*बारिश में भी नहीं थमा श्रमिकों का आक्रोश  *12 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ का जोरदार प्रदर्शन* 

*बारिश में भी नहीं थमा श्रमिकों का आक्रोश

12 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ का जोरदार प्रदर्शन* 

 

मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर -चांपा। बरसते पानी के बीच भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के राष्ट्रीय आह्वान पर सोमवार को जांजगीर-चांपा में कर्मचारियों और श्रमिकों की लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। बारिश की परवाह किए बिना बड़ी संख्या में कर्मचारी, श्रमिक एवं विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रैली में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार से श्रमिक एवं कर्मचारी हित में ठोस और समयबद्ध निर्णय लेने की मांग की।

रैली के दौरान कर्मचारियों में खासा उत्साह और आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने श्रमिकों के अधिकार, सामाजिक सुरक्षा, वेतनमान, पेंशन तथा रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। रैली के पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार शशिकांत सोनी के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम मंत्री एवं वित्त मंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा।

समान काम, समान वेतन की मांग

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए बीएमएस के सह प्रभारी गिरिजा शंकर आचार्य ने कहा कि लंबे समय से कर्मचारी और श्रमिक वर्ग अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है। उन्होंने समान काम के लिए समान वेतन लागू करने तथा आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं, मध्यान्ह भोजन कर्मियों, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित विभिन्न योजनाओं में कार्यरत कर्मियों के मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी की मांग उठाई।

उन्होंने कहा कि योजना आधारित कार्यों में बड़ी संख्या में कर्मचारी और श्रमिक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन उनके मानदेय और सामाजिक सुरक्षा को लेकर अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। ऐसे कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान आवश्यक है।

पेंशन और सामाजिक सुरक्षा को लेकर बड़ी मांगें

बीएमएस की 12 सूत्रीय मांगों में ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रतिमाह करने की मांग प्रमुख रही। इसके साथ ही ईएसआई की वेतन सीमा को वर्तमान 21 हजार रुपये से बढ़ाकर 42 हजार रुपये करने तथा ईपीएफ की वेतन सीमा को 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये किए जाने की मांग की गई।

प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम वेतन का महंगाई और वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप पुनर्निर्धारण करने तथा बोनस की गणना के लिए निर्धारित सीमा बढ़ाने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच वर्तमान वेतन और सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों की समीक्षा समय की आवश्यकता है।

संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के अधिकारों पर जोर

प्रदर्शन के दौरान संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। बीएमएस ने संविदा कर्मचारियों के लिए समान काम, समान वेतन लागू करने की मांग की। साथ ही ठेकेदारों एवं मानव संसाधन एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों के वेतन में की जाने वाली कथित अनियमितताओं पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई।

बीएमएस पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों से पूरा काम लेने के बावजूद उन्हें निर्धारित वेतन एवं सुविधाओं से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। श्रमिकों को मिलने वाले पारिश्रमिक में पारदर्शिता और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।

सरकारी विभागों में रिक्त पद भरने की मांग

मांग पत्र में सरकारी विभागों में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने की मांग भी शामिल रही। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ रहा है। इससे प्रशासनिक कामकाज और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है।

इसके अलावा पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, भारतीय श्रम सम्मेलन आयोजित करने तथा पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।

बारिश में भी कायम रहा आंदोलन का उत्साह

प्रदर्शन के दौरान लगातार बारिश होती रही, लेकिन कर्मचारियों और श्रमिकों का उत्साह कम नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांगें केवल कर्मचारी वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये श्रमिकों और उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी हुई हैं। इसलिए सरकार को इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

बीएमएस पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मांगों पर समयबद्ध एवं सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को प्रदेश स्तर से लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक ले जाने की बात भी कही गई।

विभिन्न संगठनों की रही सहभागिता

प्रदर्शन में भारतीय मजदूर संघ के साथ राज्य कर्मचारी संघ, प्रधानपाठक मंच, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, समग्र शिक्षा फेडरेशन सहित विभिन्न कर्मचारी एवं श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।

इस दौरान भारतीय मजदूर संघ से प्रमोद कुर्रे, संजय चौहान, संगीता रात्रे सहित पुष्पराज सिंह चंदेल, नरेंद्र सिंह चंदेल, नरेन्द्र सिंह हलधर चंदेल जयंत सिंह क्षत्रियअनुभव तिवारी तथा विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कुल मिलाकर, बारिश के बीच हुआ यह प्रदर्शन कर्मचारियों और श्रमिकों की लंबित मांगों को लेकर उनके संगठित आक्रोश और संघर्ष की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता नजर आया। अब मांग पत्र सौंपे जाने के बाद कर्मचारी संगठनों की नजर सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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