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माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में चित्रोत्पला गंगा महाआरती में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

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माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में चित्रोत्पला गंगा महाआरती में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

*महानदी केवल हमारी जीवनदायिनी नहीं, छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति और सभ्यता की अविरल धारा : मुख्यमंत्री श्री साय*

*मुख्यमंत्री ने की महाआरती, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और कल्याण की कामना*

*जल है तो कल है, आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल संरक्षण को बनाना होगा जनआंदोलन : मुख्यमंत्री*

*वर्षा जल की एक-एक बूंद सहेजने का किया आह्वान, तालाब-कुओं और नदियों सहित सभी जल स्रोतों के संरक्षण पर दिया जोर*

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जल संचय-जनभागीदारी अभियान ने जल संरक्षण को बनाया जन-जन का संकल्प : मुख्यमंत्री*

*शिवरीनारायण की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त करने की दिशा में हो रहे निरंतर प्रयास*

 

मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा :-14 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में महानदी के पवित्र तट पर आयोजित चित्रोत्पला गंगा महाआरती में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ श्रद्धा और भक्तिभाव से महाआरती में सहभागिता की तथा महानदी मैया से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। महानदी के तट पर दीपों की जगमगाहट, वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति के बीच आयोजित महाआरती ने शिवरीनारायण की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को और भव्यता प्रदान की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को शिवरीनारायण महोत्सव और शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन अत्यंत मंगलमय है। माता शबरी की पुण्यभूमि में महानदी के पावन तट पर चित्रोत्पला गंगा महाआरती में सपत्नीक शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का अवसर है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता हमारी आस्था, परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति समाज के गहरे जुड़ाव को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महानदी छत्तीसगढ़ की गंगा मैया है। यह केवल जल की धारा नहीं, बल्कि हमारे प्रदेश की आस्था, संस्कृति, सभ्यता और जनजीवन की अविरल धारा है। सदियों से महानदी ने छत्तीसगढ़ की धरती को सींचा है, हमारी कृषि और अर्थव्यवस्था को संबल दिया है तथा इसके तटों पर हमारी समृद्ध संस्कृति और सभ्यता पुष्पित-पल्लवित हुई है। जिस प्रकार पूरे देश में गंगा मैया के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव है, उसी प्रकार महानदी के प्रति भी छत्तीसगढ़वासियों के मन में अगाध श्रद्धा है। उन्होंने कहा कि नदियों के प्रति हमारी आस्था तभी सार्थक होगी, जब हम उनके संरक्षण, संवर्धन और स्वच्छता को भी अपनी सामूहिक जिम्मेदारी मानें।

*जल संरक्षण को जनभागीदारी से जनआंदोलन बनाना होगा : मुख्यमंत्री श्री साय*

मुख्यमंत्री श्री साय ने जल संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि जल है तो कल है। जल के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। प्रकृति से प्राप्त जल अनमोल धरोहर है और इसे भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। आज किए गए हमारे प्रयास ही आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करेंगे। इसलिए जल संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए समाज की सामूहिक चेतना और सक्रिय जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। हमें वर्षा जल की एक-एक बूंद सहेजने की संस्कृति विकसित करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव हो या शहर, घर हो या सार्वजनिक परिसर – जहां भी संभव हो, वर्षा जल संचय की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। जब जल बचाना प्रत्येक परिवार और प्रत्येक नागरिक का संकल्प बनेगा, तभी जल संरक्षण वास्तविक अर्थों में एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जल संरक्षण को देश की प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए इसे जनभागीदारी का अभियान बनाया है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में देशभर में जल संचय-जनभागीदारी अभियान के माध्यम से वर्षा जल को सहेजने और भूजल स्तर बढ़ाने की दिशा में व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ सहित विभिन्न अवसरों पर जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित कर देशवासियों को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से हमें छत्तीसगढ़ में भी जल संरक्षण के प्रयासों को और व्यापक बनाना है। प्रत्येक गांव, नगर और परिवार को जल संचय की मुहिम से जोड़कर इसे जन-जन का संकल्प बनाना होगा।

*वर्षा जल का अधिकतम संचय और भूजल संवर्धन समय की आवश्यकता*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और जल संचय की दिशा में अनेक अच्छे प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप किए जा रहे नवाचारों को और विस्तार देने की आवश्यकता है। उन्होंने जल संरक्षण के लिए अपनाए जा रहे पांच प्रतिशत मॉडल सहित विभिन्न नवाचारों को प्रोत्साहित करने पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों के माध्यम से वर्षा जल को अधिक से अधिक सहेजा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि वर्षा का पानी बहकर निकल जाने के बजाय धरती के भीतर पहुंचे, इसके लिए हमें वैज्ञानिक और स्थानीय दोनों प्रकार के उपाय अपनाने होंगे। सोकपिट निर्माण, हैंडपंपों के आसपास भूजल पुनर्भरण की व्यवस्था, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और स्थानीय जल संरचनाओं का संरक्षण जैसे छोटे-छोटे प्रयास व्यापक परिणाम दे सकते हैं। गांवों और शहरों में उपलब्ध संसाधनों तथा भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप जल संचय की व्यवस्थाएं विकसित करने से भूजल स्तर में सुधार होगा और भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे परंपरागत तालाब, कुएं और अन्य जल स्रोत केवल जल संरचनाएं नहीं, बल्कि हमारी विरासत का भी हिस्सा हैं। इनका संरक्षण और पुनर्जीवन आवश्यक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से नदियों, तालाबों, कुओं सहित सभी जल स्रोतों को स्वच्छ रखने, उनके संरक्षण में सहभागी बनने और वर्षा जल का अधिकतम संचय करने की अपील की।

*नदियों के प्रति श्रद्धा के साथ उनके संरक्षण का भी लें संकल्प*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महानदी सहित प्रदेश की सभी नदियां हमारी जीवनरेखा हैं। नदियों के प्रति हमारी श्रद्धा हमें उनके संरक्षण के लिए भी प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि चित्रोत्पला गंगा महाआरती जैसे आयोजन हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त करने के साथ प्रकृति और नदियों के प्रति हमारे दायित्व का भी स्मरण कराते हैं। आज इस पवित्र अवसर पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि जल का अपव्यय नहीं करेंगे, जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाएंगे और जल संरक्षण के प्रयासों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर जल संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है, लेकिन इस अभियान की वास्तविक शक्ति समाज की भागीदारी है। जब शासन और समाज मिलकर एक दिशा में प्रयास करेंगे, तब हम अपनी नदियों और जल स्रोतों को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्याप्त जल सुनिश्चित कर सकेंगे।

*शिवरीनारायण हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र*

मुख्यमंत्री श्री साय ने शिवरीनारायण की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पावन भूमि भगवान श्रीराम और माता शबरी की भक्ति से जुड़ी हुई है। शिवरीनारायण की पहचान छत्तीसगढ़ की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में है। यहां आयोजित होने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण जैसे हमारे महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की विशिष्ट पहचान को और सशक्त करना आवश्यक है। इन स्थलों की आध्यात्मिक गरिमा और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए उनकी पहचान को व्यापक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने अपने संबोधन में कहा कि महानदी तट पर महाआरती का आयोजन हमारी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त बनाता है। गंगा आरती की तरह नदियों के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव हमें उनके संरक्षण की प्रेरणा देता है। नदियां हमारी जीवनरेखा हैं और उन्हें प्रदूषण से बचाकर स्वच्छ एवं अविरल बनाए रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।

जिले के प्रभारी एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि शिवरीनारायण की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। भगवान श्रीराम और माता शबरी की भक्ति से जुड़ी इस पावन नगरी का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण की महिमा और गौरव को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक स्थापित करते हुए इसे देश के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों में विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

महानदी के पावन तट पर आयोजित चित्रोत्पला गंगा महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। भक्तिमय वातावरण में संपन्न महाआरती के दौरान उपस्थित जनसमुदाय ने महानदी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी ग्रहण किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पत्नी श्रीमती कौशिल्या साय, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, जिले के प्रभारी एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, जांजगीर-चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगडे़, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री नारायण चंदेल, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडेय, पूर्व सांसद श्रीमती कमलादेवी पाटले, पूर्व विधायक श्री महंत रामसुंदर दास, पूर्व संसदीय सचिव श्री अम्बेश जांगडे, पूर्व विधायक डॉ खिलावन साहू, अध्यक्ष जिला पंचायत इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, अध्यक्ष नगर पंचायत शिवरीनारायण श्री राहुल थवाईत, उपाध्यक्ष नगर पंचायत शिवरीनारायण श्रीमती सरस्वती मिलाप साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष पामगढश्रीमती रंजना मानस जांगडे, श्री संतोष लहरे, श्री लोकेश शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत शिवरीनारायण श्री संजय अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष नवागढ़ श्रीमती कांता कश्यप, अध्यक्ष नगर पंचायत राहौद श्रीमती प्रतिभा कश्यप, अध्यक्ष नगर पंचायत खरौद श्री गोविंद यादव, साध्वी प्रज्ञा भारती, श्री रामदेव कुमावत, श्री राजेन्द्र वैष्णव, श्री अमर सुल्तानिया, श्री पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह, श्री प्रशांत सिंह, श्री विकास शर्मा, श्री आकाश सिंह,श्री शिवेन्द्र प्रताप सिंह, श्री गुलाब सिंह चंदेल, श्री नंद चौधरी, श्रीमती नंदनी रजवाडे, श्री रमेश मोदी, श्रीमती नूरेश्वरी श्रीवास, कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

*शिवरीनारायण को विकास की बड़ी सौगात : महानदी पर 63 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनेगा नया पुल*

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*शिवरीनारायण को विकास की बड़ी सौगात : महानदी पर 63 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनेगा नया पुल*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव का शुभारंभ*

*एसटीपी प्लांट की होगी स्थापना, राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत शिवरीनारायण के विकास की घोषणा*

*शिवरीनारायण को नगरपालिका बनाने की दिशा में होगा सर्वे*

*मुख्यमंत्री ने गौमाता की पूजा और मां चित्रोत्पला गंगा की महाआरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की*

*आस्था, संस्कृति और विकास को साथ लेकर विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को करेंगे साकार : मुख्यमंत्री श्री साय*

 मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा:- 14 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में तीन दिवसीय शिवरीनारायण महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर महानदी पर 63 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से नए पुल के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने नगर के गंदे पानी के समुचित शोधन के लिए एसटीपी प्लांट की स्थापना तथा राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत शिवरीनारायण के विकास की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण को नगरपालिका बनाने की दिशा में आवश्यक सर्वे कराने की बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से शिवरीनारायण का विशेष महत्व है। यहां की आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए अधोसंरचना एवं नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। महानदी पर नए पुल के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम होगा और आसपास के गांवों एवं क्षेत्रों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी। एसटीपी प्लांट की स्थापना से नगर की स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ होने के साथ महानदी के संरक्षण में भी सहायता मिलेगी।

*माता शबरी की पावन धरती पर आना मेरे लिए सौभाग्य : मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री साय ने शिवरीनारायण महोत्सव एवं शारदीय नवरात्रि की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के चरणों से पावन हुई माता शबरी की इस धरती पर आना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि माता शबरी के बुलावे पर वे सपत्नीक यहां पहुंचे हैं। शिवरीनारायण की भूमि आस्था, भक्ति और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गौमाता की पूजा की और मां चित्रोत्पला गंगा की महाआरती में शामिल होकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं कल्याण की कामना की। उन्होंने शिवरीनारायण में प्रतिदिन संध्या आरती की परंपरा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी परंपराएं हमारी आस्था और संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ती हैं। उन्होंने इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

*मोदी की गारंटी को तेजी से धरातल पर उतार रही सरकार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रदेशवासियों को दी गई गारंटियों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार गठन के बाद शपथ ग्रहण के 24 घंटे के भीतर आयोजित पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय लिया गया। इनमें से लगभग साढ़े 11 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं और प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण पूरा हो रहा है।

उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 6 हजार आवास दिए जा चुके हैं। इसी प्रकार प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए भी 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार के सिर पर पक्की छत हो और वह सम्मानपूर्वक जीवन जी सके।

*किसानों की समृद्धि सरकार की प्राथमिकता*

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से किए गए वादों को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया है। किसानों को वर्षों से लंबित धान का बकाया बोनस दिया गया है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रदेश में 250 से अधिक नए धान खरीदी केंद्र भी खोले गए हैं।

उन्होंने कहा कि वनांचल में रहने वाले परिवारों की आय बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की गई है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुकाएं भी प्रदान की जा रही हैं। सरकार गांव, गरीब, किसान और वनवासी परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

*महतारी वंदन से मजबूत हो रहा माताओं-बहनों का आर्थिक स्वावलंबन*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से पात्र माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। यह राशि महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और स्वावलंबन को मजबूत करने का माध्यम बनी है। अनेक महिलाएं इस राशि का उपयोग परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ छोटे व्यवसाय शुरू करने और अपनी आय बढ़ाने में कर रही हैं।

*लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम का छत्तीसगढ़ से अत्यंत आत्मीय संबंध है। छत्तीसगढ़ को भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है और यहां उन्हें भांजे के रूप में सम्मान देने की विशिष्ट परंपरा है। प्रदेशवासियों को अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने श्रीरामलला दर्शन योजना प्रारंभ की है। इस योजना के माध्यम से अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण भी भगवान श्रीराम की वनगमन यात्रा से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत इसके विकास से यहां धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसर भी बढ़ेंगे।

*बस्तर में शांति के साथ विकास की नई शुरुआत*

मुख्यमंत्री ने बस्तर में आ रहे सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि नियद नेल्लानार योजना और अग्रणी बस्तर अभियान के माध्यम से उन दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की योजनाएं और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं, जो लंबे समय तक विकास से वंचित रहे।

उन्होंने कहा कि बस्तर में 421 बंद पड़े स्कूलों को फिर से प्रारंभ किया गया है। जहां कभी नक्सलवाद के कारण शिक्षा और विकास की राह कठिन थी, वहां आज बच्चे स्कूल जा रहे हैं और विकास की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं। सरकार का लक्ष्य बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास को स्थायी आधार देना है।

*विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा छत्तीसगढ़*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन संपदा और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने में छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, रोजगार और आधुनिक तकनीक सहित सभी क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है। सरकार और समाज के सामूहिक प्रयास से विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य भी साकार होगा।

*नागरिकों को समय पर सेवाएं देना सुशासन का मूल उद्देश्य*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नागरिकों के काम सरलता और समयबद्ध तरीके से हों, इसके लिए राज्य सरकार ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है और शासकीय कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। पारदर्शिता और जवाबदेही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्रदेश के नागरिक चौबीसों घंटे अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। जनहित के कार्यों में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे नागरिकों को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और वे घर बैठे अनेक शासकीय सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि लगभग 6 हजार ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किए जा चुके हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को डिजिटल सेवाओं के साथ नकद निकासी जैसी सुविधाएं भी स्थानीय स्तर पर मिल रही हैं। सरकार का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी को कम करना है।

*जल संरक्षण को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने का आह्वान*

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने शिवरीनारायण के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि तीन नदियों का संगम और माता शबरी की भक्ति इस धरती को विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। उन्होंने जल संरक्षण को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताते हुए लोगों से इसमें सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। साथ ही महिलाओं के सम्मान एवं सुरक्षा के प्रति समाज को संकल्पित होने की बात कही।

सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने कहा कि जल है तो कल है। उन्होंने लोगों से नदियों एवं जलस्रोतों के संरक्षण, घरों में सोख्ता गड्ढे बनाने तथा जल की प्रत्येक बूंद को सहेजने की अपील की। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का भी आग्रह किया। इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय, अध्यक्ष श्री राहुल थवाइत सहित जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया ।

इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, जिले के प्रभारी एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पत्नी श्रीमती कौशिल्या साय, जांजगीर-चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगडे़, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री नारायण चंदेल, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडेय, पूर्व सांसद श्रीमती कमलादेवी पाटले, पूर्व विधायक श्री महंत रामसुंदर दास, पूर्व संसदीय सचिव श्री अम्बेश जांगडे, पूर्व विधायक डॉ खिलावन साहू, अध्यक्ष जिला पंचायत इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, अध्यक्ष नगर पंचायत शिवरीनारायण श्री राहुल थवाईत, उपाध्यक्ष नगर पंचायत शिवरीनारायण श्रीमती सरस्वती मिलाप साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष पामगढश्रीमती रंजना मानस जांगडे, श्री संतोष लहरे, श्री लोकेश शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत शिवरीनारायण श्री संजय अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष नवागढ़ श्रीमती कांता कश्यप, अध्यक्ष नगर पंचायत राहौद श्रीमती प्रतिभा कश्यप, अध्यक्ष नगर पंचायत खरौद श्री गोविंद यादव, साध्वी प्रज्ञा भारती, श्री रामदेव कुमावत, श्री राजेन्द्र वैष्णव, श्री अमर सुल्तानिया, श्री पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह, श्री प्रशांत सिंह, श्री विकास शर्मा, श्री आकाश सिंह,श्री शिवेन्द्र प्रताप सिंह, श्री गुलाब सिंह चंदेल, श्री नंद चौधरी, श्रीमती नंदनी रजवाडे, श्री रमेश मोदी, श्रीमती नूरेश्वरी श्रीवास, कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिकजन उपस्थित थे।

शराब के नशे में पत्नी पर तारपीन तेल डालकर आग लगाने वाला आरोपी पति 36 घंटे के भीतर गिरफ्तार,*

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शराब के नशे में पत्नी पर तारपीन तेल डालकर आग लगाने वाला आरोपी पति 36 घंटे के भीतर गिरफ्तार,*

* *थाना अकलतरा पुलिस की सक्रियता से आरोपी को रायपुर से पकड़ने में मिली बड़ी सफलता*

* *घरेलू विवाद में पत्नी को जान से मारने की नीयत से आरोपी ने तारपीन तेल डालकर लगाई थी आग।*

* *गंभीर रूप से झुलसी महिला का रायपुर के डी.के.एस. अस्पताल में चल रहा उपचार।*

 मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर चांपा *घटना का विवरण* दिनांक 12.10.2026 को आरोपी लालमणी यादव उर्फ मनीराम यादव, पिता गणेशराम यादव, निवासी करूमंहू, थाना क्षेत्र अकलतरा, जो अपनी पत्नी एवं बच्चों के साथ पोड़ीभाठा वार्ड क्रमांक 01, अकलतरा में विगत चार वर्षों से निवास कर रहा था, घरेलू विवाद के दौरान अपनी पत्नी के साथ गाली -गलौच एवं मारपीट करता था।

घटना के दिन आरोपी ने घर में रंग-रोगन के लिए रखे तारपीन तेल को अपनी पत्नी के ऊपर डालकर माचिस से आग लगा दी। आग की लपटों से घिरी पीड़िता बचाव के लिए चिल्लाते हुए घर से बाहर निकली। आवाज सुनकर पड़ोसियों ने तत्काल पानी डालकर आग बुझाई। इस घटना में पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे उपचार के लिए सीएचसी अकलतरा ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए सिम्स अस्पताल बिलासपुर रेफर किया गया। बाद में उसे डी.के.एस. अस्पताल रायपुर रेफर किया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

*एसपी के निर्देश पर गठित टीम ने रायपुर में दी दबिश*

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उनके दिशा-निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैण्डन यार्क के मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अकलतरा डॉ. मेखलेन्द्र प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई।

फरार आरोपी के रायपुर में होने की सूचना मिलने पर अकलतरा पुलिस ने देर रात दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लालमणी यादव उर्फ मनीराम यादव के विरुद्ध थाना अकलतरा में अपराध क्रमांक 624/2026, धारा 296, 115(2), 351(3), 118(2) एवं 109 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

*सराहनीय योगदान*

उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जय कुमार साहू, सहायक उपनिरीक्षक सुरेन्द्र कश्यप एवं आरक्षक शेषनारायण साहू का सराहनीय योगदान रहा।

पुलिस अधीक्षक बालोद के निर्देशन में समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की क्राइम मीटिंग हुई आयोजित।

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पुलिस अधीक्षक बालोद के निर्देशन में समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की क्राइम मीटिंग हुई आयोजित।

*⚖️ साइबर फ्रॉड के आरोपियों की शीघ्र पतासाजी, महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई तथा चोरी के मामलों में साक्ष्य संकलन कर आरोपियों की गिरफ्तारी पर जोर।*

*📋 लंबित अपराधों, चालान, मर्ग, शिकायतों, गुम इंसानों एवं गिरफ्तारी वारंट की समीक्षा कर समयबद्ध निराकरण के दिए निर्देश।*

📍 बालोद। पुलिस अधीक्षक बालोद श्री किरण गंगाराम चव्हाण (भा.पु.से.) के निर्देशन में दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को पुलिस कार्यालय बालोद में समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न थानों एवं शाखाओं में लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर अपराध नियंत्रण, प्रभावी विवेचना एवं समयबद्ध निराकरण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

💻 साइबर फ्रॉड के मामलों में त्वरित कार्रवाई

साइबर फ्रॉड के मामलों में आरोपियों की शीघ्र पतासाजी, तकनीकी साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग तथा पीड़ितों को नियमानुसार राहत दिलाने हेतु त्वरित वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

🔍 चोरी के प्रकरणों में साक्ष्य संकलन एवं गिरफ्तारी

चोरी के मामलों में समय पर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण तथा आरोपियों की शीघ्र पतासाजी कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

👮‍♀️ महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई

महिला संबंधी अपराधों में संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई करने तथा पीड़ितों की शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण कर विवेचना समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

📑 लंबित शिकायतों एवं छोटे अपराधों का निराकरण

लंबित शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करने तथा जिन छोटे प्रकरणों में नियमानुसार खात्मा अथवा खारिजी उचित हो, उनमें आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर समय पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

🚛 ट्रक चालकों की चेकिंग एवं संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी

ट्रक चालकों एवं अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की नियमानुसार चेकिंग कर अवैध सामग्री एवं संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने तथा आवश्यकतानुसार वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

🩺 विसरा एवं मेडिकल रिपोर्ट के संबंध में समन्वय

मृत्यु के प्रकरणों में विसरा एवं मेडिकल रिपोर्ट समय पर प्राप्त करने तथा मृत्यु के स्पष्ट कारण का उल्लेख सुनिश्चित करने हेतु शासकीय चिकित्सकों के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।

⚖️ समय-सीमा में चालान पेश करने के निर्देश

लंबित विवेचनाओं में आवश्यक साक्ष्य एवं दस्तावेज समय पर संकलित कर निर्धारित समय-सीमा में न्यायालय के समक्ष चालान पेश करने तथा गिरफ्तारी वारंट सहित अन्य लंबित वैधानिक कार्यवाहियों का समयबद्ध निष्पादन करने के निर्देश दिए गए।

📋 क्राइम मीटिंग के अन्य प्रमुख एजेंडा

🔹 लंबित अपराध एवं चालान: लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर विवेचना पूर्ण करने एवं समय पर चालान पेश करने के निर्देश।

🔹 मर्ग प्रकरण: मर्ग की जांच, मेडिकल रिपोर्ट एवं मृत्यु के कारणों से संबंधित लंबित कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने पर जोर।

🔹 धारा 173(8) एवं 193(9) बीएनएसएस: संबंधित लंबित प्रकरणों में विवेचना एवं आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश।

🔹 खात्मा एवं खारिजी: लंबित प्रकरणों का नियमानुसार शीघ्र निराकरण करने के निर्देश।

🔹 गुम इंसान: गुमशुदा व्यक्तियों की पतासाजी एवं दस्तयाबी के प्रयास तेज करने पर जोर।

🔹 गिरफ्तारी एवं स्थायी वारंट: लंबित वारंटों की तामिली और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश।

🔹 लघु अधिनियम एवं प्रतिबंधात्मक कार्रवाई: अपराध नियंत्रण हेतु प्रभावी कार्रवाई की समीक्षा एवं आवश्यक निर्देश।

🔹 सीसीटीएनएस पोर्टल: आवश्यक प्रविष्टियां एवं लंबित कार्य समय पर पूर्ण करने के निर्देश।

🔹 किरायेदारों का सत्यापन: किरायेदारों का सत्यापन कर आवश्यक जानकारी संधारित करने पर जोर।

🔹 होटल एवं ढाबों का सत्यापन: होटल एवं ढाबों की जांच कर आवश्यक जानकारी दर्ज करने के निर्देश।

🔹 अवैध अप्रवासी सत्यापन: सत्यापन एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश।

🔹 सड़क दुर्घटनाएं: दुर्घटनाओं की समीक्षा कर यातायात व्यवस्था सुधारने एवं रोकथाम के उपाय करने पर जोर।

🔹 कानून-व्यवस्था: जिले में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने हेतु सतर्कता और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश।

🚔 बालोद पुलिस की प्रतिबद्धता

बालोद पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण, प्रभावी विवेचना, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

बालोद पुलिस — सुरक्षा, सेवा एवं विश्वास।

उमरिया दादर में निर्माण कार्यों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप! इंजीनियर को 5%, सरपंच को 4% कमीशन देने के दावे सरपंच पति ( शिक्षक) के बयान से मचा हड़कंप!

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उमरिया दादर में निर्माण कार्यों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप! इंजीनियर को 5%, सरपंच को 4% कमीशन देने के दावे सरपंच पति ( शिक्षक) के बयान से मचा हड़कंप!

आंगनबाड़ी भवन और हाई स्कूल की बाउंड्रीवॉल पर उठे सवाल, सरपंच पति के कथित खुलासे के बाद निष्पक्ष जांच की मांग तेज!

बिलासपुर | कोटा। बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उमरिया दादर में आंगनबाड़ी भवन और हाई स्कूल की निर्माणाधीन बाउंड्रीवॉल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बच्चों के भविष्य और सुरक्षा से जुड़े इन निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं, निर्माण की गुणवत्ता और कमीशन के लेन-देन को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है।

मामले में सरपंच पति के कथित खुलासे के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकारी निर्माण कार्यों में कमीशनखोरी का खेल चल रहा है? यदि आरोपों में सच्चाई है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी और अब तक संबंधित अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की है?

 

🔥 इंजीनियर को 5% और सरपंच को 4% कमीशन देने का दावा, जांच से सामने आएगा सच!

मामले में सामने आए दावे के अनुसार, निर्माण कार्यों में इंजीनियर को 5 प्रतिशत और सरपंच को 4 प्रतिशत कमीशन दिए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में यह जरूरी है कि संबंधित विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाए।

यदि कमीशन के लेन-देन से जुड़े आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सरकारी निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसे कितना पैसा दिया गया और क्या इन दावों के समर्थन में कोई दस्तावेज या अन्य प्रमाण मौजूद हैं?

⚠️ बच्चों के भविष्य से जुड़ा मामला, निर्माण की गुणवत्ता की जांच जरूरी!

ग्राम पंचायत उमरिया दादर में बन रहे आंगनबाड़ी भवन और हाई स्कूल की बाउंड्रीवॉल का संबंध सीधे बच्चों की सुविधाओं और सुरक्षा से है। ऐसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों में यदि घटिया सामग्री का इस्तेमाल या निर्धारित मानकों की अनदेखी हुई है, तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

निर्माण कार्यों में उपयोग की गई सामग्री, स्वीकृत राशि, भुगतान के विवरण और तकनीकी गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो सके।

🔴 अभी और भी खुलासे होने का दावा, क्या उच्च अधिकारी करेंगे जांच?

इस मामले में आगे भी नए खुलासे होने की बात कही जा रही है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। केवल आरोपों के आधार पर किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा, लेकिन गंभीर आरोप सामने आने के बाद उनकी निष्पक्ष जांच कराना भी जरूरी है।

यदि स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच नहीं होती है या शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की जाती है, तो उपलब्ध दस्तावेजों और प्रमाणों के साथ मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचाकर जांच की मांग की जानी चाहिए।

📢 प्रशासन से प्रमुख मांगें

आंगनबाड़ी भवन और हाई स्कूल की बाउंड्रीवॉल की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और इस्तेमाल की गई सामग्री की जांच हो।

कमीशन के लेन-देन से जुड़े दावों की प्रमाणों के आधार पर जांच की जाए।

स्वीकृत राशि, भुगतान और निर्माण संबंधी दस्तावेजों की पड़ताल हो।

आरोप सही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

जांच निष्पक्ष और पारदर्शी हो, ताकि किसी भी दोषी को संरक्षण न मिले।

❓ जनता पूछती है—आखिर जिम्मेदार कौन?

ग्राम पंचायत उमरिया दादर का यह मामला अब केवल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तक सीमित नहीं रह गया है। कमीशनखोरी के कथित दावों ने जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या प्रशासन इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराएगा? क्या इंजीनियर, पंचायत के जिम्मेदार प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल होगी? या फिर बच्चों से जुड़े निर्माण कार्यों पर उठे ये सवाल फाइलों में ही दबकर रह जाएंगे?

अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और उच्च अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं। यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो और बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो।

बिलासपुर ब्यूरो चीफ मोहनीश सिंह राजपूत

*लोरमी जनदर्शन में उमड़ा जनविश्वास, उप मुख्यमंत्री अरुण साव श्रवण यंत्र और आय प्रमाण पत्र प्रदान किया*

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*लोरमी जनदर्शन में उप मुख्यमंत्री अरुण साव को मिले 521 आवेदन, कई समस्याओं का मौके पर ही हुआ समाधान*

*जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए भटकना न पड़े, अधिकारी जिम्मेदारी से करें समस्याओं का निराकरण : डिप्टी सीएम अरुण साव*

तीजराम साहू ब्यूरो मुंगेली लोरमी। स्थानीय विधायक एवं उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज लोरमी के विश्राम गृह में आयोजित जनदर्शन में क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनकर उसका समाधान किया। जनदर्शन में क्षेत्रभर से पहुंचे परिवारजनों ने अपनी समस्याओं से संबंधित कुल 521 आवेदन सौंपे। इनमें प्रधानमंत्री आवास, वृद्धावस्था पेंशन और निर्माण कार्यों सहित विभिन्न विषयों से जुड़े आवेदन शामिल रहे। श्री साव ने कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कराया। पात्र हितग्राहियों को तत्काल राहत भी मिली।

मौके पर मिले प्रमाण पत्र और श्रवण यंत्र

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने जनदर्शन में जाति प्रमाण पत्र तत्काल प्रदान किया। ईश्वर साहू को आय प्रमाण पत्र सौंपा। वहीं एक जरूरतमंद को समाज कल्याण विभाग के माध्यम से तत्काल श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। उप मुख्यमंत्री ने अधिकतर आवेदनों का समाधान किया। वहीं शेष समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग प्राप्त आवेदनों की सूची संधारित करें और प्रत्येक प्रकरण का क्रमवार निराकरण सुनिश्चित करें। नवागांव की सड़क के संबंध में उन्होंने बताया कि डीपीआर तैयार हो चुका है। जल्द ही प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।

जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनें अधिकारी

श्री साव ने अधिकारियों से कहा कि आम लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए भटकना न पड़े। उनकी समस्याओं का नियमित रूप से समाधान होना चाहिए। अधिकारी जनता की बातों को गंभीरता से सुनें और विनम्रता के साथ जवाबदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करें। लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। जनसमस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता और तत्परता जरूरी है।

जनता का भरोसा सरकार की सबसे बड़ी ताकत

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना सरकार के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। श्री साव ने कहा कि जनदर्शन का उद्देश्य लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि कई प्रकरणों का निराकरण जल्द पूरा होगा। साथ ही नवरात्रि के पावन पर्व पर क्षेत्रवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

*केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने युवाओं से नशामुक्ति, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण से जुड़ने का किया आह्वान*

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*केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने युवाओं से नशामुक्ति, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण से जुड़ने का किया आह्वान*

*सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, कोटा में नशामुक्ति कार्यक्रम के माध्यम से सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश*

 संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर/ केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, कोटा में आयोजित नशामुक्ति कार्यक्रम के अवसर पर युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनकी सकारात्मक ऊर्जा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

श्री साहू ने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, पारिवारिक जीवन और भविष्य को प्रभावित करती है। नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के साथ परिवार, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों की सहभागिता आवश्यक है।

उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा खेलकूद, योग, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और सामाजिक सेवा जैसे रचनात्मक कार्यों में लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ अनुशासन, आत्मसंयम और नैतिक मूल्यों को अपनाना युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।

श्री साहू ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि जागरूक, शिक्षित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर युवा राष्ट्र की प्रगति के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से नशामुक्त वातावरण बनाने तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी, जागरूकता और सामूहिक संकल्प के माध्यम से नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।

*मुंगेली जिले में अब 113 धान उपार्जन केंद्रों में होगी धान खरीदी, तैयारियों को लेकर अधिकारियों की बैठक*

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*मुंगेली जिले में अब 113 धान उपार्जन केंद्रों में होगी धान खरीदी, तैयारियों को लेकर अधिकारियों की बैठक*

*धान खरीदी प्रभारी एवं ऑपरेटरों को दिए गए आवश्यक निर्देश*

*एग्रीस्टैक पोर्टल पर शेष किसानों का पंजीयन समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने आवश्यक कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री जी.एल. यादव ने आज जिला कलेक्टोरेट कस्थित जनदर्शन सभाकक्ष में धान खरीदी प्रभारियों एवं ऑपरेटरों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में धान खरीदी केंद्रों में व्यवस्थाओं को समय पर दुरुस्त करने, किसानों का पंजीयन पूर्ण कराने तथा खरीदी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया।

जिले में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष 08 नवीन धान उपार्जन केंद्र प्रारंभ किए जा रहे हैं। इससे जिले में पहले से संचालित 105 धान उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़कर अब 113 हो जाएगी। नवीन केंद्र प्रारंभ होने से संबंधित क्षेत्रों के किसानों को धान विक्रय के लिए सुविधा मिलेगी तथा खरीदी व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।

*एग्रीस्टैक पोर्टल पर शेष किसानों का पंजीयन समय-सीमा में करने के निर्देश*

बैठक में एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन से शेष रह गए किसानों का पंजीयन 25 अक्टूबर तक शत-प्रतिशत पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। अपर कलेक्टर ने धान खरीदी प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने केंद्रों से संबंधित किसानों की पंजीयन स्थिति की समीक्षा करें तथा पात्र किसानों का पंजीयन निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करें। इसके साथ ही ऋण लेने वाले किसानों के ऋण संबंधी विवरण की पोर्टल पर शत-प्रतिशत प्रविष्टि पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने कहा कि धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि किसानों को धान विक्रय के दौरान किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। नवीन धान खरीदी केंद्रों में स्थल एवं कर्मचारियों का चयन समय पर पूरा करने तथा सभी केंद्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

*केंद्रों में कंप्यूटर, इंटरनेट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश*

धान खरीदी कार्य को व्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से संचालित करने के लिए सभी उपार्जन केंद्रों में कंप्यूटर, इंटरनेट, इलेक्ट्रॉनिक कांटा-बांट, नमी मापक यंत्र तथा विद्युत एवं पेयजल की व्यवस्था समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही केंद्रों में फड़ की साफ-सफाई सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले पूरी करने को कहा गया।

बैठक में निर्धारित तिथि पर सभी केंद्रों में ट्रायल धान खरीदी अनिवार्य रूप से कराने तथा नमी मापक यंत्रों का कैलिब्रेशन एवं कांटा-बांट का सत्यापन शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को धान खरीदी की तैयारियों के लिए पूर्व में जारी चेकलिस्ट के अनुसार सभी बिंदुओं की जांच कर आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने को कहा गया।

बैठक में पीसीएसएपी (PCSAP) पोर्टल पर धान खरीदी के 16 बिंदुओं से संबंधित सभी तैयारियां पूर्ण करने तथा अंतिम डाटा की सही प्रविष्टि करने के निर्देश दिए गए। संबंधित जानकारी के साथ स्पष्ट फोटो एवं आवश्यक प्रमाण-पत्र अपलोड करने को कहा गया। साथ ही पोर्टल पर निर्धारित मानकों के अनुरूप जानकारी दर्ज करने और ग्रेडिंग में सुधार के लिए विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए, ताकि पिछले वर्ष की तरह कम ग्रेड प्राप्त होने की स्थिति की पुनरावृत्ति न हो। धान खरीदी कार्य में नियोजित कर्मचारियों एवं हमालों की व्यवस्था सुनिश्चित करने, उनकी सूची तैयार करने तथा बीमा संबंधी प्रक्रिया के लिए नियोजित व्यक्तियों की सूची निर्धारित समय-सीमा में विपणन संघ को भेजने के निर्देश दिए गए। संबंधित पोर्टल पर भी आवश्यक प्रविष्टियां समय पर पूर्ण करने को कहा गया।

*धान के सुरक्षित भंडारण के लिए आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करें*

धान की सुरक्षित रखरखाव एवं भंडारण व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए तारपोलिन, ड्रेनेज सहित अन्य आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता धान खरीदी शुरू होने से पहले सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आवश्यक सामग्रियों की खरीदी भंडार क्रय नियमों के अनुसार करने तथा बारदाने की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। प्राप्त, उपयोग किए गए और शेष बारदाने का व्यवस्थित रिकॉर्ड संधारित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि धान खरीदी से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएं, ताकि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके।

इस अवसर पर जिला खाद्य अधिकारी पंकज सेतपाल, नोडल अधिकारी जिला सहकारी बैंक

सन्तोष सिंह ठाकुर, जिला विपणन अधिकारी

निशा फूंके सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं धान खरीदी केंद्रों के प्रभारी और ऑपरेटर उपस्थित रहे।

*महतारी वंदन योजना बनी सुनीता साहू के बचत का आधार*

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*महतारी वंदन योजना बनी सुनीता साहू के बचत का आधार*

 *बेटी के नाम सुकन्या समृद्धि खाते में प्रतिमाह जमा कर रहीं 500 रूपए*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली, // शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुंगेली विकासखंड के ग्राम सोढ़ार निवासी श्रीमती सुनीता साहू इसका प्रेरक उदाहरण हैं। महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली 01 हजार रूपए की सहायता राशि में से वे 500 रूपए अपनी बेटी के नाम सुकन्या समृद्धि योजना के खाते में नियमित रूप से जमा कर रही हैं। उनकी यह पहल बेटी के भविष्य को सुरक्षित बनाने और बचत की आदत को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

श्रीमती सुनीता साहू महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का सोच-समझकर उपयोग कर रही हैं। वे हर महीने मिलने वाले 01 रूपए में से आधी राशि यानी 500 रूपए अपनी बेटी के नाम सुकन्या समृद्धि खाते में जमा करती हैं। इस तरह नियमित बचत के माध्यम से वे बेटी के भविष्य के लिए आर्थिक आधार तैयार करने का प्रयास कर रही हैं। सुनीता साहू की यह पहल बताती है कि छोटी-छोटी बचत भी भविष्य की बड़ी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता का उपयोग वे केवल वर्तमान की जरूरतों तक सीमित न रखकर बेटी के आने वाले कल को बेहतर बनाने के लिए भी कर रही हैं। उन्होंने योजना के संचालन के लिए शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया।

मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना

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मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना

*साक्षी को मिला आर्थिक संबल, सिलाई मशीन से शुरू किया स्वरोजगार*

*अब प्रतिदिन 400 से 500 तक की कर रही हैं कमाई*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली, // शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक संबल बनने के साथ युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसी कड़ी में मुंगेली विकासखंड के ग्राम सोढ़ार निवासी साक्षी राजपूत ने मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना के तहत मिली 20 हजार रूपए की आर्थिक सहायता से सिलाई मशीन खरीदी और घर पर ही स्वरोजगार शुरू कर दिया। आज वह सिलाई कार्य के माध्यम से प्रतिदिन 400 से 500 तक अर्जित कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक मदद कर रही हैं। साक्षी राजपूत ने बताया कि योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन करने पर साक्षी को एकमुश्त 20 हजार रूपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। इस राशि का उपयोग उन्होंने सिलाई मशीन खरीदने में किया और घर से ही सिलाई का काम शुरू कर दिया। अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने कमाई का साधन विकसित किया। अब उनकी आय से परिवार को आर्थिक सहयोग मिल रहा है और वह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

साक्षी ने शासन से प्राप्त सहायता राशि को स्वरोजगार शुरू करने में लगाया। सिलाई मशीन के माध्यम से घर पर काम शुरू करने से उन्हें अपनी आजीविका अर्जित करने का अवसर मिला। इस पहल ने न केवल परिवार की आर्थिक मदद करने का रास्ता खोला, बल्कि साक्षी को अपने कौशल के आधार पर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी दिया। स्वरोजगार शुरू करने के बाद साक्षी ने श्रम विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल में दर्जी प्रवर्ग के अंतर्गत पंजीयन भी कराया है, जिससे वे नियमानुसार विभागीय योजनाओं के लिए पात्रता प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी। साक्षी के पिता श्री संजय राजपूत ने बताया कि उन्होंने अपनी द्वितीय पुत्री के लिए योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन किया था। शासन से प्राप्त आर्थिक सहायता उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हुई। इस सहायता से साक्षी ने अपना काम शुरू किया और परिवार की आर्थिक स्थिति को सहारा देने में योगदान दे रही हैं।

श्रम पदाधिकारी श्रीमती नचिकेता तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की प्रथम दो संतानों में शामिल पात्र अविवाहित पुत्रियों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के अंतर्गत निर्धारित पात्रता पूरी करने वाली 18 से 21 वर्ष आयु की तथा कक्षा 10वीं उत्तीर्ण पुत्री को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से एकमुश्त 20 हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग पुत्री की शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार को बेहतर बनाने अथवा विवाह संबंधी आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है।