* *परीक्षा स्थगित नहीं, लाखों सपनों की हत्या है – अभिलाष जायसवाल

मुकेश साहू ब्यूरो लोरमी मुंगेली : आज 11 अक्टूबर को होने वाली सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा (LSAT26) पर हाईकोर्ट की रोक (WPS No. 6783/2026) और कर्मचारी चयन मंडल के स्थगन आदेश ने लाखों युवाओं के दिल को तोड़ दिया है। इस पर संवेदना व्यक्त करते हुवे जिलाध्यक्ष ओबीसी कांग्रेस मुंगेली अभिलाष जायसवाल ने इस प्रक्रिया को अभ्यर्थियों के लिए दुखद बताया। अपने मित्र पप्पू साहू का उदाहरण देते हुवे युवाओं का दर्द को साझा करते हुवे कहा
*पप्पू की कहानी, हर घर की कहानी है:*
मेरा दोस्त पप्पू साहू ने अपना काम-धंधा छोड़ दिया। महीनों से घर में बंद होकर मेहनत कर रहा है। उसके छोटे बच्चे को स्कूल छोड़ने उसकी पत्नी जाती है। अपने बच्चों को घर पर पढ़ाने छोड़ कर खुद छात्र की तरह पढ़ाई कर रहा था, मालवाहक गाड़ी चलाते हुवे अपनी जीवन भर की जमा-पूंजी उसने फॉर्म, किताब और कोचिंग में झोंक दी।
सरकार ने पहले उम्र का दायरा बढ़ाकर उम्मीद जगाई – लगा कि चलो अब मौका मिलेगा। फिर पूर्ण दृष्टिबाधित आरक्षण में घोर लापरवाही कर विज्ञापन जारी कर दिया। नतीजा? चीफ जस्टिस कृष्णराम महापात्र की बेंच ने भर्ती पर रोक लगा दी।
यह उम्र बढ़ाकर अभ्यर्थियों के साथ किया गया सबसे भद्दा मजाक है।
एक तरफ आप 2,292 सहायक शिक्षक और 1,654 शिक्षक पदों का लॉलीपॉप दिखाते हो, दूसरी तरफ विज्ञापन ही गलत बनाते हो ताकि कोर्ट में अटक जाए।
*ओबीसी कांग्रेस के 3 सवाल सरकार से:*
1. जब समाज कल्याण विभाग को 11 सितंबर को ही अपनी गलती पता चल गई थी, तो आपने परीक्षा से 2 दिन पहले 9 अक्टूबर तक इंतजार क्यों किया? क्या पप्पू की मेहनत की कोई कीमत नहीं?
2. उम्र सीमा में छूट का झुनझुना बजाकर आपने लाखों OBC, SC, ST युवाओं को जो उम्मीद दी, उसका क्या हुआ? क्या यह सिर्फ वोट के लिए था?
3. अब उन परिवारों का क्या होगा जिन्होंने कर्ज लेकर तैयारी की? उनकी भरपाई कौन करेगा?
अभिलाष जायसवाल, जिलाध्यक्ष ओबीसी कांग्रेस ने सरकार को चेतावनी देते हुवे कहा- यह तकनीकी स्थगन नहीं, यह युवाओं के भविष्य के साथ धोखा है।
हम मांग करते हैं कि 3 हफ्ते के भीतर हाईकोर्ट में सही आरक्षण रोस्टर पेश कर, संशोधित विज्ञापन जारी कर नई परीक्षा तिथि घोषित की जाए और पीड़ित अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अवसर दिया जाए।
नहीं तो ओबीसी कांग्रेस पप्पू साहू के घर तुलसाघाट से ही आंदोलन शुरू करेगी।

