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Narayanpur’s Bhatpal turns former security camp into hostel for Abujhmad’s tribal children

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Narayanpur’s Bhatpal turns former security camp into hostel for Abujhmad’s tribal children

*First-of-its-kind initiative in Bastar division converts former security camp into hostel for tribal students*

*Former security camp now provides safe accommodation and easier access to education for children from remote villages*

Raipur, / A former security camp in Bhatpal, Narayanpur district, which remained in operation for nearly 15 years, is now serving as a hostel and education centre for children from remote tribal villages.

The initiative, the first of its kind in the Bastar division, has created residential facilities for tribal students who come from distant and difficult-to-reach areas to pursue their education.

The move is part of wider efforts in Abujhmad to improve access to education, healthcare, roads, livelihoods and opportunities for the younger generation.

*From security priority to education*

Located around 25 km from Narayanpur district headquarters, the Bhatpal campus was vacated after the security situation in the area changed. The district administration subsequently decided to put the facility to educational use. On the initiative of Collector Smt. Namrata Jain, the former camp was converted into a hostel for tribal students. For many of them, long distances and the lack of accommodation near schools had made it difficult to continue their studies regularly. Residential facilities became operational on August 11, 2026.

*Accommodation for students from Classes 6 to 12*

Two Scheduled Tribe boys’ hostels are currently operating on the campus. The Pre-Matric Scheduled Tribe Boys’ Hostel has 100 sanctioned seats for students from Classes 6 to 10 and currently houses 114 students. The Post-Matric Scheduled Tribe Boys’ Hostel has 50 sanctioned seats for students of Classes 11 and 12, with 39 students currently residing there. It also meets the accommodation needs of students associated with Education City, Kutul.

The post-matric facility is particularly useful for students who earlier had to arrange private accommodation near their school after Class 10, adding to their families’ expenses. The hostel provides them with accommodation and a suitable setting for their studies.

*School just 50 metres away*

For students from distant villages, travel and accommodation can be as much of a challenge as access to a school. At Bhatpal, the Government Higher Secondary School is just 50 metres from the hostel. The proximity allows students to avoid long daily journeys and gives them more time for their studies. With accommodation available from the pre-matric to post-matric levels, the administration is also seeking to help students continue their education through higher classes.

*Students find it easier to focus on studies*

For the students staying at the hostel, the new arrangement has eased some of the practical difficulties of pursuing education away from home. Class 9 student Ritesh Soni of Halamimunjmeta said the students are happy with the new campus. The safe surroundings, proximity to school and opportunity to study with peers have made their daily routine easier.

Komendra, a Class 12 student from Rajbeda, earlier had to arrange accommodation near his school, located around 22 km from his village. This also added to his family’s expenses. The hostel has now provided him with a secure place to stay while he continues his studies.

*Collector reviews hostel facilities*

Collector Smt. Namrata Jain conducted a surprise inspection of the hostel, reviewing the rooms, food arrangements, sanitation and other basic facilities. She also interacted with the students and heard their requirements and concerns.

She assured the students that necessary arrangements would be made to address their genuine needs and urged them to maintain cleanliness in the hostel and their rooms.

During the inspection, the Collector also visited the kitchen and checked the food being prepared for the students. She reviewed the quality of rice and vegetables and directed the staff to maintain hygiene and serve breakfast and meals according to the prescribed menu.

*A new chapter for Bhatpal*

The Bhatpal campus now serves a very different purpose. Students in school uniforms move between their hostel and classroom, while the facility provides them with a place to live as they continue their education.

The initiative also reflects the administration’s effort to use existing infrastructure to address local needs. At Bhatpal, a facility that once served one purpose has been adapted to support the education of the next generation.

अबूझमाड़ में बदलाव की नई इबारत: जहां 15 साल रहा सुरक्षा कैंप, अब वहीं संवर रहा आदिवासी बच्चों का भविष्य

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अबूझमाड़ में बदलाव की नई इबारत: जहां 15 साल रहा सुरक्षा कैंप, अब वहीं संवर रहा आदिवासी बच्चों का भविष्य

बस्तर संभाग में अपनी तरह की पहली पहल, भाटपाल के पूर्व सुरक्षा कैंप को बनाया गया जनजातीय विद्यार्थियों का छात्रावास

जहां कभी सुरक्षा बलों की तैनाती थी, वहां अब गूंज रही बच्चों की पढ़ाई की आवाज; दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों को मिली शिक्षा और सुरक्षित आवास की सुविधा

रायपुर,// नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ में बदलाव की एक नई और उम्मीद जगाने वाली तस्वीर सामने आई है। नारायणपुर जिले के भाटपाल में जिस परिसर में करीब 15 वर्षों तक सुरक्षा बलों का कैंप संचालित होता रहा, आज उसी परिसर में दूरस्थ आदिवासी गांवों के बच्चे रहकर अपने बेहतर भविष्य की तैयारी कर रहे हैं।

बस्तर संभाग में अपनी तरह की इस पहली पहल के तहत पुराने सुरक्षा कैंप को जनजातीय विद्यार्थियों के छात्रावास और शिक्षा से जुड़े केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। कभी सुरक्षा और शांति की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला यह परिसर अब शिक्षा, अवसर और नई पीढ़ी के भविष्य निर्माण का आधार बन गया है।

यह केवल किसी पुराने भवन का नया उपयोग नहीं, बल्कि उस बदलते अबूझमाड़ की कहानी है, जहां विकास की प्राथमिकताएं सुरक्षा से आगे बढ़कर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आजीविका और नई पीढ़ी के लिए अवसरों के विस्तार तक पहुंच रही हैं।

जहां सुरक्षा थी प्राथमिकता, अब शिक्षा बन रही नई पहचान

नारायणपुर जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर भाटपाल का यह परिसर लंबे समय तक सुरक्षा बलों का महत्वपूर्ण ठिकाना रहा। करीब 15 वर्षों तक यहां सुरक्षा बल तैनात रहे। क्षेत्र में परिस्थितियां बदलने के बाद परिसर खाली हुआ तो जिला प्रशासन ने इसे अनुपयोगी छोड़ने के बजाय बच्चों की शिक्षा से जोड़ने का निर्णय लिया।

कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन की पहल पर इस परिसर को उन जनजातीय विद्यार्थियों के लिए छात्रावास के रूप में विकसित किया गया, जो दूरस्थ और दुर्गम गांवों से पढ़ने आते हैं। लंबी दूरी और आवास की सुविधा नहीं होने के कारण ऐसे विद्यार्थियों के लिए नियमित पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं था।

11 अगस्त 2026 से यहां विद्यार्थियों के लिए आवासीय व्यवस्था शुरू की गई। इसके साथ ही जिस परिसर की पहचान कभी सुरक्षा कैंप के रूप में थी, उसकी भूमिका पूरी तरह बदल गई।

एक ही परिसर में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के बच्चों को सहारा

भाटपाल के पूर्व सुरक्षा कैंप परिसर में वर्तमान में अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए दो छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं।

प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास में कक्षा 6वीं से 10वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 100 सीटें स्वीकृत हैं। वर्तमान में यहां 114 विद्यार्थी रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों से आने वाले इन बच्चों को विद्यालय के समीप सुरक्षित आवास मिलने से उनकी नियमित शिक्षा की राह आसान हुई है।

इसी परिसर में पोस्ट-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास भी संचालित किया जा रहा है। इसमें कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए 50 सीटें स्वीकृत हैं और वर्तमान में 39 विद्यार्थी निवासरत हैं। यह व्यवस्था एजुकेशन सिटी कुतुल से संबद्ध विद्यार्थियों की आवासीय आवश्यकता को भी पूरा कर रही है।

विशेष रूप से पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास की शुरुआत उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है, जिन्हें दसवीं के बाद आगे की पढ़ाई के लिए विद्यालय के आसपास निजी आवास तलाशना पड़ता था। इससे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था। अब छात्रावास मिलने से उन्हें सुरक्षित आवास के साथ पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण भी मिल रहा है।

स्कूल सिर्फ 50 मीटर दूर, दूरी की बड़ी बाधा हुई कम

दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा की राह में केवल स्कूल में प्रवेश लेना ही चुनौती नहीं होती। लंबी दूरी, परिवहन और रहने की व्यवस्था भी उनकी नियमित पढ़ाई को प्रभावित करती है।

भाटपाल की नई व्यवस्था ने इस समस्या का व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भाटपाल छात्रावास से महज 50 मीटर की दूरी पर है। इससे विद्यार्थियों को रोज लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं पड़ती और वे अपना अधिक समय पढ़ाई में लगा पा रहे हैं।

प्री-मैट्रिक से पोस्ट-मैट्रिक तक आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से बच्चों की पढ़ाई को निरंतर बनाए रखने में भी मदद मिल रही है। प्रशासन का प्रयास है कि बच्चे केवल स्कूल में दाखिला ही न लें, बल्कि उच्च कक्षाओं तक अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।

बच्चों की आंखों में दिख रहा बदलाव

इस बदलाव का वास्तविक अर्थ यहां रहने वाले बच्चों के अनुभवों में दिखाई देता है।

हलामीमुंजमेटा से आने वाले कक्षा 9वीं के विद्यार्थी रितेश सोनी बताते हैं कि नए परिसर में आने के बाद विद्यार्थी काफी खुश हैं। सुरक्षित वातावरण में रहना, स्कूल का पास होना और साथियों के साथ पढ़ाई करना उनके लिए सुविधाजनक हो गया है।

राजबेड़ा के रहने वाले कक्षा 12वीं के विद्यार्थी कोमेंद्र करीब 22 किलोमीटर दूर से आते हैं। छात्रावास शुरू होने से पहले विद्यालय के पास रहने के लिए उन्हें अलग से आवास की व्यवस्था करनी पड़ती थी। इससे परिवार पर अतिरिक्त खर्च भी आता था। अब छात्रावास में सुरक्षित और व्यवस्थित आवास मिलने से उनकी यह चिंता दूर हुई है।

कलेक्टर पहुंचीं बच्चों के बीच, जानी छात्रावास की व्यवस्थाएं

कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन ने भाटपाल पहुंचकर छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों के कमरों, भोजन व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया तथा बच्चों से सीधे संवाद किया।

विद्यार्थियों ने भी खुलकर अपनी आवश्यकताओं और समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराया। श्रीमती जैन ने उनकी जायज मांगों पर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

उन्होंने बच्चों को छात्रावास परिसर और अपने कमरों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण विद्यार्थियों को पढ़ाई पर बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है।

भोजन की गुणवत्ता तक परखी

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास के किचन में पहुंचकर बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन का भी जायजा लिया। उन्होंने चावल एवं सब्जी की गुणवत्ता देखी तथा स्वच्छता और निर्धारित मीनू के अनुसार नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

अबूझमाड़ के बदलाव की प्रतीक बनी भाटपाल की कहानी

भाटपाल का यह परिवर्तन अबूझमाड़ और नारायणपुर की बदलती विकास यात्रा की एक महत्वपूर्ण तस्वीर प्रस्तुत करता है।

लंबे समय तक नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले इस अंचल में अब विकास की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों में शिक्षा भी महत्वपूर्ण केंद्र बन रही है। दूरस्थ गांवों के बच्चों को विद्यालय तक पहुंचाने के साथ उन्हें वहीं बनाए रखने और उच्च कक्षाओं तक शिक्षा जारी रखने के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

भाटपाल में इसका प्रतीकात्मक स्वरूप और भी प्रभावी है।

जिस परिसर में कभी सुरक्षा बलों की गतिविधियां इसकी पहचान हुआ करती थीं, आज उसी परिसर में स्कूल यूनिफॉर्म पहने बच्चे किताबों के साथ अपने भविष्य की तैयारी कर रहे हैं।

करीब 15 वर्षों तक सुरक्षा का केंद्र रहा यह परिसर अब शिक्षा का सहारा बन गया है। सुरक्षा के लिए खड़ी की गई अधोसंरचना आज नई पीढ़ी को अवसर देने के काम आ रही है।

भाटपाल की कहानी बदलते अबूझमाड़ की उस तस्वीर को सामने लाती है, जहां बदलाव का अर्थ केवल सड़क, भवन और दूसरी अधोसंरचनाओं का निर्माण नहीं, बल्कि दूरस्थ गांवों के बच्चों के लिए शिक्षा और बेहतर भविष्य के नए रास्ते खोलना भी है।

जहां कभी सुरक्षा कैंप था, वहां आज बच्चों का छात्रावास है। जहां सुरक्षा बलों की मौजूदगी परिसर की पहचान थी, वहां अब विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य के सपने नई पहचान बन रहे हैं।

सुरक्षा से शिक्षा तक का भाटपाल का यह सफर बदलते अबूझमाड़ की कहानी को एक नई भाषा दे रहा है।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सचित्र जीवनगाथा से परिपूर्ण स्मारक बनेगा-पुन्नुलाल मोहले

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स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सचित्र जीवनगाथा से परिपूर्ण स्मारक बनेगा-पुन्नुलाल मोहले

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली: महात्मा गांधी एवं लालबहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर स्वंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संस्था द्वारा सेनानियों के परिवार के सदस्यों के लिए परिचय सम्मेलन एवं विचार गोष्ठी का आयोजन सियान सदन में किया गया। सर्वप्रथम सेनानी परिवार के सदस्यों द्वारा पुराना बस स्टेंड स्थित गांधी प्रतिमा में माल्यार्पण कर सेनानियों के नाम स्थापित कीर्ति स्तंभ व शिलालेख पट्टिका के समक्ष 41 मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजली अर्पित किया गया। तत्पश्चात राष्ट्रीय ध्वज फहराकर राष्ट्र गीत वंदे मातरम व राष्ट्रगान गाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व केबिनेट मंत्री एवं विधायक पुन्नूलाल मोहले तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष शरद ताम्रकार ने किया। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक एवं राजमहंत सांवला राम डाहरे उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक एवं संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश बाजपेयी, जिलाध्यक्ष भाजपा दीनानाथ केशरवानी, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीकांत पांडेय, अध्यक्ष जनपद पंचायत ठा.रामकमल सिंह एवं अध्यक्ष न.पा.परिषद रोहित शुक्ला विशेष रूप से उपस्थित रहे। सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं राष्ट्रपिता महात्मागांधी, लालबहादुर शास्त्री, डाॅ.भीमराव अम्बेडकर के छायाचित्र के समक्ष द्वीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। आयोजकों ने अतिथियों का सुतमाला, गांधी टोपी, बुके एवं बैज लगाकर स्वागत किया। संगठन के अध्यक्ष ने स्वागत उद्बोधन के साथ सेनानियों के गौरवगाथा एवं देश के प्रति उनके योगदान के स्मृति में इस पावन अवसर पर परिचय सम्मेलन आयोजन के उद्देश्य को बताया। प्रदेश के विभिन्न जिलों बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, भिलाई, गरियाबंद, बेमेतरा, कबीरधाम एवं मुंगेली जिले से लगभग 150 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार के उपस्थित जनों का अभिनंदन किया। विशिष्ट अतिथि चंद्रप्रकाश बाजपेयी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जाति, धर्म, सम्प्रदाय व राजनैतिक पार्टियों से ऊपर थे। उन्होंने न जाने कितने यातनाएं और कष्ट झेलें, गालियां संही, बंदी हुए और न जाने कितने वीर सपूतों ने अपनी प्राणों की आहूतियां दी। ऐसे वीर सपूतों को उन्होंने नमन किया। उनके स्मृति में बिलासपुर, कबीरधाम में प्रेरणा स्थल बना हुआ है। इस जिले में 41 के साथ-साथ 22-22 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अकेले गौरव ग्राम देवरी महंत में होना बहुत गर्व का विषय है। उनके योगदान को चिरस्थायी बनाया जाए। पूर्व विधायक एवं सत्यदीप आभा पत्रिका के प्रधान संपादक राजमहंत सांवलाराम डाहरे ने बताया कि राष्ट्रीय आंदोलन में करोड़ो लोगों ने भाग लिया किन्तु सेनानी के रूप में किसे चिन्हांकित किया गया इसका समाधान राष्ट्रीय आंदोलन के ग्रंथो से ज्ञात हुआ। करोड़ो लोगों के साथ सतनामी समाज के भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का योगदान रहा है। उनके खोजबीन एवं जीवन परिचय तथा आजादी से जुड़े जीवन प्रसंगो को लेखन एवं संकलन कर किताब के रूप में तैयार करने का अवसर मिला । अभी भी कुछ सेनानियों की जानकारी अज्ञात है। भावी पीढ़ी अपने समाज के सेनानियों को जाने-पहचानें और गौरवान्वित हों और उनके कुर्बानियों से प्रेरणा प्राप्त करें। अंत में मुख्य अतिथि पुन्नूलाल ने कहा कि डाहरे जी ने जो संघर्ष कर सेनानियों के जीवन गाथा को किताबों में उकेरा है बहुत बड़ी बात है। मैंने गौरव ग्राम देवरी महंत को गोद लिया है जिले के सेनानी परिवार के सदस्यों ने प्रदेश भर के सेनानी परिवार के सदस्यों को सियान सदन में एकत्रित कर बड़ी भूमिका निभाई है। ऐसे आयोजन से हम सबको प्रेरणा मिल रही है। मैं भलीभांति नगर एवं क्षेत्र के सेनानियों के संघर्ष को जानता हूं। उन्होंने कहा कि सेनानियों के सचित्र जीवनगाथा से परिपूर्ण स्मारक बने ऐसा मेरा पूर्ण प्रयास रहेगा। जिसे प्रदेश ही नहीं वरन देश के आने वाले लोग स्मारक को देखकर प्रेरणा लें। उन्होंने विभिन्न जिलों से आये हुए सेनानी परिवार के प्रतिनिधियों को मोमेंटो भेंट कर सम्मान किया। ऐसे आयोजन प्रत्येक जिले में होना चाहिए। सभी उपस्थितजनों के लिए स्वल्पाहार एवं भोजन की व्यवस्था की गई थी। आयोजन में डाॅ. भीमराव अम्बेडकर शिक्षण संस्थान परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर संगठन के संरक्षक दुष्यंत दुबे, राधेश्याम सोनी, दिनदयाल कोशले, मुंजन कुर्रे, दास कुर्रे, उषाकिरण बाजपेयी, नरेश यदु, शिरिष शर्मा, अनिल तिवारी, लोकनाथ सिंह, दादू कोटवानी, जेठमल कोटड़िया, रविन्द्र पुराणिक, वरिष्ठ नागरिक संघ के जिलाध्यक्ष सईद खान, एच.आर.भास्कर, एस.पी.कौशिक आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे। मंच संचालन राजेन्द्र दिवाकर एवं प्रीतम कोशले तथा आभार प्रदर्शन संगठन सचिव अजय कोशले ने किया।

गांधी-शास्त्री जयंती पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन

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गांधी-शास्त्री जयंती पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली:- डाॅ.भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय मुंगेली द्वारा व्यवस्थापक एच.आर.भास्कर एवं संस्थाध्यक्ष राजेन्द्र दिवाकर के निर्देशन में सेवा, समर्पण और स्वच्छता अभियान के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं द्वितीय प्रधानमंत्री लालबहादूर शास्त्री की जयंती के अवसर पर विद्यालय परिसर में सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम महात्मागांधी एवं लालबहादुर शास्त्री तथा डाॅ.भीमराव अम्बेडकर के छायाचित्र के समक्ष द्वीप प्रज्वलन किया गया। तत्पश्चात सर्वधर्म प्रार्थना की गई। प्रार्थना में प्रातः स्मरण, सरस्वती वंदना, गुरू महिमा, रघुपति राघव राजाराम, जय बोलो सतधर्मों के पश्चात् विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने धर्मों के माध्यम से पूरे देश व समाज में शांति और भाईचारा का संदेश दिया गया । मौन प्रार्थना के साथ वी शैल ओव्हर कम, हर देश में तू, हरवेश में तू और अंत में शांति पाठ किया गया। संस्थाध्यक्ष ने कहा कि बापू के सत्य, अहिंसा व आदर्श को आज भी भारत ही नहीं वरन पूरा विश्व याद करता है। हमें उनके त्याग, बलिदान और आदर्श को याद कर आत्मसात करना चाहिए। लालबहादूर शास्त्री के बारे में कहा कि उन्होंने देश निर्माण के समय कठिन परिस्थितियों में कार्य कर देश को आगे बढ़ाया। ’’जय जवान-जय किसान का नारा’’ देकर युवाओं एवं कृषि जगत को प्रोत्साहित किया। ऐसे दोनों महापुरूषों को सादर नमन। अंत में विद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर स्वच्छता का संदेश दिया गया। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारी व सदस्य तथा विद्यालय के प्राचार्य श्रीमती आशा दिवाकर, उपप्राचार्य छत्रपाल डाहिरे, छात्र-छात्रा, शिक्षक-शिक्षिका विशेष रूप से उपस्थित रहे।

शीतला स्व-सहायता समूह की महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर हो रही अग्रसर

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शीतला स्व-सहायता समूह की महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर हो रही अग्रसर

*सब्जी की खेती कर कमाए 02 लाख रुपये*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली, // मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने, तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने तथा बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले के ग्राम अमलीडीह की शीतला स्व-सहायता समूह ने सामूहिक मेहनत और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायी मिसाल प्रस्तुत की है।

समूह की अध्यक्ष श्रीमती मंजू साहू ने बताया कि समूह की महिलाओं ने सामूहिक रूप से ककड़ी सहित विभिन्न मौसमी सब्जियों का उत्पादन किया। बेहतर योजना, नियमित देखभाल और समय पर विपणन के कारण समूह को लगभग डेढ़ लाख से दो लाख रुपये तक की आय प्राप्त हुई। इस सफलता से समूह की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ही महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। श्रीमती मंजू साहू ने बताया कि पहले महिलाएं केवल पारंपरिक खेती तक सीमित थीं, लेकिन स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने सब्जी उत्पादन को आय का प्रभावी माध्यम बनाया। आज समूह की महिलाएं खेती के साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सब्जी उत्पादन से होने वाली अतिरिक्त आय का उपयोग परिवार की आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा और कृषि गतिविधियों के विस्तार में कर रही हैं।

कृषक उन्नति योजना: 3,100 प्रति क्विंटल की दर से धान बेचकर नील बारले को मिली बेहतर आय

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कृषक उन्नति योजना: 3,100 प्रति क्विंटल की दर से धान बेचकर नील बारले को मिली बेहतर आय

*तीन एकड़ में 60 क्विंटल से अधिक धान का हो रहा उत्पादन*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली, // कृषक उन्नति योजना के माध्यम से धान उत्पादक किसानों को निर्धारित मानदंडों के अनुसार बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ खेती-किसानी को आर्थिक मजबूती मिल रही है। मुंगेली विकासखंड के ग्राम कोहड़िया निवासी कृषक नील बारले भी इसका लाभ लेकर अपनी कृषि गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके पास तीन एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे लगभग 60 क्विंटल से अधिक धान का उत्पादन करते हैं। कृषक नील कुमार बारले ने बताया कि वे अपनी धान की उपज को धान खरीदी केन्द्र में कृषक उन्नति योजना के तहत 3,100 प्रति क्विंटल की दर एवं 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से विक्रय करते हैं। इससे उन्हें अपनी कृषि उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है और खेती से होने वाली आय को मजबूती मिल रही है।

नील बारले ने बताया कि धान की उपज का निर्धारित दर पर विक्रय होने से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। उन्होंने शासन की किसान हितैषी योजनाओं को उपयोगी बताते हुए कहा कि समर्थन एवं बेहतर मूल्य से किसानों को खेती की लागत और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक सहारा मिलता है। उन्होंने बताया कि धान की बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग वे कृषि संबंधी जरूरतों सहित परिवार की आवश्यक आवश्यकताओं को पूरा करने में करते हैं। बेहतर मूल्य मिलने से किसानों में खेती के प्रति भरोसा और उत्साह बढ़ता है। नील बारले ने कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं और धान के बेहतर मूल्य को किसानों के लिए उपयोगी बताते हुए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

मोबाईल रिपेयरिंग सामान चोरी करने वालोे आरोपीयो पर तारबाहर पुलिस का प्रहार

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मोबाईल रिपेयरिंग सामान चोरी करने वालोे आरोपीयो पर तारबाहर पुलिस का प्रहार

♦️ आरोपीगण जी.एम. मोबाईल दुकान में काम करते थे। 

♦️ मालिक के बाहर जाने से करते थे मोबाईल पार्टस कि चोरी

नाम आरोपी- 1. नितेश गुप्ता उर्फ मोनू पिता लक्ष्मीकांत गुप्ता उम्र 27 साल सा. बाजार चौक यदुनंदन नगर तिफरा थाना सिरगिट्टी जिला बिलासपुर

2. सचिन श्रीवास उर्फ तरूण पिता लक्ष्मी प्रसाद श्रीवास उम्र 19 साल सा. बंधवापारा जांजी तालाब के पास थाना सरकंडा बिलासपुर

 संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर – मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी निरंकार चंद्रमलघानी ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसका राजीव प्लाजा में जी.एम. मोबाईल नाम से मोबाईल पार्टस एवं रिपेयरिंग का दुकान ह। प्रार्थी अपने पिता जी का ईलाज कराने बाहर गया था इसके दुकान में काम करने वाले निेतेश गुप्ता, साहिल नरवारे, एवं सचिन श्रीवास के द्वारा इसके दुकान से 15 से 20 बाक्स मोबाईल काम्बो एवं अन्य सामान को चोरी कर ले गया है कि रिपोर्ट पर थाना अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। प्रकरण में विवेचना के दौरान आरोपीगणो को थाना तलब कर पूछताछ कर उसके कब्जे चोरी के सामान को जप्त कर आरोपीगणो को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

स्वामी विवेकानंद एकेडमी के प्रशिक्षणार्थियों ने दौड़ में दिखाया दमखम

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स्वामी विवेकानंद एकेडमी के प्रशिक्षणार्थियों ने दौड़ में दिखाया दमखम

*10 किलोमीटर रोड रनिंग के बाद बालकों की 1500 मीटर एवं बालिकाओं की 800 मीटर दौड़ प्रतियोगिता आयोजित।*

कबीरधाम :-जिला के पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हेमसागर सिदार तथा श्री अमित कुमार पटेल के मार्गदर्शन में कबीरधाम पुलिस द्वारा स्वामी विवेकानंद एकेडमी का संचालन किया जा रहा है। एकेडमी के माध्यम से कबीरधाम जिले सहित अन्य जिलों के ऐसे बेरोजगार युवक-युवतियों को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो पुलिस भर्ती, आर्मी, सीआरपीएफ, बीएसएफ, सब-इंस्पेक्टर सहित अन्य सुरक्षा सेवाओं में भर्ती की तैयारी करना चाहते हैं।

एकेडमी में प्रशिक्षणार्थियों को इंडोर एवं आउटडोर गतिविधियों के माध्यम से शारीरिक दक्षता, अनुशासन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है, ताकि युवा अपनी क्षमता को बेहतर तरीके से विकसित कर भर्ती परीक्षाओं में सफलता के लिए स्वयं को तैयार कर सकें।

इसी क्रम में आज प्रातः प्रशिक्षणार्थियों द्वारा 10 किलोमीटर रोड रनिंग की गई। इसके पश्चात स्वामी कालपात्री ग्राउंड में बालकों के लिए 1500 मीटर तथा बालिकाओं के लिए 800 मीटर दौड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में युवक-युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी शारीरिक दक्षता और प्रतिस्पर्धी भावना का प्रदर्शन किया।

बालक वर्ग में शोभित धुर्वे ने प्रथम, यशवंत साहू ने द्वितीय, निखिल ने तृतीय तथा धनेश्वर साहू ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। बालिका वर्ग में नीमा धुर्वे ने प्रथम, हेमलता पोर्ते ने द्वितीय, पूजा पटेल ने तृतीय तथा रानू खुसरो ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी विजेताओं को पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (अजाक/क्राइम) श्री प्रशांत देवांगन द्वारा नगद पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

स्वामी विवेकानंद एकेडमी के प्रशिक्षक श्री दशरथ साहू एवं सुश्री रीना शर्मा द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को नियमित रूप से शारीरिक दक्षता एवं भर्ती परीक्षा की तैयारी कराई जा रही है। कबीरधाम पुलिस की यह पहल युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उनकी प्रतिभा को निखारने, आत्मविश्वास बढ़ाने तथा पुलिस एवं अन्य सुरक्षा सेवाओं में रोजगार के अवसरों के लिए उन्हें तैयार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

रतनपुर माँ महामाया धर्म नगरी में होगा डिस्को डांडिया फेस्टिवल! जानें टिकट से लेकर तारीख तक, हर डिटेल नवरात्रि के 9 दिन जगह-जगह डांडिया और गरबा का

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रतनपुर माँ महामाया धर्म नगरी में होगा डिस्को डांडिया फेस्टिवल! जानें टिकट से लेकर तारीख तक, हर डिटेल

नवरात्रि के 9 दिन जगह-जगह डांडिया और गरबा का आयोजन किया जा रहा है. हर बार की तरह विगत पांच वर्षो से आयोजित डांडिया का रास इस बार भी रतनपुर नया बस स्टैंड मे नवयुथ डांडिया ग्रुप के तत्वाधान में डिस्को डांडिया फेस्टिवल ऑर्गेनाइज होगा. इस आर्टिकल में जानिए इसकी एंट्री टिकट से लेकर तारीख 

बिलासपुर ब्यूरो चीफ़ मोहनीश सिंह राजपूत

नवरात्रि के 9 दिन मां की पूजा-अर्चना के साथ ही उनके स्वागत में लोग जमकर सेलिब्रेट भी करते हैं. देशभर में हर तरफ जबरदस्त रौनक देखने को मिलती है. रतनपुर शारदीय नवरात्रि इस बार 11 अक्टूबर से शुरू हो रही हैं. इसकी तैयारियां भी होने लगी हैं. इस दौरान यहाँ नव यूथ डांडिया ग्रुप,गरबा नाइट्स ऑर्गनाइज करते हैं और इसमें डांस से लेकर लाइव कॉन्सर्ट, जायकेदार फूड्स तक…बहुत कुछ होता है. शुभारंभ. आपको भी इसमें शामिल होना है तो अभी से सारी डिटेल्स जान लें.

जानकारी के मुताबिक, यहाँ इस नवरात्रि डिस्को डांडिया रास गरबा मे भोपाल ढ़ोल का परफार्म आकर्षण बनने वाला हैं,, फेस्टिवल जो होगा. इसमें कई कलाकार भी आ रहे हैं, जैसे भिलाई लाईव सिंगिंग ग्रुप जिससे और भी समां बंध जाएगा. तो चलिए जान लेते हैं कि आप कैसे पहुंच सकते हैं यहां. क्या रहेंगी डेट्स, किस दिन कौन से परफॉर्मर आएंगे और एंट्री टिकट की क्या डिटेल्स हैं.

रतनपुर विगत वर्षो की तरह गरबा की परंपराओं के साथ हाई-एनर्जी पार्टी का माहौल भी मिलेगा. इसी के साथ जाने-माने डीजे यहां भोपाल ढोलक लाइव परफॉर्म करेंगे. आप अपने ग्रुप, पार्टनर के साथ यहां आ सकते हैं या फिर सोलो भी एंजॉय कर सकते हैं. लाइव DJ के साथ ही फ्ली मार्केट, शानदार और कंटेंट के लिए बेहतरीन अनुभव मिलेगा.

इवेंट की डेट्स-वेन्यू कर लें नोट

शुभारंभ डिस्को डांडिया इवेंट की शुरुआत शुक्रवार 12,13 अक्टूबर 2026 को होगी. ये तीन दिन का इवेंट होगा, इसलिए9, 10 और 11 अक्टूबर को भी आप यहां प्रेक्टिस सेसन मे पहुंच सकते हैं. शाम को 4 बजे से लोगों की एंट्री शुरू कर दी जाएगी. तो फिर ड्रेसअप होकर पहुंच जाएं वेन्यू पर. रतनपुर नया बस स्टैंड

एंट्री टिकट की जानकारी

आप इस इवेंट शुभारंभ 2026 के लिए ऑनलाइन district.in से टिकट बुक कर सकते हैं, जिसमें आपको ऑफर बी मिल जाएंगे. टिकट की एडवांस बुकिंग शुरू भी हो चुकी है.

ये हैं बाकी की डिटेल्स

यहां पर नो अल्कोहल है और आपको स्टॉल्स पर सिर्फ वेज फूड ही मिलेगा. इसी के साथ सेपरेट वॉशरूम की सुविधा भी होगी. हर एज के लिए एंट्री अलाउड है, लेकिन पेट्स लेकर नहीं जा सकते हैं. ड्रेस कोड में आप वाइब्रेंट एथनिक या सेमी एथनिक आउटफिट कैरी कर सकते हैं जो गरबा, डांडिया जैसे आयोजन के लिए परफेक्ट हो. एक बार बाहर आने के बाद री-एंट्री नहीं होगी. फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की जा सकती है. इवेंट में इंडियन म्यूजिक प्ले होगा और ये भी ध्यान रखें कि यहां पर सिर्फ खड़े होने के लिए आउटडोर वेन्यू है. ऐसे में बैठने की व्यवस्था नहीं होगी.

*सेवा संकल्प अभियान: जिला स्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित*

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*‘मेरे सपनों का भारत’ सहित समसामयिक विषयों पर विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा*

*120 छात्र-छात्राओं ने लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा*

तीजराम साहू ब्यूरो मुंगेली // सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों में रचनात्मकता, अभिव्यक्ति क्षमता, सामाजिक सरोकार एवं देश के भविष्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, दाउपारा में जिला स्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विकासखंड पथरिया, लोरमी एवं मुंगेली के विभिन्न विद्यालयों से कुल 120 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। चित्रकला प्रतियोगिता में प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला स्तर से 30 तथा हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्तर से 30 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इसी प्रकार भाषण प्रतियोगिता में भी प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला स्तर से 30 तथा हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्तर से 30 विद्यार्थी शामिल हुए। इस प्रकार चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता में कुल 120 विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में लगभग 80 प्रतिशत छात्राओं एवं 20 प्रतिशत छात्रों की सहभागिता रही, जो विद्यार्थियों में रचनात्मक एवं बौद्धिक गतिविधियों के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

*‘मेरे सपनों का भारत’ सहित विभिन्न विषयों पर रचनात्मक अभिव्यक्ति*

जिला शिक्षा अधिकारी श्री एम.एल.पटेल जिला मिशन समन्वयक अशोक सोनी ने बताया कि प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विभिन्न समसामयिक एवं सामाजिक विषयों पर अपनी कल्पनाशीलता और विचारों को चित्रों एवं भाषण के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रमुख विषयों में ‘मेरे सपनों का भारत’, स्वच्छता, नक्सलवाद, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल इंडिया, सेना का शौर्य, नया कश्मीर एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभाव शामिल रहे। चित्रकला के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने सपनों के भारत की कल्पना, स्वच्छ एवं सुंदर समाज, महिला सशक्तिकरण तथा तकनीकी प्रगति जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने समसामयिक विषयों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए अपनी अभिव्यक्ति क्षमता, तार्किक सोच एवं आत्मविश्वास का परिचय दिया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ देश, समाज और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सोचने एवं अपने विचार व्यक्त करने का अवसर मिला। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, सामाजिक जागरूकता, देश के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने का कार्य किया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम संयोजक गुरमीत सलूजा,सहसंयोजक रिंकू सिंह ठाकुर एवं सोम वैष्णव जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. एम. एल. पटेल ,जिला मिशन समन्वयक श्री अशोक सोनी, खंड शिक्षा अधिकारी मुंगेली श्रीमती विमित्रा धृतलहरे ,प्राचार्य जे.एस. ध्रुव ,प्राचार्य श्रीमती लीला श्रीवास्तव, सहायक परियोजना समन्वयक प्रदीप उपाध्याय सहित सम्माननीय जनप्रतिनिधिगण , शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शैक्षिक समन्वयक , शिक्षकगण , पालकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।