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*अब तक तीन हजार चार सौ से अधिक अनाधिकृत निर्माणों का नियमितिकरण*

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नियमितिकरण प्राधिकार समिति की बैठक: आज चौदह सौ से अधिक अनाधिकृत निर्माण हुए नियमित

नियमों के सरल होने के बाद आसान और तेज हुआ नियमितिकरण

कलेक्टर की अपील

रायपुर,,मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर नियमों के सरल होने  के बाद जिले में घरों और प्लाटों पर अनाधिकृत तरीके से बनाएं गये भाग का नियमितिकरण अब तेजी से हो रहा है। रायपुर जिले में अब-तक तीन हजार 438 अनाधिकृत निर्माण कार्य नियमित किये जा चुके है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे की अध्यक्षता में आज नियमितिकरण प्राधिकार समिति की बैठक में भी एक हजार 410 प्रकरणों को नियमित किया गया है। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में हुई आज की बैठक में रायपुर नगर-निगम क्षेत्र के एक हजार 275, बीरगांव नगर निगम क्षेत्र के 101 प्रकरणों के साथ नगर निवेश क्षेत्रों के 34 अनाधिकृत निर्माणों को नियमित कर दिया गया। आज की बैठक में नियमित किए गए प्रकरणों में से रायपुर नगर निगम क्षेत्र में सबसे अधिक 979 प्रकरण आवासीय और 296 गैर आवासीय अनाधिकृत निर्माण के है। इस बैठक में नगर-निगम आयुक्त श्री मयंक चतुर्वेदी सहित रायपुर नगर-निगम के सभी जोनों के जोन कमिश्नर, बीरगावं नगर निगम के आयुक्त श्री कीर्तिमान राठौर, समिति के सदस्य सचिव और नगर निवेश विभाग के उप संचालक श्री डी पी एस पटेल सहित अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।

आज हुई बैठक में जिले में अनाधिकृत निर्माण कार्यों को नियमित करने पर निकायवार- जोनवार विचार किया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ अनाधिकृत विकास के नियमितिकरण अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रकरणों पर विचार करते हुए नियमितिकरण की मंजूरी दी गई। आज बैठक मंे नगर-निगम रायपुर के जोन एक में 181, जोन दो में 63, जोन तीन में 103, जोन चार में 44, जोन पांच में 104, जोन छह में 127, जोन सात में 103, जोन आठ में 153, जोन नौ में 172 तथा जोन दस में 225 प्रकरणों में अनाधिकृत निर्माण को नियमित करने का अनुमोदन किया गया। इसी तरह बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में 101, नगर एवं ग्राम निवेश क्षेत्र रायपुर  में 14, कुर्रा और खरोरा निवेश क्षेत्र में 1-1, आरंग निवेश क्षेत्र में 12 और तिल्दा निवेश क्षेत्र में 6 अनाधिकृत निर्माण को नियमित किया गया है।
आज की बैठक में कलेक्टर ने नियमितीकरण के प्राप्त आवेदनों पर सभी प्रभारी अधिकारी से चर्चा कर नियमितीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से जोन के सभी वार्डों के कमर्शियल एवं आवासीय प्रॉपर्टी की जानकारी लेकर नियमितीकरण के संबंध में नोटिस देने कहा। कलेक्टर ने प्रतिमाह 15 तारीख को अनाधिकृत विकास का नियमितीकरण प्राधिकार समिति की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। हर बैठक में पिछले माह में प्राप्त नियमितीकरण के सभी प्रकरणों का जोन स्तर पर जमीन के दस्तावेजों का सूक्ष्मता से जांच कर अनुशंसा सहित प्राधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए। इसी तरह जिले के सभी नगरीय निकायों के सीएमओ और अनुविभागीय अधिकारी को नियमितिकरण की कार्यवाही तेजी से समय-सीमा में करने को कहा गया है।

*सफलता की कहानी बदलता दंतेवाड़ाः नई तस्वीर खुशियों भरी रही दीदियों की होली हर्बल गुलाल बेचकर कमाएं 50 हजार मेहनत से बिखरे सफलता के रंग*

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 दंतेवाड़ा  प्रकृति का नियम है इसी को सच कर दिखाती महिलाएं अब पारंपरिक रीति-रिवाजों की बेड़ियों को तोड़ अब  आत्मविश्वास के साथ सफलता की कहानी लिख रहीं हैं। इसी तरह दंतेवाड़ा जिले की महिलाएं भी अब चूल्हा, चौका, घूंघट से निकल रोजगार के क्षेत्र में किस्मत आजमा रहीं हैं, साथ ही महिला सशक्तिकरण की मिसाल भी पेश कर रही हैं। जिले में विगत पांच वर्ष से हर्बल गुलाल को

प्रोत्साहन देने हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र, दंतेवाड़ा के द्वारा जिले की स्व-सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये रंग प्राकृतिक फूल से तैयार किया जाता है जिसमें गुलाल बनाने हेतु आरारोट पावडर के साथ विभिन्न रंग के लिये हमारे आस-पास उपलब्ध प्राकृतिक रंगों के स्त्रोत जैसे हल्दी, सिन्दूर बीज, पालक भाजी, सेम की पत्ती, गेंदा फूल, अपराजिता फूल, पलाश का

फूल, कत्था एवं धंवई आदि का उपयोग किया जाता है। इस वर्ष भी कृषि विज्ञान केन्द्र, दंतेवाड़ा द्वारा 03 स्व-सहायता समूह ग्राम कारली से रानी स्व-सहायता समूह, ग्राम छोटे तुमनार से जयभैरम स्व-सहायता समूह एवं उर्रेमारा स्व-सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया। समूह में लगभग 30-35

दीदियां जुड़ी हुई हैं। समूह द्वारा 250 कि.ग्रा. हर्बल गुलाल का उत्पादन किया गया। गुलाल को प्रति किलोग्राम 200 रुपये राशि से बेचा गया। गुलाल के विक्रय होने से दीदियों ने 50 हजार रुपये का मुनाफा कमाया। समूह कि दीदियां कहती है कि आने वाले साल में इससे भी अधिक आय की आशा रखती है। इन महिलाओं को देख क्षेत्र के अन्य महिलाएं भी प्रेरित हो रही हैं और रोजगार से जुड़ रही हैं और परिवार का सहयोग कर रही हैं आज बदलते समय के साथ उन्होंने अपनी एक पहचान बना ली है, शासन प्रशासन के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में  भी  विशेष रूप से महिलाओं कि स्थिति में काफी सुधार  हुआ  है।

समावेशी शिक्षा योजना अंतर्गत दिव्यांग स्कूली छात्र छात्राओं को कराया गया शैक्षणिक भ्रमण।

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कोरबा- राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के निर्देशानुसार समावेशी शिक्षा के तहत जिला के विभिन्न विकासखंडों से समावेशी विद्यालय में अध्ययनरत विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग बच्चों व उनके पियर ग्रुप का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। भ्रमण का उद्देश्य बच्चों के पाठ्य शिक्षा के अतिरिक्त क्षेत्र के भौगोलिक, दार्शनिक एवं छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक जगहों के बारे में ज्ञानवर्धन करना है। इसके तहत जिले के समस्त विकासखंडों से बीआरपी समावेशी शिक्षा के द्वारा दिव्यांग बच्चों का चिन्हांकन किया गया। पालक /अभिभावक , एवं शिक्षकों से सहमति प्राप्त कर बच्चों को 13 मार्च को शैक्षणिक भ्रमण हेतु एकत्रित किया गया। इसी क्रम में अगले दिन बीआरसी अंधरीकछार (ग्रामीण ) से समस्त बच्चों, शिक्षकों, समावेशी शिक्षा व कार्यालयीन सहायकों के साथ मेडिकल किट, टोपी, आई -कार्ड आदि सामग्रियो के साथ वाहनों का अलग-अलग दल सुरक्षा एवं व्यवस्था के साथ चैतुरगढ़ पाली के शैक्षणिक भ्रमण के लिए रवाना हुए। जिसमें चैतुरगढ़ के ऐतिहासिक गरिमा एवं इतिहास की दृष्टि से उसकी महत्ता और उसके भौगोलिक सौंदर्य के साथ प्राकृतिक मनोरम दृश्यों के संबंध में जानकारी प्रदान कर बच्चों का शैक्षणिक भ्रमण पूर्ण कर उनको सकुशल घर पहुंचाया गया।शैक्षणिक भ्रमण के दौरान बच्चों के अंदर जिज्ञासा व रोचकता देखने को मिला।

भ्रमण कार्यक्रम जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.पी. भारद्वाज, जिला मिशन समन्वयक डॉक्टर संजय कुमार सिंह, सहायक जिला परियोजना अधिकारी श्री कृष्ण गोपाल भारद्वाज, बीआरसी कोरबा ग्रामीण के समन्वयक श्री अनिल रात्रे, समावेशी शिक्षक मोहम्मद जावेद अख्तर ,श्री ज्वाला सिंह सोलंकी ,श्रीमती अरुणा शर्मा ,कुमारी सुलोचना कलार ,श्रीमती माधुरी मोहड़ ,शिक्षक- श्रीमती गायत्री भारद्वाज माध्यमिक शाला कोहड़िया, श्रीमती रीता सिंह माध्यमिक शाला सिंघिया पोड़ी उपरोड़ा ,संकुल समन्वयक लाफा -श्री जबान सिंह पैकरा एवं श्री समीर खान आदि के सहयोग से संपन्न हुआ।

ग्रामीणों से अवैध वसूली मामला: सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी।

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जांच में राशनकार्ड धारियों से 100 रूपए एवं एक किलो चांवल की अवैध वसूली पाया गया।

कोरबा – ग्राम पंचायत गिधौरी के ग्रामीणों से सरपंच द्वारा सौ-सौ रूपए की अवैध वसूली से संबंधित शिकायत पर कलेक्टर श्री संजीव झा के निर्देशानुसार जांच किया गया। जांच में राशनकार्ड धारियों से सौ रूपए एवं एक किलो चांवल की अवैध वसूली पाया गया। जांच उपरांत एसडीएम कोरबा द्वारा गिधौरी की सरपंच श्रीमती विज्ञानी कंवर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही उक्त शिकायत के संबंध में अपना जवाब 20 मार्च 2023 को एसडीएम न्यायालय में उपस्थित होकर प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि विकासखण्ड करतला के ग्राम गिधौरी में शासकीय राशन दुकान में राशनकार्ड धारियों से धार्मिक आयोजन के लिए सौ-सौ रूपए वसूलने की शिकायत पर कलेक्टर श्री झा ने जांच के निर्देश दिए थे। इसी तारतम्य में डिप्टी कलेक्टर सुश्री रूचि शार्दुल, बरपाली तहसीलदार श्रीमती आराधना प्रधान, खाद्य निरीक्षक करतला उर्मिला गुप्ता एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में 14 मार्च को पूरे प्रकरण की जांच की गई। जांच के दौरान राशन कार्डधारी बसंती बाई बिंझवार, सहेली बाई मंझवार, तुलसी बाई, पार्वती वैष्णव, अमृत बाई महंत, सुशीला देवी गभेल, संतोष बाई महंत, दिलीप कुमार मानिकपुरी एवं मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने बताया कि राशनकार्ड धारियों से 100 रूपए की वसूली करने के लिए ग्राम पंचायत में मुनादी कराई गई थी। 13 मार्च को शासकीय उचित मूल्य दुकान विक्रेता अब्दुल खालिद के द्वारा मार्च माह का राशन वितरण किया जा रहा था। वितरण प्रारंभ होने के साथ ही सरपंच श्रीमती विज्ञानी कंवर, उपसरपंच परबतिया बाई कंवर, पंच अनुसुईया साहू एवं शांता बाई द्वारा हर राशनकार्ड धारी से सौ-सौ रूपए की राशि एवं एक-एक किलो चांवल लेने लगे।
खाद्य निरीक्षक करतला द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में 13 मार्च को लगभग 250 राशन कार्ड धारियों को उक्त शासकीय राशन दुकान से राशन प्रदाय किया गया। उपरोक्त सभी राशनकार्ड धारियों से 100 रूपए एवं एक किलो चांवल वसूला गया। इसके लिए सरपंच द्वारा एक रजिस्टर भी बनाया गया था। जिसमें राशि देने वाले और राशि नहीं देने वाले का नाम पृथक-पृथक लिखा गया है। जो राशनकार्ड धारी अपने साथ 100 रूपए नहीं लाए उन्हें बाद में दिए जाने के लिए निर्देशित किया गया। सरपंच द्वारा अवैध वसूली से इकट्ठे किए गए लगभग ढाई क्विंटल चांवल बोरियों में भरकर पीडीएस भवन परिसर में रखा गया था। जांच के दौरान उपरोक्त चांवल पीडीएस भवन परिसर में रखा हुआ पाया गया। इस प्रकार ग्रामीणों से अवैध वसूली की शिकायत को सही पाये जाने पर एसडीएम कोरबा ने सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

कलेक्टर द्वारा आदेश-अप्रैल माह में दो माह का राशन एक मुश्त मिलेगा।

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कोरबा – सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत राशन कार्डधारियों को अप्रैल एवं मई माह का एक मुश्त राशन अप्रैल माह में मिलेगा। इस संबंध में कलेक्टर द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।कार्यालय कलेक्टर खाद्य शाखा कोरबा से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 के कस्टम मिलिंग के पश्चात् चांवल उपार्जन के लिए गोदामों में पर्याप्त स्थान की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं सार्वभौम पीडीएस अंतर्गत सभी प्रचलित राशन कार्ड धारियों को माह अप्रैल एवं मई 2023 हेतु पात्रता अनुसार चांवल का वितरण अप्रैल महीने में ही किया जाएगा।कलेक्टर द्वारा एक मुश्त खाद्यान्न वितरण समय पर किए जाने हेतु ग्राम पंचायत एवं नगरीय क्षेत्रों के उचित मूल्य दुकानों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। माह अप्रैल में दुकानों में नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा भण्डारित खाद्यान्नों का भौतिक सत्यापन निगरानी समिति के माध्यम से कराने एवं भण्डारित खाद्यान्न का किसी प्रकार से अफरा-तफरी एवं व्यपवर्तन न हो, यह भी सुनिश्चित करने कहा गया है। राशन कार्डधारियों को दो माह का खाद्यान्न एक मुश्त वितरण किए जाने के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। चांवल को छोड़कर शेष राशन सामग्री नमक, शक्कर, केरोसिन एवं चना का वितरण माहवार पात्रता अनुसार ही किया जाएगा।जिले के प्रत्येक उचित मूल्य दुकान हेतु चांवल उत्सव की तिथि का निर्धारण कर उत्सव के दिन राशन कार्डधारियों को दो माह का चांवल वितरण करने निर्देशित किया गया है।

कलेक्टर डॉ भुरे की अपील: एक अप्रैल से बढेगा शुल्क, अनाधिकृत निर्माण को नियमित करने अधिक से अधिक लोग करें आवेदन।

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रायपुर – कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे ने जिले के सभी नगरीय क्षेत्रों के निवासियों से अपने घरों या दुकानों में अनाधिकृत निर्माण को नियमित कराने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि 31 मार्च को चालू वित्तीय वर्ष समाप्त हो जाएगा और नये वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से नगर निगम के अनुज्ञा शुल्क में पहले की तरह ही 10 प्रतिशत की बढोत्तरी हो जायेगी। ऐसे में अनुज्ञा शुल्क बढने से नियमितीकरण के लिए निर्धारित राशि भी बढ जायेगी। कलेक्टर डॉ भुरे ने अतिरिक्त वित्तीय भार से बचने के लिए अनाधिकृत निर्माण के नियमितीकरण के आवेदन 31 मार्च के पहले अधिक से अधिक लोगों द्वारा जमा कराने की अपील की है। 31 मार्च तक प्राप्त आवेदनों पर चालू वित्तीय वर्ष अनुसार ही शुल्क लिया जाएगा।

अनाधिकृत निर्माण के नियमितीकरण के नियमों को प्रशासन ने बहुत सरल कर दिया है। अब लोग आसानी से आवेदन देकर निर्धारित शुल्क जमाकर अपनी अनाधिकृत निर्माण को नियमित करा सकते है। अब नये नियमों के तहत ही आवेदन लिए जा रहे है। इसके लिए संबंधित नगर-निगम या नगरपालिका परिषद् के कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है। निगम या पालिका की सीमा के बाहर निवेश क्षेत्र के अन्दर के अनाधिकृत निर्माण को नियमित कराने के लिए नगर निवेश कार्यालय में आवेदन जमा होंगें। आवेदक को आवेदन के साथ मकान के कागजात, मकान के फोटोग्राफ्स, मकान का आर्किटेक्ट द्वारा बनाए गए नक्शा और संपत्ति कर या बिजली बिल की रसीद भी संलग्न करनी होगी।

नियमितिकरण प्राधिकार समिति की बैठक: आज चौदह सौ से अधिक अनाधिकृत निर्माण हुए नियमित।

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नियमों के सरल होने के बाद आसान और तेज हुआ नियमितिकरण।

एक अप्रैल से बढ़ेगी फीस, नियमितिकरण के लिए जल्द करें आवेदन: कलेक्टर की अपील।

रायपुर – मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर नियमों के सरल होने के बाद जिले में घरों और प्लाटों पर अनाधिकृत तरीके से बनाएं गये भाग का नियमितिकरण अब तेजी से हो रहा है। रायपुर जिले में अब-तक तीन हजार 438 अनाधिकृत निर्माण कार्य नियमित किये जा चुके है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे की अध्यक्षता में आज नियमितिकरण प्राधिकार समिति की बैठक में भी एक हजार 410 प्रकरणों को नियमित किया गया है। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में हुई आज की बैठक में रायपुर नगर-निगम क्षेत्र के एक हजार 275, बीरगांव नगर निगम क्षेत्र के 101 प्रकरणों के साथ नगर निवेश क्षेत्रों के 34 अनाधिकृत निर्माणों को नियमित कर दिया गया। आज की बैठक में नियमित किए गए प्रकरणों में से रायपुर नगर निगम क्षेत्र में सबसे अधिक 979 प्रकरण आवासीय और 296 गैर आवासीय अनाधिकृत निर्माण के है। इस बैठक में नगर-निगम आयुक्त श्री मयंक चतुर्वेदी सहित रायपुर नगर-निगम के सभी जोनों के जोन कमिश्नर, बीरगावं नगर निगम के आयुक्त श्री कीर्तिमान राठौर, समिति के सदस्य सचिव और नगर निवेश विभाग के उप संचालक श्री डी पी एस पटेल सहित अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।

आज हुई बैठक में जिले में अनाधिकृत निर्माण कार्यों को नियमित करने पर निकायवार- जोनवार विचार किया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ अनाधिकृत विकास के नियमितिकरण अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रकरणों पर विचार करते हुए नियमितिकरण की मंजूरी दी गई। आज बैठक मंे नगर-निगम रायपुर के जोन एक में 181, जोन दो में 63, जोन तीन में 103, जोन चार में 44, जोन पांच में 104, जोन छह में 127, जोन सात में 103, जोन आठ में 153, जोन नौ में 172 तथा जोन दस में 225 प्रकरणों में अनाधिकृत निर्माण को नियमित करने का अनुमोदन किया गया। इसी तरह बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में 101, नगर एवं ग्राम निवेश क्षेत्र रायपुर में 14, कुर्रा और खरोरा निवेश क्षेत्र में 1-1, आरंग निवेश क्षेत्र में 12 और तिल्दा निवेश क्षेत्र में 6 अनाधिकृत निर्माण को नियमित किया गया है।
आज की बैठक में कलेक्टर ने नियमितीकरण के प्राप्त आवेदनों पर सभी प्रभारी अधिकारी से चर्चा कर नियमितीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से जोन के सभी वार्डों के कमर्शियल एवं आवासीय प्रॉपर्टी की जानकारी लेकर नियमितीकरण के संबंध में नोटिस देने कहा। कलेक्टर ने प्रतिमाह 15 तारीख को अनाधिकृत विकास का नियमितीकरण प्राधिकार समिति की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। हर बैठक में पिछले माह में प्राप्त नियमितीकरण के सभी प्रकरणों का जोन स्तर पर जमीन के दस्तावेजों का सूक्ष्मता से जांच कर अनुशंसा सहित प्राधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए। इसी तरह जिले के सभी नगरीय निकायों के सीएमओ और अनुविभागीय अधिकारी को नियमितिकरण की कार्यवाही तेजी से समय-सीमा में करने को कहा गया है।

बालगी खदान में सुरक्षाकर्मी पर हमला करने वाला एक आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार।

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कोरबा – मामले का विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी रोहित कुमार कर्ष पिता स्व.दशरथ कर्ष उम्र 55 साल साकिन बालगी थाना बाकीमोगरा का जो एसईसीएल बलगी वर्कशॉप में सुरक्षा प्रहरी है दिनांक 06.01.2023 को थाना बाकीमोगरा उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 05.01. 2023 के शाम करीबन 06:10 बजे वो अपने अन्य सुरक्षाकर्मी साथियों केशव प्रसाद केवट ,गणपतराम केवट, मोहन लाल जायसवाल, हरिनाम सिंह पवार, दुबराज सिंह के पास बालगी वर्कशॉप में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात था। उसी समय कपाटमुड़ा गांव की तरफ बने बाउंड्री से आवाज आने पर वाचिंग टावर पर चढ़कर देखने पर पाया कि 4-5 व्यक्ति वह खड़े दिखे जिन्हें यहां पर क्यों घूम रहे हो कहने पर वे लोग इसे तथा इसके अन्य साथियों को अश्लील शब्दो का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दिए तथा हाथ मुक्का,डंडा तथा गुलेल से हमला करते हुए मारपीट करने लगे और चोरी एवं लूट करके लोहा को इकट्ठा कर रहे थे जिस पर सुरक्षा कर्मियो के द्वारा पुलिस आए कहने पर लोहा को छोड़कर भाग गए। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 04 /2023 धारा 294,323,324,506,395 भादवि कायम कर विवेचना की गई। विवेचना के दौरान आरोपी किशन पटेल के द्वारा घटना में प्रयुक्त गुलेल पेश करने पर जप्त कर पुलिस कब्जे में लिया गया आरोपी का उक्त कृत्य अपराध धारा सदर का घटित करना पाए जाने से दिनांक 14.03.2023 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया एवं माननीय न्यायालय द्वारा उक्त आरोपी को जेल वारंट प्रदान किए जिसे कटघोरा जेल में दाखिल किया गया है एवं अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी बाकीमोगरा निरीक्षक चमनलाल सिन्हा के मार्गदर्शन में उक्त प्रकरण के आरोपी की गिरफ्तार कर जेल भेजने में उनि माधव तिवारी, आर 700 रोहित राठौर, आर 570 बलवीर यादव, आर 90 रामशरण यादव एवं आर 856 रामेश्वर यादव की भूमिका सराहनीय रही।

बीमा की रकम पाने के लिए रची थी अपने ही परिवार के गायब होने की साजिश।

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जली हुई कार से गायब हुए परिवार के राज को आखिरकार पुलिस ने सुलझा लिया।

कांकेर– पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना चारामा के ग्राम चावड़ी में मिली जलती हुई कार की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। कार सवार गुमशुदा परिवार सकुशल मिल गया है। 72 लाख रुपए की बीमा राशि पाने के लिए परिवार ने साजिश रची थी। युवक समीरन सिकदार ने अपने पत्नी और बच्चों को धमतरी आशियाना लॉज में छोड़कर योजनाबद्ध तरीके से ग्राम चावड़ी पहुंचकर कार को आग लगाया था।कार में आग लगाने के बाद जंगल के रास्ते से पैदल रात में चारामा पहुंचा। इसके बाद चारामा से बस में सवार होकर धमतरी लॉज पहुंचा था। आशियाना लॉज धमतरी से परिवार को लेकर बस से रायपुर पहुंचा फिर इलाहाबाद, पटना, गुवाहाटी, रांची और संबलपुर घूमता रहा। नया मोबाइल लेकर दैनिक ऐप मोबाइल पर डाउनलोड कर कांकेर की खबरों से अपडेट होता रहता था। धमतरी लॉज एवं रायपुर फोटो स्टूडियो में देखे जाने की खबर मिलने के बाद बीमा की राशि हड़प करने की योजना विफल हो गई। इसके बाद सिमरन सीकदार अपने परिवार के साथ गांव वापस आ गया और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।दरअसल चारामा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चावड़ी में 1 मार्च को एक जलती हुई कार होने की सूचना मिली थी। सूचना पर जब पुलिस पहुंची तो कार पूरी तरह जल चुकी थी। जिसके बाद कार में देखा गया की कोई भी व्यक्ति सवार नहीं था। कार में सवार 4 लोग रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए थे। पुलिस को जानाकरी मिली कि कार पखांजुर के रहने वाले एक दंपति की है। जो रायपुर से पखांजुर अपने घर वापस लौटने के लिए निकले थे। जिनकी कार चारामा के चावड़ी के पास जलते हुए पाई गई, लेकिन में कार सवार परिवार के 4 सदस्य समीर सिकदार, पत्नी जया, और दो बच्चे गायब थे। इसके बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू कर दी।लापता परिवार की तलाश में कांकेर पुलिस 5 टीमें बनाकर लगातार तलाशी अभियान में लगी रही। इस दौरान कांकेर पुलिस द्वारा 9 लाख से अधिक मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया। पखांजूर से रायपुर के बीच लगभग 1000 सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले गए। इस दौरान 300 से अधिक होटल, लाज, रैन बसेरा,धर्मशाला की चेकिंग की गई। 100 अधिक लोगों से पूछताछ की गई।

यूपी रूट, महाराष्ट्र रूट, उड़ीसा रूट के टोल नाका का बारीकी से विश्लेषण किया गया। समीरन सिकदार ने बताया कि 72 लाख रुपए की बीमा राशि पाने के लिए परिवार ने साजिश रची थी। पुलिस को पूछताछ में समीरन सिकदार ने बताया कि पूरे परिवार का इंश्योरेंस कराया था। बीमा पॉलिसी के अनुसार मृत्यु होने पर 72 लाख रुपया के भुगतान का प्रावधान था। इसी लालच में योजना बनाई थी।

जनचौपाल में पहुंचे लकवा ग्रस्त भोकचंद को तत्काल मिला व्हीलचेयर।

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जन चौपाल में कलेक्टर श्री संजीव झा ने सुनी आम जनों की समस्याएं, निराकरण के दिए निर्देश।

कोरबा – कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित जन चौपाल में आज कलेक्टर श्री संजीव झा ने आम जनों की समस्याएं सुनी तथा जनचौपाल में प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। जन चौपाल में आज 141 लोगों ने आवेदन प्रस्तुत किए। जनचौपाल में करतला तहसील अंतर्गत ग्राम पुरैना निवासी भोकचंद ने कलेक्टर श्री झा को बताया कि वह पिछले दो वर्षों से लकवा ग्रस्त है। उसे चलने में परेशानी होती है। उन्होंने अपने परिजनों के साथ जन चौपाल में पहुंचकर अपने लिए व्हीलचेयर की मांग रखी। कलेक्टर श्री संजीव झा ने इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए समाज कल्याण विभाग को व्हीलचेयर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिस पर विभाग की ओर से तत्काल भोकचंद को व्हीलचेयर उपलब्ध कराया गया। भोकचंद ने इस पर खुशी जताते हुए कलेक्टर श्री झा के प्रति आभार व्यक्त किया। जन चौपाल में अपर कलेक्टर कटघोरा श्री विजेंद्र पाटले, अपर कलेक्टर कोरबा श्री प्रदीप साहू, जिला पंचायत के सीईओ श्री नूतन कंवर, नगर निगम के आयुक्त श्री प्रभाकर पांडेय, कटघोरा डीएफओ श्रीमती प्रेमलता यादव, सभी एसडीएम और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जन चौपाल में कोरबा तहसील के ग्राम गोढ़ी पंडरीपानी निवासी सहोदरा बाई ने कलेक्टर श्री संजीव झा के समक्ष काबिज वन भूमि पर पट्टा की मांग को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर श्री संजीव झा ने सहोदरा बाई के आवेदन पर तहसीलदार को आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देश दिए।


इसी तरह जन चौपाल में बांकीमोगरा अंतर्गत गजरा वार्ड- 67 निवासी सुरजी नानगिरी ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर आवेदन दिया। जिसमें उन्होंने बताया कि सड़क नहीं बनने के कारण आने जाने वाले लोगों को समस्या हो रही है। सबसे ज्यादा समस्या अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों को होती है। कलेक्टर श्री झा ने इस मांग पर आवश्यक कार्यवाही के लिए नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए। बाकी मोगरा के ही वार्ड क्रमांक-67 निवासी कैंसर पीड़ित महिला ने जन चौपाल में पहुंचकर इलाज के लिए आर्थिक सहयोग की मांग रखी। कलेक्टर श्री संजीव झा ने इस मांग पर संवेदनशीलता दिखाते हुए एडीएम और सीएमएचओ को महिला के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उपरोक्त मांगों से संबंधित आवेदनों के अलावा जन चौपाल में भूमि सीमांकन, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनाने, अतिक्रमण हटाने, मिसल सुधार कराने से संबंधित आवेदन आए। श्री झा ने जन चौपाल में पहुंचे लोगों के आवेदनों का निराकरण करने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।