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*हत्या के आरोपीयो को सरकंडा पुलिस ने किया चंद घंटे मे किया गिरफ्तार।*

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हत्या के आरोपीयो को सरकंडा पुलिस ने किया चंद घंटे मे किया गिरफ्तार ।
घटना मे संलिप्त 03 आरोपी और 02 विधि से संघर्षरत बालक को किया गया गिरफ्तार ।
घटना मे प्रयुक्त आला जरब को पुलिस ने किया जप्त ।

**गिरफ्तार आरोपियो का नाम*-

1.आशीष सूर्यवंशी पिता सुखदेव सूर्यवंशी उम्र- 22 साल, निवासी- हाल – तोरवा रोड सुरेन्द्र गैरेज के सामने किराये का मकान मोपका स्थायी पता- ग्राम टेकर थाना सीपत जिला बिलासपुर (छ0ग0)

02.महावीर सूर्यवंशी पिता संतराम सूर्यवंशी उम्र-23 साल निवासी- हाल – तोरवा रोड सुरेन्द्र गैरेज के सामने किराये का मकान मोपका स्थायी पता -ग्राम सेलर थाना सीपत जिला बिलासपुर (छ0ग0)

03 रघुवीर सूर्यवंशी पिता संतराम सूर्यवंशी उम्र- 26 वर्ष निवासी- हाल – तोरवा रोड सुरेन्द्र गैरेज के सामने किराये का मकान मोपका स्थायी पता -ग्राम सेलर थाना सीपत जिला बिलासपुर छ0ग0

एवं **02 विधि से सघर्षरत बालक*

 सन्दीप साहू ब्यूरो बिलासपुर:-संक्षिप्त विवरण* -प्रार्थी अभय यादव पिता संतोष यादव उम्र 19 वर्ष निवासी गुड़ीपारा संतोषी चौक मोपका बिलासपुर के द्वारा थाना सरकंडा मे रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसके बड़े पिताजी का लडका ओम प्रकाश यादव है जिसका सुरन्द्रे गैरेज मोपका के सामने रहने वाली लड़की से दोस्ती थी जो दिनांक 01.05.2026 को ओम प्रकाश यादव उक्त लड़की के घर पास बात ‍चीत कर रहा था तभी बगल मे किराये से रहने वाले अजीत सूर्यवंशी और उसके दोस्तो से ओम प्रकाश यादव का वाद विवाद हो गया था जो दिनांक 02.05.2026 को रात्रि करीबन 10:30 बजे कलकत्ता स्वीट्स के सामने मोपका चौक के पास ओम प्रकाश यादव अपने साथी अभिषेक यादव, पकज साहू , अजय साहू के साथ पूर्व मे हुए विवाद का सुलह बात चीत करने अजीत सूर्यवंशी और उसके दोस्तो के पास गये थे तभी बात चीत करने के दौरान आशीष सूर्यवंशी, महावीर सूर्यवंशी ,रघुवीर सूर्यवंशी एवं 02 विधि से संज्ञर्षरत बालको द्वारा मां बहन की अश्लील गाली गलौच करते जान से मारने की धमकी देकर मारपीट करने लगे मारपीट करने के दौरान आशीष सूर्यवंशी द्वारा अपने कमर मे छुपाकर रखे धारदार चाकू निकालकर अभिषेक यादव के गले मे वार कर ‍दिया जिससे अभिषेक यादव के गले के सामने का हिस्सा कट गया और लहुलुहान हो गया एवं ओम प्रकाश यादव को मारपीट करने से उसके गले एवं हाथ मे कई जगह चोट लगी है। जिसे देखकर आरोपी लोग वहां पर से भाग गये।घायल अभिषेक यादव एवं ओम प्रकाश यादव को उसके दोस्तो द्वारा ईलाज हेतू अपोलो अस्पताल ले गये जहां डांक्टर द्वारा अभिषेक यादव को मृत घोषित कर दिया । प्रार्थी की रिपार्ट पर थाना सरकंडा मे अपराध दर्ज किया गया घटना के संबंध में श्रीमान उमनि/ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय श्री रजनेश सिंह को अवगत कराया गया जिन्होने ने घटना के आरोपीयो को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने हेतू आदेशित किये जिस पर श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री पंकज पटेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाईन श्री निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सरकंडा प्रदीप आर्य के नेतृत्व में मोपका चौकी प्रभारी ओपी कुर्रे व ACCU की टीम गठित कर तत्काल आरोपीयो को अलग अलग जगहो से भारी मशक्कत के बाद घेराबंदी कर पकड़ा गया अग्रिम वैधानिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया ।

*आईपीएल मैचों में एप्स के माध्यम से सट्टा खेलाने वाले आरोपी गिरफ्तार*

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आईपीएल मैचों में एप्स के माध्यम से सट्टा खेलाने वाले आरोपी भुपेन्द्र राठौर रानीसागर पारा सक्ती से आई.डी. खरीद कर सट्टा खेलाने वाले आरोपीगण चंद्रेश कुमार राठौर व मुकेश अग्रवाल को किया गया गिर0 ।
ऽ आरोपीगण से आईपीएल मैचों के सट्टा में प्रयुक्त 02 नग मोबाईल, किमती 30,000 रूपये जप्त।


आनंद राठौर ब्यूरो शक्ति :-मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि श्रीमान पुलिस अधीक्षक श्री प्रफ्फुल कुमार ठाकुर (भापुसे) द्वारा आई.पी.एल के क्रिकेट मैचों में होने वाले सट्टा पर अंकुश लगाने हेतु अभियान चलाकर प्रभावी कार्यवाही किये जाने के दिये दिशा निर्देशों के परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल (रापुसे) एवं श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सक्ति डाॅ0 भुनेश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में दिनांक 29.04.2026 को मुखबिर से सूचना पर रेड कार्यवाही भुपेन्द्र राठौर पिता सतीश राठौर उम्र 28 वर्ष सा0 रानीसागर पारा वार्ड नंबर 09 सक्ती को आई.पी.एल. सट्टा का अलग-अलग साईट बेटिंग एप्प के माध्यम से आनलाईन सट्टा संचालित करने तथा इसी एप्प के माध्यम से क्यू-आर कोड जनरेट कर अलग अलग साईट से अपना आईडी बनाकर तथा उस आईडी को अलग अलग लोगों को व्हाट्सप के माध्यम से बांटकर अपने आईडी पासवार्ड देकर आईपीएल सट्टा से रकम प्राप्त करना पाये जाने से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
प्रकरण में आरोपी भुपेन्द्र राठौर से जप्तशुदा मोबाईल को खंगालने पर 01 चंद्रेशकुमार राठौर पिता कृष्ण कुमार उम्र 32 वर्ष साकिन नंदौर खुर्द थाना सक्ती, 02 मुकेश अग्रवाल पिता स्वर्गीय गोविंद राम अग्रवाल उम्र46 वर्ष साकिन वार्ड नंबर 16 स्टेशन रोड सक्ती द्वारा आई.डी. खरीदकर खट्टा खेलाना पाया गया। प्रकरण में डिजिटल साक्ष्य के आधार पर चंद्रेश कुमार राठौर व मुकेश अग्रवाल को दबिस देकर पकड़ा गया जिनसे पूछताछ करने पर अपराध स्वीकर करते अपने-अपने पास रखे फोन को पेश किया गया जिसे चेक करने पर भुपेन्द्र राठौर से आई.डी. लेकर आईपीएल मैचों में सट्टा खेलाना पाया गया। जिसे संबंध में वैध कागजात पेश करने हेतु नोटिस देने पर कोई कागजात नही होना लेखकर दिये। प्रकरण में आरोपीगण कब्जे से 02 नग मोबाईल कीमती 30000 रूप्ये को जप्त कब्जा पुलिस लिया गया। आरोपीगण का कृत्य धारा- 07 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 का घटित करना पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने से विधिवत गिरफतार कर वैधानिक कार्यवाही की गई है।

*“अच्छा व्यवहार ही पुलिस की सबसे बड़ी पहचान एवं ताकत है”*

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थाने में आने वाले नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार एवं संवेदनशील पुलिसिंग पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण।

संविधान, BNSS 2023, मानवाधिकार एवं DK Basu निर्देशों की दी गई विस्तृत जानकारी,आधुनिक तकनीक, स्मार्ट पुलिसिंग, AI तकनीक एवं आईटी आधारित कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने पर जोर।

कोरबा  – जिले में पुलिसिंग को अधिक संवेदनशील, जनहितैषी एवं आधुनिक बनाने के उद्देश्य से रक्षित केंद्र कोरबा में “पुलिस व्यवहार प्रशिक्षण कार्यक्रम” आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री लखन पटले द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री प्रतीक चतुर्वेदी, नगर पुलिस अधीक्षक दर्री श्री विमल कुमार पाठक, पुलिस अनुभागी अधिकारी कटघोरा श्री विजय सिंह राजपूत, प्रशिक्षु डीएसपी सुश्री आस्था शर्मा सहित कोरबा जिले के समस्त थाना प्रभारी उपस्थित रहे। साथ ही जिले के विभिन्न थाना एवं चौकियों से आए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी प्रशिक्षण में सहभागिता की।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को थानों में आने वाले नागरिकों, फरियादियों एवं पीड़ितों के साथ सम्मानजनक एवं शालीन व्यवहार करने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि थाने में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी पीड़ा, भय या समस्या से परेशान होता है तथा वह पुलिस से सहायता और न्याय की उम्मीद लेकर आता है। ऐसे में पुलिस का व्यवहार ही जनता के मन में विभाग की छवि बनाता है।

प्रशिक्षण के दौरान “पुलिस सेवक है, मालिक नहीं” की भावना के साथ कार्य करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को बताया गया कि अच्छा व्यवहार केवल विभाग की छवि को बेहतर नहीं बनाता, बल्कि अपराध नियंत्रण एवं जनता के सहयोग को भी मजबूत करता है। जब जनता पुलिस पर विश्वास करती है, तब लोग निर्भीक होकर सूचना देते हैं, गवाह सहयोग करते हैं तथा पीड़ित खुलकर अपनी शिकायत दर्ज कराते हैं।

कार्यक्रम में वीडियो प्रदर्शन के माध्यम से अच्छे एवं बुरे पुलिस व्यवहार के उदाहरण दिखाए गए तथा कुव्यवहार से संबंधित घटनाओं एवं उनके कानूनी परिणामों की जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समझाया गया कि गलत व्यवहार, अभद्र भाषा, अनावश्यक दबाव अथवा शक्ति का दुरुपयोग न केवल विभागीय छवि को नुकसान पहुंचाता है बल्कि संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है।

प्रशिक्षण के दौरान संविधान के अनुच्छेद 21, BNSS 2023, BNS 2023, SC/ST Act 1989, मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देश एवं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी DK Basu Guidelines की जानकारी विस्तार से दी गई। गिरफ्तार व्यक्तियों के अधिकारों, महिला एवं कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता तथा कानून सम्मत पुलिसिंग के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि थानों में आने वाले प्रत्येक शिकायतकर्ता की बात धैर्यपूर्वक सुनी जाए, FIR दर्ज करने से मना न किया जाए, प्रत्येक शिकायत को विधिवत GD में दर्ज किया जाए तथा शिकायतकर्ता को समय पर कार्यवाही की जानकारी दी जाए। महिला फरियादियों एवं SC/ST वर्ग के नागरिकों के प्रति विशेष संवेदनशील व्यवहार रखने पर भी जोर दिया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक, स्मार्ट पुलिसिंग एवं AI (Artificial Intelligence) आधारित तकनीकों के उपयोग पर भी विशेष बल दिया गया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बताया गया कि वर्तमान समय में अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध जांच, डिजिटल निगरानी, डेटा विश्लेषण, रिकॉर्ड प्रबंधन एवं त्वरित सूचना संकलन में AI तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। साथ ही पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं आधुनिक बनाने के लिए आईटी एवं AI आधारित संसाधनों के बेहतर उपयोग हेतु प्रेरित किया गया।

अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सोशल मीडिया के प्रभाव, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन एवं तकनीक के माध्यम से बेहतर जनसंपर्क स्थापित करने के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा “कोरबा पुलिस व्यवहार संकल्प” लिया गया, जिसमें प्रत्येक नागरिक के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करने, कानून की सीमाओं में रहकर कार्य करने तथा छत्तीसगढ़ पुलिस के आदर्श वाक्य “परित्राणाय साधूनाम्” को अपने व्यवहार एवं कार्यप्रणाली में उतारने का संकल्प लिया गया।

कोरबा पुलिस द्वारा संवेदनशील पुलिसिंग, जनविश्वास, आधुनिक तकनीक एवं AI आधारित कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने हेतु इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं।

*अधिवक्ता के घर एक वर्ष पूर्व हुई चोरी की वारदात का बड़ा खुलासा।*

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पहले गिरफ्तार 02 आरोपियों के बाद 04 अन्य आरोपी एवं चोरी का माल खरीदने वाला व्यापारी गिरफ्तार।

आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के जेवरात, सोने का बिस्किट एवं नगदी रकम बरामद,कुल 06 आरोपी गिरफ्तार, सभी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल।

कोरबा  – जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री सिद्धार्थ तिवारी द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा श्री नीतीश ठाकुर एवं एसडीओपी कटघोरा श्री विजय सिंह राजपूत के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी कटघोरा निरीक्षक धर्मनारायण तिवारी के नेतृत्व में कटघोरा पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।

इसी क्रम में “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत थाना कटघोरा क्षेत्र अंतर्गत अधिवक्ता राकेश पांडेय के सूने मकान में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए पहले गिरफ्तार दो आरोपियों के बाद चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।

प्राप्त जानकारी अनुसार दिनांक 19 अप्रैल 2025 को पुरानी बस्ती कटघोरा निवासी अधिवक्ता राकेश पांडेय के सूने मकान का ताला तोड़कर अज्ञात आरोपियों द्वारा चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। आरोपियों द्वारा घर में रखे लगभग 10 तोला सोने के जेवरात, जिसमें रानी हार सेट, झुमके, सोने की चेन, चांदी की पायल एवं नगदी रकम चोरी कर ली गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कटघोरा पुलिस द्वारा लगातार तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिर सूचना के आधार पर जांच की जा रही थी। पूर्व में पुलिस द्वारा आरोपी अमित खांडे एवं गौतम कुमार जांगड़े को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया था।

जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों एवं आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस टीम ने मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों एवं चोरी का माल खरीदने वाले व्यापारी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार

आरोपियों का विवरण इस प्रकार है—
▪️अमित खांडे
▪️गौतम कुमार जांगड़े
▪️सुशील शुक्ला
▪️गणेश दास
▪️अनिल नामदेव
▪️हिमेश सोनी (व्यापारी), निवासी चांपा जिला जांजगीर-चांपा

पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात आरोपीगणों द्वारा व्यापारी हिमेश सोनी को बेच दिए गए थे। पुलिस टीम द्वारा आरोपियों को जांजगीर-चांपा जिले के चांपा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

आरोपियों की निशानदेही एवं कब्जे से चोरी किए गए 10 ग्राम सोने का मंगलसूत्र लॉकेट, 02 जोड़ी चांदी की पायल, लगभग 03 तोला सोने का बिस्किट, नगदी रकम एवं पूर्व में बरामद रानी हार सेट, झुमका, सोने की चेन सहित कुल लगभग 08 लाख रुपये मूल्य का मशरूका बरामद किया गया है।

प्रकरण में गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है तथा मामले में आगे की जांच जारी है।

कटघोरा पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि घर से बाहर जाते समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखें, CCTV कैमरे चालू रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

कोरबा पुलिस “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत अपराधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्यवाही कर आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण स्थापित करने हेतु प्रतिबद्ध है।

*राज्यपाल ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर दी शुभकामनाएं*

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*राज्यपाल ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर दी शुभकामनाएं*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर, / राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेश के नागरिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा है कि भगवान बुद्ध ने प्रेम, करूणा एवं अहिंसा की भावना को सर्वाेपरि मानते हुए पूरे विश्व को नई राह दिखाई। उन्होंने कहा कि आज भी भगवान बुद्ध की शिक्षा प्रासंगिक है। इस समय आवश्यकता है कि समाज में सामाजिक सद्भाव और बंधुत्व कायम रखने के लिए उनके आदर्शों को अपनाते हुए उनके बताए हुए रास्ते पर चलें।

*गूगल बॉय’ रुद्र को, लोक भवन में मिला सम्मान*

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‘*गूगल बॉय’ रुद्र को, लोक भवन में मिला सम्मान*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर,/राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में

जिला दुर्ग के 6 वर्षीय ‘गूगल बॉय ‘ रुद्र शर्मा ने अपने पालकों के साथ मुलाकात की।अपनी अद्भुत स्मरण शक्ति से उसने हैरान कर दिया। राज्यपाल श्री डेका से मुलाकात के दौरान रुद्र ने सामान्य ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवालों के सटीक उत्तर देकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

कक्षा पहली के छात्र रुद्र को यूपीएससी और पीएससी स्तर के प्रश्नों के उत्तर भी याद हैं। मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने उससे छत्तीसगढ़ के गठन, राज्य की विशेषताओं और भारतीय संविधान से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका रुद्र ने बिना झिझक तुरंत सही जवाब दिया।

रुद्र की तेज स्मरण शक्ति और आत्मविश्वास से प्रभावित होकर राज्यपाल ने उसकी सराहना की। उन्होंने लोक भवन की ओर से रुद्र को प्रमाण पत्र प्रदान किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर रुद्र की माता श्रीमती पायल शर्मा के साथ उसके नाना श्री विनोद शर्मा भी उपस्थित थे, जिन्होंने उसकी उपलब्धि पर खुशी जाहिर की।

*विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए राज्यपाल की संवेदनशील पहल, एम्स के दंत विभाग मे मिल रही उपचार सुविधा*

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*विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए राज्यपाल की संवेदनशील पहल, एम्स के दंत विभाग मे मिल रही उपचार सुविधा

 

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर:-,विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उपचार को लेकर राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। उन्होंने एम्स के दंत रोग चिकित्सा विभाग को अपने स्वेच्छानुदान से 5 लाख रुपए की राशि प्रदान की थी, जिसके माध्यम से इन बच्चों के दंत रोगों का उपचार किया जा रहा है।

आज राज्यपाल ने एम्स पहुंचकर दंत रोग चिकित्सा विभाग का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वहां उपचार के लिए आए विशेष आवश्यकता वाले बच्चों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। बच्चों और उनके परिजनों से बातचीत करते हुए उन्होंने उपचार की प्रक्रिया और सुविधाओं के बारे में भी जाना।

राज्यपाल ने चिकित्सकों और संबंधित अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सहज स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।

एम्स के दंत विभाग में चल रही इस पहल से कई बच्चों को दंत रोगों से राहत मिल रही है, जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।

*Secretary’s clear directive to Collectors: Strict action must be taken against illegal sand mining; Collectors will be held responsible for any negligence in complying with the Chief Minister’s instructions*

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*Secretary’s clear directive to Collectors: Strict action must be taken against illegal sand mining; Collectors will be held responsible for any negligence in complying with the Chief Minister’s instructions*

*Secretary of Mineral Resources Department Shri P Dayanand holds a major virtual meeting with Collectors of 11 key sand-supplying districts*

*Ensure no shortage of sand in the state; approved mines must produce as per capacity and supply sand to the public at reasonable rates*

*Chhattisgarh Government strictly enforcing a zero-tolerance policy against illegal mining, transportation, and storage of minerals*

*Strict compliance of royalty-free sand supply for beneficiaries of PM Awas Yojana; no illegal activities under its cover*

Ashish  kashyap Editor in cheif Raipur,  /Chhattisgarh government, in line with its commitment to good governance and transparency, is strictly enforcing a zero-tolerance policy against illegal mining, transportation, and storage of minerals. Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai has taken a firm stand on the issue, making it clear that no leniency will be shown in cases involving revenue loss or illegal activities. He has also directed that sand be made available to the public at reasonable rates.

Acting on the Chief Minister’s instructions, the Mineral Resources Department has remained consistently active and reviews are being conducted regularly. In this context, Secretary to the Chief Minister and Secretary, Mineral Resources Department, Shri P Dayanand held a video conference meeting recently with Collectors of 11 major sand-supplying districts—Raipur, Bilaspur, Balodabazar, Janjgir-Champa, Sakti, Mahasamund, Gariaband, Dhamtari, Manendragarh-Chirmiri-Baikunthpur, Balrampur, and Kanker—to conduct a detailed review of mining operations.

Clear instructions were issued in the meeting to ensure that there is no shortage of sand supply in the state. All approved sand mines must operate at full capacity, and sand should be made available to the public at reasonable rates. It was also directed that orders regarding royalty-free sand supply to beneficiaries of the Pradhan Mantri Awas Yojana be strictly followed, ensuring that no illegal mining activities are carried out under its cover.

Reviewing the auction process of sand mines, Shri Dayanand noted that more than 100 percent of auctions have been completed in Gariaband, Kanker, and Janjgir-Champa districts, while progress in Dhamtari, Bilaspur, and Manendragarh-Chirmiri-Baikunthpur is yet to gain pace. Expressing strong displeasure, he directed the concerned Collectors to ensure immediate auction of the remaining mines. He further instructed that mining plans and environmental clearances for auctioned sites be completed on priority and reviewed weekly. He also directed identification of illegal mining areas, continuous enforcement action, and prompt response to complaints and media reports.

He clearly stated that if the central flying squad of the Mineral Department has to take action against illegal mining in any district, it reflects negligence on the part of the concerned district administration and their lack of seriousness. He added that the Chief Minister has previously expressed strong displeasure over such lapses.

At the end of the meeting, Shri P. Dayanand firmly instructed that the Chief Minister’s directions must be strictly followed. If illegal mining is found in any district through drone surveys or inspections by the central flying squad, responsibility will be fixed on the District Collector and mineral officials, and strict action will be taken against them, for which they themselves will be held accountable.

*वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों में सुरक्षा मानकों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षा ऑडिट एवं सतत मॉनिटरिंग के दिए निर्देश*

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*वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों में सुरक्षा मानकों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षा ऑडिट एवं सतत मॉनिटरिंग के दिए निर्देश*

*वाटर स्पोर्ट्स में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक  रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई क्रूज हादसे की दुखद घटना के परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ में संचालित सभी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए सुरक्षा मानकों का सुदृढ़ता से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि जन सुरक्षा के विषय में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धमतरी और कोरबा सहित अन्य सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिन स्थलों पर वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां सुरक्षा मानकों का तत्काल परीक्षण (सुरक्षा ऑडिट) सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अक्षरशः पालन कराया जाए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित वाटर स्पोर्ट्स स्थलों पर उपयोग में लाए जा रहे उपकरणों का नियमित तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन की तैनाती की जाए, तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु समुचित आपातकालीन प्रबंधन तंत्र सक्रिय रखा जाए। इसके साथ ही रेस्क्यू उपकरणों, लाइफ जैकेट एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता एवं कार्यशील स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने कलेक्टरों को यह भी निर्देशित किया कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें तथा किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों/संचालकों की जवाबदेही निर्धारित करते हुए आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन नागरिकों एवं पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करता है। इस दृष्टि से यह आवश्यक है कि वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां पूर्णतः सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं मानक अनुरूप संचालित हों, जिससे संभावित जोखिमों का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि इन सभी व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाए और समय-समय पर इसकी रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सतर्कता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए ही हम जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।

*Strict Compliance with Safety Norms in Water Sports Must Be Ensured: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai*

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*Strict Compliance with Safety Norms in Water Sports Must Be Ensured: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai*

*No Negligence in Safety Standards Will Be Tolerated in Water Sports Activities, Says Chief Minister*

Ashish editor in chief Raipur, / In the wake of the recent tragic cruise accident in Madhya Pradesh, Chief Minister of Chhattisgarh Shri Vishnu Deo Sai has directed a comprehensive review of safety arrangements across all water sports activities operating in the state. Emphasising the importance of public safety, he instructed officials to ensure strict and uncompromising adherence to prescribed safety standards.

Chief Minister Shri Sai categorically stated that any form of negligence or laxity concerning public safety would not be tolerated. He has issued clear instructions to Collectors of all districts, including Dhamtari and Korba, to conduct immediate safety audits at all locations where water sports activities are being undertaken, and to enforce strict compliance with the established Standard Operating Procedures (SOPs).

Further, Shri Vishnu Deo Sai directed that all equipment used in water sports must undergo regular technical inspections. He insisted upon the deployment of trained and skilled personnel at these sites and called for a robust emergency response mechanism to effectively handle unforeseen situations. Adequate availability and operational readiness of rescue equipment, life jackets, and other essential safety resources must also be ensured without exception.

Chief Minister Shri Sai has also instructed District Collectors to ensure continuous monitoring of these arrangements. In cases of any violation of safety norms, strict accountability must be fixed on the concerned officials or operators, and appropriate action should be taken as warranted.

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai affirmed that the safety of citizens and tourists is the highest priority for the state administration. He emphasised that water sports activities must be conducted in a safe, well-regulated, and standard-compliant manner to effectively avoid potential risks.

He further directed that the implementation of these measures should be regularly reviewed, and periodic reports should be submitted to the state government. “Only through vigilance, sensitivity, and accountability can we ensure the safety and well-being of the public,” he affirmed.