Home Blog Page 157

*सुशासन तिहार: जनसमस्याओं के गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर जोर*

0

*सुशासन तिहार: जनसमस्याओं के गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर जोर*

 

*जिला पंचायत सीईओ ने विभागवार समीक्षा कर समयबद्ध निराकरण के दिए निर्देश*

मुकेश साहू ब्यूरो लोरमी मुंगेली,// कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पाण्डेय ने जिला पंचायत सभाकक्ष में सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत आयोजित समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से आवेदन निराकरण की प्रगति की जानकारी ली तथा गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य आमजनों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना है।

सीईओ श्री पाण्डेय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी आवेदनों का ऑनलाइन पंजीयन समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए तथा प्रत्येक आवेदन का संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने हितग्राहीमूलक योजनाओं से संबंधित मांगों पर विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और शासन के प्रति विश्वास मजबूत हो। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने तथा शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए। साथ ही विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करने पर भी जोर दिया गया।

*सुशासन तिहार 2026: समाधान शिविर में पंडरभट्ठा के शिवशंकर राजपूत का बना लाईसेंस*

0

 

 

*सुशासन तिहार 2026: समाधान शिविर में पंडरभट्ठा के शिवशंकर राजपूत का बना लाईसेंस*

 

*समय और पैसे की हुई बचत*

 

 

मुकेश साहू ब्यूरो लोरमी मुंगेली,// मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप आयोजित सुशासन तिहार अब आम नागरिकों के लिए राहत, सुविधा और भरोसे का माध्यम बनता जा रहा है। दूर-दराज के गांवों तक प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की इस पहल से लोगों को घर के नजदीक ही विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ मिल रहा है। समाधान शिविरों के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

इसी क्रम में विकासखंड मुंगेली के ग्राम नवागांव (चि.) में आयोजित सुशासन तिहार समाधान शिविर में ग्राम पंडरभट्ठा निवासी शिवशंकर राजपूत को टू एवं फोर व्हीलर लर्निंग लाइसेंस की सुविधा प्राप्त हुई। शिवशंकर ने बताया कि शिविर में बिना किसी अनावश्यक दौड़-भाग के उनका लर्निंग लाइसेंस आसानी से बन गया, जिससे उन्हें शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ी। इससे उनके समय और पैसे दोनों की बचत हुई।

शिवशंकर राजपूत ने कहा कि शासन के समाधान शिविर के माध्यम से शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ सीधे गांव-गांव और घर-घर तक पहुंच रहा है, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिल रही है। उन्होंने सुशासन तिहार अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन वास्तव में जनसेवा और सुशासन की भावना को साकार कर रहे हैं।

*सुशासन तिहार बना भरोसे और राहत का माध्यम*

0

 

 

*सुशासन तिहार बना भरोसे और राहत का माध्यम*

 

*ई-केवाईसी के लिए भटक रही भावना देवांगन को शिविर में मिला तत्काल समाधान*

 

 

मुकेश साहू ब्यूरो लोरमी मुंगेली, // प्रदेश सरकार द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित सुशासन तिहार अब लोगों के लिए राहत और विश्वास का मजबूत माध्यम बनता जा रहा है। जिले में आयोजित समाधान शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी नागरिक पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर रहे हैं। शिविरों के माध्यम से लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे आमजनों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।

इसी क्रम में नगर पालिका लोरमी की निवासी भावना देवांगन को भी सुशासन तिहार शिविर में तत्काल राहत मिली। लंबे समय से ई-केवाईसी की समस्या से परेशान भावना देवांगन विभिन्न कार्यालयों और सेवा केंद्रों के चक्कर लगा रही थीं, लेकिन उनका कार्य समय पर नहीं हो पा रहा था। इसके कारण उन्हें शासन की कई योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। कई प्रयासों के बावजूद समाधान नहीं मिलने से वे निराश हो चुकी थीं। इसी दौरान उन्हें क्षेत्र में आयोजित सुशासन तिहार शिविर की जानकारी मिली। शिविर में पहुंचने पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना और तत्काल ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण कराई। कुछ ही समय में उनका कार्य पूरा हो गया, जिससे भावना देवांगन बेहद खुश नजर आईं।

भावना देवांगन ने कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में आम लोगों के लिए बेहद उपयोगी पहल साबित हो रहा है। यहां लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और शासन की योजनाओं की जानकारी भी सरल तरीके से उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि ई-केवाईसी पूर्ण होने के साथ ही उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी मिली, जिससे भविष्य में उन्हें लाभ लेने में आसानी होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार गांव-गांव तक प्रशासन को पहुंचाकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिल रही है। उन्होंने शिविर में अधिकारियों की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यप्रणाली की भी सराहना की।

*जिला अस्पताल मुंगेली बना उम्मीद की किरण*

0

 

 

*जिला अस्पताल मुंगेली बना उम्मीद की किरण*

 

*मानसिक बीमारी से जूझ रहे युवक को मिला नया जीवन, परिवार में लौटी खुशियां*

 

 

मुकेश साहू ब्यूरो लोरमी मुंगेली, // कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आमजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। इसी कड़ी में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत एक युवक को नया जीवन मिला। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि रायपुर जिले के धरसीवा क्षेत्र का 26 वर्षीय युवक कभी एक कुशल कार मैकेनिक था। मेहनती और सामान्य जीवन जीने वाला यह युवक अचानक मानसिक समस्याओं से जूझने लगा। उसका व्यवहार असामान्य हो गया। महीनों तक न नहाने और कपड़े नहीं बदलने के कारण उसकी हालत बेहद खराब हो गई। अलग-अलग स्थानों पर झाड़-फूंक और पारंपरिक उपचार से भी कोई लाभ नहीं हुआ।

इसी बीच किसी परिचित की सलाह पर परिवार युवक को जिला अस्पताल मुंगेली के मनोरोग विभाग लेकर पहुंचा। जांच में युवक के मानसिक रोग से पीड़ित होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उसका नियमित उपचार और काउंसलिंग प्रारंभ की गई। कुछ ही महीनों में दवाओं और नियमित परामर्श का सकारात्मक असर दिखाई देने लगा। जो युवक पहले किसी से बात नहीं करता था, वह अब सामान्य रूप से बातचीत करने लगा है। अब वह स्वयं अपनी दिनचर्या संभालता है और सबसे बड़ी बात यह कि वह अपने पिता को बाइक पर बैठाकर खुद इलाज कराने अस्पताल लेकर आता है। युवक के पिता ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने लगभग उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन जिला अस्पताल मुंगेली में मिले निःशुल्क उपचार, विशेषज्ञ परामर्श और संवेदनशील व्यवहार ने उनके बेटे को नई जिंदगी दी है। उन्होंने जिला अस्पताल, मनोरोग विभाग और पूरे स्वास्थ्य स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया।

मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. संजय ओबेरॉय ने बताया कि जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम ऐसे परिवारों के लिए संबल है, जो मानसिक रोगों को लेकर भ्रांतियों और अंधविश्वास के कारण सही उपचार से दूर रहते हैं। मानसिक रोग केवल व्यक्ति को ही नहीं, पूरे परिवार को भीतर तक तोड़ देता है। लेकिन समय पर सही उपचार, परामर्श और संवेदनशील देखभाल से जिंदगी फिर पटरी पर लौट सकती है। उन्होंने आमजनों से झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार कराने समझाइश दी है। सही इलाज और सहयोग से मानसिक रोगों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

*केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने साइकिल से कार्यालय पहुंचकर दिया ईंधन संरक्षण का संदेश*

0
  1. *केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने साइकिल से कार्यालय पहुंचकर दिया ईंधन संरक्षण का संदेश*

 

*“ईंधन की हर बचत भारत के भविष्य और स्वाभिमान की सुरक्षा है”- श्री तोखन साहू*

 

नई दिल्ली, आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा किए गए ईंधन संरक्षण के आह्वान के समर्थन में अपने आवास से नई दिल्ली स्थित संकल्प भवन कार्यालय तक लगभग 3 किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय कर सतत शहरी परिवहन, पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्रसेवा का संदेश दिया।

 

इस अवसर पर श्री साहू ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा कोविड काल के दौरान अपनाई गई कार्यशैली जैसे वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन कक्षाएं, वर्चुअल बैठकें तथा पेट्रोल-डीजल की खपत में कमी लाने का आह्वान अत्यंत प्रासंगिक एवं समयानुकूल है।

 

मंत्री श्री साहू ने कहा कि ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्रीय दायित्व से जुड़ा विषय है। “ईंधन की हर बचत भारत के भविष्य और स्वाभिमान की सुरक्षा है।”

 

उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि छोटी-छोटी जीवनशैली आधारित आदतों के माध्यम से भी देशहित में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

 

श्री साहू ने आमजन से अधिकाधिक सार्वजनिक परिवहन, इलेक्ट्रिक बसों, साइकिल एवं कार पूल जैसी व्यवस्थाओं को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि प्रकृति संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण आज प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ भारत का निर्माण सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।

 

*सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज एवं विधायक श्री अनिल कुमार शर्मा ने की केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू से शिष्टाचार भेंट*

 

नई दिल्ली स्थित संकल्प भवन में आज सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज एवं आर.के. पुरम के विधायक श्री अनिल कुमार शर्मा ने केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू से शिष्टाचार भेंट की।

 

बैठक के दौरान ‘विकसित दिल्ली’ के विजन के अनुरूप शहरी विकास, आवास, नागरिक सुविधाओं एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानी में नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने, शहरी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने तथा नागरिक-केंद्रित विकास को गति देने संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श किया।

 

मंत्री श्री साहू ने संबंधित विषयों एवं नागरिकों की समस्याओं को संवेदनशीलतापूर्वक संज्ञान में लेते हुए कहा कि नियमों एवं आवास उपलब्धता के अनुरूप इन विषयों पर उचित विचार किया जाएगा।

 

बैठक में समावेशी विकास, सुशासन एवं नागरिक हितों को प्राथमिकता देते हुए बेहतर शहरी प्रशासन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

*“जल संरक्षण जन आंदोलन बने, तभी बढ़ेगा भूजल” — राज्यपाल श्री रमेन डेका*

0

*“जल संरक्षण जन आंदोलन बने, तभी बढ़ेगा भूजल” — राज्यपाल श्री रमेन डेका*

 

*हर जिले की हो अलग पहचान, योजनाओं से बदले जनजीवन — राज्यपाल श्री डेका*

 

 

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर,/ राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कबीरधाम जिले में विकास कार्यों के संबंध में बैठक लेकर वर्षा जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को व्यापक स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जन अभियान का रूप देना आवश्यक है, तभी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को भूजल संकट से बचाया जा सकेगा। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा भी उपस्थित रहीं।

 

राज्यपाल श्री डेका ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिलास्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि वर्षा जल प्रकृति का मुफ्त संसाधन है, जिसे सहेजकर न केवल वर्तमान जरूरतें पूरी की जा सकती हैं बल्कि भूजल स्तर को भी बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने प्रत्येक पक्के भवन और प्रधानमंत्री आवास में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर दिया। साथ ही खेतों में डबरी निर्माण कर वर्षा जल संरक्षण की दिशा में कार्य करने तथा प्रारंभिक स्तर पर बड़े किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।

 

राज्यपाल श्री डेका ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल पौधरोपण ही नहीं बल्कि उनका संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है, जिससे जिले का फॉरेस्ट कवर बढ़ सके। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में भी वृक्षारोपण बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाने, किसानों को प्रशिक्षण देने, जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा हाइड्रोपोनिक्स और ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक कृषि पद्धतियों पर बड़े स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता बताई।

 

पीएम जनमन योजना की समीक्षा करते हुए राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि योजना का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक जीवन में सुधार लाना है। उन्होंने आवास, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए योजना के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

 

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने टीबी मरीजों के उपचार, पोषण आहार उपलब्धता तथा मल्टीपल टीबी मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर कर समुचित उपचार सुनिश्चित करने पर बल दिया। महिलाओं में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नियमित स्क्रीनिंग कैंप आयोजित करने के भी निर्देश दिए। राज्यपाल ने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा एम्स के साथ एमओयू किया गया है, जिसके तहत मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। उन्होंने अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ दिलाने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने रेड क्रॉस वार्षिक सदस्यता अभियान को बढ़ाने पर भी जोर दिया और कहा कि लोगों की छोटी-छोटी मदद किसी का जीवन बदल सकती है।

 

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि हर जिले और विकासखंड की अपनी अलग पहचान होनी चाहिए, जो योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के माध्यम से स्थापित की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों से अपने कार्यक्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर लोगों के जनजीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने की बात कही।

 

बैठक में कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा , पुलिस अधीक्षक सहित सभी एसडीएम व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

*अकलतरा में एसएलआरएम सेंटर में भीषण आग, लाखों की सरकारी संपत्ति जलकर खाक*

0

*अकलतरा में एसएलआरएम सेंटर में भीषण आग, लाखों की सरकारी संपत्ति जलकर खाक*

 

 मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा:- जिले के अकलतरा नगर पालिका परिषद अंतर्गत वार्ड क्रमांक 14 स्थित एसएलआरएम सेंटर में शुक्रवार देर रात भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि सेंटर में रखा सामान देखते ही देखते जलकर राख हो गया। घटना में लाखों रुपए की सरकारी संपत्ति के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय लोगों ने आग की लपटें उठती देख तत्काल इसकी सूचना नगर पालिका एवं फायर ब्रिगेड को दी। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक सेंटर के अंदर रखा अधिकांश सामान जल चुका था।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। अज्ञात व्यक्ति की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

नगर पालिका प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है तथा मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

*इकोनॉमी के विकास के लिए वैल्यू एडिशन आधारित उत्पादन करना होगा -राज्यपाल श्री डेका*

0

*इकोनॉमी के विकास के लिए वैल्यू एडिशन आधारित उत्पादन करना होगा -राज्यपाल श्री डेका*

 

*इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 11 वें दीक्षांत समारोह मे शामिल हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री*

 

*1880 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, 13 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक मिले*

 

 

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर,/छत्तीसगढ़ की लगभग 80 प्रतिशत अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। आज भूमि लगातार संकुचित होती जा रही है। अतएव हमें कम जमीन में ज्यादा से ज्यादा उत्पादन के लिए कार्य करना होगा। अर्थव्यवस्था के तेजी से विकास के लिए वैल्यू एडिशन उत्पादन आज की महती आवश्यकता है।

 

यह उद्गार राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं कुलाधिपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर ने विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में व्यक्त किये। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विशिष्ट अतिथि के रूप में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के पूर्व निदेशक और प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार सिंह उपस्थित थे ।

 

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के सभागार में आयोजित भव्य एवं गरिमामय दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को पदक एवं उपाधियां वितरित की गई। विभिन्न संकायों में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को 13 स्वर्ण, 7 रजत एवं 2 कांस्य पदक सहित 128 शोधार्थियों को पी.एच.डी, 518 विधार्थियों को स्नातकोत्तर और 1234 विधार्थियों को स्नातक उपाधि प्रदान की गई।

 

कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने इन उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्र जीवन का एक बहुत बड़ा अवसर होता है। यह केवल डिग्री प्राप्त करने का दिन नही बल्कि भविष्य की शुरूआत का प्रतीक है। जब यह विश्वविद्यालय स्थापित हुआ था तब यहां केवल दो या तीन स्ट्रीम ही उपलब्ध थी। लेकिन समय के साथ शिक्षा और अवसरों का विस्तार हुआ है।

 

श्री डेका ने कहा कि आज कृषि परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। अब यह विज्ञान तकनीकी, नवाचार और उद्यमिता से संचालित हो रही है। विश्वभर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन, उपग्रह मानचित्र, सटीक कृषि जलवायु अनुकूल तकनीक, जैव प्रौद्योगिकी और डेटा विश्लेषण का उपयोग बढ़ रहा है।

भारत भी तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। ड्रोन द्वारा उर्वरक एवं कीटनाशक छिड़काव, डिजिटल उपकरणों से मृदा स्वास्थ्य निगरानी, मोबाइल ऐप द्वारा किसान परामर्श और ई-नाम बाजार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदल रहे हैं। किसानों और युवाओं को भी आधुनिक और उन्नत खेती की ओर बढ़ना चाहिए। छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है। लेकिन अब हमें बासमती जैसे उच्च गुणवत्ता वाले धान के उत्पादन पर भी ध्यान देना चाहिए। इससे कार्पोरेट कंपनियों द्वारा खरीद आसान होगी और किसानों को बेहतर लाभ मिल सकेगा। हाइड्रोपोनिक्स और प्राकृतिक खेती के लिए भी भविष्य में बड़ी संभावनाएं है। विद्यार्थियों को भी कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए।

 

श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि और जल संरचना कृषि के लिए अनुकूल है। यहां पानी आसानी से नीचे नहीं जाता जिससे उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलती है। सही तकनीक और सोच के साथ कृषि को और अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

 

दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय ने कृषि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है तथा वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई फसल किस्मों और आधुनिक तकनीकों से किसानों को बड़ा लाभ मिल रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खेती को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन,फल-सब्जी और मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्हांेने बताया कि किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार, कृषि उपकरणों की उपलब्धता तथा मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों से ड्रोन, एआई और डिजिटल तकनीकों को खेती से जोड़कर किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सेतु बनने का आव्हान किया।

 

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रदेश में कृषि को बढ़ावा देने के लिए अनेक नवाचार किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान की सबसे ज्यादा प्रजातियां है। सुगन्धित धान के लिए हमारा राज्य जाना जाता है। फल, फूल और मसाले की भी अपार संभावनाएं यहां है। उन्होंने विद्यार्थियों से शोध और नवाचार के क्षेत्र में आगे आने का आग्रह करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के ज्ञान का लाभ छत्तीसगढ़ को मिलेगा।

 

समारोह में दीक्षांत भाषण डॉ. अशोक कुमार सिंह ने दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने दीक्षांत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया उन्होंने विश्वविद्यालय की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर विस्तृत प्रकाश डाला। साथ ही उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को दीक्षा उपदेश दिया। आभार प्रदर्शन कुलसचिव द्वारा किया गया। दीक्षांत समारोह में क्षेत्र के विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा, विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलपति, विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल, विद्या परिषद तथा प्रशासनिक परिषद के सदस्यगण, प्राध्यापक, वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय के अधिकारी, उपाधि तथा पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी तथा उनके पालकगण उपस्थित थे।

*छत्तीसगढ़ का स्मार्ट रजिस्ट्री मॉडल बना देश के लिए प्रेरणादायी उदाहरण*

0

*छत्तीसगढ़ का स्मार्ट रजिस्ट्री मॉडल बना देश के लिए प्रेरणादायी उदाहरण*

 

*दो माह में भारत सरकार के अधिकारियों का तीसरा दौरा, सचिव ने की सराहना*

 

*राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की नीति पर होगा विचार*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर, / छत्तीसगढ़ का स्मार्ट रजिस्ट्री मॉडल अब देशभर के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरा है। भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग (Department of Land Resources) के सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने राज्य के पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग द्वारा किए गए तकनीकी नवाचारों और नागरिक-केंद्रित सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी है।

 

भारत सरकार के अधिकारियों द्वारा पिछले दो माह में यह तीसरा दौरा है, जो राज्य में लागू स्मार्ट रजिस्ट्री प्रणाली, ऑटो म्यूटेशन और डिजिटल सेवाओं के प्रति बढ़ती राष्ट्रीय रुचि को दर्शाता है।

 

दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने मंत्रालय महानदी भवन में पंजीयन विभाग की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर भूमि संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव श्री नितिन खाडे तथा निदेशक श्री श्याम कुमार भी उपस्थित थे।

 

समीक्षा बैठक में सचिव पंजीयन भुवनेश यादव तथा महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में किए गए प्रमुख सुधारों और नवाचारों का प्रस्तुतीकरण दिया।

 

प्रस्तुतीकरण में नागरिक सुविधाओं के विस्तार, पंजीयन प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण, डिजिटल सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, पारदर्शिता और सेवा वितरण में सुधार से संबंधित पहलों की जानकारी दी गई। साथ ही विभाग द्वारा विकसित किए जा रहे “नेक्स्ट जनरेशन रजिस्ट्री प्लेटफॉर्म” की रूपरेखा और भावी कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया गया।

 

सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा राज्य के नागरिकों को सर्वोत्तम सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की विशेष सराहना की।

 

इसके पश्चात उन्होंने सीबीडी, नवा रायपुर अटल नगर स्थित स्मार्ट उप पंजीयक कार्यालय का निरीक्षण किया और ऑटो म्यूटेशन से एकीकृत एंड-टू-एंड डिजिटल रजिस्ट्री प्रक्रिया का अवलोकन किया। अधिकारियों ने उन्हें संपूर्ण पंजीयन प्रक्रिया, डिजिटल व्यवस्थाओं और नागरिक सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।

 

निरीक्षण के दौरान सचिव श्री भूषण ने कहा कि पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ की यह पहल अत्यंत प्रभावी है। उन्होंने कहा कि राज्य का स्मार्ट ऑफिस मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की नीति पर विचार किया जाएगा।

 

उन्होंने कार्यालय में नागरिकों के लिए उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं, पारदर्शी कार्यप्रणाली और नागरिक-अनुकूल वातावरण की भी विशेष सराहना की। भारत सरकार के सचिव ने विश्वास व्यक्त किया कि तकनीक आधारित रजिस्ट्री सेवाओं के विस्तार में छत्तीसगढ़ देश का मार्गदर्शन करेगा।

*खाद्य विभाग की कार्रवाई: लालपुर फल मार्केट से लिए गए 5 नमूने*  

0

*खाद्य विभाग की कार्रवाई: लालपुर फल मार्केट से लिए गए 5 नमूने*  

 

*40 किलो सड़ा-गला फल मौके पर कराया गया नष्ट*  

 

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर, । नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन श्री दीपक कुमार अग्रवाल तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार आज खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने लालपुर स्थित होलसेल फल मार्केट का सघन निरीक्षण किया।

 

निरीक्षण के दौरान टीम ने तरबूज के 2, अनार के 1, आम के 1 और मौसंबी के 1, कुल 5 नमूने संग्रहित किए। इन सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।

 

कार्रवाई के दौरान मौके पर रखे 2 कैरेट, लगभग 40 किलोग्राम सड़े-गले फल को टीम ने नष्ट कराया। विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य प्रयोगशाला से जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सजग रहें और किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना विभाग को दें।