Home Blog Page 369

*पुष्प की अभिलाषा काव्य का जेल में कैदियों द्वारा सामूहिक पाठ*

0

*माखनलाल चतुर्वेदी ने वर्ष 1922 में जेल में इसे लिखा था*

*उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव शामिल हुए कविता पाठ समारोह में*

*कहा – कविता से देश और समाज के लिए काम करने की मिलती है प्रेरणा*


आशीष कश्यप बिलासपुर, /स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं सुप्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय श्री माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा रचित कालजयी कविता ’पुष्प की अभिलाषा’ का केन्द्रीय जेल बिलासपुर में सामूहिक पठन किया गया। श्री चतुर्वेदी ने बिलासपुर केन्द्रीय जेल में निरूद्ध रहने के दौरान 18 फरवरी 1922 को इस देशभक्ति पूर्ण काव्य की रचना की थी। उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव की मौजूदगी में कैदियों ने इस देशभक्ति पूर्ण कविता का सामूहिक पठन किया । जेल प्रशासन द्वारा एक निजी समाचार पत्र संस्थान के सहयोग से केन्द्रीय जेल में इस प्रेरणामय कविता पाठ समारोह का आयोजन किया गया। विधायक श्री सुशांत शुक्ला, वरिष्ठ साहित्यकार श्री सतीश जायसवाल, संपादक एवं कवि श्री देवेन्द्र कुमार सहित जेल प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कैदी कार्यक्रम में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने समारोह में एक भारतीय आत्मा के नाम से मशहूर साहित्यकार स्वर्गीय माखनलाल चतुर्वेदी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के इस ऐतिहासिक जेल में देशभक्त साहित्यकार श्री माखनलाल चतुर्वेदी जी के प्रति श्रद्धा एवं आदरभाव व्यक्त करने के लिए एकत्र हुए हैं। श्री साव ने कहा कि देश के लिए बलिदान का क्या महत्व है, इस कालजयी रचना के जरिए बताया गया है। उन्होंने कहा कि एक फूल की इच्छा है कि वह सम्राट अथवा देवता के सिर पर नहीं बल्कि उस मार्ग में सेनानियों के पैरांे तले कुचला जाना मंजूर करता है कि जिस पथ से होकर सेनानी देश को आजाद करने की लड़ाई में आगे बढ़ें। यह देश के लिए कितना बड़ा त्याग और बलिदान की भावना है। श्री चतुर्वेदी जी की देश की आजादी की लड़ाई में बड़ी भूमिका थी। देशभक्ति की भावना उनमें कूट-कूट कर भरी थी। उन्होंने 5 जुलाई 1921 से 1 मार्च 1922 तक 7 माह 27 दिन वे इस केन्द्रीय जेल में निरूद्ध रहे। इसी जेल में रहकर उन्होंने 18 फरवरी 2022 को इस कालजयी रचना सेनानियों को सौंपी थी। उन्होंने कहा कि बिलासपुर सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ के लिए यह कविता बड़ी धरोहर है। इससे हम सबको अच्छे काम करने के लिए प्रेरणा मिलेगी। श्री चतुर्वेदी जी प्रकाण्ड विद्वान और देशभक्त थे। एक भारतीय आत्मा की उपाधि से उन्हें जाना जाता था। आजाद होने पर देश का प्रथम साहित्य अकादमी पुरस्कार से उन्हें नवाजा गया। पुष्प की अभिलाषा के शीर्षक से रचित कविता का एक-एक शब्द देशभक्ति पूर्ण भाव से भरा हुआ है। और हम सबको देश और समाज के लिए समर्पण भाव से काम करने के लिए प्रेरित करता रहेगा। इस अवसर पर श्री दीपक सिंह, श्री मोहित जायसवाल भी उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन जेल अधीक्षक श्री खोमेश मंडावी ने किया।

*भारत की विविधता ही हमारी ताकत – राज्यपाल श्री डेका*

0

*राजभवन में मनाया गया 9 राज्यों का स्थापना दिवस*

रायपुर,  /भारत की आत्मा उसकी विविधता में बसती है और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान इसी एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का सशक्त प्रतीक है।

राजभवन में गुरूवार को 9 राज्यों का स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गोवा, तेलंगाना, मिजोरम, सिक्किम और हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर कहा कि यह पहल केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान नहीं, बल्कि भावनात्मक एकीकरण का माध्यम है।

केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक दूसरे का स्थापना दिवस मनाते है। इसी कड़ी में आज राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में इन राज्यों का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि भाषाओं, वेशभूषा, खान-पान, कला और परंपराओं में भिन्नता होने के बावजूद हमारी आत्मा एक है। यही विविधता भारत को विश्व में अद्वितीय बनाती है। आज जिन राज्यों का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है, वे भारत की इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को और अधिक उजागर करते हैं।

राज्यपाल ने बिहार को ज्ञान की भूमि, गुजरात को व्यापार और उद्योग का अग्रणी, महाराष्ट्र को वीरता व संत परंपरा का प्रतीक, पश्चिम बंगाल को साहित्य और विज्ञान का केंद्र बताया। उन्होंने गोवा को पर्यटन की राजधानी, तेलंगाना को तकनीकी विकास का हब, मिजोरम व सिक्किम को पूर्वाेत्तर की शान और हिमाचल प्रदेश को देवभूमि और प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक बताया।

राज्यपाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस अभियान से जुड़ें, अन्य राज्यों की संस्कृति को समझें और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। अंत में उन्होंने सभी राज्यों को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि भारत की एकता और अखंडता ही हमें आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनाने की दिशा में प्रेरित करती है।

कार्यक्रम को मिजोरम राज्य की प्रतिनिधि कुमारी बेलिंदा रियांग, बिहार के प्रतिनिधि श्री निमेश कुमार झा, गुजरात के श्री राजेश चौहान, महाराष्ट्र के श्री अजय मधुकर काले, गोवा के श्री सेवियो डिकोस्टा, तेलंगाना की श्रीमती गुरिजला उषा, पश्चिम बंगाल के प्रतिनिधि श्री दीप्तेश चटर्जी और हिमाचल प्रदेश के प्रतिनिधि श्री पवान सिंह ने अपने राज्यों के विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला और कहा कि छत्तीसगढ़ को वे अपना घर मानते हैं।

कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सभी राज्यों की संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संास्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। पश्चिम बंगाल के लोक-नृत्य घिंची, गुजरात के गरबा, महाराष्ट्र के लावणी सहित बिहार, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, गोवा, तेलंगाना एवं मिजोरम के लोक नृत्यों ने अतिथियों का मन मोह लिया। वनवासी आश्रम के बच्चों ने भी सामूहिक गीत का प्रदर्शन किया।

विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी एवं इन सभी राज्यों के युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

*बस्तर बाढ़ प्रभावितों की हर संभव मदद करें सुनिश्चित – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

0

*प्रभारी सचिव बाढ़ प्रभावित जिलों का भ्रमण कर राहत कार्यों का करें निरीक्षण – मुख्यमंत्री श्री साय*

*मुख्यमंत्री श्री साय ने बाढ़ प्रभावित जिलों की समीक्षा के दौरान दिए दिशानिर्देश*

रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार तक हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की पीड़ा को शीघ्र कम करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह महसूस होना चाहिए कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ से हुई जनहानि और पशुहानि प्रभावित परिवारों को राहत राशि बिना विलंब के उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त आवासों के सुधार हेतु तिरपाल, बाँस-बल्ली और राहत राशि का वितरण प्राथमिकता से किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का भ्रमण करें और राहत कार्यों का सतत पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों से सड़क संपर्क बहाल करने, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति पुनर्स्थापना का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की शीघ्र बहाली राहत कार्यों की सफलता की कुंजी है।

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव श्री जैन ने कलेक्टरों से कहा कि यदि उन्हें शासन स्तर से अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता हो तो वे तुरंत प्रस्ताव भेजें, ताकि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय लिया जा सके। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह ने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में भोजन, कपड़े और सूखा राशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में स्वास्थ्य शिविर और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

बैठक के प्रारंभ में राजस्व सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने मुख्यमंत्री को बस्तर में बाढ़ की स्थिति और अब तक किए गए राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित जिलों को अतिरिक्त राशन का आबंटन भी कर दिया गया है और सामग्री प्रभावित परिवारों तक पहुँचाई जा रही है।

इसके उपरान्त मुख्यमंत्री श्री साय ने चारों जिलों के कलेक्टरों से सीधे संवाद कर उनके-अपने जिलों में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। कलेक्टरों ने बताया कि अब अधिकांश बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पानी उतरने लगा है और स्थिति नियंत्रण में है। समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।

समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह और पुलिस महानिरीक्षक श्री पी. सुन्दरराज उपस्थित थे।

*CM Vishnu Deo Sai Directs Officials to Ensure All Possible Help for Bastar Flood Victims*

0

*Instructs district in-charge secretaries to visit affected areas and monitor relief operations*

*Guidelines issued during review meeting on flood-affected districts*

Raipur, /Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai has directed officials to ensure that every flood-affected family in the Bastar division receives all possible assistance. He said that it is the foremost responsibility of the administration to ease the suffering of flood-hit families at the earliest. “People should feel that in this hour of crisis, the government stands firmly with them,” the Chief Minister underlined.

CM Sai issued these instructions today while reviewing the relief and rehabilitation measures through video conferencing with the Collectors and senior officials of Bastar, Dantewada, Bijapur and Sukma districts, which have been severely affected by floods.

Chief Minister Shri Sai instructed officials to immediately provide relief compensation to families affected by loss of human lives and livestock due to the floods. He further directed that tarpaulins, bamboo and timber poles, and cash relief for repairing damaged houses must be distributed on priority.

Shri Sai also directed that the district in-charge secretaries must visit their respective districts and ensure continuous monitoring of relief operations on the ground.

He asked the concerned departments to undertake restoration of road connectivity, repair of damaged bridges and culverts, and resumption of electricity supply in affected villages on a war footing. He emphasized that in a sensitive region like Bastar, the speedy restoration of basic services is the key to successful relief work.

The Chief Minister assured that the state government will reach every affected family and no one will be left alone. He added that the government’s goal is to ensure timely relief to every person and to accelerate the pace of rehabilitation efforts.

The review meeting was attended by Chief Secretary Shri Amitabh Jain and Principal Secretary to the Chief Minister, Shri Subodh Singh. The Chief Secretary asked Collectors to immediately send proposals if they required any additional assistance from the state government so that decisions could be taken without delay.

Principal Secretary Shri Subodh Singh instructed Collectors to ensure adequate arrangements for food, clothing and dry rations in the relief camps. He also stressed that health camps and safe drinking water facilities must be mandatorily provided in relief camps and affected villages.

At the beginning of the meeting, Revenue Secretary Smt. Reena Kangale briefed the Chief Minister on the flood situation in Bastar and the relief measures undertaken so far. She informed that additional rations have already been allocated to all flood-affected districts and are being delivered to the affected families.

Subsequently, the Chief Minister held direct discussions with the Collectors of the four districts and reviewed the progress of relief and rehabilitation operations in their respective areas. The Collectors informed him that water levels have now begun to recede in most flood-affected regions and the situation is under control. They added that the current focus of the administration is to expedite relief and rehabilitation work.

The review meeting was also attended by Public Works Department Secretary Shri Kamalpreet Singh, Bastar Divisional Commissioner Shri Doman Singh, and Inspector General of Police Shri P. Sundarraj.

*दक्षिण कोरिया के कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन (KITA) से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सार्थक मुलाकात*

0

*निवेश, तकनीकी सहयोग और स्किलिंग से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने पर हुई चर्चा*

रायपुर/छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सियोल में दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े व्यापार संगठन कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन (KITA) के चेयरमैन श्री जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट श्री किम की ह्यून से मुलाकात की। 77,000 से अधिक सदस्यों वाला यह संगठन एशिया का अग्रणी व्यापारिक मंच है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति 2024–30, प्राकृतिक संसाधनों और कुशल मानव संसाधन की ताकत को रेखांकित करते हुए निवेश, तकनीकी हस्तांतरण और स्किलिंग के क्षेत्र में संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “दक्षिण कोरिया के साथ हमारे संबंध केवल व्यापारिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक भी हैं। आज के इस संवाद से छत्तीसगढ़ और कोरिया के बीच निवेश, तकनीकी सहयोग और कौशल विकास के नए द्वार खुलेंगे। इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को आधुनिक उद्योगों में अवसर प्राप्त होंगे और प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार निवेशकों को सुगम वातावरण, त्वरित स्वीकृतियाँ और आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि KITA के साथ यह सहयोग छत्तीसगढ़ को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।

बैठक के दौरान KITA के चेयरमैन श्री जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट श्री किम की ह्यून ने भी छत्तीसगढ़ की निवेश-अनुकूल नीतियों और संसाधनों में गहरी रुचि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कोरियाई कंपनियाँ छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं और आने वाले समय में साझेदारी के ठोस कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस सहयोग से छत्तीसगढ़ के किसानों, श्रमिकों और स्थानीय उद्यमियों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश से रोजगार के हजारों अवसर सृजित होंगे। साथ ही, तकनीकी हस्तांतरण से स्थानीय उद्योगों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न है, बल्कि यहाँ का युवा वर्ग मेहनती और कुशल है। कोरियाई कंपनियों के साथ जुड़कर उन्हें स्किलिंग और तकनीकी प्रशिक्षण के नए अवसर मिलेंगे, जिससे प्रदेश की मानव संसाधन क्षमता वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी।यह साझेदारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी और आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता और वैश्विक साझेदारी का आदर्श उदाहरण बनेगा।

*CM Vishnu Deo Sai in Talks with Korea’s Largest Trade Body Korea International Trade Association (KITA)*

0

Talks Focus on Investments, Technology Transfer and Skilling to Drive Chhattisgarh’s Industrial Growth*

Raipur, August /Chhattisgarh Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai today met with Mr. Jin Sik Yoon, Chairman, and Mr. Kim Ki Hyun, Vice President of the Korea International Trade Association (KITA), in Seoul. KITA, with over 77,000 members, is South Korea’s largest trade body and one of Asia’s leading business platforms.

On this occasion, CM Sai highlighted the strength of Chhattisgarh’s Industrial Policy 2024–30, its rich natural resources, and skilled human capital. He engaged in extensive discussions on potential avenues of investment, technology transfer, and skilling.

“Our ties with South Korea are not merely economic but also cultural and historical,” CM Sai remarked. “This dialogue opens new doors for collaboration in investment, technology, and skill development. It will provide opportunities for Chhattisgarh’s youth in modern industries and accelerate the state’s industrial growth.”

The Chief Minister stressed that the state government is fully committed to providing investors with a facilitative environment, speedy clearances, and necessary infrastructure. He expressed confidence that collaboration with KITA would earn Chhattisgarh a new identity on the global industrial map.

During the meeting, KITA Chairman Mr. Jin Sik Yoon and Vice President Mr. Kim Ki Hyun expressed deep interest in Chhattisgarh’s investor-friendly policies and abundant resources. They said Korean companies are enthusiastic about exploring investment opportunities in the state and will take concrete steps towards partnerships in the near future.

CM Sai noted that this cooperation will directly benefit farmers, workers, and local entrepreneurs. Investments in food processing, electronics, automobiles, steel, and renewable energy will generate thousands of jobs, while technology transfer will boost the quality and competitiveness of local industries.

CM Sai further emphasized that Chhattisgarh is not only rich in natural resources but also home to a hardworking and skilled youth population. CM added that “Partnerships with Korean companies will open new avenues for skilling and technical training, strengthening our human resource base at the global level. This collaboration will elevate Chhattisgarh’s economy and, in the years ahead, the state will stand as a model of self-reliance and global partnerships.”.

*बिलासपुर एवं मुंगेली जिले में ‘फिट युवा, विकसित भारत’ का महाअभियान: केंद्रीय मंत्री तोखन साहू करेंगे सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ*

0

आशीष कश्यप बिलासपुर मुंगेली-युवाओं में खेल प्रतिभा और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की शुरुआत हो रही है। केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू 29 अगस्त 2025 को सांसद खेल महोत्सव 2025 का शुभारंभ करेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘फिट इंडिया’ मिशन को आगे बढ़ाना और स्थानीय खिलाड़ियों को एक बड़ा मंच देना है।
खेल महोत्सव का आगाज़, पंजीयन की प्रक्रिया शुरू
इस महाअभियान का पहला चरण बिलासपुर और मुंगेली जिलों में एक साथ शुरू होगा। मंत्री श्री साहू बिलासपुर में स्वर्गीय बी.आर. यादव अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, बहतराई में सुबह 7:30 बजे और मुंगेली के श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में दोपहर 2:00 बजे पंजीयन प्रक्रिया का उद्घाटन करेंगे।
पंजीयन 29 अगस्त से शुरू होकर 20 सितंबर 2025 तक चलेगा। खेल प्रतियोगिताएं 21 सितंबर से 25 दिसंबर 2025 तक ग्राम, ब्लॉक और संसदीय क्षेत्र के स्तर पर आयोजित की जाएंगी।
खेलों का महाकुंभ: हर प्रतिभा को मिलेगा मौका
यह महोत्सव सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि खेलों का एक महाकुंभ है। इसमें फुटबॉल, वॉलीबॉल, खो-खो, हॉकी, कुश्ती, बैडमिंटन, क्रिकेट, मलखंब जैसे पारंपरिक और आधुनिक खेल शामिल हैं। महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए विशेष प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई हैं, ताकि कोई भी प्रतिभा पीछे न छूटे।
खेल से सशक्त होगा युवा, सशक्त होगा राष्ट्र
केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने इस पहल पर कहा, “सांसद खेल महोत्सव 2025 हमारे युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा। हमारा मानना है कि एक स्वस्थ और ऊर्जावान युवा ही ‘विकसित भारत’ की नींव रखता है। यह महोत्सव स्थानीय प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने का एक सुनहरा अवसर है।”
खिलाड़ियों को मिलेंगे ये बड़े फायदे:
* ओपन प्रतियोगिता: हर गांव, हर गली के खिलाड़ी को मिलेगा अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका।
* ‘नमो फिट इंडिया लीडर’ का चयन: स्थानीय स्तर पर खेल को प्रोत्साहित करने वाले युवाओं को मिलेगी विशेष पहचान।
* बड़ी प्रोत्साहन राशि: उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप, नकद पुरस्कार, खेल सामग्री और कोचिंग जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
यह महोत्सव खेल और मनोरंजन के साथ-साथ एक स्वस्थ और जागरूक समाज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू के ने कहा कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘फिट इंडिया’ और ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना ही हमारा लक्ष्य है। सांसद खेल महोत्सव 2025 केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि एक ऐसा महाअभियान है जो युवाओं में अनुशासन, दृढ़ संकल्प और टीम भावना को बढ़ावा देगा। यह महोत्सव ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को खेलों के मैदान में साकार करता है, जहां हर प्रतिभा को समान अवसर मिलेगा।

➡️ *मुंगेली पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल के दिशा निर्देशन में पहल अभियान मुंगेली पुलिस द्वारा चलाये जा रहा है* l

0

➡️ *जिला मुंगेली 11 विद्यालय के 5000 विद्यार्थी एवं स्कूल के शिक्षक द्वारा हाथ में मेंहदी सायबर जागरूकता एवं मानव श्रृंखला बनाकर दिनांक 25/08/2025 को पहल जागरुकता कार्यक्रम का किया गया सफल आयोजन* l


तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली’-*कार्यक्रम में मुख्य रूप से स्वामी आत्मानन्द स्कूल दाऊ पारा मुंगेली, नवोदय विद्यालय दाबो,जेसीस स्कूल, रैंबो स्कूल, सेन जेवियर्स स्कूल, अल्फा पब्लिक स्कूल, कस्तूरबा स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर, शासकीय कन्या विद्यालय, अम्बेडकर स्कूल,सोनकर स्कूल मुंगेली के विद्यार्थी रहे शामिल।*
*पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल अभियान ‘‘पहल’’* कार्यक्रम माध्यम से विद्यार्थियो को स्वयं के जीवन की महत्पूर्ण बातों को एवं उज्जवल भविष्य कि ओर ले जाने दिया जा रहा बच्चों को उनके उत्तम शिक्षा व आत्मविश्वास को मजबूत करने हेतु किया जा रहा प्रेरित
*इस कार्यक्रम में कुल 11 स्कूल के 5000 विद्यार्थियों द्वारा साइबर अपराध, यातायात के नियम व उसके पालन, नशामुक्ति एवं बच्चों व महिलाओं से संबंधित अपराधों के संबंध में ड्रॉइंग पेंटिंग, अपने हाथों में मेहंदी से लिखा #पहल # एवं मानव श्रृंखला बनाया गया ।
बदलाव की शुरुआत सुरक्षा के साथ एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक संदेश है। यह न केवल व्यक्तिगत जीवन में बल्कि सामाजिक और सामुदायिक स्तर पर भी लागू होता है। सुरक्षा के साथ बदलाव की शुरुआत करने से हम सुनिश्चित कर सकते हैं कि हमारे प्रयास स्थिर, सुरक्षित और दीर्घकालिक होंगे।

यह वाक्यांश कई मायनों में महत्वपूर्ण हो सकता है:

1. *सामाजिक बदलाव*: जब हम सामाजिक बदलाव की बात करते हैं, तो सुरक्षा के साथ शुरुआत करना महत्वपूर्ण है। इससे हम सुनिश्चित कर सकते हैं कि हमारे प्रयासों से किसी को नुकसान न पहुंचे और सभी के लिए सकारात्मक परिणाम हों।
2. *व्यक्तिगत विकास*: व्यक्तिगत स्तर पर, सुरक्षा के साथ बदलाव की शुरुआत करने से हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक स्थिर और सुरक्षित मार्ग पर चल सकते हैं।
3. *सामुदायिक विकास*: सामुदायिक स्तर पर, सुरक्षा के साथ बदलाव की शुरुआत करने से हम सुनिश्चित कर सकते हैं कि हमारे प्रयासों से समुदाय के सभी सदस्यों को लाभ पहुंचे और उनकी सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित हो।
कुल मिलाकर, “बदलाव की शुरुआत सुरक्षा के साथ” एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है जो हमें अपने प्रयासों में स्थिरता, सुरक्षा और सकारात्मकता लाने में मदद कर सकता है।
I am still improving my command of other languages, and I may make errors while attempting them.
ये तैयारी है वंश वृक्ष के पहल की,कल की चिंता नही कल की उत्सुकता होनी चाहिये आओ खुशहाल कल की पहल करे,जैसे पेड़ लोगो को छाँया देरी है ठीक वैसे ही हमारे भविष्य है ये कल इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी कर्मचारी शत्रुहन खूंटे, बबीता श्रीवास एवं पुलिस बाल मित्र रोशना डेविड ( उड़ान जी एस सोसायटी महासमुंद) एवं सभी 11 स्कूल प्राचार्य और शिक्षको की महत्वपूर्ण योगदान रहा।

*थाना मुलमुला क्षेत्र में हुए एक 08 वर्षिय बालक के अपहरण के मामले में सायबर टीम एवं थाना मुलमुला पुलिस को मिली बड़ी सफलता*

0

*चचेरा भाई एवं उसके साथी निकले आरोपी*

*जांजगीर पुलिस की तत्परता से 48 घंटे के भीतर अपहृत बालक को जिला गौरेला पेड्रा. मरवाही के करीआम क्षेत्र से सकुशल किया गया है बरामद*

*जिले के सायबर पुलिस की सक्रियता से विफल हुयी अपहरण की योजना*

*पुराना जमीन विवाद बना अपहरण का कारण*

*आरोपियों का 10 लाख फिरौती मांगने की थी योजना*

*लगभग 100 सीसीटीवी कैमरा का किया गया अवलोकन और संदिग्ध लगभग हजारो मोबाईल नंबरो के तकनीकी किया गया*

*आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 02 टेप्पो ट्रेक्स, गामा तुफान*

*गिरफ्तार आरोपी का नाम*

1 राहुल टंडन पिता शिव चरण टंडन उम्र 25 साल निवासी लगरा थाना मुलमुला

2 प्रशांत कुमार मैना पिता अभिमन्यु मैना उम्र 19 साल निवासी खपरी थाना मुलमुला

3 उमेश दिवाकर उर्फ ननकी पिता संतू दिवाकर उम्र 19 वर्ष निवासी खपरी थाना मुलमुला

थाना मुलमुला क्षेत्र के ग्राम लगरा में दिनांक 25.08.2025 को शाम 05.00 बजे करीबन एक 08 वर्षिय बालक गुम हो गया था जिसकी सूचना पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना मुलमुला में अपराध क्रमांक 264/2025 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।

मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा :-प्रकरण नाबालिक के गुम होने से प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए *पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय* के निर्देशन में गुम बालक की पतासाजी करने हेतु थाना प्रभारी मुलमुला को निर्देशित कर प्रकरण में सभी पहलु की सुछमता से जाँच कर प्रकरण निराकरण करने हिदायत दिया गया। नाबालिक बच्चे के अचानक गुम होने की घटना को देखते हुए एवं मामला गंभीर होने से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप के कुशल के मार्गदर्शन में साइबर टीम को अपहृत बालक का हर हाल में पता सजी हेतु त्वरित घटना स्थल जाकर तकनिकी जानकारी एकत्र करने पर ज्ञात हुआ की नाबालिक बच्चा ग्राम लगरा में दोपहर 02 बजे तक देखा गया था। जिसके बाद से नाबालिक गांव में नजर नहीं आया, अपहृत बालक का पतासाजी के लिए ग्राम के सभी मार्गो ग्राम के अंदर प्रवेश एवं निकासी मार्गों को देखने पर बालक के आने जाने के गतिविधि नजर नहीं आने पर पुलिस को शक हुआ की प्रकरण में नाबालिक बालक किसी वाहन या पहचान के व्यक्ति के साथ या किसी व्यक्ति द्वारा बहला फुसलाकार ले गया होगा। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सीसीटीवी का बारीकी से अवलोकन करने पर ज्ञात हुआ की जिस समय बालक ग्राम में आखिरी बार सीसीटीवी के माध्यम से देखा गया था उसके बाद से नहीं दिखा, परन्तु गुम बालक का बड़े पिता का लड़का राहुल टंडन का वाहन टेम्पो ट्रेक्स गामा सीजी 11 बीएन 0720 लगातार उस दौरान मूवमेंट पाया गया जिरा पर गुग बालक के भाई राहुल टंडन से पूछताछ करने पर यह सामने आया की वह गुम बालक को जो उसका चचेरा भाई है जिसको लेकर पोल्ट्री फार्म गया था उसके बाद उसे घर छोड़कर अपने वाहन को बुकिंग में लेकर चला गया था और शाम 4 बजे बालक को गुड़ी के पास देखना और घर चलने बोला बताया राहुल से पुछताछ के आधार मे सीसीटीवी का पुनः अवलोकन करने पर राहुल टंडन के कथन में विरोधाबास होने से राहुल टंडन से कड़ाई से पुछताछ करने पर बताया की गुम बालक के पिता से जमीन के पुराने विवाद पर रंजिस रखते हुए पैसे के लालच में परेशान करने की नियत से अपने दोस्त प्रशांत मैना निवासी खपरी ताड एवं एक अन्य साथी के साथ मिलकर दिनांक घटना से 7 दिन पूर्व योजना बनाये और 10 लाख मांग कर पैरो मिलने पर पैसा बराबर बाँट लेने तथा पैसे को राहुल टंडन लेकर आने की योजना बनाये थे, योजना के अनुसार गुम बालक के गुम शुदा होने के कुछ दिन पूर्व आरोपी राहुल टंडन गुम बालक सम्राट के साइकिल में बैठकर सिल्ली नहर रोड में लेकर गया था जहाँ पहले प्रशांत मैना एवं अन्य साथी उपस्थित थे वहा पहुंचकर राहुल वहा से चला गया फिर प्रशांत और राहुल टेम्पो ट्रेक्स गामा गाड़ी में ले जाने का असफल प्रयास किया जिसकी सुचना गुम सुदा ने अपने चाचरे बड़े भाई को दिया था परन्तु वह खुद साजिसकर्ता था।

दिनांक घटना 25.08.2 को आरोपी राहुल टंडन ग्राम खपरी के दोस्त प्रशांत मैना और उमेश दिवाकर एवं अन्य के साथ ग्राम नावागांव में दोपहर एक बजे मिले और अपहरण की योजना बनाये राहुल टंडन अपने साथियो को बोला की मै सम्राट को लेकर नावागांव लेकर आता फिर राहुल टंडन ग्राम लगरा जाकर अपने भाई गुम बालक को अपने टेम्पो गामा तूफान गाडी सीजी 11 बीएन 6720 में बैठाकर अपने पोल्ट्री फार्म सिल्ली लेकर गया और पोल्ट्री फार्म से ताई योजना के अनुसार नावागांव तलब के पास लेकर गया और राहुल अपने भाई सम्राट को गाड़ी में छोढ़ उतर गया तभी उमेश उर्फ ननकी, प्रशांत मैना एवं अन्य साथी एक किराये के टेम्पो गामा तूफान क्रमांक सीजी 11 बीएच 3441 से आये और नाबालिक बालक को अपहरित कर ले गयें, आरोपी राहुल ने इन तीनों से बोला था की मुरलीडीह ओवर बृज के निचे रहना मैं आता हूं फिर राहुल अपने वाहन से वहा पंहुचा फिर दोनों वाहन से करुमाडु पेट्रोल पंप पहुंचे और गाड़ी क्रमांक सीजी 11 बीएच 3441 में डीजल डलवाये और राहुल टंडन ने दुर्गेश और प्रशांत को 600 रूपया देकर बोला कि बच्चे को साथ में लेकर पेट्रा रोड जंगल में रहना उसके बाद राहूल ने ननकी उर्फ रमेश को उसके घर खपरी में छोड़कर अपने अपने घर लगरा आ गयें आरोपी राहुल टंडन जब पुलिस जांच में घर आये तो पुलिस का सहयोगी होने का नाटक कर पुलिस के साथ साथ सीसीटीवी फुटेच चेक करते समय साथ रहकर पुलिस को भ्रमित करने का असफल प्रयास किया परंतु जिला जांजगीर पुलिस की सक्रियता से प्रकरण का पर्दाफाश किया गया।

उपरोक्त कार्यवाही में निरीक्षक पारस पटेल थाना प्रभारी मुलमुला, सउनि हेमलाल महिलगे, प्रमोद महार, प्रआर आर बलबीर सिंह, राजमणी द्विवेदी, आर राजेन्द्र राठौर एवं सायबर टीम से निरी सागर पाठक सायबर प्रभारी, सउनि विवेक सिंह प्रआर मनोज तिग्गा, विवेक सिंह, आर गिरिश कश्यप, श्रीकांत सिंह, प्रदीब दुबे, सहबाज खान, माखन साहू रोहित कहरा का सराहनीय योगदान रहा।

*रात्रि में लूट के नियत से घर अंदर घुसने वाला आरोपी गिरफ्तार अकलतरा पुलिस की कार्यवाही*

0

भिलाई का आरोपी पहले अकलतरा में काम करता था

मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर चांपा:-अकलतरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कल्याणपुर में चोरी और लूट के नीयत से घुसा लुटेरा पकड़ा गया है । लूटेरा अकलतरा में पहले रेलवे में मजदूर के रुप में काम चुका है और चोरी के आरोप में जेल जा चुका है । अकलतरा पुलिस के अनुसार
आरोपी चेतन महंती उम्र 36 साल निवासी भिलाई वार्ड नंबर 38 थाना जीआरपी भिलाई जिला दूर्ग दिनांक 24.08.2025 की रात्रि करीबन 01.00 बजे के थाना अकलतरा क्षेत्र के कल्याणपुर निवासी राकेश दास के घर अंदर घुसकर उसकी मां जो बरामदे में सोई थी । आरोपी द्वारा हाथ में हंसिया रखे थे जिसके द्वारा गले में पहने मंगल सूत्र को लूटने की कोशिश कर रहा था तो पीड़िता जाग गई और जोर से चिल्लाने लगी तो उसके घर के परिजन सब उठ गए । आरोपी द्वारा हसिया को महिला के गले के पास रखकर उसको जान से मार देने की धमकी देते हुये कहने लगा कि मेरे पास आओगे तो उसके गले को काट दूंगा और तुम लोगो को भी मार दूंगा कहते हये धमकी दे रहा था जिससे प्रार्थी व उसके भाई पिता जी काफी भयभीत हो गये । प्रार्थी की मां बचने का प्रयास कर भागने लगी तब वह आरोपी द्वारा धक्का देकर भाग रहा था जिले लोगों की मदद से आरोपी को पकड़ा जिसको सूचना थाना अकलतरा पुलिस एवं डायल 112 को सूचना मिलने पर तत्काल घटना स्थल पहुंचकर विधिवत कार्यवाही करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 405/2025 धारा 331(4),351(3),115(2),309(5) BNS कायम कर विवेचना मे लिया गया है । प्रकरण की घटना को गंभीरता से लेते हुए श्री विजय पाण्डेय पुलिस अधीक्षक जांजगीर चांपा के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन में आरोपी चेतन महंती के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करते हुए विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया । उपरोक्त कार्यवाही मे निरीक्षक भास्कर शर्मा, उप निरी0 बी एल कोसरिया, सउनि अशोक कश्यप, बी.पी.खाण्डेकर, प्र.आर. अनिल हंसराज का सराहनीय योगदान रहा।