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*बिजली हाफ योजना बंद कर भाजपा सरकार ने उपभोक्ताओं की कमर तोड़ दी : आत्मा सिंह क्षत्रिय*

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तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली कृषि उपज मंडी के पूर्व अध्यक्ष आत्मा सिंह क्षत्रिय ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार की नीति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भूपेश सरकार की जनहितैषी बिजली हाफ योजना को बंद कर भाजपा सरकार ने आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ लाद दिया है। महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए यह तुगलकी निर्णय बेहद अन्यायपूर्ण और अमानवीय है।

क्षत्रिय ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय आम जनता को महंगाई से राहत देने 400 यूनिट तक मुफ्त बिजली की योजना लाई गई थी, जिससे लाखों परिवारों को राहत मिली थी। लेकिन भाजपा सरकार ने इसे बंद कर मात्र 100 यूनिट तक की खपत पर ही बिजली बिल हाफ करने की घोषणा कर दी है, जो जनता की उम्मीदों के साथ धोखा है।

आत्मा सिंह क्षत्रिय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आम जनता के साथ मिलकर इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ जनआंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को यह समझना होगा कि जनता अब अन्याय नहीं सहेगी, एक-एक उपभोक्ता से संवाद कर कांग्रेस इस तानाशाही फैसले का खुला विरोध करेगी।

*लापता लाली प्रकरण में न्याय मिलने पर सदा ज्योति वेलफेयर सोसाइटी एवं अखंड ब्राह्मण समाज सेवा समिति ने पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल सहित पूरी टीम को दी बधाई*

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तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली— चार माह पूर्व कोसाबाड़ी गांव से रहस्यमय तरीके से लापता हुई मासूम लाली के मामले में न्याय मिलने के बाद जिले में संतोष और विश्वास का वातावरण बना है। इस गंभीर और संवेदनशील मामले में पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल एवं एसडीओपी मयंक तिवारी के कुशल नेतृत्व में पूरी पुलिस टीम ने रात-दिन मेहनत कर सच्चाई को उजागर किया।
सदा ज्योति वेलफेयर सोसाइटी एवं अखंड ब्राह्मण समाज सेवा समिति की टीम ने एसपी भोजराम पटेल और उनकी टीम को ससम्मान बधाई दी और स्मृति चिन्ह भेंट किया। साथ ही एसपी पटेल के जन्मदिवस की अवसर पर शुभकामनाएँ भी दी गईं।
टीम की ओर से बताया गया कि जब यह घटना घटी, तो सभी स्तब्ध रह गए थे। गाँव की माँ पर ही संदेह की उंगलियाँ उठ रही थीं। हमलोग भी कोसाबाड़ी पहुँचे और कई घंटों तक घटनास्थल पर मौजूद रहे,।।

बाद में जब पुलिस अधीक्षक पटेल से बातचीत हुई, तो उन्होंने बताया कि इस केस में उन्होंने केवल कानून से नहीं, बल्कि दिल और दिमाग दोनों से काम लिया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि निर्दोष को कोई सजा न मिले। यदि किसी निर्दोष माँ को दोषी ठहरा दिया जाता, तो समाज में उसका जीना दूभर हो जाता। यही सोचकर उन्होंने इस मामले को गहराई से जाँचा और न्याय दिलाया।
एसपी भोजराम पटेल की न्यायप्रियता, धार्मिक प्रवृत्ति और संवेदनशीलता ने सभी को प्रभावित किया। उनकी इस भावना और कर्तव्यनिष्ठा के लिए समाज ने उन्हें सम्मानित किया।

इस अवसर पर ब्राह्मण समाज की ओर से
स्वतंत्र मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष, श्रीमती मंजुला शर्मा, प्रदेश महासचिव, श्रीमती कल्पना मिश्रा, सचिव, श्रीमती आराधना तिवारी, श्रीमती रीतू तिवारी, श्रीमती निधि पौराणिक, श्रीमती सोमी पाण्डेय और भी लोग मौजूद रहे। समाज ने एक स्वर में पुलिस प्रशासन की भूरी-भूरी प्रशंसा की और विश्वास जताया कि ऐसे ही सजग नेतृत्व में जिले में न्याय और शांति का वातावरण बना रहेगा।

*मुंगेली के जिला कोषालय अधिकारी राजपूत के अभद्र व्यवहार से अधिकारी-कर्मचारी परेशान, आम जनता भी हो रहे प्रभावित*

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*बिल भुगतान नही करने, कागजात को फेंकते हुए कमर्चारी से की अपशब्दों में बात- कोषालय*


तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली – जिले में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों में इन दिनों गहरा आक्रोश और निराशा व्याप्त है, और इसका कारण कोई और नहीं, बल्कि स्वयं जिला कोषालय अधिकारी दुर्गेश कुमार राजपूत बताए जा रहे हैं। उनके व्यवहार को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे न केवल प्रशासनिक कार्य बाधित हो रहे हैं, बल्कि कार्यालयीन वातावरण भी तनावपूर्ण बना हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, जिला कोषालय अधिकारी का व्यवहार अक्सर आक्रामक, अपमानजनक और अमर्यादित होता है। बताया जा रहा है कि जब अन्य विभागों के अधिकारी या कर्मचारी अपने विभागीय बिल लेकर कोषालय कार्यालय पहुंचते हैं, तब कोषालय अधिकार राजपूत उनसे तर्कहीन और कठोर ढंग से व्यवहार करते हैं। हाल ही में एक घटना में, जब एक अधिकारी संभागीय आदेश के तहत बिल लेकर उनके कार्यालय पहुँचे, तो कोषालय अधिकारी राजपूत ने कार्यालयीन आदेश क्रमांक की मांग की। स्पष्ट रूप से बताया जाने के बाद भी उन्होंने न केवल बिल को अस्वीकार कर दिया, बल्कि कागजात को फेंकते हुए वस्त्र लेखा अधिकारी से भी अपशब्दों में बात की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोषालय अधिकारी का यह रवैया कोई नया नहीं है। उनके व्यवहार से अक्सर कार्यालय में तनाव का माहौल बना रहता है। बात-बात पर चिल्लाना, फाइलों को फेंकना, कर्मचारियों को तुच्छ समझना और गुस्से में बड़बड़ाना उनकी आदत बन चुकी है। इससे कार्यालयीन कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है और अधिकारी-कर्मचारी मानसिक रूप से भी परेशान हो रहे हैं। एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हम प्रतिदिन डर के माहौल में काम करते हैं। कब किस बात पर वह नाराज हो जाएं, कहा नहीं जा सकता। कई बार तो ऐसा लगता है कि वे हमें इंसान समझते ही नहीं।” इस तरह का व्यवहार केवल विभागीय कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। आम नागरिक जो भुगतान संबंधी कार्यों हेतु कोषालय कार्यालय का रुख करते हैं, वे भी इस व्यवहार का शिकार होते हैं। कई बार वृद्ध नागरिक या ग्रामीण क्षेत्र से आए लोगों को बिल संबंधी जानकारियां मांगने पर डांटकर भगा दिया जाता है, जिससे सरकारी कार्यों के प्रति जनता में विश्वास घटता जा रहा है। प्रशासनिक नियमों के अनुसार, किसी भी अधिकारी को मर्यादित और सहयोगपूर्ण व्यवहार करना अनिवार्य होता है। यदि शिकायतें निरंतर आती हैं तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में यह आवश्यक हो गया है कि जिला प्रशासन इस प्रकरण को गंभीरता से लेकर उचित जांच की व्यवस्था करे। समाज और प्रशासन में शिष्टाचार एवं अनुशासन की मिसाल पेश करने की जिम्मेदारी उच्च पदस्थ अधिकारियों की होती है। ऐसे में यदि कोई अधिकारी स्वयं ही मर्यादा लांघे, तो यह पूरी प्रणाली के लिए चिंताजनक संकेत है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले पर क्या रुख अपनाता है, और क्या इस व्यवहार से त्रस्त कर्मचारियों को राहत मिल पाएगी।

*प्रभारी विकास खण्ड शिक्षाधिकारी श्रीमती मनीषा पाटले के द्वारा शासकीय हाईस्कूल चंदली का औचक निरीक्षण*

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सूरज गुप्ता ब्यूरो मुंगेली लोरमी:-प्रभारी विकास खण्ड शिक्षाधिकारी श्रीमती मनीषा पाटले के द्वारा शासकीय हाईस्कूल चंदली का औचक निरीक्षण किया गया खण्ड शिक्षाधिकारी ने प्रार्थना में शामिल होकर विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने और नियमित विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया। लोरमी विकास खण्ड में शिक्षा के स्तर को उन्नत करने और शासन,प्रशासन के निर्देशानुसार गणवेश वितरण,पुस्तक वितरण और 90 प्लस प्रतिशत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रेरित किया जा रहा है। आज निरीक्षण के दौरान श्रीमती सरिता तिवारी (प्राचार्या) को बैंक गई हुई है बताया गया दो शिक्षक अवकाश पर 9 शिक्षक विद्यालय में उपस्थित मिले।

*शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रहंगी में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद सदस्य रानी देवा मार्को ,सरपंच सुखमनी भगवान सिंह पोर्ते,उपसरपंच संध्या भोला राम साहू,प्रधान पाठिका अविदा परवीन,नए शाला प्रवेशी छात्र छात्राओं का तिलक लगाकर ,गणवेश वितरण किया।साथ ही अतिथियों के द्वारा विद्यालय परिसर पर वृक्षा रोपण किया।*

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मुंगेली,लोरमी शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रहंगी में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद सदस्य रानी देवा मार्को ,सरपंच सुखमनी भगवान सिंह पोर्ते,उपसरपंच संध्या भोला राम साहू,प्रधान पाठिका अविदा परवीन,नए शाला प्रवेशी छात्र छात्राओं का तिलक लगाकर ,गणवेश वितरण किया।साथ ही अतिथियों के द्वारा विद्यालय परिसर पर वृक्षा रोपण किया।

वही कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रानी देवा मार्को ने बच्चों को नियमित स्कूल आने,बच्चों को घर में मन लगाकर पढ़ाई करने,अपने से बड़ों का आदर करने प्रेरित किया।

वही सरपंच सुखमनी भगवान सिंह पोर्ते ने बच्चों को निजी शिक्षण संस्थानों के तर्ज पर सुंदर और आकर्षक ड्रेस देने के लिए राज्य शासन का आभार जताया।बच्चों को लक्ष्य बनाकर पढ़ने,अच्छा नागरिक बनने,देश के काम आने की बात कही।

प्रधान पाठिका अविदा परवीन ने गणवेश के महत्व को बताया।

अतः कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अभिजीत तिवारी ने किया अतः उन्होंने बच्चों की अच्छी शिक्षा के साथ संस्कारवान बनने हेतु प्रेरित किया।

अतः इस अवसर पर सचिव कुशल यादव जी एवं समस्त पंच गण कृष्ण कुमार यादव,जीत कुमार कोशले,भाागवत पात्रे,रामावतार साहू ,धन सिंह ध्रुव,विजय राजपूत ,रवि ध्रुव,गुलाब सिंह ध्रुव,ग्राम सेवक साधना कोशले,रोजगार सहायक राजकुमारी राजपूत,रामायण साकत,श्याम मुकुंद, वरिष्ठ शिक्षक झूमूक राजपूत ,उमाकला मरावी,निशा पोर्ते, सुनीता टांडिया,सफाई कर्मचारी गेंद लाल बुनकर ,चंद्रिका यादव उपस्थित रहे।।

*जुझारू नेतृत्व, सामाजिक समर्पण और कर्मठता के प्रतीक विष्णु देवांगन जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ*

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*जुझारू नेतृत्व, सामाजिक समर्पण और कर्मठता के प्रतीक विष्णु देवांगन जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ*

मुंगेली जिला के प्रतिष्ठित और समाजसेवा में अग्रणी भूमिका निभाने वाले विष्णु देवांगन जी का आज जन्मदिन है। रामगढ़ निवासी विष्णु देवांगन न केवल ठेकेदार संघ के उपाध्यक्ष हैं, बल्कि प्रदेश देवांगन समाज के उपाध्यक्ष के रूप में भी अपनी विशेष पहचान बना चुके हैं। उनका व्यक्तित्व जितना सरल और हंसमुख है, उतनी ही गहराई उनके सामाजिक योगदान और कर्मठता में देखने को मिलती है।

*रामगढ़ से रामनगर तक: सामाजिक चेतना का अनूठा उदाहरण*

विष्णु देवांगन जी ने जिस समर्पण और नेतृत्व के साथ रामगढ़ को ‘रामनगर’ में परिवर्तित करने की दिशा में काम किया, वह देवांगन समाज के लिए एक प्रेरणास्पद अध्याय है। उन्होंने केवल नाम परिवर्तन की बात नहीं की, बल्कि उस क्षेत्र को सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टिकोण से भी समृद्ध करने के लिए अथक परिश्रम किया।
उनकी सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक दृष्टिकोण ने स्थानीय लोगों में जागरूकता पैदा की और उन्होंने एकता के साथ समाज हित में निर्णय लिए। उनकी सोच केवल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि वे मानते हैं कि समाज को आत्मनिर्भर, सशक्त और सांस्कृतिक रूप से जागरूक बनाना ही सच्चा नेतृत्व है।

*मुक्तिधाम निर्माण में अमूल्य योगदान*

मुक्तिधाम जैसे पवित्र स्थल को भव्यता और व्यवस्थित स्वरूप देने में विष्णु देवांगन जी की भूमिका अविस्मरणीय है। दिन-रात वहाँ उपस्थित रहकर उन्होंने न केवल निर्माण कार्य को गति दी, बल्कि जन-जन को इस कार्य से जोड़कर सामाजिक एकता का भी संदेश दिया। आज जब कोई मुंगेली के सामाजिक मुक्तिधाम देखता है, तो उसके पीछे विष्णु जी की अथक मेहनत, दृढ़ संकल्प और सामूहिक सोच की झलक साफ दिखती है।

*परमेश्वरी महोत्सव को मिली ऊँचाई*

माता परमेश्वरी महोत्सव को सफल बनाने के लिए विष्णु देवांगन जी का समर्पण अनुकरणीय रहा है। आयोजन की तैयारी से लेकर सफल संचालन तक, उन्होंने दिन-रात एक करके इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। यह महोत्सव केवल धार्मिक उत्सव नहीं रहा, बल्कि सामाजिक समरसता, संस्कृति और सहयोग की मिसाल बन गया — और इसका श्रेय विष्णु जी जैसे निस्वार्थ सेवकों को जाता है।

*युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत*

कॉलेज के समय से ही विष्णु देवांगन शिक्षा के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय रहे। चाहे वह सांस्कृतिक कार्यक्रम हो, खेलकूद की प्रतियोगिता हो या सामाजिक गतिविधियाँ — उन्होंने हमेशा अपनी सक्रिय भागीदारी दी और उपलब्धियाँ अर्जित कीं। आज भी युवा वर्ग उन्हें एक मार्गदर्शक और प्रेरणास्त्रोत के रूप में देखता है।

*जनप्रियता और बधाइयों की बौछार*

आज 05 अगस्त को जैसे ही सुबह की पहली किरण फूटी, पूरा मुंगेली जिला, विशेषकर रामगढ़, बड़े बाजार , नगर पालिका परिषद सहित आसपास क्षेत्र, बधाई संदेशों से गूंज उठा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विष्णु देवांगन जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने का सिलसिला जारी है। हर वर्ग के लोग— बुज़ुर्ग, युवा, महिलाएं, समाजसेवी, राजनेता— सभी उन्हें सम्मान और स्नेह के साथ शुभकामनाएं दे रहे हैं।

*शुभकामनाओं का संदेश*

हम सबके प्रिय बड़े भैया, हंसमुख, मिलनसार, जुझारू और सभी के दिलों पर राज करने वाले विष्णु देवांगन जी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएँ। प्रभु श्रीराम और माता परमेश्वरी की कृपा सदैव उन पर बनी रहे, वे स्वस्थ रहें, दीर्घायु हों और इसी तरह समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहें — यही हम सबकी कामना है।

जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएं!

*आपका अपना प्रिय भाई कोमल देवांगन मुंगेलिहा*🙏🫡🥰

*पंडरिया विकासखण्ड स्तरीय पत्रकार संघ की बैठक हुई सम्पन्न*

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हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़।

ब्यूरो रायपुर/ कवर्धा/पंडरिया:- रविवार को सर्किट हॉउस पंडरिया में विकासखण्ड स्तरीय पत्रकार बैठक रखी गई थी जिसमे प्रेस क्लब पंडरिया के अध्यक्ष हिमांशु सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में पत्रकार संघ के विषयों को लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई साथ ही पंडरिया विकासखण्ड के पत्रकारों के समांन व प्रेस क्लब पंडरिया भवन के लिए चयनित स्थान पर प्रेस क्लब भवन की अनुसंशा को सभी ने एक मत होकर स्वीकृति दी वही छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पंडरिया विकासखण्ड पत्रकार संघ के विषयों को लेकर मुलाकात पर विशेष चर्चा करते हुए पंडरिया विधायक भावना बोहरा से मुलाकात कर पत्रकार संघ के विषयों की जानकारी पर चर्चा की गई वही बैठक में निर्णय लेते हुए पंडरिया विकासखण्ड के पत्रकारों को जनप्रतिनिधियों द्वारा कार्यक्रम की सूचना नही दिए जाने पर नाराजगी भी जाहिर की गई जहां पंडरिया के पत्रकारों को विभिन्न कार्यक्रमो से दूर किये जाने की भी चर्चा की गई जिसमे पत्रकार संघ के प्रदेश सचिव निर्मल सलूजा व पंडरिया पत्रकार संघ के अध्यक्ष संजू तिवारी सहित प्रेस क्लब के अध्यक्ष हिमांशु सिंह ठाकुर प्रेस क्लब सचिव गुरुनाम सिंह छाबड़ा कोषाध्यक्ष नंद किशोर तिवारी सहसचिव प्रदीप रजक , कार्यकारिणी सदस्य पारस शर्मा, रविनंदन पांडेय ,केसरीनंदन तिवारी व सदस्य अनिल गायकवाड़ व पत्रकार राजू जैन पत्रकार भरत पाठक सहित अन्य पत्रकार गण बैठक में शामिल रहे।

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*पुस्तक समीक्षा- छत्तीसगढ़ी लोक साहित्य के संवाहक : दुर्गा प्रसाद पारकर के रचनात्मक अवदान लेखक – डॉ. गणेशराम कौशिक*

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पुस्तक समीक्षा- छत्तीसगढ़ी लोक साहित्य के संवाहक : दुर्गा प्रसाद पारकर के रचनात्मक अवदान लेखक – डॉ. गणेशराम कौशिक
समीक्षक – डुमन लाल ध्रुव


छत्तीसगढ़ की साहित्यिक धरती अनेक विद्वानों, लोक गायकों, कथाकारों और कवियों की कर्मभूमि रही है। इन्हीं में से एक प्रमुख नाम दुर्गा प्रसाद पारकर का है जिनका साहित्यिक अवदान छत्तीसगढ़ के लोक साहित्य, लोक भाषा और सांस्कृतिक चेतना को समर्पित रहा है।
डॉ. गणेशराम कौशिक द्वारा उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर केंद्रित विश्लेषणात्मक लेखन ने छत्तीसगढ़ी साहित्य में दुर्गा प्रसाद पारकर के स्थान को न केवल प्रतिष्ठित किया है, बल्कि उनकी साहित्यिक विरासत को एक सुव्यवस्थित विमर्श का आधार भी दिया है।
दुर्गा प्रसाद पारकर छत्तीसगढ़ के उन मनीषी साहित्यकारों में से हैं जिन्होंने जीवनभर लोक की भाषा में लोक के लिए लेखन किया। उनका जन्म ग्रामीण परिवेश में हुआ, और शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने लोककला, परंपरा, कथा और संस्कृति को आत्मसात किया। वे शब्द के लोकशिल्पी हैं जिन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा को न केवल काव्यात्मक गरिमा दी, बल्कि उसे एक सशक्त माध्यम के रूप में सुस्पष्ट किया।
व्यक्तित्व और कृतित्व- डॉ. गणेशराम कौशिक द्वारा प्रस्तुत मूल्यांकन में पारकर जी का व्यक्तित्व एक सजग रचनाकार, संवेदनशील व्यक्तित्व, सामाजिक सरोकार से जुड़े जनकवि के रूप में उभरता है। वे निस्पृह, सादगीपूर्ण और लोकसंस्कृति के गहरे अध्येता हैं। उनका कृतित्व केवल मनोरंजन या भाषिक प्रयोग नहीं, बल्कि सामाजिक जागरण, सांस्कृतिक अस्मिता और जन चेतना का विस्तार है।
दुर्गा प्रसाद पारकर का साहित्य- पारकर जी ने कथा, कविता, लोकगीत, कहिनी , शिवनाथ ,सुकवा, चंदा,सोनचिरई जैसे सामाजिक नाटक तक में रचनात्मक उपस्थिति दर्ज की।
उनके लेखन में छत्तीसगढ़ी भाषा की सहजता, स्वाभाविकता और लालित्य देखने को मिलता है।
वे लोकभाषा के भीतर छुपे दर्शन को उजागर करते हैं।
डॉ. कौशिक के अनुसार, उनका साहित्य केवल मनोरंजन नहीं करता बल्कि प्रेरणा, विवेक और आत्ममूल्यांकन की दिशा देता है।
दुर्गा प्रसाद पारकर का पद्य साहित्य- उनकी कविताओं में लोक सौंदर्य और प्रकृति का चित्रण, नारी जीवन और श्रम की गरिमा, कृषक जीवन, पीड़ा और आशा, छत्तीसगढ़ की संस्कृति, पर्व-त्योहार और परंपरा सभी को भावनात्मक और कलात्मक रूप से उकेरा गया है। उनकी कविताओं में छत्तीसगढ़ की मिट्टी की गंध है, और छत्तीसगढ़ के जनमानस की धड़कन। डॉ. कौशिक ने इसे “जनसंस्कृति का जीवित काव्य” कहा है।
विश्लेषण- डॉ. गणेशराम कौशिक द्वारा प्रस्तुत विश्लेषण में स्पष्ट किया गया है कि- पारकर जी का साहित्य स्थानीय को वैश्विक विमर्श से जोड़ता है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा को केवल लोक की भाषा के रूप में नहीं, साहित्यिक भाषा के रूप में भी स्थापित किया।
उनकी रचनाएं छत्तीसगढ़ की सामाजिक परतों, वर्ग भेद, स्त्री विमर्श और श्रम संस्कृति को उजागर करती हैं।
विश्लेषण में यह भी बताया गया है कि उन्होंने अपने कविता-कर्म को सामाजिक दायित्व माना।
साहित्य पर प्रभाव और परिणाम- छत्तीसगढ़ी साहित्य में लोक की गरिमा को पुनर्स्थापित करने में उनका योगदान अद्वितीय है।
वे नवोदित लेखकों के लिए प्रेरणा स्रोत बने। उनके पद्य साहित्य ने छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी के रचनाकारों को लोक की ओर लौटने का संदेश दिया। उन्होंने भाषा को सजीव, सरस और संवेदनशील बनाया।
डॉ. कौशिक के अनुसार, पारकर जी ने जो साहित्यिक बीज बोए, वे आज छत्तीसगढ़ी साहित्य की हर शाखा में फले-फूले हैं। दुर्गा प्रसाद पारकर का साहित्य एक गाथा है – लोक, जन, श्रम, संस्कार और संवेदना की।
उनकी रचनाएं छत्तीसगढ़ की अस्मिता, आत्मा और आकांक्षाओं की जीवंत अभिव्यक्ति हैं।
डॉ. गणेशराम कौशिक ने अपने आलेख और विश्लेषण के माध्यम से पारकर जी को केवल एक कवि या लेखक नहीं, एक साहित्यिक परंपरा के वाहक के रूप में प्रस्तुत किया है।
दुर्गा प्रसाद पारकर का साहित्य हमें यह सिखाता है कि जो रचनाकार लोक के निकट होता है, वही शाश्वत होता है। उनकी साहित्यिक यात्रा और डॉ. कौशिक की विवेचना, दोनों मिलकर छत्तीसगढ़ी साहित्य को एक गहरे और समर्पित चिंतन से समृद्ध करती है।
समीक्षक – डुमन लाल ध्रुव
मुजगहन, धमतरी (छ.ग.)
पिन – 493773
मोबाइल -9424210208

*महिला से शादी करने का झांसा देकर जबरन बलात्कार करने वाला आरोपी को डभरा पुलिस ने किया गिरफ्तार*

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महिला से शादी करने का झांसा देकर जबरन बलात्कार करने वाला आरोपी को डभरा पुलिस ने किया गिरफ्तार

आनंद राठौर ब्यूरो शक्ति :-मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि पीड़िता लिखित आवेदन पेश कर रिपोर्ट दर्ज करायी कि ग्राम खरकेना निवासी संदीप दास महंत के द्वारा पीड़िता को शादी करने का झांसा देकर जबरन बलात्कार किया है कि रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 193/2025 धारा 376 भा.द.वि. पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया विवेचना दौरान आरोपी की पतासाजी हेतु मुखबिर तैनात किया गया था जिन्होंने बताया कि आरोपी संदीप दास महंत बिलासपुर रेलवे स्टेशन में बाहर जाने हेतु जा वाला है की सूचना पर थाना प्रभारी डभरा के द्वारा विशेष टीम गठित कर रवाना किया गया जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया, हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर अपना जूर्म स्वीकार किया आरोपी संदीप दास महंत पिता रूपदास महंत उम्र 34 साल ग्राम खरकेना थाना डभरा को दिनांक 01.08.2025 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रिमाण्ड पर भेजा गया है।

उक्त कार्यवाही में निरीक्षक कमल किशोर महतो, के नेतृत्व मे सहायक उप निरीक्षक एच एन ताम्रकार, आर. मिरिश साहू, शिव यादव का विशेष योगदान रहा।

*डॉ सोमनाथ यादव राज्य मुख्य आयुक्त महोदय, राज्य मुख्यालय भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़*

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तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली डॉ सोमनाथ यादव राज्य मुख्य आयुक्त महोदय, राज्य मुख्यालय भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार एवं जिला संघ मुंगेली के मार्ग दर्शन में डॉ भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय मुंगेली में विश्व स्कार्फ दिवस मनाया गया। विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित पुलिस विभाग से रोशना डेविड, बबीता श्रीवास तथा राजेश बंजारे जी का स्कार्फ से स्वागत किया गया

तथा स्कार्फ के महत्व के बारे में उपस्थित अतिथियों,विद्यालय के सभी छात्रों एवं शिक्षकों को बताया गया । इस अवसर पर जिला प्रशिक्षण आयुक्त राजेंद्र दिवाकर, प्राचार्य एवं फ्लॉक लीडर श्रीमती आशा दिवाकर, गाइड कैप्टन अंजिता चंद्राकर आदि उपस्थित रहे।