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*मुख्यमंत्री अजा, अजजा विद्यार्थी उत्कर्ष योजना: आवेदन 20 जून तक*

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*मुख्यमंत्री अजा, अजजा विद्यार्थी उत्कर्ष योजना: आवेदन 20 जून तक*

 

*प्राक्चयन परीक्षा 5 जुलाई को*

 मुकेश साहू ब्यूरो लोरमी मुंगेली, // मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजनांतर्गत प्राक्चयन परीक्षा के माध्यम से 2026-27 में कक्षा 06वीं में प्रवेश हेतु 20 जून तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि विद्यार्थी अपने स्कूल में 20 जून तक आवेदन जमा कर सकते हैं। प्राक्चयन परीक्षा का आयोजन 05 जुलाई को दोपहर 12 से 02 बजे तक किया जाएगा। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी विभाग की वेबसाइट tribal.cg.gov.in⁠ का अवलोकन किया जा सकता है।

 *टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों एवं चालकों को किया गया जागरूक।*

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अज्ञात बुकिंग एवं यात्रियों से जुड़े सुरक्षा उपायों की दी गई जानकारी।

सुरक्षा एडवाइजरी एवं जागरूकता पोस्टर का किया गया वितरण।

कोरबा – पुराना बस स्टैंड टैक्सी यूनियन एवं नया बस स्टैंड टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों एवं वाहन चालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।बैठक का उद्देश्य टैक्सी, कैब एवं अन्य यात्री वाहन चालकों को उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील बनाना था। बैठक में पुलिस अधिकारियों द्वारा वाहन चालकों को वर्तमान समय में घटित हो रही लूट, मारपीट, धोखाधड़ी एवं अन्य आपराधिक घटनाओं के संबंध में जानकारी देते हुए आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई।

चालकों को बताया गया कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा वाहन बुक कराए जाने की स्थिति में उसकी पहचान सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके लिए यात्री से आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस अथवा अन्य पहचान पत्र की प्रति व्हाट्सएप के माध्यम से प्राप्त करने, वाहन में बैठाने से पूर्व उसका स्पष्ट फोटो लेकर अपने परिजनों अथवा विश्वसनीय परिचितों को भेजने तथा यात्रा के दौरान मोबाइल का जीपीएस चालू रखते हुए अपनी लाइव लोकेशन साझा करने की सलाह दी गई।

इसके अतिरिक्त रात्रिकालीन यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता बरतने, सुनसान अथवा निर्जन स्थानों पर वाहन रोकने से बचने, वाहन में पर्याप्त चार्ज वाला मोबाइल रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल 112 अथवा निकटतम पुलिस थाना को देने के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।

बैठक के दौरान उपस्थित टैक्सी यूनियन पदाधिकारियों एवं वाहन चालकों ने पुलिस द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने तथा अन्य वाहन चालकों को भी जागरूक करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कोरबा पुलिस द्वारा तैयार किए गए सुरक्षा संबंधी जागरूकता पोस्टर एवं एडवाइजरी का वितरण भी किया गया, ताकि अधिक से अधिक वाहन चालकों तक सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाई जा सके।

कोरबा पुलिस द्वारा सभी टैक्सी, कैब एवं यात्री वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे सुरक्षा संबंधी इन सावधानियों का पालन करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा व्यक्ति की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।

*किसानों को खाद-बीज की कोई कमी न हो, छोटे किसानों को मिले प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

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*किसानों को खाद-बीज की कोई कमी न हो, छोटे किसानों को मिले प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

 

*सुपेबेड़ा की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान हेतु तेल नदी पर एनीकट निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपये स्वीकृत*

 

*अवैध रेत उत्खनन पर कड़ी कार्रवाई, नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश*

 

 

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए तथा इसकी जवाबदेही संबंधित कलेक्टरों की होगी। मुख्यमंत्री ने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के लाभों की जानकारी दें ताकि आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग हो सके। उन्होंने अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय आज गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में रायपुर संभाग के जिलों की संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली इस मैराथन समीक्षा बैठक में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

 

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तेल नदी पर एनीकट निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेयजल जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए तथा प्रशासन के प्रति जनता की शिकायतों को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तेजी लाने, टीबी मुक्त पंचायतों के निर्माण, आयुष्मान कार्डों का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने, जल जीवन मिशन के कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायतों के निराकरण का अभियान नहीं बल्कि शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और जनता से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने का माध्यम है। इसी उद्देश्य से वे स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक प्राप्त कर रहे हैं।

 

समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा धान उपार्जन एवं उठाव की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

 

शिक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूलों में सीखने के स्तर में सुधार, नियमित मॉनिटरिंग तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और देश में लागू नए तीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और नशा मुक्ति अभियान को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए।

 

बैठक में विधायक श्री रोहित साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, रायपुर संभागायुक्त श्री श्याम धावड़े, आईजी श्री अमरेश मिश्रा सहित संबंधित जिलों के जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

*जिलेभर में 26 वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई।*

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05 चार पहिया एवं 21 दो पहिया वाहन चालक नशे की हालत में वाहन चलाते पाए गए।

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं जनसुरक्षा के लिए अभियान जारी।

कोरबा –  “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के अंतर्गत जिले के समस्त थाना एवं यातायात इकाइयों द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर चेकिंग प्वाइंट स्थापित कर ब्रेथ एनालाइजर के माध्यम से वाहन चालकों की जांच की गई।

सघन जांच के दौरान कुल 26 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए, जिनके विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के अंतर्गत वैधानिक कार्यवाही की गई। इनमें 05 चार पहिया वाहन चालक एवं 21 दो पहिया वाहन चालक शामिल हैं। सभी प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए चालकों को न्यायालयीन प्रक्रिया हेतु प्रस्तुत किया जाएगा।

सड़क दुर्घटनाओं के विश्लेषण से यह तथ्य सामने आता है कि शराब पीकर वाहन चलाना दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में से एक है। नशे की अवस्था में चालक की निर्णय क्षमता प्रभावित होती है, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कम हो जाती है तथा उसका रिएक्शन टाइम सामान्य से अधिक हो जाता है, जिसके कारण अचानक सामने आने वाली परिस्थितियों में वाहन पर नियंत्रण बनाए रखना कठिन हो जाता है। यही कारण है कि नशे की हालत में वाहन संचालन से दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

कोरबा पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की जाती है कि स्वयं एवं अन्य लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किसी भी परिस्थिति में शराब सेवन के पश्चात वाहन का संचालन न करें। यातायात नियमों का पालन कर सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें।

कोरबा पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा, यातायात अनुशासन एवं दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से इस प्रकार की विशेष कार्यवाही भविष्य में भी लगातार जारी रखी जाएगी।

 

*खनिज उड़नदस्ता दल का बड़ा एक्शन*

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*खनिज उड़नदस्ता दल का बड़ा एक्शन*

 

*15 संदिग्ध स्थानों पर छापा, अवैध खनन-परिवहन में लगे 14 वाहन जब्त*

 

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर, / प्रदेश में गौण खनिजों के अवैध दोहन को रोकने और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में कोरबा जिले के कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के कड़े निर्देश और उप संचालक (खनि प्रशासन) के मार्गदर्शन में आज जिले में एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। इसके लिए गठित दो विशेष खनिज उड़नदस्ता दलों ने विभिन्न क्षेत्रों में औचक दबिश देकर अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई की है।

 

*15 इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी, ये वाहन हुए जब्त*

 

उड़नदस्ता दलों ने कोरबा जिले के कुल 15 संदिग्ध क्षेत्रों में सघन निरीक्षण किया। इनमें सीतामढ़ी, कपाटमुडा, सुराकछार, नरईबोध, रैंकी, कुदुरमाल, बरमपुर, बांकीमोंगरा, सुमेधा, कुमगरी, घनाकछार, कटघोरा, कछार, दर्री और धवईपुर शामिल हैं। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन कर अवैध उत्खनन एवं परिवहन करते पाए जाने पर कुल 14 वाहनों/मशीनों को रंगे हाथों जब्त किया गया, जिनमें 01 चैन माउंटेन (पोकलेन मशीन), 09 ट्रैक्टर, 02 हाइवा, 02 टीपर शामिल हैं।

 

*विभिन्न थानों की अभिरक्षा में सौंपे गए वाहन*

 

जब्त किए गए सभी वाहनों को नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई के लिए क्षेत्र के विभिन्न थानों और चौकियों की सुरक्षात्मक अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। कुसमुंडा थाना, हरदीबाजार थाना, दर्री थाना, बांकीमोंगरा थाना और खनिज जांच नाका, उरगा वाहनों को नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।

 

*छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमों के तहत होगी सख्त कार्रवाई*

 

खनिज विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पकड़े गए सभी आरोपियों और वाहन स्वामियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमों तथा अन्य प्रासंगिक वैधानिक प्रावधानों के तहत कड़े मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

 

*अभियान का मुख्य उद्देश्य*

 

अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण, भू-माफियाओं के हौसले पस्त करना है। प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना, पर्यावरण की रक्षा करना है। शासकीय राजस्व (रॉयल्टी) की चोरी को शत-प्रतिशत रोकना।

 

*खनिज विभाग की खुली चेतावनी*

 

जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी बिना रुके लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

*किसान बनकर पहुंचे कृषि अधिकारी, खाद की कालाबाजारी का किया खुलासा*

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*किसान बनकर पहुंचे कृषि अधिकारी, खाद की कालाबाजारी का किया खुलासा*

*750 रुपये की खाद 1800 रुपये में बेचने वाले व्यापारी पर कार्रवाई, 74 बोरी खाद जब्त*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर, / किसानों को किफायती और उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। इसी क्रम में किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के लिए रायगढ़ जिला प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा जिलेभर में खाद वितरण व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में लैलूंगा विकासखंड में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषि विभाग ने खाद की कालाबाजारी का भंडाफोड़ किया।

          उप संचालक कृषि स्वयं किसान बनकर एक खाद दुकान पर पहुंचे और खाद खरीदने का प्रयास किया। जांच के दौरान पता चला कि सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) खाद, जिसकी वास्तविक कीमत लगभग 750 रुपये प्रति बोरी है, उसे किसानों को 1800 रुपये प्रति बोरी में बेचा जा रहा था। इस तरह किसानों से प्रति बोरी एक हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि वसूली जा रही थी।

*गोदाम सील, खाद बिक्री पर 10 दिन का प्रतिबंध*

         शिकायत सही पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लैलूंगा स्थित मां दुर्गा ट्रेडर्स के गोदाम को सील कर दिया। मौके से 74 बोरी खाद जब्त की गई। साथ ही दुकान में खाद विक्रय पर 10 दिनों का प्रतिबंध लगाया गया है। संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा गया है।

*किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं*

          कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खरीफ सीजन में किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक मूल्य वसूली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिलेभर में खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और उनकी मजबूरी का कोई अनुचित लाभ न उठा सके।

*आगे भी जारी रहेगा जांच अभियान*

          कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के विभिन्न विकासखंडों में खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों के भंडारण एवं विक्रय की नियमित जांच की जाएगी। निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने या कृत्रिम अभाव पैदा करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में उर्वरक निरीक्षक श्री पवन उरांव, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री फुलेश्वर पैकरा सहित कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

*किसानों से सहयोग की अपील*

         जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक मूल्य वसूली की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन या कृषि विभाग को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ समय पर सख्त कार्रवाई की जा सके। यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा और पारदर्शी खाद वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

*”सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत गुंडा एवं निगरानी बदमाशों की रात्रिकालीन सघन चेकिंग।*

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 प्रशिक्षु उप निरीक्षकों की टीमों ने जिलेभर में चलाया विशेष सत्यापन अभियान।

बदमाशों की गतिविधियों, आय के स्रोत, जीवनशैली एवं आपराधिक संपर्कों की गहन जांच।

कोरबा – पुलिस अधीक्षक  के निर्देशन में संचालित “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के अंतर्गत जिले के समस्त थाना एवं चौकी क्षेत्रों में गुंडा एवं निगरानी बदमाशों की विशेष रात्रिकालीन चेकिंग कार्यवाही की गई।

अभियान के दौरान जिले में पदस्थ प्रशिक्षु उप निरीक्षकों की टीमों द्वारा गुंडा एवं निगरानी बदमाशों के निवास स्थलों एवं उनके संभावित ठिकानों पर पहुंचकर सत्यापन किया गया। इस दौरान उनके वर्तमान मूवमेंट, गतिविधियों, रोजगार एवं आय के स्रोतों की जानकारी प्राप्त की गई तथा उनके रहन-सहन एवं जीवनशैली का भी परीक्षण किया गया।

साथ ही ऐसे व्यक्तियों की भी जानकारी संकलित की गई जो पूर्व में इन बदमाशों के साथ आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं अथवा वर्तमान में उनके संपर्क में हैं। संदिग्ध गतिविधियों, असामान्य आर्थिक स्थिति एवं आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

चेकिंग के दौरान संबंधित व्यक्तियों को कानून व्यवस्था भंग न करने, किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि में संलिप्त न होने तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने की सख्त समझाइश भी दी गई। पुलिस द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि निगरानी एवं गुंडा बदमाश अपने विरुद्ध की गई वैधानिक कार्यवाहियों का पालन करें।

कोरबा पुलिस द्वारा जिले में अपराध नियंत्रण, शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने हेतु गुंडा एवं निगरानी बदमाशों पर लगातार नजर रखी जा रही है। भविष्य में भी इस प्रकार के विशेष अभियान नियमित रूप से संचालित कर अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध प्रभावी वैधानिक कार्यवाही की जाती रहेगी।

*छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई क्रांतिः रायगढ़ बना अग्रणी जिला*

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*छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई क्रांतिः रायगढ़ बना अग्रणी जिला*

 

*रायगढ़ जिला के 2,705 परिवार हुए बिजली बिल से मुक्त*

 

*हर महीने हो रहा 13.80 लाख यूनिट हरित बिजली का उत्पादन*

 आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर:-, 06 जून 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना छत्तीसगढ़ में हरित विकास और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया पर्याय बन चुकी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे व्यापक जागरूकता अभियानों के फलस्वरूप प्रदेश में सौर ऊर्जा को लेकर भारी उत्साह है। इस महा-अभियान में रायगढ़ जिला उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर पूरे प्रदेश में अग्रणी बनकर उभरा है। रायगढ़ जिले में अब तक 2,705 परिवारों के घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र (Solar Rooftop) सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे ये परिवार पूरी तरह ऊर्जा आत्मनिर्भर हो गए हैं।

 

*रायगढ़ जिले की उपलब्धियां*

 

रायगढ़ जिले में स्थापित 2,705 सोलर संयंत्रों की कुल क्षमता 11,504 किलोवाट से अधिक है। इनसे प्रतिदिन लगभग 46 हजार यूनिट तथा प्रतिमाह करीब 13.80 लाख यूनिट हरित बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे उपभोक्ताओं की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता भी कम हो रही है।

 

*बढ़ता जनविश्वास*

 

योजना के तहत अब तक कुल 6,701 आवेदन प्राप्त हुए हैं। केवल मई माह में ही 912 नए आवेदन मिले, जिनमें से 411 घरों में सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। जिले में हर हफ्ते औसतन 228 नए आवेदन आ रहे हैं और 100 से अधिक घरों में नियमित रूप से सोलर पैनल स्थापित किए जा रहे हैं।

 

*भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत*

 

गर्मी के इस मौसम में जब एयर कंडीशनर और कूलर के चलने से बिजली की मांग और बिल दोनों बढ़ जाते हैं, तब यह योजना आम उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रही है। योजना से जुड़े परिवार अपनी जरूरत की अधिकांश बिजली खुद बना रहे हैं, जिससे उनका मासिक बिजली का खर्च (बिल) नगण्य हो गया है।

 

*सब्सिडी और बिजली उत्पादन का गणित*

 

विद्युत विभाग के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ को न्यूनतम कर दिया गया है। पात्र हितग्राहियों को 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। सोलर प्लांट लगाने के लिए बैंकों के माध्यम से आसान लोन की व्यवस्था भी है।

 

*क्षमता और उत्पादन*

 

1 किलोवाट के सोलर संयत्र प्लांट सेे प्रतिमाह लगभग 120 यूनिट बिजली उत्पादन हो रहा है। इसी प्रकार 2 किलोवाट के सोलर संयत्र प्लांट से प्रतिमाह लगभग 240 यूनिट बिजली उत्पादन और 3 किलोवाट के सोलर संयत्र प्लांट से प्रतिमाह लगभग 360 यूनिट बिजली उत्पादन हो रहा है।

 

*आवेदन की प्रक्रिया हुई बेहद सरल और पारदर्शी*

 

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को पूरी तरह ऑनलाइन और बिचौलियों से मुक्त रखा गया है। इच्छुक नागरिक निम्नलिखित माध्यमों से आसानी से आवेदन कर सकते हैं। पीएम सूर्यघर पोर्टल (PM Surya Ghar Portal) या मोबाइल ऐप, CSPDCL की विभागीय डिजिटल सेवा से या टोल-फ्री नंबररू उपभोक्ता 1912 पर कॉल करके सहायता ले सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत उपभोक्ता अपनी मर्जी से अधिकृत वेंडर चुन सकते हैं। सौर ऊर्जा का यह बढ़ता कारवां न केवल रायगढ़ बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को स्वच्छ, प्रदूषण-मुक्त और हरित भविष्य की ओर ले जा रहा है। यह योजना आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जमीनी धरातल पर सच कर रही है।

*बरसात से पहले खड़खड़िया नाले की सफाई शुरू, चार-पांच वार्डों को मिलेगी जलभराव से राहत*

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तीजराम साहू ब्यूरो मुंगेली— आगामी मानसून को देखते हुए नगर पालिका प्रशासन द्वारा शहर के प्रमुख जल निकासी स्रोत खड़खड़िया नाले की सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। वर्षों से गाद, कचरे और मलबे से प्रभावित इस नाले की सफाई शुरू होने से शहर के चार से पांच वार्डों के नागरिकों को बरसात के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। जानकारी के अनुसार खड़खड़िया नाला शहर के कई प्रमुख वार्डों से होकर गुजरता है और आसपास के छोटे-बड़े नालों का पानी इसी मुख्य नाले में आकर मिलता है। लंबे समय से समुचित सफाई नहीं होने के कारण नाले में गाद और कचरा जमा हो गया था, जिससे बरसात के समय पानी की निकासी प्रभावित होती थी। परिणामस्वरूप नाले का पानी उफान पर आकर आसपास के मोहल्लों और रिहायशी क्षेत्रों में भर जाता था, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ संक्रामक बीमारियों के खतरे का भी सामना करना पड़ता था। नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) होरी सिंह ठाकुर के निर्देशन में सफाई अभियान को प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जा रहा है। वहीं अंबेडकर वार्ड पार्षद सहित अन्य पार्षदों की टीम भी लगातार निगरानी कर रही है, ताकि सफाई कार्य समय पर और प्रभावी ढंग से पूरा हो सके। सफाई अभियान के दौरान नाले से वर्षों पुरानी गाद, प्लास्टिक कचरा और अन्य अवरोधों को हटाया जा रहा है। हालांकि कई स्थानों पर कीचड़, दलदल और मार्ग की अनुपलब्धता के कारण भारी सफाई मशीनों का पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसी परिस्थितियों में नगर पालिका द्वारा वैकल्पिक व्यवस्थाएं अपनाकर सफाई कार्य को निरंतर जारी रखा गया है। स्थानीय नागरिकों ने बरसात से पूर्व शुरू किए गए इस अभियान की सराहना करते हुए नगर पालिका प्रशासन, सीएमओ होरी सिंह ठाकुर तथा सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया है। नागरिकों का कहना है कि यदि नाले की नियमित सफाई होती रही तो आने वाले दिनों में जलभराव की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकेगी। नगर पालिका प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया है कि मानसून शुरू होने से पहले नाले की सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, ताकि शहरवासियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

*ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम प्रभावशाली होते ही ज़िले के 60 ग्राम पंचायतों को अक्टूबर तक पूर्ण स्वच्छ बनाने का लक्ष्य*

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ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम प्रभावशाली होते ही ज़िले के 60 ग्राम पंचायतों को अक्टूबर तक पूर्ण स्वच्छ बनाने का लक्ष्य

0.स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत कचरा कलेक्शन से मिलेगा रोजगार।

0.योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला स्तर पर लगातार हो रही समीक्षा।

हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़।

ब्यूरो रायपुर/कवर्धा:- स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 प्रभावशील होने के साथ ही जिले में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कार्यवाही प्रारंभ हो गया है इसी क्रम में कलेक्टर कबीरधाम गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में जिले के जनपद पंचायत कवर्धा ,पंडरिया, बोड़ला एवं स.लोहारा के चिन्हांकित 60 ग्राम पंचायतों को कचरा मुक्त करनें की कार्य योजना तैयार की गई है इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि अक्टूबर 2026 तक जिले के 60 ग्राम पंचायतो में योजना अंतर्गत शत प्रतिशत कार्य पूरा किया जाना हैं समय-सीमा के भीतर सभी चिन्हित पंचायतों को मॉडल स्वच्छता हब के रूप में विकसित किया जाएगा जिसके लिए सभी नोडल अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं योजना का मुख्य उद्देश्य कचरा को घरों-घर से एकत्रित कर सही निपटान करना गीले,सूखे,सेनेटरी कचरा एवं विशेष कचरे को घर-घर से अलग-अलग इकट्ठा करने और उसका सुरक्षित परिवहन करना है ठोस प्रबंधन संरचना अंतर्गत गांवों में निर्मित होने वाले कचरो का प्रसंस्करण केंद्रों में सही प्रोसेसिंग किया जाएगा इसके अतिरिक्त जन जागरूकता द्वारा ग्रामीणों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने और ‘कचरा मुक्त गांव’ की परिकल्पना को साकार करने विशेष रणनीति बनाकर कचरा मुक्त ग्राम बनाया जाना है।

*वो 6 नियम जो ग्राम पंचायतों में होगा लागू*

*1) सोर्स से ही पृथक्करण-*

सूखे और गीले कचरे को घर पर ही अलग-अलग करना अब स्वैछिक नही,बल्कि पूरी तरह से अनिवार्य किया गया है।

*2) डोर टू डोर कचरा कलेक्शन-*

जिले के हर ग्रामीण क्षेत्रों जैसे मजरा-टोला, पारा और ग्रामीणों से शत प्रतिशत कचरा का उठाया होगा।

*3) वैज्ञानिक डिस्पोजल -*

पहले की तरह कचरा फेंकने या पाटने से होने प्रदूषण को रोकना अब इसे बंद कर आधुनिक वैज्ञानिक पद्दति द्वारा कचरे का निपटान होगा।

*4) लिगेसी वेस्ट का सही निपटान-*

ग्रामीण क्षेत्र के पुराने डंपिंग यार्डों का वैज्ञानिक उपचार कर उन्हें दोबारा हरा-भरा और पर्यावरण अनुकूल बनाना।

*5) व्यापक जन जागरूकता-*

आम जनता के व्यवहार में बदलाव लाने जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जैसे घर-घर संपर्क करना चौपाल,रैली, नारा लेखन,वार्डवार बैठक इत्यादि के माध्यम से लोगों को जागरूक करेंगे।

*6) पेटियों में बाटना होगा कचरा:-*

अब हर घर को अपना कचरा चार अलग-अलग डिब्बों जिसमें गिला,सूखा, सेनेटरी वेस्ट एवं स्पेशल केयर वेस्ट में बांटकर ही स्वच्छता दीदियों को देना होगा अनिवार्य।

*कचरा फैलाने वाले बल्क वेस्ट जनरेटर्स पर होगी कड़ाई -*

होटल ,मैरेज पैलेश,संस्थान जो भारी मात्रा में कचरा पैदा करते है उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रजिस्ट्रेशन कराना होगा एवं कम्पोस्टिंग कार्य स्वयं के खर्चे से करनें होंगे नहीं तो इन पर संबंधित ग्राम पंचायतो द्वारा कार्यवाही किया जा सकेगा।

*ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा नहीं फेंकने के लिए लोगों को किया जाएगा प्रेरित-*

खाली प्लाटों, सार्वजनिक स्थलों, तालाब,नाली एवं नदियों या अन्य सार्वजनिक स्थान पर कचरा नहीं फेंकने के लिए लोगों को समझाइस दी जाएगी इसी उद्देश्य को लेकर ग्राम पंचायत बिरकोना एवं धरमपुरा में सरपंच सचिव,स्वच्छग्रही, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की पीआरपी टीम से दीदी,जिला समन्वयक, विकासखंड समन्वयक, नोडल अधिकारियों की बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।

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