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*पीड़िता को बहला फुसला कर भगा ले जाकर दैहिक शोषण करने वाले आरोपी आकाश को किया गया गिरफ्तार*

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➡ *पीड़िता को बहला फुसला कर भगा ले जाकर दैहिक शोषण करने वाले आरोपी आकाश को किया गया गिरफ्तार*

➡ *आरोपी के विरूद्ध चौकी डिंडौरी थाना चिल्फी में अपराध कमांक 74/2025 धारा 137(2),87, 64(2) बीएनएस व 4,6 पॉक्सो एक्ट के तहत किया गया कार्यवाही।*

               

                        

 मुकेश साहू ब्यूरो  मुंगेली:- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) द्वारा जिले से समस्त थाना/चौकी प्रभारी को महिला एवं संपत्ति संबंधी अपराध पर त्वरित वैधानिक कार्यवाही करने निर्देशित किया गया है।

दिनांक 09.06.2025 को प्रार्थिया द्वारा चौकी डिंडौरी थाना चिल्फी में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा प्रार्थी के पुत्री को बहला फुसलाकर उसके वैध कब्जे से भगा ले जाने की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 74/2025 धारा 137(2) पंजीबद्ध कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया।

विवेचना के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुंगेली श्री प्रशांत शुक्ला एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस लोरमी श्रीमति माधुरी धिरही के कुशल मार्गदर्शन पर तकनीकी सहायता एवं मुखबीर सूचना के आधार पर दिनांक 05.09.2026 को आरोपी आकाश पाटले को हिरासत में लेकर चौकी चिल्फी लाया जाकर तथ्यात्मक पूछताछ करने पर आरोपी आकाश पाटले द्वारा अपराध कारित करना स्वीकार किया गया। प्रकरण में पीड़िता एवं आरोपी का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। आरोपी आकाश पाटले द्वारा अपराध घटित करना सबूत पाये जाने से प्रकरण में धारा 87, 64(2) बीएनएस व 4, 6 पॉक्सो एक्ट जोड़ी जाकर आरोपी आकाश पाटले पिता राजेंद्र पाटले पिता उम्र 21 वर्ष निवासी नवागांव दयाली को चौकी डिंडौरी थाना चिल्फी, जिला मुंगेली को दिनांक 05.09.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर दिनांक 06.09.2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

संपूर्ण कार्यवाही में उप निरीक्षक मानसिंह प्रभारी चौकी डिंडौरी थाना चिल्फी, प्रआर. श्याम डहरिया, गुलाब राजपूत चिंताराम कश्यप, आरक्षक नागेश साहू, पवन गंधर्व, बंशी लाल कंवर, संजय एवं महिला आरक्षक प्रेमलता की सराहनीय भूमिका रही।

*शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अमलडीही में हर्षोल्लास से मनाया गया शिक्षक दिवस*

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*शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अमलडीही में हर्षोल्लास से मनाया गया शिक्षक दिवस*

 मुकेश साहू ब्यूरो लोरमी मुंगेली — शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अमलडीही, विकासखंड लोरमी, जिला मुंगेली में शिक्षक दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्या की देवी मां सरस्वती एवं भारत के महान शिक्षाविद् और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर विधिवत पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सभी शिक्षकों का सम्मान किया गया। विद्यार्थियों ने शिक्षक दिवस के महत्व तथा गुरु-शिष्य परंपरा पर अपने विचार भी व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न प्रकार की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं मनोरंजक गतिविधियां प्रस्तुत की गईं, जिससे विद्यालय परिसर में उत्साह और उल्लास का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान पाठक एल. आर. यादव ने विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा देने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व एवं भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं संस्कारों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। शिक्षक गोमेदनी खरे, गोविंद सिंह राजपूत एवं नारायण साहू ने भी डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी एवं उनके शिक्षा के क्षेत्र में योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर जीवन में आगे बढ़ने तथा अपने गुरुजनों का सदैव सम्मान करने का संदेश दिया। शिक्षकों ने सभी विद्यार्थियों को शुभाशीष प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। पूरे आयोजन ने गुरु और शिष्य के बीच सम्मान, स्नेह एवं आत्मीयता के भाव को और मजबूत किया।

*शिक्षक ही विद्यार्थियों को सफलता के शिखर तक पहुंचाने वाले सच्चे मार्गदर्शक*

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*शिक्षक ही विद्यार्थियों को सफलता के शिखर तक पहुंचाने वाले सच्चे मार्गदर्शक*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली:- छटन —शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छटन में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विद्यालय एवं ग्राम पंचायत की ओर से सेवानिवृत्त एवं कार्यरत शिक्षकों का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त डीएमसी अशोक कश्यप, विशिष्ट अतिथि ग्राम पंचायत छटन के सरपंच लुमेश सप्रे, प्राचार्य डॉ. आई.पी. यादव, बीआरसीसी डी.सी. डाहिरे, प्रभारी प्राचार्य कैलाश सिंह राजपूत, साक्षरता प्रभारी रामनाथ गुप्ता एवं प्राचार्य ए.डी. अंचल द्वारा भारत माता एवं भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति तथा महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा पर पूजा-अर्चना कर किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त डीएमसी अशोक कश्यप ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 5 सितंबर 1888 को तिरुचिरापल्ली में हुआ था। वे बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे और उन्होंने अपने जीवन में समय को विशेष महत्व दिया। उनके जीवन से हमें समय का सदुपयोग, अनुशासन एवं शिक्षा के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. आई.पी. यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र जीवन में अनुशासन का विशेष महत्व है। जीवन में किसी भी कार्य को निर्धारित समय पर पूरा करने के लिए अनुशासित रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए भी अपने सभी कार्य निर्धारित समय पर पूरे किए। अनुशासन के बिना जीवन में सफलता प्राप्त करना कठिन है और अनुशासित जीवन हमेशा सफलता की ओर ले जाता है। बीआरसीसी डी.सी. डाहिरे ने कहा कि वर्तमान समय में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है। विशेष रूप से शिक्षक बनने के क्षेत्र में भी प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है। ऐसे समय में विद्यार्थियों को लक्ष्य प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सामान्य ज्ञान सहित विभिन्न विषयों की जानकारी से स्वयं को अपडेट रखना चाहिए तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेकर ज्ञान अर्जित करना चाहिए। प्रभारी प्राचार्य कैलाश सिंह राजपूत ने शिक्षक की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को जीवन में शिखर तक पहुंचाने वाला मार्गदर्शक होता है। शिक्षक के व्यक्तित्व में क्षमा, धैर्य, समर्पण और कठिन परिश्रम जैसे गुण होते हैं। वह अपने अथक प्रयासों से विद्यार्थियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने का कार्य करता है। उन्होंने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्हें वर्ष 1954 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। वे महान दार्शनिक, शिक्षक एवं विनम्र तथा व्यवहारिक व्यक्तित्व के धनी थे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं ग्राम पंचायत छटन के सरपंच लुमेश सप्रे ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान करना विद्यालय एवं ग्राम के लिए गौरव का विषय है। निश्चित रूप से शिक्षक ही हमारे जीवन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षकों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को जीवन में अपनाना सफलता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह विशेष और विलक्षण अवसर है कि वे शिक्षकों का सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि समाज एवं राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सर्वोपरि है।

शिक्षकों का किया गया सम्मान

शिक्षक दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत एवं सरपंच की ओर से सेवानिवृत्त डीएमसी अशोक कश्यप, प्राचार्य डॉ. आई.पी. यादव, प्राचार्य कैलाश सिंह राजपूत, प्राचार्य रामनाथ गुप्ता, बीआरसीसी डी.सी. डाहिरे सहित विद्यालय के समस्त शिक्षकों को साल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। इस दौरान शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा एवं संस्कार देने के लिए अपने संकल्प को दोहराया।

चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। चित्रकला प्रतियोगिता में कुमारी मुस्कान साहू ने प्रथम, कुमारी पूनम साहू ने द्वितीय तथा कुमारी नंदिनी गेंदले ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं निबंध प्रतियोगिता में कुमारी प्रमिला मरकाम ने प्रथम तथा कुमारी रितिका गुप्ता ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा शुभकामनाएं एवं प्रोत्साहन दिया गया। कार्यक्रम में उमाकांत मिरी, सुषमा गुप्ता, ज्योति सिंह, जयसिंह मरकाम, बलदाऊ साहू, झमेश पटेल, लक्ष्मी नारायण जोशी, अमीन सोनवानी, लालाराम घृतलहरे, ओम प्रकाश साहू, कमल सिन्हा, रामेश्वर राव, लोकेश पाटले, मीरकंठ साहू, सुनीता साहू, भाऊ राम साहू, संतोष सप्रे, रविंद्र गुप्ता सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता मोहन उपाध्याय ने किया। शिक्षक दिवस समारोह ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित ग्रामीणों में शिक्षा और शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया।

*यदुवंशियों की भव्य शोभायात्रा से कृष्णमय हुआ मुंगेली, मटका फोड़ में दिखा रोमांच*

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*यदुवंशियों की भव्य शोभायात्रा से कृष्णमय हुआ मुंगेली, मटका फोड़ में दिखा रोमांच*

*हजारों की संख्या में उमड़े यादव समाज के लोग, विधायक पुन्नूलाल मोहले व देवेंद्र यादव हुए शामिल — जीके हब फिजिकल एकेडमी ग्रुप ने जीता ₹25 हजार का पुरस्कार*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली :-श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के अवसर पर मुंगेली नगर में यादव समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा एवं दही-हांडी मटका फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शोभायात्रा में हजारों की संख्या में यदुवंशी समाज के लोग शामिल हुए। भक्ति संगीत, हरि कीर्तन, राउत नाचा, अखाड़ा प्रदर्शन, लाठी एवं अस्त्र-शस्त्र चालन सहित पारंपरिक वाद्य यंत्रों की प्रस्तुतियों ने पूरे शहर को कृष्णमय कर दिया। चारों ओर “जय यादव-जय माधव” और “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष गूंजते रहे। उत्साह और भक्ति के इस अद्भुत माहौल से ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा मुंगेली नगर वृंदावन और मथुरा में तब्दील हो गया हो।आयोजन समिति मुंगेली के संयोजक संजय यादव एवं सूरज यादव, अध्यक्ष सुरेंद्र यादव, उपाध्यक्ष राहुल विक्की यादव, सचिव हरिश्चंद्र यादव, कोषाध्यक्ष जितेंद्र यादव तथा सहसंयोजक विजय यादव की अगुवाई एवं धनीराम यादव के सानिध्य में शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा नया बस स्टैंड से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आगर खेल परिसर पहुंची, जहां देर रात तक दही-हांडी मटका फोड़ कार्यक्रम आयोजित किया गया।

*अखाड़ा प्रदर्शन और राउत नाचा रहा आकर्षण का केंद्र*

शोभायात्रा में अखाड़ा प्रदर्शन, लाठी चालन एवं अस्त्र-शस्त्र चालन ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। वहीं धुमाल की भक्तिमय धुनों, हरि कीर्तन की टोलियों, कोरबा गुदरूम बाजा टीम, राउत नाचा टोली तथा बांसुरी एवं नगाड़ों की मधुर ध्वनि से वातावरण भक्तिमय बना रहा। नगर के विभिन्न स्थानों पर लोगों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा शोभायात्रा का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

*श्रीकृष्ण चौक के शीघ्र निर्माण की घोषणा*

आगर खेल परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुंगेली विधायक एवं पूर्व मंत्री पुन्नूलाल मोहले ने मुंगेली-लोरमी बाईपास तिराहा पर नवीन मूर्ति स्थापित करने के साथ श्रीकृष्ण चौक के शीघ्र निर्माण की बात कही। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक देवेंद्र यादव ने समाज के युवाओं को विकास के लिए यादव समाज की एकता बनाए रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम में समाज के अग्रज डॉ. सोमनाथ यादव, पूर्व अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग तथा रामशरण यादव बिलासपुर एवं राकेश यादव सहित अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधि शामिल हुए।

*दही-हांडी में जीके हब फिजिकल एकेडमी ग्रुप ने मारी बाजी*

दही-हांडी मटका फोड़ प्रतियोगिता का रोमांच देर रात तक चरम पर रहा। प्रतिभागी टीमों ने मटका फोड़ने के लिए पूरे जोश और उत्साह के साथ प्रयास किया। प्रतियोगिता में जीके हब फिजिकल एकेडमी ग्रुप ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया और ₹25,000 का नगद पुरस्कार अपने नाम किया। मटका फोड़ कार्यक्रम का ग्राउंड संचालन आयोजन समिति के संयोजक एवं नगर पालिका पार्षद सूरज यादव के साथ राहुल यादव एवं हरिश्चंद्र यादव ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन संतोष कुमार यादव, दाऊपारा मुंगेली द्वारा किया गया।

*राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र के अनेक लोग रहे मौजूद*

कार्यक्रम में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हेमेंद्र गोस्वामी, नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला, भाजपा जिला अध्यक्ष दीनानाथ केसरवानी, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष घनश्याम वर्मा, थानेश्वर साहू, जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष संजय यादव, पांच राज यादव महासमिति के उपाध्यक्ष लक्ष्मीकांत भास्कर, स्वतंत्र मिश्रा, शहर भाजपा अध्यक्ष सौरभ बाजपेई, शहर कांग्रेस अध्यक्ष दीपक गुप्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं पार्षदगण उपस्थित रहे। साथ ही सामाजिक क्षेत्र से प्रकाश यादव नायब तहसीलदार, धनीराम यादव अध्यक्ष पांच राज महासमिति, संतोष कुमार यादव प्रदेश सचिव बांस गीत गाथा अकादमी मुंगेली, मोतीराम यादव अध्यक्ष, सर्व यादव समाज के जिला अध्यक्ष नरेश यादव, महामंत्री देवीशंकर यादव, नगर अध्यक्ष विजय यादव, नवागढ़ राज से गीता महेंद्र यादव जनपद सदस्य, अंतराम यादव गौंटिया, अमर यादव देवान एवं प्रेमलाल यादव देवान सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर मनोहर यादव प्राचार्य, रामकुमार यादव, कृष्णा यादव, हीरालाल यादव, घनश्याम यादव, सतीश यादव, फूलचंद यादव, बोधी यादव, रूपचंद यादव, अशोक यादव, महाराणा यादव, भोला यादव, अदालत यादव, नरेंद्र यादव, प्रमोद यादव, भागबाली यादव, दिलीप यादव, अमर यादव, अंतराम यादव, राजकुमार यादव, वीरेंद्र यादव, बेदराम यादव, कन्हैया यादव, रामरतन यादव, विजय यादव, किरीत यादव, रामरतन यादव मोहडंडा, राजेंद्र यादव, हरीश यादव, पत्रकार कन्हैया यादव, पत्रकार राकेश यादव, पत्रकार गुड्डू यादव, दिलेश्वर यादव, रवि यादव, अंकलू यादव, नारायण यादव, राजेश यादव, संजय यादव दशरंगपुर सहित बड़ी संख्या में यादव समाज के नागरिक उपस्थित रहे।

भव्य शोभायात्रा और दही-हांडी मटका फोड़ कार्यक्रम ने मुंगेली में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत कर दिया। आयोजन में समाज के युवाओं, महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया।

*विद्युत टावर गिराकर एल्युमिनियम कंडक्टर वायर चोरी करने वाले 02 आरोपी गिरफ्तार* 

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⚡ *विद्युत टावर गिराकर एल्युमिनियम कंडक्टर वायर चोरी करने वाले 02 आरोपी गिरफ्तार* 

 *चोरी करने वालों द्वारा टावर गिराकर शासकीय संपत्ति को पहुंचाए गए नुकसान पर सरकारी संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम एवं विद्युत अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई* 

 *थाना बालको नगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई — चोरी का शत-प्रतिशत माल बरामद, लगभग ₹65,000/- कीमत का एल्युमिनियम कंडक्टर वायर जब्त*

कोरबा पुलिस द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना बालको नगर पुलिस ने विद्युत टावर को गिराकर उसमें लगे एल्युमिनियम कंडक्टर वायर की चोरी करने वाले 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।घटना में आरोपियों द्वारा विद्युत टावर को क्षतिग्रस्त कर गिराया गया तथा उसमें लगे एल्युमिनियम कंडक्टर वायर को काटकर चोरी किया गया। इस कृत्य से विद्युत विभाग की शासकीय संपत्ति को भी क्षति पहुंची।

🔹 *विद्युत टावर गिराकर की गई चोरी*

दिनांक 04.09.2026 को प्रार्थी द्वारा थाना बालको नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 03/04.09.2026 की दरम्यानी रात्रि पेट्रोलिंग के दौरान अंबेडकर चौक, भदरापारा, बालको के आगे C.S.E.B. की ओर जाने वाले मार्ग पर विद्युत टावर क्षतिग्रस्त एवं गिरा हुआ पाया गया।जांच में पाया गया कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा विद्युत टावर को गिराकर उसमें लगे एल्युमिनियम कंडक्टर वायर को काटकर चोरी किया गया है।

*पुलिस की तत्काल कार्रवाई और खुलासा*

घटना की सूचना पर थाना बालको नगर पुलिस द्वारा तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास के क्षेत्र में पूछताछ एवं संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में जानकारी एकत्र की गई।संदेह के आधार पर पूछताछ किए जाने पर आरोपियों द्वारा विद्युत टावर को गिराकर उसमें लगे एल्युमिनियम कंडक्टर वायर चोरी करना स्वीकार किया गया।

🔹 *चोरी का शत-प्रतिशत माल बरामद*

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस द्वारा चोरी किए गए एल्युमिनियम कंडक्टर वायर का शत-प्रतिशत माल बरामद कर विधिवत जब्त किया गया है।बरामद चोरी के माल की कुल कीमत लगभग ₹65,000/- है।इस प्रकार थाना बालको नगर पुलिस द्वारा मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ चोरी गए माल की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित की गई है।

🔹 *गिरफ्तार आरोपी*

01. गगन टंडन, पिता महावीर टंडन, उम्र लगभग 25 वर्ष, निवासी अंबेडकर चौक, भदरापारा, थाना बालको नगर, जिला कोरबा।

02. वासु साण्डे उर्फ चिंटू, पिता मोहन लाल, उम्र 18 वर्ष 08 माह, निवासी अंबेडकर चौक, भदरापारा, थाना बालको नगर, जिला कोरबा।

🔹 *इन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई*

थाना बालको नगर में अपराध क्रमांक 528/2026 पंजीबद्ध कर आरोपियों के विरुद्ध धारा 136, 139 भारतीय विद्युत अधिनियम, 2003, लोक संपत्ति का नुकसान का निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 3 तथा धारा 61, 303(2), 3(5) बीएनएस के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।

🔹 *शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई*

कोरबा पुलिस द्वारा विद्युत व्यवस्था एवं शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर चोरी करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी है। ऐसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक एवं शासकीय संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

🔷 *कोरबा पुलिस*

*सजग कोरबा, सतर्क कोरबा* 🚔

*केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने उज्जैन में राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन के अधिवेशन को किया संबोधित, शिक्षा, संस्कार और नशामुक्ति पर दिया जोर*

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*केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने उज्जैन में राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन के अधिवेशन को किया संबोधित, शिक्षा, संस्कार और नशामुक्ति पर दिया जोर*

*उज्जैन में राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन का राष्ट्रीय अधिवेशन, केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने समाज की विरासत को आगे बढ़ाने का किया आह्वान*

उज्जैन, 6 सितंबर 2026। राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन, दिल्ली द्वारा रविवार को महाकाल की पावन नगरी उज्जैन स्थित माधव सेवा न्यास, श्री महाकालेश्वर भक्त निवास, भारत माता मंदिर के समीप राष्ट्रीय अधिवेशन एवं वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री एवं बिलासपुर सांसद श्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। देशभर से पहुंचे समाजबंधुओं एवं महासंगठन के पदाधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।

अपने संबोधन में श्री तोखन साहू ने कहा कि महाकाल की पावन नगरी में देशभर से आए साहू समाज के बीच उपस्थित होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर सशक्त हो रहा है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

श्री साहू ने साहू समाज की आध्यात्मिक एवं गौरवशाली परंपराओं का स्मरण करते हुए कहा कि समाज की सांस्कृतिक चेतना मां कर्मा, भक्त माता राजिम, मां तेलीन दाई, मां भानेश्वरी, प्रभु राजीव लोचन तथा भगवान जगन्नाथ प्रभु की भक्ति एवं आस्था से गहराई से जुड़ी हुई है। इन आराध्य शक्तियों और महान परंपराओं ने समाज को भक्ति, सेवा, त्याग, सद्भाव एवं संस्कारों का मार्ग दिखाया है।

उन्होंने कहा कि मां कर्मा की भक्ति और समर्पण समाज के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। मां कर्मा के सम्मान में डाक टिकट जारी होना पूरे साहू समाज के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि डाक टिकट जारी कराने की प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभाने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। यह केवल डाक टिकट नहीं, बल्कि समाज की महान विभूति को प्राप्त राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक है।

केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने भामाशाह जी सहित समाज की अन्य महान विभूतियों के योगदान का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि समाज के इतिहास में सेवा, त्याग, दान, राष्ट्रभक्ति और समर्पण की समृद्ध परंपरा रही है। इस गौरवशाली विरासत को केवल स्मरण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसे अपने आचरण और नई पीढ़ी के संस्कारों में भी आत्मसात करना आवश्यक है।

नई पीढ़ी को शिक्षा और संस्कारों से जोड़ना सामूहिक जिम्मेदारी

श्री साहू ने समाज के वरिष्ठजनों एवं नेतृत्वकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कारों और जीवन-मूल्यों से जोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। समाज के युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता एवं रचनात्मक कार्यों से जोड़ने के लिए संगठित और प्रभावी प्रयास किए जाने चाहिए।

उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, व्यवसाय तथा समाज एवं राष्ट्र निर्माण में करें। शिक्षित, संस्कारवान और नशामुक्त युवा ही सशक्त समाज एवं विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।

श्री तोखन साहू ने कहा कि हमारी आस्था हमारी शक्ति है, हमारी विरासत हमारी पहचान है और हमारी नई पीढ़ी हमारा भविष्य है। इसलिए समाज की गौरवशाली परंपराओं, संस्कारों और महान विभूतियों के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष साहू मुरारी एच. गुप्ता, राष्ट्रीय महामंत्री साहू रामललित गुप्ता, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संजय गुप्ता, राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. महेंद्र साहू सहित देशभर से आए महासंगठन के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।

*ग्राम पंचायतों में 7 सितंबर को रोजगार दिवस एवं आवास दिवस के साथ होगा विकसित भारत जी राम जी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार*

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*ग्राम पंचायतों में 7 सितंबर को रोजगार दिवस एवं आवास दिवस के साथ होगा विकसित भारत जी राम जी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार*

       मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा :-कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला पंचायत श्री विनय कुमार पोयाम के मार्गदर्शन में जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 7 सितंबर 2026 को चावल महोत्सव के साथ रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर विकसित भारत जी रामजी योजना के कार्यों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए क्यू आर कोड नवाचार के एक वर्ष पूर्ण होने पर विशेष अभियान चलाया जाएगा।

रोजगार दिवस के अवसर पर आमजन को अधिकाधिक क्यूआर कोड स्कैन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके माध्यम से योजनाओं एवं उनके अंतर्गत संचालित कार्यों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होने तथा सूचनाओं के स्वप्रगटीकरण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के संबंध में जनप्रतिनिधियों, ग्रामीण रोजगार सहायकों एवं हितग्राहियों के विचार एवं अनुभव भी साझा किए जाएंगे। इस अवसर पर पीएम आवास ग्रामीण सहित अन्य आवास योजनाओं के स्वीकृत आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने, हितग्राहियों को नियमानुसार राशि का त्वरित हस्तांतरण, लंबित जियो-टैगिंग कार्यों को पूर्ण करने तथा आवास संबंधी समस्याओं के निराकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा। स्व-सहायता समूहों की दीदियों को सामग्री आपूर्ति एवं आजीविका गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा होगी।

*तीजा-पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और कृषि परंपरा के प्रतीक : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

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*तीजा-पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और कृषि परंपरा के प्रतीक : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*मुख्यमंत्री ने कबीर नगर में सर्व समाज भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की*

*मुख्यमंत्री श्री साय मोर माटी सांस्कृतिक संगठन के तीजा-पोरा तिहार कार्यक्रम में हुए शामिल*

रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के कबीर नगर स्थित दशहरा मैदान में मोर माटी सांस्कृतिक संगठन द्वारा आयोजित तीजा-पोरा तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तीजा-पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के प्रतीक हैं। तीजा हमारी माताओं-बहनों, परिवार और रिश्तों से जुड़ा पर्व है, वहीं पोरा हमारे अन्नदाता किसानों, खेती और पशुधन के सम्मान का पर्व है। ऐसे लोकपर्व हमारी संस्कृति को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत बनाए रखने के साथ समाज में आत्मीयता और समरसता को भी मजबूत करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मोर माटी सांस्कृतिक संगठन की मांग पर कबीर नगर में सर्व समाज भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया और माताओं-बहनों को तीजा पर्व के अवसर पर साड़ी भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी को तीजा-पोरा तिहार की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि मोर माटी सांस्कृतिक संगठन द्वारा हर वर्ष इस पर्व को भव्यता और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसमें सभी समाजों की सहभागिता और समरसता का भाव है। हमारे तीज-त्योहार हमें अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ एक-दूसरे के और करीब लाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में नारी को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है— ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।’ तीजा तिहार माताओं-बहनों के त्याग, तप और परिवार के प्रति उनके समर्पण का पर्व है। इस दिन महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और पति की दीर्घायु की कामना के साथ व्रत रखती हैं, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं तथा कथा श्रवण और रात्रि जागरण करती हैं।

उन्होंने कहा कि भारत तीज-त्योहारों का देश है और छत्तीसगढ़ की संस्कृति में इन पर्वों की विशेष महत्ता है। एकादशी और करमा तिहार सहित हमारे अनेक पर्वों के पीछे सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश निहित हैं। ये परंपराएं हमारे पूर्वजों की अमूल्य विरासत हैं। इन्हें सहेजना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी संस्कृति और परंपराओं के महत्व को समझें और उनसे जुड़ी रहें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान और माताओं-बहनों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी गई। बीते दो वर्षों में 11 लाख से अधिक आवास बन चुके हैं और प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता दी जा रही है और अब तक 31 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि गांव की महिलाओं के लिए यह राशि आर्थिक संबल का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। महिलाएं इस राशि का उपयोग किराना एवं सब्जी दुकान जैसे छोटे व्यवसाय शुरू करने, सिलाई मशीन खरीदने और बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में बचत करने जैसे कार्यों में कर रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास की राह में बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में बनाई गई प्रभावी रणनीति और हमारे सुरक्षाबलों के अदम्य साहस से आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हुआ है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 15 हजार आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए अलग से आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत कर सकें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन के लिए ई-फाइल प्रणाली लागू की गई है तथा शासकीय प्रक्रियाओं को तेजी से डिजिटल और ऑनलाइन बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिक चौबीसों घंटे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के लिए चार स्तरों पर लगभग 8 हजार कर्मचारियों को जोड़ा गया है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं नागरिकों को मोबाइल पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन कराए जा रहे हैं और अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं। इसी प्रकार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत प्रदेश के बुजुर्गों को देश के चयनित 31 तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है।

इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू सहित श्री रमेश सिंह ठाकुर, श्री भगतराम हरबंस, श्री चंद्रशेखर शुक्ला, श्री टेकेश्वर चंद्रा, श्री धीरेन्द्र परगनिहा, श्री देवा साहू, श्री ओमप्रकाश मरावी, श्री मनोज जोशी, श्री मैक मिलन साहू, मोर माटी सांस्कृतिक संगठन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

*लोकधुनों और लोकनृत्यों से सजा ‘लोकरंग पर्व’, भरथरी गाथा ने बांधा समां*

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*लोकधुनों और लोकनृत्यों से सजा ‘लोकरंग पर्व’, भरथरी गाथा ने बांधा समां*

*तीन दिवसीय आयोजन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं का जीवंत प्रदर्शन, नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का संदेश*

रायपुर, छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, लोकगायन और लोकनृत्य की विविध परंपराओं को संरक्षित करने और कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘लोकरंग पर्व’ का रविवार को रायपुर स्थित मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में भव्य शुभारंभ हुआ। 6 से 8 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में प्रदेश की पारंपरिक लोकविधाओं की विविध रंगत देखने को मिल रही है।

कार्यक्रम के पहले दिन मुक्ताकाशी मंच पर छत्तीसगढ़ी लोकधुनों और पारंपरिक लोकगाथाओं ने ऐसा समां बांधा कि दर्शक लोकसंस्कृति की जीवंत दुनिया से जुड़ते नजर आए। आयोजन की शुरुआत भरथरी गाथा की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद कलाकारों ने पंडवानी, देवार गीत और भरथरी गाथा सहित विभिन्न लोकविधाओं की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं।

*लोककलाओं की विविधता ने मोहा मन*

लोकरंग पर्व में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोकविधाओं से जुड़े कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है। आयोजन में भरथरी गाथा, देवार गीत, करमा नृत्य, सरहुल, लोरिक-चंदा, ददरिया, पंडवानी और पंथी जैसी विविध लोककलाओं की प्रस्तुतियां शामिल हैं।

पहले दिन सुश्री दुर्गा साहू ने पंडवानी, श्रीमती पूनम तिवारी ने देवार गीत तथा सुश्री अरुणिमा शर्मा ने भरथरी गाथा की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। कलाकारों की प्रस्तुतियों में छत्तीसगढ़ की लोकजीवन की संवेदना, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई दी।

*स्थानीय कलाकारों को मंच देना आयोजन का प्रमुख उद्देश्य*

कार्यक्रम के संचालक एवं संस्कृति एवं पुरातत्व संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि स्थानीय मंचों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकविधाओं से जुड़े कलाकारों को प्रोत्साहन मिलता है और उन्हें अपनी कला के प्रदर्शन का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन प्रदेश की ‘सुघर’ संस्कृति, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के साथ युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककलाएं केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनमें प्रदेश के इतिहास, सामाजिक जीवन, लोकविश्वास और सामुदायिक परंपराओं की गहरी छाप दिखाई देती है। ऐसे आयोजनों के जरिए इन परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

*कला-संस्कृति प्रेमियों की रही मौजूदगी*

लोकरंग पर्व के शुभारंभ अवसर पर संस्कृति एवं पुरातत्व संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, उपसंचालक श्री उमेश मिश्रा, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कवि मीर अली मीर, बॉलीवुड अभिनेत्री श्वेता पड्डा , वरिष्ठ पत्रकार एवं छायाकार श्री दीपेंद्र दीवान, साहित्यकार श्री विजय मिश्रा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं कला-संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे।

*8 सितंबर तक जारी रहेगा लोकसंस्कृति का उत्सव*

तीन दिवसीय लोकरंग पर्व 8 सितंबर तक चलेगा। आगामी दिनों में भी छत्तीसगढ़ की विभिन्न लोकविधाओं से जुड़े कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। आयोजन के माध्यम से रायपुरवासियों को प्रदेश की पारंपरिक लोककलाओं, लोकसंगीत, लोकगाथाओं और लोकनृत्यों की विविधता को करीब से देखने और सुनने का अवसर मिल रहा है।

मुक्ताकाशी मंच पर सजी यह सांस्कृतिक संध्या छत्तीसगढ़ की उस लोकपरंपरा की तस्वीर प्रस्तुत कर रही है, जिसमें माटी की महक, लोकजीवन की सहजता और पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत एक साथ दिखाई देती है।

*Bahatarai Stadium Comes Alive as Chief Minister Shri Sai Celebrates Teeja Tihaar with Sisters of Bilaspur* 

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*Bahatarai Stadium Comes Alive as Chief Minister Shri Sai Celebrates Teeja Tihaar with Sisters of Bilaspur* 

*Teeja Reflects Chhattisgarh’s Rich Folk Culture and Embodies Women’s Love, Faith and Prayers for Family Well-Being: Chief Minister Shri Sai*

*More Than 13.85 Lakh Women Become Lakhpati Didis, Writing a New Story of Self-Reliance: Chief Minister*

Ashish kashyap Editor in chief Raipur, / Amid the festive spirit of Teeja Tihar, Bahatarai Stadium in Bilaspur today came alive with the colours of Chhattisgarhi culture and tradition, as Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai joined women celebrating the festival and extended his greetings. He prayed to Lord Shiva and Maa Parvati for the happiness, prosperity and well-being of women across Chhattisgarh.

Addressing the grand Teeja Milan ceremony at Bahatarai Stadium today, Chief Minister Shri Sai said that Teeja is a sacred festival rooted in Chhattisgarh’s rich folk culture. It embodies the love and faith of women, along with their prayers for the well-being of their families. The festival holds a special place in the State’s cultural traditions, including the long-standing practice of married daughters returning to their maternal homes to celebrate with their families. Such festivals keep traditions alive while strengthening bonds of affection within families and society.

Deputy Chief Minister Shri Arun Sao, Women and Child Development Minister Smt. Lakshmi Rajwade, MLAs Shri Amar Agrawal, Shri Dharamlal Kaushik, Shri Sushant Shukla and Smt. Bhavana Bohra, along with other public representatives and a large number of women, attended the ceremony.

On the occasion, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said that Nari Shakti has always been accorded the highest place of honour in Sanatan culture. Under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi, several significant steps have been taken across the country to ensure women’s dignity, safety and empowerment. The construction of toilets in households has ensured dignity and convenience for women, while ration cards issued in their names have strengthened their social standing. In Chhattisgarh, more than 68 lakh women are receiving regular financial assistance under Mahtari Vandan Yojana. As many as 31 installments have been disbursed under the scheme so far. This financial aid is helping women independently meet their needs while further strengthening their role within their families.

He said that women are also embracing modern technology to expand their opportunities. Drone Didis are using technology for self-employment and earning between ₹6,000 and ₹7,000 a day. Women are also becoming self-reliant through businesses such as centring plate enterprises and by operating e-rickshaws. From Bastar to Bilaspur, women are writing new stories of achievement through hard work, skills and confidence.

The State Government is also providing special encouragement to connect women with entrepreneurship and industries. The objective is to ensure that every woman gets an opportunity to advance according to her abilities and skills, thereby contribute to the prosperity of her family and the State.

Chief Minister Shri Sai said that the State has resolved to build a developed Chhattisgarh alongside a developed India by 2047. Women will have a crucial role in achieving this goal. When women are educated, safe, healthy, economically empowered and self-reliant, families become stronger and the State progresses faster, he said.

*Chorhadeori to Be Renamed ‘Ramdeori’; ₹30 Lakh Announced for Beltara Mahotsav*

Chief Minister Shri Sai announced important initiatives for the region during the programme. He announced that Chorhadeori village in Bilha development block would be renamed as Ramdeori. He also announced a grant of ₹30 lakh for the Beltara Festival, organised on the occasion of Maghi Purnima. The announcements were warmly welcomed by the gathering.

*Teeja Preserves Cultural Heritage and Social Bonds: Deputy CM Shri Sao*

Appreciating the Teeja Milan ceremony organised by the Kamal Sakhi Parivar, Deputy Chief Minister Shri Arun Sao said that such events preserve cultural traditions while strengthening social warmth and community bonds.

Women and Child Development Minister Smt. Lakshmi Rajwade said that the State Government is continuously working to ensure security, dignity and development of women. Festivals such as Teeja carry forward the message of preserving culture and social unity across generations.

Beltara MLA Shri Sushant Shukla also addressed the program saying that such celebrations provide an effective platform for taking folk traditions to the younger generation.

*Joy and Festivities, Mehendi and Traditional Activities mark Teeja Celebration at Bahatarai Stadium*

A large number of women attended the Teeja Milan Samaroh in traditional attire. Arrangements were made for attractive swings (Jhula), mehendi and various recreational activities. Special food and gifts added to the festive spirit, while children also participated enthusiastically in the activities. With songs, music and a lively festive atmosphere, Bahatarai Stadium remained immersed in the joy of Teeja throughout the celebration.

Chairman of Chhattisgarh Textbook Corporation Shri Raja Pandey, Mayor Smt. Pooja Vidhani, District Panchayat President Shri Rajesh Suryavanshi, Divisional Commissioner Shri Sunil Jain, Collector Shri Sanjay Agrawal, SSP Shri Rajnesh Singh, Municipal Corporation Commissioner Shri Prakash Kumar Sarvey and District Panchayat CEO Shri Sandeep Agrawal were among the dignitaries present on the occasion.