*ट्रेकियोस्टॉमी हटाकर 35 वर्षीय नरेन्द्र कुमार को दी नई जिंदगी*

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*ट्रेकियोस्टॉमी हटाकर 35 वर्षीय नरेन्द्र कुमार को दी नई जिंदगी*

*जिला अस्पताल आईसीयू टीम की तत्परता और समर्पित उपचार से मिली सफलता* 

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली, / जिला चिकित्सालय मुंगेली में चिकित्सकों एवं आईसीयू टीम की तत्परता, समर्पण और बेहतर उपचार से गंभीर अवस्था में पहुंचे 35 वर्षीय नरेन्द्र कुमार दिवाकर को नया जीवन मिला। करीब 20 दिनों तक गहन आईसीयू देखभाल के बाद मरीज की स्वास्थ्य स्थिति में लगातार सुधार हुआ और चिकित्सकीय टीम ने सफलतापूर्वक उसकी ट्रेकियोस्टॉमी हटाने में सफलता प्राप्त की। वर्तमान में मरीज की स्थिति स्थिर है तथा वह सामान्य रूप से सांस लेते हुए संतोषजनक ऑक्सीजन सैचुरेशन बनाए हुए है। उपचार के बाद मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार मरीज नरेन्द्र कुमार दिवाकर को रात करीब 02 बजे गंभीर अवस्था में जिला चिकित्सालय मुंगेली की मेडिसिन इमरजेंसी में लाया गया। मरीज इससे पहले लगभग 10 दिनों तक अपोलो अस्पताल बिलासपुर में उपचाररत रहा था, जहां उसकी ट्रेकियोस्टॉमी की गई थी। जिला अस्पताल पहुंचने के समय मरीज बेहोशी की अवस्था में था। उसे गंभीर हाइपोक्सिया, अत्यंत निम्न रक्तचाप एवं जीवन संकट की स्थिति में तत्काल मेडिसिन आईसीयू में भर्ती कर उपचार प्रारंभ किया गया।

मरीज की गंभीर चिकित्सकीय स्थिति को देखते हुए डॉ. विजेन्द्र पटले, एमडी मेडिसिन के नेतृत्व में उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकीय जांच एवं मरीज की क्लिनिकल स्थिति के आधार पर चिकित्सकों ने संभावित विषाक्तता, ऑर्गेनोफॉस्फोरस पॉइजनिंग, विदड्रॉल सिंड्रोम, वेंटिलेटर-एसोसिएटेड निमोनिया एवं सेप्टिक शॉक जैसी गंभीर संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उपचार की रणनीति तैयार की।

साथ ही तत्काल वेंटिलेटरी एवं इनोट्रोपिक सपोर्ट प्रदान किया गया। आईसीयू में लगातार मॉनिटरिंग, नियमित सक्शनिंग, संक्रमण नियंत्रण एवं विशेष देखभाल के साथ उपचार जारी रखा गया। प्रारंभिक स्थिति बेहद गंभीर होने के बावजूद चिकित्सकीय टीम ने लगातार निगरानी और उपचार के माध्यम से मरीज की स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास जारी रखा।

मरीज के उपचार में सबसे महत्वपूर्ण चुनौती पहले से की गई ट्रेकियोस्टॉमी की देखभाल एवं सुरक्षित रूप से उसे हटाने की प्रक्रिया थी। चिकित्सकों एवं आईसीयू टीम की निरंतर निगरानी में मरीज की स्वास्थ्य स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आने लगा। करीब 20 दिनों की गहन आईसीयू देखभाल के बाद मरीज को होश आया और उसकी स्थिति में लगातार सकारात्मक सुधार दर्ज किया गया।

मरीज की स्थिति स्थिर होने एवं स्वयं पर्याप्त रूप से सांस लेने की क्षमता में सुधार के बाद चिकित्सकीय टीम ने आवश्यक परीक्षण एवं चिकित्सकीय मूल्यांकन के उपरांत ट्रेकियोस्टॉमी को सफलतापूर्वक हटा दिया। इसके बाद मरीज ने सामान्य रूप से सांस लेना शुरू किया और रूम एयर पर संतोषजनक ऑक्सीजन सैचुरेशन बनाए रखा।

मरीज की हालत में संतोषजनक सुधार के बाद चिकित्सकों ने उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। इस पूरे उपचार के दौरान आईसीयू टीम द्वारा लगातार निगरानी, समय पर आवश्यक उपचार एवं समर्पित देखभाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सवोजिला चिकित्सालय मुंगेली की टीम ने इस उपलब्धि को गंभीर परिस्थितियों में टीमवर्क, समय पर उपचार एवं आईसीयू की समर्पित देखभाल का परिणाम बताया। इस सफल उपचार में डॉ. विजेन्द्र पटले, एमडी मेडिसिन, डॉ. कमलेश सत्यपाल, एमएस ईएनटी सर्जन, डॉ. रितु पोर्ते, चिकित्सा अधिकारी सहित पूरी आईसीयू टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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