# बिलासपुर केंद्रीय जेल में चक्कर अधिकारी की कथित मनमानी! अधीक्षक की भूमिका पर उठे सवाल
**जेल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी पर स्टाफ को दबाव में रखने और ड्यूटी में हस्तक्षेप के आरोप, आखिर किसके आदेश से चल रहा जेल का सिस्टम?**

राकेश खरे संभाग हेड बिलासपुर।** केंद्रीय जेल बिलासपुर की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। जेल के अंदर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अष्टकोण अधिकारी (चक्कर अधिकारी) की मानी जाती है, लेकिन अब इसी पद पर बैठे अधिकारी की कार्यशैली को लेकर जेल स्टाफ के बीच कथित तौर पर नाराजगी की चर्चा सामने आ रही है।
आरोप है कि बिलासपुर केंद्रीय जेल में पदस्थ होने के बाद से चक्कर अधिकारी का जेल के अंदर कामकाज में हस्तक्षेप लगातार बढ़ा है। जेल स्टाफ के बीच यह चर्चा है कि अधिकारी अपने पद का प्रभाव दिखाते हुए कर्मचारियों की ड्यूटी इधर से उधर करवाने और आंतरिक व्यवस्था में अपनी मर्जी चलाने का प्रयास करते हैं। यहां तक कि पहली प्रहरी और मुख्य प्रहरी जैसे जिम्मेदार पदों पर तैनात कर्मचारियों को दिए जाने वाले निर्देशों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
### अधीक्षक के रहते आखिर किसका चलता है आदेश?
सबसे बड़ा सवाल जेल अधीक्षक की प्रशासनिक भूमिका को लेकर उठ रहा है। जेल की संपूर्ण व्यवस्था और कर्मचारियों के कामकाज की जिम्मेदारी अधीक्षक के अधीन होती है। ऐसे में यदि कोई अन्य अधिकारी कथित तौर पर अपनी मर्जी से कर्मचारियों की ड्यूटी बदलवाने और आदेश जारी करने की स्थिति में है, तो फिर जेल अधीक्षक की भूमिका क्या रह जाती है?
जेल स्टाफ के बीच यह भी चर्चा है कि चक्कर अधिकारी स्वयं को जेल मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों और डीजी का करीबी बताकर अपना प्रभाव प्रदर्शित करते हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
### कोरबा में भी कार्यकाल को लेकर उठे थे सवाल?
आरोपों के बीच अधिकारी के पूर्व पदस्थापना स्थल कोरबा का मामला भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि वहां उनके कार्यकाल के दौरान कैदी फरार होने की घटना हुई थी और इसके बाद उन्हें निलंबित किया गया था। इस मामले में निलंबन के आदेश और विभागीय कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। यदि यह जानकारी सही है तो यह भी जांच का विषय है कि पूर्व की कार्रवाई के बाद उन्हें किस आधार पर महत्वपूर्ण सुरक्षा जिम्मेदारी सौंपी गई।
### घटनाओं के बाद भी जवाबदेही तय क्यों नहीं?
बिलासपुर केंद्रीय जेल में लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच जेल की सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की जवाबदेही की समीक्षा जरूरी हो गई है। आखिर जेल के अंदर सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? कर्मचारियों की ड्यूटी में बदलाव का अधिकार किसके पास है? क्या प्रशासनिक आदेश निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी हो रहे हैं या व्यक्तिगत प्रभाव के आधार पर?
**अब उठ रहे सवालों का जवाब जेल प्रशासन और जेल मुख्यालय को देना चाहिए।** मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि चक्कर अधिकारी की भूमिका निर्धारित अधिकारों तक सीमित है या वास्तव में जेल की प्रशासनिक व्यवस्था में अनावश्यक हस्तक्षेप किया जा रहा है। साथ ही जेल अधीक्षक की भूमिका और जिम्मेदारी भी स्पष्ट होनी चाहिए।

