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*जनजातीय समाज के अधिकारों की पैरवी में सक्रिय हुए केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू*

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*जनजातीय समाज के अधिकारों की पैरवी में सक्रिय हुए केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू*

छत्तीसगढ़ राज्य के वंचित जनजातीय समाजों को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने हेतु केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री एवं बिलासपुर लोकसभा सांसद श्री तोखन साहू ने एक बार फिर निर्णायक पहल करते हुए माननीय केंद्रीय मंत्री श्री दुर्गादास उइके, श्री जुएल उरांव, डॉ. वीरेंद्र कुमार तथा डॉ. मनसुख मांडविया से भेंट कर संबंधित जनजातीय समूहों को अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति की मान्यता प्रदान करने के विषय में गंभीर चर्चा की।

श्री साहू ने उन्हें अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ के जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर एवं सरगुजा जिलों के वनांचलों में निवासरत डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्री, संसारी/सन्सारी/सनसारी उरांव, खेरवार/खरवार जैसे समुदाय लंबे समय से अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में आते हैं, वहीं डोमरा एवं चिक समुदाय को अनुसूचित जाति के रूप में दर्ज किया गया है।

किन्तु जाति नामों में मात्रात्मक त्रुटियों के कारण ये समुदाय विगत दो दशकों से अपने संवैधानिक अधिकारों और आरक्षण सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हैं। परिणामस्वरूप, वे आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से अत्यंत पिछड़े रह गए हैं।

श्री साहू ने बताया कि इन समुदायों को अनुसूचित जाति/जनजाति की सूची में यथोचित स्थान देने के लिए जनजातीय अनुसंधान संस्थान (TRI) द्वारा सर्वेक्षण एवं अनुशंसा की जा चुकी है। संबंधित प्रस्ताव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार को भेजा गया है, और गृह मंत्रालय के अधीन भारत के महापंजीयक (आरजीआई), दिल्ली कार्यालय में प्रक्रियाधीन है।

श्री साहू ने माननीय मंत्रियों से आग्रह किया कि समाज की जमीनी स्थिति और ऐतिहासिक उपेक्षा को देखते हुए गृह मंत्रालय से आवश्यक मंजूरी दिलाने की दिशा में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे इन समुदायों का समावेशी विकास और न्यायोचित अधिकार संरक्षण सुनिश्चित हो सके।

*ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ हमारी दृढ़ता और सैन्य शक्ति का प्रतीक है:- भावना बोहरा*

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ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ हमारी दृढ़ता और सैन्य शक्ति का प्रतीक है:- भावना बोहरा

हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़।

ब्यूरो रायपुर/कवर्धा:- लोकसभा के मानसून सत्र में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर काफी चर्चा हुईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृह मंत्री अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे नए व आत्मनिर्भर भारत एवं भारतीय सेना के शौर्य का प्रतीक बताया इसी कड़ी में 28 जुलाई को श्रीनगर में “ऑपरेशन महादेव के तहत एक संयुक्त अभियान में भारतीय सेना सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहलगाम आतंकी हमले में शामिल तीन आतंकवादियों को ढेर कर दिया है यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि रही और आतंकवाद के खिलाफ केंद्र की मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाया इस विषय पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा आतंकवाद के खिलाफ हमारी दृढ़ता और सैन्य शक्ति का प्रतीक है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पहलगाम हमले में देश के 26 निर्दोष लोगों का बदला लेने के लिए बड़े और कड़े कदम उठाए भारत ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर उनकी वहां छुपे आतंकवादी ठिकानों पर कड़ा प्रहार करके आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति को स्पष्ट कर दिया 28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव में हमारे सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस बल के जवानों ने पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले सुलैमान उर्फ फ़ैसल जट, अफ़गान और जिबरान नाम के आतंकियों को सेना सीआरपीएफ़ और पुलिस के संयुक्त अभियान में मार दिया गया है बैसरन घाटी के हमले में ये तीनों आतंकी शामिल थे और तीनों को मार दिया गया है जिसके लिए सेना के पैरा फ़ोर्स, सीआरपीएफ़ और जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों को मैं बहुत-बहुत साधुवाद देती हूं लेकिन दूसरी ओर विपक्ष के नेता सेना के इस शौर्य का सबूत मांग रहें हैं जो कि निंदनीय है पाकिस्तान ने जब भी भारत पर आतंकवादी हमला कर यहां की शांति भंग करने व अराजकता फ़ैलाने का प्रयास किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे सेना व पुलिस बल के जवानों ने उसका मुहतोड़ जवाब दिया उरी हमले के बाद जब भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की, पुलवामा हमले के बाद जब एयर स्ट्राइक हुआ ऑपरेशन महादेव में पहलगाम के आतंवादियों को मार गिराया गया तब भी विपक्षी पार्टियों ने इसके सबूत मांगे जो की हमारे सेना के मनोबल को ठेस पहुँचाने और विपक्ष की निम्न स्तर की राजनीति को दर्शाता है विपक्ष के नेता राष्ट्रीय सुरक्षा के बजाय राजनीति और तुष्टिकरण में लिप्त हैं ये सभी ऑपरेशन न केवल हमारी सेना की वीरता और रणनीतिक क्षमता को दर्शाते हैं बल्कि यह भी साबित करते हैं कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ चुप नहीं रहेगा ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए यह ऑपरेशन भारत की नई रणनीतिक सोच और आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति का प्रतीक था हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने हजारों मिसाइलों और ड्रोनों को नाकाम किया जिसने दुनिया को हमारी तकनीकी ताकत दिखाई भावना बोहरा ने आगे कहा कि लोकसभा में प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया की भारत किसी अन्य देश के दबाव और कहने पर सीज फायर नहीं किया उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है यदि पाकिस्तान ने फिर से कोई कायराना हरकत की तो भारत गोली का जवाब गोले से देने के लिए पूरी तरह तैयार है उन्होंने बताया कि इसने पाकिस्तान की परमाणु धमकी को झूठा साबित किया और आतंकियों के आकाओं को करारा जवाब दिया केंद्रीय गृह मंत्री ने स्पष्ट किया ऑपरेशन सिंदूर आतंकियों के दिल पर हमला था और यह अभी भी जारी है अगर पाकिस्तान ने जरा सी गड़बड़ी की तो करारा जवाब मिलेगा केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने भारतीय सेना के उच्च मनोबल और समन्वित कार्रवाई की प्रशंसा की उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की नई रक्षा नीति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है जिसमें स्वदेशी हथियारों और तीनों सेनाओं के तालमेल ने अहम भूमिका निभाई भावना बोहरा ने कहा कि ऑपरेशन महादेव जो 22 अप्रैल 2025 से शुरू हुआ, आतंकियों के लिए काल बन गया पहलगाम, अनंतनाग और दाचीगाम की पहाड़ियों में भारतीय सुरक्षाबलों ने सटीक इंटेलिजेंस और स्पेशल ऑपरेशंस के जरिए आतंकियों का खात्मा किया पहलगाम हमले के तीनों आतंकियों को ऑपरेशन महादेव में मार गिराया गया ये ऑपरेशन हमारी सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त जांबाजी का परिणाम हैं यह सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि उन परिवारों को न्याय दिलाने का प्रयास है जिन्होंने अपनों को खोया मैं कहना इस सन्दर्भ में इतना ही कहना चाहती हूँ कि यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि एकजुटता का है ऑपरेशन सिंदूर और महादेव ने दिखाया कि भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा यह हमारी सेना सरकार और जनता की एकता का परिणाम है हमें अपने जवानों पर गर्व है जो सीमा पर और दुर्गम पहाड़ियों में अपनी जान जोखिम में डालकर देश की रक्षा करते हैं मैं उन सभी शहीदों को नमन करती हूँ जिनके बलिदान ने हमें सुरक्षित रखा और उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूँ जिन्होंने अपनों को खोया। भारत को आतंकवाद से मुक्त करने का संकल्प हमारा है प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में हम इसे पूरा करके रहेंगे।

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*नक्सल पीड़ित परिवार के आशियाने का सपना हुआ साकार*

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*नक्सल पीड़ित परिवार के आशियाने का सपना हुआ साकार*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत बना छत्तीसगढ़ का पहला विशेष आवास*

योगेश पाठक ब्यूरो रायपुर/छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई नक्सलवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर केंद्र सरकार से प्राप्त 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की विशेष स्वीकृति के अंतर्गत सुकमा जिले के ग्राम ओईरास, ग्राम पंचायत गादीरास की एक नक्सल पीड़ित परिवार की मुखिया श्रीमती सोडी हुंगी पत्नी स्वर्गीय श्री मासा सोडी को पक्का मकान मिल गया है। यह राज्य में नक्सल पीड़ित परिवारों एवं आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत तैयार होने वाला पहला मकान है, जो न केवल सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक है, बल्कि पीड़ित परिवार के पुनर्वास की दिशा में मील का पत्थर भी है।

श्रीमती सोडी हुंगी, वर्ष 2005 में नक्सलियों के हिंसा की शिकार हुईं, जब उनके पति मासा सोडी की मुखबिरी के संदेह में धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। अत्यंत गरीब यह परिवार वर्षों तक कच्चे घर में रहने को मजबूर था, जहां बरसात में टपकती छत और जहरीले कीड़े-मकोड़ों से जान का खतरा बना रहता था।

ग्राम पंचायत गादीरास द्वारा वर्ष 2024-25 में विशेष परियोजना अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में पात्र पाए जाने पर श्रीमती सोडी हुंगी का नाम प्रस्तावित किया गया। प्रस्ताव स्वीकृत होने पर हितग्राही के खाते में चरणबद्ध रूप से तीन किश्तों में कुल 1 लाख 35 हजार की राशि जारी की गई। शासन की पारदर्शी प्रक्रिया, तकनीकी मार्गदर्शन और समय-समय पर की गई निगरानी के चलते 8 जुलाई 2025 को आवास निर्माण कार्य पूरा हुआ, जिसमें श्रीमती सोडी हुंगी अब अपने परिवार के साथ रहने लगी है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ श्रीमती सोडी हुंगी को अन्य योजनाओं का भी लाभ प्राप्त हुआ है, जिनमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण की स्वीकृति, मनरेगा के तहत 90 दिवस की मानव मजदूरी का भुगतान, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ शामिल है।

श्रीमती सोडी हुंगी के बेटों ने कहा कि हमारा परिवार आज सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी पा रहा है। यह सब जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत और प्रधानमंत्री आवास योजना की बदौलत संभव हुआ है। हम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं केंद्र सरकार के आभारी हैं, जिन्होंने नक्सल पीड़ितों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास हेतु इतनी संवेदनशील और प्रभावी नीति बनाई है।

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में आवास निर्माण की यह विशेष परियोजना एक ठोस कदम है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और प्रयासों से केंद्र सरकार द्वारा नक्सल पीड़ित एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की विशेष स्वीकृति प्रदान की गई है। पीड़ित परिवारों के लिए आवासों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। सुकमा जिले में कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में जिले में प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कार्य तेजी से जारी है।

*Chhattisgarh CM Meets Union Minister Nitin Gadkari*

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*CM Sai’s Push Opens Path for Development: Groundbreaking of Four New Bridges Soon*

*Chhattisgarh CM Meets Union Minister Nitin Gadkari*

*₹7,000-Crore Road Projects in Chhattisgarh to Get Financial Nod Soon*

New Delhi, :An important step was taken today to accelerate infrastructure development in Chhattisgarh. Chief Minister Vishnu Deo Sai met Union Minister for Road Transport and Highways Nitin Gadkari, during which several key road projects in the state received a green signal.

During the meeting, the Union Minister directed officials to expedite financial approvals for projects worth over ₹7,000 crore currently planned in Chhattisgarh.

Additionally, an approval of ₹600 crore was sanctioned under the Central Road Fund (CRF), paving the way for the construction and upgradation of several roads in the state.

To decongest traffic in Raipur, four major bridges will be constructed, with their foundation stones to be laid soon. Moreover, roads connecting the capital city to other districts will be widened from two lanes to four, ensuring faster and safer travel.

It was also decided during the meeting that Chhattisgarh’s road planning will now leverage the Centre’s Gati Shakti portal, enabling faster project clearances. Shri Nitin Gadkari instructed that the Detailed Project Report (DPR) for a 95-km six-lane road connecting Raipur–Arang–Bilaspur–Darri be prepared swiftly. This road will link industrial, agricultural, and educational zones. In addition, the Samriddhi Expressway will be extended up to Raipur.

Several other crucial projects also received approval during the meeting. These include upgradation work on National Highway No. 130A, raising work on National Highway No. 43, and strengthening work on National Highway No. 30, totalling ₹115.95 crore. Among these, a 15-km road within Bilaspur city will ease urban traffic, while an 11-km stretch of the Katni-Gumla route will help connect rural areas. Furthermore, a 4-km section in Keshkal will be strengthened, bringing much-needed relief to residents in hilly regions.

CM Sai remarked, “Roads are not just a means of travel; they are pathways to development, employment, and social transformation.” Under the ‘Anjor Vision 2047’, the Chhattisgarh government aims to ensure that every village and citizen has access to better and environmentally friendly transportation.

Principal Secretary to the CM, Subodh Singh, and Secretary of Public Works Department, Dr Kamalpreet Singh, were also present during the meeting.

*छत्तीसगढ़ में विरासत संरक्षण के लिए केंद्र का बड़ा कदम, ₹26.24 करोड़ का आवंटन*

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योगेश पाठक ब्यूरो रायपुर /भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ में स्मारकों, किलों और अन्य धरोहर संरचनाओं की पहचान और संरक्षण के लिए व्यापक सर्वेक्षण किया है और पिछले पाँच वर्षों में इन कार्यों के लिए ₹26.24 करोड़ का आवंटन किया है। यह जानकारी संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में सांसद श्रीमती फूलो देवी नेताम के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
मंत्री ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने वर्ष 2014-15 से 2024-25 तक छत्तीसगढ़ में गांव-गांव सर्वेक्षण किया। इस दौरान 764 गांवों का सर्वेक्षण हुआ, जिनमें से 73 गांवों में प्राचीन अवशेष पाए गए, जो राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में केंद्र संरक्षित स्मारकों और स्थलों की मरम्मत, संरक्षण और रखरखाव के लिए वर्ष 2020-21 में ₹2.89 करोड़, 2021-22 में ₹4.78 करोड़, 2022-23 में ₹7.50 करोड़, 2023-24 में ₹5.94 करोड़ और 2024-25 में ₹5.13 करोड़ का आवंटन किया। हर वर्ष यह राशि पूरी तरह खर्च की गई।
मंत्रालय ने कहा कि यह पहल देश की मूर्त सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक महत्व के स्मारकों व स्थलों को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार चलाए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।

*Government Conducts Survey, Allocates ₹26.24 Crore for Heritage Conservation in Chhattisgarh*

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Yogesh pathak Raipur / The Government of India has allocated a total of ₹26.24 crore over the last five years for the identification, conservation and maintenance of monuments, forts and heritage structures in Chhattisgarh, according to a statement made in the Rajya Sabha today by the Union Minister of Culture and Tourism, Shri Gajendra Singh Shekhawat.

In a written reply to a question raised by Member of Parliament Smt. Phulo Devi Netam, the Minister informed that the Archaeological Survey of India (ASI) has conducted a comprehensive village-to-village survey covering 764 villages in Chhattisgarh between 2014-15 and 2024-25. Out of these, 73 villages were found to have antiquarian remains, underscoring the rich cultural legacy of the State.

The Minister further stated that the Central Government allocated ₹2.89 crore in 2020-21, ₹4.78 crore in 2021-22, ₹7.50 crore in 2022-23, ₹5.94 crore in 2023-24 and ₹5.13 crore in 2024-25 for the conservation and maintenance of centrally protected monuments and sites in Chhattisgarh. The expenditure has matched the allocated amounts each year, indicating full utilization of funds for heritage conservation works.

The Ministry emphasized that these initiatives are part of ongoing efforts to safeguard the nation’s tangible heritage and ensure the preservation of culturally significant monuments and sites for future generations

*बस्तर ओलंपिक को मिला ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का दर्जा, रायपुर-बिलासपुर में खुलेंगे मेडिकल-नर्सिंग कॉलेज – मुख्यमंत्री साय की केंद्रीय मंत्री मांडविया से मुलाकात*

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नई दिल्ली, /छत्तीसगढ़ को खेल और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ देने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, युवा कार्य एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया से नई दिल्ली में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान बस्तर ओलंपिक को इस वर्ष से “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स” के रूप में आयोजित करने की सहमति प्रदान की गई। यह निर्णय न केवल जनजातीय युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल संस्कृति को भी वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर और बिलासपुर में 220-बेड के मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रस्ताव भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा, जिससे राज्य को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा के साथ-साथ बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इस पर केंद्रीय मंत्री श्री मांडविया ने कहा कि केंद्र सरकार शीघ्र ही इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया प्रारंभ करेगी।

साथ ही, मुख्यमंत्री ने लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE) का क्षेत्रीय केंद्र छत्तीसगढ़ में स्थापित करने तथा राज्य में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए नए स्टेडियम एवं प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की माँग भी रखी। केंद्रीय मंत्री ने इन विषयों पर भी शीघ्र स्वीकृति दिए जाने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत भी उपस्थित थे।

*Bastar Olympics to be organised as ‘Khelo India Tribal Games’; Medical-Nursing Colleges to Open in Raipur and Bilaspur – CM Vishnu Deo Sai Meets Union Minister Mandaviya*

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New Delhi, :n a significant step towards boosting sports and healthcare education in Chhattisgarh, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai met Union Minister of Labour & Employment, Youth Affairs and Sports Shri Mansukh Mandaviya in New Delhi today.

During the meeting, it was agreed that the Bastar Olympics will now be organised as “Khelo India Tribal Games” starting this year. This move is expected to not only bring national-level recognition to the talents of tribal youth but also place Chhattisgarh’s rich traditional sports culture on the global map.

CM Sai also proposed the establishment of 220-bed medical and nursing colleges in Raipur and Bilaspur, aimed at enhancing the quality of health education and expanding access to better medical facilities across the state. In response, Union Minister Mandaviya assured that the central government would soon take a positive decision and initiate the process for granting approval.

The Chief Minister further requested the establishment of a regional centre of the Lakshmibai National Institute of Physical Education (LNIPE) in Chhattisgarh, along with the development of new stadiums and training centres to strengthen the state’s sports infrastructure. Minister Mandaviya assured that approvals for these demands would also be expedited.

The meeting was also attended by Principal Secretary to CM, Shri Subodh Singh and Secretary to CM Shri Rahul Bhagat.

*उद्योगों को बैंक से जोड़ने 1 अगस्त को कार्यशाला*

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*उद्योगों को बैंक से जोड़ने 1 अगस्त को कार्यशाला*


आशीष कश्यप बिलासपुर, /उद्योग विभाग की रैम्प योजना के तहत जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता से जोड़ने हेतु कल 1 अगस्त को कार्यशाला का आयोजन किया गया है। यह कार्यशाला दोपहर 12 बजे जल संसाधन परिसर के प्रार्थना सभा भवन में शुरू होगी। उद्योग विभाग के मुख्य महाप्रबंधक श्री टेकाम ने बताया कि कार्यशाला में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि द्वारा ऋण योजनाओं की जानकारी, एमएसएमई से संबंधित वित्तीय समस्याओं का समाधान, क्रेडिट लिंक योजनाओं, औद्योगिक विकास नीति 2024-30 एवं लॉजिस्टिक नीति 2024 की जानकारी साझा करेंगे। बैंकों और उद्यमियों के मध्य प्रत्यक्ष संवाद का अवसर भी उपलब्ध रहेगा। उन्होंने जिले के समस्त इच्छुक उद्यमियों एवं लाभार्थियों से इस निःशुल्क कार्यशाला में सहभागिता का आग्रह किया गया है। अधिक जानकारी के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के मोबाइल नंबर 82360-94585 पर संपर्क किया जा सकता है।

*बिल्हा के विकास के लिए पैसों की कमी नहीं होगी : श्री अरुण साव*

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*बिल्हा को स्वच्छता में देश भर में प्रथम बनाने में योगदान के लिए उप मुख्यमंत्री ने स्वच्छता दीदियों और सफाई कर्मियों को किया सम्मानित*

*28 स्वच्छता दीदियों, 20 सफाई मित्र एवं 10 स्वच्छता कमांडो का सम्मान*

*उप मुख्यमंत्री ने स्वच्छता की दिलाई शपथ*

आशीष कश्यप बिलासपुर, /उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरूण साव ने आज बिल्हा नगर पंचायत के कन्या भवन में स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों का सम्मान किया। स्वच्छता के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए बिल्हा नगर पंचायत ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने स्वच्छता दीदियों से कहा कि छत्तीसगढ़ को बहुत बड़ी प्रतिष्ठा आपके कारण ही मिली है। स्वच्छता ने आज जन आंदोलन का रूप ले लिया है। देश में पहला स्थान हासिल करना हमारे लिए गौरव का विषय है। अब हमे इसे बरकरार रखना होगा। बिल्हा के एक-एक व्यक्ति को स्वच्छता के लिए संकल्प लेना होगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिल्हा के विकास के लिए पैसों की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने सभी को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी, नगर पंचायत अध्यक्ष वंदना जेण्ड्रे, उपाध्यक्ष श्री सतीश शर्मा, जनपद अध्यक्ष राम कुमार कौशिक, एसडीएम श्री बजरंग वर्मा, सीएमओ श्री प्रवीण गहलोत, स्वच्छता दीदी, सफाई मित्र, कमांडो और बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने बिल्हा नगर पंचायत को देशभर में प्रथम स्थान दिलाने में 28 स्वच्छता दीदियों और 20 सफाई मित्रों और 10 स्वच्छता कमांडो के सक्रिय योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छता ने जन आंदोलन का रूप ले लिया है। स्वच्छता हमारे संस्कार और स्वभाव में है। हर व्यक्ति चाहता है कि हमारा घर साफ सुथरा रहें। शहर भी हमारा घर है इसे साफ रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ को स्वच्छता के लिए उत्कृष्ट कार्य हेतु राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। स्वच्छ सर्वेक्षण में शामिल राज्य के 169 शहरों में से 115 शहरों ने अपनी रैकिंग सुधारी है। इस उपलब्धि में स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों का अमूल्य योगदान है जिसके लिए वे अभिनंदन के पात्र है। उन्होंने कहा कि बिल्हा के लोगों को सफाई के लिए संकल्पित होना होगा। यह हमारे लिए चुनौती है कि हम स्वच्छता की दिशा में अपना मुकाम बरकरार रखे। जन प्रतिनिधियों, अधिकारियों और लोगों की जन सहभागिता से नगर पंचायत को स्वच्छ और सुंदर बनाने का काम आगे भी बनाए रखना संभव है। उन्होंने कहा कि बिल्हा के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी। कार्याें का प्रस्ताव मिलते ही अगले दिन ही राशि मंजूर कर दी जाएगी।
बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि इतिहास के पन्नों में बिल्हा का नाम दर्ज हुआ है। पूरे देश में बिल्हा को प्रथम स्थान मिला है। यह हमारे लिए गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से स्वच्छता को अपनाने की लोगों से अपील की थी। उनके आव्हान पर आज देश भर में स्वच्छता एक आंदोलन बन चुका है। बच्चों में भी इसके प्रति जागरूकता देखी जा सकती है। क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी ने कहा कि स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के सक्रिय योगदान से ही हमें यह उपलब्धि हासिल हुई है। स्वच्छता, सेवा और समर्पण का काम है, जिसे ये लोग मनोयोग से कर रहे है। नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वंदना जेण्ड्रे ने कहा कि स्वच्छता दीदियों में काम करने का अद्भुत जज्बा है। आज उन्होंने पूरे भारत में अपने काम का परचम लहराया है।
नगर पंचायत बिल्हा की आबादी लगभग 15,000 है, जहाँ 28 स्वच्छता दीदियाँ कार्यरत हैं। ये दीदियाँ नगर के 15 वार्डों में घर-घर जाकर ई-रिक्शा के माध्यम से कचरा संग्रहण का कार्य करती हैं और फिर कचरे को एसआरएलएम सेंटर में ले जाकर गीला और सूखा कचरा पृथक करती हैं। गीले कचरे से खाद बनाई जाती है और सूखे कचरे को बेचकर ये महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। इसके अतिरिक्त बिल्हा नगर में 10 विशेष स्वच्छता कमांडो भी नियुक्त किए गए हैं जो ट्रैक्टर और ऑटो टिपर के माध्यम से पूरे शहर में घूमकर कचरा सफाई और जन-जागरूकता का कार्य कर रहे हैं।