टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगी जनभागीदारी की नई ताकत, मुंगेली में ‘जोश टीम’ का हुआ शुभारंभ
*जनजागरूकता से ही टीबी उन्मूलन का लक्ष्य होगा पूरा: विधायक मोहले*
*अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले व्यक्तियों को किया गया सम्मानित*

मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली, // जिला कलेक्टोरेट स्थित जनदर्शन सभाकक्ष में आज टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत ‘जोश टीम’ के शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में टीबी रोग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना, संभावित मरीजों की पहचान कर समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करना तथा जनभागीदारी के माध्यम से मुंगेली को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास करना रहा। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री जे. पी. नड्डा के द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर जोश टीम के शुभारंभ को दिखाया गया। इस दौरान विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री श्रीकांत पांडेय, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पांडेय तिवारी, श्री अंजोर सिंह पैकरा, जनपद अध्यक्ष श्री रामकमल सिंह परिहार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) श्री गिरीश कुर्रे, श्री पवन पांडेय, श्री उमाशंकर साहू सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री मोहले ने कहा कि टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए जनजागरूकता और जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए शिविर का आयोजन कर गांव-गांव तक पहुंचाना होगा। लोगों को यह जानकारी दी जानी चाहिए कि लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना, कमजोरी या अन्य संबंधित लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही टीबी के खिलाफ लड़ाई को सफल बनाया जा सकता है। विधायक श्री मोहले ने ‘जोश टीम’ के सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर लोगों को टीबी की जांच, उपचार और बचाव के संबंध में जागरूक करें तथा जरूरतमंद मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में सहयोग करें। उन्होंने उपस्थित लोगों को अंगदान की शपथ दिलाई और अंगदान के महत्व को बताते हुए लोगों से समाजहित में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री श्रीकांत पांडेय ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार नई सुविधाएं और तकनीक उपलब्ध हो रही हैं, जिनका लाभ टीबी मरीजों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक टीबी की जांच एवं उपचार की जानकारी पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोगों को टीबी के लक्षणों और उचित उपचार की जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने वर्ष 2030 तक टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आम नागरिकों से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पांडेय तिवारी ने कहा कि टीबी उन्मूलन अभियान में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों के उपचार के साथ-साथ उनके पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पात्र मरीजों को पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो और वे बीमारी से बेहतर तरीके से लड़ सकें। उन्होंने कहा कि ‘जोश टीम’ के माध्यम से जिले में टीबी के मरीजों की पहचान, जागरूकता और उपचार को और गति दी जा सकती है। उन्होंने टीम के सदस्यों से आग्रह किया कि वे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय करते हुए गांव एवं समुदाय स्तर पर लोगों को जागरूक करें।
कार्यक्रम के दौरान क्षय उन्मूलन अधिकारी श्री सुदेश रात्रे ने जिले में टीबी उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने जिले में टीबी मरीजों की स्थिति, रोग की पहचान, जांच एवं उपचार की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव-गांव जाकर संभावित मरीजों की पहचान की जा रही है तथा आवश्यकतानुसार बलगम जांच सहित अन्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि टीबी की जांच को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित कर लोगों की जांच की जा रही है, ताकि बीमारी की पहचान प्रारंभिक स्तर पर ही हो सके और मरीजों को तत्काल उपचार से जोड़ा जा सके।
इस दौरान 06 व्यक्तियों ने तत्काल नेत्रदान एवं 04 व्यक्तियों ने अंगदान हेतु स्वयं को पंजीकृत कराया। कार्यक्रम में टीबी मुक्त भारत अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले व्यक्तियों एवं सहयोगियों को सम्मानित किया गया। निक्षय मित्र बनकर 04 वर्षों तक टीबी मरीजों को पोषण आहार हेतु योगदान देने पर श्रीमती रमा मसीह को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इसी प्रकार टीबी मितान श्री शशिकपुर पात्रे एवं श्री मुरली मनोहर साहू का भी सम्मान किया गया, जिन्होंने टीबी मरीजों को परामर्श एवं पूर्ण उपचार लेने हेतु विशेष योगदान दिया। जिले में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम के अंतर्गत जिले की कुल 367 ग्राम पंचायतों में से 170 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त किया गया है। वर्ष 2025 में लगातार दो एवं तीन वर्षों तक टीबी मुक्त रहने वाली ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं ग्राम सचिवों को महात्मा गांधी जी की रजत एवं स्वर्ण लेपित प्रतिमा तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्रीकेश गुप्ता ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में अब तक 01 लाख 89 हजार 470 लोगों की स्क्रीनिंग कर 01 हजार 385 टीबी मरीजों का निदान किया गया है। साथ ही जिले में उच्च जोखिम समूह वाले व्यक्तियों का हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से गांव-गांव में शिविर लगाकर एक्स-रे किया जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित ‘जोश टीम’ के सदस्यों, एनसीसी कैडेट्स एवं माय भारत वालंटियर्स को संवेदनशील बनाते हुए जिले को टीबी मुक्त बनाने में सहयोग हेतु प्रेरित किया गया। इस दौरान सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं ‘जोश टीम’ के सदस्यों ने जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य जागरूकता एवं जांच की सुविधा पहुंचाने का संकल्प लिया। मंच संचालक श्री अशोक सोनी ने किया। आभार प्रदर्शन डीपीएम श्री गिरीश कुर्रे ने किया।



