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*वाहन चेकिंग के दौरान ऑटो में अवैध मादक पदार्थ गांजा जप्त किया गया।*

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*वाहन चेकिंग के दौरान ऑटो में अवैध मादक पदार्थ गांजा जप्त किया गया।*

 

मादक पदार्थ गांजा के साथ 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

 

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जप्ती:

 • 20 किलोग्राम गांजा, अनुमानित कीमत ₹10,00,000/-

 

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गिरफ्तार आरोपी:

 1. आदित्य कुचबदिया, पिता अतुल कुचबदिया, उम्र 21 वर्ष, निवासी साजली, थाना सनौधा, जिला सागर (म.प्र.)

 2. पंकज कुचबदिया, पिता विनोद कुचबदिया, उम्र 21 वर्ष, निवासी सुखीसेवनिया, थाना सुखीसेवनिया, जिला भोपाल (म.प्र.)

 3. कोहिनूर कुचबदिया, पिता धरम राज कुचबदिया, उम्र 19 वर्ष, निवासी पथरिया, थाना पथरिया, जिला दमोह (म.प्र.)

 

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संदीप साहू ब्युरो बिलासपुर:-प्रकरण का संक्षिप्त विवरण:

दिनांक 18.04.2026 को सूचना प्राप्त हुई कि तीन युवक ज्वाली नाला के पास ऑटो से उतरकर गांजा बेचने हेतु ग्राहक तलाश कर रहे हैं। सूचना पर थाना सिटी कोतवाली से टीम गठित कर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री पंकज कुमार पटेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री गगन कुमार (भा.पु.से.) को अवगत कराया गया तथा उनके दिशा-निर्देश पर रेड कार्यवाही की गई।

 

रेड के दौरान ज्वाली नाला के पास संदिग्ध तीन व्यक्तियों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। तलाशी लेने पर आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग पीठू बैग में गांजा बरामद हुआ, जिसमें—

• आदित्य कुचबदिया के पास से 07 किलोग्राम गांजा, कीमत ₹3,50,000/-

• पंकज कुचबदिया के पास से 07 किलोग्राम गांजा, कीमत ₹0,000/-

• कोहिनूर कुचबदिया के पास से 06 किलोग्राम गांजा, कीमत ₹3,00,000/-

 

कुल 20 किलोग्राम गांजा, कीमत ₹10,00,000/- को मुताबिक जप्ती पत्रक के विधिवत जप्त किया गया।

 

इस संबंध में थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 257/2026 धारा 20(बी), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत कार्यवाही की गई। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया है।

नशे का व्यापार करने वाले आरोपियों के विरुद्ध एंड-टू-एंड विवेचना कर अन्य संलिप्त आरोपियों के संबंध में भी कार्रवाई की जा रही है।

 

 

*रिवरव्यू में नगर सेना का भव्य ‘फायर शो’, आम जनों ने सीखा आग पर काबू पाना**

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*रिवरव्यू में नगर सेना का भव्य ‘फायर शो’, आम जनों ने सीखा आग पर काबू पाना**

 

*​बिलासपुर पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के विशेष दिशा-निर्देशों के पालन में*

संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर:- नगर सेना द्वारा जिले में 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक ‘अग्निशमन सेवा सप्ताह’ का गरिमामय आयोजन किया जा रहा है।

इस अभियान के तहत शहर के विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिसकी मुख्य कड़ी के रूप में रिवरव्यू तट पर एक वृहद ‘फायर शो’ और मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

 

*लाइव प्रदर्शन: जब जनता ने संभाला मोर्चा*

 

​रिवरव्यू में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि आम नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाना था। आयोजन के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी गई:-

 

*​सिलेंडर की आग पर नियंत्रण*: घर की रसोई में गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में अक्सर लोग घबरा जाते हैं। नगर सेना की टीम ने दिखाया कि कैसे सूझ-बूझ और सही तकनीक (जैसे गीले बोरे का उपयोग) से सिलेंडर की आग को मिनटों में बुझाया जा सकता है।

 

*​जनभागीदारी*: कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि अधिकारियों के प्रोत्साहन पर वहाँ मौजूद नागरिकों ने स्वयं आगे बढ़कर मॉक ड्रिल में हिस्सा लिया। लोगों ने अपने हाथों से सिलेंडर की आग को बुझाकर न केवल तकनीक सीखी, बल्कि अपने भीतर के डर पर भी विजय पाई।

 

*​फायर एक्सटिंगुइशर का प्रयोग*: आगजनी की घटना के दौरान ‘फायर एक्सटिंगुइशर’ (अग्निशमन यंत्र) के सही उपयोग का प्रदर्शन किया गया और लोगों को इसे चलाने का अभ्यास कराया गया।

 

*प्रशस्ति पत्र से उत्साहवर्धन*

​अग्निशमन सेवा सप्ताह के दौरान समाज में सुरक्षा जागरूकता फैलाने और अग्निशमन कार्यों में अपना उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मियों व सहयोगियों को अधिकारियों द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की और भविष्य में भी इसी तरह जन-सेवा के लिए तत्पर रहने की प्रेरणा दी।

 

 

*सतर्कता का संदेश*:-

​जिला सेनानी दीपांकुर नाथ, सीएसपी कोतवाली आईपीएस गगन कुमार सहित अधिकारीयों ने लोगो को संबोधित करते हुए कहा कि आगजनी जैसी आपात स्थिति में “*सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है*”। उन्होंने अपील की कि आग लगने की सूचना तत्काल अग्निशमन विभाग को दें और प्राथमिक स्तर पर बचाव के लिए अग्निशमन उपकरणों का ज्ञान अवश्य रखें।​नगर सेना का यह जागरूकता अभियान 20 अप्रैल तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर जारी रहेगा, ताकि आगजनी से होने वाली जन-धन की हानि को कम किया जा सके।

 

कार्यक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति से अभियान को मजबूती दी। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे,​दीपांकुर नाथ, जिला सेनानी (नगर सेना),​मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण),​पंकज पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर),​गगन कुमार, सीएसपी (कोतवाली)

,​राम गोपाल करियारे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक), निमितेश सिंह सीएसपी सिविल लाइन, डीएसपी लाइन मंजुला केरकेट्टा , वेद नारायण सेन इंस्पेक्टर नगरसेना

साथ ही नगर सेना के प्रशिक्षित जवान और बड़ी संख्या में पुलिस बल के अधिकारी उपस्थित रहे।

*नशे का कारोबार एवं सेवन करने वाले आरोपियो को कीय गया गिरफ्तार*

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*नशे का कारोबार एवं सेवन करने वाले आरोपियो को कीय गया गिरफ्तार*

 

➡️ *मुंगेली पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन पर ‘‘ऑपरेशन बाज’’ के तहत मुंगेली पुलिस की प्रभावी कार्यवाही, नशे मे लिप्त व्यक्तियों को भेजा गया जेल*

  

➡️ *मुंगेली पुलिस द्वारा गांजा, ब्राउन शुगर व अन्य नशे का कारोबार एवं सेवन करने वाले आरोपियो के विरूद्ध की गई ताबड़तोड़ कार्यवाही*

 

➡️ *मुंगेली जिला अंतर्गत नशे के सौदागरों पर पुलिस का शिकंजा 18 अनावदेकों के विरूद्ध धारा 170, 126(बी),135(3) बीएनएसएस के तहत कार्यवाही कर भेजा गया जेल*

➡️ *नशे के विरुद्ध मुंगेली पुलिस की सख्त कार्यवाही जारी*

         

  

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली -* वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने एवं असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने हेतु लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है एवं *‘‘ऑपरेशन बाज’’* के तहत सुखा नशा जैसे ब्राउन शुगर,अफीम, गांजा अन्य नशे मे लिप्त एवं युवा पीढ़ी को नशे की ओर ले जाने वाले, ब्रिकी करने वाले व्यक्तियों की सूची तैयार कर कार्यवाही करने हेतू निर्देशित किया गया। इसी क्रम में अति. पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा, उप पुलिस अधीक्षक हरविन्दर सिंह के मार्गदर्शन मे थाना सिटी कोतवाली मुंगेली पुलिस द्वारा प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करते हुए धारा 170, 126(बी), 135(3) बीएनएसएस के तहत कुल 18 अनावेदकों के विरुद्ध कार्यवाही की गई।

मुंगेली पुलिस द्वारा क्षेत्र में अशांति फैलाने एवं नशे की गतिविधियों में संलिप्त होकर आमजन को परेशान करने वाले व्यक्तियों पर बीट प्रणाली के माध्यम से लगातार नजर रखी जा रही थी, दिनांक 19.04.2026 को मुखबीर सूचना पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए नाम अनावेदक 1. अनिल खरसायन पिता जनक राम उम्र 38 वर्ष निवासी केसवपुर तिलक वार्ड मुंगेली 2. सुनील शिवारे पिता स्व. दुर्गा उम्र 36 वर्ष निवासी केसवपुर तिलक वार्ड मुंगेली 3. श्यामू कोसले पिता गणेश उम्र 29 वर्ष निवासी केसवपुर तिलक वार्ड मुंगेली 4. अमोन मसीह पिता संदीप उम्र 20 वर्ष निवासी सुरीघाट मुंगेली 5. रामू कोसले पिता गणेश उम्र 30 वर्ष निवासी केसवपुर तिलक वार्ड मुंगेली 6. करण लहरे पिता स्व. सुजीत लहरे उम्र 25 वर्ष निवासी केसवपुर तिलक वार्ड मुंगेली 7. शिव यादव पिता स्व.ढेरहू राम उम्र 30 वर्ष निवासी विनोबा नगर वार्ड मुंगेली 8. पवन सोनकर पिता भुनेश्वर सोनकर उम्र 21 वर्ष निवासी मनुराज टाकिज के पीछे सोनार पारा मुंगेली 9. जय साहू पिता संजय साहू उम्र 21 वर्ष निवासी मनुराज टाकिज के पीछे सरदार पटेल वार्ड मुंगेली 10. सतीश ठाकुर पिता मूलचंद ठाकुर उम्र 20 वर्ष निवासी रामगोपाल तिवारी वार्ड मुंगेली 11. गुलशन सिंह ठाकुर पिता निर्मल सिंह ठाकुर उम्र 34 वर्ष निवासी रामगोपाल तिवारी वार्ड मुंगेली 12. दिवी पाठक पिता गोपी पाठक उम्र 25 वर्ष निवासी पुलपारा मुंगेली 13. सूर्याश सिंह ठाकुर पिता रवि सिंह ठाकुर उम्र 21 वर्ष निवासी रामगोपाल तिवारी वार्ड मुंगेली 14. अवि पाठक उर्फ लक्की पाठक पिता गोपी पाठक उम्र 23 वर्ष निवासी रामगोपाल तिवारी वार्ड मुंगेली 15. गिरीश ठाकुर पिता मूलचंद ठाकुर उम्र 24 वर्ष निवासी रामगोपाल तिवारी वार्ड मुंगेली 16. विजय सारथी पिता स्व० शिवनारायण सारथी उम्र 27 वर्ष राजेन्द्र वार्ड सारथी मोहल्ला मुंगेली 17. सूरज देवांगन पिता संतू देवांगन उम्र 27 वर्ष निवासी विनोवा भावे वार्ड मुंगेली 18 संजय पाण्डेय पिता श्री रामनिहोरा पाण्डेय उम्र 33 वर्ष निवासी खर्रीपारा मुंगेली को हिरासत मे लेकर इश्तगाशा तैयार करते हुये धारा 170,126(बी),135(3) बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही करते हुये न्यायालय पेश कर कुल 18 अनावेदकों को जेल वारंट पर जेल दाखिल किया गया।

 

*नशे के विरुद्ध अपील*

मुंगेली वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) ने जिले के समस्त नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि नशा समाज के लिए घातक है। इससे न केवल व्यक्ति का स्वास्थ्य प्रभावित होता है बल्कि परिवार एवं समाज में अपराध की प्रवृत्ति भी बढ़ती है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से नशे से दूर रहने, अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की है।

 

*जनसहयोग की अपील*

मुंगेली पुलिस आमजन से अपील करती है कि यदि कहीं भी अवैध नशा, असामाजिक गतिविधि या कानून व्यवस्था से जुड़ी कोई भी सूचना मिले, तो तत्काल पुलिस कोj सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

 

*मुंगेली पुलिस – आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प*

 

उक्त कार्यवाही मे निरी.कार्तिकेश्वर जांगड़े (प्रभारी) थाना सिटी कोतवाली मुंगेली, समस्त स्टॉफ एवं सायबर सेल की महत्वपुर्ण भुमिका रही।

*अक्षय तृतीया पर बाल विवाहों की रोकथाम के लिए कृषक सहयोग संस्थान ने मुंगेली जिला में मनाया सतर्कता दिवस*

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*अक्षय तृतीया पर बाल विवाहों की रोकथाम के लिए कृषक सहयोग संस्थान ने मुंगेली जिला में मनाया सतर्कता दिवस*

 

जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा व बाल विवाहों की रोकथाम के लिए काम कर रहे संगठन कृषक सहयोग संस्थान ने अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाहों की रोकथाम के लिए सतर्कता दिवस मनाया। इसमें बाल विवाह निषेध अधिकारी (सीएमपीओ) व मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने भी सहयोग दिया और जिले में बाल विवाह की रोकथाम का संकल्प दोहराया। कृषक सहयोग संस्थान जिला प्रशासन, पंचायतों, स्कूलों और धर्मगुरुओं के साथ मिलकर जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए स्कूलों, पंचायतों और गांवों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहा है और जिले में हजारों लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई है। संगठन खास तौर से बाल विवाह के लिहाज से संवेदनशील अक्षय तृतीया जैसे मौकों पर प्रशासन व सरकार के सहयोग से इसकी रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाता रहा है। कृषक सहयोग संस्थान देश में बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली :-जिले में अब तक बाल विवाह के खिलाफ अभियान की सफलता पर संतोष जाहिर करते हुए कृषक सहयोग संस्थान के निदेशक डॉ॰ एच॰बी॰ सेन ने कहा कि अक्षय तृतीया के शुभ दिन की आड़ में बाल विवाह जैसे अपराध को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन व नागरिक समाज संगठनों की सतर्कता से अब अक्षय तृतीया के दिन होने वाले बाल विवाहों की संख्या में खासी कमी आई है लेकिन हमें इसे पूरी तरह रोकने की जरूरत है।

 

उन्होंने कहा कि चंद वर्षों पहले तक लोगों को यह भी नहीं पता था कि नाबालिग बच्चों की शादी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 के तहत दंडनीय अपराध है। इसमें किसी भी रूप में शामिल होने या सेवाएं देने पर दो साल की सजा व जुर्माना या दोनों हो सकता है। इसमें बाराती और लड़की के पक्ष के लोगों के अलावा कैटरर, साज-सज्जा करने वाले डेकोरेटर, हलवाई, माली, बैंड बाजा वाले, मैरेज हाल के मालिक और यहां तक कि विवाह संपन्न कराने वाले पंडित और मौलवी को भी अपराध में संलिप्त माना जाएगा और उन्हें सजा व जुर्माना हो सकता है। लेकिन जमीन पर हमारे गहन जागरूकता अभियानों से जागरूकता बढ़ी है और हालात बदले हैं। अब लोग बाल विवाहों की सूचना दे रहे हैं और प्रशासन तुरंत इसकी रोकथाम के लिए कार्रवाई कर रहा है। यह एक उल्लेखनीय बदलाव है और हमें विश्वास है कि हम 2030 से पहले ही मुंगेली जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल कर लेंगे।

 

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन 250 से भी ज्यादा सहयोगियों के साथ बाल विवाह की ऊंची दर वाले देश के 450 से भी ज्यादा जिलों में इस अपराध के खिलाफ अभियान चला रहा है। इस नेटवर्क ने अब तक पांच लाख से ज्यादा बाल विवाह रोके हैं।

*केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू बिलासपुर में अक्षय तृतीया पर कन्यादान महायज्ञ में हुए सम्मिलित एवं जनदर्शन में आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए*

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*केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू बिलासपुर में अक्षय तृतीया पर कन्यादान महायज्ञ में हुए सम्मिलित एवं जनदर्शन में आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए*

 

संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर:-आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने बिलासपुर में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम एवं सामाजिक आयोजन में सहभागिता कर आमजन से संवाद स्थापित किया तथा समाजिक सरोकारों को सुदृढ़ करने पर बल दिया।

 

इस क्रम में श्री साहू ने बिलासपुर स्थित अपने निज कार्यालय में आमजन से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना एवं उनके त्वरित एवं प्रभावी निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

 

इसके पश्चात श्री साहू ने मध्यनगरी चौक स्थित अग्रसेन भवन में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर शोभा टाह फाउंडेशन द्वारा आयोजित कन्यादान महायज्ञ कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने नवविवाहित दंपत्तियों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके सुखमय, समृद्ध एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना की।

 

श्री साहू ने कहा कि ऐसे पुनीत आयोजन समाज में सेवा, सहयोग एवं सादगीपूर्ण संस्कारों को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से ऐसे आयोजनों में सहभागिता कर सामाजिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

*करीब 150 मीटर लम्बे सुरंग में अवैध कोयला खनन पर सख्ती, सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वाड की बड़ी कार्रवाई*

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*करीब 150 मीटर लम्बे सुरंग में अवैध कोयला खनन पर सख्ती, सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वाड की बड़ी कार्रवाई*

*देवखोल और भालूमाड़ा में खनन क्षेत्र चिन्हित, ब्लास्टिंग कर बंद करने के निर्देश*

*अवैध खनन, परिवहन, भण्डारण में लगे लोगों में मचा हड़कंप*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक*रायपुर/*

कोरिया जिला में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए लगातार दूसरे दिन व्यापक कार्रवाई की। रायपुर से पहुंची सेंट्रल प्लाइंग स्क्वॉड की टीम ने रविवार को देवखोल और भालूमाड़ा क्षेत्रों का निरीक्षण कर अवैध खनन स्थलों का चिन्हांकन किया और उन्हें ब्लास्टिंग कर स्थायी रूप से बंद करने के निर्देश दिए।

 

इस दौरान जिला स्तर पर गठित टास्क फोर्स, जिसमें खनिज, वन, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल थे, ने संयुक्त रूप से पूरे क्षेत्र का जायजा लिया। टीम ने बताया कि निरीक्षण के समय मौके पर कोई कोयला या खनन सामग्री नहीं मिली, लेकिन पूर्व में यहां बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। इस कार्रवाई से एक दिन पहले, शनिवार को संयुक्त टीम ने पटना तहसील अंतर्गत देवखोल जंगल में सघन अभियान चलाया था। इस दौरान अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 6 टन से अधिक कोयला जब्त किया गया। साथ ही कई अवैध सुरंगों को ध्वस्त किया गया, जिनका उपयोग लंबे समय से कोयला निकालने के लिए किया जा रहा था।

अभियान के दौरान टीम ने करीब 150 लंबी सुरंगों के भीतर प्रवेश कर न केवल कोयला बरामद किया था, बल्कि खनन में उपयोग होने वाले उपकरण जैसे फावड़ा, गेती, विद्युत पंप, फुटबॉल पाइप और बड़ी मात्रा में बिजली के तार भी जब्त किए थे।

 

रविवार को की गई कार्रवाई में कोरिया के अलावा सूरजपुर, मनेंद्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर और गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिलों के खनिज अधिकारी, स्थानीय पुलिस, वन एवं राजस्व विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे।

 

अधिकारियों ने बताया कि वन एवं खनिज विभाग के साथ-साथ एसईसीएल के समन्वय से इन क्षेत्रों की निगरानी और सख्त की जाएगी।

 

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध कोयला खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए चिन्हित स्थानों को ब्लास्टिंग कर बंद किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों की पुनरावृत्ति न हो सके। साथ ही क्षेत्र में लगातार निगरानी और संयुक्त अभियान जारी रखने की भी बात कही गई है।

इस सख्त कार्रवाई से अवैध खनन में लगे लोगों में हड़कंप मच गया है, वहीं प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस तरह के अभियानों को और तेज किया जाएगा।

*Bastar to Get a Global Gateway, Sea Access Journey to Be Completed in Just 4 Hours*

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*Bastar to Get a Global Gateway, Sea Access Journey to Be Completed in Just 4 Hours*

*Raipur-Visakhapatnam Corridor to Give Bastar Direct Global Connectivity*

*Direct Route from Bastar to Port: Economic Corridor Set to Redefine Regional Growth*

 Ashish Kashyap Editor in chief Raipur, / The Raipur–Visakhapatnam Economic Corridor (NH-130 CD) is set to become a transformational project for Bastar’s future growth. Being developed under the Bharatmala Project, this six-lane greenfield corridor will not only reduce travel distances but also provide Bastar’s local products with direct access to international ports, removing the long-standing limitations of a landlocked region.

 

*Relief from Difficult Ghats, Major Time Savings*

 

At present, travel from Jagdalpur to Visakhapatnam passes through the difficult hill stretches of Koraput and Jeypore in Odisha, taking nearly 7 to 9 hours. For heavy vehicles, the route is tiring and expensive due to higher fuel use and maintenance costs. The new corridor will reduce this travel time to just 3.5 to 4 hours. With a direct and hassle-free route, transport operations will become faster and significantly cheaper.

 

*Nabarangpur Interchange to Become Bastar’s Entry Gateway*

 

The Raipur–Visakhapatnam Economic Corridor (NH-130 CD) passes through the districts of Raipur, Dhamtari, Kanker and Kondagaon in Chhattisgarh. For connecting Jagdalpur headquarters to the corridor, the Daspur Interchange at Nabarangpur, Odisha, will play a key role. Traffic from Jagdalpur will need to cover only 50–60 km to join the corridor through this interchange, linking Bastar directly with Visakhapatnam Port and international trade routes.

 

*Bastariya Brand Products to Reach Global Markets*

 

The corridor’s biggest impact will be on Bastar’s local economy. Products such as Arabica coffee, organic tamarind, mahua products and the famous Dhokra craft will now be able to reach Visakhapatnam Port more efficiently. Lower logistics costs will make these products more competitive in global markets, helping farmers, forest gatherers and artisans secure better value for their produce.

 

*Social and Economic Upliftment*

 

Aspirational districts such as Bastar, Kanker, and Kondagaon will directly benefit from the project. Improved road connectivity will help deliver education, healthcare and essential services more effectively to remote areas. Agricultural produce and steel from Bastar will be directly connected to industrial centres such as Raipur, Durg-Bhilai, and Visakhapatnam. This is expected to generate thousands of jobs for local youth in technical services, logistics, management, real estate and the service sector.

 

*Industrial and Mineral Growth*

 

The Bastar region is rich in iron ore and other minerals. The corridor will enable faster movement of minerals to Visakhapatnam Port, giving a major boost to exports and trade. New industrial clusters are also expected to emerge along the route, encouraging local manufacturing and value addition.

 

*Tourism and Cultural Identity to Expand*

 

With better connectivity, international tourist arrivals are expected to rise. Access to globally known attractions such as Bastar Dussehra, Danteshwari Temple, Dholkal Ganesh, Kutumsar Cave, Chitrakote Falls and Tirathgarh Falls will become easier. This will increase tourism revenue while giving Bastar’s tribal heritage and folk arts wider global recognition.

 

*Engineering Excellence with Environmental Balance*

 

At Majhingarh Hill near Basanwahi in Kanker district (Keshkal region), Chhattisgarh’s first 2.79-km twin-tube tunnel is being constructed. The tunnel passes through the ecologically sensitive zone of the Udanti-Sitanadi Tiger Reserve and has been designed to facilitate smooth wildlife movement. Monkey canopies, animal underpasses, and overpasses are also being created across the highway to maintain a balance between development and nature.

 

*Raipur–Visakhapatnam Economic Corridor: A Landmark Project*

 

The Raipur–Visakhapatnam Economic Corridor (NH-130 CD) is an ambitious infrastructure project poised to reshape the economic landscape of the Bastar division and the whole of Chhattisgarh. Being built at an estimated cost of Rs. 16,491 crore, the 464-km greenfield access-controlled corridor will not only reduce travel time but also serve as a bridge connecting tribal regions like Bastar with the mainstream economy. The project is expected to place Bastar firmly on the global trade map.

 

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai stated that the Raipur–Visakhapatnam Economic Corridor is set to open a new gateway to development for Bastar and the entire state of Chhattisgarh. With support from the Central Government, we are rapidly expanding modern, robust infrastructure across the state. This will reduce travel time and give local products direct access to global markets. Our government’s goal is inclusive, balanced growth by connecting regions like Bastar to the mainstream economy. This project is a strong step towards an Atmanirbhar Chhattisgarh.

 

Deputy Chief Minister and PWD Minister Shri Arun Sao stated that the Raipur–Visakhapatnam Economic Corridor will bring new momentum to connectivity and industrial growth in the state. A world-class road network is being developed to make travel and freight movement smoother, safer and faster. By connecting Bastar directly to a seaport, the corridor will create new trade and employment opportunities. Our priority is to ensure better roads and infrastructure for every region.

*बस्तर के लिए खुलेगा वैश्विक द्वार, 4 घंटे में पूरा होगा समंदर तक का सफर*

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*बस्तर के लिए खुलेगा वैश्विक द्वार, 4 घंटे में पूरा होगा समंदर तक का सफर*

*रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से बस्तर को मिलेगा वैश्विक कनेक्शन*

*बस्तर से बंदरगाह तक सीधी राह, इकोनॉमिक कॉरिडोर से विकास को मिलेगी नई दिशा*

 

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर.. बस्तर की प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) एक क्रांतिकारी कदम साबित होने जा रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा यह 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर न केवल दूरियों को कम करेगा, बल्कि बस्तर के स्थानीय उत्पादों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों तक पहुँच प्रदान कर लैंड-लॉक्ड क्षेत्र की बाधाओं को समाप्त करेगा।

 

*दुर्गम घाटों से मुक्ति और समय की बड़ी बचत*

 

वर्तमान में जगदलपुर से विशाखापट्टनम की यात्रा ओडिशा के कोरापुट और जयपुर के कठिन घाटों से होकर गुजरती है, जिसमें 7 से 9 घंटे का समय लगता है। भारी वाहनों के लिए यह मार्ग न केवल थकाऊ है, बल्कि डीजल की खपत और मेंटेनेंस के लिहाज से भी खर्चीला है। नया कॉरिडोर इस यात्रा को मात्र 3.5 से 4 घंटे में समेट देगा। सीधा और घाट-मुक्त रास्ता होने के कारण वाहनों का परिचालन खर्च काफी कम हो जाएगा, जिससे परिवहन क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी।

 

*नबरंगपुर इंटरचेंज: बस्तर का प्रवेश द्वार*

 

रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) छत्तीसगढ़ के रायपुर, धमतरी, कांकेर और कोंडागांव जिलों से गुजर रहा है। जगदलपुर मुख्यालय को इस कॉरिडोर से जोड़ने के लिए ओडिशा के नबरंगपुर का दासपुर इंटरचेंज महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। जगदलपुर का ट्रैफिक मात्र 50-60 किमी का सफर तय कर नबरंगपुर इंटरचेंज के माध्यम से रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर में शामिल हो सकेगा, जिससे बस्तर सीधे विशाखापट्टनम पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक नेटवर्क से जुड़ जाएगा।

 

*बस्तरिया ब्रांड का अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश*

 

इस कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव बस्तर की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। अब बस्तर की अरेबिका कॉफी, जैविक इमली, महुआ उत्पाद और प्रसिद्ध ढोकरा शिल्प को विशाखापट्टनम पोर्ट तक पहुँचाना सुगम होगा। कम लॉजिस्टिक लागत के कारण ये उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध होंगे, जिससे स्थानीय किसानों, संग्रहकर्ताओं और शिल्पकारों को उनकी उपज का बेहतर अंतरराष्ट्रीय मूल्य मिल सकेगा।

 

*सामाजिक और आर्थिक उत्थान*

 

बस्तर, कांकेर और कोंडागांव जैसे आकांक्षी जिलों को इस परियोजना से सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं इन सुदूर क्षेत्रों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी। इस राजमार्ग के माध्यम से बस्तर का कृषि उत्पाद और इस्पात सीधे रायपुर, दुर्ग-भिलाई और विशाखापट्टनम जैसे औद्योगिक केंद्रों से जुड़ जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी, प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और सर्विस सेक्टर में हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर बस्तर में औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाने के लिए तैयार है।

 

*औद्योगिक और खनिज विकास*

 

बस्तर क्षेत्र लौह अयस्क और अन्य खनिजों से समृद्ध है। यह कॉरिडोर इन खनिजों को विशाखापत्तनम पोर्ट तक तेजी से पहुंचाने में मदद करेगा, जिससे निर्यात और व्यापार में भारी उछाल आएगा। कॉरिडोर के किनारे नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

 

*पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान का विस्तार*

 

कनेक्टिविटी में सुधार होने से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा, दंतेश्वरी मंदिर, ढोलकल गणेश, कुतुमसर गुफा और चित्रकोट-तीरथगढ़ जैसे जलप्रपातों तक पहुंच आसान होगी। इससे न केवल पर्यटन राजस्व बढ़ेगा, बल्कि आदिम संस्कृति और लोक कलाओं को भी वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलेगी।

 

*पर्यावरण और इंजीनियरिंग का तालमेल*

 

कांकेर जिले के बासनवाही के मंझिनगढ़ पहाड़ी (केशकाल) को चीरकर 2.79 किमी लंबी छत्तीसगढ़ की पहली ट्विन-ट्यूब टनल बनाई जा रही है। यह टनल उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के इको-सेंसिटिव जोन से गुजरती है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि वन्यजीवों का आवागमन बाधित न हो। साथ ही पूरे राजमार्ग में मंकी कैनोपी, एनिमल अंडरपास और ओवरपास बनाए जा रहे हैं ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।

 

*रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर*

 

रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH 130CD) बस्तर संभाग और पूरे छत्तीसगढ़ के आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाली एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। लगभग 16,491 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह 464 किमी लंबा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर न केवल दूरी कम करेगा, बल्कि बस्तर जैसे जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने में सेतु का काम करेगा। यह कॉरिडोर बस्तर को विश्व व्यापार की मुख्यधारा से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह परियोजना सही मायने में बस्तर की आत्मनिर्भरता और वैश्विक पहचान का आधार बनेगी।

 

*”रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विकास का नया द्वार खोलने जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से हम राज्य में आधुनिक और मजबूत अधोसंरचना का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। इससे न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर जैसे क्षेत्रों को मुख्य धारा की अर्थव्यवस्था से जोड़कर समावेशी और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाए। यह परियोजना आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है।” – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

 

*”रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश में कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को नई गति देगा। विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क तैयार कर नागरिकों और माल परिवहन को सुगम, सुरक्षित और तेज बनाया जा रहा है। इस कॉरिडोर से बस्तर सीधे बंदरगाह से जुड़कर व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। हमारी प्राथमिकता है कि हर क्षेत्र तक बेहतर सड़क और बुनियादी सुविधाएं पहुंचें, जिससे प्रदेश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।” – उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव*

*श्रम विभाग की योजनाओं से हजारों परिवारों को संबल*

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*श्रम विभाग की योजनाओं से हजारों परिवारों को संबल*

*“योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से श्रमिकों के जीवन स्तर में आया व्यापक सुधार”*

 

संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर, / श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिला है। जिले ने राज्य स्तर पर कई श्रेणियों में अग्रणी स्थान भी हासिल किया है।

 

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के माध्यम से 215 शिविरों के जरिए कुल 42 हजार 316 श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जबकि 16 हजार 861 पंजीकृत श्रमिकों का नवीनीकरण भी कराया गया। महिला श्रमिकों के लिए संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 5 हजार 296 महिलाओं को 20-20 हजार रुपये की राशि प्रसव सहायता के रूप में लगभग 10 करोड़ 59 लाख 20 हजार रुपये वितरित किए गए, जिससे जिले को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। वहीं, श्रमिकों के बच्चों के लिए संचालित मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति सहायता योजना के अंतर्गत 33 हजार 121 बच्चों को 6 करोड़ 43 लाख 62 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे जिले ने राज्य में पांचवां स्थान हासिल किया। इसके अतिरिक्त गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना के तहत 14 हजार 757 विद्यार्थियों को लगभग 1 करोड़ 99 लाख 21 हजार रुपये वितरित किए गए।

 

मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी सहायता योजना के तहत 283 मेधावी विद्यार्थियों को 15 लाख 48 हजार रुपये प्रदान किए गए। निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के अंतर्गत 669 निर्माण श्रमिकों एवं उनकी संतानों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु कोचिंग सुविधा दी गई, जिससे जिले को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत चयनित बच्चों को निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। श्रमिकों के बच्चों के लिए उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जिला, संभाग, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर 1 हजार से 50 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। योजना के तहत 28 बच्चों को कुल 11.30 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई, जिससे बिलासपुर जिले ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के सामान्य मृत्यु होने पर उनके उत्तराधिकारियों को 1 लाख रुपये, कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये तथा दिव्यांगता की स्थिति में 2.5 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत जिले में 370 मृतक श्रमिकों के परिजनों को कुल 3 करोड़ 74 लाख रुपये की राशि वितरित की गई, जिससे बिलासपुर को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। इसी प्रकार मुख्यमंत्री नौनिहाल सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों की 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग की अविवाहित पुत्रियों, जिन्होंने न्यूनतम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की है, को 20 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत जिले में 2 हजार 814 पुत्रियों को कुल 5 करोड़ 62 लाख 80 हजार रुपये वितरित किए गए, जिससे बिलासपुर जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा।

 

मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 59 से 60 वर्ष आयु वर्ग के श्रमिकों को 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। जिले में 413 श्रमिकों को कुल 82 लाख 60 हजार रुपये वितरित किए गए, जिससे प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 3 वर्ष पूर्व पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों को ई-रिक्शा क्रय हेतु अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना में जिले के 17 श्रमिकों को कुल 14 लाख 32 हजार रुपये प्रदान किए गए, जिससे बिलासपुर को प्रदेश में छठा स्थान प्राप्त हुआ। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गर्म एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में इस योजना के अंतर्गत बृहस्पति बाजार, तिफरा फल-सब्जी मंडी, शनिचरी बाजार एवं एनटीपीसी क्षेत्र में कुल चार केंद्र संचालित हैं। वित्तीय वर्ष में 4 लाख 20 हजार 826 लोगों को लाभान्वित किया गया, जिससे बिलासपुर प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा।

 

मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के अंतर्गत महिला एवं पुरुष श्रमिकों को क्रमशः 3706 रुपये एवं 3697 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। जिले में 1248 श्रमिकों को कुल 46 लाख 23 हजार 9 रुपये वितरित किए गए।मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 66 महिला श्रमिकों को 5 लाख 21 हजार 400 रुपये की सहायता प्रदान की गई, जिससे जिले को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 3443 श्रमिकों को कुल 1 करोड़ 20 लाख 9 हजार 98 रुपये प्रदान किए गए, जबकि मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत 2634 श्रमिकों को कुल 39 लाख 51 हजार रुपये की सहायता राशि वितरित की गई। इन सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से बिलासपुर जिले ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में अपनी मजबूत और प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई है।

*नेपाल प्राकृतिक अध्ययन हेतु बिलासपुर से स्काउट्स-गाइड्स रवाना*

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*नेपाल प्राकृतिक अध्ययन हेतु बिलासपुर से स्काउट्स-गाइड्स रवाना*

 

संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर, /भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, बिलासपुर के स्काउटर एवं गाइडर नेपाल में आयोजित प्राकृतिक अध्ययन (जिला हाइक) के लिए उत्साहपूर्वक रवाना हुए। यह दल बिलासपुर के नेहरू चौक से बस द्वारा प्रस्थान किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार टांडे एवं जिला मुख्य आयुक्त श्री चंद्रप्रकाश बाजपेयी के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। उन्होंने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए इस यात्रा को ज्ञानवर्धक और अनुशासनपूर्ण बनाने की प्रेरणा दी। इस हाइक में कुल 40 दल भाग ले रहे हैं, जो विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रतिभागियों को इस दौरान देश की विविध सांस्कृतिक विरासत को समझने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा। यह यात्रा साहसिक गतिविधियों के साथ-साथ प्रकृति के निकट रहकर सीखने, आत्मनिर्भरता विकसित करने और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। स्काउट्स एवं गाइड्स का यह प्रयास युवाओं में अनुशासन, सहयोग और सामाजिक समरसता की भावना को प्रोत्साहित करेगा।