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*सुशासन का असर: एक कॉल में हल हो रही आमजनों की समस्याएं*

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*सुशासन का असर: एक कॉल में हल हो रही आमजनों की समस्याएं*

*रायपुर जिला कॉल सेंटर से राजधानी निवासी विवेक को जल्द मिला समाधान, जताया मुख्यमंत्री के प्रति आभार*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर,/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में रायपुर जिला प्रशासन द्वारा संचालित जिलास्तरीय हेल्पलाइन नंबर (कॉल सेंटर) आम नागरिकों के लिए त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनती जा रही है। अब रायपुर में लोगों को समस्याओं का समाधान एक कॉल पर मिल रहा है

श्रीराम नगर फेस-2 निवासी श्री विवेक प्रधनानी ने बताया कि उनकी कमर्शियल प्रॉपर्टी में लगे नल कनेक्शन को कटवाने के लिए वे नगर निगम के जोन कार्यालय में कुछ दिनों से आवेदन कर रहे थे, लेकिन समाधान नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद उन्हें अखबार के माध्यम से जिलास्तरीय हेल्पलाइन नंबर की जानकारी मिली।

उन्होंने कॉल सेंटर में अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसके कुछ ही दिनों के भीतर संबंधित विभाग द्वारा नल कनेक्शन काट दिया गया। समय पर समाधान मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन का आभार जताया।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

*पुलिस महानिरीक्षक का थाना पंडरिया में आकस्मिक निरीक्षण, बेहतर पुलिसिंग, अनुशासन एवं जनसंपर्क सुदृढ़ करने दिए महत्वपूर्ण निर्देश।*

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*पुलिस महानिरीक्षक का थाना पंडरिया में आकस्मिक निरीक्षण, बेहतर पुलिसिंग, अनुशासन एवं जनसंपर्क सुदृढ़ करने दिए महत्वपूर्ण निर्देश।*

कबीरधाम जिले के थाना पंडरिया में आज दिनांक 11.04.2026 को पुलिस महानिरीक्षक, राजनांदगांव रेंज, राजनांदगांव श्री बालाजी राव सोमावार (भा.पु.से.) द्वारा पुलिस अनुविभाग पंडरिया अंतर्गत थाना पंडरिया एवं पुलिस अनुविभागीय कार्यालय पंडरिया का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमित पटेल, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस पंडरिया श्री भूपत धनेश्वरी तथा थाना प्रभारी पंडरिया श्री अजय कुमार सिन्हा उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान श्री राव द्वारा थाना परिसर में संधारित विभिन्न अभिलेखों, रजिस्टरों एवं रोजनामचा पंजी का सूक्ष्मता एवं गंभीरता के साथ अवलोकन किया गया तथा उनके संधारण, अद्यतन स्थिति एवं विधिसम्मत प्रविष्टियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। इस अवसर पर शस्त्रागार, मालखाना, बंदीगृह, थाना परिसर की स्वच्छता, अभिलेख प्रबंधन प्रणाली एवं अन्य व्यवस्थाओं का भी विस्तृत निरीक्षण किया गया। उन्होंने शस्त्रों के सुरक्षित रख-रखाव, मालखाना सामग्री के उचित संरक्षण एवं बंदियों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए।
तत्पश्चात पुलिस महानिरीक्षक महोदय द्वारा थाना में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के निराकरण तथा पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।

इस दौरान बेहतर पुलिसिंग के लिए उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करते हुए बीट प्रणाली को सुदृढ़ करने, आमजन से सतत संवाद बनाए रखने, संवेदनशील एवं त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने, लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने तथा तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही, अपराधों की रोकथाम हेतु प्रभावी गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों की सतत निगरानी एवं खुफिया तंत्र को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया।
इसी क्रम में थाना प्रभारी एवं वरिष्ठ आरक्षकों (जो प्रधान आरक्षक पद पर पदोन्नति हेतु पात्र हैं) को परेड अभ्यास नियमित रूप से करने एवं शारीरिक दक्षता बनाए रखने हेतु विशेष रूप से निर्देशित किया गया।

बैठक के दौरान उन्होंने उपस्थित अधिकारी एवं कर्मचारियों से उनके पारिवारिक दायित्वों एवं व्यक्तिगत समस्याओं के संबंध में आत्मीयतापूर्वक चर्चा की तथा किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत अथवा विभागीय समस्या होने पर अवगत कराने के निर्देश दिए, जिससे उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
पुलिस महानिरीक्षक महोदय द्वारा समस्त निरीक्षण एवं समीक्षा कार्यों का संक्षिप्त मूल्यांकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए तथा भविष्य में और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी पुलिसिंग सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। पुलिस महानिरीक्षक महोदय ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अनुशासन, निष्ठा एवं कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास एवं सुरक्षा की भावना को और सुदृढ़ करने हेतु प्रेरित किया।पुलिस महानिरीक्षक का थाना पंडरिया में आकस्मिक निरीक्षण, बेहतर पुलिसिंग, अनुशासन एवं जनसंपर्क सुदृढ़ करने दिए महत्वपूर्ण निर्देश।

कबीरधाम जिले के थाना पंडरिया में आज दिनांक 11.04.2026 को पुलिस महानिरीक्षक, राजनांदगांव रेंज, राजनांदगांव श्री बालाजी राव सोमावार (भा.पु.से.) द्वारा पुलिस अनुविभाग पंडरिया अंतर्गत थाना पंडरिया एवं पुलिस अनुविभागीय कार्यालय पंडरिया का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमित पटेल, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस पंडरिया श्री भूपत धनेश्वरी तथा थाना प्रभारी पंडरिया श्री अजय कुमार सिन्हा उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान श्री राव द्वारा थाना परिसर में संधारित विभिन्न अभिलेखों, रजिस्टरों एवं रोजनामचा पंजी का सूक्ष्मता एवं गंभीरता के साथ अवलोकन किया गया तथा उनके संधारण, अद्यतन स्थिति एवं विधिसम्मत प्रविष्टियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। इस अवसर पर शस्त्रागार, मालखाना, बंदीगृह, थाना परिसर की स्वच्छता, अभिलेख प्रबंधन प्रणाली एवं अन्य व्यवस्थाओं का भी विस्तृत निरीक्षण किया गया। उन्होंने शस्त्रों के सुरक्षित रख-रखाव, मालखाना सामग्री के उचित संरक्षण एवं बंदियों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए।
तत्पश्चात पुलिस महानिरीक्षक महोदय द्वारा थाना में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के निराकरण तथा पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।

इस दौरान बेहतर पुलिसिंग के लिए उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करते हुए बीट प्रणाली को सुदृढ़ करने, आमजन से सतत संवाद बनाए रखने, संवेदनशील एवं त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने, लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने तथा तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही, अपराधों की रोकथाम हेतु प्रभावी गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों की सतत निगरानी एवं खुफिया तंत्र को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया।
इसी क्रम में थाना प्रभारी एवं वरिष्ठ आरक्षकों (जो प्रधान आरक्षक पद पर पदोन्नति हेतु पात्र हैं) को परेड अभ्यास नियमित रूप से करने एवं शारीरिक दक्षता बनाए रखने हेतु विशेष रूप से निर्देशित किया गया।

बैठक के दौरान उन्होंने उपस्थित अधिकारी एवं कर्मचारियों से उनके पारिवारिक दायित्वों एवं व्यक्तिगत समस्याओं के संबंध में आत्मीयतापूर्वक चर्चा की तथा किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत अथवा विभागीय समस्या होने पर अवगत कराने के निर्देश दिए, जिससे उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
पुलिस महानिरीक्षक महोदय द्वारा समस्त निरीक्षण एवं समीक्षा कार्यों का संक्षिप्त मूल्यांकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए तथा भविष्य में और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी पुलिसिंग सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। पुलिस महानिरीक्षक महोदय ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अनुशासन, निष्ठा एवं कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास एवं सुरक्षा की भावना को और सुदृढ़ करने हेतु प्रेरित किया।

*बच्चों के चेहरों पर मुस्कान, कर्मचारियों का जन्मदिन बना यादगार – “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँ’*

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*बच्चों के चेहरों पर मुस्कान, कर्मचारियों का जन्मदिन बना यादगार – “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँ’*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर,। जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है – खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।

इसी क्रम में आज नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती तारा साहू ने अपने पुत्र गौरव का जन्मदिन आंगनबाड़ी केंद्र भाठागांव में, शिक्षिका चंचल विजय शुक्ला ने आंगनबाड़ी केंद्र मंगल बाजार कुंद्रापारा, स्टाफ नर्स गोमति अहिरवार ने आंगनबाड़ी केंद्र अमलीडीह, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर सुश्री श्रद्धा दयाल ने आंगनबाड़ी केंद्र आम बिलाड़ी, सहायक वर्ग 3 श्रीमती कल्याणी पटेल ने आंगनबाड़ी केंद्र तुलसी, रूरल मेडिकल असिस्टेंट सुश्री ज्योति चंद्राकर ने आंगनबाड़ी केंद्र दोन्देकला एवं हेडमास्टर राजेश कुमार नायक ने आंगनबाड़ी केंद्र ग्राम भाटापारा केंद्री में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।

*आरंग जनपद की 135 पंचायतों में रोजगार-आवास दिवस एवं चावल महोत्सव का आयोजन*

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*आरंग जनपद की 135 पंचायतों में रोजगार-आवास दिवस एवं चावल महोत्सव का आयोजन*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर, जनपद पंचायत आरंग अंतर्गत सभी 135 ग्राम पंचायतों में आज रोजगार-आवास दिवस का आयोजन चावल महोत्सव के साथ किया गया।

इस अवसर पर विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत प्रगतिरत कार्यों को पूर्ण करने एवं मांग आधारित नए कार्य प्रारंभ करने के संबंध में ग्रामीणों से चर्चा की गई। जियो-टैगिंग कार्यों की पूर्णता एवं योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए क्यूआर कोड के उपयोग की जानकारी भी दी गई।

जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘मोर तरिया’ अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया आय के जरिया” के सम्बन्ध में ग्रामीणों को जानकारी प्रदान की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सहित आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों को पूर्ण करने के लिए ग्रामीणों के साथ चर्चा कर कार्य योजना बनाई गई।

रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायपुर श्री कुमार बिश्वरंजन ने कहा कि जल संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु विशेष निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आरंग श्री अभिषेक बनर्जी ने बताया कि प्रत्येक माह आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहता है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं से जोड़ने का अच्छा अवसर है, जिसमें उन्हें विभिन्न योजनाओं की नई जानकारियां प्राप्त होती हैं।

*खारंग नदी क्षेत्र में हादसे पर प्रशासन सख्त, अवैध उत्खनन पर लगातार कार्रवाई*

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*खारंग नदी क्षेत्र में हादसे पर प्रशासन सख्त, अवैध उत्खनन पर लगातार कार्रवाई*

*ट्रैक्टर पलटने की घटना की जांच पूरी, अवैध रेत उत्खनन पर कड़ी निगरानी*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर/ बिलासपुर जिले के खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की जांच के बाद खनिज विभाग और जिला प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन पर सख्त रुख अपनाया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है, वहीं छत्तीसगढ राज्य में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

बिलासपुर जिले के खनिज अमले द्वारा खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान ग्राम गढ़वट में सरपंच, पंचगण एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि 8-9 अप्रैल की मध्य रात्रि में दो युवक नदी क्षेत्र में गए थे, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने की घटना हुई। इस घटना में एक युवक की मृत्यु हो गई, जबकि दूसरा घायल हुआ। मौके पर प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिले, बल्कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर घटना की पुष्टि हुई।

प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित ट्रैक्टर-ट्रॉली ग्राम गढ़वट निवासी तोषण कुमार कश्यप के नाम से जुड़ी है। इस आधार पर पुलिस थाना रतनपुर में वाहन मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 105 एवं 238(बी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि दोनों युवक नदी क्षेत्र में रेत उत्खनन के उद्देश्य से गए थे। हालांकि घटना स्थल पर अवैध उत्खनन के प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले, लेकिन क्षेत्र में बनाए गए कच्चे मार्ग और ट्रैक्टर के आवागमन के संकेत पाए गए।

खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2024-25 में गढ़वट और आसपास के इलाके में कुल 47 प्रकरण दर्ज कर लगभग 6.95 लाख रुपये की वसूली की गई, जबकि वर्ष 2025-26 में अब तक 22 प्रकरण दर्ज कर 3.19 लाख रुपये से अधिक की कार्रवाई की जा चुकी है। पूर्व में भी गढ़वट क्षेत्र में अवैध परिवहन के मामलों में ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर प्रकरण दर्ज किए गए थे। विभाग द्वारा पंचायत स्तर पर भी अवैध उत्खनन रोकने के लिए समय-समय पर निर्णय और जागरूकता प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

*जनगणना 2027- प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना*

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*जनगणना 2027- प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना*

*छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 01 मई से 30 मई 2026 तक*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक
रायपुर,/भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण“मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (House Listing & Housing Census) ”का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मई से 30 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि मे संचालित किया जाएगा। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी।

डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिएस्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक नागरिक 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (Self-Enumeration ID) प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के आने पर प्रगणकों को देना होगा। आपके द्वारा भरी जानकारी की पुष्टि के बाद प्रगणक उसे सब्मिट कर देगा।

*इस चरण के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी*

प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार, मकान का उपयोग, (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य), निर्माण की प्रकृति (कच्चा/पक्का/अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, जैसे- पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की सुविधा, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस/ईंधन का प्रकार, इंटरनेट/संचार सुविधाएं यह जानकारी देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आवास योजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणको को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। स्व-गणना कर चुके परिवारों को अपनी मस-िम्दनउमतंजपवद प्क् प्रगणक को बतानी होगी।

जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों एवं नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति विशेष की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। निर्धारित समयावधि में स्व-गणना का लाभ उठाएं। केवल अधिकृत गणनाकर्मियों को ही जानकारी प्रदान करें। सटीक एवं सत्य जानकारी देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

*निगरानी*

जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। शिकायत निवारण हेतु हेल्पलाइन/ऑनलाइन प्रणाली उपलब्ध होगी। जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ के निदेशक ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। आपकी सटीक एवं पूर्ण जानकारी देश की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं। यह प्रक्रिया सरकार को सटीक नीति निर्माण, संसाधन आवंटन एवं भविष्य की योजनाओं के निर्धारण में सहायता प्रदान करती है।

जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती हैं।

*उद्योग और श्रम विभाग के आपसी समन्वय से संवर रहा है – छत्तीसगढ़*

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*उद्योग और श्रम विभाग के आपसी समन्वय से संवर रहा है – छत्तीसगढ़*

*(उद्योग व श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के जन्मदिन के अवसर पर विशेष )*

*छगन लाल लोन्हारे*
*उप संचालक जनसम्पर्क*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जिस स्पष्ट नीति के साथ श्रमिकों और उद्योगों के समन्वित विकास को प्राथमिकता दी है, वह आज ठोस परिणामों के रूप में सामने आ रही है। श्रम विभाग की योजनाओं में यह भावना स्पष्ट झलकती है कि श्रमिक केवल आर्थिक इकाई नहीं, बल्कि समाज की आधारशिला हैं। उनके जीवन में स्थायित्व, सम्मान और सुरक्षा लाना ही सच्चे विकास का संकेत है। 12 अप्रैल का यह विशेष अवसर उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के समर्पण, कार्यक्षमता और जनसेवा की भावना को याद करने का दिन है। आपके कुशल नेतृत्व से ही छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और समान अवसरों का आदर्श राज्य बनकर उभरा है।

2026 रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ के विकास की वर्तमान यात्रा केवल योजनाओं और घोषणाओं की कहानी भर नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे नेतृत्व की कथा है जिसने श्रमिक, युवा, उद्यमी और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। इस परिवर्तनकारी दौर में उद्योग व श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उनका कार्य केवल प्रशासनिक दक्षता तक सीमित नहीं है बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का जीवंत उदाहरण है। छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 वर्ष की अल्प आयु में उद्योग के क्षेत्र में जो एक नया इतिहास रचने का संकल्प लिया है वह किसी से छिपा नहीं है। उद्योग के क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ की अपनी एक अलग पहचान है। नई उद्योग नीति (2024-2030) में छत्तीसगढ़ के समावेशी विकास पर जोर दिया गया है।

श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों में सबसे प्रेरणादायक पहल श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना है। यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि परिवर्तन का वह मार्ग है जिससे कि आने वाली नई पीढ़ी ज्ञान और अवसरों के माध्यम से अपना सुनहरा और सुरक्षित भविष्य स्वयं गढ़ सके। आज के संदर्भ में श्रमिक परिवारों के बच्चों का राज्य के प्रतिष्ठित स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करना, एक नए छत्तीसगढ़ की तस्वीर प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को लाखों रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करना सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें प्रतिभा का सम्मान सर्वाेपरि है। यह न केवल उन बच्चों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि पूरे श्रमिक समाज के लिए आत्मविश्वास का स्त्रोत भी है।

उद्योग और श्रम विभाग से आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले दो वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये सीधे श्रमिकों के खातों में हस्तांतरित किए गए हैं, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ भी सुनिश्चित हुआ है। प्रतिदिन हजारों श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलना इस बात का प्रमाण है कि शासन की नीतियां धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं। श्रमिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए आवास सहायता, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, दुर्घटना में त्वरित आर्थिक सहयोग जैसी पहलें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन। ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना, एक मानवीय और संवेदनशील शासन का परिचायक है।

औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी मंत्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने नई ऊंचाईयों को छुआ है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के माध्यम से राज्य में निवेशको को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव, सैकड़ों नए उद्योगों की स्थापना और हजारों युवाओं को रोजगार मिलना इस नीति की सफलता को प्रमाणित करता है।

नवा रायपुर में देश का पहला एआई डाटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में बढ़ता कदम, सेमीकंडक्टर और आईटी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश, तथा स्टार्टअप नीति का क्रियान्वयन ये सभी पहलें छत्तीसगढ़ को पारंपरिक अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ाकर आधुनिक तकनीकी युग में स्थापित कर रही हैं। यह बदलाव केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक संरचना को भी नई दिशा देने वाला है। प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में ई-निविदा प्रणाली और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे कदमों ने पारदर्शिता को बढ़ाया है जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया सरल बनी है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ आज निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है।

सामाजिक समावेशन को छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और दूरस्थ क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की योजनाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। सामाजिक समावेश नही किसी भी राज्य की वास्तविक प्रगति का आधार होता है।

उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अपने गंभीर व दूर-दृष्टि सोच एवं विभागीय दायित्वों के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि यदि नेतृत्व में संवेदनशीलता और स्पष्ट दृष्टि हो, तो विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाता है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार के मार्गदर्शन में यह परिवर्तन और अधिक सशक्त और व्यापक रूप ले रहा है।

*बीजापुर में विकास की नई दस्तक: नियद नेल्लानार, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास से बदल रही 224 गांवों की तस्वीर*

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*बीजापुर में विकास की नई दस्तक: नियद नेल्लानार, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास से बदल रही 224 गांवों की तस्वीर*

*दशकों से विकास से कटे इलाकों में पहुंचा रोजगार, राशन, शिक्षा और सुरक्षित आवास; 5 लाख मानव दिवस सृजित*

*वापस लौटे गांव, बदली जिंदगी: नक्सल इलाके में विकास की सशक्त कहानी*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर/ लंबे समय तक नक्सल प्रभाव के कारण विकास से अछूते रहे बीजापुर जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में अब बदलाव की बयार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के संयुक्त प्रयासों से उन गांवों तक विकास की पहुंच बनी है, जहां दशकों तक नक्सल प्रभाव के कारण बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई थीं। अब इन क्षेत्रों में रोजगार, आवास, पेयजल, शिक्षा और आजीविका के अवसरों का विस्तार हो रहा है, जिससे लोगों के जीवन में ठोस परिवर्तन दिखाई दे रहा है।

बीजापुर जिले में नियद नेल्लानार योजना के तहत 42 सुरक्षा कैम्पों के माध्यम से 67 ग्राम पंचायतों के 224 गांवों को शामिल किया गया है। इस पहल में मनरेगा की सक्रिय भागीदारी से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के निर्माण को गति मिली है, जिससे ग्रामीणों को अपने ही गांव में काम और अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

*16 हजार से अधिक परिवारों को रोजगार का सहारा*

इन ग्रामों में अब तक 16,671 जॉब कार्ड पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7,271 नए जॉब कार्ड बनाए गए हैं। इससे हजारों परिवारों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है। विशेष रूप से नक्सल प्रभावित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। इसमें 966 आत्मसमर्पित नक्सली, 178 घायल पीड़ित परिवार और 477 मृतक नक्सल पीड़ित परिवारों के जॉब कार्ड बनाकर उन्हें मनरेगा योजना से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें स्थायी आजीविका का आधार मिल रहा है।
पहली बार दिखा विकास का व्यापक असर

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत नियद नेल्लानार क्षेत्रों में 1,744 विकास कार्य कराए गए हैं, जिनके माध्यम से 5 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित हुए हैं। इन कार्यों के जरिए न केवल स्थानीय स्तर पर ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिला है, बल्कि पलायन में भी कमी आई है और ग्रामीणों का शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।
आजीविका डबरी बन रही आय का सशक्त जरिया

नियद नेल्लानार क्षेत्र में 372 आजीविका डबरी की स्वीकृति देकर ग्रामीणों को आजीविकामूलक गतिविधियों से जोड़ने की पहल की गई है। जनपद पंचायत भैरमगढ़ के नियद नेल्लानार अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलनार, जहां कभी नक्सली दहशत के कारण ग्रामीण गांव छोड़कर विस्थापित होने पर मजबूर थे, अब पुनः जीवन की मुख्यधारा में लौट आया है। नियद नेल्लानार योजना में शामिल होने के बाद ग्रामीण अपने गांव लौट आए हैं। उनके आजीविका संवर्धन के लिए महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत वर्ष 2025-26 में हितग्राही श्री सहदेव कोरसा, श्री लखु और श्री सुदरू कोरसा की आजीविका डबरी पूर्ण हो चुकी हैं। इन डबरियों में मत्स्य पालन एवं हॉर्टिकल्चर विभाग से अभिसरण के माध्यम से मछली पालन एवं सब्जी उत्पादन का कार्य प्रस्तावित है।

*2977 परिवारों को मिला पक्का आवास*

नियद नेल्लानार क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस योजना के तहत कुल 2,977 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से अब तक 690 हितग्राहियों के पक्के आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। इन आवासों में अब परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।

*गांव-गांव में बदलाव की सजीव तस्वीर*

जनपद पंचायत बीजापुर के नियद नेल्लानार अंतर्गत ग्राम दुगाली में मनरेगा से निर्मित कुआं अब 100 से अधिक ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा बन गया है। दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण जहां बोरिंग संभव नहीं थी, वहां यह कुआं स्थायी समाधान बनकर उभरा है। इससे ग्रामीणों को सुलभ पेयजल के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिला है।

ग्राम पालनार में, जहां पहले प्रशासन की पहुंच नहीं थी, आज पंचायत भवन, आंगनबाड़ी और गौठान निर्माण कार्य जारी हैं, जिसमें वर्तमान में 200 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं।
कावड़गांव में 50 वर्षों के भय और अलगाव के बाद अब 100 प्रतिशत ग्रामीण श्रमिकों को जॉब कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही इस गांव में सड़क, बिजली, पेयजल, स्कूल और मोबाइल टॉवर जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच चुकी हैं।

सावनार (तोड़का पंचायत) में 9.35 लाख रुपए की लागत से बने आंगनबाड़ी भवन से 40–45 बच्चों को नियमित शिक्षा और पोषण मिल रहा है।
पुसुकोण्टा (उसूर) में 11.69 लाख रुपए की लागत से निर्मित आंगनबाड़ी भवन ने बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया है।

धरमारम और तोड़का क्षेत्र में उचित मूल्य दुकानों के निर्माण से अब ग्रामीणों को गांव में ही राशन मिल रहा है।

ग्राम बांगोली में, जहां पहले 18 किलोमीटर दूर जाकर राशन लाना पड़ता था, अब 524 परिवारों को गांव में ही यह सुविधा उपलब्ध हो रही है।

*युवाओं का कौशल विकास और आत्मनिर्भरता*

पुनर्वासित आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे वे निर्माण कार्यों में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं और अपने जीवन को नई दिशा दे रहे हैं।

नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के प्रभावी अभिसरण से बीजापुर के अंदरूनी गांवों में अब विकास ने गति पकड़ ली है। रोजगार, बुनियादी ढांचे और शासन के प्रति बढ़ते विश्वास के साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है, जो विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है।

*बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बस्तर में समृद्धि की नई राह : मुख्यमंत्री श्री साय*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर के जिन गांवों तक कभी विकास की पहुंच नहीं थी, वहां आज नियद नेल्लानार योजना और प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं के माध्यम से नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार हुआ है। हमारी सरकार का स्पष्ट विश्वास है कि जब विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तब ही स्थायी शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। इन क्षेत्रों में रोजगार सृजन, सुरक्षित आवास, पेयजल, शिक्षा और आजीविका के अवसरों के विस्तार से न केवल लोगों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है, बल्कि शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि संवेदनशील नीतियों, समन्वित प्रयासों और जनभागीदारी से सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव संभव है – और हम इस बदलाव को और गति देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

*राष्ट्रीय बागवानी मिशन से बदली किसान की तकदीर*

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*राष्ट्रीय बागवानी मिशन से बदली किसान की तकदीर*

*केले की उन्नत खेती से बढ़ी आमदनी और मिली पहचान*


संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर /तखतपुर ब्लॉक के ग्राम गोबंद के किसान श्री उस्मान गनी खान की सफलता की कहानी आज क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए उन्होंने आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदल रहे है।
किसान श्री खान पहले सामान्य फसलों की पारम्परिक खेती करते थे, जिससे उन्हें सीमित आय ही प्राप्त होती थी। लेकिन समय के साथ उन्होंने नई तकनीकों को अपनाने का निर्णय लिया। उद्यान विभाग के मार्गदर्शन और सहयोग से उन्होंने वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत उन्नत किस्म जी-9 केले की खेती शुरू की। उन्होंने अपने खेत के लगभग 0.900 हेक्टेयर क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से केले का रोपण किया। इसमें उन्नत पौधों का चयन, उचित दूरी पर रोपाई, समय-समय पर सिंचाई, खाद एवं उर्वरक का संतुलित उपयोग और कीट-रोग नियंत्रण जैसे आधुनिक तरीकों को अपनाया गया। इसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि वर्तमान में फसल की स्थिति काफी अच्छी है और पौधे स्वस्थ एवं मजबूत दिखाई दे रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस फसल से लगभग 400 से 600 क्विंटल तक उत्पादन होने की संभावना है, जो पारंपरिक खेती की तुलना में काफी अधिक है। इस पूरी प्रक्रिया में किसान को लगभग 1.50 लाख से 2.00 लाख रुपये तक की लागत आई है। वहीं, बाजार में केले की मांग और उचित मूल्य को देखते हुए उन्हें 4 से 5 लाख रुपये तक की आय होने की उम्मीद है। इस प्रकार किसान को अच्छी खासी शुद्ध आय प्राप्त हो सकती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
किसान श्री उस्मान गनी खान का कहना है कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाएं और सरकारी योजनाओं का सही तरीके से लाभ उठाएं, तो कम भूमि में भी अधिक उत्पादन और बेहतर मुनाफा कमाया जा सकता है। उन्होंने अन्य किसानों को भी पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी फसलों की ओर रुख करने की सलाह दी है। उद्यान विभाग के अधिकारियों ने भी किसान की इस पहल की सराहना की है और इसे क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक आदर्श उदाहरण बताया है। विभाग द्वारा समय-समय पर किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। श्री खान की मेहनत, नई सोच और सरकारी योजनाओं के सही उपयोग ने यह साबित कर दिया है कि अगर किसान जागरूक और प्रयासशील हों, तो खेती को लाभ का सौदा बनाया जा सकता है। उनकी यह सफलता कहानी न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों को नई दिशा भी दे रही है।

*सेवा सहकारी समिति ऐरमसाही का मामला गर्माया कलेक्टर से की गई धान घोटालें की शिकायत ,,,,,पढ़े पूरी खबर।*

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सेवा सहकारी समिति ऐरमसाही का मामला गर्माया कलेक्टर से की गई धान घोटालें की शिकायत ,,,,,पढ़े पूरी खबर।

 

 

 

संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर= बिलासपुर जिले में मस्तूरी क्षेत्र में सेवा सहकारी समिति ऐरमसाही में धान खोटाले का मामला गर्माया है जिसमें शिव सेना के प्रदेश महासचिव सहित संगठन के पदाधिकारियों द्वारा मामले की शिकायत कलेक्टर से की गई है, जिसमें संघ ने यह आरोप लगाया है कि सेवा सहकारी समिति व राइस मिल की शिकायत की गई है बताते चलें कि हरि ओम राइस मिल के द्वारा 164 कुंटल धान का do कटवाकर जारी do में 20 बंडल खाली बारदाना लोड कर ट्रक में भरकर भेजा गया जिसमें मौके पर धान नहीं था बिना धान के ही सिस्टम में एंट्री किया जा रहा था इस पूरे मामले में संस्था प्रबंधक राइस मिल की मिलीभगत का आरोप लगाया गया है इसकी शिकायत कलेक्टर से की गई है संघ के पदाधिकारियों ने यह भी कहा है कि यदि इस मामले में एफ आई आर दर्ज और कठोर कार्यवाही नहीं कराया जाता है तो बड़े स्तर पर आंदोलन की बात कही गई है अब देखने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले में आगे क्या जांच व कार्यवाही होती है,
शिकायत आवेदन देते वक्त श्री सुनील झा प्रदेश महासचिव शिव सेना , प्रभु वस्त्रकार संभाग महासचिव राधेश्याम खांडेकर भारतीय कामगार संभाग अध्यक्ष व विमल सिंह ठाकुर (समाजसेवी व रिटायर्ड अधिकारी समाज कल्याण विभाग) व बड़ी संख्या में शिव सेना के पदाधिकारी व अन्य सामाजिक कार्यकता उपस्थित थे।