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    *भाजपा नेता अमर सुल्तानिया पर ग्रामीणों का अवैध खनिज उत्खनन का गंभीर आरोप* 

    *भाजपा नेता अमर सुल्तानिया पर ग्रामीणों का अवैध खनिज उत्खनन का गंभीर आरोप* 

     

     *रात के अंधेरे में स्वयं खनिज उत्खनन कराने का विडियो हो रहा वायरल* 

     

     *मुड़पार के रामसागर डेम में अवैध उत्खनन का मामला* 

     

     *शिकायत कलेक्टर, एसडीम तक पहुंची* 

     

     मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा :-जिले के अकलतरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मुड़पार (कापन) स्थित रामसागर डेम एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। इस बार मामला कथित अवैध मिट्टी उत्खनन और सत्ता से जुड़े प्रभावशाली नामों के हस्तक्षेप का बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने भाजपा नेता अमर सुल्तानिया के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर जांजगीर-चांपा को शिकायत सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

    ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से रामसागर डेम क्षेत्र में लगातार मिट्टी का उत्खनन कराया जा रहा है, जिससे डेम की संरचना और वहां बनी डब्ल्यूबीएम सड़क को भारी नुकसान पहुंच रहा है। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि 18 मई की रात लगभग 10 बजे जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो वहां चेन माउंटेन मशीन और तीन हाईवा वाहनों के जरिए बड़े पैमाने पर मिट्टी निकासी की जा रही थी। ग्रामीणों का दावा है कि मौके पर स्वयं भाजपा नेता अमर सुल्तानिया मौजूद थे और पूरे कार्य की निगरानी कर रहे थे।

    ग्रामीणों के अनुसार जब उन्होंने इस कार्य का विरोध किया तो उन्हें कथित रूप से धमकियां दी गईं। आरोप है कि अमर सुल्तानिया ने स्वयं को प्रदेश स्तर का बड़ा नेता और मुख्यमंत्री का करीबी बताते हुए कहा कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। शिकायत में यह भी कहा गया है कि विरोध करने वाले ग्रामीणों को झूठे मामलों में फंसाने और जान से मरवाने तक की धमकी दी गई।

    मामले को और गंभीर बनाते हुए ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली शिकायत नहीं है। इससे पहले 09 जनवरी 2026 को भी अनुविभागीय अधिकारी अकलतरा को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 19 मई को पुनः अवैध खनिज उत्खनन की शिकायत की गई तथा 20 मई को ग्राम सरपंच द्वारा कथित रूप से जारी किए गए फर्जी NOC पत्र को लेकर भी एसडीएम अकलतरा को पत्र सौंपा गया।

    ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि रामसागर डेम में चल रहे कथित अवैध उत्खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा भाजपा नेता अमर सुल्तानिया और इस कार्य में संलिप्त कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम अकलतरा एवं नैला पुलिस चौकी को भी भेजी गई है।

    लगातार विवादों में घिरता नाम

    क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि भाजपा नेता अमर सुल्तानिया का नाम पूर्व में भी कई विवादित मामलों से जुड़ चुका है। सूत्रों के अनुसार बनारी स्थित अपने प्लांट के पास प्राकृतिक नाला की दिशा मोड़कर जमीन कब्जाने का मामला भी सामने आया था। हालांकि इस मामले की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि जांच में ऐसे आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रशासनिक व्यवस्था और राजनीतिक संरक्षण दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।

    राजनीतिक गलियारों में यह मामला इसलिए भी चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि अमर सुल्तानिया को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का करीबी बताया जाता है। जानकारी के अनुसार वे मुख्यमंत्री के गृह जिले के प्रभारी की भूमिका में भी सक्रिय हैं। ऐसे में यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं होती है तो इसका सीधा असर भाजपा सरकार की जिले में छवि पर पड़ सकता है।

    प्रशासनिक चुप्पी पर उठे सवाल

    लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक सामान्य व्यक्ति इस प्रकार का कार्य करता तो अब तक उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो चुकी होती, लेकिन राजनीतिक प्रभाव के कारण प्रशासन चुप्पी साधे हुए नजर आ रहा है।

    अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाता है। क्या शिकायतों की निष्पक्ष जांच होगी या फिर यह मामला भी राजनीतिक प्रभाव के चलते फाइलों में दबकर रह जाएगा। फिलहाल रामसागर डेम का यह विवाद पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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