*केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने उज्जैन में राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन के अधिवेशन को किया संबोधित, शिक्षा, संस्कार और नशामुक्ति पर दिया जोर*
*उज्जैन में राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन का राष्ट्रीय अधिवेशन, केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने समाज की विरासत को आगे बढ़ाने का किया आह्वान*

उज्जैन, 6 सितंबर 2026। राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन, दिल्ली द्वारा रविवार को महाकाल की पावन नगरी उज्जैन स्थित माधव सेवा न्यास, श्री महाकालेश्वर भक्त निवास, भारत माता मंदिर के समीप राष्ट्रीय अधिवेशन एवं वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री एवं बिलासपुर सांसद श्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। देशभर से पहुंचे समाजबंधुओं एवं महासंगठन के पदाधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।
अपने संबोधन में श्री तोखन साहू ने कहा कि महाकाल की पावन नगरी में देशभर से आए साहू समाज के बीच उपस्थित होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर सशक्त हो रहा है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
श्री साहू ने साहू समाज की आध्यात्मिक एवं गौरवशाली परंपराओं का स्मरण करते हुए कहा कि समाज की सांस्कृतिक चेतना मां कर्मा, भक्त माता राजिम, मां तेलीन दाई, मां भानेश्वरी, प्रभु राजीव लोचन तथा भगवान जगन्नाथ प्रभु की भक्ति एवं आस्था से गहराई से जुड़ी हुई है। इन आराध्य शक्तियों और महान परंपराओं ने समाज को भक्ति, सेवा, त्याग, सद्भाव एवं संस्कारों का मार्ग दिखाया है।
उन्होंने कहा कि मां कर्मा की भक्ति और समर्पण समाज के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। मां कर्मा के सम्मान में डाक टिकट जारी होना पूरे साहू समाज के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि डाक टिकट जारी कराने की प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभाने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। यह केवल डाक टिकट नहीं, बल्कि समाज की महान विभूति को प्राप्त राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक है।
केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने भामाशाह जी सहित समाज की अन्य महान विभूतियों के योगदान का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि समाज के इतिहास में सेवा, त्याग, दान, राष्ट्रभक्ति और समर्पण की समृद्ध परंपरा रही है। इस गौरवशाली विरासत को केवल स्मरण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसे अपने आचरण और नई पीढ़ी के संस्कारों में भी आत्मसात करना आवश्यक है।
नई पीढ़ी को शिक्षा और संस्कारों से जोड़ना सामूहिक जिम्मेदारी
श्री साहू ने समाज के वरिष्ठजनों एवं नेतृत्वकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कारों और जीवन-मूल्यों से जोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। समाज के युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता एवं रचनात्मक कार्यों से जोड़ने के लिए संगठित और प्रभावी प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, व्यवसाय तथा समाज एवं राष्ट्र निर्माण में करें। शिक्षित, संस्कारवान और नशामुक्त युवा ही सशक्त समाज एवं विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।
श्री तोखन साहू ने कहा कि हमारी आस्था हमारी शक्ति है, हमारी विरासत हमारी पहचान है और हमारी नई पीढ़ी हमारा भविष्य है। इसलिए समाज की गौरवशाली परंपराओं, संस्कारों और महान विभूतियों के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष साहू मुरारी एच. गुप्ता, राष्ट्रीय महामंत्री साहू रामललित गुप्ता, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संजय गुप्ता, राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. महेंद्र साहू सहित देशभर से आए महासंगठन के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।

