More

    Cmho बिलासपुर की तानाशाही

    Cmho बिलासपुर की तानाशाही

     संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर/शहरी खण्ड चिकित्सा अधिकारी के अधीन कार्यरत 1 स्टाफ नर्स 4 महिला पर्यवेक्षकों ANM की बिना कोई प्रक्रिया के अपने स्थापना प्रभारी लिपिक को जारी मौखिक फरमान पर इन कर्मचारियों की वर्ष 2025-26 की वार्षिक वेतनवृद्धि पर रोक लगाते हुए उक्त कर्मचारियों को बिना अपराध के आर्थिक प्रताड़ना दी गई है और उन्हें वार्षिक वेतनवृद्धि के लाभ से साल भर के लिए वंचित कर दिया गया ।

    Cmho द्वारा DHO/BMO/नोडल ऑफिसरों को बाईपास कर खुद ही स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी करना, बैठक के बीच ज़लील करना , हर कार्य के लिए छोटे कर्मचारियों पर दोष आरोपित करना ही इनका मुख्य दायित्व बन गया है।

    जमीनी स्तर पर राष्ट्रीय कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए DHO/अलग अलग कार्यों के लिए जिला नोडल अधिकारी /जिला कार्यक्रम प्रबंधक, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक,/BETO पदस्थ हैं जो कार्यालयों में AC की हवा खाते रहते है इनके लिए cmho ने जिला कार्यालय में 20से25,AC लगवा दिए है ।

    कलेक्टर ने समीक्षा बैठक में bmo कोटा की कार्य के प्रति लापरवाही के कारण उनका वार्षिक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश को कचरे के डिब्बे में फेंक दिया है ।वहीं दूसरी तरफ बिना विधिवत प्रक्रिया एवं बिना जांच कराए छोटे कर्मचारियों को प्रताड़ित किया गया है के संबंध में शिकायत तथा तत्काल कार्यवाही हेतु आवेदन।

    शहरी क्षेत्र के छोटे कर्मचारियों की वर्ष 2025-26 की वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ बिना किसी स्पष्ट आधार, बिना जांच तथा बिना नोटिस के रोक दिया गया है। इस मनमानी कार्रवाई के कारण संबंधित कर्मचारियों को शासन द्वारा देय आर्थिक लाभ से वंचित होना पड़ा है

    किसी भी कर्मचारी की वेतनवृद्धि रोकना उसके आर्थिक अधिकारों को प्रभावित करने वाली गंभीर कार्रवाई है। यदि कोई शिकायत अथवा अनियमितता थी, तो सभी स्तर के अधिकारियों से लेकर नीचे स्तर के कर्मचारियों पर कार्यवाही विधिवत की जानी थी बिना उचित प्रक्रिया/आधार के वेतनवृद्धि रोकना कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

    छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ प्रतिनिधि मंडल द्वारा cmho मिल कर निम्न मांगें रखी गई —

    1. वर्ष 2025-26 की रोकी गई वार्षिक वेतनवृद्धि तत्काल बहाल कर उसका समस्त एरियर सहित भुगतान कराया जाए।

    2. वेतनवृद्धि रोकने संबंधी आदेश, प्रस्ताव एवं उसके आधार की प्रमाणित प्रति संघ को उपलब्ध कराई जाए।

    3. स्थापना विज्ञप्त शाखा के प्रभारी लिपिक को तत्काल स्थापना शाखा से हटाया जाय।

    4. पश्चात संबंधित कर्मचारियों को बिना नोटिस एवं बिना जांच के आर्थिक लाभ से वंचित किए जाने की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

    5. यदि किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी की लापरवाही या मनमानी के कारण वेतनवृद्धि रोकी गई है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

    6. स्थापना शाखा में कार्यरत संबंधित प्रभारी लिपिक एवं स्थापना अधिकारी की भूमिका की जांच कर जवाबदेही निर्धारित की जाए।

    7. यह मामला केवल दो कर्मचारियों की वेतनवृद्धि का नहीं, बल्कि शासकीय कर्मचारियों के अधिकारों एवं सम्मान का विषय है। अतः इस आवेदन को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए।

    यदि 7 दिवस के भीतर उक्त मांगो को पूरा करते हुए उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो संघ 7दिवस पश्चात cmho कार्यालय का घेराव करने के साथ साथ उच्च अधिकारियों के समक्ष शिकायत प्रस्तुत करने तथा नियमानुसार लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा जिसके कारण विभाग की छवि खराब होती है तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी cmho बिलासपुर की होगी।

    Cmho के साथ चर्चा में श्री रविन्द्र तिवारी प्रांत समन्वयक,श्रीमती कविता मसीह प्रांतीय सचिव, श्रीमती शीला शुक्ला अध्यक्ष शहरी क्षेत्र बिलासपुर सहित पीड़ित कर्मचारी उपस्थित थे

    Trending News

    Technology