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*गैंग बनाकर अवैध उगाही के आरोपों से घिरे पंचायत सचिव की गुंडागर्दी, खुद को फंसता देख थाना में शिकायत के बाद फिर से ढाबा पहुंचे पंचायत सचिव, CCTV कैमरे में कैद*

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गैंग बनाकर अवैध उगाही के आरोपों से घिरे पंचायत सचिव की गुंडागर्दी, खुद को फंसता देख थाना में शिकायत के बाद फिर से ढाबा पहुंचे पंचायत सचिव, CCTV कैमरे में कैद

आशीष कश्यप बिलासपुर-बिलासपुर। रतनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सनसनीखेज मामला सामने आया है। रानीगांव स्थित अभय ढाबा की संचालिका चंद्रलेखा बरगाह ने मदनपुर पंचायत सचिव संतोष तिवारी सहित साथियों पर 3 लाख रूपये अवैध उगाही का आरोप लगाया है। घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य ढाबा में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है। मामले को लेकर ढाबा संचालिका के द्वारा रतनपुर थाना में शिकायत दर्ज कराया गया है।
जानकारी अनुसार 28 अगस्त की रात लगभग 12 बजे 8 लोग अभय ढाबा पहुंचे। ढाबा में अवैध उगाही के मकसद से पहुंचे 8 लोग ढाबा के सीसीटीवी कैमरे में कैद है। ढाबा संचालिका चंद्रलेखा बरगाह की माने तो खुद को मदनपुर पंचायत का सचिव संतोष तिवारी बताते हुए उनसे 3 लाख रूपये की मांग की गई। रकम नही देने पर ढाबा बंद करने का धमकी भी दिया गया। धमकी सुनकर ढाबा संचालिका घबरा गई। ढाबा संचालिका ने ढाबा रानीगांव पंचायत अंतर्गत होना बताया किंतु नशे में धुत्त पंचायत सचिव ने उनकी एक नही सुनी और साथ में सीओ साहब आए है कहकर ढाबा संचालिका को कार में बैठे किसी व्यक्ति के पास लेकर गए। जहां उनसे 3 लाख रूपये की मांग की गई। जब ढाबा संचालिका ने अपने पास 1 लाख 20 हजार रुपए नगद होना बताया तो ऑनलाइन रकम देने को कहा गया। जब पंचायत सचिव संतोष तिवारी और उनके साथी अपने मकसद में कामयाब नहीं हुए तो ढाबा में हाथ से लिखे नोटिस को चस्पा कर नोटिस में अनुज्ञा का हवाला देते हुए कर अदायगी की मांग की गई। यह असंवैधानिक कार्य करते हुए पंचायत सचिव ढाबा में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है। जिसमें स्पष्ट दिख रहा है कि वे एक कागज को काउंटकर में चिपकाकर उसका फोटो खींच रहे है।
रकम वसूली के लिए ढाबा संचालिका को पुलिस बुलाकर गिरफ्तार करवाने तक की धमकी दी गई। आखिर दीगर पंचायत के सचिव को रानीगांव पंचायत में कर वसूली का अधिकार किसने दिया? यह जांच का विषय है। लेकिन ढाबा संचालिका चंद्रलेखा बरगाह की माने तो उनकी बातों में आकर वे सचिव संतोष तिवारी को 1 लाख 20 हजार रूपये नगद दे दी। जिसके बाद ढाबा संचालिका ने जब रशीद की मांग की तो उन्हें दूसरे दिन रशीद लाकर देने की बात कहकर पंचायत सचिव अपने साथियों के साथ रफूचक्कर हो गया।

दूसरे दिन महिला ने की फर्जीवाड़े की शिकायत

अभय ढाबा की संचालिका चंद्रलेखा बरगाह ने खुद के साथ हुए इस अजीब कार्यवाही की मदनपुर पंचायत से जानकारी जुटाई तो उन्हें पता चला कि पंचायत को कोई रशीद देने का अधिकार नहीं है। जिसके बाद ढाबा संचालिका चंद्रलेखा ने इसकी शिकायत रतनपुर थाना में की। एफआईआर दर्ज नही होने पर तत्काल इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक और बिलासपुर रेंज आईजी से की गई। फिलहाल मामले में रतनपुर पुलिस की जांच जारी है।

पुलिस का कहना

रतनपुर पुलिस ने मामले को लेकर बताया कि शिकायत पर जांच जारी है। पैसा मांगने की पुष्टि हुई है। पैसा लेनदेन को लेकर जांच जारी है।

पीड़िता पर राजीनामा को लेकर दबाव

पीड़िता ने मीडिया को बताया कि समझौता को लेकर उन पर पंचायत सचिव संतोष तिवारी के द्वारा दबाव बनाया जा रहा है। संतोष तिवारी आज फिर से उनके ढाबा पहुंचे थे। जहां राजीनामा को लेकर उन पर दबाव बनाया गया। ढाबा में लगे सीसीटीवी कैमरे में आज का पूरा मांजरा भी कैमरे में कैद है।

अन्य ढाबा संचालकों के सूत्र की माने तो; पंचायत सचिव संतोष तिवारी अपने साथियों के साथ उस दिन अन्य ढाबा भी गया था जहां ढाबा संचालकों से उगाही की कोशिश की गई, लेकिन जब ढाबा संचालकों के समाने उनकी दाल नही गली तो वे खाली हाथ लौट गए।

रोजगार सहायक और सीओ के ड्राइवर शामिल

घटना में एक रोजगार सहायक बजरंग सिंह ठाकुर और सीओ के ड्राइवर के शामिल होने की जानकारी भी पीड़िता के द्वारा दी गई है। हालांकि मामले में पुलिस की विवेचना जारी है और घटना के समय मौजूद सभी लोग सीसीटीवी कैमरे में कैद है। इससे पीड़ित महिला को सभी आरोपियों पर निष्पक्ष कार्यवाही की आशा है। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से दोषियों के विरुद्ध जल्द कार्यवाही और सभी लोगों के गिरफ़्तारी की मांग की है।

*एक दिवसीय योग शिविर का आयोजन पंडरिया के सामुदायिक भवन में*

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एक दिवसीय योग शिविर का आयोजन पंडरिया के सामुदायिक भवन में

हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़।

ब्यूरो रायपुर/ कवर्धा:- स्वामी रामदेव बाबा के शिष्य नरेन्द्र देव के सानिध्य मे एक दिवसीय विशाल योग शिविर जनपद पंचायत के पास लोरमी रोड स्थित नगर के सामुदायिक भवन पंडरिया मे स्वामी रामदेव बाबा के सन्देश को आम जन तक पहुँचाने का आयोजन रखा गया है जिसमे सभी नगर वासियो को आमंत्रित किया गया जिसमे सुबह 5:30 से 7:30बजे तक योग प्राणायाम सूर्यनमस्कार सहित विभिन्न आसनों की सूक्ष्मता से बोध कराया जाएगा साथ ही महत्वपूर्ण अवसर पर अधिक से अधिक संख्या मे स्वास्थ्य लाभ लेने हेतु सभी को आमंत्रीत किया गया कार्यक्रम को सफल बनाने पतंजलि एवं विविध संगठन के सभी कार्यकर्ता एवं नगर के विशिष्ट जन धनीराम शर्मा, ऋषि कुमार महरा, मिट्ठू दास गुप्ता, गजानंद कश्यप, रघुनन्दन गुप्ता, नंदकिशोर यादव, मुकेश ठाकुर, संजय पाठक, विजय चंदेल,दिनेश चंद्रवंशी, नकुल चंद्राकर, भागवत चंद्राकर, रोहित जायसवाल, आशुतोष चंद्रवंशी, परमेश्वर साहू, दीपक चंद्राकर, परदेशी पटेल का विशेष सहभागिता रहेगी।

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*पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने बकेला जलाशय परियोजना एवं सुतियापाट नहर विस्तारीकरण हेतु 121 करोड़ से अधिक की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का जताया आभार*

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हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़।

ब्यूरो रायपुर/कवर्धा:- पंडरिया विधानसभा के किसानों के हित और उन्हें सिंचाई हेतु पर्याप्त जल आपूर्ति के लिए विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से 121 करोड़ 92 लाख 66 हजार रुपये की प्रशासकीय एवं स्वीकृति मिली है जिसके अंतर्गत बकेला के पास हाफ नदी में व्यपवर्तन योजना का निर्माण कार्य एवं फिडर तथा रमतला जलाशय का शीर्ष कार्य, नहरों का रिमाडलिंग कार्य एवं क्रांति जलाशय तथा देवसरा जलाशय के नहरों का रिमॉडलिंग लाईनिंग तथा नहर विस्तारीकरण कार्य हेतु 82 करोड़ 53 लाख 80 हजार रुपए की स्वीकृति मिली है जिससे 2686.13 हेक्टेयर में सिंचाई हेतु जल आपूर्ति होगी एवं सुतियापाट जलाशय मध्यम सिंचाई परियोजना के बायीं तट मुख्य नहर का विस्तारीकरण तथा माइनर नहरों के निर्माण हेतु 39 करोड़ 38 लाख 86 हजार की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति मिलने से 2916 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई हेतु पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी कृषि एवं कृषक कल्याण हेतु पंडरिया विधानसभा को मिली इस सौगात के लिए विधायक भावना बोहरा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तत्कालीन जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप एवं वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी का आभार व्यक्त करते हुए किसानों को बधाई दी इस अवसर पर भावना बोहरा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिस तत्परता से डबल इंजन भाजपा सरकार मोदी की गारंटी को पूरा कर रही है किसानों के हित को सर्वोपरि रखकर उन्हें आत्मनिर्भर व सशक्त बना रही है वह विकसित भारत का सशक्त प्रमाण है आज पंडरिया विधानसभा के किसान भाई-बहनों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो रही है सुतियापाट नहर विस्तारीकरण से 26 गांव में किसानों को 2916 हेक्टेयर से अधिक खरीफ क्षेत्र में सिंचाई के लिए पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी वहीं बकेला जलाशय परियोजना से 2686 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि में सिंचाई हेतु जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी आज यह विकास कार्य क्षेत्र के किसानों और जनता के विशेष सहयोग से हो रहें हैं विकास कार्यों और अधोसंरचना निर्माण के कार्य निरंतर प्रगति पर हैं शासकीय योजनाओं से लेकर जनकल्याण के कार्य कार्य पूर्ण पारदर्शिता के साथ जनहित के कार्य हो रहें हैं विगत डेढ़ वर्षों में पंडरिया विधानसभा अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों व अधोसंरचना निर्माण हेतु 300 करोड़ से अधिक के कार्यों की स्वीकृति, सड़क, नाली, पुल-पुलिया, सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था एवं जनता की मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है भावना बोहरा ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार ने सबसे पहले किसानों के हित में निर्णय लिया और दो वर्ष का बकाया धान बोनस एवं 3100 रु प्रति क्विंटल में धान खरीदी की उन 18 लाख गरीब परिवारों के लिए निर्णय लिया जिन्होंने अपने पक्के आवास का सपना देखा था, उन युवाओं के लिए निर्णय लिए जो रोजगार की तलाश कर रहे थे और जिनका भविष्य कांग्रेस ने सीजी-पीएससी जैसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दी, उन माताओं-बहनों के सशक्तिकरण के लिए निर्णय लिया गया जो पांच वर्षों तक अपेक्षित थी और आज महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 की राशि उन्हें मिल रही है आज इन संकल्पों को पूरा करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को नए पंख दिए आज पूरे प्रदेश में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं अधोसंरचना निर्माण से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है तो वहीं जनता को सुविधा भी मिल रही है।

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*गांजा बिक्री करने वालों पर कार्रवाई – दो आरोपी गिरफ्तार।*

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कोरबा – पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीतिश ठाकुर तथा नगर पुलिस अधीक्षक/अनुभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में जिले में नशे के विरुद्ध लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में थाना बालकोनगर एवं थाना कटघोरा पुलिस द्वारा मादक पदार्थ गांजा के अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही की गई।

1️⃣ थाना बालकोनगर कार्यवाही

अपराध क्रमांक – 549/2025 धारा 27 एनडीपीएस एक्ट

आरोपी – बीर लाल मिश्रा पिता स्व. ननकी प्रसाद मिश्रा उम्र 62 वर्ष साकिन चेकपोस्ट बालको, थाना बालकोनगर, जिला कोरबा (छ.ग.)

जप्ती – आरोपी के पास से एक चिलम, माचिस एवं सफेद रंग के प्लास्टिक के छोटे-छोटे 07 पैकेट में रखा कुल 10.5 ग्राम गांजा जप्त किया गया।

आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

2️⃣ थाना कटघोरा कार्यवाही

अपराध क्रमांक – 306/2025 धारा 20 (बी) एनडीपीएस एक्ट

आरोपी – दुष्यंत जायसवाल पिता स्व. बृजलाल जायसवाल उम्र 36 वर्ष साकिन ग्राम बिझरा, धोबी मोहल्ला, थाना कटघोरा, जिला कोरबा (छ.Г.)

जप्ती – आरोपी के पास से एक सफेद रंग के प्लास्टिक बोरी अंदर झिल्ली में भरा 330 ग्राम गांजा (कीमत लगभग ₹3300/-) बरामद किया गया।

आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

👉 पुलिस की अपील कोरबापुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि—

किसी भी प्रकार की नशीली दवाओं/गांजा का सेवन या उसका अवैध व्यापार क़ानूनन अपराध है।

ऐसे कृत्य से न केवल सामाजिक वातावरण खराब होता है बल्कि युवाओं का भविष्य भी बर्बाद होता है।

आमजन यदि अपने आस-पास किसी भी प्रकार की नशे से जुड़ी गतिविधि देखते हैं तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

*मॉडिफाई साइलेंसर लगाने वाले 69 वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वैधानिक कार्यवाही।*

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सड़क सुरक्षा अभियान के तहत कोरबा पुलिस की कार्यवाही।

कोरबा – पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीतिश ठाकुर , नगर पुलिस अधीक्षकगण के मार्गदर्शन में जिले में वर्तमान व आगामी त्यौहारों के दौरान कानून – शांति व्यवस्था बनाए रखने, असामाजिक तत्वों के विरुद्ध लगातार अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है।

इसी क्रम में दिनांक 15.08.2025 से 29.08.2025 तक जिले के विभिन्न थाना-चौकी एवं यातायात पुलिस द्वारा मॉडिफाई साइलेंसर लगाने वाले वाहन चालकों पर विशेष अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के दौरान 69 वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वैधानिक कार्यवाही कर न्यायालय भी पेश किया गया जहां न्यायालय द्वारा 15000 / — रुपए तक जुर्माना लगाया गया है । जिसमें प्रमुखतह थाना सिविल लाइन द्वारा 10 , थाना दीपका 10 , यातायात पुलिस जिला कोरबा 14 , पुलिस सहायता केंद्र मानिकपुर थाना 10 , कोतवाली 07 की कार्यवाही शामिल है।

यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी , ताकि शहर की सार्वजनिक शांति, यातायात व्यवस्था एवं नागरिकों की सुविधा बनी रहे।

कोरबा पुलिस की अपील

सभी नागरिकों से अनुरोध है कि—

1. वाहन में अनाधिकृत परिवर्तन (जैसे मॉडिफाई साइलेंसर) न करें।
2. वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट / सीट बेल्ट का प्रयोग करें।
3. तेज गति, ओवरटेकिंग एवं लापरवाह ड्राइविंग से बचें।
4. नशे की हालत में वाहन न चलाएँ।
5. सड़क पर मोबाइल फोन का उपयोग न करें।
6. यातायात संकेतों एवं पुलिस कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।

 

*शिक्षा में मेंटरशिप सामाजिक न्याय और समान अवसर का मजबूत आधार: वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी*

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*शिक्षा में मेंटरशिप सामाजिक न्याय और समान अवसर का मजबूत आधार: वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी*

*ड्रॉपआउट दर घटाने और युवाओं को कौशल से जोड़ने पर रायपुर में नीति आयोग की राष्ट्रीय कार्यशालाआयोजित*

रायपुर, /नीति आयोग ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में Fostering Mentorship in Education: A Pathway to Equity विषय पर राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की भावना को मूर्त रूप देते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक न्यायपूर्ण और समावेशी बनाने में मेंटरशिप की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श कर राष्ट्रीय फ्रेमवर्क बनाना है। विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और हितधारकों ने शिक्षा में समानता लाने, ड्रॉपआउट दर घटाने और युवाओं को अवसरों से जोड़ने के लिए अपने अनुभव साझा किए।

*मेंटॉरशिप युवाओं को सशक्त करने की कुंजी है”: श्री ओ. पी. चौधरी*
विशेष अतिथि के रूप में वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि शिक्षा में समानता और सशक्तिकरण की दिशा में मेंटरशिप की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने बताया कि यह कार्यशाला स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर केंद्रित है। यह साझा राष्ट्रीय ढांचा तैयार करने का अवसर है, जो विकसित भारत के सपने को साकार करने में मदद करेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनसांख्यिकीय ताकत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश की औसत आयु 28 वर्ष है, जबकि छत्तीसगढ़ की औसत आयु मात्र 24 वर्ष है। यह हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, हमें युवाओं को अर्थव्यवस्था से जोड़ना होगा, ताकि वे विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान दे सकें।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए कहा कि मैंने गांव के सरकारी स्कूल में 10वीं और 12वीं तक पढ़ाई की, जहां बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं। 17 वर्षों की औपचारिक शिक्षा के बाद भी अनेक युवाओं को यह स्पष्ट नहीं होता कि जीवन में आगे क्या करना है। कैरियर गाइडेंस और मेंटरशिप इस कमी को दूर कर सकती है। उन्होंने स्थानीय भाषा और संस्कृति आधारित शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्र के बच्चों के जीवन का जुड़ाव जंगलों और झरनों से है। उन्हें इसी के अनुरूप अक्षर ज्ञान देना चाहिए। एनईपी 2020 का स्थानीय बोलियों पर फोकस सही दिशा है।

वित्त मंत्री ने सरकारी स्कूलों की चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि समुदाय की भागीदारी घट रही है, हमें नवोदय विद्यालय जैसे मॉडल अपनाने होंगे। नीति आयोग को देशभर की इनोवेटिव प्रैक्टिस को साझा प्लेटफॉर्म पर लाना चाहिए, ताकि शिक्षा में समानता सुनिश्चित की जा सके।

*हर बच्चे को मेंटरशिप मिलना उसका अधिकार है: डॉ. वी. के. पॉल*
नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. पॉल ने कहा कि शिक्षा मानव पूंजी निर्माण का आधार है और हर बच्चे को समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ड्रॉपआउट दरों को साझा करते हुए बताया कि प्राथमिक स्कूलों में 93 प्रतिशत नामांकन है, लेकिन अपर प्राइमरी में तीन प्रतिशत बच्चे छूट जाते हैं। सेकेंडरी स्तर पर केवल 56 प्रतिशत और 12वीं कक्षा तक मात्र 23 प्रतिशत छात्र ही पहुंचते हैं। 2019 से 2023 तक केंद्रीय विश्वविद्यालयों से 15,000 ओबीसी, एससी, एसटी छात्रों ने पढ़ाई छोड़ी, जबकि आईआईटी और आईआईएम से 4,000 से अधिक छात्र बाहर हुए। यह व्यक्तिगत ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय क्षति भी है।
डॉ. पॉल ने कहा कि मेंटरशिप से छात्रों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन, आत्मविश्वास और जीवन कौशल मिलते हैं। हमें शिक्षकों का माइंडसेट बदलना होगा, छात्रों को सशक्त बनाना होगा और तकनीक के माध्यम से सीधी पहुँच सुनिश्चित करनी होगी। विषाक्त वातावरण और नशे जैसी समस्याएं ड्रॉपआउट को बढ़ाती हैं। हर बच्चे को ज्ञान और आत्मविश्वास से लैस होकर चुनौतियों का सामना करने का अवसर मिलना चाहिए, यह उसका मानवाधिकार है। उन्होंने कहा कि हमारा देश मानव-केंद्रित दर्शन से समृद्ध है। हमें ऐसा सिस्टम बनाना होगा, जिसमें हर बच्चे को मेंटरशिप मिले, हमें एनईपी 2020 यही रास्ता दिखाती है।

कार्यशाला में योजना विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, नीति आयोग के संयुक्त सचिव श्री के. एस. रेजिमोन, नीति आयोग के फेलो डॉ. आई. वी. सुब्बा राव, आईएएस (सेवानिवृत्त), राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा तथा नीति आयोग के उप सचिव श्री अरविंद कुमार, सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

*जनता का बढ़ा भरोसा : इंडिया टुडे–MOTN सर्वे में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को गृह राज्य में 41.9% जनता का विश्वास, बड़े राज्यों में दूसरा स्थान*

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*फरवरी 2025 की तुलना में 2.9% की बढ़ोतरी : सुशासन तिहार और विकास योजनाओं ने मुख्यमंत्री साय को दिलाया सर्वे में ऊँचा स्थान*

*मुख्यमंत्री श्री साय की ईमानदार और सौम्य छवि, त्वरित निर्णय क्षमता और जनता से सीधा जुड़ाव बने सफलता के आधार*

रायपुर, / इंडिया टुडे–C Voter के Mood of the Nation (MOTN) Survey में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कामकाज को लेकर जनता का भरोसा लगातार बढ़ता दिख रहा है। अगस्त 2025 के सर्वेक्षण में उनके गृह राज्य के 41.9 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने उनके कार्य को संतोषजनक बताया है, जो फरवरी 2025 के 39 प्रतिशत से बढ़कर दर्ज हुआ है। यानी महज़ छह महीनों में मुख्यमंत्री के प्रति जनता की संतुष्टि में 2.9 प्रतिशत अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि बड़े राज्यों की श्रेणी में उन्हें दूसरे स्थान पर स्थापित करती है।

उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर का व्यापक भ्रमण करते हुए आमजन की समस्याओं को सीधे सुना और शिकायत निवारण समाधान शिविरों के माध्यम से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की। इस पहल से शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को जमीनी स्तर पर नई गति मिली। साथ ही निचले प्रशासनिक तंत्र की कमियाँ उजागर हुईं, जिन्हें तत्परता से दूर किया गया। मुख्यमंत्री की यह संवेदनशील और सक्रिय कार्यशैली जनता को निकटता से महसूस हुई, जिससे उनके प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री सचिवालय की टीम ने विभागों और जिला कलेक्टरों की कार्यप्रणाली की सतत मॉनिटरिंग करते हुए योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। ई-ऑफिस प्रणाली के क्रियान्वयन से फाइलों के निराकरण में गति आई, वहीं भ्रष्टाचार पर प्रहार और प्रशासनिक सुधारों ने शासन की कार्यक्षमता को नई ऊर्जा दी। केंद्र सरकार की मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों का पूरा होना, विशेषकर प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन और कृषक उन्नति योजना जैसे कार्यक्रमों ने गरीबों, महिलाओं और किसानों के बीच भरोसे और संतोष की भावना को और गहरा किया। भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, युवाओं के लिए रोजगार सृजन तथा निवेश और व्यापार-व्यवसाय के नए अवसरों ने प्रदेश में नई आशा और उत्साह का संचार किया।

मुख्यमंत्री श्री साय की सरल, सौम्य और ईमानदार छवि, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता ने उन्हें जनता के बीच अलग पहचान दिलाई है। विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे सुधारों ने शासन के प्रति लोगों के विश्वास को मजबूत किया है और उन्हें ‘बेहतर प्रदर्शन करने वाले मुख्यमंत्री’ के रूप में स्थापित किया है।

सर्वेक्षण के परिणाम यह संकेत देते हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाएँ और कार्यक्रम जनता तक सही तरीके से पहुँच रहे हैं। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण, किसानों को राहत पहुँचाने वाली कृषि योजनाएँ, युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास कार्यक्रम तथा गरीब परिवारों के लिए संचालित कल्याणकारी उपायों ने जनता की संतुष्टि को मज़बूती प्रदान की है।

इसी अवधि में मुख्यमंत्री का जापान और दक्षिण कोरिया का निवेशक दौरा भी महत्वपूर्ण साबित हुआ है। वहां आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से हुई सार्थक चर्चाओं ने प्रदेश को वैश्विक निवेश के नक्शे पर अग्रणी स्थान दिलाने की नींव रखी है। खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स और औद्योगिक सहयोग की दिशा में हुए समझौते जनता के भविष्य में विश्वास और आशा को और मजबूत करते हैं।

बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में भी सरकार ने निर्णायक कदम उठाए हैं। सड़कों, पुलों, सिंचाई और बिजली की परियोजनाओं को गति देने के साथ ही रेलवे और उद्योग आधारित ढाँचागत विकास को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री स्वयं जिलों का नियमित भ्रमण कर स्थानीय जरूरतों और चुनौतियों को समझते हैं और प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हैं। इससे आम नागरिकों को सीधे शासन से जुड़ाव का अनुभव हो रहा है।

रजत जयंती वर्ष में आयोजित रजत जयंती महोत्सव, तीजा-पोरा महोत्सव और स्वच्छता संगम जैसे सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों में मुख्यमंत्री की सक्रिय भागीदारी ने जनता के साथ भावनात्मक जुड़ाव को और गहरा किया है। इन आयोजनों ने यह संदेश दिया है कि सरकार केवल नीतियों और योजनाओं तक सीमित नहीं है बल्कि संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों को भी समान महत्त्व देती है।

Mood of the Nation Survey में दर्ज आंकड़े यह भी स्पष्ट करते हैं कि छत्तीसगढ़ के लोग मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व को विकास और स्थिरता की गारंटी मान रहे हैं। 41.9 प्रतिशत संतुष्टि दर का अर्थ है कि हर दो में से एक नागरिक राज्य सरकार के कामकाज से संतुष्ट है। बड़े राज्यों में दूसरा स्थान इस बात की पुष्टि करता है कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय पटल पर एक मजबूत और उभरते हुए राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह उपलब्धि जनता के विश्वास और सहयोग का परिणाम है। उन्होंने राज्य के किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी आकांक्षाओं और सपनों को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करती रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ विकास और सुशासन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

उल्लखेनीय है कि जनता के विश्वास और सर्वेक्षण के नतीजे छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में संकेत करते हैं। यह परिणाम न केवल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व की पुष्टि है बल्कि पूरे प्रदेश के लिए आशा और प्रेरणा का संदेश भी है। छत्तीसगढ़ आज आत्मविश्वास और नए संकल्पों के साथ विकास के मार्ग पर अग्रसर है और जनता का यह समर्थन उस यात्रा को और अधिक मजबूत बना रहा है।

*Rising Public Trust: CM Vishnu Deo Sai Secures 41.9% Approval in India Today–MOTN Survey, Ranks Second Among Large States*

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*2.9% surge since February 2025; Sushasan Tihar and welfare schemes credited for higher ratings*

*Honest and affable image, swift decision-making, and direct connect with people cited as key factors*

Raipur,  – Public trust in Chhattisgarh Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai continues to climb, as reflected in the latest Mood of the Nation (MOTN) Survey conducted by India Today–C Voter. In the August 2025 survey, 41.9% of respondents in his home state rated his performance as satisfactory, up from 39% in February 2025. This marks a significant 2.9 percentage point rise in just six months, placing him second among chief ministers of large states.

During the Sushasan Tihar (Good Governance Festival), CM Sai travelled extensively across the state, directly hearing people’s grievances and ensuring quick redressal through grievance-redressal camps. These initiatives not only gave fresh momentum to the implementation of government schemes at the grassroots but also exposed shortcomings in the lower administrative machinery, which were promptly addressed. His sensitive and hands-on style of governance was felt closely by citizens, deepening their trust in his leadership.

The Chief Minister’s Secretariat simultaneously intensified monitoring of departments and district collectors, emphasising time-bound execution of schemes. The roll-out of the e-Office system expedited file clearances, while anti-corruption drives and administrative reforms infused new energy into governance. Fulfilment of most of the Centre’s “Modi Ki Guarantee” commitments—especially Pradhan Mantri Awas Yojana, Mahatari Vandan, and Krishak Unnati Yojana—further strengthened the sense of confidence and satisfaction among the poor, women, and farmers. Transparent recruitment processes, job creation for youth, and new opportunities for investment and business injected fresh optimism across the state.

CM Sai’s simple, affable, and honest persona, combined with his ability to take quick decisions, has set him apart in the public eye. Reforms in multiple sectors have consolidated public faith in governance and positioned him as one of the “better performing chief ministers” in the country.

The survey results underline that Chhattisgarh’s welfare programmes are reaching the people effectively. Initiatives such as the Mahatari Vandan scheme empowering women economically, agriculture schemes providing relief to farmers, skill development and employment programmes for the youth, and welfare measures for poor families have significantly contributed to public satisfaction.

This period also witnessed CM Sai’s high-profile investment promotion tours to Japan and South Korea. The Chhattisgarh Investor Connect programme and substantive engagements with international companies laid the foundation for the state’s emergence on the global investment map. Agreements in food processing, electronics, and industrial collaboration are seen as strengthening public confidence in a prosperous future.

Infrastructure development has also been given decisive momentum. Projects in roads, bridges, irrigation, and power have been fast-tracked, while railway and industry-linked infrastructure has been prioritised. The Chief Minister personally visits districts, assessing local needs and challenges and directing immediate administrative action—ensuring citizens feel directly connected with governance.

In the Silver Jubilee year of statehood, cultural and social events such as the Rajat Jayanti Mahotsav, Teeja-Pora Mahotsav, and Swachhata Sangam witnessed CM Sai’s active participation, deepening his emotional connect with the people. These events signalled that the government values not only policies and schemes but also culture, tradition, and social ethos.

The MOTN survey also highlights that people of Chhattisgarh view CM Sai’s leadership as a guarantee of development and stability. With a 41.9% satisfaction rate—virtually one in two citizens—and a second-place ranking among large states, Chhattisgarh is emerging as a strong and rising presence on the national stage.

Reacting to the survey, CM Sai said the achievement was a result of people’s trust and cooperation. He assured farmers, workers, women, and youth that the government would continue to work with full dedication and honesty to fulfil their aspirations and dreams. He expressed confidence that Chhattisgarh would set new benchmarks in development and good governance in the coming times.

The growing trust of citizens and the survey results signal a bright future for Chhattisgarh. They reaffirm not only CM Vishnu Deo Sai’s leadership but also inspire hope and confidence for the state as a whole. With renewed determination and self-belief, Chhattisgarh is advancing on the path of development—fortified by the people’s unwavering support.

*CM Vishnu Deo Sai Invites South Korea’s ModernTech Corp. and UNECORAIL to Invest in Chhattisgarh*

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*EV charging manufacturing, railway infrastructure, and technology transfer to accelerate state’s clean energy and logistics capacity*

Raipur,  – During his visit to South Korea, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai extended an invitation to ModernTech Corp., a leading green mobility solutions company, and UNECORAIL, a major Korean rail maintenance solutions provider, to invest and collaborate in Chhattisgarh. The Chief Minister said the state government’s priority is to promote clean energy, build sustainable transport infrastructure, and strengthen the railway network. He expressed confidence that partnerships with these two companies would give fresh impetus to Chhattisgarh’s clean energy journey and logistics backbone.

CM Vishnu Deo Sai invited ModernTech Corp. to set up an advanced EV charging manufacturing unit in the state, proposing that the project would bring Chhattisgarh recognition in the fields of clean energy and sustainable transport infrastructure.

Highlighting the alignment of the state’s Industrial Policy 2024–30 with green energy promotion and carbon reduction goals, the Chief Minister said:
“Setting up an EV charging manufacturing unit in Chhattisgarh will not only boost clean energy targets but also provide citizens with better and modern transport infrastructure. This initiative will prove to be a major step towards gifting future generations a clean environment.”

He underlined that the investment would generate large-scale employment for local youth, foster green technology skill development, and accelerate the growth of sustainable transport networks across rural and urban areas. CM Sai expressed confidence that ModernTech Corp.’s experience and expertise would significantly advance Chhattisgarh’s energy transition journey.

Officials present at the programme informed that the proposed project would generate thousands of direct and indirect jobs while boosting local component manufacturing units. This, they said, would establish Chhattisgarh as an emerging national hub in the field of green energy.

CM Sai assured representatives of ModernTech Corp. that the state government would extend all possible support to investors. “Processes have been simplified and made transparent so that investors can implement their projects swiftly and without hurdles,” he said.

During his South Korea visit, CM Sai also met Mr. Dong Pil Park, CEO of UNECORAIL, the country’s leading rail maintenance solutions company.

In the meeting, detailed discussions were held on opportunities for local manufacturing, technology transfer, and railway infrastructure development. The Chief Minister said that, given Chhattisgarh’s rapidly growing industrial and logistics requirements, advanced solutions in the railway sector were of utmost importance.

CM Sai expressed confidence that UNECORAIL’s expertise would help strengthen the railway network, improve maintenance systems, and reinforce the state’s logistics backbone. He added that this would not only accelerate industrial activity but also provide safe and convenient transportation for the public.

The Chief Minister emphasised that the government is making clean energy and sustainable development central to its policy framework, keeping in mind the aspirations of the people of Chhattisgarh. He urged all investors to become development partners of the state and join its transformative journey to take Chhattisgarh to new heights.

*प्रदेश में रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध*

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*प्रदेश में रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध*

*किसानों को नैनो खाद के उपयोग के लिए किया जा रहा है जागरूक*

*राज्य के लिए निर्धारित 14.62 लाख मीट्रिक टन के विरूद्ध 13.19 लाख मीट्रिक टन खाद वितरित*

*चालू खरीफ सीजन के लिए 7.12 लाख मीट्रिक टन यूरिया के विरूद्ध 6.39 लाख मीट्रिक टन यूरिया का वितरण*

*5.30 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का भंडारण कर किसानों को 4.18 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का किया गया वितरण*

रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं रासायनिक उर्वरक की लागत में कमी लाने तथा डीएपी खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा 14.62 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरूद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के विरूद्ध किसानों को 13.19 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया है। समितियों एवं निजी क्षेत्रों में भी यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भी उत्साह पूर्वक नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 25 अगस्त की स्थिति में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है, जबकि पिछले खरीफ सीजन वर्ष 2024 में 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था।

इसी तरह नैनो यूरिया का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 बॉटल (500 मि.ली.) एवं निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल भंडारण किया गया है। वहीं नैनो डीएपी का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 बॉटल तथा निजी क्षेत्र में 79 हजार 810 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध नैनो यूरिया किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल और नैनो डीएपी 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) वितरित किया जा चुका है।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो यूरिया का वितरण किया गया है जिससे 2 हजार 617 मीट्रिक टन परंपरागत यूरिया की आपूर्ति के बराबर प्रभाव पड़ा। वहीं 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो डीएपी का वितरण किया गया जो 4 हजार 628 मीट्रिक टन परंपरागत डीएपी के बराबर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नैनो उर्वरको का उपयोग परंपरागत उर्वरक भार को कम करने और आपूर्ति में संतुलन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि नैनो यूरिया उपयोग से 80 से 90 प्रतिशत पोषक तत्व प्राप्त होता है इसके साथ ही लागत मंे भी कमी आती हैं वहीं साथ ही पर्यावरण के अनुकूल होते है तथा प्रदूषण स्तर को घटाता है। नैनो यूरिया के उपयोग से परिवहन और भंडारण पर बचत होती है तथा पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर कृषि चौपालों एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो उर्वरक से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी द्वारा लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं।