स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सचित्र जीवनगाथा से परिपूर्ण स्मारक बनेगा-पुन्नुलाल मोहले

मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली: महात्मा गांधी एवं लालबहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर स्वंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संस्था द्वारा सेनानियों के परिवार के सदस्यों के लिए परिचय सम्मेलन एवं विचार गोष्ठी का आयोजन सियान सदन में किया गया। सर्वप्रथम सेनानी परिवार के सदस्यों द्वारा पुराना बस स्टेंड स्थित गांधी प्रतिमा में माल्यार्पण कर सेनानियों के नाम स्थापित कीर्ति स्तंभ व शिलालेख पट्टिका के समक्ष 41 मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजली अर्पित किया गया। तत्पश्चात राष्ट्रीय ध्वज फहराकर राष्ट्र गीत वंदे मातरम व राष्ट्रगान गाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व केबिनेट मंत्री एवं विधायक पुन्नूलाल मोहले तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष शरद ताम्रकार ने किया। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक एवं राजमहंत सांवला राम डाहरे उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक एवं संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश बाजपेयी, जिलाध्यक्ष भाजपा दीनानाथ केशरवानी, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीकांत पांडेय, अध्यक्ष जनपद पंचायत ठा.रामकमल सिंह एवं अध्यक्ष न.पा.परिषद रोहित शुक्ला विशेष रूप से उपस्थित रहे। सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं राष्ट्रपिता महात्मागांधी, लालबहादुर शास्त्री, डाॅ.भीमराव अम्बेडकर के छायाचित्र के समक्ष द्वीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। आयोजकों ने अतिथियों का सुतमाला, गांधी टोपी, बुके एवं बैज लगाकर स्वागत किया। संगठन के अध्यक्ष ने स्वागत उद्बोधन के साथ सेनानियों के गौरवगाथा एवं देश के प्रति उनके योगदान के स्मृति में इस पावन अवसर पर परिचय सम्मेलन आयोजन के उद्देश्य को बताया। प्रदेश के विभिन्न जिलों बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, भिलाई, गरियाबंद, बेमेतरा, कबीरधाम एवं मुंगेली जिले से लगभग 150 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार के उपस्थित जनों का अभिनंदन किया। विशिष्ट अतिथि चंद्रप्रकाश बाजपेयी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जाति, धर्म, सम्प्रदाय व राजनैतिक पार्टियों से ऊपर थे। उन्होंने न जाने कितने यातनाएं और कष्ट झेलें, गालियां संही, बंदी हुए और न जाने कितने वीर सपूतों ने अपनी प्राणों की आहूतियां दी। ऐसे वीर सपूतों को उन्होंने नमन किया। उनके स्मृति में बिलासपुर, कबीरधाम में प्रेरणा स्थल बना हुआ है। इस जिले में 41 के साथ-साथ 22-22 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अकेले गौरव ग्राम देवरी महंत में होना बहुत गर्व का विषय है। उनके योगदान को चिरस्थायी बनाया जाए। पूर्व विधायक एवं सत्यदीप आभा पत्रिका के प्रधान संपादक राजमहंत सांवलाराम डाहरे ने बताया कि राष्ट्रीय आंदोलन में करोड़ो लोगों ने भाग लिया किन्तु सेनानी के रूप में किसे चिन्हांकित किया गया इसका समाधान राष्ट्रीय आंदोलन के ग्रंथो से ज्ञात हुआ। करोड़ो लोगों के साथ सतनामी समाज के भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का योगदान रहा है। उनके खोजबीन एवं जीवन परिचय तथा आजादी से जुड़े जीवन प्रसंगो को लेखन एवं संकलन कर किताब के रूप में तैयार करने का अवसर मिला । अभी भी कुछ सेनानियों की जानकारी अज्ञात है। भावी पीढ़ी अपने समाज के सेनानियों को जाने-पहचानें और गौरवान्वित हों और उनके कुर्बानियों से प्रेरणा प्राप्त करें। अंत में मुख्य अतिथि पुन्नूलाल ने कहा कि डाहरे जी ने जो संघर्ष कर सेनानियों के जीवन गाथा को किताबों में उकेरा है बहुत बड़ी बात है। मैंने गौरव ग्राम देवरी महंत को गोद लिया है जिले के सेनानी परिवार के सदस्यों ने प्रदेश भर के सेनानी परिवार के सदस्यों को सियान सदन में एकत्रित कर बड़ी भूमिका निभाई है। ऐसे आयोजन से हम सबको प्रेरणा मिल रही है। मैं भलीभांति नगर एवं क्षेत्र के सेनानियों के संघर्ष को जानता हूं। उन्होंने कहा कि सेनानियों के सचित्र जीवनगाथा से परिपूर्ण स्मारक बने ऐसा मेरा पूर्ण प्रयास रहेगा। जिसे प्रदेश ही नहीं वरन देश के आने वाले लोग स्मारक को देखकर प्रेरणा लें। उन्होंने विभिन्न जिलों से आये हुए सेनानी परिवार के प्रतिनिधियों को मोमेंटो भेंट कर सम्मान किया। ऐसे आयोजन प्रत्येक जिले में होना चाहिए। सभी उपस्थितजनों के लिए स्वल्पाहार एवं भोजन की व्यवस्था की गई थी। आयोजन में डाॅ. भीमराव अम्बेडकर शिक्षण संस्थान परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर संगठन के संरक्षक दुष्यंत दुबे, राधेश्याम सोनी, दिनदयाल कोशले, मुंजन कुर्रे, दास कुर्रे, उषाकिरण बाजपेयी, नरेश यदु, शिरिष शर्मा, अनिल तिवारी, लोकनाथ सिंह, दादू कोटवानी, जेठमल कोटड़िया, रविन्द्र पुराणिक, वरिष्ठ नागरिक संघ के जिलाध्यक्ष सईद खान, एच.आर.भास्कर, एस.पी.कौशिक आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे। मंच संचालन राजेन्द्र दिवाकर एवं प्रीतम कोशले तथा आभार प्रदर्शन संगठन सचिव अजय कोशले ने किया।

