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*ऑफिसर्स क्लब की महिलाओं ने उत्साह के साथ मनाया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस*

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संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर,/ऑफिसर्स क्लब बिलासपुर की महिलाओं ने आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस उत्साह और उमंग के साथ मनाया। इस अवसर पर महिलाओं ने एकत्र होकर महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सहभागिता और आपसी संवाद को बढ़ावा देने पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए समाज में महिलाओं की भूमिका और उनके योगदान पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में श्रीमती ऊषा जैन, श्रीमती निक्की अग्रवाल, रजनी खांडेकर, श्रीमती अलका तिवारी, श्रीमती हरजीत राजपाल, श्रीमती भारती दीक्षित, श्रीमती ऊषा भांगे सहित अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।
इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं ने एक-दूसरे को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम का माहौल पूरे समय उत्साहपूर्ण और सौहार्दपूर्ण बना रहा। कार्यक्रम में क्लब की महिलाओं ने एक-दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। रंगो और उमंग से भरे इस आयोजन में सभी ने आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश दिया।

*बिहान योजना : गीता यादव की बदली जिंदगी, बनीं ‘लखपति दीदी’*

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संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर,/ जिले के ग्राम साल्हेखापा निवासी श्रीमती गीता यादव ने मेहनत, लगन और सरकारी योजनाओं के सहयोग से आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। कभी मुश्किल और परेशानियों भरे जीवन में सीमित आय में परिवार का गुजारा करने वाली गीता यादव आज ‘लखपति दीदी’ बनकर ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। गीता ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।
गीता यादव के परिवार की मुख्य आजीविका पहले कृषि कार्य पर निर्भर थी। पर्याप्त भूमि होने के बावजूद संसाधनों की कमी के कारण परिवार की कुल वार्षिक आय केवल 88,100 रुपये थी, जिससे परिवार की जरूरतें पूरी करना कठिन था।साल 2021 में उन्होंने बिहान योजना के माध्यम से स्व-सहायता समूह से जुड़कर बैंक ऋण, सीआईएफ और आरएफ की सहायता प्राप्त की। इस सहयोग से उन्होंने कृषि कार्य के साथ-साथ मुर्गी पालन, मछली पालन और भैंस पालन जैसे नए व्यवसाय शुरू किए। इन प्रयासों से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। वर्तमान में उन्हें कृषि से 88,100 रुपये, मुर्गी पालन से 87,000 रुपये, मछली पालन से 70,000 रुपये और भैंस पालन से 60,000 रुपये की आय प्राप्त हो रही है। इस प्रकार उनके परिवार की कुल वार्षिक आय बढ़कर लगभग 3,05,100 रुपये हो गई है। गीता कहती है सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से उन जैसी हजारों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। गीता की सफलता ये संदेश देती है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन और योजनाओं का उचित लाभ मिले तो वे आत्मनिर्भर बन आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बढ़ सकती हैं। आज गीता यादव अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रेरित कर रही

*विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में वन अधिकार पट्टा वितरण में हो रहे विलंब के विषय में किया सदन का ध्यानाकर्षण मंत्री ने कहा प्रदेश स्तर पर जल्द से जल्द करेंगे समस्या का समाधान*

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विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में वन अधिकार पट्टा वितरण में हो रहे विलंब के विषय में किया सदन का ध्यानाकर्षण मंत्री ने कहा प्रदेश स्तर पर जल्द से जल्द करेंगे समस्या का समाधान

हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़।

ब्यूरो रायपुर/ कवर्धा:- पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने आज सदन में वनांचल एवं बैगा आदिवासी व ग्रामीण किसानों के हित के अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों को सदन के समक्ष रखा वहीं वन अधिकार पट्टा वितरण में हो रहे विलम्ब से किसानों को आर्थिक व मानसिक रूप से हो रही परेशानी के विषय में विधानसभा सदन का ध्यानाकर्षण किया वन अधिकार पट्टा वितरण में हो रहे विलंब से आदिवासी व वनांचल क्षेत्रों में किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिलने एवं अपनी फसल बेचने में हो रही समस्या के प्रति भावना बोहरा ने ध्यानाकर्षण में महत्वपूर्ण आंकड़े प्रस्तुत करते हुए विस्तार से इस विषय को रखा चर्चा के दौरान आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि वन अधिकार पट्टा से संबंधित प्रदेश में जितने भी प्रकरण लंबित हैं उनकी पुनः जांच की जाएगी और वन अधिकारी पट्टा समय पर वितरण करना सुनिश्चित किया जाएगा साथ ही इसमें आने वाली त्रुटियों को जल्द से जल्द दूर कर पात्र हितग्राहियों को वन अधिकार पट्टा दिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा भावना बोहरा ने सदन का ध्यानाकर्षण करते हुए कहा कि वन में रहने वाला व्यक्ति अगर अपनी ही जमीन का मालिक न बन सके तो वन अधिकार कानून का उद्देश्य अधूरा रह जाता है जिन लोगों ने पीढ़ियों से जंगल की रक्षा की आज वही अपने अधिकार के लिए भटक रहे हैं वन अधिकार पट्टा केवल जमीन का कागज नहीं बल्कि आदिवासी समाज के सम्मान और सुरक्षा का अधिकार है अगर पात्र परिवारों को पट्टा नहीं मिलेगा तो सरकार की योजनाओं का लाभ भी उन तक नहीं पहुंच पाएगा सरकार को चाहिए कि लंबित और निरस्त दावों की पुनः समीक्षा कर जल्द से जल्द पात्र लोगों को उनका अधिकार दे यह केवल एक जिला नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के वनांचल एवं आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत लाखों किसानों के हित का विषय है उन्होंने इस विषय में विस्तृत जानकरी देते हुए कहा कि सूचना के अधिकार के तहत एक रिपोर्ट के अनुसार वन अधिकार अधिनियम के तहत आवंटित कुल वन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ प्रदेश की हिस्सेदारी देश में सर्वाधिक 43 प्रतिशत है प्रदेश में अब तक लगभग 5.05 लाख से अधिक वन अधिकार पट्टा वितरित किया गया है जो लगभग 97.63 लाख एकड़ भूमि को कवर करता है जिसमें से मई 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार राज्य के 30 जिलों में 4.82 लाख व्यक्तिगत और 4,396 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पट्टा वितरित किया गया है राज्य में अब तक 8.56 लाख से अधिक व्यक्तिगत वन अधिकार दावे प्राप्त हुए हैं जिसमें से 4.62 लाख लगभग 52 प्रतिशत दावों को विभिन्न कारणों से अस्वीकृत या निरस्त कर दिया गया है इन लंबित दावों के कुछ प्रशासनिक व नियम भी इसे प्रभावित कर रहें हैं जो आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को समस्यों का सामना करना पड़ रहा है अधिनियम के अनुसार 13 सितंबर 2005 से पहले 75 वर्षों का रिकॉर्ड वहां के निवासी होने के लिए प्रस्तुत करना होता है जो कि अधिकांश लोगों के पास इतने पुराने लिखित दस्तावेज पेश नही कर पाते हैं जिससे आवेदन लंबित या निरस्त हो जाते हैं इसके साथ ही ग्राम सभा और प्रशासनिक समन्वय तकनीकी और भौगोलिक बाधाएं डिजिटलीकरण की धीमी गति, वन और राजस्व विभाग के बीच स्वामित्व को लेकर संशय और जागरूकता की कमी भी इसके मुख्य कारण है भावना बोहरा ने कबीरधाम जिला के सन्दर्भ में बताया कि कबीरधाम जिले में लगभग 10519 आवेदन इसलिए निरस्त किये गए हैं कि उनके पास 13 दिसंबर 2005 के पूर्व कब्जा संबंधी साक्ष्य नही थे तो यह चिंतनीय है कि प्रदेश भर में कितने आवेदन निरस्त किए गए होंगे वहीं पंडरिया विधानसभा में कुल 1817 आवेदन में 216 आवेदन कब्जा व अधिनियम के तहत 09 बिन्दुओ की जाँच में विभिन्न दस्तावेजों की कमी के कारण निरस्त किये गए हैं तथा पात्र 1601 लाभार्थियों में से अब तक पूर्ण रूप से धीमी प्रक्रिया के चलते वितरण सम्भव नही हो पाया इससे हो रही परेशानी का उल्लेख करते हुए भावना बोहरा ने बताया कि किसानों के भूमि स्वामी के रूप में पंजीयन नही होने की वजह से फसल बीमा DBT आधारित कृषि योजनाओं का उन्हें लाभ नही मिल रहा है वहीं इनपुट सब्सिडी से भी वे वंचित हो रहें हैं कई जिलों में निवासरत आदिवासी बैगा जनजाति एवं वन निवासियों को पट्टा नही मिलने के कारण न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपना धान नही बेच पा रहें और कम दामों पर उन्हें निजी व्यापारियों को अपना धान बेचने बाध्य हो रहें हैं जिससे उन्हें आर्थिक व मानसिक नुकसान हो रहा है प्रदेश में एग्री-स्टैक और किसान डेटाबेस के एकीकरण में भूमि रिकॉर्ड लिंक अनिवार्य किया गया है FRA- Forest Right Act (वन अधिकार अधिनियम) पट्टा लंबित होने के कारण बड़ी संख्या में किसानों का एग्री-स्टैक में पंजीयन नहीं हो रहा भावना बोहरा ने वन अधिकार पट्टा ण मिलने से किसानों को हो रही समस्या के निराकरण के प्रश्न किया कि क्या सरकार यह बताएगी कि छत्तीसगढ़ में अब तक कुल कितने वन अधिकार पट्टा के आवेदन आए उनमें से कितने स्वीकृत,कितने निरस्त और कितने लंबित हैं क्या कारण है कि हजारों पात्र वनवासी परिवारों को आज भी उनका वन अधिकार पट्टा नहीं मिल पाया है जबकि इसके लिए स्पष्ट कानून मौजूद है क्या सरकार यह मानती है कि ग्राम सभा की प्रक्रिया और सर्वे में कमियों के कारण कई पात्र लोगों के आवेदन निरस्त हुए हैं क्या यह सही है कि पट्टा नहीं मिलने के कारण कई वनवासी परिवार कृषि योजनाओं बैंक ऋण और सरकारी सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं क्या सरकार उन आवेदनों की पुनः जांच (Review) कराने के लिए कोई विशेष अभियान चलाने जा रही है जिन्हें पहले निरस्त कर दिया गया था क्या सरकार यह बताएगी कि लंबित दावों के निराकरण के लिए कोई समय सीमा तय की जाएगी ताकि पात्र परिवारों को जल्द उनका अधिकार मिले इन सभी प्रमुख सवालों के साथ उन्होंने वनांचल में रहने वाले बैगा आदिवासी व ग्रामीण किसानों के हित में सदन का ध्यानाकर्षण किया और जल्द से जल्द इस समस्या का निराकरण करने की मांग भी सदन में की जिसके उत्तर में मंत्री जी ने जल्द से जल्द सभी त्रुटियों को दूर कर आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्र के किसानों की समस्या का समाधान करने आश्वस्त किया।

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*विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में धान खरीदी और भुगतान में विसंगति गर्भवती माता और शिशु के पोषण, पेंशन एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों के बकाया वेतन भुगतान का उठाया मुद्दा*

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विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में धान खरीदी और भुगतान में विसंगति गर्भवती माता और शिशु के पोषण, पेंशन एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों के बकाया वेतन भुगतान का उठाया मुद्दा

हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़।

ब्यूरो रायपुर/कवर्धा:- आज विधानसभा सत्र के दौरान पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने जनहित व किसानों से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न किया। उन्होंने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी व भुगतान में अनियमितता,गर्भवती माता और शिशु के पोषण वृद्धा एवं विधवा और दिव्यांग पेंशन तथा धान खरीदी केन्द्रों में कंप्यूटर ऑपरेटरों के बकाया भुगतान तथा प्रदेश में कुपोषण व क्षयकारी बच्चों की गंभीर समस्या के विषय में प्रश्न किया भावना बोहरा ने पूछा कि 15 नवंबर 2025 से राज्य में शुरू हुई धान खरीदी नीति के तहत, कुल कितना मीट्रिक टन धान खरीदा गया है और 3,100 प्रति क्विंटल की दर से कितने किसानों के खाते में एकमुश्त राशि का अंतरण किया जा चुका है? जिलेवार जानकारी देवें डिजिटल क्रॉप सर्वे और ई-केवाईसी (e-KYC) सर्वर में तकनीकी खराबी के कारण कितने किसान अपना पंजीकरण नहीं करा पाए हैं या उन्हें टोकन मिलने में विलंब हुआ है राज्य सरकार द्वारा सीमावर्ती राज्यों से आने वाले अवैध धान को रोकने के लिए सीमा पर अब तक क्या कार्यवाही की गई है क्या विभाग उन बिचौलियों की सूची पटल पर रखेगा जिनके विरुद्ध मंडी अधिनियम के तहत पिछले 2 महीनों में कार्यवाही की गई है जिसके लिखित उत्तर में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल जी ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 15 नवंबर 2025 से राज्य में शुरू हुई धान खरीदी नीति के तहत कुल 141.04 लाख मेट्रिक टन की खरीदी की गई है किसानों को समर्थन मूल्य की राशि धान कॉमन हेतु राशि रूपए 2369 तथा धान ग्रेड- ए हेतु राशि रूपए 2389 प्रति क्विंटल की दर से किसानों के खाते में भुगतान किया गया है तकनीकी सुविधा का उपयोग करते हुए किसानों के द्वारा धान बिक्री हेतु पंजीयन कराया गया तथा उनको नियमानुसार टोकन प्राप्त हुआ है राज्य सरकार द्वारा सीमावर्ती राज्यों से लगने वाले जिलों में चेकपोस्ट बनाया गया था तथा मंडी अधिनियम के तहत कोचिए एवं बिचौलियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है भावना बोहरा ने पूछा कि क्या समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों के 108 खरीदी केंद्रों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कंप्यूटर ऑपरेटरों से कार्य लिया गया परंतु उन्हें निर्धारित अवधि का मानदेय/वेतन भुगतान नहीं किया गया? यदि हाँ तो संबंधित ऑपरेटरों को अब तक वेतन भुगतान न होने के क्या कारण हैं तथा इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों/एजेंसी के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है क्या हड़ताल की स्थिति समाप्त होने के पश्चात उक्त आउटसोर्सिंग ऑपरेटरों से लगभग 15 दिनों तक कार्य लेने के बाद उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं क्या शासन द्वारा प्रभावित उक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों को उनका बकाया भुगतान शीघ्र दिलाने एवं भविष्य में इस प्रकार की स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने हेतु कोई ठोस निर्देश या नीति जारी करने का विचार है जिसके लिखित उत्तर में खाद्य मंत्री ने बताया कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों के खरीदी केंद्रों में पूर्व में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर हड़ताल में होने के कारण आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से जिला कलेक्टर से समन्वय कर कंप्यूटर ऑपरेटरों से कार्य कराया गया आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को निर्धारित अवधि का मानदेय वेतन भुगतान हेतु विपणन संघ कार्यालय को देयक/बिल प्रस्तुत नहीं किया गया है। शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान उपार्जन हेतु जारी नीति की कंडिका 11.3 अनुसार समितियों द्वारा जिलों द्वारा कम्प्यूटर आपरेटरों से कार्य कराया गया धान खरीदी नीति 2025-26 में आवश्यक प्रावधान किया गया है भावना बोहरा ने प्रदेश वृद्धजनों, विधवा एवं दिव्यांगजनों को मिलने वाले पेंशन के सन्दर्भ में प्रश्न किया कि कबीरधाम जिले में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन एवं दिव्यांग पेंशन के अंतर्गत कुल कितने हितग्राही पंजीकृत हैं तथा वर्तमान में कितने प्रकरण स्वीकृति हेतु लंबित हैं लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण हेतु सरकार द्वारा क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है तथा इसके लिए क्या विशेष अभियान या कार्ययोजना बनाई गई है क्या सरकार द्वारा वृद्धजनों विधवाओं एवं दिव्यांगजनों को पेंशन स्वीकृति एवं भुगतान प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने हेतु कोई ऑनलाइन या विशेष व्यवस्था लागू की गई है जिसके लिखित उत्तर में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि कबीरधाम जिले में सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं में पंजीकृत वृद्ध, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन के कुल 82,844 हितग्राही हैं जिनमें से कवर्धा विधानसभा में 38000 एवं पंडरिया विधानसभा में 44, 844 हितग्राही हैं वर्तमान में पेंशन स्वीकृति हेतु कोई भी प्रकरण लंबित नहीं है पेंशन योजनाओं में स्वीकृति एवं पेंशन राशि के भुगतान को सरल तथा पारदर्शी बनाने हेतु समस्त प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया गया है हितग्राही स्वयं अथवा लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं स्वीकृति एवं भुगतान भी ऑनलाइन होती है हितग्राहियों के डाटाबेस भारत सरकार के NSAP पोर्टल में संधारित है केन्द्रीय योजनाओं की पेंशन राशि का भुगतान भारत सरकार के रिजर्व बैंक खाते से सीधे हितग्राहियों के खाते में तथा राज्य योजनाओं की पेंशन राशि का भुगतान राज्य स्तरीय नोडल खाते से हितग्राहियों के खाते में DBT द्वारा किया जाता है गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को पोषण आहार के विषय में भावना बोहरा ने प्रश्न किया कि क्या कबीरधाम जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा 0 से 6 वर्ष के बच्चों को वितरित किए जाने वाले पोषण आहार की आपूर्ति, गुणवत्ता एवं वितरण में अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त हुई हैं यदि हाँ तो विगत तीन वर्षों में पोषण आहार से संबंधित कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं, कितने प्रकरणों की जांच कराई गई है तथा कितने मामलों में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई है? क्या आंगनबाड़ी केंद्रों में मानक से कम गुणवत्ता निर्धारित मात्रा से कम सामग्री अथवा कागजों में वितरण दिखाकर वास्तविक वितरण नहीं किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई है उक्त प्रकरणों में दोषी पाए गए अधिकारियों/कर्मचारियों, ठेकेदारों अथवा स्व-सहायता समूहों के विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई है कितनी राशि की वसूली की गई है तथा कितने मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है जिसके लिखित उत्तर में महिला एवं बाल विकास मंत्री ने बतया कि कबीरधाम जिले में आंगनबाड़ी केन्द्रों में हितग्राहियों को प्रदाय किये जा रहे पोषण आहार संबंधी शिकायत प्राप्त हुई है विगत 03 वर्षो में विधानसभा क्षेत्र पंडरिया में पोषण आहार संबंधी 02 शिकायते प्राप्त हुई है तथा दोनो प्रकरणों की जांच कराई गई जांच में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई कवर्धा विधानसभा क्षेत्र से संबंधित जानकारी निरंक है आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार मानकों, गुणवत्ता एवं कागजो में वितरण दिखाकर वास्तविक वितरण नहीं किए जाने संबंधी शिकायत निरंक है कुपोषण के आंकड़ों और क्षयकारी बच्चों की गंभीर स्थिति के विषय में उन्होंने प्रश्न पूछा कि क्या जून 2025 के पोषण ट्रैकर आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में क्षयकारी बच्चों का प्रतिशत 7.77 प्रतिशत है जो राष्ट्रीय औसत 5.46 प्रतिशत से काफी अधिक है यदि हाँ तो इसका प्रमुख कारण क्या है मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत पिछले एक वर्ष में पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता की जांच हेतु कितने प्रयोगशाला परीक्षण किए गए हैं और उनमें से कितने नमूने मानक स्तर के पाए गए हैं क्या विभाग द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि करने का कोई प्रस्ताव बजट 2026-27 में शामिल किया गया है जिसके लिखित उत्तर में विभागीय मंत्री ने बताया कि क्षयकारी के प्रमुख कारणों में जन्म के तुरंत बाद स्तनपान न कराना व 06 माह बाद भी स्तनपान के अलावा ऊपरी आहार न देना, प्रोटीन की कमी, स्वच्छता संबंधी सकारात्मक आदतों का अभाव, आर्थिक कठिनाई, शिक्षा एवं जागरूकता का अभाव, बार-बार संक्रमण बीमारियां जैसे दस्त, मलेरिया, निमोनिया, खसरा आदि समय से पहले बच्चे का जन्म, माता पिता में जागरूकता व पोषण संबंधी ज्ञान की कमी बताया।

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*स्वर्गीय केदार सिंह परिहार की स्मृति में फाग महोत्सव एवं होली मिलन समारोह का आयोजन, बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल*

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तीजराम साहू ब्यूरो मुंगेली कन्नौजिया क्षत्रिय समाज द्वारा समाज के पुरोधा स्वर्गीय केदार सिंह परिहार जी की पावन स्मृति में रंग पंचमी के अवसर पर फाग महोत्सव एवं होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और सभी ने आपसी प्रेम, सौहार्द एवं भाईचारे के साथ होली के रंगों का आनंद लिया।
इस अवसर पर अध्यक्ष आंनद वल्लभ सिंह ने स्वर्गीय केदार सिंह परिहार जी को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए उनके समाज के प्रति योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम में फाग गीतों की मधुर प्रस्तुतियों के साथ पारंपरिक होली का उल्लास देखने को मिला। समाज के वरिष्ठ संरक्षक शंकर सिंह ने आपसी एकता, प्रेम और भाईचारे को बनाए रखने का संदेश दिया।
समारोह में समाज के वरिष्ठजन एवं युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और सामाजिक एकता को और मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन आपसी मिलन, शुभकामनाओं और मंगलकामनाओं के साथ हुआ।

*पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में ग्रामीण विकास और जनसुरक्षा सहित जनप्रतिनिधियों और संवेदनशील क्षेत्र में तैनात पुलिस जवानों की वेतन वृद्धि व सड़कों के नवीनीकरण की मांग की*

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पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में ग्रामीण विकास और जनसुरक्षा सहित जनप्रतिनिधियों और संवेदनशील क्षेत्र में तैनात पुलिस जवानों की वेतन वृद्धि व सड़कों के नवीनीकरण की मांग की

हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़।

ब्यूरो रायपुर/कवर्धा:- पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने आज विधानसभा सत्र में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की चर्चा के दौरान ग्रामीण विकास, जनसुरक्षा, जनप्रतिनिधियों, पंचायतों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात पुलिस जवानों के वेतन वृद्धि की मांग रखी इसके साथ ही उन्होंने पंडरिया विधानसभा में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रमुख सड़कों के नवीनीकरण की मांग की है ताकि क्षेत्रवासियों को सुगम व सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके इस दौरान विधायक भावना बोहरा ने चर्चा करते हुए कि छत्तीसगढ़ एक ऐसा प्रदेश है जहाँ बड़ी आबादी आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है इसलिए सड़क, आवास, पेयजल, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ होना केवल विकास का प्रश्न नहीं बल्कि गांवों के सम्मान और आत्मनिर्भरता का विषय भी है इस वर्ष के बजट में ग्रामीण अधोसंरचना, ग्रामीण आवास, आजीविका संवर्धन और बुनियादी सेवाओं के विस्तार के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रावधान किए गए हैं जिनसे निश्चित रूप से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों को लाभ मिलेगा भावना बोहरा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में बारहमासी सड़क कनेक्टिविट के विषय में भी अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत चचेड़ी से फांदतोड़ वाह्य बिटकुली, सिंघनपूरी से बोईरडीह व्हाया गुढ़ा, कोलेगांव से अमलीमालगी, देवसरा से कुई एवं गांगीबहरा से बीरानपुरखुर्द सड़क के नवीनीकरण की मांग भी सदन के समक्ष रखी उन्होंने कहा कि इन् सड़कों के निर्माण से वहां के आमजनों व किसानों को सुगम आवागमन तथा मंडी तक अपनी फसलों को बेचने के साथ ही क्षेत्र के विद्यार्थियों व आपातकालीन समय में त्वरित पहुँच की सुविधा मिलेगी साथ ही क्षेत्रीय विकास व अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी उन्होंने कहा कि जिला एवं जनपद पंचायत के अध्यक्ष व सदस्य एवं ग्राम पंचायतों के सरपंच जनता की सेवा सुविधा एवं शासन की लोकहितकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य करते हैं लेकिन वर्तमान में उनका मानदेय अत्यंत ही कम है इसलिए उनके इस समर्पण व सेवा भाव का सम्मान करते हुए उनके वेतन में वृद्धि की जाए उसी प्रकार प्रदेश के बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं जो संवेदनशील हैं उन क्षेत्रों में पूरी मुस्तैदी से दिन-रात अपनी सेवा देने वाले हमारे पुलिस बल के जवानों का मानदेय में भी सम्मानजनक वृद्धि करने से उनका मनोबल बढ़ेगा साथ ही वे आर्थिक रूप से सशक्त भी होंगे उन्होंने ग्रामीण विकास व स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कहा कि ग्राम पंचायत अंतर्गत क्षेत्र के विकास हेतु शासन द्वारा 50 लाख रुपए तक के विकास व अधोसंरचना निर्माण कार्य पंचायत के माध्यम किया जाना निर्धारित हैं परन्तु ग्राम पंचायतों में यह राशि केवल कागजों तक ही सिमित रहती है इसलिए ग्राम पंचायतों को भी 50 लाख रु तक के कार्य देने से वहां स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा साथ ही कार्य भी समय पर होंगे ग्रामीण क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण एवं जनसुरक्षा की दृष्टि से उन्होंने पंडरिया विधानसभा में कोदवागोडान में नवीन पुलिस चौकी और कांपादाह एवं कामठी में पुलिस सहायता केंद्र की स्थापना की मांग भी प्रमुखता से रखा। इन पुलिस संरचनाओं की स्थापना से आमजन को त्वरित सहायता उपलब्ध होगी कानून व्यवस्था मजबूत होगी तथा क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा।

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*विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में ग्रामीण व आदिवासी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, सहायक शिक्षकों की आपूर्ति एवं अवैध अतिक्रमण व यातायात का उठाया मुद्दा*

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विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में ग्रामीण व आदिवासी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, सहायक शिक्षकों की आपूर्ति एवं अवैध अतिक्रमण व यातायात का उठाया मुद्दा

हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़।

ब्यूरो रायपुर/कवर्धा:- पंडरिया विधायक भावना बोहरा द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान लगातार जनहित व क्षेत्र से जुड़े प्रमुख विषयों को मुखरता से सदन के समक्ष रख रहीं हैं आज विधानसभा सत्र के दौरान उन्होंने शासकीय विद्यालयों में सहयक शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नगरीय निकायों में अवैध अतिक्रमण और ग्रामीण व आदिवासी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन तथा उनकी सुविधा के विषय में सदन के समक्ष प्रश्न पूछा इस दौरान विधायक भावना बोहरा ने वनांचल एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में स्थित शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की पूर्ति के लिए प्रश्न किया कि क्या राज्य के दूरस्थ आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में बड़ी संख्या में सहायक शिक्षकों के पद रिक्त हैं क्या शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध नहीं हो पाने के परिणामस्वरूप ड्रॉप-आउट दर में वृद्धि हुई है सरकार द्वारा रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति हेतु क्या कार्ययोजना एवं समय-सीमा निर्धारित की गई है जिसके लिखित उत्तर में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में लगभग 25 हजार से अधिक सहायक शिक्षकों के पद रिक्त हैं और कबीरधाम जिला अंतर्गत कवर्धा, बोड़ला, पंडरिया एवं सहसपुर लोहरा विकासखंड अंतर्गत 172 सहायक शिक्षकों के पद रिक्त हैं मंत्री ने बताया कि सहायक शिक्षक पद के रिक्तियों की पूर्ति के लिए बस्तर एवं सरगुजा संभाग में सीधी भर्ती की गई है और युक्तियुक्तकरण के मध्यम से शिक्षकों की कमी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है भावना बोहरा ने आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के विषय में प्रश्न किया कि राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की पहचान, चयन एवं प्रशिक्षण हेतु कौन-कौन सी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं कबीरधाम जिले में विगत दो वर्षों में उक्त योजनाओं के अंतर्गत चिन्हित ग्रामीण एवं आदिवासी खिलाड़ियों की संख्या एवं उन्हें प्रदान किए गए क्या कबीरधाम जिले में चयनित खिलाड़ियों हेतु आवासीय प्रशिक्षण, खेल उपकरण, पोषण एवं कोचिंग की समुचित व्यवस्था की गई है कबीरधाम जिले में खेल प्रतिभा विकास हेतु पिछले दो वर्षों में कुल कितनी राशि स्वीकृत एवं व्यय की गई है जिसके लिखित उत्तर में उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने बताया कि राज्य शासन द्वारा ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की पहचान, चयन एवं प्रशिक्षण हेतु विगत 02 वर्षों से बस्तर ओलम्पिक एवं इस वर्ष से सरगुजा ओलंपिक योजना शुरू की गई है इसके अतिरिक्त ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर, महिला खेलकूद प्रतियोगिता ग्रामीण खेल अभ्यास योजना, छ.ग क्रीडा प्रोत्साहन योजना, खेलो इंडिया लघु केन्द्र संचालित है कबीरधाम जिले में खिलाड़ियों को आवासीय प्रशिक्षण की व्यवस्था नहीं है खेलो इंडिया के तहत कामठी में 15 बालक एवं 15 बालिकाओं को कबड्डी का नियमित कोचिंग दिया जा रहा है जिसके लिए समुचित रूप से उपकरण एवं प्रशिक्षण उपलब्ध है विभाग द्वारा संचालित खेल अकादमी में जिले से चयनित प्रशिक्षणरत खिलाड़ियों को बीमा, चिकित्सा व्यय, खेल सामग्री एवं उपकरण, खेल परिधान, एकरूप परिधान, प्रतियोगिता के दौरान यात्रा व्यय, स्वल्पहार भत्ता, विशिष्ट प्रशिक्षण, एडवांस कोचिंग, आवास, भोजन, शैक्षणिक व्यय एवं खेलवृत्ति आदि सुविधाएं प्रदान किया जाता है अकादमी के खिलाड़ियों का दुर्घटना एवं चिकित्सा बीमा करने का प्रावधान है उन्होंने बताया की कबीरधाम जिला अंतर्गत खेल प्रतिभाओं के विकास हेतु वर्ष 2023-24 में 95 लाख 18 हजार 755 रुपए आबंटन किया गया जिसमें से 91 लाख 84 हजार 201 रुपए व्यय किया गया वहीं वर्ष 2024-25 में 60 लाख 6 हजार 594 रूपए आबंटन किया गया जिसमें 56 लाख 48 हजार 973 रुपए व्यय किया गया इस दौरान भावना बोहरा ने कृषि बजट अनुदान मांग पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए पंडरिया विधानसभा के गन्ना किसानों के हित उन्हें उन्नत बीज की उपलब्धता ,समय पर भुगतान एवं समर्थन मूल्य में वृद्धि की मांग को प्रमुखता से सदन के समक्ष रखा उन्होंने मांग रखी की पंडरिया क्षेत्र में गन्ना अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाए जिससे किसानों को उन्नत किस्म के बीज और वैज्ञानिक तकनीक उपलब्ध हो सके क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली नर्सरी विकसित कर किसानों को उन्नत बीजों के साथ आधुनिक खेती की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाए गन्ना उत्पादक किसानों को उनकी मेहनत का उचित और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जाए ताकि उनकी आय सुरक्षित और स्थिर रह सके सहकारी शक्कर मिलों को प्रत्येक वर्ष कार्यशील पूंजी के रूप में पर्याप्त अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जाए जिसे बाद में समायोजित किया जा सकेबजिन शक्कर मिलों पर ऋण का दबाव है उन्हें राहत देने के लिए सॉफ्ट लोन की व्यवस्था की जाए शक्कर मिलों के संचालन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कृषि एवं शक्कर उद्योग के अनुभवी विशेषज्ञों की संविदा आधार पर नियुक्ति की जाए वहीं किसानों को तय समय में राशि का भुगतान किया जाना सुनिश्चित किया जाए इसके साथ ही उन्होंने पपीता, टमाटर जैसे बागवानी खेती करने वाले किसानों को भी फसल बिमा योजना में शामिल करने की मांग रखी इसके साथ ही ग्राम रणवीरपुर में उन्होंने कृषि महाविद्यालय की स्थापना करने की भी बात रखी विधायक भावना बोहरा ने नगरीय निकायों में अतिक्रमण एवं यातायात व्यवस्था के सन्दर्भ में प्रश्न किया कि विगत एक वर्ष में कबीरधाम जिले के अंतर्गत नगरीय निकायवार कितने अतिक्रमण चिन्हित किए गए, कितने हटाए गए तथा कितने प्रकरण वर्तमान में लंबित हैं? अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान रेहड़ी-पटरी व्यवसाइयों के विस्थापन एवं पुनर्वास सुनिश्चित करने हेतु क्या-क्या प्रबंध किए जाते हैं हटाए गए अतिक्रमण स्थलों पर पुनः अतिक्रमण रोकने हेतु कौन-कौन सी स्थायी व्यवस्थाएँ की गई हैं अतिक्रमण के कारण उत्पन्न यातायात अवरोध एवं दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हेतु कबीरधाम जिले में कौन-कौन से यातायात सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं उप मुख्यमंत्री ने लिखित उत्तर में बताया कि विगत एक वर्ष में कबीरधाम जिले के अंतर्गत नगरीय निकायों में कुल 97 अतिक्रमण चिन्हित किए गए जिसमें 95 अतिक्रमण हटाए गए तथा वर्तमान में 2 अतिक्रमण लंबित हैं उन्होंने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान रेहड़ी-पटरी व्यवसाइयों के विस्थापन एवं पुनर्वास हेतु भारत का राजपत्र असाधारण प्रकाशित दिनांक 20 मार्च 2015 पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014 एवं छत्तीसगढ़ पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) नियम, 2015 के अंतर्गत प्रबंधन की कार्यवाही किया जाता है निकाय द्वारा समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही किया जाता है अतिक्रमण के कारण उत्पन्न यातायात अवरोध एवं दुर्घटनाओं पर नियंत्रण हेतु निकाय द्वारा यातायात पुलिस से समन्वय स्थापित कर एवं संयुक्त टीम गठित कर अतिक्रमण हटाये जाने की कार्यवाही की जाती है।

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*सांसद संतोष पांडेय लोकसभा सत्र में शामिल होने दिल्ली रवाना*

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सांसद संतोष पांडेय लोकसभा सत्र में शामिल होने दिल्ली रवाना

हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़।

ब्यूरो रायपुर/कवर्धा :- क्षेत्रीय सांसद संतोष पांडेय लोकसभा के बजट सत्र में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं सांसद के निज सहायक गजराज सिंह राजपूत ने बताया कि उक्त बजट सत्र का दूसरा चरण दिनांक 9 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक आयोजित होगा इस दौरान सांसद पांडेय दिल्ली प्रवास पर रहेंगे इस बीच शनिवार,रविवार या फिर अन्य अवकाश के दिन सांसद पांडेय संसदीय क्षेत्र के दौरे में रहेंगे सत्र के दौरान सांसद पांडेय पहले की तरह इस बार भी छग व क्षेत्र के महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में प्रमुखता के साथ उठाएँगे।

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*जिला पंचायत सीईओ श्री पांडेय ने पंचायत की योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की ली समीक्षा बैठक*

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*मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों की हुई विस्तृत समीक्षा*

*मनरेगा, पीएम आवास और स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों की समीक्षा, समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश*

*मनरेगा लेबर बजट पूर्ति, अपूर्ण कार्यों को 31 मार्च तक पूरा करने पर दिया गया जोर*

*आजीविका डबरी, पीएम आवास और जियो टैग कार्यों में तेजी लाने के निर्देश*

*जिले में संचालित ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा*

*ई-केवाईसी, एनएमएमएस फेस ऑथेंटिकेशन और लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश*

तीजराम साहू ब्यूरो मुंगेली पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा),प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत कराए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक आज जिला पंचायत मुंगेली के सभा कक्ष में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रभाकर पाण्डेय की अध्यक्षता आयोजित की गई।
समीक्षा के दौरान मनरेगा के अंतर्गत नए लक्ष्य के अनुरूप लेबर बजट की पूर्ति सुनिश्चित करने तथा अपूर्ण कार्यों को 31 मार्च तक पूर्ण कराने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। जिन कार्यों में 30 प्रतिशत से कम व्यय हुआ है, उनके संबंध में राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकीय को सत्यापन कर सोमवार तक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया। साथ ही ऐसे कार्य जिनमें केवल 05 प्रतिशत व्यय हुआ है और आगे कार्य संभव नहीं है, उनके व्यय की वसूली राशि करने हेतु कार्यक्रम अधिकारी जनपद पंचायत को निर्देशित ।
बैठक में सभी आजीविका डबरी कार्यों को 31 मार्च 2026 तक पूर्ण कराने तथा प्रत्येक डबरी के लिए आजीविका योजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश कार्यक्रम अधिकारी जनपद पंचायत को दिए गए। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सभी प्रारंभ कार्यों में एक सप्ताह के भीतर मस्टर रोल जारी करने के लिए कहा गया।
युक्तधारा के तहत तैयार किए गए 9529 कार्यों की योजना को पोर्टल में शीघ्र प्रविष्ट करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही सभी कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायकों को एक सप्ताह के भीतर ई-केवाईसी शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसमें लापरवाही बरतने वाले ग्राम रोजगार सहायकों एवं तकनीकी सहायकों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में एनएमएमएस के तहत फेस ऑथेंटिकेशन 100 प्रतिशत सुनिश्चित करने तथा इवनिंग फोटो अपलोड करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए तकनीकी सहायकों को नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण कर फोटो अपलोड करने कहा गया। साथ ही तीनों फेज के लंबित जियो टैग कार्यों को भी एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत सभी अप्रारंभ एवं प्रगतिरत आवासों को 31 मार्च तक प्रारंभ कराने के लिए ब्लॉक समन्वयकों को निर्देशित किया गया। इसके लिए ग्राम पंचायतवार नियुक्त नोडल अधिकारियों को अपने-अपने पंचायतों का नियमित निरीक्षण करने को कहा गया। वहीं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत चल रहे कार्यों का भी ब्लॉक समन्वयक एवं तकनीकी सहायकों द्वारा निरीक्षण कर समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
– मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रभाकर पाण्डेय ने कहा कि “शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। सभी संबंधित अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करते हुए अपूर्ण कार्यों को 31 मार्च तक पूर्ण कराना सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।”
समीक्षा बैठक में मनरेगा के अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकीय, सहायक परियोजना अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक, पीएमएवाई-जी के जिला समन्वयक एवं ब्लॉक समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के जिला समन्वयक एवं ब्लॉक समन्वयक, सहायक अभियंता तथा जनपद पंचायतों के करा रोपण अधिकारी भी उपस्थित रहे।

*जांजगीर-चांपा में 18 करोड़ से ज्यादा का धान घोटाला उजागर*

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*जांजगीर-चांपा में 18 करोड़ से ज्यादा का धान घोटाला उजागर*

*अमरताल संग्रहण केंद्र से 48 हजार क्विंटल से ज्यादा धान गायब*

*विधानसभा में उठा मामला: अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आ रही*

मनोज साहू जांजगीर चांपा:- छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिला में धान खरीदी व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। जिले के अमरताल धान संग्रहण केंद्र 1/2 से भारी मात्रा में धान गायब होने का मामला उजागर हुआ है। सामने आए आंकड़ों के अनुसार यहां से 48,895.09 क्विंटल धान का रिकॉर्ड में अंतर पाया गया है, जिसे अब करोड़ों के घोटाले के रूप में देखा जा रहा है।
विधानसभा में उठा मामला
इस गंभीर मामले को *राघवेन्द्र कुमार सिंह* (अकलतरा विधायक) ने विधानसभा में उठाया। उनके सवाल के जवाब में प्रदेश के खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने लिखित उत्तर में अमरताल संग्रहण केंद्र में धान के भारी अंतर की पुष्टि की।
विधानसभा में दिए गए इस जवाब के बाद पूरे जिले में हड़कंप की स्थिति बन गई और धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

*आंकड़ों में सामने आया 18 करोड़ 58 लाख का घोटाला*
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अमरताल संग्रहण केंद्र 1/2 से 48,895.09 क्विंटल धान गायब पाया गया है। यदि इसकी कीमत और परिवहन खर्च जोड़ा जाए तो घोटाले की राशि चौंकाने वाली है।
धान की कीमत : 3100 रुपए प्रति क्विंटल
परिवहन लागत : 700 रुपए प्रति क्विंटल
कुल मूल्य : 3800 रुपए प्रति क्विंटल
48,895.09 × 3800 = 18,58,01,342 रुपए
अर्थात लगभग 18 करोड़ 58 लाख 1 हजार 342 रुपए का घोटाला सामने आ रहा है।

*धान खरीदी के समय फोन नहीं उठाते थे जिम्मेदार अधिकारी*
इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि धान खरीदी के दौरान जब केंद्रों में गड़बड़ी और अव्यवस्था की शिकायतें सामने आ रही थीं, तब जिले के जिला खाद्य अधिकारी कौशल साहू से पत्रकार, जनप्रतिनिधि और किसान लगातार संपर्क करने की कोशिश करते थे, लेकिन उनका फोन अक्सर नहीं उठता था।
इसी तरह धान खरीदी केंद्रों के लिए जिले में नियुक्त नोडल अधिकारी अमित साहू का रवैया भी लगभग यही रहा। आरोप है कि कई बार किसानों और जनप्रतिनिधियों द्वारा शिकायतें किए जाने के बावजूद उन्होंने फोन नहीं उठाया और शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उस समय शिकायतों पर ध्यान दिया जाता तो शायद आज करोड़ों रुपए के इस घोटाले की नौबत नहीं आती।

*भ्रष्टाचार को हल्के में लेने के आरोप*
कई किसानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि धान खरीदी के दौरान बार-बार अव्यवस्था, स्टॉक में गड़बड़ी और परिवहन को लेकर शिकायतें की जाती थीं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इन्हें हल्के में लेकर चलते थे।
अब जब विधानसभा में मामला सामने आया है और आंकड़ों में करोड़ों रुपए की गड़बड़ी उजागर हो रही है, तो प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

*छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाने की आशंका*
जिले में यह चर्चा भी तेज है कि अब मामले को शांत करने के लिए छोटे कर्मचारियों या केंद्र प्रभारियों पर कार्रवाई कर बड़े अधिकारियों को बचाने की कोशिश हो सकती है। जबकि धान खरीदी, भंडारण और परिवहन की पूरी प्रक्रिया कई स्तरों पर निगरानी में होती है।
निष्पक्ष जांच की मांग
मामला सामने आने के बाद किसानों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
यदि जांच में यह घोटाला पूरी तरह प्रमाणित होता है, तो यह छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था से जुड़ा अब तक के सबसे बड़े घोटालों में से एक माना जाएगा।