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*कोटमी सोनार मारपीट मामले में आरोपी गिरफ्तार* 

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*कोटमी सोनार मारपीट मामले में आरोपी गिरफ्तार* 

 *विज्ञप्ति फोटो में पुलिसकर्मी की वर्दी संबंधी प्रोटोकॉल पर उठ रहे सवाल* 

 मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा :- जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कोटमी सोनार निवासी शुभम सोनी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने रोशन खान के विरुद्ध अपराध क्रमांक 331/26 दर्ज किया है। शिकायत के अनुसार 10 जून 2026 की रात्रि रैली निकालने एवं नेता बनने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद कथित रूप से गाली-गलौज और मारपीट की घटना सामने आई। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।

इसी बीच मामले से संबंधित एक फोटो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। तस्वीर में पुलिस सहायता केंद्र कोटमी सोनार के सामने एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी जिसका नाम तारिकेश पांडे बताया जा रहा है, जिसके सिर पर पुलिस टोपी नजर नहीं आ रही है। कुछ स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस वर्दी एवं ड्रेस प्रोटोकॉल के पालन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

हालांकि, केवल एक फोटो के आधार पर किसी प्रकार की अनुशासनहीनता अथवा प्रोटोकॉल उल्लंघन की पुष्टि नहीं की जा सकती। इस संबंध में पुलिस विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना शेष है। यदि विभागीय नियमों के तहत किसी विशेष परिस्थिति जैसे प्रेस विज्ञप्ति जारी करने संबंधित समय में टोपी पहनना अनिवार्य था या नहीं, इसका निर्णय संबंधित अधिकारी ही कर सकते हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार प्रेस विज्ञप्ति के संबंध में जारी कोटमी सोनार पुलिस सहायता केंद्र में प्रधान आरक्षक तारिकेश पांडे के द्वारा इस प्रकार टोपी न पहनने का यह पहला मामला नहीं है इससे पहले भी कई बार तारिकेश पांडे को शिवरीनारायण, पामगढ़ इत्यादि अपने स्थानीय तथा क्षेत्रीय जगहों पर अक्सर देखा जाता रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना रहता है कि प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करना है। वहीं, स्थानीय नागरिकों का मानना है कि पुलिसकर्मियों को वर्दी संबंधी सभी मानकों का भी पालन करना चाहिए ताकि जनता के बीच अनुशासन और पेशेवर छवि बनी रहे।

इस मामले में किसी भी प्रकार की विभागीय टिप्पणी या कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

*शिक्षण सत्र से पहले स्कूल बसों की सघन जांच,चालकों का भी किया गया स्वास्थ्य परीक्षण*

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*शिक्षण सत्र से पहले स्कूल बसों की सघन जांच,चालकों का भी किया गया स्वास्थ्य परीक्षण*

*29 स्कूल बसों का निरीक्षण, 10 बसों में मिली कमियां; सुधार के बाद ही संचालन के निर्देश*

 मुकेश साहू ब्यूरो लोरमी मुंगेली, // शिक्षण सत्र के प्रारंभ होने से पूर्व जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से स्कूल बसों का व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में एसएनजी कॉलेज मैदान में आयोजित इस विशेष जांच अभियान के दौरान स्कूल बसों की तकनीकी एवं सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया गया। जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप किए गए निरीक्षण में जिले की 29 स्कूल बसें जांच के लिए पहुंची। निरीक्षण के दौरान बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मानकों का परीक्षण किया गया। वहीं अनुपस्थित बसों के संचालकों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई।

निरीक्षण में 10 बसों में फर्स्ट एड बॉक्स, जीपीएस, अग्निशमन यंत्र सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की कमी पाई गई। संबंधित स्कूल प्रबंधन एवं वाहन संचालकों को निर्देशित किया गया कि सभी कमियों को तत्काल दूर कर शिक्षण सत्र प्रारंभ होने से पूर्व निर्धारित मानकों के अनुरूप बसों का संचालन सुनिश्चित करें। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी सहभागिता निभाई। बस चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए रक्तचाप, शुगर एवं नेत्र परीक्षण किया गया, ताकि बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर स्कूल वाहनों का निरीक्षण किया जाता है तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

*बकरी पालन बना समृद्धि का आधार एटीआर के वनांचल ग्राम सुरही के रामलाल लकड़ा ने बनाया आर्थिक उन्नति का जरिया*

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*बकरी पालन बना समृद्धि का आधार

एटीआर के वनांचल ग्राम सुरही के रामलाल लकड़ा ने बनाया आर्थिक उन्नति का जरिया*

*185 बकरियों के पालन से हर वर्ष प्राप्त कर रहे लगभग 01 लाख रुपये की आय*

 मुकेश साहू ब्यूरो लोरमी मुंगेली,// ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आज आजीविका का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर ग्राम सुरही निवासी श्री रामलाल लकड़ा ने बकरी पालन को अपनी आर्थिक उन्नति का आधार बनाया है। श्री रामलाल लकड़ा ने बताया कि वे पिछले 10 वर्षों से बकरी पालन का कार्य कर रहे हैं। शुरुआत कुछ बकरियों से की गई थी, लेकिन निरंतर परिश्रम और बेहतर प्रबंधन के कारण आज उनके पास लगभग 185 बकरियां हैं। बकरी पालन से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग एक लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे परिवार की जरूरतें पूरी करने में आसानी हो रही है।

रामलाल ने बताया कि बकरी पालन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है। इससे उन्हें नियमित आय प्राप्त होती है और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि पशुपालन के क्षेत्र में निरंतर प्रयास और सही देखभाल से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं और ग्रामीणों से भी कृषि के साथ-साथ पशुपालन को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भर बनने का प्रभावी माध्यम है। बकरी पालन ने उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास दोनों बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग किया जाए तो पशुपालन जैसे व्यवसाय भी आर्थिक समृद्धि की नई राह खोल सकते हैं।

*महतारी वंदन योजना: महिलाओं को प्रतिमाह मिल रही सम्मान की राशि*

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*महतारी वंदन योजना: महिलाओं को प्रतिमाह मिल रही सम्मान की राशि*

*बुजुर्ग महिला लैनी अपने ईलाज सहित छोटी-मोटी जरूरतों को कर रही पूरा*

 मुकेश साहू ब्यूरो लोरमी मुंगेली,// मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के माध्यम से पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 01 हजार रूपए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे महिलाएं अपने जीवन स्तर में सुधार के साथ ही स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो गई है। योजना के माध्यम से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनकी छोटी-मोटी आवश्यकताओं को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में मुंगेली की निवासी बुजुर्ग महिला श्रीमती लैनी गंधर्व भी योजना से लाभान्वित होकर अपने ईलाज सहित छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा कर रही हैं।

श्रीमती लैनी गंधर्वा ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें प्रतिमाह मिलने वाली सम्मान की राशि से घर-परिवार की छोटी-बड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी मदद मिल रही है। पहले घरेलू खर्चों के लिए पूरी तरह परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब उनके पास स्वयं की आर्थिक सहायता उपलब्ध होने से आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने बताया कि यह योजना महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार की ओर अग्रसर करने का भी कार्य कर रही है।

*फिल्में समाज में सकारात्मक बदलाव की सशक्त माध्यम हैं – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

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*फिल्में समाज में सकारात्मक बदलाव की सशक्त माध्यम हैं – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

*कला, संस्कृति और सिनेमा के संरक्षण-संवर्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री श्री साय*

*गिधनी पाठ (छुरा) में विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये तथा धमतरी में सेन समाज भवन हेतु 10 लाख रुपये की घोषणा*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में संस्कृति विभाग एवं छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माताओं, कलाकारों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों के सम्मान समारोह में शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि फिल्में केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज की सोच, संस्कृति और संवेदनाओं को दिशा देने वाली सशक्त विधा हैं। एक अच्छी फिल्म समाज में जागरूकता पैदा करती है और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करती है। भारतीय सिनेमा ने समय-समय पर सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मदर इंडिया जैसी फिल्मों ने भारतीय समाज में नैतिक मूल्यों, त्याग और आत्मसम्मान की भावना को सुदृढ़ किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा का गौरवशाली इतिहास रहा है। पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म कही देबे संदेश ने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सार्थक संदेश दिया था। आज छालीवुड की फिल्में मनोरंजन के साथ-साथ व्यावसायिक सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म के विस्तार से फिल्मों की पहुंच समाज के हर वर्ग तक हुई है, ऐसे में जिम्मेदार, सकारात्मक और मूल्याधारित सिनेमा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को नई पहचान दिलाने और स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम को पुनः सक्रिय किया गया है। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष जनवरी में 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एवं कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का भूमिपूजन किया गया है। इस परियोजना से राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, हजारों कलाकारों, तकनीशियनों एवं श्रमिकों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा फिल्म पर्यटन को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम एवं संस्कृति विभाग को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की कला, संस्कृति और सिनेमा को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह सराहनीय पहल है। ऐसे सम्मान समारोह कलाकारों और रचनाकारों का मनोबल बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को भी प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम में 11 देशों में सम्मानित छत्तीसगढ़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्म “छत्तीसगढ़ का भीम – चिंताराम” का विशेष प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन को जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी दीं।

इस अवसर पर उन्होंने गरियाबंद जिले के छुरा क्षेत्र स्थित गिधनी पाठ में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये तथा धमतरी में सेन समाज भवन निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की घोषणा की।

इस अवसर पर सर्व सेन समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री पुनीत सेन, वरिष्ठ फिल्म निर्माता श्री मोहन सुंदरानी, छत्तीसगढ़ फिल्म उद्योग से जुड़े निर्माता, निर्देशक, कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

*रेशम, खादी और हथकरघा क्षेत्र को नई दिशा: केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश*

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*रेशम, खादी और हथकरघा क्षेत्र को नई दिशा: केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश*

*बुनकरों और शिल्पियों की आय बढ़ाने के लिए डिजाइन प्रशिक्षण एवं नवाचार पर जोर*

*उद्यमियों को 5 लाख रुपये तक वार्षिक आय दिलाने विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश*

*रेशम उत्पादन, प्राकृतिक रंगों और निर्यात संवर्धन को मिलेगा बढ़ावा*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर,/केंद्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने रेशम उत्पादन बढ़ाने पर विशेष बल देते हुए विभागीय अधिकारियों को प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हथकरघा बुनकरों, शिल्पियों एवं कारीगरों को डिजाइन विकास संबंधी नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, ताकि उनके उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़े तथा उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह की अध्यक्षता में राज्य अतिथि गृह (पहुना) में आज आयोजित समीक्षा बैठक में रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा विकास एवं विपणन संघ के अध्यक्ष श्री भोजराज देवांगन, ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्री राजेश सिंह राणा, छत्तीसगढ़ माटी कला एवं हस्तशिल्प बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री जयप्रकाश मौर्य, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की प्रबंध संचालक श्रीमती लीना कमलेश मंडावी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण एवं कुटीर उद्योग क्षेत्र के उद्यमियों की वार्षिक आय 5 लाख रुपये तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र में कार्यरत उद्यमियों को निर्यात एजेंसियों से जोड़ा जाए तथा उनके उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित किया जाए, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिल सके

बैठक में सिल्क एवं कॉटन उत्पादों में अन्य प्राकृतिक रेशों के समावेश के माध्यम से नवीन उत्पाद विकसित करने तथा बाजार विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

केंद्रीय मंत्री ने रेशम केंद्रों में रेशम पौधों के साथ फ्लोरीकल्चर एवं सब्जी उत्पादन की मिश्रित खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए, जिससे कृमिपालकों एवं कीटपालकों की आय में अतिरिक्त वृद्धि हो सके।

उन्होंने वस्त्र निर्माण में प्राकृतिक रंगों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए हल्दी, कत्था, मेहंदी तथा विभिन्न पुष्पों से प्राप्त रंगों के अधिकाधिक प्रयोग की आवश्यकता बताई। साथ ही हथकरघा क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक डिजाइन एवं उत्पाद विकास को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) के सहयोग से कार्य करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में खादी, ग्रामोद्योग, हथकरघा, हस्तशिल्प एवं रेशम क्षेत्र के समग्र विकास, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के विभिन्न उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।

*एकलव्य विद्यालय: अतिथि शिक्षकों की भर्ती हेतु वाक इन इंटरव्यू 22 जून को*

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*एकलव्य विद्यालय: अतिथि शिक्षकों की भर्ती हेतु वाक इन इंटरव्यू 22 जून को*

 मुकेश साहू ब्यूरो लोरमी मुंगेली, // विकासखण्ड लोरमी के ग्राम बंधवा स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अतिथि शिक्षकों की भर्ती हेतु 22 जून को वाक इन इंटरव्यू का आयोजन किया जाएगा। विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि शिक्षकों के रिक्त पदों तथा सत्र के दौरान कर्मचारी के लम्बे अवकाश पर जाने की संभावना वाले पदों हेतु अतिथि शिक्षकों का पैनल तैयार किया जाएगा। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित समय एवं स्थान पर उपस्थित होकर इंटरव्यू में शामिल हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए विद्यालय के प्राचार्य से सम्पर्क किया जा सकता है।

*किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद एवं बीज उपलब्ध कराने कृषि केन्द्रों का किया गया निरीक्षण*

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*किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद एवं बीज उपलब्ध कराने कृषि केन्द्रों का किया गया निरीक्षण*

*बीज भंडारण एवं वितरण में अनियमितता पर 03 कृषि केन्द्रों पर प्रतिबंध व 01 को नोटिस जारी*

 मुकेश साहू ब्यूरो लोरमी मुंगेली, // खरीफ मौसम 2026 की शुरुआत के साथ ही किसानों को उच्च गुणवत्तायुक्त खाद एवं बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने जिला प्रशासन सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में खाद एवं बीज के भंडारण, वितरण और निगरानी की सतत व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री सहज रूप से उपलब्ध हो सके। इसी क्रम में जिले के विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों में किसानों को वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुरूप संतुलित उर्वरकों का वितरण कराया जा रहा है। उप संचालक कृषि श्रीमती वीणा ठाकुर ने बताया कि जिला मुख्यालय स्थित विभिन्न निजी कृषि केन्द्रों में यूरिया वितरण की व्यवस्था की गई।

जिले के किसानों की सुविधा के लिए इन केंद्रों में शुद्ध पेयजल, छाया एवं बैठने की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही कृषि आदानों की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। विकासखंड लोरमी अंतर्गत अखरार, खुड़िया एवं दरवाजा में विभिन्न कृषि केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बीज भंडारण एवं वितरण में अनियमितताएं पाए जाने पर श्री राधे कृषि केंद्र अखरार, शरद कृषि केंद्र रामूनगर अखरार तथा कृष्णा कृषि केंद्र खुड़िया में बीज विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया। वहीं मां कल्याणी कृषि केंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त श्री राधे कृषि केंद्र अखरार एवं शरद कृषि केंद्र रामूनगर अखरार में उर्वरक भंडारण एवं वितरण संबंधी अनियमितताएं पाए जाने पर भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निरीक्षण के दौरान, अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्री सुभाष सोनी, जिला उर्वरक निरीक्षक श्री मनहरण कुर्रे तथा कृषि निरीक्षक श्री हेमंत लाहौर एवं श्री संजय सोनवानी उपस्थित रहे।

*अनुसूचित जाति बालक खेल परिसर में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा 22-23 जून को*

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*अनुसूचित जाति बालक खेल परिसर में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा 22-23 जून को*

*प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को निःशुल्क आवास, भोजन और खेल प्रशिक्षण की सुविधा*

 मुकेश साहू ब्यूरो लोरमी मुंगेली, // अनुसूचित जाति बालक खेल परिसर, मुंगेली में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा का आयोजन 22 एवं 23 जून 2026 को जिला मुख्यालय स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में किया जाएगा। खेल प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें उच्च स्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह चयन प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग ने बताया कि खेल परिसर में एथलेटिक्स, व्हॉलीबॉल, तीरंदाजी, बास्केटबॉल एवं बेसबॉल जैसी खेल विधाओं में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। चयनित खिलाड़ियों को अनुभवी प्रशिक्षकों एवं व्यायाम अनुदेशकों के मार्गदर्शन में नियमित प्रशिक्षण मिलेगा। प्रवेश के लिए ऐसे अनुसूचित जाति वर्ग के बालक पात्र होंगे, जो माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत हैं तथा जिनका जन्म 01 जनवरी 2014 अथवा उसके बाद हुआ है। चयन प्रक्रिया में 50 मीटर दौड़, 400 मीटर दौड़, पुश-अप, सिटअप, अपर बॉडी बेंडिंग, गतिशील स्फूर्ति परीक्षण, स्टैंडिंग जंप, उछाल परीक्षण एवं शटल रेस सहित विभिन्न शारीरिक दक्षता परीक्षाएं ली जाएंगी।

राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 05 अंक तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भागीदारी करने वाले खिलाड़ियों को 10 अंक का बोनस भी दिया जाएगा। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक वर्ष अनुत्तीर्ण छात्र भी प्रवेश के लिए पात्र होंगे। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित आवेदन पत्र के साथ पिछली कक्षा की अंकसूची, जाति प्रमाण-पत्र एवं निवास प्रमाण-पत्र संलग्न कर 20 जून 2026 तक अनुसूचित बालक छात्रावास खेल परिसर, मुंगेली तथा जिला कलेक्टोरेट स्थित कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग में आवेदन जमा कर सकते हैं। चयनित विद्यार्थियों को खेल परिसर में निःशुल्क आवास, पौष्टिक भोजन, खेल सामग्री एवं प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा प्रतिवर्ष ट्रैक सूट, जूते, मोजे, टी-शर्ट, नेकर एवं शालेय गणवेश भी शासन द्वारा प्रदान किए जाएंगे। विद्यार्थी कक्षा 12वीं तक अध्ययन अवधि के दौरान खेल परिसर में रहकर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

*16 जून से 15 अगस्त तक रहेगा मत्स्याखेट पर प्रतिबंध उल्लंघन पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना*

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*16 जून से 15 अगस्त तक रहेगा मत्स्याखेट पर प्रतिबंध*

*उल्लंघन पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना*

 मुकेश साहू ब्यूरो लोरमी मुंगेली, // वर्षा ऋतु में मछलियों के प्रजनन एवं संरक्षण को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक की अवधि को बंद ऋतु घोषित किया गया है। इस अवधि में प्रदेश के अधिकांश जल संसाधनों में मत्स्याखेट पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। मछली पालन विभाग के सहायक संचालक ने बताया कि छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम-1972 की धारा 3 उपधारा 2 (दो) के तहत मछलियों की प्राकृतिक वंशवृद्धि एवं जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित करने उक्त अवधि में मत्स्याखेट प्रतिबंधित किया गया है। बंद ऋतु के दौरान प्रदेश के सभी नदी, नाले, तालाब एवं अन्य जल स्रोतों में मत्स्याखेट गतिविधियों पर रोक रहेगी। हालांकि, ऐसे छोटे तालाब एवं जल स्रोत जिनका संबंध किसी नदी या नाले से नहीं है तथा जलाशयों में संचालित केज कल्चर गतिविधियां इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ मत्स्य क्षेत्र अधिनियम, 1948 की धारा 5 के तहत दोषी पाए जाने पर 25 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।