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*उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह में होंगे शामिल* 

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*उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह में होंगे शामिल* 

 

संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर.. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 11 मई को लोरमी में मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे 11 मई को सवेरे साढ़े सात बजे नवा रायपुर से सड़क मार्ग से लोरमी के लिए रवाना होंगे। वे सवेरे दस बजे लोरमी के कबीर भवन में आयोजित मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह में शामिल होंगे।

 

उप मुख्यमंत्री श्री साव दोपहर साढ़े 12 बजे लोरमी से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। वे दोपहर तीन बजे वापस नवा रायपुर पहुंचेंगे।

*आदिवासी विकास विभाग के आश्रम एवं छात्रावासों में प्रवेश प्रारंभ*

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*आदिवासी विकास विभाग के आश्रम एवं छात्रावासों में प्रवेश प्रारंभ*

 

सत्र 2026-27 हेतु 15 जून तक किए जा सकेंगे आवेदन

 

संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर, / कार्यालय कलेक्टर (आदिवासी विकास) बिलासपुर अंतर्गत संचालित आश्रम, प्री-मैट्रिक बालक एवं कन्या आवासीय छात्रावासों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। प्रवेश हेतु इच्छुक विद्यार्थी 15 जून 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

 

आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित इन छात्रावासों में विद्यार्थियों को आवास, शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। छात्रावासों में स्वच्छ एवं सुरक्षित भवन, नियमित बिजली-पानी व्यवस्था, बिस्तर, गद्दा, चादर, कंबल एवं तकिया जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इसके साथ ही हवादार एवं प्रकाशयुक्त अध्ययन कक्ष, भोजन कक्ष की व्यवस्था भी उपलब्ध है।विद्यार्थियों को सालभर नि:शुल्क पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें सुबह नाश्ता, दोपहर भोजन तथा रात्रि भोजन शामिल है। भोजन में फल, सलाद, दाल, सब्जी, आचार एवं पापड़ जैसी सामग्री भी दी जाती है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नियमित अध्ययन, खेलकूद एवं योग जैसी गतिविधियों का संचालन भी किया जाता है। छात्रावासों में दैनिक उपयोग की सामग्री जैसे जूता-मोजा, लोअर, टी-शर्ट एवं बैग आदि भी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जाते हैं। प्रवेश संबंधी जानकारी के लिए संबंधित छात्रावास, स्कूल, विकासखंड शिक्षा कार्यालय अथवा जिला कार्यालय आदिवासी विकास विभाग से संपर्क किया जा सकता है।

सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास बिलासपुर ने जिले के पात्र विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से समय सीमा के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ लेने की अपील की है।

*ग्रामीण महिलाओं को मिली आत्मनिर्भरता की नई रोशनी”*

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*ग्रामीण महिलाओं को मिली आत्मनिर्भरता की नई रोशनी”*

 

*इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण प्राप्त कर बनेंगी आत्मनिर्भर*

 

संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर,/आरसेटी बिलासपुर में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक नई पहल की गई है। अब ग्रामीण महिलाएं केवल सिलाई, बुनाई या पारंपरिक रोजगार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे उन क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही हैं जिन्हें वर्षों से पुरुष प्रधान माना जाता रहा है। इसी बदलाव की मिसाल पेश कर रही हैं बिहान से जुड़ी महिलाएं, जो अब इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रही हैं।

कोनी स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में इस वर्ष पहली बार महिलाओं के लिए इलेक्ट्रिशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आई 20 से अधिक महिलाओं ने भागीदारी की। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी कौशल प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना था। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली रतनपुर की बिहान दीदी आबिदा बताती हैं कि शुरुआत में उन्हें लगा था कि बिजली का कार्य केवल पुरुष ही कर सकते हैं, लेकिन प्रशिक्षण के दौरान उनकी यह सोच पूरी तरह बदल गई। कुशल प्रशिक्षकों ने उन्हें वायरिंग, स्विच बोर्ड सुधार, घरेलू विद्युत उपकरणों की मरम्मत, सुरक्षा उपाय और तकनीकी जानकारी सरल तरीके से सिखाई। आबिदा कहती हैं कि अब वे आत्मविश्वास के साथ घर के बिजली संबंधी कार्य स्वयं कर लेती हैं और भविष्य में इसी कौशल के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने की योजना बना रही हैं। वे बताती हैं कि पहले छोटी-छोटी बिजली खराबियों के सुधार के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वे न केवल अपने घर की समस्याएं हल कर पाएंगी बल्कि आसपास के लोगों की मदद भी कर सकती हैं । आबिदा का मानना है कि यह प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह खोल रहा है।

इसी तरह मस्तूरी के डोमगांव की तिगमती डहरिया ने बताया कि उन्हें पहले से ही बिजली के कार्यों में रुचि थी और वे एक निजी कंपनी में इलेक्ट्रिशियन के रूप में कार्य कर रही थीं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उनके तकनीकी ज्ञान और आत्मविश्वास में और अधिक वृद्धि हुई है। तिगमती डहरिया बताती हैं कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें आधुनिक तकनीकों और सुरक्षा मानकों की बेहतर समझ दी है। जब उनसे जोखिम भरे कार्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने आत्मविश्वास से कहा कि “यदि सावधानी, सही तकनीक और सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए तो यह कार्य महिलाओं के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित है।” विमला का कहना है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, आवश्यकता केवल अवसर और सही प्रशिक्षण की होती है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं ने सरकार द्वारा संचालित महिला सशक्तिकरण योजनाओं की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। महिलाओं ने बताया कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान उनके रहने और भोजन की बेहतर व्यवस्था की गई थी। साथ ही अनुभवी एवं कुशल प्रशिक्षकों द्वारा व्यवहारिक प्रशिक्षण देकर उन्हें कार्य के हर पहलू की जानकारी दी गई। महिलाओं ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें केवल तकनीकी जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि आत्मविश्वास, कार्य अनुशासन और स्वरोजगार के अवसरों के बारे में भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इससे उनमें आत्मनिर्भर बनने की नई ऊर्जा और विश्वास पैदा हुआ है।

उल्लेखनीय है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वरा एसबीआई के सहयोग से ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। हर वर्ष सिलाई, ब्यूटी पार्लर, कम्प्यूटर, अगरबत्ती निर्माण जैसे पारंपरिक कोर्स चलाए जाते रहे हैं, लेकिन इस वर्ष पहली बार महिलाओं के लिए इलेक्ट्रिशियन प्रशिक्षण शुरू किया गया, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में नई सोच और सकारात्मक बदलाव की शुरुआत की है। यह पहल केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर समाज में उनकी भागीदारी और सम्मान बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

*कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र, कहा- लक्ष्य पर फोकस और अनुशासन से मिलती है कामयाबी*

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*कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र, कहा- लक्ष्य पर फोकस और अनुशासन से मिलती है कामयाबी*

 

*जिले के मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, कैरियर मार्गदर्शन कार्यशाला का हुआ आयोजन*

 

*“लक्ष्य तय करें और पूरी मेहनत से जुट जाएं” — कलेक्टर*

 

*दसवीं एवं बारहवीं बोर्ड परीक्षा में मेरिट होल्डर्स सहित 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का हुआ सम्मान*

 

 

मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा/ आकांक्षा आवासीय विद्यालय जांजगीर में ‘विद्यार्थी प्रोत्साहन एवं कैरियर मार्गदर्शन कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करना तथा उन्हें भविष्य के लिए सही दिशा प्रदान करना था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने कहा कि केवल सम्मान करना ही हमारा उद्देश्य नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को उनके भविष्य के लक्ष्यों के प्रति प्रेरित करना हमारा ध्येय है। उन्होंने कहा कि “लक्ष्य पर फोकस और अनुशासन ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।” विद्यार्थियों को अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुसार करियर का चयन करें। कलेक्टर ने यह भी आश्वस्त किया कि जिले के किसी भी बच्चे को पढ़ाई में यदि किसी प्रकार की बाधा आती है, तो जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।

जिला पंचायत सीईओ श्री गोकुल रावटे ने विद्यार्थियों से कहा कि चुनौतियों को स्वीकार कर निरंतर प्रयास करते रहने से ही सफलता प्राप्त होती है। एसडीएम जांजगीर एवं आकांक्षा कार्यक्रम के नोडल अधिकारी श्री सुब्रत प्रधान ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित आकांक्षा निःशुल्क आवासीय कोचिंग की विस्तृत जानकारी दी, अधिक से अधिक विद्यार्थी इसका लाभ उठाने की अपील की। इस अवसर पर विशेष प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन भी किया गया, जिसमें कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम तथा आईआईटी खड़गपुर के छात्र युगल साहू ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं एवं करियर संबंधी शंकाओं का समाधान किया।

इसके उपरांत माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। हाई स्कूल मेरिट सूची में नैतिक गौतम एवं लोकेश राठौर तथा हायर सेकेंडरी मेरिट सूची में कु. खुशबू देवांगन सहित 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले जिले के 163 मेधावी छात्र-छात्राओं को कलेक्टर एवं अधिकारियों ने सम्मानित किया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री ए.के. सिन्हा, श्री मनोज पांडेय एवं एबीईओ श्रीमती पुष्पा कोरी सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे ।कार्यक्रम का संचालन श्री दीपक कुमार यादव ने किया। इस अवसर पर अभिभावक, प्राचार्यगण एवं शिक्षकगण भी उपस्थित रहे।

*कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र, कहा- लक्ष्य पर फोकस और अनुशासन से मिलती है कामयाबी*

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*कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र, कहा- लक्ष्य पर फोकस और अनुशासन से मिलती है कामयाबी*

 

*जिले के मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, कैरियर मार्गदर्शन कार्यशाला का हुआ आयोजन*

 

*“लक्ष्य तय करें और पूरी मेहनत से जुट जाएं” — कलेक्टर*

 

*दसवीं एवं बारहवीं बोर्ड परीक्षा में मेरिट होल्डर्स सहित 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का हुआ सम्मान*

    मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा,/ आकांक्षा आवासीय विद्यालय जांजगीर में ‘विद्यार्थी प्रोत्साहन एवं कैरियर मार्गदर्शन कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करना तथा उन्हें भविष्य के लिए सही दिशा प्रदान करना था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने कहा कि केवल सम्मान करना ही हमारा उद्देश्य नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को उनके भविष्य के लक्ष्यों के प्रति प्रेरित करना हमारा ध्येय है। उन्होंने कहा कि “लक्ष्य पर फोकस और अनुशासन ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।” विद्यार्थियों को अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुसार करियर का चयन करें। कलेक्टर ने यह भी आश्वस्त किया कि जिले के किसी भी बच्चे को पढ़ाई में यदि किसी प्रकार की बाधा आती है, तो जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।

जिला पंचायत सीईओ श्री गोकुल रावटे ने विद्यार्थियों से कहा कि चुनौतियों को स्वीकार कर निरंतर प्रयास करते रहने से ही सफलता प्राप्त होती है। एसडीएम जांजगीर एवं आकांक्षा कार्यक्रम के नोडल अधिकारी श्री सुब्रत प्रधान ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित आकांक्षा निःशुल्क आवासीय कोचिंग की विस्तृत जानकारी दी, अधिक से अधिक विद्यार्थी इसका लाभ उठाने की अपील की। इस अवसर पर विशेष प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन भी किया गया, जिसमें कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम तथा आईआईटी खड़गपुर के छात्र युगल साहू ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं एवं करियर संबंधी शंकाओं का समाधान किया।

इसके उपरांत माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। हाई स्कूल मेरिट सूची में नैतिक गौतम एवं लोकेश राठौर तथा हायर सेकेंडरी मेरिट सूची में कु. खुशबू देवांगन सहित 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले जिले के 163 मेधावी छात्र-छात्राओं को कलेक्टर एवं अधिकारियों ने सम्मानित किया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री ए.के. सिन्हा, श्री मनोज पांडेय एवं एबीईओ श्रीमती पुष्पा कोरी सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे ।कार्यक्रम का संचालन श्री दीपक कुमार यादव ने किया। इस अवसर पर अभिभावक, प्राचार्यगण एवं शिक्षकगण भी उपस्थित रहे।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से मेधावी विद्यार्थियों ने लिया आईपीएल मैच का रोमांच*

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से मेधावी विद्यार्थियों ने लिया आईपीएल मैच का रोमांच*

 

*प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों को मिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में लाइव मैच देखने का अवसर*

 

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर,/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उनके सपनों को नई ऊर्जा देने की दिशा में लगातार नवाचारपूर्ण पहल कर रही है। इसी क्रम में आज राजधानी रायपुर में आयोजित इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैच का रोमांच प्रदेश के उन मेधावी विद्यार्थियों ने भी महसूस किया, जिन्होंने दसवीं और बारहवीं की प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।

 

राज्य शासन की विशेष पहल पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 18 प्रतिभावान विद्यार्थी नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पहुंचे, जहां उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के बीच खेले जा रहे हाई-वोल्टेज मुकाबले का आनंद लिया।मेधावी विद्यार्थियों के लिए यह अवसर केवल एक क्रिकेट मैच देखने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन का सम्मान और उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देने का प्रेरक प्रयास भी था।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ऐसे अवसर प्रदान किए जाने चाहिए, जिससे वे अपने सपनों को और बड़े स्तर पर देखने के लिए प्रेरित हों। राज्य सरकार शिक्षा, खेल और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए लगातार संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

 

नवा रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की भव्यता और आईपीएल मैच के रोमांचक माहौल ने विद्यार्थियों को बेहद उत्साहित कर दिया। अधिकांश विद्यार्थियों के लिए यह पहला अवसर था, जब वे किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में लाइव मैच देखने पहुंचे थे। स्टेडियम की आकर्षक रोशनी, हजारों दर्शकों का उत्साह, खिलाड़ियों की ऊर्जा और पूरे आयोजन का जीवंत वातावरण बच्चों के लिए किसी सपने से कम नहीं था। कई विद्यार्थी पहली बार इतने बड़े खेल आयोजन का हिस्सा बनकर अभिभूत नजर आए।

 

हायर सेकेंडरी परीक्षा की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सरस्वती शिशु मंदिर, पलारी के छात्र जिज्ञासु वर्मा ने कहा कि उन्हें बचपन से क्रिकेट का विशेष शौक रहा है। अब तक वे टीवी पर ही आईपीएल मैच देखा करते थे, लेकिन आज पहली बार इतने विशाल स्टेडियम में लाइव मैच देखने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे रोमांचक और अविस्मरणीय क्षण है। जिज्ञासु ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल ने उनके उत्साह और आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी है।

 

इसी प्रकार कांकेर जिले के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, नरहरपुर के छात्र एवं बारहवीं की प्रावीण्य सूची में दसवां स्थान प्राप्त करने वाले यश ख्रोबागढ़े ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सामने खेलते देखने की उनकी लंबे समय से इच्छा थी, जो आज पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि स्टेडियम का माहौल, दर्शकों का जोश और खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहद अद्भुत अनुभव रहा। यश ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय की यह पहल विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने वाली और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाली है।

 

विद्यार्थियों ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस तरह का सम्मान और प्रोत्साहन मिलने से उनमें आगे और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि उनके सपनों को पहचान देने और उन्हें नई दिशा देने का प्रयास है। कई विद्यार्थियों ने इसे अपने जीवन का ऐसा अनुभव बताया, जिसे वे हमेशा याद रखेंगे।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का स्पष्ट मानना है कि प्रतिभा को अवसर और सम्मान मिलना आवश्यक है। उन्होंने कई अवसरों पर कहा है कि प्रदेश के युवा ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सबसे मजबूत आधार हैं। राज्य सरकार शिक्षा, खेल, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेश के बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

 

राज्य सरकार द्वारा खेल और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक पहल की जा रही है। डिजिटल शिक्षा, खेल अधोसंरचना विकास और प्रतिभावान विद्यार्थियों के प्रोत्साहन जैसे अनेक कदमों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आईपीएल मैच का यह अनुभव भी उसी दिशा में एक प्रेरक पहल के रूप में देखा जा रहा है।आईपीएल मैच देखने पहुंचे विद्यार्थियों के चेहरे पर उत्साह, खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था। क्रिकेट के प्रति उनके जुनून और पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन को एक साथ सम्मानित करने की यह पहल निश्चित रूप से उन्हें भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगी।

 

विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनुभव उनके जीवन की सबसे खूबसूरत यादों में शामिल रहेगा।

*देश की प्रगति और राष्ट्रीय एकता में क्षत्रिय कुर्मी समाज का योगदान अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

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*देश की प्रगति और राष्ट्रीय एकता में क्षत्रिय कुर्मी समाज का योगदान अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

 

*अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय*

 

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज कबीरधाम जिले के डोंगरिया में आयोजित अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज की एकता, संगठन, सामाजिक चेतना तथा देश और प्रदेश के विकास में कुर्मी समाज के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि एक संगठित और सशक्त समाज ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला होता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों को सिंचाई, सड़क और धार्मिक पर्यटन से जुड़े महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगात भी दी। इससे पूर्व उन्होंने जलेश्वर महादेव धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया तथा प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुर्मी समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी महान विभूतियों ने देश की एकता, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कुर्मी समाज मेहनतकश, प्रगतिशील और जागरूक समाज है, जिसने खेती-किसानी से लेकर शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक नेतृत्व तक हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के नए दौर से गुजर रहा है। अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण करोड़ों देशवासियों की आस्था का प्रतीक बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रामलला दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन करा रही है तथा अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में “मोदी की गारंटी” को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है, जिससे प्रदेश की लाखों मातृशक्ति के खातों में 27-27 हजार रुपये की राशि पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 हजार 500 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। रेलवे अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की पांच प्रमुख शक्ति पीठों को विकसित कर धार्मिक और सांस्कृतिक कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जो समाज शिक्षित और संगठित होता है, वही निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित करता है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और संगठन में निहित होती है। उन्होंने कहा कि जिस समाज के प्रेरणास्रोत छत्रपति शिवाजी महाराज और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महानायक हों, वह समाज स्वाभाविक रूप से गौरवशाली और प्रगतिशील बनता है। उन्होंने समाज से शिक्षा, संगठन और सामाजिक समरसता को और मजबूत करने का आह्वान किया।

 

राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि कुर्मी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता, संगठन और पारस्परिक विश्वास है। उन्होंने कहा कि जहां विश्वास, संस्कार और चरित्र का समावेश होता है, वहां समाज निरंतर प्रगति करता है और नई पीढ़ियों को दिशा देता है।

 

तखतपुर विधायक श्री धरमजीत सिंह ने कहा कि कुर्मी समाज छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख, जागरूक और प्रगतिशील समाज है, जिसकी मजबूत उपस्थिति प्रदेश के लगभग प्रत्येक गांव में दिखाई देती है। पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि कुर्मी समाज मेहनत, कर्मठता और प्रगतिशील सोच के लिए जाना जाता है तथा समाज के लोग हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।

 

अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सर्वेश कटियार ने कहा कि कुर्मी समाज की संगठनात्मक परंपरा 132 वर्षों से अधिक पुरानी है। समाज ने अपनी मेहनत, सामाजिक मूल्यों और एकता के बल पर देशभर में विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां कुर्मी समाज की सक्रिय भागीदारी रही है, वहां विकास और सामाजिक प्रगति को नई दिशा मिली है। इस अवसर पर गणमान्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं समाज के लोग उपस्थित थे।

*सुशासन तिहार 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया मुंगेली नगर के चौक-चौराहों में स्थापित प्रतिमाओं का अनावरण*

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  1. *सुशासन तिहार 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया मुंगेली नगर के चौक-चौराहों में स्थापित प्रतिमाओं का अनावरण*

 

*डॉ. भीमराव अंबेडकर, बाबा गुरु घासीदास, महाराणा प्रताप और भक्त माता कर्मा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर किया नमन*

 

 

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर / शासकीय योजनाओं का लाभ लोगो को प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करने के साथ ही सुशासन को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से सुशासन तिहर अंतर्गत समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज मुंगेली जिले के प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मुंगेली नगर के चौक-चौराहों में महापुरुषों एवं संतों की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। प्रतिमाओं के अनावरण कार्यक्रम के दौरान नगर में उत्साह, श्रद्धा और गौरव का वातावरण रहा। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री पुन्नू लाल मोहले, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कलेक्टोरेट कार्यालय के पास भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण कर संविधान निर्माता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय संविधान के माध्यम से देश को समानता, न्याय और अधिकारों की मजबूत आधारशिला प्रदान की। उनका जीवन शिक्षा, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणादायी मिसाल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय ने दाऊपारा स्थित गुरु घासीदास बाबा की प्रतिमा का विधिवत अनावरण करते हुए कहा कि बाबा गुरुघासीदास ने सत्य, अहिंसा और समानता का संदेश देकर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी समाज को एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संतों और महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी तक उनके आदर्शों को पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने पड़ाव चौक में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने महाराणा प्रताप को भारतीय इतिहास का महान योद्धा बताते हुए कहा कि उनका जीवन साहस, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर गाथा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र हित में सक्रिय भूमिका निभाने कहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर रोड तिराहा में भक्त माता कर्मा की प्रतिमा का भी अनावरण किया। उन्होंने कहा कि भक्त माता कर्मा सेवा, श्रद्धा और समर्पण की प्रतीक हैं। उनका जीवन समाज को मानव सेवा, भक्ति, परोपकार और संस्कारों की प्रेरणा देता है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। स्थानीय नागरिकों एवं समाज प्रमुखों ने प्रतिमा स्थापना को जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

*प्रयास आवासीय विद्यालय कक्षा 9वीं प्रवेश हेतु प्राक्चयन परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न*  

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*प्रयास आवासीय विद्यालय कक्षा 9वीं प्रवेश हेतु प्राक्चयन परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न*  

 

*रायपुर जिले में 312 में से 265 विद्यार्थी हुए शामिल, 47 रहे अनुपस्थित*  

 

*उपायुक्त एवं अधिकारियों ने किया परीक्षा केंद्र का निरीक्षण*

 

 

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर, :-। मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजनांतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं, सत्र 2026-27 में प्रवेश हेतु प्राक्चयन परीक्षा आज रविवार को शासकीय प्रयास बालक आवासीय विद्यालय, सड्डू, रायपुर में सफलतापूर्वक आयोजित की गई।

 

परीक्षा के दौरान उपायुक्त श्री प्रज्ञान सेठ, उपायुक्त श्री एल.आर. कुर्रे, डिप्टी कलेक्टर जिला कार्यालय रायपुर श्री उत्तम रजक तथा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास रायपुर श्री शरत चंद्र शुक्ला उपस्थित रहे। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्था का अवलोकन किया।

 

जिला रायपुर – प्रयास प्रवेश परीक्षा विवरण :- कुल पंजीकृत विद्यार्थी: 312, कुल उपस्थित विद्यार्थी: 265, कुल अनुपस्थित विद्यार्थी :- 47

 

परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं।

*मदर्स डे पर महिला जेल रायपुर की बंदिनियों को मिला वीडियो कॉलिंग का तोहफा*  

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*मदर्स डे पर महिला जेल रायपुर की बंदिनियों को मिला वीडियो कॉलिंग का तोहफा*  

 

*प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सिस्टम का शुभारंभ, परिजनों व अधिवक्ता से कर सकेंगी बात*  

 

*38 महिला बंदिनियों को कौशल प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित, जेल में रह रहे 14 बच्चों को उपहार*

 

 

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर,:- उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की घोषणा के अनुरूप आज मदर्स डे के अवसर पर महिला जेल, रायपुर में प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सिस्टम का शुभारंभ किया गया। इस सिस्टम से महिला बंदिनी अपने परिजनों एवं अधिवक्ता से वीडियो कॉलिंग के माध्यम से बात कर सकेंगी। यह सिस्टम जेल विभाग एवं बीएसएनएल के मध्य संपादित हुए एमओयू के अंतर्गत स्थापित किया गया है।

 

इस अवसर पर निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त 38 महिला बंदिनियों को कौशल प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित कर सम्मानित किया गया।

 

कार्यक्रम के दौरान महिला बंदिनियों के साथ जेल में रह रहे 14 बच्चों को जेल विभाग की ओर से उपहार वितरित किए गए।

 

शुभारंभ अवसर पर डीजी जेल श्री हिमांशु गुप्ता, जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह क्षत्री, बीएसएनएल के श्री विजय छबलानी, महिला जेल प्रभारी सुश्री गरिमा पांडेय एवं समस्त जेल स्टाफ तथा संबंधित महिला बंदिनी उपस्थित रहे।