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*‘The Contribution of Our Armed Forces is Beyond Measure’: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai*

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*‘The Contribution of Our Armed Forces is Beyond Measure’: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai*

*On Armed Forces Flag Day, Chief Minister Made Contribution Towards the Welfare of Soldiers and Martyrs’ Families*

Raipur, / In a solemn display of respect and gratitude towards India’s armed forces, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai reaffirmed the State’s commitment to honouring those who stand guard for the nation’s security. Marking Armed Forces Flag Day at his Raipur residence office, the Chief Minister received Brigadier Vivek Sharma, Secretary of the Chhattisgarh State Soldiers’ Welfare Board, who called on him to present the symbolic honour badge and apprise him of the welfare activities and schemes being undertaken by the Directorate of Sainik Welfare.

Speaking on the occasion, Chief Minister Shri Sai said, “Armed Forces Flag Day is a sacred occasion to express our gratitude for the courage, sacrifice and unyielding dedication of our brave soldiers and their families. The contribution of our armed personnel, who stand vigil day and night for the protection of our nation, is truly incomparable.” He added that the day reminds citizens of their shared responsibility to stand beside serving soldiers, ex-servicemen and the families of martyrs with compassion and support.

Chief Minister also made a personal contribution towards the welfare of soldiers and their families to mark the day.

Member of Parliament Shri Faggan Singh Kulaste and Padma Shri awardee Ms. Usha Barle were present at the occasion.

*Delegation of Chhattisgarh Kumbhkar Community Pays Courtesy Call on Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai*

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*Delegation of Chhattisgarh Kumbhkar Community Pays Courtesy Call on Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai*

Raipur, / In a warm and cordial interaction, a delegation from the Chhattisgarh Kumbhkar (Potter) community paid a courtesy visit to Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai at his residence office in Raipur on Saturday . The delegation extended an invitation to the Chief Minister to attend the State-Level Mahadhiveshan, scheduled to be held in January 2025 at Village Nawagaon (Koliyari) in Raipur district, as the Chief Guest.

Chief Minister Shri Sai thanked the office-bearers and members of the community for the invitation and conveyed his best wishes for the grand convention. He said that the traditional artistry, diligence and cultural contribution of the Kumbhkar community have strengthened the social fabric of Chhattisgarh. The state government, he added, remains committed to the development and participation of all communities across the state.

The delegation comprised community advisors Shri Ratan Lal Chakradhari and Shri B.P. Chakradhar, State President Shri Nand Kumar Chakradhari, General Secretary Shri Hemlal Kaushik, Treasurer Shri Jayprakash Kumbhkar, Shri Douva Ram Chakradhari, and several other senior members.

*शिक्षा ही सामाजिक विकास का मूलमंत्र : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

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*शिक्षा ही सामाजिक विकास का मूलमंत्र : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

*मुख्यमंत्री श्री साय सर्व रविदास समाज के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल*

रायपुर,/सामाजिक विकास का वास्तविक आधार शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता का पहला कदम शिक्षा ही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्व रविदास समाज के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंच पर सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रारंभ से ही शिक्षा के स्तर को उन्नत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य गठन के समय जहाँ मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार, छत्तीसगढ़ में आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स, सिपेट जैसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को बड़े अवसर प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समाज को मजबूत और संगठित होना समय की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मूलमंत्र — “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” — का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हीं मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार राज्य सरकार 23 महीनों से सभी वर्गों के हित में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हाल के महीनों में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिसमें अन्नदाताओं के लिए कृषक उन्नति योजना, प्रत्येक परिवार को पक्का मकान देने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, माताओं और बहनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाली महतारी वंदन योजना, दूरस्थ अंचलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसे कदम शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब तक विभिन्न विभागों में 10 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं पूर्ण निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई गई हैं, जिससे युवाओं में नया विश्वास उत्पन्न हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने नई उद्योग नीति लागू की है, जिससे स्थानीय लोगों को अधिक अवसर, रोज़गार और स्वरोजगार प्राप्त हो सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे अधिकाधिक संख्या में शासन की योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएँ।

कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्धा ने भी संबोधित किया और नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी।

इस अवसर पर सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष श्री विजय मेहरा, रायपुर संभाग आयुक्त श्री महादेव कांवरे, श्री दिलीप वासनीकर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

*प्रदेश में धान खरीदी का महाअभियान तेजी के साथ जारी*

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*प्रदेश में धान खरीदी का महाअभियान तेजी के साथ जारी*

*अब तक 22.25 लाख मीट्रिक टन धान की हो चुकी है खरीदी*

*4.39 लाख से अधिक किसानों ने बेचा धान*

*धान खरीदी के एवज में किसानों को 5277 करोड़ रूपए का भुगतान*

*इस वर्ष 27.30 लाख किसान पंजीकृत*

*‘टोकन तुंहर एप्प‘ से किसानों को मिल रही है सहुलियत*

*किसानों को अब तक 8 लाख 97 हजार 779 टोकन जारी किए गए*

रायपुर, /राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला तेजी के साथ जारी हैं। पिछले माह के 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी महाअभियान में पांच दिसम्बर को सवेरे 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार 22 लाख 39 हजार 433 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान की खरीदी हो चुकी है। अब तक 4 लाख 39 हजार 511 पंजीकृत किसानों ने धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत भुगतान हेतु मार्कफेड द्वारा 5277 करोड़ रूपए जारी किए गए है। चालू खरीफ सीजन के लिए इस वर्ष 27 लाख 30 हजार 96 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिसमें 31 लाख 51 हजार 771 हेक्टेयर रकबा शामिल है।

राज्य में सभी जिलों में धान खरीदी जारी है। धान खरीदी से अब तक महासमुंद जिला सर्वाधिक 15 लाख 19 हजार 650 क्विंटल धान खरीदकर पहले पायदान पर है। वहीं गरियाबंद जिले 6 लाख 73 हजार 495 क्विंटल धान खरीदकार दूसरे नम्बर पर है। इसी तरह बिलासपुर जिले 6 लाख 73 हजार 65 क्विंटल धान खरीदकर तीसरे स्थान हासिल की है। हांलाकि कांकेर जिला 6 लाख 15 हजार 431 क्विंटल धान खरीदी कर चौथे पायदान पर बने हुए है। पांच लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदी वाले जिले में धमतरी और मुंगेली जिले शामिल हैं, वहीं चार लाख क्विंटल से अधिक खरीदी वाले जिले सूरजपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेंतरा, बालोद और कोण्डागांव शामिल हैं। किसानों को अब तक 8 लाख 97 हजार 779 टोकन जारी किए गए हैं। वहीं आगामी दिवस 8 दिसम्बर को धान खरीदी के लिए किसानों को 50 हजार 234 टोकन जारी हुए हैं। इस वर्ष शुरू किए गऐ टोकन तुहर एप्प ऑनलाईन व्यवस्था से किसानों को काफी सहुलियत मिल रही है। किसान समितियों द्वारा की जा रही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं। राज्य शासन गठित राज्य और जिला स्तरीय दलों द्वारा प्रदेश सहित राज्य के सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन, भंडारण तथा विक्रय पर कड़ी निगरानी की जा रही है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार धान खरीदी के साथ-साथ किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान भी शुरू कर दिया गया है। राज्य के किसानों से क्रय किए गए धान के मूल्य भुगतान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मार्कफेड को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी पहले से दे रखी है। किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए सभी केन्द्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है। धान खरीदी की व्यवस्था पर निगरानी के लिए सभी केन्द्रों में अधिकारी तैनात किए गए हैं। राज्य स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तर के अधिकारी लगातार दौरा कर धान खरीदी एवं केन्द्रों की व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।

राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने पाए इसको लेकर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बाहर से धान की आवक की रोकथाम के लिए चेकपोस्ट पर अधिकारी तैनात किए गए हैं। जगह-जगह मॉलवाहकों की औचक जांच भी की जा रही है।

किसानों का मानना है कि धान खरीदी के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई टोकन तुंहर एप्प की ऑनलाईन व्यवस्था से टोकन प्राप्त करने और धान बेचने में सहुलियत हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व और किसान हितैषी नीतियों के चलते किसानों को जहां उनकी मेहनत का वाजिम दाम मिला हैं, वहीं किसानों का सम्मान भी बढ़ा है। बता दें कि सरकार अपने घोषणा के अनुरूप प्रति एकड़ 21 क्विंटल समर्थन मूल्य एवं कृषि उन्नति योजना के तहत 31 सौ रूपए प्रति क्विंटल की भाव से धान खरीदी कर रही है।

*प्रदेश में अवैध भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय करते हुए लगभग 1 लाख 52 हजार क्विंटल धान जब्त*

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*प्रदेश में अवैध भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय करते हुए लगभग 1 लाख 52 हजार क्विंटल धान जब्त*

*मार्कफेड ने जारी किए 1 नवंबर से 06 दिसम्बर तक के आंकड़े*

रायपुर,/ छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारम्भ होने के पूर्व से ही प्रदेश में अवैध धान के भण्डारण एवं परिवहन से आने वाले धान की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पिछले एक नवंबर से 6 दिसम्बर तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से एक लाख 51 हजार 809 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इस बार मार्कफेड द्वारा राज्य में अवैध परिवहन के जरिए अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले धान को रोकने के लिए राज्य के सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट और कलेक्टर की अध्यक्षता में टॉस्कफोर्स भी बनाए गए हैं। इसके साथ ही मार्कफेड में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की सतत् निगरानी की जा रही है।

मार्कफेड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले एक नवंबर से 6 दिसम्बर के अवधि में मण्डी अंिधनियम 1972 के तहत सीमावर्ती विभिन्न जिलों से छत्तीसगढ़ राज्य में अवैध परिवहन के माध्यम से आने वाले धान पर कार्यवाही की जा रही है। इनमें सर्वाधिक महासमुंद जिले में 25,718 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इसी प्रकार धमतरी में 23,859 क्विंटल रायगढ़ जिले में 21,331 क्विंटल, राजनांदगांव 14,977 क्विंटल, बलरामपुर जिले में 9771 क्विंटल, बेमेतरा में 6490 क्विंटल, कवर्धा में 5734 क्विंटल, बालोद में 4595 क्विंटल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 3770 क्विंटल, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 2868 क्विंटल, जशपुर जिले में 2771 क्विंटल, सूरजपुर जिले में 2650 क्विंटल, दुर्ग में 2350 क्विंटल, जांजगीर-चांपा में 2014 क्विंटल, बलौदाबाजार में 1855 क्विंटल, बीजापुर जिले में 1842 क्ंिवटल, रायपुर में 1679 क्विंटल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 1583 क्विंटल, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1500 क्विंटल, बस्तर जिले में 1560 क्विंटल, मोहला-मानपुर-चौकी में 1402 क्विंटल, गरियाबंद में 1393 क्विंटल, कोरबा में 1346 क्विंटल, सरगुजा में 1282 क्विंटल, कोरिया में 1237 क्विंटल, सक्ती में 1201 क्विंटल, कोण्डागांव जिले में 1148 क्विंटल, बिलासपुर में 1060 क्विंटल, कांकेर जिले में 1012 क्ंिवटल, मुंगेली में 917 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 445 क्विंटल, नारायणपुर में 323 क्विंटल, सुकमा में 216 क्विंटल धान जब्त किए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाए जाने और त्वरित अलर्ट-रिस्पॉन्स सिस्टम की बदौलत अन्य राज्यों से धान की अवैध आमद को रोकने में प्रभावी सफलता मिल रही है।शासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता और अवैध गतिविधि को हर स्तर पर जीरो टॉलरेंस के साथ रोका जाएगा।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मार्कफेड द्वारा धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एकीकृत कंट्रोल सेंटर के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। साथ ही अवैध परिवहन के माध्यम से राज्य में आने वाले धान को रोकने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा सतत् निगरानी रखी जा रही है।

*मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में केबिनेट बैठक 10 दिसंबर को*

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*मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में केबिनेट बैठक 10 दिसंबर को*

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में केबिनेट बैठक 10 दिसंबर को प्रातः 11 बजे से मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की जाएगी।

*Education is the Foundation of Social Development: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai*

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*Education is the Foundation of Social Development: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai*

*CM Shri Sai attends the oath-taking ceremony of Sarv Ravidas Samaj*

Raipur, //Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai attended the oath-taking ceremony of the Chhattisgarh Sarv Ravidas Samaj held at the Krishak Auditorium of Indira Gandhi Agricultural University in Raipur on December 7. The Chief Minister administered the oath to all newly elected office-bearers and conveyed his best wishes. Addressing the program, he stated that education is a foundation of social development. Whether it is the art of living, trade, agriculture or any other field, the first step towards success in every sector begins with education.

Chief Minister Shri Sai stated that the State Government is making efforts to improve the quality of education. At the time of state formation, there was only one medical college; today, nearly fifteen medical colleges operate across the state. Similarly, with the establishment of national and international institutions such as IIT, IIIT, IIM, Law University, AIIMS and CIPET in Chhattisgarh, local youth have gained significant opportunities for growth.

The Chief Minister stated that it is essential for society to remain strong and organised, as only an organised society can play a decisive role in nation-building. Referring to Prime Minister Shri Narendra Modi’s guiding mantra — “Sabka Saath, Sabka Vikas, Sabka Vishwas aur Sabka Prayas” — he stated that the State Government has been working for the welfare of all sections of society for the past twenty-three months, following these core principles.

He stated that in the past months, the State Government has taken several significant steps, including the Krishak Unnati Yojana for farmers, the Pradhan Mantri Awas Yojana to provide houses for every family, the Mahtari Vandan Yojana for the economic security of the state’s women, and teacher rationalisation to ensure the availability of teachers in remote regions.

Chief Minister Shri Sai stated that more than 10,000 youths have already received appointment letters across various departments. He added that the examinations conducted by the Chhattisgarh Public Service Commission have been held with complete fairness, which has instilled genuine confidence in the youth. He also stated that, in view of the current scenario, the State Government has implemented a new industrial policy to provide greater opportunities, employment, and self-employment for local people.

The Chief Minister urged community members to take full advantage of government schemes and bring about positive changes in their lives.

The programme was also addressed by the Chairman of the Chhattisgarh Leather Craftsmen Development Board, Shri Dhruv Kumar Mirdha, who congratulated the newly elected office-bearers.

State President of Sarv Ravidas Samaj Chhattisgarh, Shri Vijay Mehra, Raipur Division Commissioner Shri Mahadev Kanwre, Shri Dilip Vasnikar, along with a large number of public representatives and distinguished citizens, were present.

*Paddy Procurement Mega Drive Continues at Full Pace in Chhattisgarh*

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*Paddy Procurement Mega Drive Continues at Full Pace in Chhattisgarh*

*State Government procured 22.25 lakh metric tonnes of paddy so far*

*More than 4.39 lakh farmers have sold paddy*

*Total of Rs. 5,277 crore released to farmers against procurement*

*More than 27.30 lakh farmers registered for the Kharif Marketing Year 2025-26*

*‘Token Tuhar App’ providing major convenience to farmers*

*Total of 8 lakh 97 thousand 779 tokens issued so far*

Raipur,  /The state’s paddy procurement drive at the Minimum Support Price is progressing rapidly. As per the report issued at 10 am on December 5, more than 22 lakh 39 thousand 433 metric tonnes of paddy have been procured since the mega drive began on November 14. So far, 4 lakh 39 thousand 511 registered farmers have sold their produce. MARKFED has released Rs. 5,277 crore through bank-linking arrangements for payment to farmers. For the current Kharif season, 27 lakh 30 thousand 96 farmers have registered, covering 31 lakh 51 thousand 771 hectares.

Paddy procurement is underway across all districts. Mahasamund district currently leads with 15 lakh 19 thousand 650 quintals of paddy procured. Gariaband stands second with 6 lakh 73 thousand 495 quintals, while Bilaspur has secured third position with 6 lakh 73 thousand 65 quintals. Kanker district continues in fourth place with 6 lakh 15 thousand 431 quintals. Districts procuring more than five lakh quintals include Dhamtari and Mungeli, while Surajpur, Balodabazar-Bhatapara, Bemetara, Balod and Kondagaon have each crossed the four lakh quintal mark. A total of 8 lakh 97 thousand 779 tokens have been issued to farmers so far. For the upcoming procurement day on December 8, more than 50,000 tokens have already been allotted.

The newly launched online Token Tuhar App has ensured significant convenience for farmers in obtaining tokens and selling paddy. Farmers have expressed satisfaction with the arrangements being made at procurement centres. Strict monitoring is being conducted by state and district-level teams to prevent illegal transportation, storage, or sale of paddy within the state and in border areas.

As per the directions of Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai, payment at support price has begun simultaneously with procurement. For this purpose, the Chhattisgarh Government had already provided a bank guarantee of Rs. 26,200 crore to MARKFED. Adequate arrangements have been made at all centres to ensure that farmers do not face any difficulty in selling paddy. Officers have been deployed at every procurement centre for monitoring. Senior administrative officials at the state level and district officers are conducting continuous inspections to review procurement operations and on-ground arrangements.

Strict vigilance is being maintained to prevent any irregularity in MSP procurement. Officers have been stationed at check posts to prevent the entry of paddy from outside the state, and surprise checks are being conducted on cargo vehicles at various locations.

Farmers say that the online system introduced through the Token Tuhar App has made obtaining tokens and selling paddy far more convenient. Under the leadership of Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai and his farmer-centric policies, farmers are receiving fair prices for their hard-earned produce. As per the government’s commitment, procurement is being carried out at the rate of 21 quintals per acre and at Rs. 3,100 per quintal under the Krishak Unnati Yojana.

*बार-बार अवैध धान विक्रय के मामले में फुटकर व्यापारी पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई*

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*बार-बार अवैध धान विक्रय के मामले में फुटकर व्यापारी पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई*

*राजनांदगांव जिले में कोचियों-बिचौलियों पर कसा शिकंजा*

रायपुर,/ समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अवैध खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने जिला प्रशासन राजनांदगांव द्वारा जांच-पड़ताल का लगातार अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम राका के फुटकर व्यापारी लालजी सिन्हा द्वारा बार-बार अवैध धान विक्रय का मामला पकड़ में आने पर कलेक्टर के निर्देशानुसार उसके विरूद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 01 दिसम्बर 2025 को धान उपार्जन केन्द्र मेढा का औचक निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी एवं नायब तहसीलदार द्वारा किया गया। जांच में पाया गया कि फुटकर व्यापारी लालजी सिन्हा ने कृषक लिखन कंवर (निवासी पिपरिया, तहसील डोंगरगढ़) को धोखे में रखकर उनके नाम से 28 नवम्बर 2025 को 260 क्विंटल धान उपार्जन केंद्र में विक्रय कराया था। इसके बाद फिर से 01 दिसम्बर को 244 क्विंटल धान बेचने का प्रयास किया गया।

सत्यापन में यह भी सामने आया कि किसान के खेत में धान की लुवाई हुई ही नहीं थी। किसान ने बयान में बताया कि लालजी सिन्हा ने झूठी जानकारी और प्रलोभन देकर अवैध धान को उपार्जन केंद्र तक पहुँचाया और उनके नाम से विक्रय कराने का प्रयास किया। जांच दल की रिपोर्ट और किसान के बयान के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि लालजी सिन्हा, धान के अवैध विक्री की गतिविधियों में संलिप्त है, जिसके चलते उसके विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। कलेक्टर ने कहा है कि जिले में धान के अवैध परिवहन, भण्डारण एवं अवैध खरीदी-बिक्री, कोचियों और बिचौलियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मध्यप्रदेश में नई सिंचाई तकनीक ‘प्रेशर इरिगेशन नेटवर्क’ की प्रस्तुति का किया अवलोकन*

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मध्यप्रदेश में नई सिंचाई तकनीक ‘प्रेशर इरिगेशन नेटवर्क’ की प्रस्तुति का किया अवलोकन*

*छत्तीसगढ़ में भी इस तकनीक के व्यापक उपयोग को सुनिश्चित किया जाएगा – मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री राजेश राजौरा ने आज भोपाल में सिंचाई की नवीनतम तकनीक PIN (Pressure Irrigation Network) के संबंध में विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि पारंपरिक सिंचाई पद्धतियों की तुलना में यह प्रणाली कहीं अधिक कुशल, आधुनिक और जल संरक्षण के अनुरूप है।

अपर मुख्य सचिव श्री राजौरा ने प्रस्तुति के दौरान बताया कि जहाँ पारंपरिक नहर आधारित सिंचाई में लगभग 35 प्रतिशत एफिशिएंसी प्राप्त होती है, वहीं प्रेशर इरिगेशन प्रणाली में दक्षता बढ़कर 65 प्रतिशत तक पहुँच जाती है। इस तकनीक में प्रेशर आधारित पाइपलाइनों से सिंचाई की जाती है, जिससे पानी का रिसाव और अपव्यय कम होता है तथा बिजली की उल्लेखनीय बचत होती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रणाली में भू-अधिग्रहण की आवश्यकता न्यूनतम होती है, जिससे परियोजनाएं समय पर और लागत प्रभावी तरीके से पूरी की जा सकती है।

प्रस्तुति में उल्लेख किया गया कि मध्यप्रदेश में 13 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में इस तकनीक से सिंचाई की जा रही है और आगामी वर्षों में इसे 40 लाख हेक्टेयर तक विस्तारित करने का लक्ष्य है। इस मॉडल से न केवल जल उपयोग दक्षता बढ़ी है, बल्कि किसानों की उत्पादकता और सिंचाई सुविधा में भी महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रेजेंटेशन की सराहना करते हुए कहा कि सिंचाई की यह उन्नत तकनीक जल प्रबंधन की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप है। उन्होंने कहा, “हम इस तकनीक का छत्तीसगढ़ में भी अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करेंगे, ताकि राज्य के किसानों को कम पानी में अधिक सिंचाई सुविधा और बेहतर उत्पादन मिल सके। जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और त्वरित क्रियान्वयन के दृष्टिकोण से यह तकनीक अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इस तकनीक के माध्यम से भूमि अधिग्रहण किए बिना भी सिंचाई का लाभ मिल सकेगा।” मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विभागीय अधिकारियों को इस तकनीक के अध्ययन, परीक्षण और चरणबद्ध क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश दिए।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता श्री विनोद देवड़ा, अधीक्षण यंत्री श्री विकास राजोरिया और अधीक्षण यंत्री श्री शुभंकर विश्वास भी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि पारंपरिक नहर आधारित सिंचाई में पानी का एक बड़ा हिस्सा रिसाव, वाष्पीकरण और अनियंत्रित बहाव के कारण व्यर्थ हो जाता है, जिससे खेतों तक वास्तविक जल आपूर्ति सीमित रहती है और पूरी कमांड एरिया में समान सिंचाई नहीं हो पाती। सामान्यतः पारंपरिक प्रणाली की कुल सिंचाई दक्षता केवल 35 प्रतिशत मानी जाती है। वहीं दूसरी ओर PIN (Pressure Irrigation Network) प्रणाली में पानी पाइपलाइनों के माध्यम से नियंत्रित दबाव के साथ सीधे खेतों तक पहुँचाया जाता है, जिससे पानी का अपव्यय लगभग शून्य हो जाता है। इस तकनीक से सिंचाई दक्षता बढ़कर 65 प्रतिशत से अधिक हो जाती है, जो जल संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

PIN प्रणाली में सिंचाई पूरी तरह पाइपलाइन आधारित होने के कारण नहर निर्माण की आवश्यकता कम हो जाती है और भू-अधिग्रहण भी न्यूनतम होता है। इससे परियोजनाओं की लागत घटती है और कार्य समय पर पूरे होते हैं। पारंपरिक सिंचाई की तुलना में इस तकनीक में पंपिंग दक्षता अधिक होती है, जिससे बिजली की उल्लेखनीय बचत होती है। समान दबाव से पानी वितरण होने के कारण खेतों के टेल एंड के क्षेत्रों को भी पर्याप्त पानी मिलता है। इस प्रणाली से फसलों की उत्पादकता में वृद्धि, जल प्रबंधन में सुधार और किसानों की आय में वृद्धि जैसे व्यापक लाभ प्राप्त होते हैं।