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*प्राची अवस्थी के मार्गदर्शन में खनिज विभाग की टीम द्वारा विगत दो दिनों में अवैध भंडारण व परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई*

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*कलेक्टर महोदय के निर्देशन एवं उपसंचालक श्रीमती *प्राची अवस्थी के मार्गदर्शन में खनिज विभाग की टीम द्वारा विगत दो दिनों में अवैध भंडारण व परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई*


रायपुर:- पिरदा खनिज नाका के पीछे ग्राम सकरी में अवैध रेत भंडारण पर कार्यवाही की गई जिसमे बिना अनुमति के भंडारण कर रखे रेत व चुना पत्थर को जप्त किया गया है मौके पर स्थापित व संलिप्त डामर मिक्स प्लांट को सील बंद किया गया,
छापामार कार्यवाही के दौरान अवैध परिवहन करते 04 वाहनो को जप्त कर पुलिस थाना मंदिर हसौद रखा गया है ।
दिनांक 21.12.25 को खरोरा पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत में अवैध परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत टीम ने खनिज अधिनियम 1957 के तहत कार्रवाई की है। कल 4 वाहनों और आज 6 वाहनों को अवैध खनन परिवहन के दौरान जप्त किया गया है। वाहनो में खनिज रेत,चूनापत्थर तथा ईट का अवैध परिवहन किया जा रहा था

*जप्त वाहनों की जानकारी:*

– *कल जब्त वाहन (4):*
1.CG04HL5317
2.CG04PC3954
3.CG04QA8300
4.CG04CZ9013
– *आज जब्त वाहन (6)
1.CG09JQ6107
2.CG04NX7764
3.CG04NG5003
4.CG04NT1148
5.CG04PV6014
6.CG04PB7780

*अवैध भंडारण/ परिवहन के खिलाफ कार्रवाई:*

खनि अधिकारी हेमंत चेरपा, एएमओ उमेश भार्गव और टीम ने अवैध खनन परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अवैध खनन परिवहन की सूचना खनिज विभाग को दें और इस तरह की गतिविधियों को रोकने में सहयोग करें।

*महाविद्यालय में जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत विषय पर कार्यक्रम आयोजित*

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महाविद्यालय में जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत विषय पर कार्यक्रम आयोजित


लोरमी,,,,राजीव गांधी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय लोरमी मे उच्च विभाग छत्तीसगढ़ शासन रायपुर तथा अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर के निर्देशानुसार जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत ( सामाजिक एवं सांस्कृतिक ) विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया इस संदर्भ में डॉ नरेंद्र सलूजा ने बताया कि इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राजकुमार कश्यप शिक्षक व सामाजिक कार्यकर्ता ,शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सेमरसल, विशिष्ट अतिथि नरेंद्र ध्रुव सरपंच ग्राम पंचायत मसना व जनजाति कार्य प्रमुख लोरमी तथा जितेंद्र सिंह श्री राम कंप्यूटर इंस्टिट्यूट संचालक सामाजिक कार्यकर्ता की गरिमामई उपस्थिति रही ।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ एन के ध्रुवे ने की ।कार्यक्रम के संयोजक डॉ एच एस राज एवं सह संयोजक प्रो निधि सिंह थे।कार्यक्रम के आरम्भ में राष्ट्रगान ,राजकीय गीत सरस्वती वंदना भानु ,तुलसी पूर्णिमा जायसवाल ,के द्वारा प्रस्तुत किया गया । स्वागत भाषण में प्राचार्य डॉ ध्रुवे ने कहा कि भारत का जनजातीय समाज का एक गौरवशाली और समृद्ध अतीत रहा है, जो भारतीय इतिहास, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम का एक अभिन्न अंग है। उनका इतिहास मुख्यधारा के इतिहास से कहीं पुराना है, जिसमें उनके अद्वितीय जीवनशैली, प्रकृति के साथ सहजीवन और देश के प्रति बलिदान की गाथाएं शामिल हैं। मुख्य अतिथि राजकुमार कश्यप ने कहा कि बिरसा मुंडा एक भारतीय आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और लोक नायक थे, जिन्हें ‘धरती आबा’ (पृथ्वी के पिता) के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने 19वीं सदी के अंत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ मुंडा समुदाय का नेतृत्व किया और भूमि अधिकारों, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक न्याय के लिए ‘उलगुलान’ (विद्रोह) का नेतृत्व किया। विशिष्ट अतिथि नरेंद्र ध्रुव ने छत्तीसगढ़ी भाषा में संबोधित करते हुए कहा कि जनजाति की अपनी अनूठी भाषा, रीति-रिवाज और लोक परंपराएं होती हैं। ये वाचिक परंपराओं के माध्यम से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हस्तांतरित होती हैं। जितेंद्र सिंह ने कहा कि जनजातियाँ हमेशा प्रकृति के करीब रही हैं और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वे वनोपज संग्रहण, शिकार और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के माध्यम से अपनी आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत प्रिया,तुलसी,एवं सीमा के ग्रुप के द्वारा मनमोहक नृत्य लोकगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन डॉ एच एस राज ने तथा कार्यक्रम का संचालन प्रो अमित निषाद एवं डॉ गंगा गुप्ता के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के डॉ.एस.के.जांगड़े,पी.पी.लाठिया, डॉ.नरेन्द्र सलूजा, डॉ.आर.एस.साहू, प्रो.निधि सिंह, डॉ.अर्चना भास्कर, प्रो.नितेश गढ़ेवाल, प्रो.विवेक साहू, प्रो.महेन्द्र पात्रे, प्रो.हेमा टंडन, प्रो. देवेंद्र जायसवाल, आर.के.श्रीवास्तव, एन.आर.जायसवाल, पुर्नेश जायसवाल, गंगाराम जायसवाल, श्रीमती सुषमा उपाध्याय, डॉ.गंगा गुप्ता, प्रो.अमित निषाद, प्रो.मनीष कश्यप प्रो.श्रेया श्रीवास्तव, प्रो.सुषमा डहरिया, प्रो.गुरुदेव निषाद, प्रतापभानु शर्मा, भागबली जायसवाल, अविनाश साहू सोनू यादव, मुकेश यादव, उमाशंकर राजपूत, जितेन्द्र दूबे, नरेन्द्र ध्रुव, भारत ध्रुव, सुबुद्धि यादव आदि उपस्थित थे।

*,,, महाविद्यालय के आठ विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय की मेरिट सूची मे स्थान,,,,*

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*,,, महाविद्यालय के आठ विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय की मेरिट सूची मे स्थान,,,,*


लोरमी,,,,, राजीव गाँधी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय लोरमी के आठ विद्यार्थियों का चयन अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर की मेरिट सूची मे हुआ हैँ..इस संदर्भ मे डॉ नरेन्द्र सलूजा ने बताया हैँ कि अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर के द्वारा शिक्षा सत्र 2023,,24 की मेरिट सूची जारी की गईं हैँ जिसमे एम ए हिन्दी के अक्षत शर्मा आत्माज स्वर्गीय श्री दिनेश शर्मा को तृतीय तथा किरण साहू आत्मज़ा श्री लोमश साहू को नवम स्थान, एम ए इतिहास की दुर्गा बंजारे आत्मजा श्री कुंवारु बंजारे को चतुर्थ स्थान प्राप्त हुआ हैँ. इसके अलावा स्वाध्यायी परीक्षार्थियों में एम ए हिंदी से आशीष साहू को द्वितीय,भानु को षष्ठम तथा खेमकुमारी को दशम स्थान एवं एम ए इतिहास से निहारिका कुलमित्र को सप्तम स्थान तथा पल्लवी कुमारी जायसवाल को नवम स्थान प्राप्त हुआ हैं।इस सभी विद्यार्थियों को अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर में 4 दिसंबर 2025 को आयोजित छठवें दीक्षांत समारोह में भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के द्वारा उपाधि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा । मेरिट सूची के स्थान प्राप्त करने पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.एन.के.धुर्वे, डॉ.एस.के.जांगड़े, डॉ.एच.एस.राज, पी.पी.लाठिया, डॉ.नरेन्द्र सलूजा, डॉ.आर.एस.साहू, प्रो.निधि सिंह, डॉ.अर्चना भास्कर, प्रो.नितेश गढ़ेवाल, प्रो.विवेक साहू, प्रो.महेन्द्र पात्रे, प्रो.हेमा टंडन, प्रो. देवेंद्र जायसवाल, आर.के.श्रीवास्तव, एन.आर.जायसवाल, पुर्नेश जायसवाल, गंगाराम जायसवाल, श्रीमती सुषमा उपाध्याय, डॉ.गंगा गुप्ता, प्रो.अमित निषाद, प्रो.मनीष कश्यप प्रो.श्रेया श्रीवास्तव, प्रो.सुषमा डहरिया, प्रो.गुरुदेव निषाद, प्रतापभानु शर्मा, भागबली जायसवाल, अविनाश साहू सोनू यादव, मुकेश यादव, उमाशंकर राजपूत, जितेन्द्र दूबे, नरेन्द्र ध्रुव, भारत ध्रुव, सुबुद्धि यादव ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी हैं

*फेसबुक ऐड के माध्यम से खुद को आर्मी जवान बताकर कम मूल्य में स्कॉर्पियो बिक्री एवं शेयर ट्रेडिंग में अधिक लाभांश देने के बहाने धोखाधड़ी करने वाले 2 आरोपी ओडिसा से गिरफ्तार*

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#फेसबुक ऐड के माध्यम से खुद को आर्मी जवान बताकर कम मूल्य में स्कॉर्पियो बिक्री एवं शेयर ट्रेडिंग में अधिक लाभांश देने के बहाने धोखाधड़ी करने में संलिप्त 2 आरोपी ओडिसा से गिरफ्तार
#आरोपियों से जप्त बैंक खाता एवं मोबाइल नंबर में अलग अलग 15 राज्यों के कुल 38 पुलिस थानों/साइबर सेल में रिपोर्ट एवं FIR दर्ज है

रायपुर:-पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज श्री अमरेश मिश्रा के द्वारा रेंज साइबर थाना रायपुर को प्रत्येक साइबर अपराधों में तकनीकी साक्ष्य का विश्लेषण कर मुख्य आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी करने एवं ठगी की रकम होल्ड जप्त करने के संबंध में निर्देश दिया गया है।*
निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुए रेंज साइबर थाना रायपुर द्वारा साइबर अपराधों की विवेचना क्रम में संलिप्त सभी आरोपियों की पहचान कर आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम ओडिसा भेजी गई थी। प्रार्थियों को कॉल करने में शामिल आरोपी अजय हो एवं धोखाधड़ी की रकम को इधर उधर करने में शामिल आरोपी चिन्मय राउत को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों द्वारा धोखाधड़ी में प्रयुक्त बैंक खाता एवं मोबाइल नंबर के विरुद्ध छत्तीसगढ़ के अलावा असम, केरल, कर्नाटक, पंजाब, उत्तरप्रदेश, तेलंगाना, बिहार, दिल्ली, गुजरात, जम्मूकश्मीर, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडृ, पश्चिम बंगाल में रिपोर्ट दर्ज है।
*केश 1* प्रार्थी भोलेश्वर शोरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि फेसबुक में स्कॉर्पियो बिक्री का ऐड देखकर दिए गए नंबर पर संपर्क किया तब अज्ञात मोबाइल नंबर धारक ने खुद को आर्मी का जवान बताकर कम मूल्य पर स्कॉर्पियो बिक्री करने की बात बताकर प्रार्थी से 9.5 लाख रुपए लेकर स्कॉर्पियो नहीं देकर धोखाधड़ी कर ली। रिपोर्ट पर थाना देवभोग में अपराध क्रमांक 105/23 धारा 420 भादवी, 66(D) आईटी एक्ट पंजीकृत किया गया था। प्रकरण में आरोपी अजय हो को गिरफ्तार किया गया है।

*केश 2* प्रार्थी विरल पटेल ने रिपोर्ट दर्ज कराई की ask investment manager limited के संचालनकर्ता ने (शेयर ट्रेडिंग) में अधिक लाभांश दिलाने के नाम से 40 लाख रुपए इनवेस्ट करवाकर रकम वापस नहीं कर धोखाधड़ी कर ली। रिपोर्ट पर थाना खमारडीह में अपराध क्रमांक 92/25 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस पंजीकृत किया गया। प्रकरण में चिन्मय राउत को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।
*गिरफ्तार आरोपी*
1 अजय हो पिता श्रीधर हो उम्र 37 वर्ष पता पोड़ासिगड़ी सुंदरपाल जिला केऊंझर ओडिशा

2 चिन्मय राउत पिता अतुल राउत उम्र 30 वर्ष पता मौजा छितरी 398, गोर्वधनपुर, टोमका, जाजपुर ओडिशा

*पंडरिया स्वास्थ्य केंद्र में पूर्व बीएमओ पर लाखों के गबन का आरोप*

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पंडरिया स्वास्थ्य केंद्र में पूर्व बीएमओ पर लाखों के गबन का आरोप

0.शासन से निष्पक्ष जांच की मांग तेज।

हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़।

ब्यूरो रायपुर/ कवर्धा/पंडरिया — सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरिया में पदस्थ रहे पूर्व बीएमओ डॉ. स्वप्निल तिवारी पर सरकारी धन के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं जीवनदीप समिति एनएचएम तथा अन्य स्वास्थ्य मदों में की गई खर्चों की जांच होने पर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शिकायतें बार-बार देने के बावजूद अब तक कार्रवाई न होना कई सवाल खड़ा करता है।

*जीवनदीप समिति की बैठक बगैर लाखों का व्यय*

सूत्रों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2023-24 में डॉ. तिवारी ने जीवनदीप समिति की बैठक आयोजित किए बिना ही भारी-भरकम खर्चों को स्वीकृत किया दो वर्षों में मात्र एक बैठक 24 मई 2023 को आयोजित हुई वह भी वित्तीय वर्ष समाप्ति के बाद आरोप है कि बिना अनुमोदन विद्युत मद में ₹1.5 लाख, दवाइयों/उपकरणों में ₹2 लाख, वाहन मरम्मत में ₹1 लाख तथा अस्पताल मरम्मत में ₹1.5 लाख का व्यय दिखाया गया। इन सभी कार्यों में CGMSC से अनिवार्य अनुमति आवश्यक होती है।

*वित्तीय सीमा से अधिक खर्च, फर्जी बिलों का खेल*

नियमों के अनुसार बीएमओ केवल ₹50,000 तक ही व्यय स्वीकृत कर सकते हैं लेकिन डॉ. तिवारी ने कथित रूप से इस सीमा को कई गुना पार करते हुए लाखों रुपये के भुगतान किए कई फर्जी बिलों के जरिये भुगतान कराए जाने का आरोप है जिनका कोई भौतिक रिकॉर्ड नहीं मिला। राजनीतिक संरक्षण के कारण शिकायतों पर कार्रवाई न होने की बात भी सामने आई है।

*चहेते दुकान संचालक को अनुचित लाभ*

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अस्पताल परिसर के बाहर स्थित मुकुंद कैंटीन को अनुचित लाभ पहुंचाया गया चाय–नाश्ते के नाम पर केवल चार महीनों में ₹2.5 लाख से अधिक का भुगतान किया गया एक दिन में “900 लोगों के प्रशिक्षण” पर ₹99,000 तथा “600 मितानिनियों” के प्रशिक्षण हेतु ₹30,000 बिल लगाए गए जबकि उपस्थिति का कोई रिकॉर्ड नहीं पाया गया जनवरी–फरवरी 2023 में एक–एक दिन के भीतर हजारों रुपये के अलग-अलग बिल लगाकर भुगतान किया गया।

*पूर्व में भी विवादों में रहे डॉ. तिवारी*

डॉ. तिवारी पर पहले भी कवर्धा जिला चिकित्सालय में फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र जारी करने के आरोप लग चुके हैं और उस मामले की जांच अभी तक लंबित है पंडरिया में रहते हुए मरीजों और कर्मचारियों से दुर्व्यवहार की शिकायतें भी सामने आई थीं।

*नागरिकों की निष्पक्ष जांच और एफआईआर की मांग*

स्थानीय सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों ने शासन से व्यापक जांच कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है लोगों का कहना है कि कार्रवाई न होना प्रशासन की जवाबदेही पर प्रश्नचिन्ह है।

*आरटीआई का जवाब न मिलने पर बढ़ी शंका*

शिकायतकर्ता हिमांशु सिंह ठाकुर ने बताया कि इस प्रकरण में भ्रष्टाचार में लिप्त पूर्व बीएमओ स्वप्निल तिवारी अधिकारी द्वारा अन्य भ्रष्टाचार की जानकारी हेतु दायर सूचना का अधिकार का जवाब अब तक नहीं दिया गया उनकी उच्च अधिकारियों से कई बार शिकायत के बावजूद संबंधित अधिकारी जानकारी उपलब्ध नहीं करा रहे उन्होंने उच्चधिकारियों तक कई बार अपील की है लेकिन जवाब नहीं दिया जा रहा है जिससे उच्च अधिकारियों की मिलीभगत की भी आशंका और गहरी हो गई है।

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*Janjatiya Gaurav Divas – Tribal Pride Day Celebrations 2025*

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*Janjatiya Gaurav Divas – Tribal Pride Day Celebrations 2025*

*President Smt. Droupadi Murmu attends the programme held in Surguja district as the chief guest.*

*The President toured the exhibition, inspecting stalls that showcasing tribal culture and crafts*.

*She also offered prayers to the deities in the models of the traditional Akhara and Devgudi.*

*Kalinder Ram presented the President with a Pairi and a Gamchha*

Raipur,  -On the occasion of Janjatiya Gaurav Divas -Tribal Pride Day President Mrs Droupadi Murmu attended the programme organised on Thursday at the PG College Ground in Surguja district as the chief guest.

Chhattisgarh Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai and other dignitaries accompanied President Smt. Murmu and toured the exhibition, inspecting stalls that showcased the rich tapestry of tribal culture and craftsmanship.

The exhibitions showcased the Tribal culture and traditions displaying tribal folk art and crafts, jewellery and textiles, worship practices, rituals, cuisine, musical instruments, herbs, and more.

*Offered prayers in the traditional Akhara and Devgudi models*
The President viewed the symbolic models of the traditional Akhara and the main religious faith centres of tribal villages, Devgudi, and offered prayers to the deities.

Akhara is the cultural space of tribes residing in Surguja region of Chhattisgarh, located in the centre or crossroads of villages, often with clusters of shady trees. Villagers gather during festivals like Karma, Mahadev Bair, Teeja Aathe, Jivitia, Sohrai, Dasai, Phagwa, and sing folk songs and perform dances to traditional instruments. Tribal community members also performed traditional dances in the exhibition.

The main religious centres Devgudi in tribal villages are known by different names in the state—Devla, Devvalla, Mandar, Sheetla, Sarna, etc. Deities like Budhadev, Budhidai, Sheetla, Sarnadev, Dehwarin, Mahadev and others are enshrined in Tribal culture. The President was informed that during various festivals, villagers gather under the guidance of the Baiga to pray for the village’s peace and prosperity.

*Viewed the housing model made of mud and wood*
The President also stopped by a striking model of a traditional Chhattisgarh tribal house, crafted from mud and wood. The display showcased the classic design — one or two compact rooms with a front porch, a sloping tile roof, and functional spaces reflecting indigenous life. One room typically doubles as a kitchen and storage area, while the other serves as the bedroom. The ‘verandah’ is lined with everyday tools of tribal households, including the “dheki, musal, sil-batta and janta”. The President keenly observed the model, taking in the authentic details of tribal architecture and lifestyle.

*Exhibition of jewellery worn during festivals; Kalinder Ram presented Pairi and Gamchha to the President*
An exhibition of traditional jewellery of the state was also set up and President Smt Murmu viewed the exhibition and learned about the jewellery. Kalinder Ram presented a Pairi and a Gamchha to the President, which she accepted warmly. He informed her that traditional jewellery is made from gilt, copper, silver, gold, etc., and is worn during various festivals. Items displayed included the neckpiece Hasuli, armlet Bahuta, wrist bangle Anthi, silver-coin neckpiece Chandwa, waist belt Kamarbandh, anklet Pairi, toe ring Bichhiya, ear ornament Thotha, and nose ornament Chhuchhiya (Phooli).

*Exhibition of musical instruments*
Musical instruments played by tribes during festivals were also showcased. Tribes in the state play Tat, Avanaddh, Ghan, and Sushir instruments, whose melodious sounds enhance festivities. Some instruments can be heard miles away and naturally inspire people to dance. In Surguja and Bastar region the sounds of these instruments echo for months. Instruments displayed included Mandar, Dhol, Jhanjh, Manjira, Tambura, Sarangi, Khanjari, Bansuri, Chaurasi, and Paijan.

*Exhibition of herbs used by tribal communities for treatment*
In the exhibition a wide range of herbs used by Tribes residing in the state for treating physical ailments were also showcased. The exhibition displayed Ashwagandha, Kulanjan, Mulethi, Safed Musli, Giloy, Lal Jhimti, Arjun bark, Pisiya, Bhuichampa, Gokhru, Kutaj bark, Gudman leaves, Vireta, Rohini bark, Balamkhira, Harra, Bahera, Badi Imli seeds, Harsingar, Akarkara, Chiraigodi, Shilajit, and Balraj. Tribes living in forests, hills, valleys, and plains use herbs, roots, plants, and vines found in their surroundings for treatment. Tribal healers—Vaidya, Baiga, Gunia, Hathjod—treat people through hereditary knowledge.

*A vibrant display on traditional tribal cuisine and forest tubers*

The food-court drew significant attention at the venue. The exhibition showcased an array of festive and seasonal dishes prepared by tribal communities — from assorted ‘rotis’, ‘chutneys’ and ‘kohri’ (bari) to different varieties of ‘laddoos’. The display highlighted how tribal women rely on natural resources, collecting diverse tubers, fruits and flowers from the forest to prepare everyday meals. Among the many indigenous tubers on exhibit were Kanda-Pitharu Kanda, Dang Kanda, Nakwa (Churka) Kanda, Sakhain Kanda, and several others, offering a glimpse into the deep culinary connection tribal communities share with their forests.

In the elaborate tour the President was accompanied by Governor Shri Ramen Deka, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai, Union Minister of State, Ministry of Tribal Affairs, Shri Durga Das Uikey, Union Minister of State, Ministry of Housing and Urban Affairs, Shri Tokhan Sahu, Minister, Department of Tribal Development, Agriculture Development and Farmers Welfare, Shri Ramvichar Netam, In-charge Minister, Surguja district, and Minister, Finance and Commercial Tax Department, Shri Omprakash Choudhary, Minister, Tourism, Culture and Religious Endowments Department, Shri Rajesh Agrawal, Minister, Forest and Climate Change, Transport, Cooperation and Parliamentary Affairs Shri Kedar Kashyap, Minister, Public Health and Family Welfare, Medical Education, Backward Classes and Minorities Development, Twenty-Point Programme Implementation Shri Shyam Bihari Jaiswal, Minister, Women and Child Development and Social Welfare Department, Smt. Laxmi Rajwade, Surguja MP Chintamani Maharaj, North Raipur MLA Shri Purandar Mishra, Jagdalpur MLA Shri Kiran Singh Deo, and Ambikapur Mayor Smt Manjusha Bhagat were also present.

*आदिवासी परिवारों को शिक्षा, आजीविका, स्वास्थ्य और विकास के मिल रहे नए अवसर : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु*

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*आदिवासी परिवारों को शिक्षा, आजीविका, स्वास्थ्य और विकास के मिल रहे नए अवसर : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु*

*भगवान बिरसा मुंडा ने जनजातीय स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा दी: राज्यपाल श्री डेका*

*जनजातीय नायकों की गौरवगाथा को संरक्षित करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता — मुख्यमंत्री श्री साय*

*अम्बिकापुर में जनजातीय गौरव दिवस का कार्यक्रम आयोजित*

रायपुर,/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित ‘आदि कर्मयोगी अभियान’, ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ तथा ‘प्रधानमंत्री जनमन अभियान’ को जनजातीय समाज के उत्थान हेतु महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि ये सभी योजनाएँ देश के करोड़ों आदिवासी परिवारों को शिक्षा, आजीविका, स्वास्थ्य और विकास के नए अवसर प्रदान कर रही हैं। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु आज अम्बिकापुर में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम को सम्बोधित कर रही थी।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है, और इसकी झलक बस्तर की ‘मुरिया दरबार’ जैसी जनजातीय परंपराओं में भी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा की जनजातीय विरासत अत्यंत समृद्ध और आपस में जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान राष्ट्रपति भवन में ‘जनजातीय दर्पण’ संग्रहालय की स्थापना की गई है, तथा वहां आदिवासी कला और संस्कृति को विशेष स्थान दिया गया है। राष्ट्रपति ने अपने सम्बोधन में छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव पखवाड़ा मनाने, जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय बनाने और शासकीय योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि दिल्ली में आयोजित ‘आदि कर्मयोगी’ राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के आदिवासी विकास विभाग को उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा उनकी पूरी टीम को बधाई दी।

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस अपनी पहचान, सांस्कृतिक विरासत और उन वीर पूर्वजों को स्मरण करने का दिन है, जिन्होंने जनजातीय इतिहास को गौरवशाली अध्यायों से भर दिया। समारोह में उपस्थित देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का सम्मान करते हुए राज्यपाल ने कहा कि एक साधारण परिवार से निकलकर राष्ट्र के सर्वाेच्च संवैधानिक पद तक पहुँचने की उनकी प्रेरक यात्रा पूरे भारत के लिए उदाहरण है। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने उनके व्यक्तित्व और संघर्ष के कई प्रेरक प्रसंगों को याद किया। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने नशाखोरी, अन्याय और अंधविश्वास के खिलाफ साहसिक अभियान चलाया। उनके नेतृत्व में हुआ ‘उलगुलान’ ब्रिटिश शासन को चुनौती देने वाला ऐतिहासिक आंदोलन था, जिसने जनजातीय स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, राजा गेंद सिंह, कंगला मांझी, वीर सीताराम कंवर और गुंडाधुर जैसे महानायकों ने अपने बलिदान और संघर्ष से स्वतंत्रता आंदोलन और जनजातीय गौरव को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया। उनका योगदान प्रदेश की स्मृतियों में सदा अमर रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि राष्ट्रपति जी ने अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद इस समारोह में शामिल होकर प्रदेश की गरिमा बढ़ाई है। कुछ दिन पूर्व नक्सल पीड़ित परिवारों से राष्ट्रपति की भेंट का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रत्येक पीड़ित से आत्मीयता से हाल-चाल जानकर अपनी ममतामयी छवि प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का इतिहास अत्यंत समृद्ध है और यहाँ के आदिवासी समाज ने देश की स्वतंत्रता में अमूल्य योगदान दिया है। हाल ही में 1 नवम्बर को आयोजित रजत महोत्सव में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी भी उपस्थित थे और उन्होंने आजादी की लड़ाई से जुड़े आदिवासी महापुरुषों पर आधारित म्यूज़ियम का लोकार्पण किया। उन्होंने बताया कि जनजातीय विद्रोह के नायकों की स्मृति को सहेजने हेतु शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-संग्रहालय का निर्माण किया गया है, जिसे राज्य स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा जनता को समर्पित किया गया। यह देश का पहला जनजातीय संग्रहालय है, जिसमें डिजिटल माध्यम से जनजातीय गौरवगाथा को देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के करकमलों से आज जनजातीय विद्रोह के नायकों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारजनों का सम्मान होना सभी के लिए गौरव का विषय है। साथ ही जनजाति एवं उपजनजाति प्रमुखों को भी सम्मानित किया गया, जो अपने ज्ञान और अनुभव से समाज को निरंतर जागरूक कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 53 विकासखंडों की 2,365 बसाहटों में तीव्र गति से विकास कार्य हो रहे हैं, इसी प्रकार, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत राज्य के 32 जिलों के 6,691 गांवों में विकास के कार्यों का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों की संग्रहण राशि 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है तथा चरण पादुका वितरण पुनः प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी की दृढ़ इच्छाशक्ति से नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है, और मार्च 2026 तक इसके समूल नष्ट होने के लक्ष्य की ओर प्रदेश तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के चलते नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास का उजाला पहुँचा है। आकर्षक पुनर्वास नीति के कारण कई भटके हुए लोग मुख्यधारा से जुड़कर सुखमय जीवन व्यतीत कर रहे हैं। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है और सरकार की विभिन्न योजनाओं से जनजातीय समाज निरंतर लाभान्वित हो रहा है।

केंद्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उईके ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल झारखंड या जनजाति समाज के नायक ही नहीं थे बल्कि पूरे भारतवर्ष के लिए स्वाभिमान, सम्मान, गौरव, गरिमा और सामाजिक न्याय के प्रतीक थे। उन्होंने अपने जीवन का हर क्षण जनहित और स्वतंत्रता के संघर्ष के लिए समर्पित किया। उन्होंने अपने समाज को संगठित किया, उन्हें आत्मसम्मान और स्वतंत्रता का पाठ पढ़ाया। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा केवल एक योद्धा नहीं बल्कि एक समाज सुधारक एवं आध्यात्मिक गुरु भी थे। उनका जीवन यह सिखाता है कि कोई भी व्यक्ति चाहे उसका जन्म किसी भी समाज में हुआ हो अगर उसके भीतर सच्ची लगन और आत्मबोध है तो वह इतिहास बदल सकता है। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत काल में देश भर के जनजाति समाज के महानायक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, महापुरुषों को चिन्हित करके उन्हें इतिहास में उचित स्थान दिया जा रहा है। जनजाति समाज के महापुरुषों के जन्म स्थलों पर स्मारक बनाए जा रहे हैं। जनजाति समाज के लोग के पूजा स्थलों को चयनित कर उनका पुनरुत्थान किया जा रहा है।

आदिम जाति विकास विभाग मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा कि 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर पूरे देश और प्रदेश में जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया। उसी परिप्रेक्ष्य में आज का यह भव्य आयोजन संपन्न हो रहा है, जिसकी गरिमा राष्ट्रपति महोदया की उपस्थिति से कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रयासों और प्रेरणा से भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती से जनजातीय गौरव दिवस की परंपरा प्रारंभ हुई और आज उनकी 151वीं जयंती पर देशभर के जनजातीय समाज का पुनः एकत्रित होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। जनजातीय समाज के गौरवपूर्ण इतिहास को स्मरण करना, उसे सुरक्षित रखना और भविष्य की दिशा को प्रेरित करना इसका मुख्य उद्देश्य है।

*नर्तक दल हुए पुरस्कृत*

समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले लिंगो गोटूल मांदरी नाचा पार्टी कोंडागांव एवं उत्तर छत्तीसगढ़ जनजातीय लोक कला महोत्सव (करम महोत्सव) प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले जय माता दी करमा नृत्य पार्टी कांसाबेल के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रपति को भगवान बिरसा मुंडा के साहस को प्रदर्शित और राज्यपाल ने भित्ती चित्रकला से जुड़े स्मृति चिन्ह भेंट किए। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओमप्रकाश चौधरी, पर्यटन संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्री चिंतामणी महाराज, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री किरण सिंह देव, महापौर अम्बिकापुर श्रीमती मंजुषा भगत भी उपस्थित थी।

*मुख्यमंत्री के निर्देश पर अमल*

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*मुख्यमंत्री के निर्देश पर अमल*

*नगरीय निकायों को पशुओं के मृत शरीर के वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निपटान के लिए उपयुक्त स्थल निर्धारित करने के निर्देश*

*पर्यावरणीय मानकों एवं जैव-सुरक्षा नियमों के अनुरूप 48 घंटे के भीतर करना होगा निपटान*

*नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को जारी किया परिपत्र*

रायपुर.. राजधानी रायपुर में पिछले महीने हुए कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा दिए गए निर्देश पर अमल करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने शहरों में गौवंशीय एवं अन्य पशुओं के मृत शरीर के वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निपटान के लिए उपयुक्त स्थल निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने सभी नगरीय निकायों को परिपत्र जारी कर पर्यावरणीय मानकों और जैव-सुरक्षा नियमों के अनुरूप 48 घंटे के भीतर पशुओं के मृत शरीर के निपटान के लिए निर्देशित किया है।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा मंत्रालय से सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जारी परिपत्र में कहा गया है कि सभी निकायों में गौवंशीय तथा अन्य पशुओं के मृत शरीर के वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निपटान के लिए उपयुक्त स्थल का चयन करते हुए तत्काल इसका निर्धारण करें। विभाग ने निपटान का स्थल आबादी से उचित दूरी पर तथा पर्यावरणीय मानकों एवं जैव-सुरक्षा नियमों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

नगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों को मृत पशु के निपटान के लिए विशेष स्थान निर्धारित कर विधिवत निपटान के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। विभाग ने परिपत्र में बताया है कि मृत पशुओं के निपटान की प्रक्रिया छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 258, “मृत पशुओं का निराकरण एवं नगर पालिक निगम हेतु कूड़ा-करकट, गंदा, मल, मृत पशुओं तथा घृणोत्पादक पदार्थों का निपटान आदर्श उपविधियों, 2002 तथा छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 289, जीव जन्तुओं के मृत शरीर के व्ययन के संबंध में विशेष उपबंध” अधिनियम में उल्लेखित हैं। लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत मृत पशुओं के निपटान की सेवा 48 घंटे की समय-सीमा में प्रदान किया जाना अनिवार्य है।

*कबीरधाम में सहकारी समिति प्रबंधकों और ऑपरेटर्स की हड़ताल स्थगित*

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*कबीरधाम में सहकारी समिति प्रबंधकों और ऑपरेटर्स की हड़ताल स्थगित*

*कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा को संघ ने हड़ताल स्थगन का सौंपा पत्र, 21 नवंबर लौटेंगे काम पर*

*रायपुर,/* कबीरधाम जिले में बीते 3 नवंबर से चल रही जिला सहकारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल स्थगित हो गई है। संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा से मुलाकात कर हड़ताल स्थगन का पत्र सौंपा। जिला सहकारी संघ की ओर से कहा गया कि शासन द्वारा 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ कर दी गई है। किसानों के हित को देखते हुए जिला सहकारी संघ के समस्त कर्मचारी अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को स्थगित करते हैं और 21 नवंबर, शुक्रवार से अपने कार्य पर लौट जाएंगे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, संयुक्त कलेक्टर श्री आर बी देवांगन, उप पंजीयक सहकारिता श्री जी एस शर्मा, खाद्य अधिकारी श्री सचिन मरकाम, डीएमओ श्री अभिषेक मिश्रा, सीसीबी नोडल श्री आर पी मिश्रा सहित अन्य अधिकारी व जिला सहकारी संघ के सदस्य उपस्थित रहे।

*Chhattisgarh Secures Second Position Nationally for Online Social Audit Through ‘Panchayat Nirnay App’*

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*Chhattisgarh Secures Second Position Nationally for Online Social Audit Through ‘Panchayat Nirnay App’*

*State sets new benchmark for transparency and digital governance under Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai’s leadership*


Raipur, //Chhattisgarh has recorded a notable achievement in digital governance by securing the second position in the nationwide implementation of the Panchayat Nirnay App. The recognition marks an important step in strengthening Panchayati Raj institutions and advancing transparency and administrative efficiency across the state.

The initiative has been taken as a major step toward ensuring complete transparency and accountability in the implementation of the Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Scheme (MGNREGA). To make the social audit process digital and error-free, the Government of India launched the Panchayat Nirnay App. Acting on the Union Government’s directives, the state, under the leadership of Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai and the guidance of Deputy Chief Minister Shri Vijay Sharma, has made notable progress and moved ahead of several digitally advanced states to claim the second position.

In the first-phase pilot, each development block was required to onboard at least one gram panchayat’s gram sabha on the app. Chhattisgarh displayed strong responsiveness and has so far uploaded the complete proceedings of gram sabhas of 2,409 gram panchayats out of the state’s total 11,693.

The app, developed by the Ministry of Panchayati Raj, aims to digitise decisions, proceedings, and resolutions of gram sabha meetings and make them easily accessible to citizens. The state’s Panchayat and Rural Development Department has worked in mission mode to ensure effective and full implementation.

Chhattisgarh continues its efforts to ensure that every panchayat benefits from e-governance tools. The state considers this second-place ranking as a beginning and is working toward attaining the top position soon, in line with its broader vision of building a digital Chhattisgarh.

*All information of Gram Sabha to Be Available Online*

Through the app, videos, photographs, documents, minutes registers, attendance records, and findings of previous financial year audits of gram sabhas held under the social audit process will be uploaded online. Provisions have also been made for uploading meeting agendas, registration of invited participants, and verification of quorum. Citizens will be able to view this data through reports available on the MGNREGA website.

*Purpose and Need for the App*

Social audit is an important mechanism for verifying the ground-level reality of works carried out under MGNREGA and the financial expenditure related to them. In earlier years, this work was documented manually, often leading to incomplete or inaccurate recording of decisions and objections raised during gram sabhas. The Panchayat Nirnay App addresses these problems.

Complaints often surfaced that proper procedures were not followed in gram sabhas during social audits. The app requires the mandatory upload of geo-tagged photographs and videos, confirming that meetings take place as scheduled. Real-time digital documentation ensures that findings, financial discrepancies, and grievances raised by villagers are recorded immediately, preventing any scope for later alterations. Since the decisions taken by gram sabhas are made available online, residents now have unprecedented visibility into local governance.

*Continuous Monitoring of Gram Sabha Decisions*

Decisions taken during gram sabhas, including any assessments or recoveries approved, will be uploaded to the app. Senior officials will be able to directly review the status of action taken on these decisions. Digital documentation reduces paperwork, speeds up administrative work, and saves time.

Citizens will be able to access gram panchayat decisions at any time and from any location. Tamil Nadu currently ranks first, having uploaded social audit proceedings from nearly 72 per cent of its gram panchayats. Chhattisgarh, despite a 46 per cent vacancy rate in its Social Audit Unit, has succeeded in conducting online social audit proceedings in 21 percent of gram panchayats, placing it ahead of Andhra Pradesh, Rajasthan, Odisha and Telangana, and others.

Deputy Chief Minister Shri Vijay Sharma has congratulated all department officials and staff, stating that the achievement reflects the government’s commitment to extending the benefits of good governance and technological innovation to the last person. He said the successful implementation of the app strengthens the spirit of gram swaraj.

Niharika Barik Singh, Principal Secretary, Panchayat and Rural Development Department, said the achievement is the result of coordinated teamwork, regular training, and timely resolution of technical issues. She added that the department will continue its efforts to expand the app’s usage.

Providing further details, Panchayat and Rural Development Secretary Shri Bhim Singh said that the use of technology is essential for corruption-free MGNREGA implementation and for strengthening Panchayati Raj institutions. The App not only brings transparency to the social audit process but also ensures that every concern raised in gram sabhas is recorded and acted upon in time.

Director of the Chhattisgarh Social Audit Unit, Dr. Jitendra Singraul, said the accomplishment is a reflection of the state’s commitment to good governance and transparency. He stated that social audit is the backbone of any scheme, and through the Panchayat Nirnay App, the state has ensured that decisions taken in gram sabhas, villagers’ objections, and audit findings are preserved in digital form and monitored at higher levels.