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*राज्यपाल श्री रमेन डेका सोगड़ा आश्रम पहुंचे मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की*

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राज्यपाल श्री रमेन डेका सोगड़ा आश्रम पहुंचे मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपर/ राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रविवार को मनोरा विकास खंड के सोगड़ा स्थित जशपुर के प्रसिद्ध अघोर संत भगवान अवधूत राम के आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने माँ काली की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

आश्रम प्रवास के दौरान राज्यपाल श्री डेका ने गुरुपद श्री संभव राम बाबा जी से भेंट कर आश्रम की विभिन्न गतिविधियों एवं परंपराओं के संबंध में जानकारी भी प्राप्त की।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार और वनमंडला अधिकारी श्री शशि कुमार उपस्थित थे।

*विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों के लिए प्रत्येक माह लगाए मेडिकल कैंप – राज्यपाल श्री रमेन डेका*

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विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों के लिए प्रत्येक माह लगाए मेडिकल कैंप – राज्यपाल श्री रमेन डेका

पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए लगाएं पौधे

किसानों को आर्गेनिक खेती के प्रति करें जागरुक

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर,/ राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रविवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों और जशपुर विकासखंड के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली।

उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किए एक पेड़ मां के नाम अभियान का बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने जिले के संभावित टीबी मरीजों की जानकारी ली और मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को मरीजों का बेहतर इलाज करवाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्तन कैंसर की भी विशेष जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराए जाए मरीजों को मेडिकल कॉलेज रायपुर अम्बिकापुर और एम्स रायपुर भेजकर ईलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सिकल सेल बीमारी और रेड क्रॉस सोसायटी की गतिविधियों की भी जानकारी ली ‌।

उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस सोसायटी विशेष पिछड़ी जनजाति बसाहटों और गांव गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ.लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार , वनमंडला अधिकारी श्री शशि कुमार और जिला स्तरीय और विकास खंड अधिकारी उपस्थित थे।

उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर परिवार के लिए प्रत्येक माह मेडिकल कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए कहा है और उनके जीवन शैली में बदलाव लाने के लिए शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति बसाहटों में शाम के समय विभिन्न गतिविधियों में शामिल करके उनका बौद्धिक और कौशल विकास करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने जिले में नावाचार को भी बढ़ावा देने के लिए कहा है और संरक्षित जनजाति परिवारों के लिए पायलेट प्रोजेक्ट चालू करने के निर्देश दिए हैं।

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बच्चों को नशापान से दूर रखने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने समीक्षा के दौरान जशपुर जिले की लखपति दीदी श्रीमती लालमणि प्रजापति को सम्मानित करने की बात कही उन्होंने कहा लखपति दीदी ने बढ़िया काम किया है उन्हें राजभवन में सम्मानित किया जाएगा।

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जशपुर जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं का आत्मनिर्भर बनाने के लिए और हस्तकला में पारंगत बनाने के लिए समूहों की दीदियों को आसाम और उड़ीसा राज्य भेजने के निर्देश दिए है‌ ताकि समूह की महिलाएं बाजार की मांग के अनुसार नया डिजाइन के साड़ी,साल और अन्य सामग्री तैयार कर सके।

श्री रमेन डेका ने जल संरक्षण और संवर्धन के लिए बेहतर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

छोटे और बड़े किसानों के खेतों में डबरी निर्माण और पुराने कुआं का जिर्णोद्धार करने के निर्देश दिए हैं।
योग को बढ़ावा देने के लिए नियमित अभ्यास को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। समीक्षा के दौरान उन्होंने वरिष्ठ नागरिक और 75 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए कहा है।

किसानों का आर्थिक विकास हो इसके लिए खेती के आधुनिक तकनीक की जानकारी देने के लिए कहा है।
किसानों को वरमी कम्पोस्ट खाद और आर्गेनिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि जल संरक्षण संवर्धन के तहत रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, अमृत सरोवर,सोकपिट और मैजिक पिट बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों को जैविक खेती के प्रति प्रेरित किया जा रहा है।
स्वच्छता को बढ़ावा दिया जा रहा है गांव में सेग्रेशन शेड एवं डोर टू डोर कचरा कलेक्शन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। जिले के सभी विकास खंड में 100 दिवसीय निक्षय निरामय अभियान चलाया जा रहा है।

जिला मुख्यालय में जिला ग्रंथालय संचालित किया जा रहा है प्रातः 6 बजे से रात 11 बजे तक संचालित होता है जहां बच्चों की सुविधा के लिए निःशुल्क वाई फाई की सुविधा दी गई है। जिला ग्रंथालय में 6425 पुस्तकें उपलब्ध है।

कलेक्टर ने बताया कि जिले में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए आगामी 7 अप्रैल से अन्वेषण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
जशपुर जिले के विघार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान और इसरो की उपलब्धियों से परिचित कराने के लिए स्पेस ऑन व्हील्स अन्वेषण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

*खनिज माफिया पर सख्ती : 1 हाइवा और 04 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त*

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*खनिज माफिया पर सख्ती : 1 हाइवा और 04 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त*
*लगातार जारी है अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई*

 

संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर,/कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर बिलासपुर जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग की सख्त कार्रवाई जारी है। अलग-अलग क्षेत्रों में की गई जांच के दौरान 5 वाहनों को जब्त किया गया।
उप संचालक खनिज साधन के मार्गदर्शन में जारी सतत कार्रवाई के क्रम में 03 अप्रैल 2026 को खनिज अमले द्वारा कोटा, बेलगहना, कोनचरा, कंचनपुर, करही कच्छार, रतखंडी, रतनपुर, बिल्लिबंद, बरर एवं केंदा क्षेत्रों में व्यापक जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान कंचनपुर क्षेत्र में खनिज रेत का अवैध परिवहन करते हुए 01 हाइवा एवं 02 ट्रैक्टर-ट्रॉली वाहन जब्त किए गए। वहीं गतौरी क्षेत्र से 01 ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा बिल्लिबंद क्षेत्र से 01 ट्रैक्टर-ट्रॉली वाहन को अवैध परिवहन करते पाए जाने पर जप्त किया गया। इस प्रकार कुल 05 वाहनों को जब्त कर उन्हें पुलिस थाना रतनपुर, कोटा तथा पुलिस चौकी बेलगहना एवं केंदा की अभिरक्षा में रखा गया है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

*राजधानी रायपुर में इस साल बनेंगे 4 फ्लाईओवर्स*

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*राजधानी रायपुर में इस साल बनेंगे 4 फ्लाईओवर्स*

*शहर का ब्यस्त यातायात होगा तेज और सुव्यवस्थित*

*लोक निर्माण विभाग ने चारों फ्लाईओवर्स के लिए मंजूर किए हैं 360 करोड़*

संदीप साहू ब्यूरो िलासपुर.. राजधानी रायपुर में इस साल 4 फ्लाईओवर्स के काम शुरू होंगे। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने चारों फ्लाईओवर्स के लिए कुल 360 करोड़ 35 लाख 93 हजार रुपए मंजूर किए हैं। इन फ्लाईओवर्स के निर्माण से शहर के ब्यस्त यातायात को तेज, स्मूथ और सुव्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। शहरवासी इनके निर्माण की मांग लंबे समय से कर रहे थे।

लोक निर्माण विभाग ने शहर के बीच जी.ई. रोड पर गुरू तेज बहादुर उद्यान से तेलीबांधा के नेताजी सुभाष चौक तक फ्लाईओवर के लिए 172 करोड़ 86 लाख 28 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। रायपुर के रिंग रोड क्रमांक-2 में सोनडोंगरी चौक पर ओवरपास के लिए 43 करोड़ 89 लाख 17 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं।

विभाग ने रायपुर में वी.आई.पी. रोड के फुंडहर चौक में ओवरपास के निर्माण के लिए 56 करोड़ सात लाख 35 हजार रुपए की स्वीकृति दी है। शहर के अटल पथ एक्सप्रेस-वे पर फुंडहर चौक में ग्रेड सेपरेटर के निर्माण के लिए भी लोक निर्माण विभाग द्वारा 87 करोड़ 53 लाख 13 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं।

*”राज्य शासन रायपुर में यातायात को तेज, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। शहर में फ्लाईओवर्स और सड़कों के चौड़ीकरण के कार्य लगातार किए जा रहे हैं। इनसे ट्रैफिक-जॉम में कमी आएगी और लोगों की आवाजाही अधिक सहज होगी। हमारी प्राथमिकता है कि रायपुरवासियों और यहां आने वाले हर व्यक्ति को बेहतर और सुगम यातायात मिले।“* – *श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री*

*राजस्व पखवाड़ा : गांव-गांव 6 अप्रैल को लगेंगे शिविर*

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*राजस्व पखवाड़ा : गांव-गांव 6 अप्रैल को लगेंगे शिविर*

संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर,/जिले के ग्रामीण किसानों सहित आमजनों के लंबित राजस्व मामलों के निपटारे के लिए प्रथम चरण में राजस्व पखवाड़ा का आयोजन 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक किया जा रहा है। शिविरों के माध्यम से अधिकारियों द्वारा समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। इसी क्रम में 6 अप्रैल को बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम मटियारी, तालपारा, जूना बिलासपुर, बिरकोना में शिविर लगाए जाएंगे।
बेलतरा तहसील के ग्राम उच्चभट्ठी, मंजूरपहरी, मस्तुरी के कोसमडीह, सीपत तहसील के ग्राम गुड़ी, खैरवारपारा, ढरकपुर, भरूवाडीह, हिण्डाडीह, हरदाडीह, खाड़ा, कैमाडीह, कर्रा, पचपेड़ी तहसील के मानिकचौरी, सुकुलकारी, लोहर्सी में एवं तखतपुर तहसील के ग्राम बीजा, राजपुर, सोनबंधा एवं बेलपान में भी शिविर लगाया जाएगा। सकरी तहसील अंतर्गत छतौना, बोडसरा, पाली, अमसेना, बेलमुण्डी, सकर्रा, उड़ेला, सरसेनी, कोपरा, सिंघरी, समलपुरी, बहतराई एवं दबेना में, बिल्हा तहसील के ऐठुलकांपा, भैसबोड़, बिल्हा, बिटकुली, उमरिया, मुरकुटा में, बोदरी के चकरभाठा, कोटा के परसदा, कोरी डुबान, दवनपुर, मानपुर में बेलगहना के बिटकुली एवं रतनपुर तहसील के ग्राम चपोरा एवं जाली में भी तहसीलदारों द्वारा ग्रामीण किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
राजस्व पखवाड़ा का आयोजन तीन चरणों में किया जा रहा है। प्रथम चरण 01 अप्रैल से 15 अप्रैल, द्वितीय चरण 04 मई से 18 मई तथा तृतीय चरण 01 जून से 15 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इन शिविरों में राजस्व अमला गांव स्तर पर पहुंचकर विभिन्न लंबित प्रकरणों का निराकरण करेगा। अभियान के तहत अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बंटांकन, व्यपवर्तन एवं वृक्ष कटाई से संबंधित समय-सीमा से बाहर प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण किया जाएगा। साथ ही फौती नामांतरण, बंटवारा एवं अभिलेख त्रुटि सुधार के प्रकरणों का ऑनलाइन पंजीयन, नोटिस जारी कर सुनवाई एवं निराकरण भी शिविर स्थल पर ही किया जाएगा। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शिविर में ज्यादा से ज्यादा उपस्थित होकर शिविर का लाभ उठाएं।

*वैगनआर और बोलेरो की भीषण टक्कर में उपसरपंच सहित दो की मौत* : *महिला गंभीर रूप से घायल*

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*वैगनआर और बोलेरो की भीषण टक्कर में उपसरपंच सहित दो की मौत* : *महिला गंभीर रूप से घायल*

 मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा क्षेत्र अंतर्गत बूचीहरदी के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। वैगनआर कार और बोलेरो वाहन के बीच हुई आमने-सामने की जोरदार टक्कर में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है। वहीं टक्कर से बोलेरा वाहन पलट गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम अमोरा निवासी उपसरपंच रूपेश निर्मलकर और उनके पुत्र राहुल निर्मलकर के रूप में बताई जा रही है। हादसे में गंभीर रूप से घायल महिला भगवती निर्मलकर (पति रूपेश निर्मलकर) को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के सामने के हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। शवों को वाहन से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
इस हृदयविदारक घटना से ग्राम अमोरा सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उपसरपंच रूपेश निर्मलकर के निधन से स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में गहरा दुःख व्याप्त है।

*विश्व शांति के लिए जांजगीर में ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन, 21 अप्रैल को 501 पार्थिव शिवलिंग निर्माण*

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विश्व शांति के लिए जांजगीर में ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन, 21 अप्रैल को 501 पार्थिव शिवलिंग निर्माण

 मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा। श्री राम भिक्षुक धर्म जागरण सेवा समिति के तत्वावधान में 21 अप्रैल को शहर के हाई स्कूल मैदान में एक भव्य और ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। इस आयोजन को लेकर शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में समिति के पदाधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।
समिति के अनुसार, कार्यक्रम में 501 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन, जलाभिषेक और श्रृंगार किया जाएगा। यह आयोजन विश्व शांति, मानव कल्याण और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से किया जा रहा है।
आयोजन में करीब 501 परिवारों की सहभागिता रहेगी। प्रत्येक परिवार से 2100 रुपये सहयोग राशि निर्धारित की गई है, जिसमें पूजन सामग्री से लेकर महाप्रसाद तक की संपूर्ण व्यवस्था समिति द्वारा की जाएगी। श्रद्धालु 50 ग्राम दूध अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक करेंगे।
पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण पवित्र मिट्टी से किया जाएगा और पूजन के बाद विधिपूर्वक उनका नदी में विसर्जन किया जाएगा। खास बात यह है कि इस पूजा में शामिल होने के लिए पति-पत्नी होना अनिवार्य नहीं है—परिवार के अन्य सदस्य भी एक साथ बैठकर पूजा कर सकते हैं।
आकर्षण और विशेष व्यवस्थाएं:
ड्रोन के माध्यम से पूरे परिसर में गुलाब जल का छिड़काव
सुरक्षा के लिए 4 दमकल वाहनों की तैनाती
श्रद्धालुओं को रुद्राक्ष वितरण
लगभग 5000 लोगों के लिए भव्य भंडारा (महाप्रसाद)
समिति ने बताया कि यह आयोजन पिछले वर्षों में बिलासपुर में सफलतापूर्वक आयोजित हो चुका है और अब पहली बार जांजगीर-चांपा में इतने बड़े स्तर पर किया जा रहा है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में धार्मिक जागरूकता, एकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करना है।
समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस पवित्र आयोजन में शामिल होकर विश्व शांति की कामना में सहभागी बनने की अपील की है।

*दोस्त संग मिलकर साले ने जीजा पर किया जानलेवा हमला, दो आरोपी गिरफ्तार*

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दोस्त संग मिलकर साले ने जीजा पर किया जानलेवा हमला, दो आरोपी गिरफ्तार


रायपुर। प्रभात टॉकीज के पास थाना गंज क्षेत्र में गुढियारी क्षेत्र के एक युवक ने अपने मोहल्ले में रहने वाले रिश्ते के जीजा पर नशे में आक्रोशित होकर हमला करने की घटना में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रार्थिया सुमित्रा दीप (उम्र 30 वर्ष, निवासी कलिंग नगर, गुढ़ियारी) द्वारा थाना गंज में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उनके पति रवि दीप अपने परिचित गौरव सोना के साथ गंजपारा स्थित देशी शराब दुकान के पास थे। इसी दौरान आरोपी बाबू मराठी (रिश्ते में साला) एवं उसके साथी आयुष गुप्ता द्वारा पुरानी रंजिश को लेकर विवाद प्रारंभ किया गया।उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व रवि दीप द्वारा आरोपी बाबू मराठी की मां के साथ हुई मारपीट की घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, घटना से आरोपी आक्रोशित था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ते हुए झगड़े का रूप ले लिया। विवाद के दौरान आरोपी बाबू मराठी द्वारा अपने पास रखी कैंची से रवि दीप पर जानलेवा हमला किया गया, जिससे उनके सीने एवं जांघ में चोट आई। मौके पर उपस्थित गौरव सोना द्वारा बीच-बचाव किया गया तथा घायल को तत्काल उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की रिपोर्ट पर थाना गंज में अपराध क्रमांक 93/2026 धारा 296, 115(2), 351(2), 109(3)(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बाबू मराठी एवं आयुष गुप्ता को गिरफ्तार किया है और अग्रिम कार्यवाही जारी है

*खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के बाद सामुदायिक पावर हाउस के रूप में जाने जाएंगे सिद्दी पहलवान*

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*खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के बाद सामुदायिक पावर हाउस के रूप में जाने जाएंगे सिद्दी पहलवान*

*सिद्दी समुदाय के पहलवानों ने जीते तीन स्वर्ण और एक रजत पदक*


आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर, / ‘प्रतिभा को किसी परिचय की जरूरत नहीं होती’- यह कहावत ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स- 2026’ में सच साबित हुई, जहां कर्नाटक के ‘सिद्दी समुदाय’ के पहलवानों ने मैट पर अपनी जबरदस्त छाप छोड़ी है। उनकी यह सफलता अब सिर्फ़ पदकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समुदाय के कुश्ती के क्षेत्र में एक ताकत के तौर पर उभरने का प्रतीक है। अफ़्रीकी मूल के भारत में लगभग 50,000 सिद्दी लोग रहते हैं, जिनमें से एक-तिहाई कर्नाटक में निवास करते हैं।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में कर्नाटक के 9 पहलवानों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 4 सिद्दी समुदाय से थे। इन चार पहलवानों में से तीन ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया जबकि एक को रजत पदक मिला। स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवानों में मनीषा जुआवा सिद्दी (76 किग्रा), रोहन एम डोड़ामणि (ग्रीको रोमन 60 किग्रा) और प्रिंसिता पेदरू फर्नांडिस सिद्दी (68 किग्रा) शामिल हैं जबकि शालिना सेयर सिद्दी (57 किग्रा) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

इन पहलवानों की सफलता न सिर्फ उनके संघर्ष और मेहनत की कहानी कहती है, बल्कि कुश्ती जैसे खेलो में सिद्दी समुदाय के बढ़ते वर्चस्व को भी दिखाता है। कर्नाटक के इन चारों पहलवानों का दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में ट्रायल हुआ था और वहां भी ये पहले नंबर पर रहे थे।

सिद्दी समुदाय के प्रदर्शन से कर्नाटक कुश्ती टीम की कोच ममता बेहद गौरवान्वित महसूस कर रही हैं।

ममता ने कहा, ”जैसे हमारे देश में कुश्ती में हरियाणा का दबदबा है तो ठीक वैसे ही हमारे राज्य में अहलियाल क्षेत्र का कुश्ती में वर्चस्व रहता है। राज्य में डिपार्टमेंट ऑफ यूथ एंड डेवलपमेंट एंड सेंटर मुख्य रूप से इन्हीं सिद्दी समुदाय के लिए है। इनके बच्चे यहीं पर ट्रेनिंग करते हैं। पिछले कुछ समय से इस समुदाय के लोगों के अंदर कुश्ती का क्रेज बढ़ा है और वे अब अपने बच्चों को कुश्ती में भेजने लगे हैं।

उत्तरी कर्नाटक के धारवाड़ जिले से आने वाले पुरुष पहलवान रोहन एम. डोड़ामणि भी इसी समुदाय से आते हैं। डोड़ामणि की मां सरकारी स्कूल में खाना पकाती हैं जबकि पिता का छह साल पहले ही देहांत हो चुका है।

रोहन ने कहा, “सिद्दी समुदाय के अंदर समय-समय पर छोटे दंगल होते रहते हैं और जो इनमें जीतता है, उन्हें ज्यादा से ज्यादा पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया जाता है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में स्वर्ण जीतने से पहले मैं सीनियर नेशनल चैंपियनशिप, नेशनल गेम्स और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में भी भाग ले चुका हूं।”

देश में खिलाड़ियों के अंदर छिपी प्रतिभा की पहचान करने और उन्हें एक बेहतर मंच देने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और खेल मंत्रालय ने मिलकर 2018 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स की शुरुआत की थी। उसके बाद खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स और अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत हुई है।

साई के टैलेंट डेवलपमेंट कमेटी के सदस्य महा सिंह राव कहते हैं, ” साई और खेल मंत्रालय की तरफ से हम कम उम्र के प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करते हैं ताकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जो सपना है कि 2036 ओलंपिक खेल भारत में हो, उस सपने को साकार करने के लिए ये सरकार की रणनीति का एक हिस्सा है। प्रधानमंत्री के अलावा खेल मंत्री, साई और हम इस सपने को साकार करने में लगे हुए हैं कि आगे आने वाले ओलंपिक खेलों में हम ज्यादा से ज्यादा मेडल जीते।”

उत्तर कन्नड़ कारवार जिले से आने वाली शालिना सेयर सिद्दी ने इस प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने के बाद कहा, ”हमारे समुदाय में कुश्ती को लेकर अब लोग दिलचस्पी लेने लगे हैं। मैंने अपने अंकल के कहने पर कुश्ती शुरू की थी और शुरू से ही वह मुझे ट्रेनिंग देते आ रहे हैं। मैंने इस प्रतियोगिता के लिए मेहनत तो पूरी की थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और मैं स्वर्ण जीतने से चूक गई।”

कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ कारवार जिले से ही आने वाली प्रिंसिता सिद्दी ने कहा, ”शुरुआत में मुझे कुश्ती में दिलचस्पी नहीं थी और मैं बहुत रोई थी। लेकिन फिर धीरे-धीरे जब हमारे समुदाय के बच्चे इसमें भाग लेने लगे तो उन्हें देखकर मैं भी प्रैक्टिस करने लगी। यहां तक पहुंचने के लिए मैं शाम-सुबह दो-दो घंटे प्रैक्टिस करती हूं। मुझे इंटरनेशनल लेवल पर मेडल लाना है और इसके लिए मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं।”

इन पहलवानों की सफलता इस बात को सिद्ध करती है कि जब सही मंच, ट्रेनिंग और सपोर्ट मिलता है, तो दूरदराज के समुदायों से भी प्रतिभाएं शिखर तक पहुंच सकती हैं और भारत के खेल भविष्य को आकार दे सकती हैं।

*अब कहीं रेड कॉरिडोर नहीं, हर तरफ ग्रीन कॉरिडोर है – मुख्यमंत्री श्री साय*

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*अब कहीं रेड कॉरिडोर नहीं, हर तरफ ग्रीन कॉरिडोर है – मुख्यमंत्री श्री साय*

*प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में माओवाद पर निर्णायक विजय: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जताया आभार*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर,/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के 31 मार्च 2026 को माओवादी आतंक से मुक्त होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, शहीद जवानों, बस्तर की जनता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र, सुरक्षा बलों और बस्तर की जनता के सामूहिक संकल्प का परिणाम है।

उन्होंने सर्वप्रथम देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साहसपूर्ण और दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति आभार प्रकट किया, जिनके मार्गदर्शन, संकल्प और सतत प्रेरणा ने माओवादी हिंसा के विरुद्ध इस निर्णायक अभियान को दिशा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने वर्ष 2015 में दंतेवाड़ा में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए उस संदेश को भी स्मरण किया, जिसमें उन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़ने का आह्वान करते हुए युवाओं से मानवता के दृष्टिकोण से सोचने की प्रेरणा दी थी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के प्रति भी विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया और उन्हें माओवादी उन्मूलन की रणनीति का प्रमुख शिल्पी बताया। उन्होंने कहा कि श्री अमित शाह ने रायपुर में 31 मार्च 2026 तक माओवाद समाप्त करने का संकल्प लिया था, जिसे पूरी दृढ़ता के साथ पूरा किया गया। उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों को स्पष्ट दिशा, आवश्यक संसाधन और निरंतर प्रोत्साहन मिला, साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट संदेश दिया कि हिंसा का उत्तर दृढ़ता से दिया जाएगा, जबकि शांति का मार्ग अपनाने वालों का स्वागत किया जाएगा।

*शहीदों के बलिदान से लिखी गई बस्तर की नई कहानी: मुख्यमंत्री श्री साय*

मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद जवानों के प्रति भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके सर्वोच्च बलिदान ने इस ऐतिहासिक सफलता की नींव रखी है। साथ ही उन्होंने सुरक्षा बलों के उन बहादुर जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने साहस और संकल्प के साथ अपनी जान की परवाह किए बिना माओवाद की जड़ों पर प्रहार किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर की जनता के प्रति भी विशेष कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही इस परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत बना। उन्होंने उस दौर को याद किया जब मतदान करने पर उंगली काटने की धमकियाँ दी जाती थीं, इसके बावजूद लोगों ने निर्भय होकर लोकतंत्र को मजबूत किया। यही जनविश्वास एक ऐसे नेतृत्व को स्थापित करने में निर्णायक सिद्ध हुआ, जिसने एक दशक के भीतर इस चुनौती का समाधान किया।
हिंसक माओवादी विचारधारा ने वर्षों तक अनगिनत परिवारों को पीड़ा दी – मांओं की कोख उजड़ी, बहनों का सुहाग छिना और मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, जबकि देश की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा के लिए हजारों जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी; यह संघर्ष केवल सुरक्षा बलों का नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के आत्मबल और संकल्प का प्रतीक रहा।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद माओवादी हिंसा के विरुद्ध एक निर्णायक और सुनियोजित रणनीति पर कार्य प्रारंभ हुआ, जिसके परिणामस्वरूप देश के कई राज्य इस चुनौती से मुक्त हुए, हालांकि छत्तीसगढ़ और उसके पड़ोसी क्षेत्रों में यह समस्या बनी रही; ऐसे में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से राज्य में डबल इंजन सरकार के गठन के बाद पिछले ढाई वर्षों में सामूहिक संकल्प के बल पर इस सशस्त्र माओवादी नासूर का समूल नाश संभव हो सका।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार ने उन लोगों का स्वागत किया है, जिन्होंने माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास जताया है, और यह परिवर्तन केवल सुरक्षा अभियान का परिणाम नहीं बल्कि विश्वास, पुनर्वास और विकास के समन्वित प्रयासों का प्रतिफल है। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि जनता के विश्वास की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

उन्होंने कहा कि अब बस्तर में एक नया अध्याय प्रारंभ हो चुका है – जहाँ बच्चे निर्भय होकर विद्यालय जाएंगे, माताएं और बहनें स्वतंत्रता के साथ जीवन जी सकेंगी और विकास का प्रकाश हर गांव तक पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब कहीं रेड कॉरिडोर नहीं, हर तरफ ग्रीन कॉरिडोर है। इसी विश्वास और संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ एक उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर है।