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*सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में हम बढ़ रहे आगे : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

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*मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस पर अंबिकापुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया*

*स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान और संविधान निर्माताओं के योगदान को किया याद*

*प्रदेश में 5.62 लाख भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रूपए*

*किसानों की खुशहाली के लिए उनके खातों में 49 हजार करोड़ रूपए अंतरित*

*नक्सल प्रभावित क्षेत्र में खुली विकास की नई राह: जल्द ही नक्सल आतंक से पूरी तरह मुक्त होगा बस्तर*

योगेश पाठक ब्यूरो रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर आम जनता के नाम संदेश का वाचन किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गणतंत्र दिवस समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हम सबके लिए अत्यंत गौरवशाली है। आज हम देश के गणतंत्र का उत्सव मना रहे हैं। इसके पीछे उन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का बलिदान है, जिन्होंने भारत को स्वतंत्रता दिलाई, उन संविधान निर्माताओं का योगदान है, जिन्होंने इस संविधान के माध्यम से भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनाया। उन विभूतियों का योगदान है, जो संविधान की रक्षा के लिए हमेशा डटे रहे तथा संविधान के मूल्यों पर चलकर अंत्योदय का कल्याण करते रहे। नक्सलवाद से लड़ते हुए देश की एकता और अखण्डता के लिए अनेक जवानों ने अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया, ताकि हम सुरक्षित रह सकें और समाज में शांति स्थापित हो सके। इन जवानों की शहादत को मैं शत्-शत् नमन करता हूं।

भारत की आजादी की यात्रा के साथ ही दुनिया के अनेक देशों ने भी अपनी स्वतंत्रता की यात्रा प्रारंभ की, लेकिन इनमें से कई देशों में शासन व्यवस्था पटरी से उतर गई और वहां की जनता आज अराजकता का सामना करने मजबूर है। गणतांत्रिक परंपराओं की अपनी ऐतिहासिक जड़ों और अपने श्रेष्ठ संविधान के बूते लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में भारत अविचल खड़ा ही नहीं है अपितु निरंतर तरक्की के नये शिखरों को छू रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का संविधान एक पवित्र दस्तावेज है। यह वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना से प्रेरित है। इसे एक ऐसे राष्ट्र के नागरिकों ने तैयार किया, जिनकी भावनाओं के मूल में विश्व बंधुत्व और मानव कल्याण की सोच है। हमारी आजादी की लड़ाई की सोच हमारे संविधान में पूरी तरह से झलकती है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में जब हमारे छत्तीसगढ़ से संविधान निर्मात्री समिति के सदस्य संविधान तैयार कर रहे थे, तब निश्चय ही उनके सामने बाबा गुरु घासीदास जी के समतामूलक संदेश, शहीद वीरनारायण सिंह जी के संघर्ष की गाथा और पंडित सुंदरलाल शर्मा जी का छूआछूत विरोधी संघर्ष जैसे आदर्श रहे होंगे। इन सभी के विचारों को बाबा साहेब ने अंतिम ड्राफ्ट के रूप में बहुत सुंदरता से पिरोया था।

इस गणतंत्र की धरोहर को सुरक्षित रखने और सहेजने-संवारने की जिम्मेदारी हमारी और भावी पीढ़ी के हाथों में है। हमारा गणतंत्र हमें सत्यमेव जयते की सीख देता है। मुंडकोपनिषद का यह सूत्र वाक्य हमें बताता है कि अंधेरा कितना भी घना क्यों न हो, हमें उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। अंततः विजय सत्य की ही होती है। हमारे गणतंत्र की इस भावना की विजय हमने गंभीर नक्सलग्रस्त इलाकों में देखी है।

इन इलाकों में माओवाद ने अपनी हिंसक विचारधारा से न केवल आम आदमी के जीवन को नरक बना दिया था अपितु भारत के गणतंत्र को चुनौती देने के लिए गनतंत्र खड़े करने की योजना बनाकर काम कर रहे थे। हमारे सुरक्षा बलों का इनसे लगातार संघर्ष चल रहा है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में नई रणनीति बनाकर हमने माओवाद के कैंसर को नष्ट करने का काम किया है। इस कैंसर को नष्ट करने के लिए जरूरी था कि इसकी जड़ों पर प्रहार किया जाए। हमारे जवानों ने माओवादियों के सबसे सुरक्षित पनाहगाहों में हमला किया। इसके नतीजे बहुत अच्छे रहे। एक साल के भीतर ही हमने माओवादी कैडर के 260 से अधिक आतंकियों को मार गिराया। अंधेरी सुरंग खुल गई, जो रोशनी फूटी है उससे बस्तर में विकास का उजाला फैला है।

जब केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी पिछले महीने छत्तीसगढ़ आये तो बस्तर की इसी धरती में ग्राम गुंडम की एक बुजुर्ग माँ उनके पास आई, माता जी ने उन्हें वनोपजों की टोकरी भेंट की और कहा कि माओवाद को पूरी तरह से नष्ट कर दीजिए। जब सरकार का इरादा, जवानों का हौसला और जनता का संकल्प मिल जाता है, तो कोई भी हिंसक विचारधारा नहीं टिक सकती। बस्तर में माओवाद अब अंतिम सांसे गिन रहा है। शीघ्र ही बस्तर पूरी तरह से नक्सल आतंक से मुक्त हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंक से मुक्ति के साथ ही बस्तर में नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में विकास की राह भी खुल गई है। इसका माध्यम हमारी सरकार द्वारा चलाई जा रही नियद नेल्ला नार योजना बनी है। अरसे बाद स्कूलों में घंटियां गूंजी, पानी-बिजली का पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित हुआ। आधार कार्ड बने और आयुष्मान कार्ड भी बन गये। बस्तर अब उमंग से भरा हुआ है। हमने यहां बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया। पूरे बस्तर से 1 लाख 65 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें नक्सल हिंसा से प्रभावित परिजन भी थे। आत्मसमर्पित नक्सली भी थे और नक्सल हिंसा में अपने अंग गंवा चुके दिव्यांगजन भी थे। खेलों के इस महाकुंभ में खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा था, हम सबके लिए यह बहुत भावुक क्षण था, बस्तर ओलंपिक नये बस्तर की पहचान बन गया।

*हर कदम में किसानों के साथ*

किसान परिवार से आने वाले लोगों ने खेती का वो वक्त भी देखा है जब कड़ी मेहनत से धान उपजाने के बाद मंडियों में किसान भाई धान लेकर जाते थे, तो औने-पौने में धान बेचकर आना पड़ता था। बहुत मुश्किल से परिवार चलता था। खरीफ के बाद उनके पास दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता था। श्रद्धेय अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया, तो धान खरीदी की व्यवस्था भी आरंभ हुई। धान के कटोरे में कोई भी भूखा न सोये, इसके लिए मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना भी आरंभ हुई। यह काम इतने व्यवस्थित तरीके से हुआ कि छत्तीसगढ़ देश में खाद्य सुरक्षा का माडल राज्य बन गया।

मुझे याद आता है कि छत्तीसगढ़ बनने के बाद शुरूआती दौर में धान खरीदी लगभग 4.63 लाख मीट्रिक टन के आसपास हुई। पिछली बार यह आंकड़ा 145 लाख मीट्रिक टन को छू गया। यह इसलिए हुआ कि हमारी सरकार किसान भाइयों को धान का सबसे अच्छा मूल्य दे रही है। हमने किसान भाइयों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ में धान खरीदा। किसानों से किये वायदे के अनुरूप हमने 13 लाख किसानों को दो साल का बकाया बोनस भी दिया। इन सबके चलते पिछले सत्र में हमने किसान भाइयों के खाते में 49 हजार करोड़ रुपए अंतरित किये। लगभग ढाई माह से राज्य में तेजी से धान खरीदी चल रही है। किसानों के खाते में हम लगातार समर्थन मूल्य की राशि दे रहे हैं। प्रति क्विंटल अंतर की राशि 800 रुपए हमारी सरकार के द्वारा आदान सहायता के रूप में एकमुश्त फरवरी माह में किसान भाइयों के खाते में भेजने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए हमने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का शुभारंभ भी किया है। इसके अंतर्गत हम 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषकों को 10 हजार रुपए सालाना प्रदान कर रहे हैं। यह शुभ संकल्पों और अच्छी नीयत का प्रतिफल है। छत्तीसगढ़ के किसान आज बेहद खुशहाल हैं। पलायन रूका है और किसान, खेती में निवेश कर रहे हैं क्योंकि उन्हें खेती से अच्छी आय मिल रही है।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने के साथ ही खेती को हाइटेक करने का कार्य भी कर रही है। अब खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव ड्रोन दीदी के हाथों हो रहा है। घंटों का काम ड्रोन दीदी का ड्रोन मिनटों में कर देता है। आपने इधर के वर्षों में देखा होगा कि जलवायु परिवर्तन तेजी से हो रहा है। कभी मानसून विलंब से आता है, तो कभी असमय बारिश हो जाती है। इस बड़े संकट से निपटने के लिए पुख्ता तैयारी भी हमने की है। हमने ऐसे बीज तैयार किये हैं, जो क्लाइमेट चेंज की चुनौती से निपटने में सक्षम हैं। एफपीओ के माध्यम से किसानों के लिए नए उद्यम के रास्ते हमने खोल दिये हैं।

*छत्तीसगढ़ में श्वेत क्रांति की खुली राह*

हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा कहते हैं, कि हमें किसानों की आय दोगुनी करनी है, तो पशुपालन को बढ़ावा देना होगा। हम सबने सहकारिता में अमूल का प्रयोग देखा है। भारत ने एनडीडीबी अर्थात नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से अमूल के रूप में श्वेत क्रांति की। छत्तीसगढ़ में भी श्वेत क्रांति की राह हमने खोल दी है। बीते महीने हमने एनडीडीबी के साथ एमओयू किया है।

इस एमओयू के माध्यम से छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ से जुड़ी समितियों को तकनीकी जानकारी एवं प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभी प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के लिए 621 सहकारी समितियां काम कर रही हैं। अब 3200 नई सहकारी समितियां बनेंगी। इस एमओयू के पश्चात, सवा लाख से अधिक किसान दूध उत्पादक समितियों से तो जुड़ेंगे ही, इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि हमारे बच्चों के भोजन में, दूध के रूप में प्रोटीन अधिक मात्रा में शामिल होगा। हमारी सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के आदर्शों के अनुरूप नागरिकों की आजीविका बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

*नई उद्योग नीति से प्रदेश में बना निवेश का बेहतर वातावरण*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा- हमारी धरती रत्नगर्भा है। खनिज संपदा के मामले में छत्तीसगढ़ अतुलनीय है। कोयले और लोहे के उत्पादन में हम देश में दूसरे स्थान पर हैं। देश के बाक्साइट भंडार का 20 फीसदी हमारे यहां है। सारी दुनिया इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपना रही है और भारत भी इसमें पीछे नहीं है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी के लिए लीथियम की जरूरत होती है और इसके भंडार हमारे कोरबा, सुकमा और बस्तर जिले में है।

इन खनिज संसाधनों का दोहन राज्य के आर्थिक विकास के लिए हो, इस जरूरत को पूरा करने हमारी सरकार ने ऐतिहासिक काम किया है। आज छत्तीसगढ़ में कहीं भी चले जाइये, शानदार चौड़ी सड़कें, फ्लाईओवर से आपका स्वागत होगा। रांची, हैदराबाद और विशाखापट्नम जैसे शहरों से छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का काम पूरा हो जाएगा तो यह कनेक्टिविटी अभूतपूर्व स्तर तक पहुंच जाएगी। केंद्र सरकार ने हमारे राज्य में सड़क अधोसंरचना को बेहतर करने के लिए 20 हजार करोड़ रुपए के कार्यों की घोषणा भी की है। बिजली उत्पादन के मामले में छत्तीसगढ़ सरप्लस स्टेट है। ये सारी बातें छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं को बेहद आकर्षक बनाती हैं।

इतने बेहतर वातावरण में यदि निवेश के इच्छुक उद्यमियों को अनुदान सहित अनेक सुविधाएं मिले, तो उनके लिए यह सोने पर सुहागा है। हमारी नई उद्योग नीति ने यही कार्य किया है। इज आफ डूइंग बिजनेस अंतर्गत जरूरी सुधार किये गये हैं। सिंगल विंडो 2.0 से एनओसी की दिक्कत बिल्कुल दूर हो गई है। हमारा फोकस यह है, कि स्थानीय लोगों को अधिकतम संख्या में रोजगार मिल सके। एक हजार से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्यमों के लिए हम विशेष अनुदान दे रहे हैं।

*पांच सालों में ढाई लाख करोड़ रूपए के निवेश का लक्ष्य*

नई औद्योगिक नीति में हमने इस बात का पूरा ध्यान रखा है कि ऐसे उद्योगों को प्रोत्साहन दें, जिनके लिए छत्तीसगढ़ की विशिष्टताओं के अनुरूप आगे बढ़ने की भरपूर संभावनाएं हों। क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी जी ने वर्ष 2070 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने वाली टेक्नालाजी अर्थात ग्रीन उद्यमों के लिए बड़ी संभावनाएं बनी हैं। नई उद्योग नीति में हमने इसके लिए निवेश प्रोत्साहन पैकेज रखा है। छत्तीसगढ़ में उद्यमी अब ग्रीन स्टील की ओर फोकस कर रहे हैं। नई उद्योग नीति से इसके लिए बेहतर वातावरण बन रहा है। इस बात का अनुमान है, कि अगले पांच वर्षों में प्रदेश में ढाई लाख करोड़ रुपए का निवेश होगा और इसके चलते पांच लाख नये रोजगार सृजित होंगे। हम अटल नगर, नवा रायपुर को आईटी हब के रूप में तैयार कर रहे हैं और तेजी से आईटी कंपनियां यहां निवेश के लिए सामने आ रही हैं। यहां पर हम 14 एकड़ में एआई डाटा सेंटर भी बना रहे हैं, इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल सकेगा। राज्य के युवाओं को वित्तीय बाजारों के लिए प्रशिक्षित करने और इसके माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने शासन द्वारा नेशनल स्टाक एक्सचेंज के साथ छात्र स्किलिंग प्रोग्राम के लिए एमओयू करने का निर्णय लिया गया है। यह प्रशिक्षण हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी और कालेज के विद्यार्थियों के लिए संचालित किया जाएगा।

*पर्यटन को मिला बढ़ावा*

नई उद्योग नीति में हमने छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं का भी पूरा ध्यान रखा है। हमारे यहां एशिया का नियाग्रा कहा जाने वाला चित्रकोट जलप्रपात है। कांगेर घाटी में कोटमसर जैसी विलक्षण गुफाएं हैं। यहां धुड़मारास को संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन ने बेस्ट टूरिज्म विलेज के रूप में चुना है। सरगुजा में रामगढ़ की पहाड़ियां हैं, जहां के विलक्षण प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत होकर महाकवि कालिदास के मन में अपने महान खंडकाव्य मेघदूतं को लिखने का विचार आया। जशपुर में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर महादेव हैं। देश के पर्यटन नक्शे में गुरु घासीदास तमोरपिंगला टाइगर रिजर्व भी आ गया है। हमारी सरकार ने देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाकर न केवल बाघों के संरक्षण के लिए कार्य किया है अपितु इससे इको टूरिज्म की संभावनाओं में भी कई गुना वृद्धि कर दी है।

*वन एवं वृक्ष आवरण में देश में सर्वाधिक वृद्धि*

अपनी प्राकृतिक संपदा को न केवल हम सहेजे हुए हैं अपितु उसका निरंतर संवर्धन भी कर रहे हैं। वन पारिस्थितिकी सेवा को हमने ग्रीन जीडीपी के साथ जोड़ने की पहल की है। अभी हाल ही में भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट आई है, इसमें बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में 684 वर्ग किलोमीटर संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण की वृद्धि हुई है जो देश में सबसे ज्यादा रही है।

*एयर कनेक्टिविटी में इजाफा*

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश की जनजातीय संस्कृति भी विलक्षण है। यहां पर्यटन की अधोसंरचना उपलब्ध कराने हमने होम-स्टे की सुविधा देने वाले उद्यमियों को विशेष अनुदान देने का निर्णय लिया है। कुछ महीनों पहले अंबिकापुर में माँ महामाया एयरपोर्ट का शुभारंभ किया गया। जगदलपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट अब विमानन मानचित्र में आ गये हैं। एयर कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध होने से पर्यटक भी बड़ी संख्या में यहां आकर्षित होंगे। रायपुर-बिलासपुर-अंबिकापुर विमान सेवा आरंभ होने से स्थानीय पर्यटकों को भी काफी सुविधा मिल रही है। पर्यटन अधोसंरचना का सीधा लाभ, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के रूप में होगा।

*पीएससी पर लौटा युवाओं का भरोसा*

उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में से है। पीएससी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार की जांच का कार्य हमने सीबीआई को सौंपा है और सीबीआई इस मामले में पुख्ता कार्रवाई कर रही है। हमने पीएससी परीक्षा में पारदर्शिता लाने इसे यूपीएससी की तर्ज पर आयोजित करने का निर्णय लिया है। सरकार द्वारा उठाये गये कदमों से युवाओं का भरोसा पीएससी की परीक्षा में लौट आया है। हमने यूपीएससी की परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली में ट्राइबल यूथ हास्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 185 कर दी है। हम रायपुर के नालंदा परिसर की तर्ज पर प्रदेश के 13 अन्य नगरीय निकायों में ऐसी ही लाइब्रेरी बनवा रहे हैं। शासकीय सेवा के 9 हजार से अधिक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है।

*प्रधानमंत्री आवास का बढ़ा दायरा*

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने एक साल पूरे कर लिये हैं। इस अवधि में हमने अपने अधिकांश वायदों को पूरा कर दिया है। कैबिनेट की पहली ही बैठक में हमने 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। इन पर तेजी से काम हो रहा है। अपना घर जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है। राज्य के लिए नये वित्तीय वर्ष हेतु तीन लाख अतिरिक्त पीएम आवास की स्वीकृति भी मिली है, इसके लिए मार्च तक सर्वे हो जाएगा। अब उन लोगों को भी पीएम आवास मिल सकेगा, जिसके पास टू व्हीलर है। उनको भी मकान मिल सकेगा, जिसने पास ढाई एकड़ तक सिंचित जमीन और पांच एकड़ तक असिंचित जमीन है। उनको भी मकान मिल सकेगा, जिनकी आय 15 हजार रूपए महीना तक है। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना 2.0 के अंतर्गत 1 लाख 32 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित करने राज्यांश का भी हमने अनुमोदन कर दिया है।

हमें इस बात का संतोष है कि हम लाखों लोगों के गृह प्रवेश का माध्यम बन सके हैं। हमारी सरकार ने जरूरतमंद 68 लाख परिवारों को पांच साल तक मुफ्त राशन देने का निर्णय भी लिया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए संग्रहण दर 4 हजार रुपए से बढ़ाकर हमने साढ़े 5 हजार रुपए कर दिया है।

*सशक्त महिलाएं सशक्त छत्तीसगढ़*

छत्तीसगढ़ महतारी को संवारने में, बड़ी भूमिका हमारी मातृशक्ति की है। वे हर दिन कड़ी मेहनत कर, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव रख रही हैं। उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करना हमारा संकल्प है। इसके लिए हमने सरकार गठन के तीन महीने के भीतर ही महतारी वंदन योजना का क्रियान्वयन आरंभ कर दिया। करीब 70 लाख माताओं-बहनों को अब तक हम इस योजना की ग्यारह किश्त दे चुके हैं। हर माह की पहली तारीख को हम महतारी वंदन योजना के रूप में माताओं-बहनों के लिए खुशियों का रिचार्ज कर देते हैं। यह राशि उनके बजट को व्यवस्थित करने में, अपने सपनों को पूरा करने में मदद करती है। यह महिलाओं की अपनी निधि है, वे इसे अपनी इच्छा से खर्च कर रही हैं। कोई बहन इसे बच्चों की पढ़ाई में लगा रही है, कोई निवेश कर रही है। कोई मां अपनी हवाई यात्रा का सपना पूरा कर रही है। सारंगढ़ के ग्राम दानसरा की माताएं-बहनें अयोध्या धाम में श्रीरामलला का मंदिर बनने से अभिभूत थीं। वे श्रीराम का मंदिर अपने गांव में बनाना चाहती थीं। सभी महिलाएं एकजुट हुईं। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि और चंदा इकट्ठा करके प्रभु श्रीराम का मंदिर बनवा रही हैं। हम महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट फूड का काम सौंप रहे हैं। पहले चरण में पांच जिलों से इस काम की शुरूआत करेंगे।

*प्रदेश में नई शिक्षा प्रणाली लागू*

प्राचीन काल में हमारा देश विश्वगुरु था। इसका कारण, हमारी गुरुकुल शिक्षा प्रणाली थी। यह प्रणाली ज्ञान-विज्ञान के साथ ही सांस्कृतिक मूल्यों की भी शिक्षा विद्यार्थियों को देती थी। अंग्रेज जब भारत आये, तो उन्होंने महसूस किया कि भारत में राज करने के लिए बहुत जरूरी है, कि भारतीयों में हीनता की भावना भर दी जाए। उन्होंने प्राचीन पद्धति समाप्त कर, मैकाले द्वारा लाई गई अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली लागू की। इसके चलते हमारे मनीषियों द्वारा लिखे श्रेष्ठ ग्रंथों की स्मृति भी जनमानस में धुंधली होती गई।

मोदी जी ने आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के साथ ही हमारी सांस्कृतिक उपलब्धियों और गौरवशाली परंपरा को शामिल करने वाली नई शिक्षा प्रणाली हमें दी है। छत्तीसगढ़ में हमने इसे लागू किया है। हम 18 स्थानीय भाषाओं में बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। 341 पीएमश्री विद्यालय हमने आरंभ किये हैं। हम बच्चों को एआई और रोबोटिक्स की शिक्षा भी दे रहे हैं। हम यह मानते हैं, कि बच्चों की शिक्षा को बेहतर दिशा देने में जितनी जिम्मेदारी शिक्षकों की है, उतनी ही अभिभावकों की भी है। इसके लिए हमने पैरेण्ट्स-टीचर मीटिंग का एजेंडा भी व्यवस्थित किया है। अपने जन्मदिन को स्कूलों में बच्चों के साथ न्योता भोज के रूप में भी मनाने की परंपरा हमने आरंभ की है। पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षा समाप्त होने के चलते बच्चों का शैक्षणिक स्तर गिरा था। इसे दुरुस्त करने, हमने पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं पुनः आरंभ करने का निर्णय लिया है।

*प्रदेश के 77 लाख 20 हजार परिवारों को मिली स्वास्थ्य सुरक्षा*

हमारी भारतीय परंपरा में आशीर्वाद देने पर लंबी आयु की कामना करते हुए आयुष्मान भवः कहा जाता है। लोगों की दीर्घायु और उनके अच्छे स्वास्थ्य से जुड़े सरोकार, हमारे लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता हैं। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना अंतर्गत प्रदेश के 77 लाख 20 हजार परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है। जो समाज अपने वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करता है, वही समाज फलता-फूलता भी है। मोदी जी ने आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को सम्मिलित किया है। इन्हें अब पांच लाख रुपए तक के इलाज का लाभ मिल रहा है।

*छत्तीसगढ़ बनेगा मेडिकल टूरिज्म का केंद्र*

हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ को मेडिकल हब बनाना है, ताकि न केवल हमारे सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में छत्तीसगढ़ के नागरिकों का इलाज हो सके अपितु छत्तीसगढ़ मेडिकल टूरिज्म के भी महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित हो। इसके लिए हमने अटल नगर नवा रायपुर में 200 एकड़ भूमि चिन्हांकित की है। यहां मेडिसिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत 5 हजार बेड वाला अत्याधुनिक अस्पताल बनेगा। अटल नगर नवा रायपुर में हम 141 एकड़ भूमि पर फार्मास्युटिकल पार्क भी स्थापित कर रहे हैं। इससे अटल नगर नवा रायपुर, मध्य भारत का फार्मास्युटिकल हब के रूप में उभरेगा।

बिलासपुर में 200 करोड़ रुपए की लागत से सिम्स के विस्तार का कार्य शुरू कर दिया गया है। राजधानी रायपुर के अंबेडकर हास्पिटल में भी 700 बिस्तर अस्पताल के विस्तार के लिए हमने 231 करोड़ रुपए का टेंडर जारी कर दिया है। इसके पूरे होने के साथ ही अंबेडकर हास्पिटल में 2 हजार बेड की सुविधा हो जाएगी। प्रदेश में मेडिकल शिक्षा को विकसित करने के लिए चार नये मेडिकल कालेज जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, मनेंद्रगढ़ और गीदम में भवनों के लिए 1020 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

*हिंदी माध्यम से एमबीबीएस की पढ़ाई की सुविधा*

आपको याद होगा कि पहले पीएमटी की परीक्षाओं में एक पेपर अंग्रेजी का होता था। हमारे ग्रामीण पृष्ठभूमि और हिंदी माध्यम के अनेक प्रतिभाशाली परीक्षार्थी कई बार इस वजह से भी पीएमटी क्लीयर नहीं कर पाते थे। बाद में इसे हटा दिया गया लेकिन आगे मेडिकल की पढ़ाई में अंग्रेजी की समस्या कायम रही। हमने मेडिकल छात्र-छात्राओं को हिंदी माध्यम से एमबीबीएस की पढ़ाई की सुविधा दी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं की राह में अब कोई रूकावट शेष नहीं रही।

*रजत जयंती पर छत्तीसगढ़ मना रहा अटल निर्माण वर्ष*

हमारा प्रदेश इस वर्ष अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रहा है। संयोग से यह वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म शताब्दी वर्ष भी है। इस अवसर को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। श्रद्धेय अटल जी द्वारा दिखाये गये सुशासन के मूलमंत्र पर चलते हुए, हमने पारदर्शी, सजग और लोककल्याणकारी प्रशासनिक तंत्र तैयार किया है, जिसके बूते हम विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए कार्य कर रहे हैं।

*पारदर्शी प्रशासन के लिए आईटी का उपयोग*

छत्तीसगढ़ ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग के रूप में सुशासन को कार्यान्वित करने देश में अनूठी पहल की है। छत्तीसगढ़ में लाल फीताशाही की रोकथाम के लिए हम ई-आफिस प्रणाली अपना रहे हैं। इसमें फाइलों का निपटारा आनलाइन होगा। तय समय-सीमा में अधिकारी को ई-फाइल पर अपनी टिप्पणी देनी होगी। इस प्रणाली के चलते समय-सीमा पर भ्रष्टाचार की आशंका के बगैर फाइलों का कुशलता से निपटारा हो सकेगा।

यह समय स्मार्ट फोन का है। हमने शासकीय सेवाओं की डिलीवरी को आसान करने के लिए मोबाइल फोन में नागरिक सुविधाओं से संबंधित बहुत से एप आरंभ किये हैं। मंत्रालय में किसी से मिलना हो, तो स्वागतम एप में एक क्लिक करें और समय लें, रजिस्ट्री करानी हो, तो सुगम एप में क्लिक करें और बसों का लोकेशन जानना हो, तो संगवारी एप देख लें। नागरिक सेवाओं की उपलब्धता डिजिटल गवर्नेंस के चलते काफी आसान हो गई है।

शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रखने के लिए हमने अटल मानिटरिंग पोर्टल आरंभ किया है। इससे न केवल महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी जानकारी मिलती है अपितु इसे बेहतर करने के लिए आवश्यक दिशा भी मिलती है। हमारी सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस पर न केवल भरोसा करती है अपितु इसे क्रियान्वित भी करती है। खनिज में हमने मैनुअल पास को समाप्त कर आनलाइन ट्रांजिट पास आरंभ कर दिये हैं। शासकीय खरीदी में भ्रष्टाचार रोकने के लिए, हमने जेम पोर्टल को अनिवार्य कर दिया है। भारत सरकार, राज्यों को बेहतर काम के लिए इंसेटिव देती है। हमने जो सुधार छत्तीसगढ़ में किये, उसके चलते केंद्र सरकार ने इंसेटिव के रूप में राज्य को 4400 करोड़ रुपए दिये हैं, जिन्हें हम इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करेंगे।

*20 हजार श्रद्धालुओं ने की अयोध्या धाम की यात्रा*

अपने भांचा भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से यह सब शुभ कार्य हम कर पाए हैं। ननिहाल के लोगों को अपने भांजे का आशीर्वाद हमेशा मिलता रहे, भगवान श्रीराम का आदर्श जीवन, उनके भीतर शुभ संकल्पों के बीज बोता रहे, इसके लिए हमने पुण्य अयोध्या धाम के दर्शन के लिए श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना आरंभ की है। अब तक 20 हजार से अधिक श्रद्धालु, इस योजना के माध्यम से श्री रामलला के दर्शन कर चुके हैं।

*जनजातीय गांवों में अखरा निर्माण*

हमारे प्रदेश की सांस्कृतिक संपदा समृद्ध है। जनजातीय संस्कृति की थाती संभालने वाले हमारे बैगा, गुनिया, सिरहा को हम लोग हर साल पांच-पांच हजार रुपए की सम्मान निधि दे रहे हैं। जनजातीय गांवों में अखरा निर्माण विकास योजना, हमने आरंभ की है। स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने वाले हमारे जनजातीय सेनानियों और शहीदों की प्रतिमाएं, उनके गांवों में लगाने का निर्णय लिया है। राजिम कुंभ का सुंदर आयोजन हमने पुनः आरंभ कराया है। देश भर से साधु संतों का समागम राजिम के त्रिवेणी संगम पर हो रहा है। प्रयागराज में 144 वर्षों बाद महाकुंभ का सुखद संयोग बना है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को सुविधा देने हमने साढ़े 4 एकड़ में छत्तीसगढ़ पैवेलियन तैयार किया है। यहां प्रदेश के श्रद्धालुओं के ठहरने और खान-पान की सुविधा हमने उपलब्ध कराई है।

*विकसित छत्तीसगढ़ के लिए रोडमैप तैयार*

गांधी जी कहते थे कि भविष्य इस बात पर निर्भर करता है, कि हम वर्तमान में क्या करते हैं। मुझे इस बात की खुशी है, कि इस वर्ष जब हम छत्तीसगढ़ के स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं तब हमने विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा का रोडमैप तैयार कर लिया है। वर्ष 2047 में जब आजादी के सौ वर्ष पूरे हो जाएंगे तब विकसित भारत के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ का भव्य स्वरूप हम सभी के सामने होगा। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए हमने विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है।

हमारी सरकार ऐसी सरकार है, जिसने एक साल पूरे होने पर प्रदेश की जनता के समक्ष अपने एक साल का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया है। हमारे पास शुभ संकल्प है। सच्चाई है। ईमानदारी है और पुरखों की परंपरा से आई शक्ति है। हम आप सभी के सहयोग से आगे बढ़ेंगे और हर बाधा को पार कर एक उज्ज्वल सशक्त विकसित छत्तीसगढ़ के अपने सपने को मूर्त रूप देंगे। अथर्ववेद का मंत्र है कृतं मे दक्षिणे हस्ते जयो मे सव्य आहितः। कार्य का शुभ संकल्प मन में हो तो सफलता जरूर मिलती है।

*लाल किले में भारत पर्व 2025: छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र*

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*झांकी में रामनामी समुदाय, जनजातीय कला, नृत्य व शिल्प की दिख रही झलक*

योगेश पाठक ब्यूरो रायपुर / नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में आयोजित हो रहे भारत पर्व 2025 में छत्तीसगढ़ की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है। यह झांकी राज्य की समृद्ध जनजातीय परंपराओं और रामनामी समुदाय की विशिष्ट झलक को खूबसूरती से प्रस्तुत करती है। भगवान श्रीराम के प्रति अटूट भक्ति के लिए प्रसिद्ध रामनामी समुदाय इस झांकी का मुख्य आकर्षण है। उनकी अनोखी परंपराएं, संस्कृति और जीवनशैली दर्शकों को गहराई से प्रभावित कर रही हैं। छत्तीसगढ़ की झांकी में राज्य की सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक लोक जीवन को बड़े ही शानदार तरीके से दर्शाया गया है। झांकी में जनजातीय कला, पारंपरिक नृत्य, और शिल्प की झलक ने देश-विदेश से आए दर्शकों को राज्य की अनमोल सांस्कृतिक धरोहर से रूबरू कराया। साथ ही यह झांकी छत्तीसगढ़ की आदिवासी जीवनशैली और उनकी अनूठी परंपराओं का जीवंत चित्रण प्रस्तुत करती है।

भारत पर्व 2025, जो गणतंत्र दिवस के अवसर पर पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जा रहा है, भारतीय संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच है। इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों की झांकियां, सांस्कृतिक प्रदर्शन और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल जनता के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। छत्तीसगढ़ की झांकी ने ‘देखो अपना देश’ की थीम के तहत राज्य के सांस्कृतिक गौरव और परंपराओं को देश और दुनिया के सामने पेश किया है।
यह आयोजन 26 जनवरी से 31 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक दर्शकों के लिए खुला है। निशुल्क प्रवेश के साथ, यह पर्व लोगों को भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक धरोहर, और आधुनिक विकास का अनुभव करने का अनोखा अवसर प्रदान करता है।
लाल किले के प्रांगण में छत्तीसगढ़ की झांकी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं। यह झांकी छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच प्रदान कर रही है।

*राज्यपाल श्री रमेन डेका ने राजधानी के मुख्य समारोह में विजेताओं को किया सम्मानित*

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*सुरक्षा बलों की टुकड़ियों ने किया आकर्षक मार्चपास्ट*

*घुड़सवार दल के करतब ने दर्शकों का मन मोहा*

*केन्द्रीय अर्धसैनिक बल ने तेलंगाना पुलिस को बेस्ट कंटिजेंट का प्रथम पुरस्कार*

*राज्य पुलिस बल में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (महिला) को प्रथम स्थान*

योगेश पाठक ब्यूरो रायपुर / गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस परेड ग्राउंड में सुरक्षाबलों के 17 टुकड़ियों ने कदम से कदम मिलाकर मार्चपास्ट किया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने उनकी सलामी ली और उनके कमांडर से परिचय प्राप्त किया। परेड कमांडर परीविक्षाधीन भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी श्री हर्षित मेहर थे। केन्द्रीय अर्धसैनिक सुरक्षाबलों में बेस्ट कंटिजेंट तेलंगाना पुलिस को प्रथम पुरस्कार के साथ पांच हजार रूपए नगद राशि देकर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार द्वितीय स्थान पर भारत तिब्बत सीमा बल को तीन हजार रूपए नगद राशि तथा केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को तृतीय पुरस्कार के रूप में दो हजार रूपए नगद राशि देकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में बेस्ट कंटिजेंट राज्य पुलिस बल का प्रथम पुरस्कार छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल महिला को, द्वितीय नगर सेना महिला को तथा तृतीय छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल पुरूष को प्राप्त हुआ। इन सभी विजेताओं को प्रथम स्थान प्राप्त को पांच हजार रूपए, द्वितीय स्थान प्राप्त बल को तीन हजार और तृतीय स्थान प्राप्त बल को दो हजार रूपए की नगद राशि और ट्राफी प्रदाय की गई। इसके साथ ही बेस्ट कंटिजेंट प्रथम पुरस्कार एनसीसी बॉयज एवं द्वितीय एनसीसी गर्ल्स को प्राप्त हुआ। जिन्हें प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में ट्राफी प्रदान की गई।

मार्चपास्ट में सीमा सुरक्षाबल, केन्द्रीय रिर्जव पुलिस बल, पुलिस बल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, तेलंगाना पुलिस, नगर सेना पुरूष एवं महिला, एनसीसी गर्ल्स एवं बॉयज, घुड़सवार बल, बैंड प्लाटून पुलिस और महिला बैग पाईपर बैंड दस्ता द्वारा दिए आकर्षक मार्चपास्ट ने मैदान में आए दर्शकों का मनमोह लिया।

अश्वरोही दल का नेतृत्व कर प्लाटून कमाण्डर श्री योगेश चन्द्रा ने किया। वर्ष 2016 से 3री वाहिनी छसबल अमलेश्वर दुर्ग में पदस्थ हैं। इसके बाद वर्ष 2017 सेे 2019 तक एसटीएसफ बघेरा दुर्ग में पदस्थापना के दौरान अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र जिला-सुकमा और बीजापुर के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कार्यरत रहे हैं। जुलाई 2024 से अश्वरोही दल प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

महिला बैगपाईपर बैंड का नेतृत्व महिला आरक्षक 411, 20वीं वाहिनी छसबल महासमुंद श्रीमती सोनबती ठाकुर ने किया। उन्होंने 06 माह का बैगपाईपर बैण्ड की प्रशिक्षण बेसिक ट्रेनिंग सेंटर पंचकुला, हरियाणा से लिया है। ज्ञातव्य है कि नागालैण्ड में आयोजित आल इंडिया बैण्ड कम्पिटिशन में छत्तीसगढ़ बैगपाईपर बैण्ड ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

*बस्तर संभाग के 26 गांवों में पहली बार लहराया तिरंगा*

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*नक्सल उन्मूलन अभियान की सफलता से बदली तस्वीर*

योगेश पाठक ब्युरो रायपुर,/ छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में 76वें गणतंत्र दिवस का आयोजन इस बार इतिहास में खास दर्ज हुआ। वह गांव, जो कभी नक्सलियों के खौफ और आतंक के साए में जीने को मजबूर थे, अब शांति और विकास की नई राह पर चल रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित नक्सल उन्मूलन अभियान की जबरदस्त सफलता के चलते गांवों में सुरक्षा और विश्वास का नया माहौल बनने से इस बार 26 गांवों में पहली बार ग्रामीणों ने तिरंगा फहराया और पूरे उत्साह से गणतंत्र दिवस मनाया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित नक्सल उन्मूलन अभियान ने बस्तर संभाग में सुरक्षा और विकास की नई कहानी लिखी है। इस अभियान के अंतर्गत बस्तर के अंदरूनी और सुदूर इलाकों में सुरक्षा केंद्र स्थापित कर शांति बहाल की गई है। इन गांवों में कभी नक्सलियों का प्रभाव इतना गहरा था कि लोग राष्ट्रीय पर्व तो दूर, सामान्य जीवन भी भय के साए में जीने को मजबूर थे। अब, नक्सल उन्मूलनअभियान के प्रयासों से वहां न केवल शांति स्थापित हुई है, बल्कि स्थानीय लोगों में एक नई उम्मीद जगी है।

गौरतलब है कि बीते एक वर्ष में छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कुल 26 नए सुरक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन सुरक्षा केंद्रों ने न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत किया, बल्कि इन क्षेत्रों को विकास केंद्र का स्वरूप दिया है। बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और कांकेर जिलों के इन गांवों में ग्रामीणों ने पहली बार गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पूरे उत्साह से इस पर्व में भाग लिया।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर इन सुरक्षा केंद्रों पर पुलिस और सुरक्षा बलों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान गणतंत्र दिवस के महत्व पर चर्चा की गई और लोगों को मिठाइयां, बच्चों को चॉकलेट और अन्य सामग्री वितरित की गई।

गौरतलब है कि बीजापुर जिले में गुंडम, फुटकेल, छुटवाही, कोंडापल्ली, ज़िडपल्ली, वाटेवागु, कर्रेगट्टा, पीड़िया, नारायणपुर जिले में कस्तुरमेटा, मसपुर, ईरकभट्टी, मोहंदी, होरादी, गारपा, कच्चापाल, कोड़लियार, सुकमा जिले में टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, लखापाल, पूलनपाड़, तुमालपाड़, रायगुडेम, गोलाकुंडा, गोमगुड़ा, मेंट्टागुड़ा तथा कांकेर जिले में पानीडोबीर सुरक्षा कैंप बीते एक सालों में स्थापित किए गए हैं।

पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री सुंदरराज पी. ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बलों के सामूहिक प्रयासों से बस्तर संभाग में शांति और लोकतंत्र की बहाली हुई है। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत स्थापित सुरक्षा केंद्रों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को शांति और विकास की राह पर लाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

जगदलपुर के लालबाग परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए नक्सल उन्मूलन अभियान की सफलता और बस्तर संभाग में सुरक्षा एवं विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

*पत्रकार बन एक फर्जी व्यक्ति राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों और व्यापारियों को झूठी शिकायतों से कर रहा है ब्लैकमेल , पत्रकारों के एक दल ने की राजधानी के S.P से मुलाकात और की कार्यवाही की मांग*

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रायपुर,राजधानी एक अपराधिक दिमाग और शातिर चालबाज व्यक्ति अकलेश खटोड़ उर्फ अखिलेश जैन नामक व्यक्ति जिसे पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों सहित भाषा, वाक्य विन्यास और व्याकरण सहित शुद्ध हिंदी का ज्ञान तक नहीं है वह व्यक्ति छत्तीसगढ़ शासन, जिला एवं पुलिस प्रशासन से बतौर पत्रकार और ब्यूरो चीफ बन एक मीडिया संस्थान के नाम से पत्राचार एवं पत्रकारवार्ता कर रहा है। यह व्यक्ति आई. ए. एस., आई.पी. एस., राज्य प्रशासनिक सेवा, गणमान्य व्यापारी गणों एवं पत्रकारों के विरुद्ध तथ्यहीन, साक्ष्य हीन,झूठी तथा मनगढ़ंत शिकायतों द्वारा लोक सेवकों को गुमराह करने, लोक सेवकों को गलत निर्णय लेने एवं अनुचित तथा विधि विरुद्ध कार्य के लिए प्रेरित करने का अपराध कर रहा है। जो की भारतीय न्याय संहिता 2023 के अनुसार गंभीर अपराध है। पूर्व में भी राजधानी के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और व्यापारियों ने इसके विरुद्ध आवेदन प्रस्तुत किये है साथ ही पत्रकार वार्ता कर इसके काले कारनामों को उजागर किया है। पूर्व में भी अकलेश खटोड़ उर्फ अखिलेश जैन के काले कारनामों की शिकायत राज्य के मुख्यमंत्री से भी की गई थी।

ये पहले राजधानी के एक बड़े बिल्डर की फर्म में नौकरी करता था। फिर उसी को ब्लेकमेल करने लगा। जिसकी भी शिकायत सामने आई थी। अब ये फर्जी पत्रकार बन कर पत्रकारों के विरुद्ध ही तथ्यहीन, साक्ष्य हीन, मनगढ़ंत और झूठा एक आवेदन भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समक्ष भी एक लिखित शिकायत की गई है कि यह सभी पत्रकार फिर से मेरे खिलाफ निराधार एवं झूठी खबर चला रहे हैं। जो की पूर्णतः निराधार है।

इन सभी विषयों को लेकर पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उम्मेद सिंह से मुलाकात की और आवेदन पत्र भी दिया है कि इसके विधि विरुद्ध किये जा रहें कृत्यों की विस्तृत जांच कर कड़ी कार्यवाही की जाये।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने लाला लाजपत राय की जयंती पर उन्हें किया नमन*

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योगेश पाठक ब्यूरो रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की 28 जनवरी को जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लाला लाजपत राय जी का जीवन देश के लिए समर्पण, बलिदान और संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अंग्रेजी साम्राज्य के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। मुख्यमंत्री श्री साय ने लाला लाजपत राय जी के स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय योगदान को याद करते हुए कहा कि लाला जी ने स्वाधीनता के लिए संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की भी परवाह नहीं की। लाला जी ने कहा था ‘मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश सरकार के ताबूत में एक-एक कील का काम करेगी’। श्री साय ने कहा कि लाला जी की कही बात सच साबित हुई और उनकी शहादत ने आजादी की लड़ाई को एक नई दिशा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लाला लाजपत राय का देश के लिए बलिदान हमें देश की उन्नति के लिए काम करने की सदैव प्रेरणा देते रहेगा।

*जिले में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस*

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*जिला स्तरीय समारोह में बिलासपुर विधायक श्री अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल*

*राष्ट्रीय ध्वज फहराकर मुख्यमंत्री के संदेश का किया वाचन*

*नागरिकों को दी गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं*

तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली // जिले में 26 जनवरी को 76वां गणतंत्र दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल जिला मुख्यालय मुंगेली स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा जनता के नाम प्रेषित संदेश का वाचन किया और शासन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों, योजनाओं और कार्यक्रमों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और परेड की सलामी ली तथा जिले के नागरिकों को गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
मुख्य अतिथि श्री अग्रवाल ने कलेक्टर श्री राहुल देव और पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल के साथ हर्षाेल्लास एवं खुशहाली के प्रतीक तीन रंगों के गुब्बारों को उन्मुक्त आसमान की ओर छोड़ा। परेड कमांडर श्री ख्रीष्ट नरगिस तिग्गा बघेल एवं परेड उप कमांडर श्री कार्तिकेश्वर जांगड़े के नेतृत्व में 13 प्लाटून दलों द्वारा आकर्षक मार्चपास्ट किया गया। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी श्री संजय यादव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर, अपर कलेक्टर श्री गिरधारी लाल यादव, श्रीमती मेनका प्रधान, संयुक्त कलेक्टर श्री गिरीश रामटेके, डिप्टी कलेक्टर श्री अजय शतरंज एवं सारिका मित्तल, एसडीएम मुंगेली श्रीमती पार्वती पटेल, पथरिया एसडीएम श्री बीआर ठाकुर, लोरमी एसडीएम श्री अजीत पुजारी, गणमान्य नागरिक, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, विभिन्न मीडिया के प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में लोग और स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम में मंच का संचालन श्री अशोक सोनी और रामपाल सिंह ने किया।

*शहीदों के परिजनों को किया गया सम्मानित*

कार्यक्रम में वीर शहीदों के शहादत को नमन करते हुए उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। इस क्रम में जिले के शहीद धनंजय सिंह, छत्रधारी जांगड़े, आनंद सिंह राठौर, संतोष पहारे, नरेन्द्र साहू, प्लाटून कमांडर राजकमल कश्यप के परिवारजनों को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।

*रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की दी गई प्रस्तुति, मलखम्ब रहा आकर्षण का केन्द्र*

समारोह में जिला मुख्यालय में संचालित 10 प्रमुख स्कूलों के 800 से अधिक बच्चों द्वारा पीटी प्रदर्शन किया गया। स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा भारत की संस्कृति, राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता थीम पर आधारित देशभक्ति गीतों पर मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी गई। मलखम्ब प्रशिक्षण अकादमी पुलिस विभाग के 20 से अधिक बच्चों द्वारा सामूहिक रूप से मलखम्ब में शानदार करतब का प्रदर्शन किया गया, जो कि दर्शकों के ध्यान आकर्षण का विशेष केन्द्र बना रहा। कार्यक्रम के समापन में मुख्य अतिथि विधायक श्री अग्रवाल द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मलखम्ब प्रशिक्षण अकादमी पुलिस विभाग को पहला पुरस्कार, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला करही को द्वितीय और पीएम श्री स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल दाउपारा को तृतीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
इसी तरह परेड में बेहतर प्रदर्शन करने पर सीनियर वर्ग में जिला पुलिस बल महिला-3 को प्रथम, जिला नगर सेना को द्वितीय और जिला पुलिस बल-2 को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया। जूनियर वर्ग में एनएसएस बी. आर. साव. स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम और पीएम श्री स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल दाउपारा को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार, अनुसूचित जाति बालक क्रीड़ा परिसर मुंगेली को द्वितीय और एनसीसी बी. आर. साव. स्कूल को तृतीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

*विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक झांकी की दी गई प्रस्तुति*

कार्यक्रम में जिला पंचायत, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, महिला बाल विकास, सहकारिता, समाज कल्याण, उद्यानिकी, वन, यातयात पुलिस, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, मत्स्य पालन, नगर पालिका, आदिवासी विकास, पशुधन सहित विभिन्न विभाागों द्वारा योजनाओं एवं कार्यक्रमों पर आधारित आकर्षक झांकी प्रस्तुत किया गया, जिसमें जिला पंचायत को प्रथम पुरस्कार, यातायात पुलिस को द्वितीय पुरस्कार और सहकारिता विभाग को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। बता दें कि जिला पंचायत द्वारा झांकी के माध्यम से श्रीरामलला के दर्शन के लिए वरिष्ठ नागरिकों को लेकर जाने वाली ट्रेन और मंदिर को प्रतिकात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया, जो लोगों का ध्यान आकृष्ट किया। वहीं पुलिस विभाग द्वारा झांकी के माध्यम से यातायात जागरूकता का संदेश दिया गया। सहकारिता विभाग द्वारा सहकार से समृद्धि की ओर थीम पर झांकी की प्रस्तुति दी गई।

*उत्कृष्ट कार्य के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को किया गया सम्मानित*

कार्यक्रम में 140 अधिकारी-कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें राजस्व विभाग के 05, कार्यालय पुलिस अधीक्षक के 27, भू-अभिलेख शाखा के 02, जिला कोषालय के 02, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पथरिया के 01, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लोरमी के 05, जिला पंचायत के 05, कार्यालय वनमंडल अधिकारी से 03, स्वास्थ्य विभाग से 14, जिला सेनानी एवं अग्नि शमन अधिकारी कार्यालय के 03, खाद्य शाखा के 03, छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन के 03, मछली पालन से 02, पशुधन विभाग से 04, खादी एवं ग्रामोद्योग के 01, जनदर्शन शाखा के 03, जिला शिक्षा कार्यालय के 07, सहकारिता के 01, योजना एवं सांख्यिकी के 02, लोक निर्माण के 02, श्रम विभाग के 03, नगर पालिका मुंगेली के 03, जनपद पंचायत मुंगेली, पथरिया व लोरमी के 14, विज्ञान महाविद्यालय के 03, कृषि विभाग के 03, खनिज शाखा के 01, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के 02, आयुष के 02, आबकारी के 02, आदिवासी के 05, जनसंपर्क के 01, परिवहन के 01 और ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के 04 और लाइवलीहुड कॉलेज से 01 अधिकारी-कर्मचारी शामिल है।

*स्मेलटर्स प्लांट दुर्घटना में रेस्क्यू आपरेशन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी विशेष रूप से हुए सम्मानित*

जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के द्वारा सरगांव के रामबोड़ स्थित कुसुम स्मेलटर्स प्लांट में घटित औद्योगिक दुर्घटना में जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए रेस्क्यू आपरेशन में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर, अपर कलेक्टर श्री जी. एल. यादव, संयुक्त कलेक्टर श्री गिरीश रामटेके, पथरिया एसडीएम श्री बी. आर. ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के 49 अधिकारी-कर्मचारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि 09 जनवरी 2025 को कुसुम स्मेलटर्स प्लांट में वजनी साइलो (कंटेनर) के गिरने से बड़ा हादसा हुआ था। दुर्घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर एवं एसपी के नेतृत्व में जिला प्रशासन व राहत एवं बचाव दल द्वारा मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू आपरेशन चलाया गया और 40 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद साइलो को क्रेन से लिफ्ट कर हटाया और सफल आपरेशन को अंजाम दिया गया था।

 

*सोशल मीडिया में उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला समन्वयक श्री साव को मिला प्रशस्ति पत्र*

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तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली // राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस 26 जनवरी के अवसर पर डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग में कार्यरत जिला समन्वयक श्री गौरव साव को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में शामिल बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल ने जिला समन्वयक को अपने हाथों से प्रशस्ति पत्र प्रदान किया और बधाई दी। इस अवसर पर कलेक्टर श्री राहुल देव, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय सहित प्रशानिक अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
जनसंपर्क विभाग के सहायक संचालक श्री सुजीत कुमार सिंह और सहायक सूचना अधिकारी श्री सोनू राम चंद्राकर ने जिला समन्वयक के इस उपलब्धि की सराहना की और आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रोत्साहित किया। गौरतलब है जिला समन्वयक श्री गौरव साव द्वारा मुंगेली जिले में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का सोशल मीडिया के माध्यम से बेहतर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

 

जिला पंचायत क्र. 06 के लिए दिव्या डॉ. गणेश कौशिक ने ठोकी ताल*

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आशीष कश्यप बिलासपुर:-जिला पंचायत क्षेत्र क्र. 06 जो निगारबंद से शुरू होकर जूनापारा क्षेत्र तक फैला है। पिछली बार इस क्षेत्र से जितेंद्र पांडे ने चुनाव जीता था। इस बार महिला आरक्षित होने से दिव्या डॉ. गणेश कौशिक का नाम तेजी से आगे बढ़ा है। डॉ. गणेश कौशिक ग्राम देवतरा के निवासी हैं जिनका समाज के साथ साथ क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। बेलपान में पढ़ाई लिखाई होने के कारण उनके मित्रों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। दिव्या डॉ. गणेश कौशिक के चुनावी मैदान में उतरने से क्षेत्र में समीकरण पूरा बदल गया है। अगर यह पार्टी समर्थन से वंचित भी रह जाते हैं तो भी यह स्वतंत्र रूप से चुनाव में तहलका मचाने के लिए काफ़ी हैं और जीत की दावेदारी कर रहे हैं।

*कोरबा जिले में 21 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान, यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई एवं सड़क मित्रों को प्रशिक्षण और हेलमेट वितरण*

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रवि शिवहरे ब्यूरो कोरबा  – यातायात पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में तथा यातायात एवं क्राइम प्रभारी श्री रविंद्र कुमार मीना के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने हेतु विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान कोरबा जिले में कुल 21 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की गई, यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई एवं सड़क मित्रों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण और हेलमेट वितरण किया गया।

ब्लैक स्पॉट्स की पहचान

कोरबा जिले में कुल 21 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की गई, जहां सड़क दुर्घटनाओं की संभावना अधिक रहती है। इनमें से 9 ब्लैक स्पॉट्स राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-130) पर स्थित हैं।

*ब्लैक स्पॉट्स का विवरण:*

NH-130 पर 9 ब्लैक स्पॉट्स:

6 बागों थाना क्षेत्र में

2 पाली थाना क्षेत्र में

1 कटघोरा थाना क्षेत्र में

अन्य 12 ब्लैक स्पॉट्स:

4 उरगा थाना क्षेत्र में

2 पसान थाना क्षेत्र में

3 सिविल लाइन थाना क्षेत्र में

1 कोतवाली थाना क्षेत्र में

1 बालको थाना क्षेत्र में

1 दीपका थाना क्षेत्र में

ब्लैक स्पॉट का क्राइटेरिया:

*तीन वर्षों में किसी स्थान पर कम से कम पाँच गंभीर सड़क दुर्घटनाएँ होना। अथवा इन दुर्घटनाओं में कम से कम दस मृत हुए हों।*
ऐसे स्थान जहाँ सड़क डिज़ाइन, मोड़, खराब संकेत व्यवस्था, अंधे मोड़ या अन्य कारणों से दुर्घटनाएँ अधिक होती हैं।

यातायात पुलिस इन ब्लैक स्पॉट्स पर संकेतक, साइनेज, गति सीमा नियंत्रण और अन्य सुधारात्मक उपाय लागू करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर रही है।

यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई

यातायात पुलिस द्वारा *कोसाबाड़ी क्षेत्र में नो पार्किंग में खड़े 17 वाहनों पर कार्रवाई की गई।* इसके अलावा:

*ओवरस्पीड के 20 मामलों में चालान किया गया।*
*185 मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 13 लोगो पर कार्रवाई की गई।*

*पाली थाना क्षेत्र में सड़क मित्रों को प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण एवं हेलमेट वितरण*

*सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायलों की त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए पाली थाना क्षेत्र में सड़क मित्रों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया।*

प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु:

सीपीआर (CPR), रक्तस्राव रोकने, घावों पर पट्टी लगाने और आपातकालीन सहायता बुलाने की प्रक्रिया समझाई गई।*
*108 (एम्बुलेंस) और 112 (पुलिस) को तुरंत सूचना देने का महत्व बताया गया।*

साथ ही सड़क मित्रों को हेलमेट वितरित किए गए ताकि वे स्वयं की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और समाज में भी हेलमेट पहनने की आदत को बढ़ावा दें।

यातायात पुलिस की अपील

यातायात पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि—
*सड़क पर यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग करें।*
*ब्लैक स्पॉट्स पर विशेष सावधानी बरतें और गति सीमा का पालन करें।*
*नो पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा न करें।*
*हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य रूप से करें।*
*सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की सहायता करें और आपातकालीन सेवाओं को सूचित करें।*

*यह अभियान सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यातायात पुलिस इस प्रकार के कार्यक्रमों को आगे भी जारी रखेगी।*