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*बच्चों के चेहरों पर मुस्कान, कर्मचारियों का जन्मदिन बना यादगार – “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँ*

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*बच्चों के चेहरों पर मुस्कान, कर्मचारियों का जन्मदिन बना यादगार – “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँ*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर, जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है – खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।

इसी क्रम में आज ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक श्री मनीष कुमार चंद्राकर ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर टेकारी में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।

*प्रोजेक्ट राहत के अंतर्गत आवेदक श्री दीपक नेताम को सहायता राशि स्वीकृत*

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*प्रोजेक्ट राहत के अंतर्गत आवेदक श्री दीपक नेताम को सहायता राशि स्वीकृत*

*आपदा प्रभावित परिवार को मिली आर्थिक राहत, जिला प्रशासन की पहल*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर,। जिला प्रशासन रायपुर द्वारा संचालित “प्रोजेक्ट राहत” के अंतर्गत राजस्व पुस्तक परिपत्र आरबीसी 6(4) के प्रावधानों के तहत हितग्राहियों के परिजनों को सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की जाती है। यह पहल प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावित परिवारों को त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

इसी क्रम में ग्राम खम्हरिया ब्लाक तिल्दा-नेवरा के निवासी मृतक स्व. श्रीमती सुनिता नेताम के पति श्री दीपक नेताम को 4 लाख रुपए का सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

जिला प्रशासन रायपुर द्वारा प्रोजेक्ट राहत के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को सहायता राशि उपलब्ध कराने की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आपदा प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत मिल सके।

*प्रोजेक्ट दक्ष : डिजिटल साक्षरता की दिशा में जिला प्रशासन का मजबूत कदम*

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*प्रोजेक्ट दक्ष : डिजिटल साक्षरता की दिशा में जिला प्रशासन का मजबूत कदम*

*अब तक 3900 से अधिक शासकीय कर्मचारियों को मिल चुका तकनीकि ज्ञान*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में प्रोजेक्ट दक्ष का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक कुल 226 बैचों में 3900 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।

इसी कड़ी में शिक्षा विभाग के कुल 58 सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों ने प्रोजेक्ट दक्ष के तहत ट्रेनिंग ली।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से सशक्त, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को कंप्यूटर एवं मोबाइल के मूलभूत उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल दस्तावेज़ प्रबंधन तथा ई-मेल जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।

प्रोजेक्ट दक्ष से शासकीय कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई है, जिससे ई-गवर्नेंस को मजबूती मिल रही है और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता व गति में भी सुधार हो रहा है। यह पहल शासन की डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

*जनगणना कार्य के लिए प्रशिक्षण केंद्र का जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने किया निरीक्षण*

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*जनगणना कार्य के लिए प्रशिक्षण केंद्र का जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने किया निरीक्षण*

*समय-सीमा में त्रुटिरहित कार्य सुनिश्चित करने के दिए निर्देश*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर,। आगामी जनगणना कार्य का सुव्यवस्थित एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से रायपुर जिले में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया है। इस संबंध में रायपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन ने विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

छत्तीसगढ़ जनगणना निदेशालय एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार रायपुर नगर पालिक निगम के सभी जोनों में स्कूलों एवं निर्धारित प्रशिक्षण केंद्रों पर मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री बिश्वरंजन ने निर्देशित किया कि भारत सरकार एवं राज्य जनगणना निदेशालय के दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करते हुए 1 मई 2026 से प्रारंभ होने वाले जनगणना के प्रथम चरण के समस्त कार्य निर्धारित समय-सीमा में, पूरी शुद्धता एवं जिम्मेदारी के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी प्रगणक, पर्यवेक्षक एवं संबंधित अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें।

उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान सभी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए, ताकि मैदानी स्तर पर कार्य निष्पादन में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।

निरीक्षण के दौरान नगर निगम जनगणना शाखा के प्रभारी अधिकारी एवं उपायुक्त श्री जसदेव सिंह बाबरा, जोन 1 के जनगणना चार्ज अधिकारी श्री अंशुल शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं मास्टर ट्रेनर्स उपस्थित रहे।

*Women’s reservation will ensure rightful share for half the population, strengthen role in decision-making: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai*

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*Women’s reservation will ensure rightful share for half the population, strengthen role in decision-making: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai*

Ashish kashyap Editor in chief Raipur, / Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Monday listened to Prime Minister Shri Narendra Modi’s address at the ‘Nari Shakti Vandan Sammelan’, broadcast from Vigyan Bhawan in New Delhi, at his residence office here.

He described the moment as significant for the country’s women, stating that it will further strengthen and widen the democratic framework.

Chief Minister said the effort to ensure women’s participation from “Panchayat to Parliament” reflects the direction of a changing India. He noted that the direct involvement of women in decision-making forms a strong foundation for a developed nation.

He said the discussion on the ‘Nari Shakti Vandan Act’ in Parliament on April 16 marks an important step towards giving shape to this initiative.

Chief Minister further added that women have always held a respected place in India’s cultural tradition. From the Vedic period to the present, their role in shaping society has remained central. He added that initiatives undertaken under the double-engine government are helping women move forward with greater independence and dignity.

Chief Minister said Chhattisgarh has taken several steps to strengthen women’s participation. Fifty percent reservation in local bodies has provided leadership opportunities, with a visible impact at the grassroots. Initiatives such as the ‘Mahtari Vandan Yojana’ are supporting women socially and economically.

He said it is notable that while the country is discussing women’s reservation, Chhattisgarh is observing ‘Mahtari Gaurav Varsh’. People hold ‘Chhattisgarh Mahtari’ in high regard, and women’s participation now defines the state’s identity.

Chief Minister urged women and women-centric organisations to raise their voice on every platform and take part in this process of change. He expressed confidence that greater participation of women will strengthen democracy and lead to positive social change.

“When women are empowered, the nation grows stronger,” he said, adding that the time has come to ensure equal rights and a decisive role for women in development.

Health Minister Shri Shyam Bihari Jaiswal, Rajya Sabha MP Smt. Laxmi Verma, MLA Shri Purandar Mishra, and other dignitaries were present on the occasion.

*खेती में डिजिटल क्रांति की नई उड़ान*

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*खेती में डिजिटल क्रांति की नई उड़ान*

*एग्रीस्टेक परियोजना से किसानों को तकनीकी ताकत, छत्तीसगढ़ को मिले 104 करोड़ रुपए*

*डिजिटल क्रॉप सर्वे से बढ़ी पारदर्शिता, 58 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर,/छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टेक परियोजना नई क्रांति का आधार बन रही है। इस परियोजना के अंतर्गत संचालित डिजिटल क्रॉप सर्वे (Digital Crop Survey) योजना ने राज्य में खेती-किसानी को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ते हुए पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने का कार्य किया है। मोबाइल ऐप आधारित इस सर्वे के जरिए खरीफ और रबी फसलों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जा रही है, जिससे कृषि प्रबंधन अधिक प्रभावी बन रहा है।

*85 प्रतिशत खसरों का डिजिटल सत्यापन पूर्ण*

खरीफ वर्ष 2025 के लिए 15 अगस्त 2025 से प्रारंभ किए गए डिजिटल क्रॉप सर्वे में राज्य के 33 जिलों के 18,008 गांवों के कुल 1 करोड़ 19 लाख 68 हजार 415 खसरों का सर्वेक्षण किया गया। इनमें से 1 करोड़ 18 लाख 07 हजार 537 खसरों को अनुमोदित किया गया है। इस प्रकार 85 प्रतिशत खसरों का डिजिटल सर्वे कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है। वहीं, रबी फसल वर्ष 2026 का सर्वे 1 जनवरी 2026 से जारी है।

*79 प्रतिशत किसानों की बनी फार्मर आईडी*

एग्रीस्टेक परियोजना के तहत राज्य के कुल 40 लाख 08 हजार 908 किसानों में से 31 लाख 68 हजार 555 किसानों का सत्यापन कर फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है। यह कुल किसानों का 79.22 प्रतिशत है। राज्य के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र सरकार ने विशेष केंद्रीय सहायता योजना के अंतर्गत 104 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है।

*तकनीक से मजबूत होगा कृषि तंत्र*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर खेती को अधिक सक्षम और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक परियोजना के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र मिलेगा तथा कृषि आंकड़ों का वैज्ञानिक प्रबंधन संभव होगा।

*ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का नया अवसर*

राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम बन रहा है। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन 2025-26 में 33 जिलों के 14,066 गांवों में डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य पूर्ण किया गया, जिसमें 58 हजार 335 ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को सर्वेयर के रूप में रोजगार मिला। इन युवाओं को इस कार्य के एवज में लगभग 12 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।

*साल में दो बार मिलेगा रोजगार*

अब वर्ष में दो बार—खरीफ और रबी सीजन में—डिजिटल फसल सर्वे होने से ग्रामीण युवाओं को नियमित रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और तकनीक आधारित कृषि प्रणाली को नई मजबूती मिलेगी।

*सर्वे सेतु ऐप से PVTG बसाहटों का शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित होगा:- प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा*

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*सर्वे सेतु ऐप से PVTG बसाहटों का शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित होगा:- प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा*

*मैदानी स्तर पर डिजिटल सर्वे के जरिए जुटाई जा रही जानकारी, योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग को मिलेगा बल*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर, /भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) समुदाय के समग्र विकास हेतु एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य के सभी 18 PVTG बहुल जिलों में निवासरत परिवारों का व्यापक सर्वेक्षण कर उनकी जानकारी “सर्वे सेतु ऐप” में अपलोड की जा रही है। पीवीटीजी परिवारों की वास्तविक स्थिति जानने और उन्हें योजनाओं से जोड़ने के लिए मोबाइल ऐप के माध्यम से घर-घर सर्वेक्षण किया जा रहा है।

प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि इस डिजिटल सर्वे के माध्यम से PVTG परिवारों की भौतिक एवं सामाजिक स्थिति का सटीक आंकलन किया जा रहा है, जिससे शासकीय योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि यह पहल PVTG समुदाय के शत-प्रतिशत सैचुरेशन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

यह सर्वे कार्य विभागीय मंत्री श्री रामविचार नेताम के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है, जबकि प्रमुख सचिव श्री बोरा स्वयं इसकी सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पूर्व में सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश जारी कर सर्वे कार्य में तेजी लाने को कहा गया था। राज्य के जिन 18 जिलों में यह सर्वे कार्य चल रहा है, उनमें मनेन्द्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर, बिलासपुर, धमतरी, नारायणपुर, जशपुर, सरगुजा, बलौदाबाजार, कोंडागांव, कांकेर, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही, मुंगेली, गरियाबंद, बलरामपुर, कोरबा, खैरागढ़- छुईखदान-गण्डई, कबीरधाम, रायगढ़ और महासमुंद शामिल हैं।

शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार इस सर्वे को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए जिला, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति कार्य कर रही है, जबकि विकासखंड स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं ग्राम स्तर पर सर्वे दल इस प्रक्रिया को अंजाम दे रहे हैं।
सर्वे के दौरान प्रत्येक परिवार की विस्तृत जानकारी एकत्र कर उन्हें ‘PVTG एंटाइटलमेंट कार्ड’ से जोड़ा जाएगा, जिससे योजनाओं के लाभ वितरण में पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। साथ ही, इससे शासन को भविष्य की नीतियों के निर्माण में भी सटीक डेटा उपलब्ध होगा।

भारत सरकार के निर्देशानुसार यह सर्वेक्षण कार्य अप्रैल 2026 तक पूर्ण किया जाना है। इसके लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर लगातार समीक्षा और निगरानी की जा रही है। मैदानी अमले द्वारा भी सक्रिय रूप से गांव-गांव पहुंचकर सर्वे कार्य को समय-सीमा में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने विश्वास जताया कि यह पहल न केवल PVTG समुदाय के जीवन स्तर में सुधार लाएगी, बल्कि राज्य में समावेशी विकास को भी नई दिशा दे रही है l

*करोड़ों की लागत से बदल रहा पुसौर का स्वरूप-वित्त मंत्री श्री चौधरी*

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*करोड़ों की लागत से बदल रहा पुसौर का स्वरूप-वित्त मंत्री श्री चौधरी*

*वित्त मंत्री श्री ने पुसौर में लाइब्रेरी, पुष्पवाटिका एवं तालाब सौंदर्यीकरण कार्यों का किया निरीक्षण*

*समीक्षा बैठक में प्रगति का किया गहन मूल्यांकन, अधिकारियों को दिए निर्देश*

*जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर विकास कार्यों को गति देने का आह्वान*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर,/ प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी ने पुसौर में निर्माणाधीन लाइब्रेरी भवन, पुष्पवाटिका उद्यान, चंदन तालाब सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का सूक्ष्म परीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा
निर्माण स्थल पर जाकर प्रत्यक्ष रूप से कार्यों की स्थिति देखना, बुनियादी ढांचे का विकास कराना हम सभी की जिम्मेदारी है l उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने नगर पंचायत पुसौर के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि आमजन को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

बैठक में उन्होंने अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर देते हुए कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से ही क्षेत्र का समग्र एवं संतुलित विकास संभव है। साथ ही उन्होंने पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों से सकारात्मक सहयोग प्रदान करने तथा विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।

उल्लेखनीय है कि नगर पंचायत पुसौर में पुष्पवाटिका उद्यान निर्माण हेतु लगभग 2 करोड़ 92 लाख 40 हजार रुपये, बोरोडीपा चौक से कॉलेज तक बी.टी. रोड एवं नाली निर्माण के लिए 4 करोड़ 8 लाख रुपये, चंदन तालाब के सौंदर्यकरण के लिए 2 करोड़ 10 लाख 40 हजार रुपये तथा लाइब्रेरी भवन निर्माण के लिए लगभग 99.12 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त तेलीतार तालाब के गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य भी प्रगति पर है, जिससे क्षेत्र की सौंदर्य वृद्धि के साथ जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर नगर पंचायत पुसौर के अध्यक्ष श्री मानी मोहित सतपथी, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, एसडीएम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं नगर पंचायत पुसौर के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति थे ।

*नक्सलमुक्त बस्तर में विकास की नई गूंज: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा को दी 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात*

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*नक्सलमुक्त बस्तर में विकास की नई गूंज: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा को दी 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर /नक्सलवाद के प्रभाव से उबरकर नए विश्वास और विकास की राह पर अग्रसर बस्तर क्षेत्र में आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव जुड़ गया, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले को 308 करोड़ रुपए से अधिक के 228 विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने 159 कार्यों का शिलान्यास और 69 कार्यों का लोकार्पण करते हुए क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान की।

मिनी स्टेडियम सुकमा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 40 वर्षों से नक्सलवाद के कारण पिछड़े रहे क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर में शांति स्थापित हुई है और अब यहां विकास की गंगा बह रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिन गांवों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां आज स्कूलों की घंटियां गूंज रही हैं और लोग लोकतंत्र पर भरोसा जताते हुए मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि 3 हजार से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और उन्हें पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से नई जिंदगी की शुरुआत के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

*स्वस्थ बस्तर की दिशा में बड़ा कदम*

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया और “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को घर-घर तक सुनिश्चित करने के प्रयासों की सराहना की। इस अभियान के तहत 7 जिलों में 1100 टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच करेंगी।

कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री श्री साय ने मिनी स्टेडियम में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और आम नागरिकों एवं हितग्राहियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने मौके पर ही विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित कर शासन की संवेदनशीलता का परिचय दिया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री ने 7 टीबी मुक्त पंचायतों को प्रमाण पत्र प्रदान किए और जानकारी ली कि जिले में अब तक 28 पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं। उन्होंने 3 टीबी मरीजों से संवाद कर उन्हें फूड बास्केट वितरित किया।
मोतियाबिंद ऑपरेशन कराए मरीजों को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से चश्मा पहनाकर उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना की। साथ ही दवा और आई ड्रॉप भी वितरित किए गए। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए मूर्तोंडा, पेंटा और कांकेरलंका उपस्वास्थ्य केंद्रों को एनक्वास सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। समाज कल्याण विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री श्री साय ने आईईडी ब्लास्ट में पैर गंवा चुके 5 हितग्राहियों को कृत्रिम पैर प्रदान किए। इसके अलावा 4 व्हीलचेयर और 3 ट्राइसिकल भी वितरित किए गए तथा 6 दिव्यांगजनों को पहचान पत्र देकर उन्हें योजनाओं से जोड़ने की पहल की गई।
एनआरएलएम स्टॉल में स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें “लखपति दीदी से करोड़पति दीदी” बनने के लिए प्रेरित किया और सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।

*आवास, अधिकार और आजीविका—हर क्षेत्र में सशक्तिकरण*

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के स्टॉल में हितग्राहियों से बातचीत कर निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से 15 वनाधिकार पत्र वितरित किए गए, जिससे आदिवासी परिवारों को उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई। वन विभाग के स्टॉल में तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े हितग्राहियों को सहायता प्रदान की गई। सहकारी समिति तोंगपाल को 4.27 लाख रुपए का सांकेतिक चेक दिया गया तथा एक हितग्राही को संग्रहण कार्ड वितरित किया गया।
इसके साथ ही पुनर्वासित स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 2 ई-रिक्शा प्रदान कर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया गया और एक हितग्राही को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया गया।

*नियद नेल्लानार 2.0 और 8 बड़ी घोषणाएं*

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि नियद नेल्लानार योजना के तहत अब तक 500 से अधिक गांवों में 17 विभागों की 45 योजनाओं के माध्यम से विकास कार्य किए गए हैं। इस योजना के अगले चरण ‘नियद नेल्लानार 2.0’ में अब 10 जिलों को शामिल किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए 8 महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें सड़क निर्माण, पुलिया निर्माण, बस स्टैंड, सामुदायिक भवन और मंदिर जीर्णोद्धार जैसे कार्य शामिल हैं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, सांसद श्री महेश कश्यप, मुख्य सचिव श्री विकास शील, स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

*From insurgency to a new beginning: Government scripting a development story through rehabilitation in Sukma*

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*From insurgency to a new beginning: Government scripting a development story through rehabilitation in Sukma*

*Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai reviews rehabilitation centre, holds heartfelt interaction with rehabilitated individuals*

*Distribution of mobiles, house keys and appointment letters; release of coffee table book Punarvaas Se Vikas Tak*

Ashish kashyap Editor in chief Raipur,  /In Sukma, which remained affected by Naxal terror for a long time, a new picture of peace, trust and development is now emerging. In this context, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai visited the rehabilitation centre located at the Sukma district headquarters and reviewed the ongoing rehabilitation and skill development activities. During the visit, he held an emotional interaction with rehabilitated individuals, understood their experiences, and extended congratulations and best wishes for starting a new life by joining the mainstream.

“The government is firmly committed to bringing misguided individuals into the mainstream and providing them with a dignified life, employment, and equal opportunities to progress,” said Shri Sai. He added the confidence visible in the eyes of the rehabilitated individuals is proof that with the right opportunities and guidance, every misguided step can find a new direction and a new life.

Chief Minister Shri Sai said that due to the state government’s effective Naxal rehabilitation policy, positive changes are clearly visible in Sukma and the Bastar region. So far, 2,392 Naxalites have renounced violence and decided to join the mainstream of society, out of which 361 rehabilitated individuals have begun a new life and moved towards self-reliance. The government’s objective is not limited to rehabilitation alone, but to ensure dignified living, sustainable employment, and equal opportunities in society. At the rehabilitation centre, skill development training is being provided in various trades such as masonry, tailoring, agricultural entrepreneurship, and driving.

He said that in 2026 so far, 307 beneficiaries have been trained, while 313 youths, who have returned to the mainstream are being provided a monthly stipend of Rs 10,000. The district administration has distributed mobile phones to 107 rehabilitated beneficiaries, enabling them to connect with digital and communication platforms and move towards a modern lifestyle. Notably, 115 women are setting new examples of self-reliance through training and technical support.

Chief Minister Shri Sai said that relief has also been provided to dependents of families affected by Naxal violence, with employment opportunities extended under compassionate appointments—20 in the police department and 95 in government services by the district administration.

During the programme, appointment letters were distributed to beneficiaries including Ms. Mausam Sanjana, a resident of village Dhondara Konta, and Shri Bharat Kumar Hemla, a resident of Nagaras Jagargunda, along with others. Additionally, appointment letters were also distributed to 10 newly appointed teachers under the Education Department.

On the occasion, Chief Minister Shri Sai distributed mobile phones, masonry kits, house keys under the Pradhan Mantri Awas Yojana, and completion certificates to rehabilitated beneficiaries. A total of 25 beneficiaries were handed over house keys and honoured.

The Chief Minister also released a coffee table book titled Badalte Sukma Ki Badalti Tasveer- Punarvaas Se Vikas Tak – ‘Sukma’s Transformation Story: From Rehabilitation to Development’, showcasing inspiring success stories of Naxal rehabilitation. Appreciating the performances by artists at the art centre of the rehabilitation facility, he said that this transformation is not just physical, but also a symbol of social and psychological change.

Health Minister Shri Shyam Bihari Jaiswal, Bastar MP Shri Mahesh Kashyap, along with other public representatives and senior officials, were present at the programme.