*Cmho बिलासपुर बिल्हा ब्लॉक के ग्रामीणों गरीब लाचार को चिकित्सा उपचार सुविधा से कर रही वंचित*

संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर – ग्रामीणों मरीजों को बीमारी की उपचार की व्यवस्था अपने नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में मिल सके इस पवित्र सोच के साथ डॉक्टर रक्षित जोगी PGMO (नाक कान गला विशेषज्ञ) जिनकी पद स्थापना बिल्हा चिकित्सा संस्थान में की गई ।
डॉ.जोगी अपनी राजनीतिक पहुंच के बदौलत शहरी संस्थाओं में वर्षों से संलग्न रह कर बिल्हा ब्लॉक के वे ग्रामीण जो नाक कान गला रोग से पीड़ित रहते हैं उन्हें उपचार सुविधा से वंचित करते हुए अपने मूल कर्तव्य से भागते रहे हैं ।
वर्तमान cmho द्वारा भी बिल्हा ब्लॉक के पीड़ित ग्रामीण मरीजों से भेद भाव रखते हुए *डॉक्टर रक्षित जोगी को संरक्षण प्रदान करते हुए पहले bmo शहरी का प्रभार देते हुए cmho कार्यालय में बैठाया गया।*
*फिर जिला कार्यालय के स्थापना शाखा प्रभारी अधिकारी का कार्यभार सौंपा गया।*
जिसे पर्याप्त न मानते हुए cmho द्वारा *डॉ रक्षित जोगी को -* *जिला स्वास्थ्य अधिकारी,जिला क्षय अधिकारी,जिला कुष्ठ अधिकारी,जिला नोडल अधिकारी एच. आई .व्ही. का संपूर्ण प्रभार का आदेश जारी किया है जिसमें माननीय कलेक्टर से अनुमोदन उल्लेखित किया है । जो शंकाओं को प्रदर्शित करता है ।*
माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी ने विधान सभा में प्रदेश के समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं में संलग्नीकरण कर लिए जा रहे कार्य को नियम विरुद्ध मानते हुए समस्त संलग्नीकरण को समाप्त करने की घोषणा की गई थी ।
मंत्री जी घोषणा पर विभाग प्रमुख द्वारा निर्देश जारी किया ,संचालक ने सभी cmho से संलग्नीकरण समाप्त होने और मूल पदस्थापना में कार्य कर रहे का प्रमाण पत्र मांगा था।
*बिलासपुर cmho को छोड़ प्रदेश के सभी cmho ने संलग्नीकरण समाप्ति का आदेश प्रसारित किया गया*
Cmho बिलासपुर द्वारा आज तक संलग्नीकरण समाप्त किए जाने के आदेश की सूची प्रकाशित और प्रसारित नहीं किया जाना ग्रामीणों को समुचित चिकित्सा सुविधा प्राप्त कराने में भेद भाव को प्रदर्शित करता है,
जिला कार्यालय के उपस्थिति रजिस्टर से संलग्न चिकित्सक लिपिक,और कर्मचारियों का नाम काटा गया है लेकिन आज भी वे सभी जिला कार्यालय में ही सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक बैठे मिलेंगे ।
