Home Blog Page 109

*बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने परखी जेल व्यवस्थाएं, बंदियों से सीधे संवाद कर जाना हाल*

0

*बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने परखी जेल व्यवस्थाएं, बंदियों से सीधे संवाद कर जाना हाल*

*स्वास्थ्य, भोजन, स्वच्छता एवं न्यायिक सहायता व्यवस्थाओं का लिया जायजा*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली // जिला जेल में बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं विधिक सहायता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बोर्ड ऑफ विजिटर्स द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बंदियों की समस्याओं, सुविधाओं तथा न्यायिक सहायता से जुड़े विभिन्न पहलुओं का गहन परीक्षण किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार आयोजित इस निरीक्षण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुंगेली की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती गिरिजा देवी मेरावी सहित अधिकारियों की टीम ने जिला जेल का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जेल की विभिन्न बैरकों का भ्रमण कर बंदियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने न्यायालय में लंबित प्रकरणों की जानकारी लेने के साथ-साथ बंदियों के स्वास्थ्य, भोजन, पेयजल, स्वच्छता, भोजन कक्ष, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अभिरक्षाधीन बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता की भी समीक्षा की गई। बंदियों से यह जानकारी ली गई कि उन्हें अपने प्रकरणों की पैरवी के लिए आवश्यक कानूनी सहायता मिल रही है या नहीं। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के माध्यम से प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की गई।

अधिकारियों ने जेल लीगल एड क्लिनिक के कार्यों की समीक्षा करते हुए बंदियों को समय पर और प्रभावी कानूनी सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण का उद्देश्य बंदियों के अधिकारों की रक्षा, न्याय तक उनकी सहज पहुंच सुनिश्चित करना तथा जेल में उपलब्ध सुविधाओं को और बेहतर बनाना रहा। निरीक्षण दल में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राकेश कुमार सोम, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती जसविन्दर कौर अजमानी मलिक, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती कंचन लता आचला, थाना प्रभारी श्री कार्तिकेश्वर जांगड़े सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल रहे। इस दौरान जेल अधीक्षक सुश्री ममता पटेल एवं विधिक सहायता से जुड़े अधिकारी भी उपस्थित थे।

*प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से ग्राम गीधा के भगतराम साहू मिल रही बड़ी राहत*

0

*प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से ग्राम गीधा के भगतराम साहू मिल रही बड़ी राहत*

*योजना के तहत प्राप्त राशि से कृषि कार्यों में मिल रही आर्थिक सहायता*

मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली // किसानों की आर्थिक मजबूती और कृषि लागत में सहयोग के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन रही है। योजना के तहत लाभ लेकर मुंगेली विकासखंड के ग्राम गीधा निवासी भगतराम साहू अपनी खेती को और अधिक सुदृढ़ बना रहे हैं। भगतराम ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग वे खेती-किसानी के विभिन्न कार्यों में करते हैं। विशेष रूप से खाद, उर्वरक एवं अन्य कृषि आदानों की व्यवस्था करने में यह राशि उनके लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। इससे खेती की लागत का कुछ हिस्सा आसानी से पूरा हो जाता है और समय पर कृषि कार्य संपादित करने में मदद मिलती है।

भगतराम साहू ने कहा कि पहले खेती के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने में कई बार आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से मिलने वाली सहायता राशि कृषि कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने में सहयोग कर रही है। इससे खेती के प्रति उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों को सीधे आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। समय पर मिलने वाली राशि से किसान अपनी कृषि आवश्यकताओं की पूर्ति कर बेहतर उत्पादन की ओर अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। यह योजना खेती को मजबूत बनाने के साथ-साथ किसानों के जीवन में आर्थिक स्थिरता और भरोसा भी प्रदान कर रही है।

*कृषि केंद्रों का किया गया औचक निरीक्षण, पर्याप्त मात्रा में मिला उर्वरकों का भंडारण*

0

*कृषि केंद्रों का किया गया औचक निरीक्षण, पर्याप्त मात्रा में मिला उर्वरकों का भंडारण*

*किसानों को निर्धारित दरों पर उर्वकर विक्रय के दिए गए निर्देश*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली // जिला प्रशासन द्वारा खरीफ मौसम 2026 में किसानों को उच्च गुणवत्तायुक्त खाद एवं बीज की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सक्रियता के साथ कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार खाद एवं बीज के भंडारण, वितरण और निगरानी की सतत व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम में 23 जून को कृषि विभाग की टीम द्वारा विकासखंड पथरिया एवं लोरमी के विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मेसर्स साहू कृषि केन्द्र लौदा, सेवा सहकारी समिति लौदा, मेसर्स कृषि एजेंसी एंड ट्रेडिंग, नितीन कृषि केन्द्र लोरमी तथा राठौर कृषि केन्द्र सारधा का निरीक्षण कर उपलब्ध उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था का जायजा लिया गया।

निरीक्षण में विभिन्न केंद्रों पर 70 टन यूरिया, 65 टन सिंगल सुपर फास्फेट, 35 टन एनपीके एवं 14.80 टन डीएपी उपलब्ध पाया गया। अधिकारियों ने संबंधित विक्रेताओं एवं संस्थाओं को निर्धारित दरों पर किसानों को उर्वरकों का विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप संचालक कृषि श्रीमती वीणा ठाकुर ने बताया कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए खाद एवं बीज की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। साथ ही कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए नियमित निरीक्षण अभियान भी जारी रहेगा। निरीक्षण के दौरान उर्वरक निरीक्षक श्री योगेश कुमार दुबे, श्रीमती निरजा कुलकर्णी तथा विकासखंड लोरमी के निरीक्षक श्री संजय सोनवानी उपस्थित रहे।

*मोतिमपुर (अमरटापू) पुल निर्माण में तकनीकी खामी पर त्वरित कार्यवाही*

0

*मोतिमपुर (अमरटापू) पुल निर्माण में तकनीकी खामी पर त्वरित कार्यवाही*

 *गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, दोबारा होगी ढलाई*

*क्षतिग्रस्त स्लैब हटाया गया, दोबारा होगा निर्माण*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली // जिले के मोतिमपुर (अमरटापू) मंदिर के दोनों ओर 1.70 किलोमीटर पहुंच मार्ग एवं आगर नदी पर पुल निर्माण का कार्य प्रगति पर है। इस कार्य के लिए 397.18 लाख रुपये की प्रशासनिक एवं 383.23 लाख रुपये की तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई है। निर्माण कार्य के अंतर्गत आगर नदी पर 15-15 मीटर स्पान के चार स्लैब, दो एबटमेंट, तीन पियर तथा पुल के दोनों ओर पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाना है। अब तक एक स्लैब का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा दूसरे स्लैब का कांक्रीट कार्य जारी था। ईई पी डब्ल्यू डी श्री शरद सतपथी ने बताया कि स्लैब कास्टिंग के समय मिक्सर मशीन चालक की लापरवाही के कारण मशीन का पहिया स्लैब की स्टील सेंटरिंग प्लेट पर चढ़ जाने से सेंटरिंग प्लेट एवं ताजा कांक्रीट (ढलाई) का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।

घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित हिस्से को तत्काल हटाकर पुनः गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ढलाई कराने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। साथ ही संबंधित कार्य का अब तक ठेकेदार को कोई भुगतान भी नहीं किया गया है। क्षतिग्रस्त कार्य का भुगतान नहीं किया जाएगा तथा निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण होने के बाद ही नियमानुसार भुगतान की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जिला प्रशासन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कार्य की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित, टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना उपलब्ध करायी जा सके।

*संक्रामक रोगों से बचेंगे गौवंश और भैंसवंशीय पशु*

0

*संक्रामक रोगों से बचेंगे गौवंश और भैंसवंशीय पशु*

*जिले में गलघोंटू एवं एकटंगिया से बचाव के लिए व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू*

*02 लाख 90 हजार से अधिक पशुओं को लगेंगे गलघोंटू एवं एकटंगिया रोग के टीके*

मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली, // वर्षा ऋतु में गौवंशीय एवं भैंसवंशीय पशुओं को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में पशु चिकित्सा विभाग द्वारा व्यापक टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशन में चल रहे इस अभियान के तहत जिले के लाखों पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है। पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक श्री आर. एम. त्रिपाठी ने बताया कि अभियान के अंतर्गत जिले में 01 लाख 91 हजार गौवंश एवं भैंसवंशीय पशुओं को गलघोंटू तथा 01 लाख 02 हजार बछड़ा-बछियों को एकटंगिया रोग से बचाव के लिए टीके लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गलघोंटू एवं एकटंगिया वर्षा ऋतु के प्रारंभ में फैलने वाले गंभीर भूमिजन्य संक्रामक रोग हैं।

गलघोंटू रोग का प्रकोप सामान्यतः स्वस्थ एवं युवा गौवंश और भैंसवंशीय पशुओं में अधिक देखा जाता है, जबकि एकटंगिया रोग से दो वर्ष तक की आयु के बछड़े एवं बछिया सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। समय पर उपचार एवं टीकाकरण नहीं होने पर इन रोगों से पशुओं की मृत्यु तक हो सकती है। पशु चिकित्सा विभाग ने जिले के सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं का समय पर निःशुल्क टीकाकरण अवश्य कराएं। इससे पशुधन को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखा जा सकेगा, आर्थिक नुकसान से बचाव होगा तथा जिले में पशुधन संरक्षण एवं संवर्धन को प्रभावी बढ़ावा मिलेगा।

*जनदर्शन में मिले 180 से अधिक आवेदन*

0

*जनदर्शन में मिले 180 से अधिक आवेदन*

*जाति प्रमाण पत्र, नाम सुधार, स्ट्रीट लाइट एवं अतिक्रमण सहित सभी आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही प्रारंभ*

मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली,// जिला कलेक्टोरेट में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं एवं मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार आयोजित जनदर्शन में अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी ने सभी आवेदनों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में जाति प्रमाण पत्र, नाम सुधार, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण हटाने सहित विभिन्न जनहित से जुड़े 180 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनके निराकरण की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ कर दी गई है।

खैरा-सेतगंगा निवासी अशोक नट ने जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने, ग्राम पेण्ड्रीतालाब की यशोदा यदु ने बी-1 अभिलेख में नाम संबंधी त्रुटि सुधार कराने तथा ग्राम बघनी भांवर के ग्रामीणों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल पर स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग रखी। वहीं ग्राम पलानसरी के ग्रामीणों ने शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। अतिरिक्त कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदन का परीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के निराकरण में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और प्रत्येक प्रकरण में संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य किया जाना चाहिए। जनदर्शन के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। जनदर्शन में मुंगेली एसडीएम श्री अजय शतरंज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

*शाला प्रवेशोत्सव में बच्चों का किया गया उत्साहपूर्ण स्वागत*

0

*शाला प्रवेशोत्सव में बच्चों का किया गया उत्साहपूर्ण स्वागत*

*शासकीय हाईस्कूल जोता में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया प्रवेशोत्सव*

*विद्यार्थियों को गणवेश और पुस्तकों का किया गया वितरण* 

मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली, // विकासखण्ड पथरिया अंतर्गत शासकीय हाईस्कूल जोता में नवीन शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ अवसर पर शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें निःशुल्क गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया, जिससे बच्चों में नए सत्र को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यालय के प्राचार्य श्री पुनाराम साहू ने बताया कि प्रवेशोत्सव के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं पुष्प भेंट कर स्वागत किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीण कृषि उद्यानिकी अधिकारी श्री सतीश नवरंग, अन्य अतिथियों एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व की जानकारी देते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में अभिभावकों को भी बच्चों की नियमित उपस्थिति एवं शिक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पालकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही।

*चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर प्राप्त सूचना से टला बाल विवाह*

0

*चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर प्राप्त सूचना से टला बाल विवाह*

*कलेक्टर के निर्देश पर संयुक्त टीम की त्वरित कार्यवाही, परिजनों की सहमति से विवाह स्थगित*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली, // जिले में बाल विवाह रोकथाम की दिशा में प्रशासन द्वारा सतर्कता बरतने के साथ सतत निगरानी रखी जा रही है। इसी कड़ी में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 में प्राप्त सूचना पर त्वरित कार्यवाही कर एक नाबालिग का बाल विवाह रोका गया। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार इस कार्यवाही से एक बच्चे के सुरक्षित और बेहतर भविष्य की राह सुनिश्चित हुई। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती संजुला शर्मा ने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 में प्राप्त सूचना के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई तथा पुलिस विभाग की टीम ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए संयुक्त कार्यवाही की। टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान बाल विवाह की पुष्टि हुई।

अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया। प्रभावी काउंसलिंग और समझाइश के बाद परिजनों ने बाल विवाह नहीं कराने की सहमति दी तथा विवाह कार्यक्रम को स्थगित कर दिया। बालिका को आगे की काउंसलिंग एवं आवश्यक संरक्षणात्मक कार्यवाही के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। प्रशासन की समयबद्ध पहल से न केवल एक बाल विवाह रोका गया, बल्कि बाल अधिकारों की रक्षा और जागरूकता का सकारात्मक संदेश भी समाज तक पहुंचा।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती अंजुबाला शुक्ला ने बताया कि बच्चों का सुरक्षित बचपन, शिक्षा और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं। कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या निकटतम प्रशासनिक अधिकारी को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्यवाही कर बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

*नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी: किसानों की नई पसंद नैनो उर्वरक*

0

*नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी: किसानों की नई पसंद नैनो उर्वरक*

*खेती में कम खर्च, बेहतर पोषण और अधिक उत्पादन*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली, // कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का विस्तार अब किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। खेती की बढ़ती लागत और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने की चुनौती के बीच नैनो उर्वरक किसानों के लिए किफायती एवं प्रभावी विकल्प बनकर उभर रहे हैं। कृषि विभाग द्वारा वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब जिले में दिखाई देने लगा है। जिले के ग्राम केहरपुर के किसान सूर्यप्रकाश ने बताया कि उन्होंने अपनी फसल में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का उपयोग किया है। इसके उपयोग से उन्हें फसल को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराने में सुविधा हुई है तथा खाद पर होने वाले खर्च में भी कमी आई है। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों के प्रयोग से खेती अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बन रही है।

कृषि विभाग के उपंसचालक ने बताया कि नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का संतुलित उपयोग फसलों की वृद्धि में सहायक होने के साथ-साथ उत्पादन क्षमता बढ़ाने और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। धान उत्पादक क्षेत्रों में जहां किसान परंपरागत रूप से प्रति एकड़ 02 से 03 बोरी यूरिया और 01 बोरी डीएपी का उपयोग करते हैं, वहीं नैनो उर्वरकों के प्रयोग से लागत में उल्लेखनीय कमी संभव हो रही है। विशेषज्ञों ने बताया कि 500 एमएल नैनो यूरिया की एक बोतल लगभग एक बोरी पारंपरिक यूरिया के बराबर प्रभावी मानी जाती है। इससे किसानों को उर्वरक लागत में बचत होने के साथ परिवहन और भंडारण की परेशानी भी कम होती है। इसी प्रकार 25 किलो डीएपी के साथ 500 एमएल नैनो डीएपी का उपयोग करने पर प्रति एकड़ 75 से 150 रुपये तक की बचत संभव है। कृषि विभाग किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग के प्रति लगातार जागरूक कर रहा है। इसका उद्देश्य कम लागत में अधिक उत्पादन, मिट्टी की सेहत में सुधार और पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है।

*प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि: खेती-किसानी के लिए महत्वपूर्ण सहारा*

0

*प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि: खेती-किसानी के लिए महत्वपूर्ण सहारा*

*कैलाश सिंह ठाकुर को खाद, उर्वरक आदि कृषि कार्यों में मिल रही मदद*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली, // किसानों की आर्थिक मजबूती और कृषि लागत में सहयोग के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 20 जून को पीएम किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी किया गया, इससे जिले के 85 हजार 324 किसानों के बैंक खातों में सीधे 17 करोड़ 06 लाख रुपये हस्तांतरित किए गए। मुंगेली विकासखंड के ग्राम हथनीकला निवासी कैलाश सिंह ठाकुर भी इस योजना से लाभान्वित होकर अपनी खेती को और अधिक सुदृढ़ बना रहे हैं। कैलाश सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग वे खेती-किसानी के विभिन्न कार्यों में करते हैं। विशेष रूप से खाद, उर्वरक एवं अन्य कृषि आदानों की व्यवस्था करने में यह राशि उनके लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। इससे खेती की लागत का कुछ हिस्सा आसानी से पूरा हो जाता है और समय पर कृषि कार्य संपादित करने में मदद मिलती है।

कैलाश सिंह ठाकुर ने कहा कि पहले खेती के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने में कई बार आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से मिलने वाली सहायता राशि कृषि कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने में सहयोग कर रही है। इससे खेती के प्रति उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों को सीधे आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। समय पर मिलने वाली राशि से किसान अपनी कृषि आवश्यकताओं की पूर्ति कर बेहतर उत्पादन की ओर अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। यह योजना खेती को मजबूत बनाने के साथ-साथ किसानों के जीवन में आर्थिक स्थिरता और भरोसा भी प्रदान कर रही है।