Lal Dewangan has described the State’s Budget Sankalp 2026–27, presented under the leadership of Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai, as a historic, balanced and visionary budget aimed at transforming Chhattisgarh into a developed and self-reliant state. He expressed gratitude to Finance Minister Shri O.P. Choudhary for presenting this people-centric and development-oriented budget.

Shri Dewangan said that the budget, with an estimated outlay of Rs 1.72 lakh crore, presents a clear roadmap for strengthening the State’s economic framework through investment, industrial expansion and large-scale employment generation. Keeping in view nearly 60 per cent of the State’s working population, special emphasis has been laid on the expansion of the industrial and services sectors, which will create extensive direct and indirect employment opportunities.

He stated that the State’s Industrial Development Policy 2024–30 is employment-focused. In the past year, nearly 1,000 industries were issued production certificates, resulting in investments of over Rs 8,000 crore and the creation of more than 15,000 jobs. This reflects a strong signal of an investment-friendly environment and growing industrial confidence in the State.

The Industry Minister informed that Rs 250 crore has been earmarked for the establishment of 23 new industrial areas across the State, including Matiya (Kasdol), Birkoni (Mahasamund), Chhati (Dhamtari) and Bangaon-B (Pathalgaon), among others. A provision of Rs 200 crore has been made for preparing a land bank for new industrial areas, while Rs 750 crore has been allocated for grants and reimbursements to industries — marking a significant increase compared to previous allocations.

He further said that the State’s first four-storey plug-and-play factory is being developed over 17 acres in Kachna, Dhamtari district, which will prove highly beneficial for micro, small and medium enterprises. A provision of Rs 25 crore has been made for the construction of a Convention-cum-Exhibition Centre at Gram Tuta, Nava Raipur Atal Nagar; Rs 10 crore for a commercial complex in Bhilai; Rs 10 crore for Electronic Manufacturing Cluster 2.0 at Patewa (Rajnandgaon); and Rs 20 crore for Industrial Facilitation Complexes in Nava Raipur Atal Nagar and Rajnandgaon. These initiatives are set to accelerate the State’s industrial infrastructure development.

Shri Dewangan said that through Investor Connect programmes organised by the State Government in Raipur, Delhi, Mumbai, Bengaluru, Ahmedabad and Osaka in Japan, investment proposals worth over Rs 8 lakh crore have been received, reflecting Chhattisgarh’s industrial potential and growing global confidence.

He added that under the Ease of Doing Business framework, reformative measures such as the Single Window System and the Chhattisgarh Jan Vishwas Act are ensuring a smooth, transparent and encouraging environment for industries. The Industry Department’s budget, which stood at Rs 648 crore in 2024–25, has been increased to Rs 1,750 crore in 2026–27, underscoring the State Government’s clear commitment to industry, investment and employment generation.

Shri Lakhan Lal Dewangan said that “Sankalp 2026–27” is not merely a budget, but a concrete resolve for inclusive growth, industrial progress and the creation of a self-reliant Chhattisgarh, which will provide new direction and fresh momentum to the State’s development journey.

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को बताया ‘संकल्प से सिद्धि’ का रोडमैप*

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को बताया ‘संकल्प से सिद्धि’ का रोडमैप*

*समावेशी विकास, अधोसंरचना, निवेश, शिक्षा, कृषि और बस्तर-सरगुजा के समग्र उत्थान पर विशेष जोर*

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास, अंत्योदय और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को साकार करने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का पहला बजट “ज्ञान” और दूसरा बजट “गति” की थीम पर आधारित था, जबकि इस वर्ष का बजट “संकल्प” की भावना को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जो विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में निर्णायक कदम सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस बजट में समावेशी विकास, अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण, निवेश संवर्धन, कुशल मानव संसाधन निर्माण, लाइवलीहुड, अंत्योदय तथा “पॉलिसी से परिणाम” तक की स्पष्ट रणनीति को प्राथमिकता दी गई है। यह बजट यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप प्रदेश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार मिशन मोड में कार्य करने के लिए पांच मुख्यमंत्री मिशन प्रारंभ कर रही है, जिनमें मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन, मुख्यमंत्री एआई मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन तथा मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन शामिल हैं। इन मिशनों के माध्यम से प्रदेश के विकास को नई दिशा, नई धार और नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूल शिक्षा के लिए कुल बजट का 13.5 प्रतिशत प्रावधान किया गया है, जो सर्वाधिक है। बस्तर के अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार सुविधा हेतु भी बजट में प्रावधान किया गया है। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 23 नवीन औद्योगिक पार्कों की स्थापना हेतु 250 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना में 200 करोड़ रुपए तथा भूमि विकास बैंक के लिए भी 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि क्षेत्र के लिए 13 हजार 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी के अंतर की राशि का भुगतान एकमुश्त करने की व्यवस्था जारी रहेगी और इसके लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर और सरगुजा क्षेत्र का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इन क्षेत्रों में खाद्य, कृषि और उससे जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही बकरी पालन, सूअर पालन और मधुमक्खी पालन जैसे गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि इंद्रावती नदी पर देवरगांव और मटनार बैराज निर्माण के लिए 2000 करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है, जिससे बस्तर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का विस्तार होगा और किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवादी उन्मूलन में बस्तर फाइटर्स की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए बस्तर फाइटर्स में 1500 नई भर्तियों का प्रावधान किया गया है। पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे योजना हेतु 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिनमें कुनकुरी, मनेन्द्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा एवं दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज संचालन, जगदलपुर-अंबिकापुर हवाई सेवाओं का विस्तार, अंदरूनी क्षेत्रों में मुख्यमंत्री बस सेवा तथा बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक्स के आयोजन शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रियाओं को तेज करने हेतु व्यापम की दक्षता बढ़ाने के प्रावधान किए गए हैं। साथ ही युवाओं के शैक्षणिक भ्रमण के लिए छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना प्रारंभ की जाएगी तथा लखपति दीदियों के भ्रमण कार्यक्रम के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस बजट को प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि यह बजट प्रदेश को समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।

*Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai Calls FY 2026–27 Budget a Roadmap for “Sankalp Se Siddhi”*

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*Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai Calls FY 2026–27 Budget a Roadmap for “Sankalp Se Siddhi”*

*Special Emphasis on Inclusive Growth, Infrastructure, Investment, Education, Agriculture and Holistic Development of Bastar and Surguja*

Raipur, //Chief Minister Vishnu Deo Sai has described the State Budget for the financial year 2026–27 as a roadmap for “Sankalp Se Siddhi” (Resolution to Realisation), reflecting the government’s firm resolve to achieve comprehensive development, Antyodaya, and build an “Atmanirbhar Chhattisgarh”. He stated that while the government’s first budget was based on the theme of “GYAN” and the second on “GATI”, this year’s budget has been prepared with “SANKALP” at its core, marking a decisive step towards a developed India and a developed Chhattisgarh.

The Chief Minister said the budget prioritises inclusive development, infrastructure strengthening, investment promotion, creation of skilled human resources, livelihood enhancement and a clear strategy from “policy to outcome”. It has been designed in line with the vision of Prime Minister Shri Narendra Modi for Viksit Bharat 2047, while addressing the specific needs and aspirations of Chhattisgarh.

Shri Sai announced that the government will launch and implement five flagship Chief Minister Missions in mission mode, including CM Infrastructure Mission, CM AI Mission, CM Tourism Development Mission, CM Startup Mission, and CM Sports Excellence Mission. Through these initiatives, the State aims to provide a new direction, sharper focus and accelerated momentum to development across sectors.

Highlighting the government’s commitment to education, the Chief Minister said that 13.5 per cent of the total budget has been allocated to school education, the highest share among departments. Two Education Cities will be established in Abujhmad and Jagargunda in Bastar, ensuring access to quality education for students in remote and tribal regions.

For the welfare of government officers and employees, provision has been made for a cashless treatment facility. To accelerate industrial growth, Rs. 250 crore has been allocated to establish 23 new industrial parks. In urban development, Rs. 200 crore has been allocated for Mukhyamantri Adarsh Shaher Samriddhi Yojana, along with Rs. 200 crore for the Bhumi Vikas Bank to strengthen financial support systems.

Describing Chhattisgarh as the ‘Rice Bowl of India’, the Chief Minister reiterated that agriculture remains the backbone of the State’s economy. Accordingly, Rs. 13,500 crore has been allocated for the agriculture sector. The system of providing the difference amount for paddy procurement at Rs. 3,100 per quintal in a single instalment will continue with a dedicated budgetary provision.

Shri Sai emphasised that the development of Bastar and Surguja remains the government’s highest priority. A provision of Rs. 100 crore has been made to promote food processing, agriculture-based industries and allied sectors in these regions. Special measures have also been introduced to boost goat rearing, piggery, and beekeeping, thereby enhancing local incomes and supporting sustainable livelihoods.

To expand irrigation capacity in Bastar, more than Rs. 2,000 crore has been provided for the construction of Devargaon and Matnar barrages on the Indravati River. This will significantly increase irrigation potential and benefit thousands of farmers.

Acknowledging the vital role of the Bastar Fighters in curbing Maoist activities, the Chief Minister announced plans to recruit 1,500 new members to the force. To promote tourism and local employment, Rs. 10 crore has been allocated for the Homestay Scheme, encouraging community participation in tourism development.

Important provisions have also been made in the health and connectivity sectors. These include operationalisation of medical colleges in Kunkuri, Manendragarh, Kabirdham, Janjgir-Champa, and Dantewada; expansion of the Jagdalpur–Ambikapur air services; introduction of the Mukhyamantri Bus Service in interior areas; and organisation of the Bastar and Surguja Olympics to promote sports and youth engagement.

To expedite recruitment processes for youth, provisions have been made to enhance the efficiency of Vyapam. The government will also launch the Chhattisgarh Yuva Darshan Yojana for educational exposure visits of young people, along with budgetary support for exposure tours of Lakhpati Didis.

Describing the budget as a reflection of the aspirations of the people of Chhattisgarh, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai congratulated Finance Minister Shri O.P. Choudhary and his team. He expressed confidence that this budget would mark a milestone in taking the State to new heights of prosperity and in ensuring “development that reaches the last mile.”

*कबीरधाम : 5 करोड़ का गांजा जब्त, एक अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार*

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कबीरधाम : 5 करोड़ का गांजा जब्त, एक अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार

कबीरधाम पुलिस ने ओडिशा से राजस्थान जा रहे एक कंटेनर से 9 क्विंटल गांजा जब्त कर एक राजस्थान निवासी तस्कर को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में 5.5 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई।

*राष्ट्रीय फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम जिले में 836366 नागरिकों ने किया फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन*

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राष्ट्रीय फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम जिले में 836366 नागरिकों ने किया फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन

मुंगेली – कलेक्टर महोदय श्री कुन्दन कुमार के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. गिरीश कुर्रे, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आर.एस. आयाम के मार्गदर्शन में मुंगेली जिले में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत 10 फरवरी 2026 से सामूहिक दवा सेवन (एम.डी.ए.) अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 8 लाख 36 हजार 366 नागरिकों को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराया गया है। इस अभियान के तहत जिले में 98.2 प्रतिशत नागरिकों को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराया जा चुका है। इनमें बूथ लगाकर 3 लाख 72 हजार 1 नागरिकों को एवं घर-घर भ्रमण कर 4 लाख 64 हजार 365 नागरिकों को दवा का सेवन कराया गया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत फाइलेरिया रोधी सामूहिक दवा सेवन (एम.डी.ए.) अभियान में आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घर-घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति को उम्र के अनुसार फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराया जा रहा है। जिससे फाइलेरिया के ट्रांसमिशन को खत्म किया जा सके। जिले को हाथीपांव (फाइलेरिया) जैसी असाध्य बीमारी से मुक्त करने एवं भ्रांतियों को दूर करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार कर संदेश दिया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और दवा सेवन ही बीमारी से बचाव का एकमात्र विकल्प है। उन्होने बताया कि दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना है और इसे हमेशा स्वास्थ्य कर्मी की मौजूदगी में ही लेना है। उन्होंने बताया कि तृतीय चरण 03 दिवस में छूटे हुए व्यक्तियों हेतु मॉपअप राउंड में पूर्ण किया जाएगा। सभी लोग इस अभियान में सहयोग देने हेतु अनुरोध है।