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जिले में 28-29 अक्टूबर को अत्यधिक भारी वर्षा एवं तेज हवाओं की चेतावनी, रेड अलर्ट जारी

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जिले में 28-29 अक्टूबर को अत्यधिक भारी वर्षा एवं तेज हवाओं की चेतावनी, रेड अलर्ट जारी

*राहत एवं बचाव के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित*

*कलेक्टर ने की नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली,// मौसम विभाग द्वारा 29 अक्टूबर को मुंगेली जिले में अत्यधिक भारी वर्षा, गरज-चमक एवं तेज हवाएं चलने की संभावना के मद्देनजर रेड अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है।

कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि खराब मौसम के दौरान अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकलें। उन्होंने कहा कि गरज-चमक एवं आकाशीय बिजली की स्थिति में खुले मैदान, ऊच स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। तेज हवाओं के दौरान जर्जर भवनों, कमजोर मकानों, बिजली के खंभों, विद्युत तारों, पेड़ों एवं होर्डिंग के आसपास न रहें। नागरिक मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी अधिकृत सूचनाओं एवं दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा अफवाहों और अपुष्ट जानकारी पर विश्वास करने से बचें।

जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि खराब मौसम, तेज हवाओं एवं आकाशीय बिजली की संभावना के दौरान खेतों और खुले स्थानों में काम करने से बचें। किसान खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें। पक चुकी धान, दलहन एवं तिलहन फसलों की कटाई मौसम की स्थिति को देखते हुए टालें तथा पहले से कटी हुई फसलों को सुरक्षित एवं ऊंचे स्थान पर रखें। पशुपालक पशुओं को सुरक्षित एवं आश्रययुक्त स्थान पर रखें तथा उनके लिए पर्याप्त सूखे चारे और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करें। मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। आम नागरिक किसी भी आपात स्थिति में 07755-264440 पर संपर्क कर सकते हैं।

*मुंगेली के मशहूर चाय वाले भोला देवांगन का आकस्मिक निधन, नगर में शोक की लहर*

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*पुराना बस स्टैंड की उनकी चाय दुकान थी राजनीतिक, सामाजिक और पत्रकारिता चर्चाओं का जाना-पहचाना ठिकाना*

तीजराम साहू ब्यूरो मुंगेली— मुंगेली शहर के पुराना बस स्टैंड के पास वर्षों से अपनी चाय और आत्मीय व्यवहार के लिए मशहूर भोला देवांगन का आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही परिजनों, परिचितों सहित शहर के सामाजिक, राजनीतिक, व्यावसायिक एवं पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।
लगभग 55 वर्षीय भोला देवांगन पूर्व में शिक्षक नगर में निवास करते थे तथा वर्तमान में सोनकर सिटी, मुंगेली में निवासरत थे। स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका उपचार चल रहा था। उनके आकस्मिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
भोला देवांगन अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में एक पुत्र एवं तीन पुत्रियां हैं। उनके पुत्र तीरथ देवांगन उर्फ सोनू पीएचई विभाग में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं।

*सिर्फ चाय की दुकान नहीं, शहर की चर्चाओं का केंद्र थी उनकी पहचान*

भोला देवांगन का नाम मुंगेली में विशेष रूप से पुराना बस स्टैंड के मशहूर चाय वाले के रूप में जाना जाता था। वर्षों से उनकी चाय दुकान शहर के लोगों के लिए केवल चाय पीने की जगह नहीं, बल्कि मेल-मिलाप और विचार-विमर्श का एक जाना-पहचाना केंद्र भी रही।
सुबह से लेकर शाम तक उनकी दुकान पर राजनीतिक, सामाजिक, व्यावसायिक और पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों का आना-जाना लगा रहता था। चाय की चुस्कियों के बीच नगर और जिले के विभिन्न मुद्दों पर चर्चाएं होती थीं। चुनावी मौसम में राजनीतिक समीकरणों, प्रत्याशियों और चुनावी गतिविधियों को लेकर भी यहां खूब चर्चा हुआ करती थी।
अपनी सहजता, सरल स्वभाव और लोगों से आत्मीयता से मिलने के कारण भोला देवांगन ने वर्षों में बड़ी संख्या में लोगों से संबंध बनाए। यही कारण है कि उनके निधन का समाचार मिलते ही उन्हें जानने वाले लोगों में गहरा दुख व्याप्त हो गया।
उनका यूं अचानक चले जाना परिवार के साथ-साथ उन लोगों के लिए भी अपूरणीय क्षति है, जिनकी दिनचर्या में कभी न कभी पुराना बस स्टैंड स्थित उनकी दुकान की चाय और वहां होने वाली आत्मीय बातचीत शामिल रही है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

*ॐ शांति। भावपूर्ण श्रद्धांजलि।*

यह जानकारी सोशल मीडिया प्रचारक कोमल देवांगन, मुंगेली ने दी। 💐💐💐💐🙇‍♂️🙇‍♂️🙇‍♂️🥹🥹🥹

*महर्षि वाल्मीकि जयंती पर शंकर मंदिर में गूंजे श्रद्धा के स्वर, पूजा-अर्चना कर आदिकवि को किया नमन*

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*महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को जीवन में अपनाने का लिया संकल्प, धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना और सद्भाव का दिया संदेश*

तीजराम साहू ब्यूरो मुंगेली—- महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर 25 अक्टूबर को मुंगेली नगर स्थित शंकर मंदिर में श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना, वंदना एवं जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों ने आदिकवि महर्षि वाल्मीकि का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। साथ ही उनके आदर्शों, विचारों और शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन भारतीय संस्कृति, साहित्य और आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। उनके द्वारा रचित रामायण ने सदियों से समाज को सत्य, धर्म, मर्यादा, त्याग, कर्तव्यपरायणता और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है।

*आदिकवि महर्षि वाल्मीकि के योगदान को किया याद*

महर्षि वाल्मीकि को संस्कृत साहित्य के आदिकवि के रूप में प्रतिष्ठित माना जाता है। उनके द्वारा रचित रामायण भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन एवं चरित्र का वर्णन करने के साथ ही समाज को नैतिक और मानवीय मूल्यों की शिक्षा देती है। रामायण में वर्णित सत्य, धर्म, मर्यादा, त्याग, करुणा और कर्तव्य के संदेश आज भी समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। उनके विचार समाज में सद्भाव, संस्कार, नैतिकता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं। परंपरागत मान्यताओं के अनुसार महर्षि वाल्मीकि के पिता का नाम महर्षि प्रचेता तथा माता का नाम चर्षणी बताया जाता है, हालांकि उनके जीवन से संबंधित विभिन्न परंपराओं एवं ग्रंथों में अलग-अलग उल्लेख भी मिलते हैं।

*धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना का दिया संदेश*

संस्कृत भारती के जिला संयोजक डॉ. रामबाबू मिश्र ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जयंती जैसे आयोजन समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने के साथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और महापुरुषों के आदर्शों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के विचारों और शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा उनके बताए आदर्श मार्ग पर चलकर समाज में नैतिकता, सद्भाव, संस्कार और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रचनाएं और उनके संदेश युगों-युगों तक मानव समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे। जयंती समारोह में प्रमुख रूप से गुलाबचंद उपाध्याय, विश्व हिंदू परिषद मुंगेली नगर अध्यक्ष पुहुपराम साहू, आकाश सोनी, नर्मदा सिंह राजपूत, डॉ. राजीव सिंह ठाकुर, कृष्ण कुमार दीक्षित, मोहन उपाध्याय, बुद्धेश्वर उपाध्याय, बीरबल सोनकर, अजय तिवारी, दयाचंद उपाध्याय, अश्वनी उपाध्याय, विजय चौबे, विजयगोपाल साहू, पीतांबर सिंह ठाकुर, जानवी ठाकुर, श्रेया पाण्डेय, श्रीयांशी पाण्डेय, देवांशी पाण्डेय, विजय बाघमार एवं रितेश पाण्डेय सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी उपस्थितजनों ने महर्षि वाल्मीकि की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना एवं वंदना कर उन्हें नमन किया और उनके आदर्शों को समाज में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

पनागर बाईपास पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का हुआ स्वागत 

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*पनागर बाईपास पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का हुआ स्वागत 

 जबलपुर से पंकज मोनू जैन की रिपोर्ट:-वही बड़ी खबर जबलपुर की पनागर विधानसभा क्षेत्र के समस्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पनागर बाईपास पर मध्य प्रदेश प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी का जोरदार और भव्य स्वागत किया। कटनी दौरे पर सड़क मार्ग (बाय रोड) से जा रहे प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी के साथ अभिनंदन किया।

इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष विवेक पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आगमन और उनसे हुई मुलाकात से पनागर के सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा और अपार उत्साह का संचार हुआ है।

बातचीत के दौरान विवेक पटेल ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष ने आगामी 1 तारीख को दिल्ली में आयोजित होने वाले ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पनागर विधानसभा क्षेत्र के सभी कांग्रेसजन एकजुट होकर 1 तारीख को दिल्ली पहुंचेंगे और ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ विरोध कार्यक्रम में प्रमुखता से हिस्सा लेंगे।

कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कार्यकर्ता एक विशाल जनसैलाब के रूप में दिल्ली की सड़कों पर उतरेंगे और इस आंदोलन के जरिए ‘वोट चोर’ सरकार को सत्ता से गिराने का मजबूती से काम करेंगे।

*भारतीय मजदूर संघ का जिला अधिवेशन हुआ सम्पन्न*

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*भारतीय मजदूर संघ का जिला अधिवेशन हुआ सम्पन्न*

 *भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष बने प्रमोद कुर्रे, यशपाल चौबे को जिलामंत्री की जिम्मेदारी* 

 मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर चांपा :-एंकर – भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) जिला जांजगीर-चांपा का जिला अधिवेशन चांपा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। अधिवेशन में सर्वसम्मति से नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें प्रमोद कुर्रे को जिलाध्यक्ष, यशपाल चौबे को जिलामंत्री, संजय चौहान को जिला संगठन मंत्री तथा रमेश साहू को जिला कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता, भगवान विश्वकर्मा और भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुई। अधिवेशन में संगठन की गतिविधियों, श्रमिकों की समस्याओं और उनके अधिकारों से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर बीएमएस प्रभारी वेंकटराव, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण तिवारी, राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह चंदेल, संभाग सचिव अनुभव तिवारी तथा प्रधान पाठक मंच के प्रदेश अध्यक्ष जयंत सिंह सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अतिथियों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए श्रमिकों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का ओजस्वी संचालन पूर्व जिला महामंत्री संजय चौहान ने किया। अधिवेशन के समापन पर नवनियुक्त पदाधिकारियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। नई कार्यकारिणी ने संगठन को मजबूत बनाने और श्रमिकों के हित में कार्य करने का संकल्प लिया।

भारतीय मजदूर संघ के जिला अधिवेशन में मुख्य रूप से प्रमोद कुर्रे, पुष्पराज निषि, रमेश कुमार साहू, नरेन्द्र सिंह, राजेश सोनी, अविनाश खाण्डेल संकीप कुमार, रंजना टंडन, प्रगतिकांत, अनिता भार्गव, मंजूदेवी यादव, रोहित कश्यप, सुरेन्द्र कुमार नोरगे, रामशंकर जगत, कामता प्रसाद राठौर, उमाशंकर साहू, मुकेश साहू, पुष्पेन्द्र चंद्रा, प्रकाश सोन, अमन सिंह, रामकुमार कश्यप, मुकेश बंजारे, शुभम कुमार, रणवीरसिंह, संदीप शर्मा, इंद्रमोहन शर्मा, अनील कुमार राठौर, यशपाल चौबे, इंद्र कुमार रात्रे, अनुभव तिवारी, संतोष सिंह एवं संजय कुमार चौहान उपस्थित रहे।

मन की बात’ देश की लोकशक्ति की आराधना और 140 करोड़ देशवासियों से आत्मीय संवाद का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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‘मन की बात’ देश की लोकशक्ति की आराधना और 140 करोड़ देशवासियों से आत्मीय संवाद का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अभनपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी एवं श्री सिद्धार्थ शंभू के साथ सुनी ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी*

*प्रधानमंत्री देशवासियों के असाधारण कार्यों और नवाचारों को दे रहे राष्ट्रीय पहचान : मुख्यमंत्री श्री साय*

*‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपराओं और नवाचारों का निरंतर उल्लेख प्रदेश के लिए गौरव का विषय – मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर जिले के अभनपुर स्थित अग्रवाल भवन में पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी एवं श्री सिद्धार्थ शंभू के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी का श्रवण किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ देश की लोकशक्ति की आराधना और 140 करोड़ देशवासियों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मीय जुड़ाव का सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज, पर्यावरण, संस्कृति, नवाचार और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे सामान्य नागरिकों के असाधारण प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान देते हैं। ऐसे प्रेरक उदाहरण देशवासियों में समाज और राष्ट्र के लिए कुछ नया करने का भाव जागृत करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रत्येक छत्तीसगढ़वासी के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ की विभिन्न कड़ियों में प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, जनजातीय परंपराओं, खेल प्रतिभाओं, जल संरक्षण, पोषण और नवाचार से जुड़े प्रयासों को प्रमुखता से स्थान दिया है। उन्होंने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का उल्लेख कर बस्तर की खेल प्रतिभाओं एवं समृद्ध जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दी है। आज शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा बस्तर अपनी युवा प्रतिभाओं और सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से नई पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने कोरिया जिले में जल संरक्षण के अभिनव ‘पांच प्रतिशत मॉडल’ की भी सराहना की है, जिसके तहत किसान अपनी भूमि के पांच प्रतिशत हिस्से में तालाब बनाकर वर्षा जल का संचय करते हैं। इससे सिंचाई के साथ भूजल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। इसी प्रकार ऐतिहासिक मल्हार के ताम्रपत्रों और पोषण से जुड़े ‘हर घर मुनगा’ जैसे प्रयासों का उल्लेख छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित करता है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी में कार्यक्रम की 12 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए देश के सामान्य नागरिकों के परिश्रम, सेवा और समर्पण की सराहना की। उन्होंने पंजाब में प्राकृतिक कपास की खेती और बुनकरी से महिला सशक्तिकरण, उत्तराखंड में हेवल नदी के पुनर्जीवन, स्थानीय उत्पादों की वैश्विक पहचान और खादी की बढ़ती लोकप्रियता जैसे प्रेरक प्रयासों का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने त्योहारों के अवसर पर स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता देने और ‘वोकल फॉर लोकल’ को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने ई-संजीवनी, आधुनिक अनुसंधान, युवाओं के डीप-टेक स्टार्टअप, श्रीअन्न की खेती और अंगदान के महत्व को भी रेखांकित किया। साथ ही सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर ‘रन फॉर यूनिटी’ में सहभागिता, स्वच्छता और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के विचार हमें अपने आसपास हो रहे सकारात्मक कार्यों से प्रेरणा लेने और समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने की प्रेरणा देते हैं। ‘मन की बात’ ने स्वच्छता, पर्यावरण एवं जल संरक्षण, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, नवाचार, सेवा और जनभागीदारी को जन-जन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में विकसित छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए जनभागीदारी, नवाचार और कर्तव्य के प्रति समर्पण आवश्यक है। इन्हीं सामूहिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ और देश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर आगे बढ़ेंगे।

इस अवसर पर रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, अभनपुर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना, किसानों को सतर्क रहने की सलाह

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चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना, किसानों को सतर्क रहने की सलाह

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने जारी की मौसम आधारित कृषि सलाह

25 से 29 अक्टूबर तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना

किसानों को धान की कटाई रोकने, कटी फसलों को सुरक्षित रखने और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह

चक्रवाती तूफान के मद्देनजर विभागीय मामलों को अलर्ट रहने मंत्री श्री रामविचार नेताम के निर्देश 

रायपुर, / बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आगामी दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। विश्वविद्यालय ने किसानों से फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने और कृषि कार्यों में मौसम के अनुरूप बदलाव करने की अपील की है।

चक्रवाती तूफान के मद्देनजर किसान कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने किसान के हित में आवश्यक सहयोग के लिए विभाग अधिकारी कर्मचारी सहित मैदानी अमले को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र अगले कुछ घंटों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस दौरान हवा की गति 115 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 25 अक्टूबर से वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 25 अक्टूबर को बस्तर संभाग के बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा तथा अन्य जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। इसके अलावा रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग और राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है।

इसी प्रकार 26 अक्टूबर को दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, सुकमा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। 27 अक्टूबर को भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। वहीं 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा की संभावना के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि जिन खेतों में धान, दलहन एवं तिलहन की फसलें पकने की अवस्था में हैं, वहां आगामी दो से चार दिनों तक कटाई का कार्य स्थगित रखें। जिन किसानों ने फसलों की कटाई प्रारंभ कर दी है, वे कटी हुई फसलों को शीघ्र सुरक्षित स्थानों पर रखें। खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि जलभराव से फसलों को नुकसान न पहुंचे।

कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों में रोग एवं कीटों के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद ही आवश्यक कीटनाशकों अथवा कवकनाशकों का छिड़काव करने की सलाह दी है। आगामी दिनों में रबी फसलों की बुवाई करने वाले किसानों को भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बुवाई का कार्य नवंबर माह के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ करने का सुझाव दिया गया है।

सब्जी एवं फल उत्पादक किसानों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। वैज्ञानिकों के अनुसार चक्रवाती प्रभाव से तेज हवा चलने की संभावना को देखते हुए लता वाली सब्जियों, विशेषकर करेला एवं लौकी जैसी फसलों के लिए सहारे की व्यवस्था करें। केले के पौधों एवं फलदार वृक्षों को भी आवश्यकतानुसार सहारा दें। सब्जियों के खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें तथा बारिश के दौरान कीटनाशकों एवं कवकनाशकों के छिड़काव से बचें।

पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने पशुओं को सुरक्षित एवं सूखे स्थानों पर रखें। तेज हवा और बारिश की संभावना को देखते हुए पशुओं को पेड़ों के नीचे अथवा खुले स्थानों पर बांधने से बचें। पशुओं के लिए सूखे चारे एवं स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखें तथा कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जारी सलाह का पालन करें। समय रहते आवश्यक सावधानियां अपनाकर चक्रवाती तूफान और संभावित भारी वर्षा से फसलों, उद्यानिकी उत्पादन एवं पशुधन को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के 5वें मैच में न्यायधानी नाइट्स ने संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को हराया; चक्रधर चैंपियंस सेमीफाइनल में जगह बनाने के और करीब पहुंचा

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छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के 5वें मैच में न्यायधानी नाइट्स ने संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को हराया; चक्रधर चैंपियंस सेमीफाइनल में जगह बनाने के और करीब पहुंचा

*उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव लगातार दूसरे दिन मैच देखने पहुंचे, मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में स्टार परफॉर्मर्स को दिए पुरस्कार*

रायपुर. . पहले क्वार्टर में खराब शुरुआत के बावजूद सुरेंद्र सिंह की न्यायधानी नाइट्स ने आज संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 5-3 से हराकर छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में अपनी दूसरी जीत दर्ज की। संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने मैच की शुरुआत में ही दो पेनाल्टी कार्नर गंवा दिए, जिससे वे शुरुआत में ही बढ़त बनाने से चूक गए। हालांकि, ओम कुमार यादव ने जीतू हेमला की पास की गई गेंद को डिफ्लेक्ट करके पहला गोल किया और टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई, लेकिन पेनाल्टी कार्नर को गोल में न बदल पाना उनके लिए भारी पड़ा।

दूसरे क्वार्टर में न्यायधानी नाइट्स ने सुखवेद निर्मलकर के फील्ड गोल के साथ वापसी की। इसके कुछ ही देर बाद शादाब अहमद खान ने गोल किया, जब संस्कारधानी स्ट्राइकर्स के गोलकीपर आदित्य कुमार नेताम बुरी तरह गिर गए थे। इसके एक मिनट से भी कम समय बाद चिराग ने एक पेनाल्टी कार्नर को गोल में बदल दिया। पहले हाफ के ज्यादातर समय स्ट्राइकर्स का दबदबा होने के बावजूद स्कोर 1-3 रहा।

हालांकि, तीसरे क्वार्टर में उनकी किस्मत थोड़ी बेहतर रही। वे फिर से पेनाल्टी कार्नर को गोल में नहीं बदल पाए, लेकिन उन्हें मिले पेनाल्टी स्ट्रोक को आशीष तानी पूर्ति ने गोल में बदल दिया। इसके जवाब में, चिराग ने पेनाल्टी कार्नर को गोल में बदलकर न्यायधानी नाइट्स की बढ़त को फिर से दो गोल का कर दिया।

मैच के अंत में आशीष तानी एक तरह से संस्कारधानी के अकेले योद्धा साबित हुए, जब उन्होंने पेनाल्टी कार्नर को गोल में बदल दिया। एकतरफा रहे इस मैच का अंत तब हुआ जब सोनू ने न्यायधानी नाइट्स के लिए एक और गोल किया।

मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए आशीष को ‘स्ट्राइकर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार मिला, जबकि चिराग को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में लगातार दूसरे दिन मैच देखने और खिलाड़ियों की हौसला अफजाई के लिए पहुंचे उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने मैच के स्टार परफॉर्मर्स को पुरस्कार प्रदान किए।

लीग में रविवार को शाम 5.30 बजे ‘न्यायधानी नाइट्स’ का मुकाबला ‘बैलाडीला बुल्स’ से होगा, और इसके बाद शाम 7.30 बजे ‘राजधानी रॉयल्स’ का सामना ‘मैनपाट टाइटन्स’ से होगा।

*’राजधानी रॉयल्स’ पर 4-3 की जीत के साथ ‘चक्रधर चैंपियंस’ सेमीफाइनल में जगह बनाने के एक कदम और करीब*

आज के पहले मैच में ‘राजधानी रॉयल्स’ को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा। उन्हें ‘चक्रधर चैंपियंस’ ने 4-3 से हराया। इस जीत के साथ ‘चक्रधर चैंपियंस’ ने अपने दोनों मैचों में जीत हासिल करते हुए सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है।

‘चक्रधर चैंपियंस’ के लिए परमप्रीत सिंह मैच के स्टार रहे, जिन्होंने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए दो गोल किए। वहीं, ‘राजधानी रॉयल्स’ के लिए रौशन ने एक गोल किया। अब सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए ‘राजधानी रॉयल्स’ को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा और अपने बाकी बचे सभी मैच जीतने होंगे।

राजधानी रॉयल्स पर 4-3 की जीत के बाद चक्रधर चैंपियंस सेमीफाइनल में जगह बनाने के और करीब

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राजधानी रॉयल्स पर 4-3 की जीत के बाद चक्रधर चैंपियंस सेमीफाइनल में जगह बनाने के और करीब

रायपुर.. छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में आज राजधानी रॉयल्स को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा। चक्रधर चैंपियंस ने उसे 4-3 से मात दी। ललित उपाध्याय की कप्तानी वाली टीम के लिए यह हार उन्हें पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे ले आई है, जिससे उनके आगे बढ़ने की संभावनाएं काफी मुश्किल हो गई हैं। दूसरी ओर, चैंपियंस सेमीफाइनल में जगह बनाने के और करीब पहुंच गए हैं।

मैच की शुरुआत चक्रधर चैंपियंस ने की, जो लगातार दूसरे दिन अपना मैच खेल रहे थे। उन्होंने गोल करने का अपना शानदार फॉर्म जारी रखा और सबसे पहले गोल दागा। चौथे मिनट में मनीष ने टीम के लिए एक पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, जिसे युवराज वाल्मीकि ने एक बेहतरीन वेरिएशन के जरिए गोल में बदल दिया। टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत की तलाश कर रही राजधानी रॉयल्स ने कुछ ही मिनटों बाद बराबरी कर ली, जब रौशन कुमार ने ‘टोमाहॉक’ शॉट से गोल किया, जो इस लीग में उनका ट्रेडमार्क बन गया है। दोनों टीमों के बीच यह क्वार्टर काफी बराबरी का रहा, जिसमें दोनों तरफ से एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी गई।

चक्रधर चैंपियंस लीग में ऐसी टीम बनकर उभरी है जिसे हराना मुश्किल है, क्योंकि उनके पास अनुभवी और नए खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण है जो लगातार गोल कर रहे हैं। वाल्मीकि ने मिडफील्ड से एक लंबा पास दिया, जिसे रोकने के लिए कोई डिफेंडर मौजूद नहीं था। इसका नतीजा यह हुआ कि खोगेश्वर बाग ने शानदार तरीके से गेंद को डिफ्लेक्ट (दिशा बदलकर) करके चैंपियंस के लिए दिन का दूसरा गोल कर दिया। हाफ-टाइम से पहले उन्हें कुछ और मौके मिले, लेकिन पूरे टूर्नामेंट की तरह, पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने के मामले में उनका प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

उनका तीसरा गोल एक पेनल्टी कॉर्नर से आया‌। इस बार परमप्रीत सिंह ने पोस्ट के बीच में निशाना साधा, और विपक्षी गोलकीपर हिमांशु मलिक एक आसान सा बचाव करने से चूक गए। राजधानी रॉयल्स ने एक गोल वापस किया, जब रौशन कुमार ने पेनल्टी कॉर्नर के रिबाउंड पर फिर से गोल दागा।

चक्रधर चैंपियंस के लिए अगला गोल आने में उम्मीद से कहीं ज्यादा समय लगा, जब परमप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गेंद को नेट के पार पहुंचाया। उनके दूसरे गोल के विपरीत, यह एक जोरदार प्रहार था, और मलिक को संभलने का कोई मौका नहीं मिला। ललित ने खेल खत्म होने के करीब वापसी की और एक पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रौशन को ‘स्ट्राइकर ऑफ द मैच’ चुना गया, जबकि परमप्रीत ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहे। अब राजधानी रॉयल्स अपना अगला मैच 25 अक्टूबर को मैनपाट टाइटन्स के खिलाफ खेलेगी। वहीं चक्रधर चैंपियंस का भी अगला मैच 26 अक्टूबर को मैनपाट टाइटन्स के साथ है।

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से छह परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के भवनों को मंजूरी

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मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से छह परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के भवनों को मंजूरी

*तीन जिलों में 2.70 करोड़ रुपये से बनेंगे भवन, विभागीय सेवाओं और योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन को मिलेगी मजबूती*

रायपुर,/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन महिलाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को मजबूत आधारभूत सुविधाओं के साथ जमीनी स्तर तक पहुंचाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से प्रदेश के छह परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के भवन निर्माण को स्वीकृति मिली है। राज्य शासन ने इन भवनों के लिए कुल 2 करोड़ 70 लाख 90 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रथम किस्त के रूप में 67 लाख 72 हजार 500 रुपये जारी करने की सहमति भी दी गई है।

नए भवन सूरजपुर जिले के भैयाथान और ओड़गी, रायगढ़ जिले के तमनार तथा बीजापुर जिले के बीजापुर, उसूर और भोपालपटनम में बनाए जाएंगे। प्रत्येक भवन के निर्माण के लिए 45 लाख 15 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग महिलाओं और बच्चों के विकास, स्वास्थ्य, पोषण तथा उनके अधिकारों और हितों के संरक्षण से जुड़ी अनेक योजनाओं और सेवाओं का संचालन करता है। परियोजना-सह-संसाधन केंद्र इन योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन, विभागीय अमले के समन्वय और सेवाओं की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप भवनों का निर्माण विभागीय कार्यों के संचालन के लिए बेहतर और व्यवस्थित सुविधा उपलब्ध कराएगा।

यह स्वीकृति केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला एवं बाल विकास सेवाओं को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बेहतर आधारभूत सुविधा से विभागीय अमले को योजनाओं के क्रियान्वयन और हितग्राहियों से जुड़े कार्यों में सहूलियत मिलेगी। साथ ही, महिलाओं और बच्चों तक शासन की कल्याणकारी योजनाओं तथा सेवाओं की पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी। दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में विभागीय गतिविधियों को मजबूत करने से शासन की जनकल्याणकारी पहलें अधिक व्यवस्थित रूप से लोगों तक पहुंच सकेंगी।

शासन के आदेश के अनुसार, अगली किस्त के प्रस्ताव के साथ प्रथम किस्त के उपयोग का प्रमाण-पत्र तथा निर्माण कार्य की भौतिक और वित्तीय प्रगति का विवरण प्रस्तुत करना होगा। स्वीकृत राशि का उपयोग निर्धारित व्यय सीमा और शासन के नियमों के अनुरूप किया जाएगा।