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*सुशासन तिहार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पीएम जनमन के हितग्राही को सौंपी खुशियों की चाबी*

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*सुशासन तिहार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पीएम जनमन के हितग्राही को सौंपी खुशियों की चाबी*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत जारी राज्यव्यापी दौरे में आज खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के छुईखदान विकासखंड के ग्राम सरोधी में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सुभान सिंह मेरावी को उनके नवनिर्मित आवास की चाबी सौंपकर गृह प्रवेश कराया।

सुभान सिंह ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि मुख्यमंत्री स्वयं उनके गांव आकर उन्हें यह सौभाग्य देंगे। उनके लिए यह केवल घर नहीं, बल्कि सम्मान और विश्वास का प्रतीक है।बउन्होंने बताया कि उन्हें वन अधिकार पट्टा के तहत 3 एकड़ 2 डिसमिल भूमि मिली है, जिस पर खेती कर वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। साथ ही उनकी पत्नी को महतारी वंदन योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता भी मिल रही है, जिससे घरेलू जरूरतों में सहयोग मिल रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि शासन का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

*सुशासन तिहार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मेधावी छात्र गिरवर पटेल को किया सम्मानित*

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*सुशासन तिहार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मेधावी छात्र गिरवर पटेल को किया सम्मानित*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर /सुशासन तिहार के तहत जारी राज्यव्यापी दौरे के दौरान खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के छुईखदान विकासखंड अंतर्गत ग्राम सरोधी में आयोजित जन चौपाल में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने का प्रेरक क्षण देखने को मिला।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्राम बकरकट्टा के मेधावी छात्र गिरवर पटेल को सम्मानित किया। गिरवर पटेल ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 93.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में स्थान हासिल किया है। वर्तमान में वे रायपुर स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत हैं।

 

मुख्यमंत्री ने गिरवर की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रदेश का नाम रोशन करते हैं और अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बनते हैं। उन्होंने गिरवर के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विद्यार्थियों को परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि हर छात्र अपने सपनों को साकार कर सके। गिरवर पटेल का सम्मान न केवल उनकी कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है, बल्कि यह ग्रामीण अंचल के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है।

*एक माह के नवजात का मुख्यमंत्री ने किया नामकरण, “रविशंकर” नाम से गूंजा गांव का आंगन*

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*एक माह के नवजात का मुख्यमंत्री ने किया नामकरण, “रविशंकर” नाम से गूंजा गांव का आंगन*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर/सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कबीरधाम जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बाहुल्य ग्राम कमराखोल (ग्राम पंचायत लोखान) में आगमन एक आत्मीय और भावनात्मक प्रसंग का साक्षी बना। आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर जब मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई, तो वहां का वातावरण पूरी तरह से अपनत्व और विश्वास से भर गया। शासन और जनता के बीच की दूरी इस सहज संवाद में पूरी तरह समाप्त होती नजर आई।

इसी दौरान ग्राम की निवासी श्रीमती ऋषि बघेल अपने एक माह के नवजात शिशु को गोद में लेकर मुख्यमंत्री के पास पहुंचीं और अत्यंत विनम्रता से अपने पुत्र का नामकरण करने का आग्रह किया। यह एक साधारण निवेदन था, लेकिन उसमें ग्रामीण जीवन की सादगी, विश्वास और आत्मीय जुड़ाव की गहराई साफ झलक रही थी।

मुख्यमंत्री ने भी पूरे स्नेह और संवेदनशीलता के साथ इस आग्रह को स्वीकार किया और बच्चे के जन्म दिवस के बारे में जानकारी ली।जब श्रीमती बघेल ने बताया कि बालक का जन्म रविवार के दिन हुआ है, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए उस नवजात का नाम “रविशंकर” रखा। नामकरण के इस क्षण ने वहां उपस्थित सभी ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी की चमक बिखेर दी। जैसे ही यह नाम घोषित हुआ, पूरा चौपाल स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और एक उत्सव जैसा माहौल बन गया।

यह दृश्य जनप्रतिनिधि और आमजन के बीच गहरे विश्वास का प्रतीक भी बन गया।

इस आत्मीय क्षण ने सुशासन तिहार की मूल भावना को और अधिक सशक्त रूप से प्रस्तुत किया, जहां शासन केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के जीवन के सुख-दुख में सहभागी बनकर उनके साथ खड़ा होता है।

मुख्यमंत्री श्री साय का यह सहज और मानवीय व्यवहार यह दर्शाता है कि सुशासन का वास्तविक अर्थ लोगों के जीवन से जुड़कर उनकी भावनाओं को समझना और उन्हें सम्मान देना है।

*निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री को श्रमिकों ने दिया भोजन का न्यौता: साथ बैठकर खाया बोरे बासी और आमा चटनी*

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*निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री को श्रमिकों ने दिया भोजन का न्यौता: साथ बैठकर खाया बोरे बासी और आमा चटनी*

*भोजन के साथ साथ मुख्यमंत्री लेते रहे योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक*

*जमीन पर भोजन, ज़मीन पर फैसला: पेयजल योजना को जल्द शुरू करने के निर्देश*

*पहाड़ी इलाके में पेयजल की दिक्कत पर कहा – प्रोजेक्ट तत्काल स्वीकृत कर धरातल पर शुरू करवाएं काम*

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर:-/सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में एक बेहद आत्मीय और संवेदनशील दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय निर्माणाधीन पंचायत भवन के औचक निरीक्षण के दौरान सीधे श्रमिकों के बीच पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान उनका यह दौरा केवल कार्यों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आमजन के साथ उनके सहज जुड़ाव और संवेदनशील नेतृत्व का जीवंत उदाहरण बन गया। मुख्यमंत्री के अचानक पहुंचने से वहां कार्यरत श्रमिकों में उत्साह का माहौल बन गया और सभी ने उनका आत्मीय स्वागत किया।

निरीक्षण के दौरान वहां काम कर रही महिला श्रमिकों ने मुख्यमंत्री को बड़े स्नेह और आग्रह के साथ दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया। इस सादगी भरे निमंत्रण को मुख्यमंत्री ने तुरंत स्वीकार किया और मुस्कुराते हुए उनसे पूछा कि वे खाने में क्या लेकर आई हैं। महिलाओं ने बताया कि वे अपने घर से पारंपरिक भोजन—बोरे बासी, पान पुरवा रोटी, चना भाजी, चरोटा भाजी, मुनगा बड़ी और आमा (आम) की चटनी लेकर आई हैं। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने उसी सहजता से उनके साथ भोजन करने का निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री श्री साय श्रमिकों के बीच जमीन पर बैठ गए और उनके टिफिन से ही भोजन ग्रहण किया। बोरे बासी और आमा चटनी का स्वाद लेते हुए उन्होंने कहा कि यह भोजन उनकी अपनी जीवनशैली और संस्कृति से जुड़ा हुआ है।

भोजन के दौरान श्रमिक बहनों से बात करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत को भी समझने का प्रयास किया। उन्होंने श्रमिक महिलाओं से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी ली। महिलाओं ने भी खुले मन से अपने अनुभव साझा किए, जिससे मुख्यमंत्री को योजनाओं की वास्तविक स्थिति का सीधा फीडबैक मिला।

जब मुख्यमंत्री ने गांव की प्रमुख समस्याओं के बारे में पूछा, तो महिलाओं ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण पेयजल की समस्या लगातार बनी रहती है। बोरवेल और हैंडपंप लंबे समय तक कारगर नहीं रह पाते, जिससे गर्मी के दिनों में पानी की दिक्कत और अधिक बढ़ जाती है। इस समस्या को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और तत्काल समाधान की दिशा में पहल करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कलेक्टर से पेयजल व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने बताया कि क्षेत्र के 26 गांवों के लिए एक विशेष पेयजल योजना तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत दूरस्थ जल स्रोतों से पाइपलाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की योजना है। यह योजना तकनीकी रूप से तैयार है और इसे जल्द ही क्रियान्वित किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश देते हुए कहा कि इस योजना को यथाशीघ्र स्वीकृति प्रदान कर धरातल पर कार्य शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाएं समय पर और प्रभावी रूप से आमजन तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि हमारी सुशासन सरकार जनसमस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

*एक ग्रामीण का न्योता, मुख्यमंत्री का अपनापन – प्रधानमंत्री आवास से साकार हुआ सपना, मुख्यमंत्री ने कराया गृह प्रवेश*

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*एक ग्रामीण का न्योता, मुख्यमंत्री का अपनापन – प्रधानमंत्री आवास से साकार हुआ सपना, मुख्यमंत्री ने कराया गृह प्रवेश*

*मुख्यमंत्री श्री साय ने पूछा “आवास कोन भेजिस, मोहन ने कहा – मोदी जी ने”*

 

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर,/ कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में आज एक अत्यंत भावनात्मक, आत्मीय और जनसरोकारों से जुड़ा दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने एक सामान्य ग्रामीण के सादे निमंत्रण को न केवल स्वीकार किया, बल्कि उसे अपने व्यवहार से एक यादगार क्षण में परिवर्तित कर दिया। गांव में उनके आगमन से जहां उत्साह और जिज्ञासा का माहौल बना हुआ था, वहीं इस पूरे घटनाक्रम ने शासन और आमजन के बीच के आत्मीय संबंधों को भी जीवंत रूप में सामने रखा।

ग्राम लोखान निवासी मोहन मरावी के नए पक्के घर का आज गृह प्रवेश कार्यक्रम था। जैसे ही उन्हें यह जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री गांव के दौरे पर हैं, वे बिना देर किए सीधे उनके पास पहुंचे और अपने घर आने का न्योता दे दिया। यह एक ग्रामीण का असाधारण प्रेम भरा अनुरोध था, जिसे मुख्यमंत्री ने उसी सहजता और विनम्रता के साथ स्वीकार किया और उनके घर पहुंचकर इस अवसर को विशेष बना दिया।

मुख्यमंत्री के मोहन मरावी के घर पहुंचते ही वहां एक आत्मीय और पारिवारिक वातावरण बन गया। उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के पूरे स्नेह और अपनत्व के साथ नारियल फोड़ा, दीप प्रज्वलित किया और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ गृह प्रवेश की रस्म संपन्न कराई। इस दौरान परिवार के सदस्यों के चेहरे पर जो संतोष, गर्व और खुशी झलक रही थी, वह इस बात का प्रतीक थी कि उनके सपनों का घर अब साकार हो चुका है। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने भी इस क्षण को उत्साहपूर्वक देखा और मुख्यमंत्री की सादगीपूर्ण शैली की सराहना की।

इस आत्मीय संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए मोहन से पूछा—“आवास कोन भेजिस?” इस पर मोहन ने सहजता के साथ उत्तर दिया—“मोदी जी ने।” यह छोटा-सा संवाद पूरे माहौल को भावनात्मक गहराई से भर गया और यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी का क्रियान्वयन सीधे लोगों के जीवन में किस प्रकार आशा और विश्वास का संचार कर रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मोहन मरावी और उनके परिवार से विस्तार से बातचीत करते हुए उनके नए घर के निर्माण की प्रक्रिया के बारे में जाना। मोहन ने बताया कि उनका यह घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्राप्त राशि और अपने परिश्रम से तैयार हुआ है। पहले उनका घर कच्चा था, लेकिन वर्ष 2024–25 में आवास स्वीकृत होने के बाद उनके भीतर पक्का घर बनाने का हौसला जागा। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने स्वयं ईंट बनाकर चार कमरों का सुदृढ़ और व्यवस्थित घर खड़ा किया, जो उनके श्रम, संकल्प और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने घर की गुणवत्ता, संरचना और उसमें झलक रही मेहनत की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि जब शासन की योजनाएं वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं और उसमें लोगों की अपनी मेहनत व सहभागिता जुड़ती है, तभी विकास का वास्तविक स्वरूप सामने आता है। उन्होंने इस पहल को आत्मनिर्भरता, जनभागीदारी और सकारात्मक बदलाव का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ही राज्य के समग्र विकास की नींव को मजबूत करते हैं।

मोहन मरावी ने यह भी बताया कि उन्हें योजना के तहत राशि तीन किस्तों में प्राप्त हुई, जिसका उन्होंने पूरी जिम्मेदारी और समझदारी से उपयोग किया। इसी के परिणामस्वरूप वे अपने परिवार के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक पक्का घर तैयार कर सके।

मुख्यमंत्री ने पूरे परिवार को नए घर की हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और इस अवसर को गांव के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया, जो यह संदेश देता है कि संकल्प, श्रम और शासन की योजनाओं के समन्वय से हर सपना साकार हो सकता है।

*रायपुर ग्रामीण विधानसभा अंतर्गत माना कैंप में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित*

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*रायपुर ग्रामीण विधानसभा अंतर्गत माना कैंप में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित*

*शिविर में कुल 463 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से 114 आवेदनों का मौके पर हुआ निराकरण*

 

आशीष कश्यप प्रधान संपादक रायपुर:-,। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार रायपुर विकासखंड के नगर पंचायत माना कैंप के संस्कृतिक भवन माना कैंप प्रांगण में सुशासन तिहार 2026 के तहत जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभागों को शिकायत एवं मांग से संबंधित कुल 463 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से 114 आवेदनों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पंचायत माना कैंप के अध्यक्ष श्री संजय यादव ने पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन कर शिविर का शुभारंभ किया।

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां अधिकारियों ने आम नागरिकों को शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग द्वारा 11 प्रकरणों का निराकरण, परिवहन विभाग द्वारा 09 प्रकरण, स्वास्थ्य विभाग द्वारा पांच प्रकरण, खाद्य विभाग द्वारा 11 प्रकरण, उज्ज्वला योजना 6 लोगों को गैस कनेक्शन वितरित किया गया, आयुष विभाग द्वारा 14 एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 11 लोगों का इलाज किया गया।

इस अवसर पर पार्षदगण श्रीमती लोकमती ठाकुर, श्रीमती अंजना चौधरी, श्रीमती रीना शाह, श्रीमती काजल मंडल, श्रीमती उर्मिला चौहान, राखी मंडल, श्री गिरजाशंकर श्रीवास, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री सौरभ बाजपेई सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

*सही दवा-शुद्ध आहार अभियान के द्वितीय चरण में वैक्सीन स्टोरेज एवं कोल्ड चैन का निरीक्षण*

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*सही दवा-शुद्ध आहार अभियान के द्वितीय चरण में वैक्सीन स्टोरेज एवं कोल्ड चैन का निरीक्षण*

 

रवि शिवहरे ब्यूरो कोरबा :- /छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकताओं में जनस्वास्थ्य सुरक्षा एवं गुणवत्तायुक्त दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रमुख है। इसी उद्देश्य से “सही दवा- शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम के अंतर्गत 27 अप्रैल से 11 मई तक पंद्रह दिवसीय सघन जांच अभियान का संचालन जिला कोरबा में किया जा रहा है। कलेक्टर द्वारा गठित दल एवं सहायक औषधि नियंत्रक के मार्गदर्शन में अभियान का द्वितीय चरण जारी है।

द्वितीय चरण के अंतर्गत खाद्य एवं औषधि प्रशासन, औषधि प्रकोष्ठ कोरबा के औषधि निरीक्षक द्वारा राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम के साथ शासकीय एवं निजी अस्पतालों के वैक्सीन स्टोरेज एवं कोल्ड चैन का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान जिला कोरबा स्थित निजी स्वास्थ्य संस्थानों एवं वैक्सीन एजेंसियों- श्री तिरुपति मेडिकल एजेंसी निहारिका, स्वेता हॉस्पिटल स्थित मेसर्स पैसिफिक मेडिकल स्टोर्स रिस्दी, डॉ. एस. के. अग्रवाल चाइल्ड क्लिनिक निहारिका, मेसर्स मधुशील मेडिको निहारिका, मेसर्स कृष्णा हॉस्पिटल मंगलम विहार, एन.के.एच. हॉस्पिटल कोसाबाड़ी तथा शासकीय संस्थानों में जिला अस्पताल वैक्सीन स्टोरेज सेंटर एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रानी धन कुंवर (पुराना बस स्टैंड) में वैक्सीन स्टॉक एवं भंडारण व्यवस्था की विस्तृत जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान वैक्सीन के उचित तापमान में संधारण, क्रय-विक्रय दस्तावेजों की जांच एवं स्टॉक मिलान किया गया। कुछ वैक्सीन सेंटर में फ्रिज से जुड़े अलार्म सिस्टम सही तरीके से कार्यरत नहीं पाए गए, जिन्हें तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। सभी केंद्रों को वैक्सीनेशन उपरांत संभावित दुष्प्रभावों हेतु पंजी संधारित करने के लिए भी निर्देशित किया गया।

सभी संस्थानों में आई.एल.आर. एवं डीप फ्रीजर का उपयोग पाया गया, तथापि कुछ स्थानों में तापमान प्रदर्शन प्रणाली एवं तापमान लॉगबुक के नियमित संधारण में कमी पाई गई। आवश्यकतानुसार पावर बैकअप एवं वैक्सीन कैरियर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु सुधारात्मक निर्देश दिए गए। यह भी अवलोकित किया गया कि वैक्सीन का विक्रय निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुरूप ही किया जाए।

इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तायुक्त एवं मानक अनुरूप दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना, अवैध औषधि विक्रय पर नियंत्रण स्थापित करना एवं औषधि एवं प्रसाधन सामग्री संबंधी कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन करना है।

अगामी दिनों में अभियान के अंतर्गत कोटपा के तहत चालानी कार्यवाही, नशीली औषधियों के दुरूपयोग रोकने हेतु मेडिकल स्टोर्स की जांच एवं व्यापक जनजागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जायेगी। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि कोरबा जिले में औषधि एवं वैक्सीन वितरण प्रणाली पूर्णतः पारदर्शी, सुरक्षित एवं मानक अनुरूप बनी रहे।

*योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों को पहुंचाने का माध्यम है सुशासन तिहार*

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*योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों को पहुंचाने का माध्यम है सुशासन तिहार*

*सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम कनकी में लगाया गया शिविर*

*182 आवेदनों का हुआ मोैके पर निराकरण*

 

रवि शिवहरे ब्यूरो कोरबा,/सुशासन तिहार के तहत आज ग्राम कनकी में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित होकर विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लिया। शिविर में विभागीय अधिकारियों द्वारा विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ उठाने हेतु प्रोत्साहित किया गया। ग्रामीणों ने भी अपनी मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। मत्स्य, पंचायत, राजस्व, खाद्य विभाग द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया।

जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कँवर ने कहा कि जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वाकांक्षी एवं जनकल्याणकारी पहल है। उन्होंने इस अभियान के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की मंशा है कि गाँव, गरीब और किसान को योजनाओं का लाभ सीधे उनके गाँव में ही उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने ग्रामीणों से साइबर क्राइम से सतर्क रहने, अनावश्यक रूप से पेड़ न काटने तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील भी की।

जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अशोक बाई कँवर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की विभिन्न योजनाएँ जनता तक आसानी से पहुँच सकें, इसी उद्देश्य से प्रत्येक क्षेत्र में शिविर लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार शिविरों में प्राप्त आवेदनों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन पर समयबद्ध कार्रवाई कर लाभार्थियों को संतुष्ट किया जाए।

जनपद उपाध्यक्ष श्री मनोज झा ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत कनकी में आयोजित यह शिविर सरकार की जनकेन्द्रित सोच का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अब किसी भी छोटे-बड़े कार्य के लिए ग्रामीणों को जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि शिविरों के माध्यम से समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि हर आवेदन का या तो निराकरण होगा अथवा निराकरण न होने की स्थिति में कारणों की स्पष्ट जानकारी आवेदक को दी जाएगी। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने और पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्ष लगाने की अपील की।

जनपद पंचायत करतला के सीईओ ने बताया कि जनसमस्या निवारण शिविर में कुल 962 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 182 का शिविर स्थल पर ही निराकरण किया गया। शेष आवेदनों का परीक्षण उपरांत निराकरण किया जायेगा। शिविर में कई विभागों से हितग्राहियों को अतिथियों के द्वारा सामग्रियों एवं प्रमाणपत्रों का वितरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा ग्राम पंचायत सलिहाभाठा को टी.बी. मुक्त ग्राम घोषित करने पर स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र भेंट किए। शिविर में 03 हितग्राहियों को किसान किताब, 01 हितग्राही को आइस बॉक्स, 01 हितग्राही को ग्रोथ प्रमोटर, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 03 हितग्राहियों को आवास की चाबियां सौंपी गईं। महात्मा गांधी नरेगा से लाभार्थियों को जॉब कार्ड दिए गए। खाद्य विभाग ने 05 लोगों को राशन कार्ड प्रदान की गई। इस अवसर पर सभी अतिथियों, नागरिकों एवं विभागीय अधिकारियों ने एकजुट होकर ग्रामीण विकास की दिशा में सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री देवेन्द्र पटेल, डाॅ. तरुण किरण (आई.ए.एस.), एसडीएम श्री सरोज महिलांगे, अन्य विभागीय अधिकारी, जन प्रतिनिधिगण सहित बडी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

*ग्राम पंचायतों में 7 मई को “चावल महोत्सव” के साथ आयोजित होगा रोजगार एवं आवास दिवस*

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*ग्राम पंचायतों में 7 मई को “चावल महोत्सव” के साथ आयोजित होगा रोजगार एवं आवास दिवस*

        मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर चांपा :-जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 07 मई 2026 को “चावल महोत्सव” के साथ “रोजगार दिवस” एवं “आवास दिवस” का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पीएम आवास के तहत स्वीकृत आवासों पूर्ण करने, हितग्राहियों को राशि की जानकारी देने, स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन देने तथा जियो-टैगिंग एवं शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही मनरेगा के प्रगतिरत कार्यों को पूर्ण करने, “मोर गांव-मोर पानी-मोर तरिया” अभियान के अंतर्गत नए तालाब निर्माण की योजना, जल संरक्षण में युवाओं की भागीदारी तथा क्यू आर कोड की जानकारी दी जाएगी। सुशासन तिहार के अंतर्गत आवास एवं मनरेगा से संबंधित सभी आवेदनों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए।

*मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना अंतर्गत दावा-आपत्ति आमंतत्रित*

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*मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना अंतर्गत दावा-आपत्ति आमंतत्रित*

     मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा :-मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना अंतर्गत जिले में 8 मई 2026 को सामूहिक कन्या विवाह का आयोजन प्रस्तावित है। इसके तहत प्राप्त आवेदनों की प्रारंभिक जांच के बाद कुल 78 जोड़ों की पात्रता सूची तैयार की गई है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि जारी सूची के अनुसार यदि किसी व्यक्ति या संस्था को किसी भी जोड़े की पात्रता, आयु या अन्य वैधानिक तथ्यों को लेकर कोई आपत्ति हो, तो वे 7 मई 2026 तक साक्ष्यों सहित लिखित आवेदन कार्यालयीन समय में दोपहर 12:00 बजे तक जमा कर सकते हैं। दावा-आपत्ति आवेदन जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास कार्यालय, जांजगीर-चांपा अथवा संबंधित क्षेत्र के परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास परियोजना (जांजगीर, नवागढ़, अकलतरा, पामगढ़, बम्हनीडीह, बलौदा) के कार्यालय में स्पीड पोस्ट, रजिस्टर्ड डाक या व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत किए जा सकते हैं। प्रारंभिक पात्रता सूची का विस्तृत विवरण जिले की आधिकारिक वेबसाइट https://janjgir-champa.gov.in⁠ तथा संबंधित कार्यालयों के सूचना पटल पर अवलोकन कर सकते है।