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*आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले 03 आरोपी गिरफ्तार*

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➡️ *आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले 03 आरोपी गिरफ्तार*
➡️ *कार के अंदर मोबाइल के माध्यम से हार-जीत का दांव लगाते पकड़े गए आरोपी*
➡️ *नगदी, मोबाइल एवं कार सहित कुल लगभग ₹17,00,000/- की जप्ती*
➡️ *एसीसीयू टीम एवं थाना सिरगिट्टी पुलिस की संयुक्त कार्यवाही*

गिरफ्तार आरोपीगण –
1. रामेश्वर गुप्ता उर्फ दउवा पिता स्व. कृष्ण कुमार उम्र 40 वर्ष निवासी बाजार पारा गनियारी थाना कोटा जिला बिलासपुर
2. दीपचंद सोनकर उर्फ चिंटू पिता सूरज उम्र 32 वर्ष निवासी देवरी खुर्द चन्द्रशेखर आजाद चौक थाना तोरवा जिला बिलासपुर
3. सीताराम साहू पिता कीर्ति राम साहू उम्र 36 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 12 नजरलाल पारा सिरगिट्टी थाना सिरगिट्टी जिला बिलासपुर

जप्त सामग्री –
• नगदी रकम – ₹5,01,300/-
• मोबाइल – 04 नग
• क्रेटा कार – कीमती ₹10,00,000/-
कुल जुमला कीमत – लगभग ₹17,00,000/-

 

संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर:-शहर में हो रहे ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा पर अंकुश लगाने हेतु पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) एवं नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाईन के मार्गदर्शन में थाना सिरगिट्टी पुलिस एवं ए.सी.सी.यू. टीम द्वारा संयुक्त रूप से लगातार निगरानी रखी जा रही है ।

इसी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि गुम्बर पेट्रोल पंप के पास एक सफेद रंग की क्रेटा कार क्रमांक CG10BD8888 में तीन व्यक्ति मोबाइल के माध्यम से स्थान बदल-बदलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहे हैं। सूचना पर तत्काल टीम द्वारा घेराबंदी कर उक्त वाहन को पकड़ा गया।

मौके पर तीनों आरोपियों के मोबाइल की जांच करने पर व्हाट्सएप के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाना पाया गया। आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग नगदी राशि एवं मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनमें सट्टा संबंधित लेन-देन का विवरण पाया गया।

पूछताछ में आरोपियों द्वारा ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाना स्वीकार किया गया। आरोपियों के विरुद्ध अन्य थाना क्षेत्रों में भी सट्टा संचालन से संबंधित जानकारी प्राप्त हुई है, जिसकी जांच की जा रही है।

आरोपियों के विरुद्ध धारा 7(2), 112 बी.एन.एस. के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।

*From Shadows to Sunshine: Arvind Hemla’s Journey of Courage, Choice and Change*

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*From Shadows to Sunshine: Arvind Hemla’s Journey of Courage, Choice and Change*

*Young Man from Bijapur Reclaims Life Through Surrender and Rehabilitation Policy*

editor in chief  Ashish kashyap Raipur, / The journey from darkness to light is rarely a straight road. It winds through despair, struggle and uncertainty before opening into hope, dignity and purpose. At just 22, Arvind Hemla’s life embodies this transformation — a story shaped by hardship, but rewritten through courage, resolve and timely guidance.

Born into a modest rural family in Bijapur district, Arvind grew up in the shadow of poverty, illiteracy and social challenges. His family depended on agricultural labour for survival, often struggling to meet even basic daily needs. Tragedy struck early when his father passed away in 2009, followed by his mother in 2016, leaving him alone and vulnerable at a formative age.

In his youth, a combination of adverse local conditions, economic distress and misguided company drew Arvind towards Naxalite activities. What began as an influence gradually became entanglement, disrupting his social and personal life. Yet, with time came a moment of reckoning. Arvind realised that this path led only to fear and an uncertain future.

Determined to reclaim his life, he chose a different road. Inspired by the State Government’s Surrender and Rehabilitation Policy, Arvind voluntarily surrendered in March 2025, marking a decisive turning point.

Following his surrender, he was enrolled at the Rehabilitation Centre in Bijapur, where he received structured guidance, institutional support and skill development training. He trained as a mason, acquiring technical expertise in construction work, which later became the foundation of his new life.

Today, Arvind is employed as a construction worker in Mancherial district of Telangana, earning Rs 600 per day. Through diligence and perseverance, he has not only achieved financial independence but has also successfully reintegrated into the mainstream of society, leading a life of dignity and self-respect.

The State Government’s rehabilitation policy aims to bring individuals who have strayed into violence back into the fold of society, offering them an opportunity to rebuild their lives with support and direction. Arvind Hemla’s journey stands as a powerful reminder that no circumstance is beyond redemption. With the right choices, unwavering determination and sustained effort, even the most difficult paths can lead to renewal and hope.

*सुरक्षा में तैनात जवानों के लिए विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विशाल निशुल्क स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन*

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*🔹सुरक्षा में तैनात जवानों के लिए विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विशाल निशुल्क स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन*
*🔹चेतना भवन पुलिस लाइन बिलासपुर में प्रातः 6:00 बजे से होगी शिविर का प्रारंभ*
*🔹बिलासपुर पुलिस के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी कराएंगे स्वास्थ्य परीक्षण*
*🔹विभिन्न व्याधियों के विशेषज्ञ चिकित्सक रहेंगे चिकित्सा शिविर में अपने चिकित्सकीय टीम के साथ उपस्थित*

 संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर:-,पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के दिशा निर्देश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में नियमित रूप से यातायात नियमों की उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर सघन एवं सख्त कार्रवाई की जा रही है साथ ही विभिन्न विभागीय दायित्वों के निर्वहन एवं कार्यवाही में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अधिकारियों कर्मचारियों को अपने कर्तव्य के प्रति सदैव मुस्तैद रहने के लिए निर्देश मिलते रहते हैं अतः अधिकारियों कर्मचारियों के कुशल क्षेम एवं स्वास्थ्य के प्रति सदैव संवेदनशीलता रखते हुए विशेष ध्यान रखी जा रही है। ताकि जवानों की उच्च दक्षता, स्वास्थ्य स्फूर्ति और मानसिक तत्त्परता किसी भी तरह का स्वास्थ्यगत परेशानियां से प्रभावित न हो।
इसी क्रम में अंतर्राष्ट्रीय विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर दिनांक 7.4.2026 को चेतना भवन पुलिस लाइन बिलासपुर में “निःशुल्क विशाल स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिविर” बिलासपुर पुलिस के समस्त सुरक्षा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आयोजित की गई है। उक्त शिविर में पुलिस एवं सुरक्षा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हृदय रोग, श्वास रोग, छाती रोग, रक्तचाप मधुमेह, हड्डी रोग, पैथोलॉजी एवं चर्म रोग से संबंधित जांच एवं उपचार की जाएगी। साथ ही पुलिस कर्मियों को धूप से बचाव, स्वस्थ जीवन शैली, मानसिक परेशानियों एवं बीमारियों से बचाव हेतु निर्देश दिया जाएगा।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पुलिस उप महानिरीक्षक एवं एसएसपी बिलासपुर श्री रजनेश सिंह, अध्यक्षता अभय गुप्ता यूनिट हेड अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर एवं संयोजक एडिशनल एसपी ट्रैफिक रामगोपाल करियारे, आई एम ए बिलासपुर एवं कोऑर्डिनेटर डॉ मोहन गुप्ता डॉ प्रमोद जायसवाल, डॉ. प्रसन्ना सिंह होंगे। शिविर में लगभग सभी पुलिस कर्मियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
*इस विशाल शिविर में:-*
डॉ दीपक गुप्ता- स्वांस रोग विशेषज्ञ
डॉ एमपी सामल हृदय रोग विशेषज्ञ
डॉ अभिजीत रायजादा – मधुमेह रोग विशेषज्ञ
डॉ विनय कुपटकर- रक्तचाप विशेषज्ञ
डॉ प्रमोद जयसवाल – हड्डी रोग विशेषज्ञ
डॉ शिरीष मिश्रा- हड्डी रोग विशेषज्ञ
डॉ अखिलेश देवराज- पल्मोलॉजिस्ट (छाती एवं दमा रोग विशेषज्ञ)

एवं अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकगण अपने पूरे चिकित्सा टीम के साथ चिकित्सकीय उपचार एवं सुझाव प्रदान करने हेतु उपस्थित रहेंगे।
जिले के समस्त पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शरीर में स्वास्थ्य परीक्षण कराए जाने हेतु निर्देश जारी की गई है…

*Leaving violence behind, former maoist in kondagaon gets permanent home and rebuilds life with state’s rehabilitation and housing support*

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*Leaving violence behind, former maoist in kondagaon gets permanent home and rebuilds life with state’s rehabilitation and housing support*

editor in chief Raipur, / A life once marked by uncertainty has taken a steady turn in Kondagaon, where a former Maoist has rejoined the mainstream and built a secure future with support from the Chhattisgarh Naxal Surrender/Victim Relief and Rehabilitation Policy. The state government, led by Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai, is helping those who leave violence rebuild their lives with stability and dignity through this policy. It offers financial assistance, housing support, and livelihood opportunities to help former Maoists reintegrate into society.

In Kondagaon district, Shri Pawan Kumar from Chingnar village in Farasgaon block is among those who have benefited from the initiative. He received a permanent house under a special housing project of Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin for surrendered naxalities. Chingnar village, located about 45 km from the block headquarters, was once affected by Maoist activity. The area is now seeing gradual change, with improved access to government schemes and basic services.

Shri Pawan Kumar was earlier associated with a Maoist organisation, a period marked by uncertainty and hardship. His family lived on the edge of a forest in a hut and a dilapidated mud house, without basic facilities or any sense of security about the future.

Over time, he realised that violence leads only to loss. Influenced by the government’s surrender and rehabilitation policy, he decided to leave the Maoist organisation and return to the mainstream. This decision marked a turning point in his life.

Following his surrender, the district administration approved a house for him under a special housing project for surrendered families, linked to the Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin for 2024–25. Financial assistance was released in phases, with ₹40,000 as the first instalment, ₹55,000 as the second, and ₹25,000 as the final instalment. He was also provided 90 days of wage employment. With this support, he completed construction of his permanent house within the stipulated time, providing a stable base for his family.

Basic facilities have also been ensured at his home, including electricity, cooking gas, a toilet, and tap water. These have improved the family’s living conditions and provided a sense of security.

Shri Pawan Kumar now lives with his family in a safe environment and is working towards a stable future. He expressed gratitude to the government and thanked Prime Minister and Chief Minister for the support extended under the policy.

 

 

 

*आत्मसमर्पण से पुनर्वास तक-पवन कुमार ने हिंसा का रास्ता छोड़ जीवन की नई शुरुआत की*

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*आत्मसमर्पण से पुनर्वास तक-पवन कुमार ने हिंसा का रास्ता छोड़ जीवन की नई शुरुआत की*

*विशेष आवास परियोजना से मिला पक्का आशियाना*

 

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर, / छत्तीसगढ़ में सुशासन सरकार की सरकार ने माओवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 हिंसा छोड़ मुख्यधारा से जुड़ने वाले नक्सलियों को नई जिंदगी दे रही है। छत्तीसगढ सरकार ने माओवादी आत्मसमर्पितों को 5 लाख तक की सहायता, कौशल प्रशिक्षण, और सम्मानजनक जीवन प्रदान कर नक्सल-मुक्त बस्तर के सपने को साकार कर रही है। कोण्डागांव जिले के फरसगांव के सुदेर पंचायत चिंगनार के श्री पवन कुमार को पुनर्वास नीति के तहत पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

कोण्डागांव जिले के विकासखण्ड फरसगांव के दूरस्थ ग्राम पंचायत चिंगनार, जो मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, कभी इस क्षेत्र में माओवाद के प्रभाव के कारण भय और असुरक्षा का माहौल था। अब इन क्षेत्रों में राज्य शासन की पुनर्वास नीति के तहत शांति और विकास स्थापित हो रहा हैं। इसी गांव में रहने वाले श्री पवन कुमार को पुनर्वास नीति के तहत पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पवन कुमार पूर्व में माओवादी संगठन से जुड़े हुए थे। उस दौर में उनका जीवन असुरक्षित और कठिनाइयों से भरा हुआ था। उनका परिवार जंगल किनारे एक झोपड़ी और जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था, जहां न तो पर्याप्त सुविधाएं थीं और न ही सुरक्षित भविष्य की कोई उम्मीद।

समय के साथ उन्होंने यह महसूस किया कि हिंसा का मार्ग केवल विनाश की ओर ले जाता है। शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए माओवादी संगठन से नाता तोड़ लिया और समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। यह निर्णय उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।

आत्मसमर्पण के बाद जिला प्रशासन द्वारा विशेष परियोजना आवास (आत्मसमर्पित परिवार) प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में उन्हें आवास स्वीकृत किया गया। शासन की सहायता से उन्हें चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया, जिसमें प्रथम किश्त के रूप में 40 हजार रुपये, द्वितीय किश्त में 55 हजार रुपये तथा अंतिम किश्त के रूप में 25 हजार रुपये की राशि दी गई। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 90 दिनों की मजदूरी भी प्रदान की गई। इन सभी सहायता राशि और योजनाओं के समुचित उपयोग से पवन कुमार ने निर्धारित समय में अपना पक्का घर पूर्ण कर लिया। यह घर केवल एक आशियाना नहीं, बल्कि उनके नए जीवन की मजबूत नींव है। अब उनका परिवार सुरक्षित वातावरण में रह रहा है और भविष्य को लेकर आश्वस्त है।

इसके अतिरिक्त शासन द्वारा उनके घर में बिजली कनेक्शन, रसोई गैस, शौचालय और नल-जल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं ने उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है और उन्हें एक सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है। आज पवन कुमार अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण, सुरक्षित और खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं। और बेहतर भविष्य के लिए भी नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

*दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से अंधेरे रास्तों से लौटकर रोशनी तक- अरविंद हेमला की हिम्मत और बदलाव की कहानी*

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*दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से अंधेरे रास्तों से लौटकर रोशनी तक- अरविंद हेमला की हिम्मत और बदलाव की कहानी*

आशीष कश्यप  प्रधान संपादक रायपुर/ अंधेरे रास्तों से लौटकर रोशनी तक का सफर निराशा, संघर्ष और कठिनाइयों से निकलकर आशा, सफलता और ज्ञान की ओर जाने का प्रतीक है। यह एक ऐसी यात्रा है जो दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से पूरी की जा सकती है। 22 वर्षीय अरविंद हेमला का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। बीजापुर जिले के एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मे अरविंद बचपन से ही आर्थिक तंगी, अशिक्षा और सामाजिक चुनौतियों से जूझते रहे। परिवार की आजीविका कृषि मजदूरी पर निर्भर थी, जिससे दैनिक जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाता था।

कम उम्र में ही माता-पिता का साया सिर से उठ जाना उनके जीवन का सबसे बड़ा आघात था, पिता का निधन 2009 में और माता का 2016 में हो गया। इस घटना ने अरविंद को पूरी तरह अकेला और असहाय बना दिया। युवावस्था में गलत संगति, क्षेत्रीय परिस्थितियों और आर्थिक मजबूरियों के कारण अरविंद नक्सली गतिविधियों की ओर आकर्षित हो गए। धीरे-धीरे वे इस रास्ते में उलझते चले गए, जिससे उनका सामाजिक और पारिवारिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। लेकिन समय के साथ अरविंद को एहसास हुआ कि यह रास्ता उन्हें केवल भय और अनिश्चित भविष्य की ओर ले जा रहा है। उन्होंने अपने जीवन को बदलने का दृढ़ संकल्प लिया। शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने मार्च 2025 में स्वेच्छा से आत्मसमर्पण कर दिया।

आत्मसमर्पण के बाद शासन द्वारा उन्हें पुनर्वास केंद्र बीजापुर में आवश्यक मार्गदर्शन, सहयोग और कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया। राज मिस्त्री कार्य का प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने निर्माण कार्य में तकनीकी दक्षता हासिल की। आज अरविंद तेलंगाना राज्य के मंचेरियल जिले में एक निर्माण श्रमिक के रूप में कार्यरत हैं और प्रतिदिन 600 रूपए की मजदूरी अर्जित कर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। अपने परिश्रम और लगन से उन्होंने न केवल आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि समाज की मुख्यधारा में भी सफलतापूर्वक वापसी की है।

राज्य सरकार की पुनर्वास नीति हिंसा की राह छोड़ने वाले नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने और समाज के साथ फिर से जुड़ने में मदद करना है। यह कहानी हमें सिखाती है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सही निर्णय, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से जीवन को नई दिशा दी जा सकती है।

*गिरते भू-जल स्तर पर सख्ती : जिले में नए नलकूप खनन पर प्रतिबंध*

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*गिरते भू-जल स्तर पर सख्ती : जिले में नए नलकूप खनन पर प्रतिबंध*

*पेयजल संकट से निपटने बड़ा फैसला, 30 जून तक नलकूप खनन पर रोक*

संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर,/ जिले में गिरते भू-जल स्तर और संभावित पेयजल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए नए नलकूप एवं ट्यूबवेल खनन पर प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध 6 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संजय अग्रवाल द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में नए नलकूप/ट्यूबवेल खनन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाता है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर यह निर्णय लिया गया है, जिसमें बताया गया है कि भू-जल स्तर में लगातार गिरावट आ रही है। इस स्थिति को नियंत्रित करने तथा पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा-3 के तहत यह आदेश जारी किया गया है।
आदेश के तहत बिलासपुर जिले के विकासखंड बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर एवं कोटा को 6 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक जलाभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। इस अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति या संस्था नए नलकूप खनन नहीं कर सकेगी। हालांकि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगर निगम एवं नगर पंचायतों जैसी शासकीय एजेंसियों को केवल पेयजल आपूर्ति हेतु आवश्यकता अनुसार नलकूप खनन की अनुमति दी गई है। इसके लिए उन्हें पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन संबंधित कार्यों की जानकारी अधिकृत अधिकारियों को देना अनिवार्य होगा।
जन सुविधा को ध्यान में रखते हुए अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में नलकूप खनन की अनुमति प्रदान करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बिलासपुर, बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर एवं कोटा को अधिकृत किया गया है। ये अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप अनुमति देने की प्रक्रिया सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

*अंतर्राष्ट्रीय चेतना दिवस पर चेतना भवन पुलिस लाइन में हुआ संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजन*

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*🔹अंतर्राष्ट्रीय चेतना दिवस पर चेतना भवन पुलिस लाइन में हुआ संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजन*
*🔹उच्च न्यायालय के सेवा निवृत्त न्यायमूर्ति, कुलपति एवं NGOs सहित चिंतनशील वरिष्ठ नागरिक हुए शामिल।*

संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर*🔹बिलासपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे चेतना के आठों आयाम पर हुए विस्तार से चर्चा*


*🔹 नागरिक संगठनों व स्वयंसेवी संस्थाओं ने चेतना अभियान के जनक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह व बिलासपुर पुलिस का किया सम्मान*
*🔹 सामाजिक बुराइयों एवं अपराध नियंत्रण में इस अभियान की व्यापक असर की मुक्त कंठ से हुई सराहना।*


अंतर्राष्ट्रीय चेतना दिवस के अवसर पर बिलासपुर पुलिस और नागरिक संगठनों के द्वारा छत्तीसगढ़ में पहली बार “अंतर्राष्ट्रीय चेतना दिवस संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह – 2026” का भव्य आयोजन नगर नागरिक संगठनों, NGOs और बिलासपुर पुलिस के संयुक्त तत्वाधान में पुलिस लाइन स्थित चेतना हॉल में SSP रजनेश सिंह के विशेष आतिथ्य एवं गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। यह आयोजन अपने आप में ऐतिहासिक रहा, जहां समाज, प्रशासन और विभिन्न संगठनों का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला


इस अवसर पर बिलासपुर एसएसपी श्री रजनेश सिंह (IPS) विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनका NHICF, एवं विभिन्न NGO द्वारा भव्य सम्मान किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में 20 से अधिक सामाजिक, साहित्यिक और पत्रकार संगठनो ने इस मंच के माध्यम से SSP रजनेश सिंह द्वारा चलाए जा रहे 8 प्रमुख चेतना अभियानों से प्रभावित होकर अपनी तरफ से बिलासपुर का तारीफ करते हुए सम्मान किया।

अतिथियों के द्वारा इस कार्यक्रम की विशेष सराहना की गई तथा समाज को इस अभियान के साथ अधिक से अधिक संख्या में जुड़कर इसके धेय को पूर्ण करने में सहभागी बनने हेतु अपील किया।
🔹 मुख्य अतिथि डॉ. विनय कुमार पाठक (कुलपति, थावे विद्यापीठ, बिहार) ने कहा:
“आज के समय में समाज को सबसे ज्यादा जरूरत ‘चेतना’ की है। NHICF व नांगरिक संघठनो ने जिस तरह से सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा दे रहा है, वह पूरे देश के लिए एक मॉडल है। बिलासपुर में SSP रजनेश सिंह द्वारा चलाए जा रहे चेतना अभियान समाज को नई दिशा दे रहे हैं।”

🔹 विशेष अतिथि SSP रजनेश सिंह (IPS) ने अपने वक्तव्य में कहा:
“पुलिस अकेले समाज में बदलाव नहीं ला सकती। जब तक जनता की भागीदारी नहीं होगी, तब तक कोई भी अभियान पूर्ण रूप से सफल नहीं हो सकता। ‘चेतना’ एक ऐसा माध्यम है जो पुलिस और समाज के बीच विश्वास और सहयोग को मजबूत करता है। NHICF, जैसे संगठन इस कड़ी को जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं, और इसी सामूहिक प्रयास से हम एक सुरक्षित, जागरूक और बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं।”

कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन कार्यक्रम में मास्टर तनिष्क ने अपने गीतों से समां बांधा, वहीं 8 वर्षीय मयंशी खंडेलवाल ने “ज़िंदगी प्यार का गीत है” प्रस्तुत कर सभी को भाव-विभोर कर दिया।

नांगरिक संगठनों की ऐतिहासिक भागीदारी, बिलासपुर एजुकेशन वेलफेयर, ABKMS फाउंडेशन, लायंस क्लब बिलासपुर मिडटाउन, परिवर्तन – एक आशा की किरण, बज़्म-ए-अदब बिलासपुर, बिलासपुर मुस्लिम जमात, विकलांग चेतना परिषद, आल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन, छत्तीसगढ़ मुस्लिम मनिहार बिरादरी वेलफेयर सोसाइटी, इनायह फाउंडेशन, अग्रहरि समाज, दाऊदी बोहरा जमात, प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी, वी एस फाउंडेशन, जीव धरणी फाउंडेशन, आर्यन फ़िल्म सहित अनेक स्वयं सेवी संगठनों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

विशेष सम्मान (NHICF द्वारा)
NHICF की ओर से अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे अधिकारियों, समाजसेवियों और विशेषज्ञों का विशेष सम्मान किया गया, जिनमें प्रमुख हैं:

सहायक उपनिरीक्षक प्रदीप यादव

सुश्री उमा ध्रुव

सेवानिवृत्त ASI राम प्रसाद सिंह यादव

सकरी TI विजय चौधरी

सेवानिवृत्त उप निरीक्षक ऊमा शंकर पांडेय

प्रधान आरक्षक सैयद जावेद अली

उप निरीक्षक जे.पी. निषाद

समाजसेवी श्रीमती सिमरन तिलरेजा

साइबर एक्सपर्ट प्रभाकर तिवारी

सेवानिवृत्त उप निरीक्षक ओम प्रकाश सिंह

ASI वीरेंद्र नेताम

ASI प्रकाश बाबू कुर्रे

इसके साथ ही
क्षमा सिंह, अनिता सिंह, डॉ. विद्या गोवर्धन, डॉ. गजेंद्र तिवारी द्वारा SSP का सम्मान किया गया।
वहीं राम सूर्यवंशी (राम ग्राफिक्स), जितेंद्र सिंह ठाकुर (बिजनेसमैन), परमवीर मरहास (संगीतकार) को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि “चेतना की जनक्रांति” का आगाज़ है। NHICF, NGO और बिलासपुर पुलिस की इस पहल से समाज और प्रशासन के द्वारा समाज मे सकारात्मक बदलाव की विशेष प्रयास हेतु व्यापक जागरूकता की नींव को मजबूत रखने की बात की गई।

कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष न्यायमूर्ति चंद्रभूषण बाजपेयी ने कहा कि..
“कानून और समाज तभी मजबूत होते हैं जब नागरिक जागरूक हों। संगठनों का यह प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव का मजबूत माध्यम है।”

🔹 विशिष्ट अतिथि पं. संजय दुबे (चेयरमैन, CMD कॉलेज) ने कहा:
“युवा पीढ़ी को सही दिशा देने के लिए ऐसे कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। NHICF ने चेतना के माध्यम से जो अलख जगाई है, वह प्रेरणादायक है।”

🔹 अजित मिश्रा (अध्यक्ष, बिलासपुर प्रेस क्लब) ने कहा:
“पत्रकारिता का उद्देश्य भी समाज में चेतना लाना है। NHICF ने इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य किया है।”

🔹 रामगोपाल करियारे (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, यातायात) ने कहा:
“चेतना अभियान से समाज में अनुशासन और जिम्मेदारी बढ़ेगी। यह पहल मील का पत्थर साबित होगी।”

➡️  *पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर तलवार लहराकर आम लोगो को डराने धमकाने पर किया गिरफ्तार*

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➡️  *पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर तलवार लहराकर आम लोगो को डराने धमकाने पर किया गिरफ्तार*

➡️ *मुंगेली पुलिस द्वारा अवैध रूप से हथियार लेकर आम लोगों को डराने-धमकाने वाले 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल*

➡️ *आरोपी सुनील जायसवाल, आनंद यादव से 02 नग तलवार जप्त किया गया*

➡️ *आरोपियो के विरूद्ध थाना सिटी कोतवाली मुंगेली मे अपराध क्रमांक 124/26 धारा 25,27 आर्म्स एक्ट के तहत किया गया कार्यवाही*

तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) ने जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारियों को कानून ब्यवस्था रखने व अवैध गतिविधियां करने वालों पर नजर रखकर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किये है जिसके परिपालन मे अति.पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा व उप पुलिस अधीक्षक हरविन्दर सिंह के मार्गदर्शन दिनांक 04.04.2026 को थाना सिटी कोतवाली मुंगेली पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि नंदी चौक, शंकर मंदिर के पास मल्हापारा क्षेत्र में 02 व्यक्ति तलवार लेकर घूम रहे हैं एवं आम नागरिकों को डरा-धमका रहे हैं।
सूचना पर तत्काल कार्यवाही करते हुए सिटी कोतवाली मुंगेली पुलिस स्टाफ मौके पर पहुँचे, मुखबिर के बताए स्थान मल्हापारा नंदी चौक मुंगेली मे दो व्यक्ति तलवार लहराते हुए पाए गए। मौके पर उपस्थित गवाहों के समक्ष विधिवत कार्यवाही करते हुए आरोपी 1. सुनील जायसवाल पिता गणेश जायसवाल, उम्र 28 वर्ष, निवासी शंकर वार्ड, मुंगेली 2. आनंद यादव उर्फ भुरवा, पिता हेमकुमार यादव, उम्र 25 वर्ष, निवासी राजेन्द्र वार्ड पटवापारा, मुंगेली को पकड़ा, दोनों आरोपी थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र के आदतन बदमाश पाए गए। दोनों के कब्जे से 01-01 नग लोहे की तलवार गवाहों के समक्ष जप्त कर पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। उक्त कृत्य आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के अंतर्गत अपराध पाए जाने पर दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर दिनांक 05.04.2026 को न्यायिक रिमाण्ड पर जेल दाखिल किया।
अपील – मुंगेली पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
उक्त कार्यवाही मे निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े प्रभारी, सिटी कोतवाली मुंगेली, प्र.आर. चन्द्रकुमार धु्रव, बालीराम धु्रव, आर. योगेश यादव, विकास ठाकुर, राहुल ठाकुर, नोहर डडसेना, अरूण साहू, अजय चन्द्राकर की अहम भुमिका रही।

*कबीरधाम पुलिस का सट्टा कारोबार पर करारा प्रहार, ताबड़तोड़ कार्यवाही में 04 आरोपी धराए, नगदी व सट्टा सामग्री जब्त*

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*कबीरधाम पुलिस का सट्टा कारोबार पर करारा प्रहार, ताबड़तोड़ कार्यवाही में 04 आरोपी धराए, नगदी व सट्टा सामग्री जब्त*

कबीरधाम पुलिस द्वारा जिले में अवैध सट्टा एवं जुआ कारोबार के विरुद्ध सख्त एवं निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक कबीरधाम धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल व अमित पटेल तथा डीएसपी आशीष शुक्ला के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली की टीम द्वारा सुनियोजित ढंग से ताबड़तोड़ कार्यवाही की गई।

सूचना तंत्र को सक्रिय करते हुए अलग-अलग स्थानों पर एक साथ दबिश दी गई, जिससे सट्टा कारोबार में लिप्त आरोपियों में हड़कंप मच गया। पुलिस की तेज कार्रवाई के चलते मौके से भागने का प्रयास कर रहे आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा गया।

कार्यवाही के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं —
• 04 अलग-अलग मामलों में सट्टा संचालित करते हुए आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया
• कुल नगदी रकम 6715 रुपये एवं सट्टा पट्टियां, डॉट पेन जब्त
• संगठित रूप से संचालित सट्टा नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार
• पुलिस की त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई से आरोपियों को भागने का मौका नहीं मिला

अपराध क्रमांक 129/2026 धारा 06 जुआ एक्ट के तहत आरोपी राम कुमार गन्धर्व पिता स्व. चैतराम गन्धर्व उम्र 40 वर्ष साकिन गंगा नगर वार्ड क्रमांक 07 कवर्धा को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से नगदी 1065 रुपये, 02 नग सट्टा पट्टी एवं एक नीली स्याही का डॉट पेन जब्त किया गया।

अपराध क्रमांक 130/2026 धारा 06 जुआ एक्ट के तहत आरोपी रूपेश चंद्रवंशी पिता परमेश्वर चंद्रवंशी उम्र 35 वर्ष साकिन आदर्श नगर कवर्धा को गिरफ्तार कर उसके पास से सट्टा पट्टी सहित नगदी 2520 रुपये जब्त की गई।

अपराध क्रमांक 131/2026 धारा 06 जुआ एक्ट के तहत आरोपी तारकेश सिंह पिता गयाराम सिन्हा उम्र 37 वर्ष साकिन गंगानगर वार्ड क्रमांक 07 कवर्धा को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 03 नग सट्टा पट्टी, 01 नग नीला डॉट पेन एवं नगदी 2550 रुपये जब्त किया गया।

अपराध क्रमांक 132/2026 धारा 06 जुआ एक्ट के तहत आरोपी लोकेश मेरी पिता कुमार मेरी उम्र 35 वर्ष साकिन वार्ड क्रमांक 05 आदर्श नगर कवर्धा को सट्टा पट्टी लिखते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया, जिसके कब्जे से नगदी 580 रुपये, 02 नग सट्टा पट्टी एवं एक नीली स्याही का डॉट पेन जब्त किया गया।

उक्त सभी आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 06 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत गिरफ्तारी की गई है एवं विधिवत कार्यवाही की जा रही है।

कबीरधाम पुलिस द्वारा स्पष्ट चेतावनी दी जाती है कि जिले में सट्टा, जुआ, ऑनलाइन सट्टा या अन्य किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक योगेश कश्यप, सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक महेश प्रधान एवं थाना कोतवाली एवं साइबर थाना की टीम का सराहनीय योगदान रहा।

कबीरधाम पुलिस द्वारा यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।