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*जरहागांव में दुकान सील कार्रवाई को लेकर विवाद, व्यापारियों ने किया बंद; CMO ने किराया बकाया को बताया कारण*

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तीजराम साहू ब्यूरो मुंगेली जरहागांव— नगर पंचायत जरहागांव में दुकानों को सील किए जाने की कार्रवाई के बाद व्यापारी और नगर प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। व्यापारियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) शुभम बख्तानी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए उनके निलंबन की मांग की है। विरोध स्वरूप बाजार की कई दुकानें बंद रहीं तथा व्यापारियों ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की।
व्यापारियों का आरोप है कि नगर पंचायत द्वारा बिना पर्याप्त संवाद और उचित समाधान के दुकानों पर कार्रवाई की गई, जिससे उनके व्यवसाय और आजीविका पर असर पड़ा है। व्यापारियों ने प्रशासन से मामले में पुनर्विचार करने तथा कार्रवाई वापस लेने की मांग की है।
हालांकि, इस पूरे विवाद पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) शुभम बख्तानी का पक्ष भी सामने आया है। उन्होंने व्यापारियों के आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि संबंधित दुकानें पूर्व में ग्राम पंचायत के कार्यकाल से संचालित हो रही हैं तथा अधिकांश दुकानदार लंबे समय से निर्धारित किराया नगर पंचायत को जमा नहीं कर रहे हैं। सीएमओ के अनुसार, बकाया किराया जमा कराने के लिए दुकानदारों को नियमानुसार तीन बार नोटिस जारी किए गए थे। इसके अलावा कई बार मौखिक एवं लिखित रूप से समय पर किराया भुगतान करने की अपील भी की गई थी, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर पंचायत की टीम द्वारा पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में केवल नियमानुसार किराया वसूली की कार्रवाई की गई है, जिसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत दुकानों का किराया है और इसी राजस्व से संविदा सहित अन्य कर्मचारियों का वेतन भुगतान किया जाता है। सीएमओ ने बताया कि किराया वसूली नहीं होने के कारण नगर पंचायत के कर्मचारियों का वेतन भी प्रभावित हो रहा है। वर्तमान में कर्मचारियों का लगभग दो माह का वेतन लंबित है। साथ ही, संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा भी समय-समय पर बकाया वसूली के निर्देश प्राप्त होते रहे हैं। फिलहाल व्यापारियों और नगर पंचायत प्रशासन के बीच विवाद बना हुआ है। व्यापारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं, वहीं प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विवाद का समाधान बातचीत और आपसी सहमति से किस प्रकार निकलता है।

*अल्फा माइंड संस्थान की मिडब्रेन एक्टिवेशन कार्यशाला का सफल आयोजन, बच्चों ने दिखाई अद्भुत प्रतिभा*

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*बंद आंखों से रंग, शब्द और अक्षरों की पहचान कर बच्चों ने किया सभी को आश्चर्यचकित*

तीजराम साहू ब्यूरो मुंगेली। बच्चों के मानसिक, बौद्धिक एवं रचनात्मक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से अल्फा माइंड संस्थान (Alpha Mind Institute) द्वारा आयोजित विशेष मिडब्रेन एक्टिवेशन कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यशाला के समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को संस्थान की ओर से प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। संस्थान के संचालक ने बताया कि मिडब्रेन एक्टिवेशन एक विशेष प्रशिक्षण प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य बच्चों की एकाग्रता, स्मरण शक्ति, आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को विकसित करना है। कार्यशाला के दौरान बच्चों को विभिन्न गतिविधियों एवं अभ्यासों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया, जिससे उनमें मानसिक जागरूकता और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला।

*बंद आंखों से पहचान लिए रंग और शब्द*

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसे देखकर उपस्थित अभिभावक, शिक्षक और अतिथि आश्चर्यचकित रह गए। प्रशिक्षण प्राप्त बच्चों ने अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर विभिन्न रंगों की पहचान की। इतना ही नहीं, उन्होंने कार्ड्स पर लिखे अक्षरों, शब्दों और पुस्तकों के कुछ हिस्सों को भी पहचानकर सुनाया। बच्चों की इस प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। अभिभावकों ने बताया कि कार्यशाला में भाग लेने के बाद उनके बच्चों के व्यवहार, अध्ययन के प्रति रुचि और आत्मविश्वास में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। बच्चों में एकाग्रता बढ़ने के साथ-साथ नई चीजों को समझने और याद रखने की क्षमता में भी सुधार महसूस किया गया है।

*बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर*

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान के प्रतिनिधियों ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में बच्चों का केवल शैक्षणिक विकास ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानसिक एवं भावनात्मक विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी सोच के साथ अल्फा माइंड संस्थान बच्चों की छिपी हुई क्षमताओं को निखारने और उन्हें आत्मविश्वासी बनाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं बच्चों में सकारात्मक सोच, रचनात्मकता और सीखने की नई ऊर्जा का संचार करती हैं। संस्थान का लक्ष्य बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ मानसिक रूप से भी मजबूत बनाना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।

*प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित*

कार्यक्रम के समापन समारोह में सभी प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अभिभावकों ने संस्थान की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में संस्थान परिवार ने सभी अभिभावकों, शिक्षकों एवं प्रतिभागी बच्चों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इसी प्रकार के नवाचारपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।

*अवैध कबाड़ कारोबारियों से लगभग 16 टन कबाड़ एवं 04 वाहन जप्त।*

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कबाड़ चोरी एवं अवैध कारोबार पर लगातार शिकंजा कस रही कोरबा पुलिस।

कोरबा –  पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में जिले में अपराधियों, कबाड़ चोरों एवं अवैध कारोबारियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लखन पटले, नगर पुलिस अधीक्षक दर्री श्री विमल पाठक (भा.पु.से.) नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री प्रतीक चतुर्वेदी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत *उरगा* एवं *कुसमुंडा पुलिस* को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है।

थाना उरगा की बड़ी कार्रवाई

दिनांक 06.06.2026 को थाना प्रभारी उरगा निरीक्षक नवीन पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम कुरूडीह स्थित एक बंद परिसर में दबिश दी। पंचों की उपस्थिति में की गई तलाशी के दौरान भारी मात्रा में लोहे का कबाड़ एवं वाहन बरामद किए गए।
कार्रवाई में एक माजदा डीआरएस पिकअप, एक 407 ट्रक एवं एक अन्य ट्रक से कुल लगभग 14 टन लोहे का कबाड़, मोटरसाइकिल के कटे-पार्ट्स सहित 03 वाहन जप्त किए गए। जप्त मशरूका एवं वाहनों की कुल अनुमानित कीमत ₹12.60 लाख आंकी गई है।

थाना कुसमुंडा की त्वरित कार्रवाई

वहीं दिनांक 07.06.2026 को थाना कुसमुंडा पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि वैशालीनगर जरहाझेल 06 नंबर बेरियर मार्ग पर एक संदिग्ध पिकअप वाहन लावारिस हालत में खड़ा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां पिकअप वाहन क्रमांक CG-10-E-8576 में लोहे की जाली, पाइप, रोलर एवं अन्य सामग्री सहित लगभग 02 टन लोहे का कबाड़ भरा हुआ मिला।
पुलिस की मौजूदगी का आभास होते ही वाहन चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। वाहन एवं कबाड़ सामग्री के संबंध में कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर उसे जप्त कर कब्जा पुलिस में लिया गया।

कुल 16 टन कबाड़ एवं 04 वाहन जप्त

दोनों थाना क्षेत्रों में की गई कार्रवाई के दौरान कुल लगभग 16 टन लोहे का कबाड़ एवं 04 वाहन जप्त किए गए। जप्त मशरूका एवं वाहनों की कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹13.40 लाख है।

प्रारंभिक जांच में जप्त कबाड़

संदिग्ध एवं लावारिस प्रकृति का पाए जाने तथा संबंधित व्यक्तियों द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर समस्त मशरूका को धारा 106 बीएनएसएस के तहत जप्त कर वैधानिक कार्यवाही की गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

अवैध कारोबारियों में मचा हड़कंप

कोरबा पुलिस की लगातार एवं प्रभावी कार्रवाई से अवैध कबाड़ कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है। पुलिस द्वारा कबाड़ चोरी, अवैध परिवहन एवं संदिग्ध गतिविधियों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

कोरबा पुलिस की अपील

जनसामान्य से अपील है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, चोरी के माल के अवैध कारोबार अथवा अपराध संबंधी सूचना तत्काल पुलिस को दें। आपकी सतर्कता अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

 

*कोरबा पुलिस द्वारा चलाया गया विशेष मुसाफिर चेकिंग अभियान।*

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 बाहरी व्यक्तियों की पहचान एवं आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच पर विशेष फोकस।

संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन कर मूल थानों से मंगाया जाएगा आपराधिक रिकॉर्ड।

कोरबा – जिले में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने तथा असामाजिक एवं आपराधिक तत्वों पर प्रभावी निगरानी रखने हेतु विशेष मुसाफिर चेकिंग अभियान चलाया गया। जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों में किराए के मकानों, लॉज, ढाबों एवं सार्वजनिक स्थानों पर ठहरे बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन किया गया।

अभियान के दौरान बाहर से आकर निवास कर रहे व्यक्तियों के आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र एवं अन्य वैध पहचान पत्रों की जांच की गई। साथ ही उनके निवास, कार्यस्थल एवं आगमन के उद्देश्य के संबंध में जानकारी एकत्रित की गई। सत्यापन के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर संबंधित व्यक्तियों की पूर्व आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है।

पुलिस द्वारा ऐसे व्यक्तियों के संबंध में एसएस रोल तैयार किए जा रहे हैं तथा आवश्यकता अनुसार उनके मूल थाना एवं जिला से आपराधिक रिकॉर्ड एवं चरित्र सत्यापन संबंधी जानकारी मंगाई जाएगी। जिन व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं, उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए वैधानिक कार्रवाई की जानकारी दी गई तथा अनावश्यक रूप से जिले में भ्रमण अथवा ठहराव न करने की हिदायत दी गई।

कोरबा पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिले में बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन एवं निगरानी की यह कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। आमजन से अपील की गई है कि अपने आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तत्काल निकटतम थाना अथवा डायल 112 को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

 

*पुरानी रंजिश को लेकर युवक पर किया था जानलेवा हमला।*

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 धारदार हथियार से हमला करने वाला आरोपी गिरफ्तार।


 
 घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद।

कोरबा  – पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले तथा नगर पुलिस अधीक्षक प्रतिक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिले में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस सहायता केंद्र मानिकपुर की टीम ने धारदार हथियार से हमला कर युवक को घायल करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 04 जून 2026 को प्रार्थी प्रकाश सिंह पिता उदय सिंह, निवासी रामनगर, कोरबा द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसका पुत्र प्रदीप दास शाम लगभग 06:40 बजे मोहल्ले में मौजूद था। इसी दौरान आरोपी ईश्वर बंजारे वहां पहुंचा और पुरानी रंजिश को लेकर विवाद करने लगा। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए अपने पास रखे धारदार कटरनुमा हथियार से प्रदीप दास पर हमला कर दिया।
घटना के दौरान बीच-बचाव करने आए लोगों के साथ भी आरोपी द्वारा मारपीट की गई, जिससे पीड़ित को गंभीर चोटें आईं। घायल को तत्काल उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया, जहां उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।

प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 493/2026 पंजीबद्ध कर आरोपी के विरुद्ध धारा 333, 296 एवं 115(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। चिकित्सकीय परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने पर प्रकरण में धारा 118(1) बीएनएस भी जोड़ी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सहायता केंद्र मानिकपुर की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ईश्वर बंजारे पिता रतन प्रसाद बंजारे, उम्र 21 वर्ष, निवासी रामनगर, कोरबा की तलाश शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद आरोपी को दिनांक 06 जून 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार भी बरामद कर लिया गया है। आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत कर पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है। मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों एवं संभावित आपराधिक गतिविधियों के संबंध में विस्तृत विवेचना जारी है।
कोरबा पुलिस आमजन की सुरक्षा, कानून व्यवस्था बनाए रखने एवं अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रतिबद्ध है। जिले में शांति व्यवस्था भंग करने वाले तथा आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

*नाबालिक बालिका को बहला फुसलाकर अपहरण कर ले जाने वालेे आरोपी को किया गिरफ्तार*

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*नाबालिक बालिका को बहला फुसलाकर अपहरण कर ले जाने वालेे आरोपी को किया गिरफ्तार*⚡⚡⚡

            ♦️पाक्सो एक्ट की धारा में आरोपी को भेजा गया न्यायिक रिमांड पर जेल ⚡⚡⚡

 

 

गिरफ्तार आरोपी- नितिश कुमार टेंगवर पिता रामफल सूर्यवंशी उम्र 30 साल निवासी ग्राम नरगोडा थाना सीपत जिला बिलासपुर छ0ग0

 

 

 संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर– मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी ने दिनांक 04.06.2026 को रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसकी नाबालिक लडकी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला फुसलाकर भगाकर ले गया है। रिपोर्ट पर थाना सीपत में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। श्रीमान पुलिस उप महानिरीक्षक एवम् वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के द्वारा महिला एवं बच्चो से सम्बधित अपराध में जीरो टाॅलरेंस नीति के तहत त्वरित एवं सक्त कार्यवाही करने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है जिसके पालन में अपहृत बालिका को मुखबिर सूचना के आधार पर, पता साजी के दौरान अपहृत बालिका एवं संदेही आरोपी नितिश टेंगवर, ग्राम नरगोडा में होने की सूचना पर थाना प्रभारी सीपत द्वारा टीम गठीत कर तत्का ग्राम नरगोडा रवाना किया गया, प्रकरण के अपहृता बालिका को आरोपी से बरामद किया गया, प्रकरण के आरोपी नितिश कुमार टेंगवर, अपहृता को बहला फुसला कर भगा कर अपने साथ ले जाकर शारीरिक शोषण करना पाये जाने से प्रकरण में धारा 87, 64 एवं पोक्सो की धारा 4, 6 जोडी गई। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

*उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सायकल चलाकर फिट रहने और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश* 

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*उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सायकल चलाकर फिट रहने और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश* 

 

*सायकिलिंग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखता है – श्री अरुण साव*

 

*’सन्डे ऑन सायकल’ कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री*

 

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव विश्व सायकल दिवस पर आज जगदलपुर में आयोजित ‘सन्डे ऑन सायकल’ (Sunday on Cycle) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान युवाओं के साथ सायकिलिंग और जुम्बा का आनंद लिया। उन्होंने कार्यक्रम में लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, फिट रहने व पर्यावरण को बचाने सायकल चलाने के लिए प्रेरित किया। सांसद श्री महेश कश्यप, महापौर श्री संजय पाण्डेय और कलेक्टर श्री आकाश छिकारा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में खुद सायकल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और फिट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सायकल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। नियमित सायकल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है। दैनिक जीवन में सायकल का उपयोग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है।

 

श्री साव ने कहा कि सायकल पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत का भी एक सरल माध्यम है। अधिक से अधिक सायकल का उपयोग कर हम स्वच्छ वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं। सायकल हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी है। हमें जितना संभव हो सके, सायकल का उपयोग करना चाहिए।

*12 वर्ष से फरार स्थायी वारंटी को आरपीएफ जबलपुर ने महाराष्ट्र से किया गिरफ्तार*

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*12 वर्ष से फरार स्थायी वारंटी को आरपीएफ जबलपुर ने महाराष्ट्र से किया गिरफ्तार*

रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) जबलपुर द्वारा लंबे समय से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई की गई है। यह गिरफ्तारी आरपीएफ जबलपुर की सतर्कता, निरंतर प्रयासों एवं प्रभावी समन्वय का परिणाम है।

 

माननीय रेलवे न्यायालय द्वारा जारी स्थायी वारंट के आधार पर आरोपी जगन पिता लक्ष्मण यादव (उम्र 38 वर्ष) निवासी ग्राम वोदरे, थाना चालीसगांव, जिला जलगांव (महाराष्ट्र) की तलाश की जा रही थी। आरोपी के विरुद्ध सी.सी. क्रमांक 2164/15, अपराध क्रमांक 401/14 के अंतर्गत रेलवे अधिनियम की धारा 160 एवं 174 के तहत प्रकरण दर्ज था तथा वह पिछले लगभग 12 वर्षों से गिरफ्तारी से बचता आ रहा था।

 

आरोपी की गिरफ्तारी हेतु पूर्व में जनवरी माह में आरपीएफ जबलपुर के उप निरीक्षक अरविंद कुमार सिंह एवं स्टाफ द्वारा उसके निवास स्थान पर जाकर पतासाजी की गई थी, किन्तु आरोपी बंजारा समुदाय से संबंधित होने तथा लगातार स्थान बदलते रहने के कारण अपने पते पर उपलब्ध नहीं मिला।

 

इसके पश्चात आरोपी की गिरफ्तारी हेतु एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा महाराष्ट्र के जलगांव जिले में पहुंचकर स्थानीय स्तर पर विस्तृत जानकारी एकत्रित की गई, क्षेत्र की गोपनीय रेकी की गई तथा आरोपी की गतिविधियों पर निगरानी रखी गई। स्थानीय पुलिस थाना नानगांव के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके निवास स्थान से लगभग 80 किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

 

गिरफ्तारी के दौरान एवं जबलपुर लाते समय आरोपी द्वारा कई बार पुलिस दल को चकमा देकर भागने का प्रयास किया गया, किन्तु आरपीएफ टीम की सतर्कता एवं सूझबूझ के कारण उसके सभी प्रयास विफल रहे और उसे सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर जबलपुर लाया गया।

 

गिरफ्तार वारंटी को दिनांक 08 जून 2026 को रेलवे न्यायालय के समक्ष अग्रिम वैधानिक कार्यवाही हेतु प्रस्तुत किया जाएगा।

 

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली आरपीएफ टीम में निम्न अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे—

 

उप निरीक्षक अरविंद कुमार सिंह

प्रधान आरक्षक जितेंद्र तिवारी

आरक्षक सूर्यनाथ यादव

 

आरपीएफ जबलपुर द्वारा फरार अपराधियों एवं वारंटियों के विरुद्ध विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई कानून के प्रति आरपीएफ की प्रतिबद्धता तथा अपराधियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के संकल्प को दर्शाती है।

*जल संरक्षण का महाअभियान: मनरेगा से गांवों में बढ़ रहा जल भंडार, हरियाली और आजीविका*

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*जल संरक्षण का महाअभियान: मनरेगा से गांवों में बढ़ रहा जल भंडार, हरियाली और आजीविका*

 

‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान से जल संरक्षण बना जनआंदोलन, रोजगार और ग्रामीण समृद्धि को मिली नई गति

 

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर, जलवायु परिवर्तन, अनिश्चित वर्षा और बढ़ते जल संकट के बीच छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को लेकर एक व्यापक जनअभियान आकार ले रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत संचालित ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के माध्यम से प्रदेशभर में जल संरक्षण, रोजगार सृजन, हरित विकास और आजीविका संवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। जल संरक्षण अब केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह जनभागीदारी से संचालित एक व्यापक सामाजिक पहल के रूप में विकसित हो रहा है।

 

अभियान के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 1610 करोड़ रुपये की लागत से एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें तालाब, डबरियां, चेकडैम, जल संवर्धन संरचनाएं, स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच, खेत तालाब और अन्य जल संरक्षण कार्य शामिल हैं। इन परिसंपत्तियों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में भूमि में रोकना, भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को सुदृढ़ करना है।

 

इन कार्यों के माध्यम से प्रदेश में प्रतिदिन 11 लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है, जिनमें 57 प्रतिशत महिलाएं हैं। इस प्रकार जल संरक्षण का यह अभियान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम भी बन रहा है।

 

जल संरक्षण से आजीविका का सृजन

 

राज्य सरकार ने जल संरक्षण को सीधे ग्रामीण आजीविका से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। समाज के संवेदनशील और कमजोर वर्गों की निजी भूमि पर 13,065 आजीविका डबरियों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इन परिसंपत्तियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को मत्स्य पालन, बागवानी, सब्जी उत्पादन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों के अवसर मिल रहे हैं।

 

इसी प्रकार ‘नवा तरिया-आय के जरिया’ पहल के अंतर्गत 624 सामुदायिक तालाब विकसित किए जा रहे हैं। इन जल संरचनाओं को स्वयं सहायता समूहों, विशेषकर महिला समूहों की आजीविका से जोड़ने की पहल की गई है, जिससे जल संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण का एक प्रभावी मॉडल विकसित हो रहा है।

 

पहाड़ियों पर ट्रेंच, मैदानों में जल संचयन

 

प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में ढलान और पहाड़ी भूभागों पर स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच (SCT) का निर्माण किया जा रहा है। ये संरचनाएं वर्षा जल के तेज बहाव को रोककर उसे भूमि में समाहित होने का अवसर देती हैं। इससे मिट्टी का कटाव कम होता है, भू-जल स्तर में सुधार होता है और वृक्षारोपण को आवश्यक नमी उपलब्ध होती है। जल संरक्षण और वृक्षारोपण के इस समन्वित प्रयास से हरित आवरण में वृद्धि हो रही है तथा पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिल रही है।

 

तकनीक से जल संरक्षण को नई दिशा

 

‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान की एक प्रमुख विशेषता आधुनिक तकनीकों का उपयोग है। कार्यों की वैज्ञानिक योजना और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए GIS आधारित युक्तधारा प्लानिंग, CLART एप तथा वाटरशेड सिद्धांतों का उपयोग किया जा रहा है।

 

भू-जल स्तर की निगरानी के लिए जलदूत प्रणाली लागू की गई है, जिसके माध्यम से खुले कुओं के जल स्तर का नियमित मापन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर जल स्तर की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कर जल बजट तैयार करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

 

पारदर्शिता और जनभागीदारी का मॉडल

 

मनरेगा के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से ग्रामीण अपने गांव में स्वीकृत और पूर्ण कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। रोजगार दिवस, आवास दिवस, सामाजिक अंकेक्षण और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों की भागीदारी और निगरानी को बढ़ावा दिया जा रहा है।

 

भागीदारी से साझेदारी की ओर

 

जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण का यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले चुका है। ग्राम सभाओं, जागरूकता अभियानों और सामुदायिक प्रयासों के माध्यम से जल संरक्षण को लोगों के दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

 

छत्तीसगढ़ का ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान आज यह दिखा रहा है कि जल संरक्षण, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़कर ग्रामीण विकास का एक स्थायी और समावेशी मॉडल विकसित किया जा सकता है। यह अभियान केवल पानी बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि गांवों में समृद्धि, आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय संतुलन की नई नींव रख रहा है।

*चंद्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने बच्चों को कराया स्वर्णप्राशन*

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*चंद्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने बच्चों को कराया स्वर्णप्राशन*

 

*आयुर्वेदिक परंपरा और स्वस्थ बाल्य जीवन के महत्व को किया रेखांकित*

 

 

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर,/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज धमतरी जिले के ग्राम छाती स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित चंद्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अधिवेशन परिसर में लगाए गए विभिन्न प्रदर्शनी एवं जागरूकता स्टॉलों का अवलोकन किया तथा बच्चों को स्वर्ण प्राशन संस्कार कराकर स्वस्थ एवं सशक्त बाल्य जीवन का संदेश दिया।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न संस्कारों की समृद्ध परंपरा रही है। स्वर्ण प्राशन भी ऐसे ही महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है, जिसका उल्लेख आयुर्वेद में मिलता है। यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने में सहायक माना जाता है।

 

उल्लेखनीय है कि स्वर्ण प्राशन बच्चों में किए जाने वाले प्रमुख संस्कारों में से एक है। आयुर्वेद में इसे बाल स्वास्थ्य संवर्धन की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना गया है। आधुनिक चिकित्सा पद्धति में जिस प्रकार विभिन्न टीकों के माध्यम से बच्चों की प्रतिरक्षा क्षमता को मजबूत किया जाता है, उसी प्रकार आयुर्वेद में वैदिक काल से स्वर्ण प्राशन संस्कार के माध्यम से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का उल्लेख मिलता है। इसे आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन की पारंपरिक प्रक्रिया के रूप में भी देखा जाता है।

 

अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों से भेंट कर सामाजिक एकता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के संबंध में चर्चा की। उन्होंने समाज द्वारा बच्चों एवं युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

 

इस अवसर पर कुरूद विधायक श्री अजय चंद्राकर, श्री विनोद चंद्राकर, श्री पूनम चंद्राकर, समाज के केंद्रीय अध्यक्ष श्री दिनेश चंद्राकर सहित समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।